आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी चीफ अब्दुल रहमान मक्की की पाकिस्तान के लाहौर में मौत

 लाहौर आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी चीफ अब्दुल रहमान मक्की की पाकिस्तान के लाहौर में मौत हो गई है. जानकारी के मुताबिक, उसकी मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई है. मुंबई के 26/11 हमले का गुनहगार अब्दुल रहमान मक्की आतंकी हाफिज सईद का रिश्तेदार है. मक्की को अमेरिका ने ग्लोबल आतंकवादी घोषित किया हुआ है. भारत में वो वॉन्टेड था. अब्दुल रहमान मक्की लश्कर-ए-तैयबा के टेरर फंडिग का काम देखता था. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मक्की को 1267 ISIL (दा'एश) और अल कायदा प्रतिबंध समिति के तहत ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया था. इसके साथ ही उनकी संपत्ति फ्रीज कर दी गईं थी. यात्रा प्रतिबंध लगा दिया था और हथियारों पर भी बैन लगा दिया था. अब्दुल रहमान मक्की को 16 जनवरी को ISIL और अलकायदा से जुड़े होने लश्कर-ए-तैयबा द्वारा या उसके समर्थन से टेरर फाइनेंसिंग, साजिश रचने, साजिश में हिस्सा लेने, भर्ती करने जैसे कामों में शामिल होने पर लिस्टेड किया गया. मक्की लश्कर की राजनीतिक विंग जमाद उद दावा का भी चीफ था. वह लश्कर के फॉरेन रिलेशन डिपार्टमेंट का भी हेड रहा है. मक्की को घोषित किया था अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी साल 2023 में संयुक्त राष्ट्र ने मक्की को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किया था। इसके पहले साल 2020 में आतंकी फंडिंग मामले में पाकिस्तान की एंटी टेररिज्म कोर्ट ने मक्की को 6 महीने के लिए जेल में भेजा था। आतंकी फंडिंग मामले में सजा सुनाए जाने के बाद से ही जमात-उद-दावा का उप प्रमुख खुद को लो प्रोफाइल रखे हुए था और सार्वजनिक रूप से बहुत कम नजर आता था। पाकिस्तान मुत्तहिदा मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) ने एक बयान में कहा कि मक्की पाकिस्तान की विचारधारा का समर्थक था। मक्की ने मुंबई आतंकी हमलों के लिए आतंकियों को धन और संसाधन मुहैया कराए थे, जिसमें 166 लोग मारे गए थे। इस दौरान 9 आतंकी मारे गए थे, जबकि एक आतंकी अजमल कसाब का जिंदा पकड़ा गया था। लश्कर ने भारत में कराए ये बड़े हमले UN की वेबसाइट के मुताबिक, मक्की लश्कर और जमात-उद-दावा में नेतृत्व पद पर रहा है. ऐसे में भारत में हुए बड़े हमलों के पीछे हाफिज सईद के साथ साथ मक्की का भी हाथ माना जाता रहा है. लश्कर ने भारत में इन बड़े हमलों को अंजाम दिया है… 1- लाल किले पर हमला: 22 दिसंबर 2000 में लश्कर-ए-तैयबा के 6 आतंकियों ने लाल किले में घुसकर सुरक्षाबलों पर फायरिंग की थी. इस अटैक में सेना के दो जवान समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी.  इस आतंकी हमले में राइफलमैन उमा शंकर तो मौके पर ही शहीद हो गए थे. जबकि, नायक अशोक कुमार ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था. अब्दुल्ला ठाकुर नाम के शख्स की भी इस हमले में मौत हो गई थी. 2- रामपुर हमला: लश्कर के 5 आतंकियों ने 1 जनवरी 2008 में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था. इसमें 7 सीआरपीएफ जवानों और एक रिक्शा चालक की जान चली गई थी.   3- लश्कर ने 26/11 को मुंबई में हमला कराया था. मुंबई में अरब सागर के रास्ते 10 आतंकी दाखिल हुए थे, इन लोगों ने कई जगहों पर अंधाधुंध फायरिंग की थी. इस हमले में 175 लोगों की मौत हो गई थी. 4- श्रीनगर अटैक: 12-13 फरवरी 2018 में श्रीनगर के करण नगर में सीआरपीएफ कैंप में लश्कर का आत्मघाती हमलावर घुस गया था. इस दौरान एक जवान शहीद हो गया था. जबकि एक पुलिसकर्मी जख्मी हुआ था. 5- बारामूला: 30 मई 2018 को बारामूला में लश्कर के आतंकियों ने तीन नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया था. 