इसरो के चेयरमैन ने कहा- चांद पर अब इंसान भेजने की भी हो गई तैयारी, बताया किस साल लहराएगा तिरंगा

नई दिल्ली भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद के चेयरमैन डॉ. एस सोमनाथ का कहना है कि भारत 2040 में चांद पर लैंडिंग करेगा। उन्होंने कहा कि हम इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू करने वाले हैं और इंसान को चांद पर लैंड कराएंगे। यही नहीं भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन भी 2035 में स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है। स्पेस स्टेशन मॉड्यूल की लॉन्चिंग 2028 में की जाएगी और फिर अगले 7 सालों में यह अभियान पूरा हो जाएगा। भारत के चंद्रयान मिशन की बड़ी सफलता के बाद इसरो का यह महत्वाकांक्षी अभियान पूरी दुनिया को अंतरिम में भारत की क्षमता को दिखाने वाला है। एस. सोमनाथ ने कहा कि अगले 15 सालों का रोडमैप हमने तैयार कर लिया है और लॉन्ग टर्म विजन के साथ प्रयासों में जुटे हैं। नरेंद्र मोदी सरकार ने 31 हजार करोड़ रुपये का फंड इसरो के लिए जारी किया है। इसी पर बात करते हुए इसरो चीफ एस. सोमनाथ ने एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में कहा, 'मुझे विश्वास है कि यह साल हमारे लिए बहुत शानदार रहेगा। हम अपने मिशनों पर आगे बढ़ेंगे। इसके अलावा पीएम के विजन के आधार पर आगे का भी रोडमैप तय करेंगे। स्पेस प्रोग्राम के इतिहास में हमारे पास पहली बार अगले 25 सालों का प्लान तय है।' इस प्लान के तहत भारत अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने वाला है, जिसकी शुरुआत 2028 से होगी। इसके अलावा 2040 में भारत ने चांद पर इंसान को भेजने का लक्ष्य तय किया है। यह बेहद महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। डॉ. सोमनाथ ने कहा कि ऐसा कारनामा हम देश की आजादी की 100वीं वर्षगांठ पर करके दिखाएंगे। उन्होंने कहा, 'हम जब देश की आजादी की 100वीं सालगिरह मनाएंगे तो भारत का झंडा भी चांद पर लहराएगा। हमारा एक यात्री वहां जाएगा और वहीं पर तिरंगा लहराकर लौटेगा। हमारा यह लक्ष्य वर्ष 2040 के लिए है।' इससे पहले चंद्रयान-4 मिशन पर काम चल रहा है। इसके तहत यह तय किया जाएगा कि चंद्रयान मिशन कैसे सुरक्षित वापस लौटकर भी दिखाए। फिलहाल भारत इस बात की तैयारी कर रहा है कि कैसे चंद्रयान मिशन के लिए पेलोड तैयार किए जाएं। लॉन्च वीकल आदि को विकसित किया जाए, जिससे चांद पर लैंडिंग के साथ ही सुरक्षित वापसी भी की जा सके। recent visitors 94

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क की सफलता एवं आगामी कार्य योजना पर विशेष कार्यक्रम आयोजित

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि सड़क निर्माण में ऐसी तकनीको का प्रयोग बढ़ाया जाएगा, जिससे प्रकृति संरक्षण और समावेशी विकास हो। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सड़कों के निर्माण में ग्रीन टेक्नोलॉजी में अगुआई करने वाला राज्य बनेगा। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि राज्य ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाय) के तीनों चरणों में उत्कृष्ट कार्य किया है, चौथे चरण में भी बेहतर काम होगा। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में योजना के सभी लक्ष्य समय सीमा में पूर्ण होंगे। मंत्री श्री पटेल मंगलवार को "प्रधानमंत्री ग्राम सड़क की सफलता 2000-2024 एवं आगामी कार्य योजना पर कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित विशेष कार्यक्रम मे शामिल हुए। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, संयुक्त सचिव श्री अमित शुक्ला, मुख्य कार्यपालन अधिकारी मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क प्राधिकरण श्री दीपक आर्य उपस्थित रहे। