सेंसेक्स और निफ्टी साल 2024 के आखिरी दिन को गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए

मुंबई शेयर बाजार (Stock Market) के लिए साल के आखिरी दिन यानी 31 दिसंबर की शुरुआत खराब रही. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स (BSE SENSEX) खुलने के साथ ही 450 अंक से ज्यादा फिसल गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स (NSE Nifty) भी 100 अंक से ज्यादा टूटकर कारोबार करता नजर आया. बाजार में गिरावट के बीच बीएसई के 30 में से 26 शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे. खुलते ही बिखरे सेंसेक्स-निफ्टी साल 2024 के आखिरी दिन मंगलवार को BSE का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,248.13 के लेवल से गिरकर 77,982.57 के लेवल पर ओपन हुआ था. शुरुआती कारोबार में ही ये 450 अंक से ज्यादा फिसलकर 77,779.99 के स्तर तक आ गया. दूसरी ओर Sensex की तरह ही NSE के निफ्टी 50 में भी गिरावट देखने को मिली और ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,644.90 के लेवल से टूटकर 23,560 के स्तर पर ओपन हुआ. इसके बाद ये गिरावट और बढ़ी, जिसके चलते Nifty 100 अंक से ज्यादा गिरकर 23,527.85 के लेवल पर आ गया. Zomato से TCS तक ये 10 शेयर धराशायी शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत के दौरान गौतम अडानी (Gautam Adani) की कंपनी अडानी पोर्ट्स से लेकर मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) रिलायंस और टाटा ग्रुप की टीसीएस तक के शेयर टूटे. लेकिन सबसे ज्यादा बिखरने वाले स्टॉक्स के बारे में बात करें, तो लार्ज कैप में शामिल Tech Mahindra Share (2.27%), Infy Share (1.94%), TCS Share (1.83%) और Zomato Share (1.70%) की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था. मिडकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों में से AWL Share (7.28%), Godrej India Share (4.70%), AU Bank Share (4.46%), Bharti Hexa Share (2.78%) फिसलकर कारोबार कर रहा था. वहीं स्मॉलकैप कैटेगरी में सबसे ज्यादा टूटने वाला शेयर Ease My Trip का रहा जो 9.44% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, इसके अलावा IXIGO Share 3.74% टूटकर ट्रेड कर रहा था. सोमवार को भी टूटा था मार्केट इससे पहले बीते कारोबारी दिन सोमवार को शेयर में बड़ी गिरावट देखी गई थी. हालांकि लंबी गिरावट के बाद पिछले कुछ दिनों से शेयर बाजार (Stock Market) तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. लेकिन सप्ताह के पहले दिन बाजार में आई गिरावट के बीच मार्केट क्लोज होने पर निफ्टी50 करीब 168 अंक गिरकर 23644 पर क्‍लो‍ज हुआ था, तो वहीं सेंसेक्‍स 450 अंक फिसलकर बंद हुआ था. निफ्टी बैंक में भी 335 अंकों की गिरावट दर्ज की गई थी. recent visitors 76

मंत्रीगण अपना इनकम टैक्स स्वयं भरेंगे, वह शासन से कोई वित्तीय सहायता नहीं लेंगे:मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश के समग्र विकास और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा वर्ष-2024  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजस्व प्रकरणों का ऑनलाईन निराकरण साइबर तहसीलदार के माध्यम से सुनिश्चित, ऐसी पहल करने वाला मध्यप्रदेश,देश का पहला राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रीगण अपना इनकम टैक्स स्वयं भरेंगे, वह शासन से कोई वित्तीय सहायता नहीं लेंगे:मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्ष – 2024 प्रदेश के समग्र विकास के साथ जनकल्याण के लिए समर्पित रहा