6- श्रीनगर हमला: लश्कर आतकियों ने 14 जून 2018 को राइजिंग कश्मीर के एडिटर सुजात बुखारी और दो सिक्योरिटी गार्ड की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. लश्कर ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी. 7- बांदीपोरा हमला: जम्मू कश्मीर के बांदीपोरा में लश्कर के आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की थी, इस दौरान भारतीय सेना के जवानों ने उनकी कोशिश को नाकाम कर दिया था. इस हमले में चार जवान शहीद हो गए थे.   मक्की को पाकिस्तान की सरकार ने 15 मई 2019 को गिरफ्तार किया था. वह लाहौर में हाउस अरेस्ट था. 2020 में टेरर फंडिंग केस में मक्की को पाकिस्तानी कोर्ट ने सजा सुनाई थी.   recent visitors 109

छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार की कवायद, 2 मंत्री पद के लिए 6 दावेदार, साय कैबिनेट में इन चेहरों को मिल सकता है मौका

रायपुर  छत्तीसगढ़ में लंबे समय से मंत्रीमंडल विस्तार को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) ने हाल ही में इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि, मंत्रिमंडल विस्तार तो होना ही है, जब तक होता नहीं इंतजार करना होगा। इसके बाद से यह माना जा रहा था कि मंत्रीमंडल विस्तार फिलहाल टल सकता है, लेकिन अब यह खबरें आ रही हैं कि ज़िला अध्यक्षों के चुनाव के बाद कभी भी मंत्रीमंडल का विस्तार हो सकता है। दरअसल, 30 दिसंबर से पहले प्रदेश में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की जानी है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से इस संबंध में मंजूरी मिल चुकी है, और प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के बाद मंत्रीमंडल विस्तार की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। माना जा रहा है कि 31 दिसंबर से चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो सकती है, इसलिए इस माह के अंत तक मंत्रीमंडल विस्तार संभव है। इसके साथ ही, मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी संभावना जताई जा रही है। दरअसल,  30 दिसम्बर से पहले जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की जानी है. भाजपा की बैठक में एकराय से जिला अध्यक्षों के नाम पर मुंहर लग जाएगी. इसके ठीक बाद कभी भी सीएम साय के मंत्रीमंडल का विस्तार हो सकता है. हालांकि, 31 दिसंबर को चुनाव का आचार संहिता लग सकता है. ऐसे में माना जा रहा है कि इस माह के अंत तक छत्तीसगढ़ सरकार का मंत्रीमंडल विस्तार हो सकता है. मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल की संभावना जताई जा रही है. इन नामों की चर्चा तेज मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री के साथ कुल मंत्री पद हरियाणा की तरह 13 के बजाय 14 हो सकता है. मंत्रिमंडल विस्तार में 2 के बजाय 3 विधायकों को जगह मिल सकती है. सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व से मंत्रिमडंल विस्तार के लिए हरी झंडी मिल चुकी है. भाजपा के भीतरखाने से खबर आ रही है कि मंत्री पद के लिए अमर अग्रवाल, किरण सिंहदेव, गजेंद्र यादव, राजेश मूणत और अजय चंद्राकर में से किन्हीं 3 को मंत्री बनाये जाने की चर्चा सबसे ज्यादा है. बता दें कि किरण सिंहदेव अभी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं. किरण सिंहदेव मंत्री बनते हैं तो शिवरतन शर्मा और अनुराग सिंहदेव में से किसी एक को प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने की संभावना है. वहीं, प्रदेश अध्यक्ष के लिये सौरभ सिंह का नाम भी रेस में बताया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल विस्तार के बाद ही  प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान होगा. मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में सरकार के गठन के बाद विष्णु देव साय ने सीएम पद की शपथ ली थी, इसके अलावा अरुण साव और विजय शर्मा ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए 9 विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया था. ऐसे में कुल मिलाकर मंत्रियों की संख्या 12 हो गई थी. छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम मंत्रियों की संख्या 13 हो सकती है. ऐसे में एक पद खाली था. एक पद खाली चल रहा था. वहीं, साय कैबिनेट में शामिल बृजमोहन अग्रवाल ने सांसद बनने के बाद मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था.  