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की शुरुआत की। यह योजना से ग्रामीण विकास के लिए वरदान साबित हुई। उनकी जनशताब्दी पर योजना ने 25 वर्ष पूर्ण कर लिए है। उन्होंने कहा कि मनुष्य के शरीर में जिस तरह रीढ़ की हड्डी है, उसी तरह ग्रामीण सड़कों ने देश के विकास में अपना योगदान दिया है। मध्यप्रदेश ने योजना के प्रारंभ से ही उल्लेखनीय कार्य किए गए है। एमपीआरआरडीए के नवाचार ई-मार्ग, संवेग की सराहना केंद्र सरकार द्वारा की गई है, यह विशेष उपलब्धि है। प्राधिकरण द्वारा योजना के तहत बनाई गई 77 सड़कों का संधारण महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है, यह अत्यंत सराहनीय है। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि राज्य में 10 हजार किलोमीटर के अधिक सड़कें वेस्ट प्लास्टिक का उपयोग कर बनाई गई है और इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। मंत्री श्री पटेल कहा कि जनजातीय समुदायों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का काम भी इस योजना ने किया है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित जिलों में सड़कों के बनने से सरकार की पहुंच बढ़ी है। उन्होंने बताया कि कैसे नरसिंहपुर जिले के जनजातीय गांव बमनी तक सड़क बनने से शेष गांव भी लाभान्वित हुए। उन्होंने पीएम जनमन योजना में जनजातीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो बसाहटें सड़क विहीन हैं, उन्हें इस योजना के आगामी चौथे चरण में शामिल किया जायेगा। वर्कशॉप में आगामी कार्ययोजना और संभावित चुनौतियों और उनके समाधान पर भी विचार विमर्श हो। प्रमुख सचिव श्रीमती रस्तोगी ने कहा कि पीएमजीएसवाय की सफलता का कारण योजना की सेंट्रलाइज्ड प्लानिंग है। मध्यप्रदेश हमेशा इस योजना के क्रियान्वयन में अव्वल रहा है, हम आगे भी अग्रणी रहेंगे। आगामी योजना में नई टेक्नोलॉजी के उपयोग पर अधिक जोर दिया जाएगा साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी भी बढ़ाई जाएगी। संयुक्त सचिव श्री शुक्ला ने कहा कि योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में कई नवाचार किए गए हैं, जो सराहनीय है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का चौथा चरण प्रारंभ हो रहा है। इस चरण में 2011 की जनसंख्या अनुसार मैदानी इलाकों में 500+, पूर्वोत्तर एवं पहाड़ी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों, विशेष श्रेणी क्षेत्रों (जनजातीय अनुसूची V, आकांक्षी जिले/ब्लॉक, रेगिस्तानी क्षेत्र) में 250+ की जनसंख्या से अधिक बसाहटों को जोड़ा जायेगा। सर्वे कार्य जनवरी 2025 तक पूर्ण होगा। सड़क निर्माण के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों को शामिल किया जाएगा, कोल्ड मिक्स प्रौद्योगिकी, अपशिष्ट प्लास्टिक, पैनलयुक्त सीमेंट कंक्रीट, सेल-भरे कंक्रीट तथा अन्य अपशिष्ट, फ्लाई ऐश और स्टील धातुमल का उपयोग होगा। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर स्थानीय जन-प्रतिनिधियों के साथ मिलकर कार्य योजना बनाई जाए। योजना के लिए कार्य योजना पीएम गति शक्ति पोर्टल के माध्यम से बनाई जाएगी, साथ ही पोर्टल पर उपलब्ध नियोजन टूल डीपीआर तैयार करने में भी सहायक होगा। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आर्य ने कहा कि मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विगत तीन वर्षों से सड़क निर्माण एवं गुणवत्ता में अग्रणी होने से केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश को पुरस्कृत किया है। राज्य में आई टी टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा। प्राधिकरण द्वारा विकसित ई-मार्ग सॉफ्टवेयर सम्पूर्ण देश में लागू किया गया है। यह गर्व का विषय है। संवेग पोर्टल से सड़को का संधारण बेहतर हो रहा है। नवीन टेक्नोलॉजी समावेश, कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए राज्य में प्रशिक्षण अकादमी भी स्थापित की गई है। इस अवसर पर पीएमजीएसवाय की उपलब्धियों पर आधारित फिल्म दिखाई गई। मुख्य अभियंता आरआरडीए श्री विजय गुप्ता ने आभार व्यक्त किया।   recent visitors 70