है। राज्य सरकार ने अनेक ऐसे निर्णय लिये जो सीधे जनता से जुड़े थे। इन निर्णयों से प्रदेश की जनता के जीवन में खुशहाली लाने और शासकीय सेवाएँ सहज रूप से उपलब्ध कराने के समुचित प्रयास किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मध्यप्रदेश को दी गईं देश की पहली राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजनाओं केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल से वर्ष 2024 ऐतिहासिक तौर पर यादगार बन गया, जो आने वाले समय में मध्यप्रदेश की समृद्धि का आधार बनेगा।  सरकार की प्रमुख  उपलब्धियाँ एवं महत्वपूर्ण निर्णय         साइबर तहसील परियोजना प्रदेश के सभी 55 जिलों में लागू। इसके माध्यम से नामांतरण, बंटवारा आदि विभिन्न राजस्व प्रकरणों का ऑनलाईन निराकरण साइबर तहसीलदार के माध्यम से सुनिश्चित होगा। ऐसी पहल करने वाला मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है।         प्रदेश सरकार की अभिनव पहल साइबर तहसील 2.0 का शुभारंभ, नामांतरण प्रक्रिया कार्य 25 दिवसों के भीतर पूर्ण किया जा सकेगा। नागरिकों को दावा-आपत्ति संबंधी लिंक, आदेश प्रति, अद्यतन खसरा और नक्शों की प्रतियां एसएमएस, व्हाट्सअप या ईमेल के माध्यम से घर बैठे प्राप्त होंगी।         ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित एवं असीमित आवाज के प्रयोग को किया प्रतिबंधित।           प्रदेश में खुले में मांस-मछली की बिक्री पर लगाया गया प्रतिबन्ध।         यातायात की सुगमता के लिए भोपाल में बीआरटीएस कॉरिडोर हटाया गया।         राजस्व महाभियान के तीन चरणों में 80 लाख राजस्व प्रकरणों का निराकरण।         राज्य सरकार द्वारा जिलों, संभागों, तहसीलों आदि की सीमाओं  के पुनः निर्धारण एवं नियुक्तिकरण के एक पृथक प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग बनाया।         उज्जैन शहर के केडी गेट से इमली तिराहा मार्ग चौड़ीकरण के लिये 23 धार्मिक स्थलों को हटाने के लिये व्यवस्थापकों, पुजारियों और नागरिकों द्वारा सहयोग कर साम्प्रदायिक सौहार्द का उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया।         मंत्रीगण अपना इनकम टैक्स स्वयं भरेंगे, वह शासन से कोई वित्तीय सहायता नहीं लेंगे।         मध्यप्रदेश की अन्तर्राज्यीय सीमाओं पर 1 जुलाई, 2024 से परिवहन जांच चौकियों के स्थान पर रोड सेफ्टी एंड इंफोर्समेंट चेकिंग प्वाइंट की व्यवस्था शुरू की।         इंदौर में एक दिन में वृहद पौधारोपण का बना वर्ल्ड रिकॉर्ड। एक दिन में रोपे गए 12 लाख पौधे।         प्रदेश में जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए 5 जून से 30 जून तक जल-गंगा संवर्धन अभियान चलाया गया। इसमें जनभागीदारी से जलाशयों की सफाई के साथ पौधरोपण भी किया गया।         विकसित भारत संकल्प यात्रा में 54 लाख से अधिक लोगों को मिला योजनाओं का लाभ।           इंदौर की हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिक परिवारों को 224 करोड़ की राशि का सरकार ने भुगतान किया ।         प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के माध्यम से 36 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध लगभग 24 लाख लोगों को स्वामित्व अधिकार पत्र वितरित।         मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना 2.0' के अंतर्गत 1 करोड़ 73 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीयन। वित्तीय वर्ष 2023-24 में  30 हजार 500 से अधिक श्रमिक परिवारों को 895 करोड़ रुपये से अधिक की अनुग्रह सहायता राशि का अंतरण।         