ऐसे में दो मंत्रियों की जगह खाली है. हालांकि, चर्चा है की हरियारण की तरह ही यहां मंत्रियों की संख्या 13 के बजाय 14 हो सकता है. ऐसे में 2 की बजाय 3 विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. इन नेताओं के नाम पर हो रही चर्चा मंत्रिमंडल विस्तार में मुख्यमंत्री के साथ कुल मंत्रियों की संख्या 13 के बजाय 14 हो सकती है, जैसे कि हरियाणा में हुआ था। सूत्रों के मुताबिक 2 के बजाय 3 विधायकों को मंत्री पद मिल सकता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अमर अग्रवाल (Amar Agarwal), किरण सिंहदेव (Kiran Singh Deo), गजेंद्र यादव (Gajendra Yadav), राजेश मूणत (Rajesh Munat) और अजय चंद्राकर (Ajay Chandrakar) के नाम मंत्री पद के लिए सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। किरण सिंहदेव वर्तमान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं, अगर मंत्री बनते हैं, तो प्रदेश अध्यक्ष के पद के लिए शिवरतन शर्मा (Shivratan Sharma) और अनुराग सिंहदेव (Anurag Singh Deo) में से किसी एक को नामित किया जा सकता है। सौरभ सिंह का नाम भी प्रदेश अध्यक्ष के लिए चर्चा में है। सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल विस्तार के बाद ही प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी। साय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल छत्तीसगढ़ में सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सीएम पद की शपथ ली थी, जबकि अरुण साव और विजय शर्मा ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल में 9 विधायकों को शामिल किया था, जिससे कुल मंत्रियों की संख्या 12 हो गई थी। छत्तीसगढ़ में अधिकतम मंत्रियों की संख्या 13 हो सकती है, ऐसे में एक पद खाली था। बता दें कि, मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने सांसद बनने के बाद मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसकी वजह से अब दो पद खाली हैं। अब चर्चा है कि हरियाणा की तरह छत्तीसगढ़ में भी मंत्रियों की संख्या 13 के बजाय 14 हो सकती है, जिससे तीन विधायकों को मंत्रिमंडल में स्थान मिल सकता है। recent visitors 35

CG का रजत जयंती वर्ष ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप मनाया जाएगा : सीएम विष्णुदेव साय

जशपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर के सराईटोली में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के अवसर पर आयोजित अटल सुशासन चौपाल में शामिल हुए. उन्होंने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के निर्माता श्रद्धेय अटल जी को छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से नमन किया. मुख्यमंत्री ने देश के निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का रजत जयंती वर्ष ‘अटल निर्माण वर्ष‘ के रूप मनाया जाएगा. इस दौरान अधोसंरचना विकास के कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि हमारा राज्य छत्तीसगढ़ उनकी ही देन है.उन्होंने कहा कि अटल जी हमेशा अपने मूल्यों और सिद्धांतों पर अडिग रहते थे. आज पूरे प्रदेश में उनकी जयंती सुशासन दिवस के रूप में मनाई जा रही है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटल जी का मानना था कि छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा तो इस क्षेत्र का तेजी से विकास होगा. यहां के निवासियों और जनजातियों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे. उनकी प्रगति को बल मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के स्वप्न को पूरा कर रही है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में लगातार मोदी की गारंटी को पूरा करने का काम राज्य सरकार कर रही है. 