19 फरवरी को कराची से शुरू होगा आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का आगाज, 9 मार्च को खेला जायेगा फाईनल मैच

नई दिल्ली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फिक्स्चर और ग्रुप की घोषणा आईसीसी ने कर दी है। यह टूर्नामेंट 19 फरवरी को कराची में शुरू होगा और फाइनल 9 मार्च को होगा। आठ टीमों के इस टूर्नामेंट में 15 मैच होंगे और यह प्रतियोगिता पाकिस्तान और दुबई में खेली जाएगी। पाकिस्तान में, रावलपिंडी, लाहौर और कराची में तीन जगहों पर मैच खेले जाएंगे। पाकिस्तान में प्रत्येक जगह पर तीन ग्रुप गेम होंगे, जिसमें लाहौर दूसरे सेमीफाइनल की मेजबानी भी करेगा। जबकि भारत से जुड़े तीन ग्रुप मैचों के साथ-साथ पहला सेमीफाइनल दुबई में खेला जाएगा। 9 मार्च को लाहौर में फाइनल होगा। लेकिन अगर भारत फाइनल के लिए क्वालीफाई करता है, उस स्थिति में यह दुबई में खेला जाएगा। दोनों सेमीफाइनल और फाइनल में रिजर्व डे होंगे। पाकिस्तान 19 फरवरी को कराची में ग्रुप ए टूर्नामेंट ओपनर में न्यूजीलैंड से भिड़ेगा। भारत और पाकिस्तान के मैच के साथ दुबई लेग अगले दिन से शुरू होगा। ग्रुप बी की शुरुआत 21 फरवरी को होगी, जब अफगानिस्तान कराची में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैदान में उतरेगा। शनिवार (22 फरवरी) को लाहौर में प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया आमने-सामने होंगे, और अगले दिन (23 फरवरी) बहुप्रतीक्षित पाकिस्तान-भारत मैच होगा। यह मैच दुबई में खेला जाएगा। बता दें कि चैंपियंस ट्रॉफी में प्रतिस्पर्धा करने वाली आठ टीमें आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2023 के अंकों की तालिका में शीर्ष आठ स्थानों पर रही टीमें हैं। टूर्नामेंट के ग्रुप ए में मौजूदा चैंपियंस ट्रॉफी धारक और मेजबान पाकिस्तान, भारत, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश शामिल हैं, जबकि ग्रुप बी में क्रिकेट विश्व कप 2023 के चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। चैंपियंस ट्रॉफी का कार्यक्रम: 19 फरवरी: पाकिस्तान बनाम न्यूजीलैंड, कराची, पाकिस्तान 20 फरवरी: बांग्लादेश बनाम भारत, दुबई 21 फरवरी: अफगानिस्तान बनाम दक्षिण अफ्रीका, कराची, पाकिस्तान 22 फरवरी: ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड, लाहौर, पाकिस्तान 23 फरवरी: पाकिस्तान बनाम भारत, दुबई 24 फरवरी: बांग्लादेश बनाम न्यूजीलैंड, रावलपिंडी, पाकिस्तान 25 फरवरी: ऑस्ट्रेलिया बनाम दक्षिण अफ्रीका, रावलपिंडी, पाकिस्तान 26 फरवरी: अफगानिस्तान बनाम इंग्लैंड, लाहौर, पाकिस्तान 27 फरवरी: पाकिस्तान बनाम बांग्लादेश, रावलपिंडी, पाकिस्तान 28 फरवरी: अफगानिस्तान बनाम ऑस्ट्रेलिया, लाहौर, पाकिस्तान 1 मार्च: दक्षिण अफ्रीका बनाम इंग्लैंड, कराची, पाकिस्तान 2 मार्च: न्यूजीलैंड बनाम भारत, दुबई 4 मार्च: सेमीफाइनल 1, दुबई 5 मार्च: सेमीफाइनल 2, लाहौर, पाकिस्तान 9 मार्च: फाइनल, लाहौर (जब तक भारत क्वालीफाई नहीं करता, तब तक यह दुबई में खेला जाएगा) 10 मार्च: रिजर्व डे recent visitors 46

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति का अपना विशेष महत्व है, मनुष्य जीवन सत्कर्म के लिए प्राप्त हुआ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति का अपना विशेष महत्व है। मनुष्य जीवन सत्कर्म के लिए प्राप्त हुआ है। कथा श्रवण के माध्यम से हमें जीवन दर्शन की राह मिलती है, जो हमें सदमार्ग की ओर चलने के लिए सदैव प्रेरित करती है। गौमाता की सेवा भगवान की सेवा के समान है। संत कमल किशोर नागर महाराज गौसेवा के एक बड़े संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे है। संत श्री के प्रयासों से मालवा, निमाड़, जनजाति अंचल सहित प्रदेश भर में गौमाताओं के पालन का