मजदूरों की दिव्यांगता और मृत्यु के आधार पर मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाकर 4 लाख रुपये की।         तेंदूपत्ता संग्राहकों का संग्रहण पारिश्रमिक 3000 रुपये प्रति मानक बोरा  से बढ़कर 4000 हजार रुपये हुआ।         30 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2023 के तेदूपत्ता संग्रहण के लाभांश 115 करोड़ रुपए की बोनस राशि का वितरण।         पीएम जन-मन मिशन में प्रदेश के बैगा, भारिया और सहरिया परिवारों के अविद्युतीकृत घरों तक बिजली पहुँचाने की कार्य योजना स्वीकृत।         छात्रावासों के विद्यार्थियों की समस्याओं के निराकरण एवं मार्गदर्शन हेतु 24×7 मित्र हेल्पलाइन प्रारंभ की गई।         विमुक्त, घुमन्तू एवं अर्द्ध-घुमन्तु वर्ग के बालकों को मिलने वाली स्कॉलरशिप 1230 रुपए से बढ़ाकर 1550 रुपए की गई। बालिकाओं को मिलने वाली स्कॉलरशिप 1,270 रुपए से बढ़ाकर 1,590 रुपए प्रतिमाह की गई।         विशेष पिछड़ी जनजातीय के युवाओं को पुलिस, सेना एवं होमगार्ड में भर्ती कराने के लिये प्रशिक्षण हेतु  बैगा, भारिया एवं सहरिया बटालियन का गठन।         विशेष सशस्त्र पुलिस बल (SAF) की 35वीं बटालियन, मण्डला का नामकरण वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर किया जाएगा।         पेसा मोबिलाइजर्स का मानदेय 4 हजार रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 8 हजार रुपए  प्रतिमाह करने का निर्णय।         छिंदवाड़ा में बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकार्पण किया।         ग्वालियर-बेंगलुरू, ग्वालियर-अहमदाबाद और ग्वालियर-दिल्ली-अयोध्या विमान सेवा का शुभारंभ।         350 करोड़ रुपये की लागत से इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमि-पूजन हुआ। इसके अलावा भोपाल, देवास, ग्वालियर, जबलपुर एवं सतना में भी बन रहे हैं एलिवेटेड कॉरिडोर।         प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2 अलग-अलग कार्यक्रमों में 24 हजार 500 (17000+7500) करोड़ रुपये की अधोसंरचना परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।         प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अमृत भारत स्टेशन योजनांतर्गत मध्यप्रदेश के 33 स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास एवं 133 रेल ओवर ब्रिज  एवं अंडरपास का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।         मध्यप्रदेश को 364 विभिन्न रेल परियोजनाओं की सौगात। प्रदेश की चौथी सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस (खजुराहो से हजरत निजामुद्दीन) ट्रेन की सौगात मिली।           निशातपुरा-संत हिरदाराम नगर रेल खण्ड का लोकार्पण।         भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन एवं सागर में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत 550 से अधिक शहरी ई बसों का संचालन करने का निर्णय।         जबलपुर में 485 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी के लिये नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति।         उज्जैन-जावरा के मध्य 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाई-वे निर्माण के लिए 5 हजार 17 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति। इस मार्ग के निर्माण से उज्जैन, इंदौर एवं आस-पास के क्षेत्र मुम्बई-दिल्ली 8 लेन इण्डस्ट्रीयल कारीडोर (एक्सप्रेस-वे) से जुड़ जाएंगे।         1540 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले … Read more