3100 रूपए प्रति क्विंटल एवं 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की जा रही है. महतारी वंदन योजना में 70 लाख माताओं-बहनों को हर माह एक हजार रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है. रामलला दर्शन योजना के साथ अब तीर्थ यात्रा योजना भी जल्द शुरू की जाएगी. तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक की दर 4000 रूपए से बढ़ाकर 5500 रूपए कर दी गई है.सीजीपीएससी घोटाले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है. इसमें लिप्त लोगों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है. इससे छात्रों का भरोसा सीजीपीएससी पर फिर से लौटा है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाया जा रहा है. गुड गवर्नेंस के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है. बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है. राज्य सरकार पूरे प्रदेश में सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई जी के योगदान के लिए पूरे देश के साथ विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के लोग उनके बहुत आभारी हैं. उन्होंने हमें छत्तीसगढ़ के रूप में एक अलग राज्य की सौगात दी. आज छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है. मोदी की गारंटी के अधिकांश वायदे हमने एक वर्ष में पूरे किए हैं. सीएम साय ने सराईटोली में अनेक विकास कार्यों की घोषणा की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने क्षेत्र के किसानों की सुविधा की दृष्टि से फरसाबहार में अपेक्स बैंक की शाखा खोलने की घोषणा की. इसके साथ ही कोतईबीरा से कपाटद्वार तक लक्ष्मण झूला की तर्ज पर सस्पेंशन ब्रिज निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों की घोषणा की. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अटल सुशासन चौपाल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण कर हितग्राहियों को सहायता राशि और दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान किया. उन्होंने मछुआ सहकारी समिति एवं दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को पंजीयन प्रमाण पत्र देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं. मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक द्वारा पे-केसीसी कार्ड के वितरण सहित अनेक हितग्राहियों को मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल, राष्ट्रीय परिवार सहायता राशि एवं दिव्यांग बच्चों को निःशक्तजन छात्रवृत्ति का प्रमाण पत्र प्रदान किया. उन्होंने दिव्यांग बच्चों को अच्छी पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित भी किया. उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया. इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ महिला कोष के माध्यम से मां तारिणी स्व-सहायता समूह को 80 हजार रुपए एवं जय मां अम्बे स्व सहयता समूह को एक लाख रुपए का चेक प्रदान किया. इस अवसर पर कौशल्या देवी साय, रोहित साय, भरत साय सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे. recent visitors 56

मोहन भागवत का 6 दिवसीय छत्तीसगढ़ दौर, सांय और प्रातः शाखा में शामिल होंगे

रायपुर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत आज से 6 दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे. मोहन भागवत शाम 6 बजे रायपुर पहुंचेंगे. प्रवास के दौरान टोली बैठक, सांय और प्रातः शाखा में शामिल होंगे. 