दायित्व निस्वार्थ भाव से किया जा रहा है, जो प्रशंसनीय और वंदनीय है। भगवत गीता से हमें कर्म के प्रति आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है, इसलिए आवश्यक है कि प्रत्येक व्यक्ति ऐसे सदकर्म करें, जिससे उनकी भावी पीढ़ी पुण्य के मार्ग पर चले और मनुष्य जीवन को सार्थक बनाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को इंदौर जिले के सांवेर स्थित चित्तौडा में श्रीमद्भागवत गौशाला में आयोजित भागवत कथा में उपस्थित श्रृद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमद्भागवत गौशाला चित्तौडा की भूमि को गौशाला के नाम करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गीता जयंती के आयोजन से पूरे प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण के कर्म के संदेश को पहुंचाने का कार्य किया गया है। संत श्री कमल किशोर जी नागर के द्वारा निस्वार्थ भाव से गौशाला संचालन के लिए जो पुनीत कार्य की अलख जगाई गई है, वह वंदनीय है। संत श्री ने गौशाला संचालन के साथ कई आदर्श निर्मित किए हैं, जो समाज को एक नई दिशा देने का कार्य कर रहे है। उन्होंने प्रदेश के जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट के प्रयासों की भी सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नदी जोड़ो अभियान विकास को एक नई दिशा देने का काम करेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 25 दिसम्बर को केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान  के माध्यम से विकास को एक नई दिशा देंगे। उन्होंने कहा प्रदेश में दो नदी जोड़ो अभियान से लगभग 25 जिलों के बडे़ क्षेत्रों में सिंचाई का रकबा बढे़गा, जिससे मालवा और बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। नदी जोड़ो अभियान से प्रदेश का बड़ा क्षेत्र लाभान्वित होगा।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गोवंश पालन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। घर-घर गोपाल और गांव-गांव वृंदावन बने, इसके लिए प्रदेश के 313 ब्लॉक के एक-एक गांव में जहां 500 से अधिक गोवंश होगा, उनको वृंदावन गांव बनाकर आदर्श रूप में विकसित करेंगे। वहीं 10 से अधिक गौमाता पालने वाले पशुपालकों को अनुदान देकर प्रोत्साहित करेंगे ताकि घर-घर गोपाल बने। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दूध खरीदी पर बोनस भी दिया जाएगा। हमारा लक्ष्य कि जिससे घर-घर दूध उत्पादन बढ़े और प्रदेश दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गोपालन के प्रति लोगों में रुचि बढे़, इसके लिए विशेष प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने संत कमल किशोर जी नागर द्वारा गोवंश संरक्षण एवं गौशाला के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यास पीठ का पूजन कर संत श्री नागर का शाल भेंट कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का साफा बांधकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री चिंदू वर्मा सहित श्रीमद्भागवत गौ-शाला चित्तौडा के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में धर्मावलंबी उपस्थित थे। recent visitors 62

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्लीवासियों को 24 घंटे साफ पानी देने का वादा किया

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही आम आदमी पार्टी (AAP) ने फिर से बड़े वादे करना शुरू कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्लीवासियों को 24 घंटे साफ पानी देने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए विशेष प्लांट लगाए जाएंगे, जो पानी से अमोनिया हटाएंगे, और साथ ही 2,500 ट्यूबवेल भी लगाए जाएंगे। 24 घंटे मिलेगा साफ पानी आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को यहां राजिंदर नगर इलाके में पांडव नगर डीडीए फ्लैटों में चौबीसों घंटे पानी की आपूर्ति शुरू की। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "जब हम 10 साल पहले दिल्ली में सत्ता में आए थे, तब करीब 50-60 फीसदी पानी टैंकरों से सप्लाई होता था। टैंकर माफिया हुआ करते थे। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि आज, 10 साल बाद, दिल्ली के 97 फीसदी हिस्से में पाइपलाइन से पानी आता है।"  हमने वादा किया था कि दिल्ली के हर घर में 24 घंटे साफ़ पानी पहुँचाएंगे। यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इसकी शुरुआत हो चुकी है। राजेंद्र नगर विधानसभा में जाकर मैंने ख़ुद टोंटी से पानी पिया, पानी एकदम साफ़-सुथरा है। अब पूरी दिल्ली को नल से 24 घंटे साफ़ पानी मिलेगा। उन्होंने कहा, "आज, राजिंदर नगर में चौबीसों घंटे साफ पानी की आपूर्ति शुरू हो गई है और हम आने वाले समय में इसे पूरी दिल्ली में लागू करेंगे।" यह दिखाने के लिए कि पानी साफ है, केजरीवाल ने सीधे नल से पानी पिया। आप प्रमुख के साथ दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और स्थानीय विधायक दुर्गेश पाठक भी थे। आप ने अगले साल फरवरी में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए राजिंदर नगर निर्वाचन क्षेत्र से पाठक को मैदान में उतारा है। केजरीवाल के अन्य वादे केजरीवाल ने 2025 में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कई और बड़े वादे किए हैं। इनमें से एक बड़ा वादा है कि अगर AAP फिर से सत्ता में आई, तो हर पात्र महिला को हर महीने 2100 रुपये दिए जाएंगे। इस योजना का लाभ 18 साल और उससे ऊपर की हर महिला को मिलेगा, इसके लिए उन्हें रजिस्ट्रेशन कराना होगा।इसके अलावा, केजरीवाल ने दलित समाज के लिए भी एक अहम घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जो भी दलित छात्र विदेश में पढ़ना चाहते हैं, दिल्ली सरकार उनका पूरा खर्च उठाएगी। इन वादों के साथ, आम आदमी पार्टी विधानसभा चुनाव से पहले अपनी चुनावी तैयारियों में जुटी हुई है और दिल्लीवासियों को बेहतर सुविधाएं देने का वादा कर रही है। recent visitors 69

प्रधानमंत्री मोदी देश की पहली ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना का करेंगे लोकार्पण

प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसंबर को खजुराहो में करेंगे देश की पहली केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की 100वीं जयंती पर मध्यप्रदेश को देंगे अनेक सौगातें प्रधानमंत्री मोदी देश की पहली ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना का करेंगे लोकार्पण 1153 अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन और प्रथम किश्त का करेंगे वितरण पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की स्मृति में स्टॉम्प और सिक्का करेंगे जारी भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री भारत-रत्न से सम्मानित स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर मध्यप्रदेश के खजुराहो में देश की पहली महत्वाकांक्षी और बहुउद्देशीय केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी देश की पहली ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना का लोकार्पण और 1153 अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की स्मृति में स्टॉम्प और सिक्का भी जारी करेंगे। देश को नदी जोड़ो की परिकल्पना देने वाले युगदृष्टा स्व. वाजपेयी की जयंती पर यह मध्यप्रदेश के लिए एक बड़ी सौगात होगी। प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को दोपहर 12:10 बजे खजुराहो आयेंगे और दोपहर 2:20 बजे दिल्ली के लिये रवाना होंगे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। सिंचाई के साथ पेयजल की सुविधा प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस परियोजना के शिलान्यास के साथ ही स्व. वाजपेयी का नदी जोड़ो का सपना मध्यप्रदेश में मूर्त रूप लेगा। केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना, देश में भूमिगत दाब युक्त पाइप सिंचाई प्रणाली अपनाने वाली सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना है। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के 10 जिलों छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा और सागर में 8 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा मिलेगी और 44 लाख किसान परिवार लाभान्वित होंगे। फसलों के उत्पादन एवं किसानों की आय में वृद्धि से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण से हरित ऊर्जा में 103 मेगावॉट योगदान के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। बेहतर जल प्रबंधन एवं औद्योगिक इकाइयों को पर्याप्त जल आपूर्ति से औद्योगिक विकास होगा और रोजगार को बढ़ावा भी मिलेगा। इस परियोजना से उत्तर प्रदेश में 59 हजार हेक्टेयर वार्षिक सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी एवं 1.92 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मौजूदा सिंचाई का स्थिरीकरण किया जायेगा, जिससे उत्तर प्रदेश के महोबा, झांसी, ललितपुर एवं बांदा जिलों में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। परियोजना से मध्यप्रदेश की 44 लाख और उत्तर प्रदेश की 21 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी। ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना प्रधानमंत्री मोदी मध्यप्रदेश के खण्डवा जिले के ओंकारेश्वर में स्थापित फ्लोटिंग सौर परियोजना का लोकार्पण करेंगे। परियोजना के प्रथम चरण में इस वर्ष अक्टूबर माह से पूर्ण क्षमता से विद्युत उत्पादन प्रारंभ हो गया है। परियोजना के द्वितीय चरण की 240 मेगावॉट क्षमता के लिये एमपीपीएसीए से आवश्यक सहमति उपरांत चयनित विकासक "सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड" से अनुबंध हस्ताक्षरित किया जाना प्रस्तावित है। पुण्य सलिला माँ नर्मदा के ऊपर ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना को प्रदेश की जनता को समर्पित करना प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और ग्रीन ऊर्जा के प्रति सरकार के सतत प्रयासों को प्रदर्शित करता है। अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री मोदी मध्यप्रदेश में 1153 अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन कर प्रथम किश्त का वितरण भी करेंगे। प्रदेश की 23 हजार ग्राम पंचायतों में से भवन विहीन, जीर्ण-शीर्ण भवन और अनुपयोगी 2500 ग्राम पंचायतों को नवीन भवन की स्वीकृति के लिये चिन्हित किया गया है। प्रारंभिक चरण में 1153 नवीन पंचायत भवनों के लिये 437.62 करोड़ रूपये के कार्य स्वीकृत किये गये हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी का मत था कि पंचायत भवन, ग्राम पंचायत की सर्वाधिक मूल एवं महत्वपूर्ण अधोसरंचना है। इन भवनों की ग्राम पंचायतों के व्यवहारिक रूप से कार्य एवं दायित्वों के संवहन और कार्य संपादन में महत्वपूर्ण भूमिका है। मध्यप्रदेश सरकार ने पंचायतों को सशक्त करने के लिये समस्त ग्राम पंचायतों में नवीन पंचायत भवन एवं क्लस्टर स्तर पर क्लस्टर पंचायत भवन स्वीकृत करने का निर्णय लिया है।   recent visitors 59

प्रदेश में 4 दिन तक ओले-पानी, कोहरे का अलर्ट, 4 दिन तक बिगड़ा रहेगा मौसम, भिंड और सीहोर में रात भर से हो रही रिमझिम बारिश