इंदौर पुलिस ने होटल, रिसोर्ट और फार्म हाउस की चेकिंग की, अतिरिक्त पेट्रोलिंग पार्टियां और पुलिस बल तैनात रहेगा

इंदौर  इंदौर ग्रामीण पुलिस ने 2024 के अंतिम दिन और नए साल के जश्न को शांतिपूर्ण और विघ्नहीन रूप से कराने के लिए सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। 31 दिसंबर की रात और एक जनवरी को जगह-जगह कार्यक्रम, इवेंट और पार्टी होगी। इन आयोजनों में सुरक्षा और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए थाना खुड़ैल, सिमरोल, बड़गोंदा और मानपुर क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सभी होटल, रिसॉर्ट और फार्म हाउस की चेकिंग की गई। दो दिन पूर्व भी महू के बड़गोंदा थाना क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक स्थानों की चेकिंग की गई। शराब के लिए लेना होगा लाइसेंस ग्रामीण एसपी हितिका वासल के निर्देश पर एक माह पहले से ही होटल, रिसॉर्ट व फार्म हाउस मालिक व संचालकों की बैठक आयोजित की गई थी। इसमें आवश्कतानुसार एफएसएसएआई का लाइसेंस, गुमाश्ता लाइसेंस और पार्टी के अनुसार शराब का लाइसेंस लेने के निर्देश दिए थे। इंदौर में सबसे ज्यादा फार्म हाउस महू क्षेत्र में है। संचालकों से कहा गया कि फार्म हाउसों पर सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त कराए जाए और हर आने वाले आंगतुक का रिकार्ड रखे। पार्टी के नाम पर हुंडदंग हुई और ग्रामीणों की शिकायत पुलिस तक पहुंची तो फिर केस भी दर्ज हो सकता है। संचालकों ने कहा कि वे तय समय पर पार्टी समाप्त करवा देंगे। बगैर अनुमति शराब नहीं पिलाई जाना चाहिए। पबों पर कंट्रोल रुम से रखी जाएगी नजर शहर के पबों व बियर बारों पर एआई आधारित कैमरों से आबकारी विभाग के कंट्रोल रुम से नजर रखी जाएगी। इंदौर में अन्य होटलों में नए साल के जश्न के लिए एक दिन का बार लाइसेंस तय शुल्क जमा कर लिया जा सकता है। जिन्हें एक दिन का लाइसेंस दिया गया है वहां भी रात 12 बजे के बाद शराब का सेवन नहीं हो सकेगा। यदि अवैध रुप से शराब पार्टी हुई तो आबकारी विभाग इस मामले में एक्शन लेगा। उधर 31 दिसंबर को पुलिसकर्मी भी शहर के प्रमुख चौराहों पर तैनात रहेंगे। तीन सवारी या शराब पीकर वाहन चलाने वालों के वाहन पुलिस जब्त करेगी। पुलिस ने रिसोर्ट में की चेकिंग इसके तहत उप पुलिस अधीक्षक उमाकांत चौधरी, थाना प्रभारी खुड़ैल, थाना प्रभारी सिमरोल, थाना प्रभारी बड़गोंदा एवं थाना प्रभारी मानपुर ने पुलिस बल के साथ रिसोर्ट पर चेकिंग की। रजिस्टर में होगी हर आने-जाने वाली की एंट्री सभी जगह सीसीटीवी फुटेज, सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। कर्मचारियों की आईडी प्रूफ सहित सूची थाने पर जमा कराने के भी निर्देश दिए। वहीं मैनेजरों को आने-जाने वाले लोगों की रजिस्टर में एंट्री करने की भी समझाइश दी। ग्रामीण एसपी सभी थाना क्षेत्रों में अतिरिक्त पेट्रोलिंग पार्टियां और पुलिस बल लगाया जा रहा है, जो कि आयोजनों पर नजर रखेंगे।   recent visitors 57

महाकुम्भ 2025 में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण की बारीकियों से समझने MP पुलिस इन दिनों प्रयागराज में