6 दिवसीय दौरे पर मोहन भागवत आएंगे छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत आज 6 दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आएंगे. आज शाम 6 बजे रायपुर पहुंचेंगे मोहन भागवत. प्रवास के दौरान टोली बैठक, सांय और प्रातः शाखा में शामिल होंगे. डॉ मोहन भागवत एक जनवरी 2025 को दोपहर रायपुर से दिल्ली रवाना होंगे. संघ के सौ साल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अगले साल सौ साल पूरे हो रहे हैं। इस शताब्दी वर्ष में आरएसएस देशभर में कार्यक्रम करेगा। किस तरह के कार्यक्रम होने हैं, इसको लेकर लगातार सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का राज्यों का दौरा चल रहा है। इसी कड़ी में उनका 27 से 31 दिसंबर तक रायपुर प्रवास होगा। इस दौरान वे अलग-अलग सत्र में कार्यकर्ताओं व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संगठन को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। शताब्दी वर्ष में आरएसएस का बड़ा फोकस पंच परिवर्तन पर है। इसके बारे में जानकारी देकर बताया जाएगा, क्या-क्या करना है। स्थापना का शताब्दी वर्ष मना रहा RSS 1925 में स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस वर्ष अपनी स्थापना का शताब्दी वर्ष मना रहा है। इसके लिए देश के अलग-अलग प्रांतों में सरसंघचालक मोहन भागवत का प्रवास हो रहा है। इस प्रवास में संबंधित प्रांत में संगठनात्मक कार्यों पर वह चर्चा करते हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संगठनात्मक विषयों व शताब्दी वर्ष पर चलने वाले कार्यक्रमों पर वह संगठन के अधिकारियों व कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। विभिन्न सत्र में लेंगे बैठक सरसंघचालक डॉ. भागवत अपने प्रवास के दौरान विषय आधारित विभिन्न बैठकों में संगठनात्मक कार्यों की चर्चा करेंगे। सरसंघचालक की इन बैठकों में कार्य विस्तार के साथ कार्यकर्ताओं व स्वयंसेवकों के गुणात्मक विकास पर विशेष रूप से चर्चा होगी। संघ ने शताब्दी वर्ष में प्रत्येक गांव व शहरी क्षेत्र तक शाखा के माध्यम से पहुंचने का लक्ष्य रखा है। सरसंघचालक का प्रवास छत्तीसगढ़ में संघ कार्य को सर्वव्यापी एवं सर्वस्पर्शी बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। नगर पंचायत रामानुजगंज को नगर पालिका का दर्जा नगर पंचायत रामानुजगंज को नगर पालिका का दर्जा मिला है. नगर वासियों में खुशी की लहर,चौक चौराहों पर पटाखा फोड़कर खुशियां मनाई. रामानुजगंज, जिले सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर है. वर्तमान नगर पंचायत के अध्यक्ष रमन अग्रवाल के प्रयास से संभव हुआ. लंबे समय से रामानुजगंज को नगरपालिका का दर्जा दिलाने मांग की जा रही थी. छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद क्षेत्रवासियों में दिखी खुशी. recent visitors 70

मध्य प्रदेश में बिगड़ा मौसम का मिजाज, भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में आंधी-पानी का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम का ट्रिपल अटैक देखने को मिल रहा है। कड़ाके की ठंड के बीच बारिश और ओले का अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में चार प्रणालियों के चलते बदलाव देखने को मिल रहा है। दो दिन तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है। 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। प्रदेश में कड़ाके की ठंड के साथ मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। आखिरी दिनों में कोहरे, बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। प्रदेश के कई जिलों में चेतावनी का अलर्ट है। गुरुवार को टीकमगढ़ और छतरपुर समेत कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी हुई है। वहीं, आज राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत पांच संभागों में बारिश और ओला की संभावना जताई गई है। बारिश के साथ ओले का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, आज से बारिश का नया सिस्टम प्रदेश में एक्टिव हो गया है. जिसके प्रभाव से आज और कल यानी 27 और 28 दिसंबर को कई जिलों में बारिश होने की संभावना है. नए वेदर सिस्टम के एक्टिव होने से भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, सागर और जबलपुर संभाग में ओले भी गिर सकते हैं. आंधी का भी अलर्ट बारिश के मजबूत वेदर सिस्टम के चलते