भोपाल नए साल से पहले मध्यप्रदेश में मौसम के अलग अलग रुप देखने को मिल रहा है। ठंड-कोहरे के बीच बादल-बारिश और ओले की स्थिति बनी हुई है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग का मौसम बदला ही रहेगा।खास करके 27 दिसंबर को मौसम सबसे ज्यादा खराब रहने का अनुमान है। 28 दिसंबर तक प्रदेश में कहीं कहीं बारिश होगी तो कुछ स्थानों पर ओले गिरने की संभावना है। इस दौरान अगले 5 दिनों तक दिन-रात के तापमान में भी 2 से 4 डिग्री की वृद्धि होगी लेकिन ठंडी हवाओं से रात में ठिठुरन रहेगी।जनवरी से फिर मौसम करवट लेगा और तापमान के गिरते ही कड़ाके की ठंड के साथ शीतलहर कोहरा का प्रभाव देखने को मिलेगा। मध्यप्रदेश में अगले 4 दिन तक ओले, बारिश और कोहरा रहेगा। वहीं, रात में ठंडी हवाओं से ठिठुरन रहेगी। कई जिलों में लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी बादल छाए हुए हैं। भिंड और सीहोर के कई क्षेत्रों में रात भर से हो रही रिमझिम बारिश आज सुबह भी जारी रही। इससे पहले सोमवार को भी मौसम बदला रहा। भोपाल समेत कई जिलों में बादल छाए रहे। इससे दिन के टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 27 दिसंबर को सिस्टम सबसे ज्यादा स्ट्रॉन्ग रहने का अनुमान जताया है। इस दिन भोपाल, ग्वालियर समेत 21 जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट है। वहीं, अन्य जिलों में हल्की बारिश, गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के असर से मौसम का मिजाज बदला रहेगा। राजस्थान के ऊपर भी एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) की एक्टिविटी रहेगी। जिससे बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम     24 दिसंबर: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, खरगोन, विदिशा, गुना और अशोकनगर में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। इनमें से अशोकनगर, निवाड़ी और छतरपुर में गरज-चमक की स्थिति भी रहेगी।     25 दिसंबर: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, अशोकनगर और गुना में कोहरा रहेगा।     26 दिसंबर: इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर और गुना में हल्की बारिश का दौर रहेगा। इनमें से ज्यादातर जिलों में गरज-चमक की स्थिति भी बनी रहेगी।     27 दिसंबर: भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, सीहोर, शाजापुर, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा में आंधी, बारिश और गरज-चमक का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, आगर-मालवा, नीमच, राजगढ़, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, जबलपुर, कटनी और उमरिया में गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। इस बार सीजन का पहला मावठा पड़ेगा मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर के महीने में प्रदेश में बारिश का ट्रेंड रहता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही मौसम है। इस बार भी मौसम बदल गया है। शनिवार को छिंदवाड़ा में बारिश भी हुई थी। वहीं, सोमवार को बादल छा गए हैं। सिस्टम गुजरने के बाद ठंड का असर इस बार मौसम का मिजाज बदला हुआ है। अमूमन दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में कड़ाके की ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार पहले ही पखवाड़े में ऐसी ठंड रही। आखिरी दिनों में बारिश की एक्टिविटी रहेगी। इसके गुजरने के बाद एक बार फिर कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाएगा, जो पूरे जनवरी महीने तक चलेगा। रात के तापमान में बढ़ोतरी, नौगांव-पचमढ़ी सबसे ठंडे प्रदेश के ज्यादातर शहरों से कड़ाके की ठंड का दौर खत्म हो गया है। ऐसा उत्तरी हवाओं के नहीं आने और वेस्टर्न डिस्टरबेंस की एक्टिविटी की वजह से हुआ है। जिससे रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। रविवार-सोमवार की रात में नौगांव में 6.2 डिग्री, पचमढ़ी में 7.9 डिग्री, खजुराहो-मंडला में 8 डिग्री, टीकमगढ़ में 8.2 डिग्री, रायसेन में 9.2 डिग्री और उमरिया में 9.4 डिग्री तापमान रहा। बाकी जिलों में पारा 10 डिग्री के ऊपर ही दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में सबसे ज्यादा 14.6 डिग्री, उज्जैन में 13.5 डिग्री, जबलपुर में 10.4 डिग्री, भोपाल में 10.2 डिग्री और ग्वालियर में पारा 9.3 डिग्री रहा। recent visitors 85