 उज्जैन उज्जैन में 2028 में लगने वाले कुम्भ की तैयारियों के लिए मध्य प्रदेश पुलिस इन दिनों महाकुम्भ 2025 में उत्तर प्रदेश पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के मॉडल का अध्ययन कर रही है। एसीपी राजकुमार मीणा ने बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रयागराज का दो दिनों का दौरा किया। महाकुम्भ 2025 में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण समेत अन्य व्यवस्थाओं को बारीकियों से समझने के लिए दोनों प्रदेशों के पुलिस अधिकारियों के बीच बैठक हुई। उन्होंने बताया कि इस बैठक में मध्य प्रदेश पुलिस ने महाकुम्भ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल, साइबर क्राइम से निपटने की प्रणाली आदि की जानकारी ली। उज्जैन के पुलिस अधिकारियों ने मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थानों का भ्रमण करके उत्तर प्रदेश पुलिस की तैयारियों को देखा तथा समझा। अन्य प्रदेशों को भी यूपी पुलिस का मॉडल अपनाना चाहिए : तरुण कौशिक मध्य प्रदेश के पुलिस उपमहानिरीक्षक (एटीएस) तरुण कौशिक ने कहा कि अन्य प्रदेशों की पुलिस को उत्तर प्रदेश पुलिस के मॉडल को अपनाना चाहिए। मध्य प्रदेश पुलिस उज्जैन कुम्भ के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस से समन्वय बनाकर काम करेगी। कौशिक ने उत्तर प्रदेश पुलिस तथा प्रयागराज पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी सभी स्तर के पुलिस कर्मियों के रहने, खान-पान और उनकी छोटी से छोटी जरूरतों का ध्यान रख रहे हैं, जो सीखने लायक है। राजकुमार मीणा ने बताया कि मध्य प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (उज्जैन जोन) उमेश जोगा, पुलिस उपमहानिरीक्षक (उज्जैन रेंज) नवनीत भसीन और पुलिस उपाधीक्षक (उज्जैन) भारत सिंह यादव को कानून व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, कृत्रिम मेधा का विभिन्न तरह से इस्तेमाल, साइबर अपराध के खतरों से बचाव, जल पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था आदि कई तरह की जानकारी दी गईं। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस से आए हुए अधिकारियों को आईसीसीसी और कुम्भ मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थानों का भ्रमण भी कराया गया। recent visitors 54

देवास पुलिस ने अपराधों की रोकथाम के लिए ऑपरेशन त्रिनेत्रम किया शुरू

 देवास मध्य प्रदेश की देवास पुलिस ने अपराधों की रोकथाम के लिए ऑपरेशन त्रिनेत्रम शुरू किया है. इस अभियान के तहत लोगों ने 10 लाख रुपए खर्च किए हैं. अभी भी अभियान जारी है. इस अभियान का उद्देश्य देवास जिले में अपराधों की रोकथाम करना है. एसपी पुनीत गहलोद ने बताया कि यह अभियान के जरिए पूरे जिले में 275 कैमरे लगाए गए हैं. देवास एसपी पुनीत गहलोद ने बताया कि देवास जिले में ऑपरेशन त्रिनेत्रम के जरिए लोगों और व्यापारियों को सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए पुलिस द्वारा प्रोत्साहित किया जा रहा है. इसी कड़ी में लगभग 10 लाख रुपए कीमत के 275 नए कैमरे पूरे जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र में स्थापित किए गए. उन्होंने बताया कि कैमरा कानून व्यवस्था का पालन करने और अपराधों पर नियंत्रण रखने के लिए काफी महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है. कैमरा स्थापित करने के लिए लोगों को जागरूक और प्रोत्साहित भी किया जा रहा है. इसके अलावा जो इस अभियान में आगे बढ़कर कैमरा लगा रहे हैं, उन्हें पुलिस सम्मानित भी कर रही है. यह अभियान 1 नवंबर से शुरू किया गया था. वैज्ञानिक साक्षी के रूप में अहम भूमिका पुलिस अधीक्षक में चर्चा के दौरान बताया कि सीसीटीवी कैमरा अपराध रोकने के साथ-साथ अपराध निराकरण एवं न्यायालयीन विचाराधीन प्रकरणों में वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में अहम भूमिका निभा रहा है. पुलिस द्वारा प्रतिदिन चौपाल के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक कैमरा स्थापित करने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है, जिससे प्रभावित होकर