आज प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा. इस वेदर सिस्टम के चलते एमपी के अलग-अलग हिस्सों में 28 दिसंबर को बारिश और ओलवृष्टि देखी जा सकती है. इस दौरान गरज चमक के साथ तेज हवाएं चलेंगी. कुछ जिलों में हवा की रफ्तार 40-50Km प्रति घंटे तक रहेगी. मौसम विभाग के अनुसार, आज यानी शुक्रवार को आंधी, बारिश और ओले का स्ट्रॉन्ग सिस्टम रहेगा. इसके चलते  पूरे प्रदेश में ही मौसम बदला रहेगा. रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, सागर, पांढुर्णा और बड़वानी में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं. यहां ऑरेंज अलर्ट जारी है. वहीं, अन्य जिलों में भी  कहीं बारिश तो कहीं गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी. इन जिलों में कोहरे का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर, रायसेन, उज्जैन, विदिशा, सीहोर, छतरपुर, राजगढ़ और रतलाम में कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। 28 दिसंबर को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के चलते की संभावना जताई गई है। पचमढ़ी की रात सबसे ठंडी प्रदेश के पांच सबसे कम न्यूनतम तापमान वाले शहरों में छतरपुर के नौगांव शहर की रात सबसे ठंडी रही। यहां पारा 11 डिग्री दर्ज किया गया। नरसिंहपुर में 11.2 डिग्री, ग्वालियर में 11.9 डिग्री, मंडला में 12 डिग्री और कल्याणपुर में 12.1 डिग्री दर्ज हुआ। बीते चौबीस घंटे के दौरान भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, देवास, सीहोर, निवाड़ी, पन्ना, छतरपुर, भिंड और मुरैना में हल्का कोहरा हो सकता है। इन जिलों में बारिश और ओले की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में आज से बारिश का नया सिस्टम एक्टिव हो गया है. जिसके प्रभाव से 27 और 28 दिसंबर को कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है.  भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में तेज हवाओं के साथ बारिश और कहीं कहीं पर ओले गिरने की आशंका है. अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम     27 दिसंबर: रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, सागर, पांढुर्णा और बड़वानी में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। यहां 40 से 50Km प्रति घंटे तक हवा भी चलने का अनुमान है।     मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा में 30 से 40Km प्रति घंटा से हवा चलेगी और बारिश भी होगी। इसी तरह भोपाल, विदिशा, राजगढ़, खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में हल्की बारिश हो सकती है।     28 दिसंबर: नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा में ओले-बारिश का अलर्ट है। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, भिंड, मुरैना, श्योपुर, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी में हल्की बारिश और आंधी चल सकती है।     29 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा में हल्के से मध्यम कोहरा छाया रहेगा।     30 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में हल्के से मध्यम कोहरा रहेगा। recent visitors 62

सौरभ शर्मा मामले में ED की एंट्री, घर और दफ्तर लिया कब्जे में, CRPF जवानों के साथ सर्चिंग जारी

भोपाल मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा मामले में शुक्रवार को बड़ा अपडेट सामने आया है. प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की टीम भोपाल और ग्वालियर स्थित सौरभ के घर और दफ्तर पहुंच गई है. लोकायुक्त और आयकर विभाग के ईडी इस मामले की जांच करने में जुटी है. लोकायुक्त का छापा पड़ने के बाद से ही फरार चल रहे सौरभ शर्मा के अरेरा कॉलोनी ई-7 स्थित घर और दफ्तर में सीआरपीएफ जवानों के साथ ED की सर्चिंग जारी है. जबकि ग्वालियर में विनय नगर सेक्टर-2 स्थित सौरभ के पैतृक घर पर भी एजेंसी ने दबिश दी है. दोनों  शहरों के की पॉश इलाकों में सौरभ शर्मा का घर है. दरअसल, लोकायुक्त छापे मामले का प्रमुख आरोपी सौरभ शर्मा फ़िलहाल पत्नी दिव्या समेत फरार चल रहा है. उसके वकील ने अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन अदालत ने उसे खारिज कर दिया. बता दें कि लोकायुक्त पुलिस के छापे में पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा के पास 7.98 करोड़ रुपये की चल संपत्ति मिली है, जिसमें 2.87 करोड़ रुपये नकद और 234 किलोग्राम चांदी शामिल है.   भ्रष्टाचार निरोधक लोकायुक्त पुलिस के शीर्ष अधिकारी ने बताया कि लोकायुक्त पुलिस ने 18 और 19 दिसंबर को सौरभ शर्मा के आवास और कार्यालय की तलाशी ली थी. लोकायुक्त पुलिस महानिदेशक जयदीप प्रसाद ने बताया कि सौरभ शर्मा के पिता आरके शर्मा सरकारी डॉक्टर थे और उनकी 2015 में मृत्यु हो गई थी. आईपीएस अधिकारी ने बताया कि इसके बाद सौरभ शर्मा को 2015 में अनुकंपा के आधार पर राज्य परिवहन विभाग में कांस्टेबल के पद पर नियुक्ति मिली और उसने 2023 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली. उन्होंने कहा कि सौरभ शर्मा ने भ्रष्ट तरीकों से अर्जित धन का इस्तेमाल भारी संपत्ति अर्जित करने में किया, जिसमें अपनी मां उमा, पत्नी दिव्या, रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों चेतन सिंह गौड़ और शरद जायसवाल के नाम पर स्कूल और होटल स्थापित करना शामिल है. आयकर विभाग ने शर्मा के सहयोगियों गौड़ से नकदी और सोना भी जब्त किया है. प्रसाद ने बताया कि तलाशी के दौरान मिले बैंक विवरण और जमीन के दस्तावेजों की जांच की जा रही है. सौरभ के पास से मिली थी चांदी और कैश दरअसल, लोकायुक्त टीम ने परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के ठिकानों पर छापा मारा था। जहां से 235 किलो चांदी और 2.95 करोड़ रुपए कैश मिले थे। वहीं 19 दिसंबर की देर रात मेंडोरी के जंगल से एक कार से 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपए कैश आईटी की टीम ने बरामद किया था। घर के सामान, आभूषण और नगद जिसकी कुल कीमत 3 करोड़ 86 लाख रुपये है। सौरभ के सहयोगी के निवास से भी मिले थे करोड़ों रुपये वहीं आरोपी के कार्यालय जहां उनका सहयोगी चेतन सिंह गौर का निवास भी है, वहां से चांदी और नगद, कुल 4 करोड़ 12 लाख की संपत्ति बरामद की गई थी। बताया जा रहा है कि प्रदेश के अलग-अलग जगह पर बेनामी संपत्ति के दस्तावेज भी मिले थे। सौरभ शर्मा को पिता की जगह अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। उन्होंने सिर्फ 10-12 साल की नौकरी की, फिर परिवहन विभाग से वीआरएस ले लिया था। आयकर विभाग के अधिकारियों के हाथ लगी सौरभ की डायरी से बड़ा खुलासा हुआ। डायरी की मानें तो परिवहन विभाग में हर साल 100 करोड़ का काला हिसाब होता था। प्रदेश के 52 RTO और बड़े अफसरों के नाम, नंबर, पता के साथ हर माह पहुंचने वाली रकम लिखी है। उगाही की काली कमाई का पैसा ऊपर तक पहुंचाने का अनुमान है। सौरभ के सहयोगी चेतन का 150 पन्ने में बयान दर्ज हुआ। चेतन ने अफसरों के साथ कई बड़े नेताओं से सौरभ के गठजोड़ का भी खुलासा किया है। इस मामले में लोकायुक्त, आईटी के बाद ईडी की एंट्री हुई। प्रवर्तन निदेशालय ने सौरभ शर्मा और उसके साथी चेतन के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज किया था। दुबई से लौटने के बाद सौरभ शर्मा और उसके परिवार से पूछताछ की जाएगी। IT का लुक आउट सर्कुलर, सौरभ की अग्रिम जमानत याचिका खारिज आयकर विभाग ने लुक आउट सर्कुलर जारी किया था। वहीं दुबई में बैठे सौरभ शर्मा ने अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए भोपाल कोर्ट में पिटीशन दायर की थी, लेकिन भोपाल कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी। इस मामले में आज शुक्रवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन वकील के विशेष अनुरोध पर जज ने कल गुरुवार को ही सुनवाई कर दी।सौरव शर्मा के वकील ने अदालत में दलील दी थी कि आरोपी लोक सेवक नहीं है, इसलिए उसे अग्रिम ज़मानत का लाभ दिया जाए। न्यायाधीश ने अपने आदेश में उसे लोक सेवक मानते हुए एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया। फिलहाल इस पूरे मामले में लोकायुक्त, आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय, तीनों एजेंसियां जांच में जुटी हुई है।   recent visitors 98