लोगों द्वारा सकारात्मक सहयोग दिया जा रहा है. चोरी और गंभीर अपराधों पर नकेल पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चोरी और गंभीर अपराधों में सीसीटीवी कैमरा लगने से कहीं ना कहीं कमी आती है. इसके अलावा जहां अपराध घटित होता है, वहां सबूत के रूप में कैमरे के फुटेज सामने आ जाते हैं, जिससे आरोपी को पकड़ने में पुलिस को मदद मिलती है. इसके अलावा इसे वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में न्यायालय भी काफी महत्व दे रही है,  इसलिए लोगों को  लगातार सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए जागरूक किया जा रहा है. recent visitors 58

संक्रांति तक कम से कम आधे राज्यों को नए अध्यक्ष मिल जाएंगे और फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा

नई दिल्ली जेपी नड्डा बीते 4 सालों से अधिक समय से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हुए हैं। उनका कार्यकाल बीते साल ही समाप्त हो गया था, लेकिन लोकसभा चुनाव को देखते हुए उन्हें विस्तार मिल गया था। अब इलेक्शन के नतीजे आए भी 6 महीने से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन अब तक भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा ही हैं। इस बीच पार्टी में संगठन बदलने की कवायद तेज हो गई है और सूत्रों का कहना है कि संक्रांति के बाद भाजपा को नया अध्यक्ष मिल जाएगा। इसे लेकर बैठकें शुरू हो चुकी हैं और जल्दी ही किसी नेता के नाम पर मुहर लग सकती है। सूत्रों का कहना है कि भूपेंद्र यादव, अनुराग सिंह ठाकुर, शिवराज सिंह चौहान समेत कई ऐसे नेता हैं, जिन्हें अध्यक्ष बनाने का फैसला हो सकता है। फिलहाल पार्टी 15 जनवरी तक जिला और राज्य के अध्यक्ष बना लेना चाहती है। संक्रांति तक कम से कम आधे राज्यों को नए अध्यक्ष मिल जाएंगे और फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा। खबर है कि महीने के अंत तक पार्टी को नया अध्यक्ष मिल सकता है। रविवार को भाजपा ने इस संबंध में मुख्यालय में मीटिंग भी बुलाई थी। इस मीटिंग में संगठन महामंत्री बीएल संतोष के अलावा जेपी नड्डा समेत कई अधिकारी मौजूद थे। इस मीटिंग में संगठन पर्व को लेकर भी चर्चा हुई है। इसके तहत सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है। पार्टी का मानना है कि एक फुल प्रूफ व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे पता चल सके कि कौन संगठन से जुड़ रहा है। पार्टी नेताओं के अनुसार यह तैयारी है कि घर-घर जाकर भी सदस्य बनाए जाएं। इससे लोगों तक पहुंच बनाने का एक मौका पार्टी को मिल सकेगा। बता दें कि इसी साल अक्टूबर में भाजपा ने 10 करोड़ सदस्यों का आंकड़ा पार कर लिया था। रविवार को जेपी नड्डा और बीएल संतोष ने संगठन चुनाव का जायजा लिया। एक अधिकारी ने कहा कि यह सफल मीटिंग थी। हमने संगठन के सभी पहलुओं पर विचार किया। इस मीटिंग में यह भी तय हुआ है कि अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती को पूरे वर्ष मनाया जाएगा। साल भर इस अवसर पर अलग-अलग कार्य़क्रम का आयोजन होगा। पूरे साल अटल जी की जयंती को सुशासन वर्ष के तौर पर मनाया जाएगा। फिलहाल पार्टी का जोर इस बात पर है कि संक्रांति तक जिला और राज्यों के अध्यक्ष तय कर लिए जाएं। उसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाए। बता दें कि आमतौर पर किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत संक्रांति के बाद ही की जाती है। हिंदू धर्म की इस मान्यता का भाजपा की ओर से भी पालन होता रहा है। recent visitors 45