पर्वतदान (अन्न) एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 छत्तीसगढ़ के कण कण में बसी हुई है भगवान श्रीराम की स्मृतियां – मुख्यमंत्री साय मां नाथल दाई पर्यटन केंद्र के रूप में होगा विकसित  – मुख्यमंत्री साय पर्वतदान (अन्न) एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर हमारी सरकार लगातार लोगों की सुख-समृद्धि के लिए काम कर रही है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी, 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी से किसानों में समृद्धि आई है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से हर महीने 70 लाख माताओं-बहनों को एक हजार रुपए प्रति महीने की किश्त हम दे रहे हैं। देश के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा के लिए हम लोग मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना आरंभ करने जा रहे हैं। इस योजना के माध्यम से भी यात्रियों को निःशुल्क तीर्थ यात्रा का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के ग्राम टिमरलगा में आयोजित पर्वतदान (अन्न) एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही। सरकार लगातार लोगों की सुख-समृद्धि के लिए काम कर रही है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी, 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी से किसानों में समृद्धि आई है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से हर महीने 70 लाख माताओं-बहनों को एक हजार रुपए प्रति महीने की किश्त हम दे रहे हैं। देश के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा के लिए हम लोग मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना आरंभ करने जा रहे हैं। इस योजना के माध्यम से भी यात्रियों को निःशुल्क तीर्थ यात्रा का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के ग्राम टिमरलगा में आयोजित पर्वतदान (अन्न) एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्राम टिमरलगा में पर्वतदान एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि जब भी बड़े धार्मिक आयोजन होते हैं, आसपास का पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में सराबोर हो जाता है।छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है। यह वो धरती है जहां भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकतम समय बिताया। छत्तीसगढ़ की पावन धरती में शिवरीनारायण में माँ शबरी ने प्रभु श्रीराम को जूठे बेर खिलाये थे। हमारी छत्तीसगढ़ की भूमि बहुत पवित्र भूमि है। हमारे यहां वाल्मीकि जी का आश्रम तुरतुरिया में है।वाल्मीकि आश्रम ही वह भूमि है जहां लव और कुश ने अश्वमेध यज्ञ के घोड़े को पकड़ा था। छत्तीसगढ़ के कण कण में भगवान श्रीराम की स्मृतियां बसी हुई हैं। प्रभु श्रीराम की स्मृतियों को सहेजने के लिए हम लगातार कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  हम प्रदेश की पांच शक्तिपीठों को जोड़ने के लिए भी हम कार्य कर रहे हैं। हम लोगों ने त्रिवेणी संगम की नगरी राजिम में भी कुंभ मेले का पुनः आयोजन शुरू किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्राम टिमरलगा के माध्यमिक स्कूल का हाईस्कूल में उन्नयन, मां नाथल दाई को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने सौंदर्यीकरण, ग्राम टिमरलगा के उपस्वास्थ्य केंद्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन की घोषणा की। इस अवसर पर रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, श्रीमती केरा बाई मनहर,शमशेर सिंह, श्रीमती पुष्पा देवी सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 65