अब सरेंडर करने वाले नक्सलियों को हर माह 10 हजार के साथ जमीन, मकान और रोजगार से जुड़े संसाधन भी दिए जाएंगे

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने नई एंटी नक्सल नीति में विस्तार किया है. बीजेपी की राज्य सरकार सरेंडर करने वाले नक्सलियों की सुविधाओं को बढ़ाने जा रही है. गृहमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर में नक्सल नीति को लेकर बात करते हुए बताया अब सरेंडर करने वाले नक्सलियों को हर माह 10 हजार की राशि दी जाएगी. साथ ही रहने के लिए जमीन, मकान और रोजगार से जुड़े संसाधन भी दिए जाएंगे. सरकार का प्लान है कि घर जमीन के साथ ही नक्सलियों को खास ट्रेनिंग भी दी जाएगी, जिससे उन्हें रोजगार हासिल करने में आसानी हो. नई नीति के तहत नक्सलियों पर जो इनाम की राशि होती है वो भी नक्सलियों को दी जाएगी. सरेंडर करने वाले नक्सलियों को रखने के लिए पांच जिलों में भवन बन रहे हैं. शर्मा ने बताया  नक्सलवाद को कम करने के लिए कई आयामों पर काम हो रहे हैं. आगे की जिंदगी जीने के लिए तमाम सुविधाएं दी जाएगी। फिर चाहे वह रहने के लिए जमीन-मकान हो या फिर रोजगार से जुड़े संसाधन। अलग खास भवनों में रखकर नक्सलियों को ट्रेंड किया जाएगा। उन्हें काम सिखाया जाएगा ताकि वह आगामी जीवन में रोजगार हासिल कर सकें। शर्मा बोले- मुझसे किसी ने कहा, नक्सली बनना अच्छा नई नीतियों को बेहतर बताते हुए विजय शर्मा  सुविधाएं गिनाते हुए बोले- ये फायदे सुनने के बाद मुझसे एक सीनियर पत्रकार ने कहा था कि ऐसे में तो नक्सली बनना ही अच्छा है। यह कहकर गृहमंत्री मुस्कुराए। मांझी तय करेंगे गांव में क्या बनेगा गृहमंत्री ने बताया कि, पंचायती राज के माध्यम से बस्तर के विकास का काम हम करने जा रहे हैं। गांवों के मांझियों (बस्तर के अंदरूनी इलाकों के जनप्रतिनिधि) की भागीदारी सुनिश्चित की जाने की मांग उठी थी, तो अब बस्तर के जिला पंचायत के सभागृह में मांझियों की बैठक होगी। जिलेवार ये बैठकें होंगी और मांझी बताएंगे कि उनको क्या-क्या निर्माण कार्य करवाने हैं। इन सभी आयामों को मिलाकर नया सॉल्यूशन समाज को देने की कोशिश है। नक्सल नीति से जुड़ी गृहमंत्री की कुछ बड़ी बातें-     हम अनेक आयामों में काम हो रहे हैं। हम ये भी कर रहे हैं कि सरेंडर बढ़े, लोग नक्सलवाद में न जाए।     अब बस्तर के पांच जिलों में ऐसे भवन तैयार हैं, जहां पर सरेंडर करने वाले नक्सलियों को रखा जाएगा।     इन भवनों में उनका स्किल डेवलपमेंट किया जाएगा। वहां उनके रहने खाने के लिए 3 साल की व्यवस्था होगी।     जो हथियार वह लेकर के आएंगे उस हथियार से जुड़ी जो राशि घोषित है वह भी उनको दी जाएगी।     उनको प्लॉट दिया जाएगा, उनको प्रधानमंत्री आवास दिया जाएगा।     ये पॉलिसी इस उद्देश्य के साथ तैयार हुई है कि लोग मुख्यधारा में आएं। सरकार एक भी गोली नहीं चलाना चाहती।     IED ब्लास्ट कर और बंदूक के दम पर गांव की उन्नति को रोक देना कब तक सहा जाएगा।     नक्सल घटनाओं से पीड़ित और प्रभावितों के लिए अलग योजना बनी है, केंद्र से भी और राज्य की भी।     बस्तर के युवाओं को लगातार रायपुर लाया जाएगा, उनके एजुकेशन और स्पोर्ट्स को लेकर कार्यक्रम चलाए जाएंगे। मार्च 2026 तक खत्म करना है नक्सलवाद हाल ही में छत्तीसगढ़ दौरे पर आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म हो जाएगा। इसके बाद से ही प्रदेश में एनकाउंटर और नक्सलियों के खिलाफ दूसरे तरीकों की कार्रवाई बढ़ी है। प्रदेश सरकार का दावा है कि एक साल में 212 से अधिक नक्सली एनकाउंटर में मारे गए हैं। इतने एनकाउंटर पिछली सरकारों के 5-5 साल के कार्यकाल में भी नहीं हुए थे। recent visitors 125