कोलार सिक्सलेन रोड 15 किलोमीटर लंबी सड़क को नगर निगम प्रशासन ग्रीन कॉरिडोर के तौर पर विकसित करेगा

भोपाल  एमपी के भोपाल शहर में कोलार सिक्सलेन रोड यानी कोलार गेस्ट तिराहे से लेकर गोल जोड़ तिराहे तक करीब 15 किलोमीटर लंबी सड़क को नगर निगम प्रशासन ग्रीन कॉरिडोर के तौर पर विकसित कर रहा है।  राजधानी की सबसे पहली और बड़ी सिक्सलेन सड़क पर नगर निगम प्रशासन करीब 10 करोड़ रुपए की राशि से 15 किलोमीटर के दायरे में लगभग 20 हजार से अधिक पौधे लगाएंगी। यह काम नगर निगम प्रशासन अगले महीने यानी जून से शुरू करने वाली है। नगर निगम प्रशासन करेगा काम सेन्ट्रल वर्ज में ये पौधे लगाए जाएंगे और इनकी सुरक्षा को लेकर करीब तीन फीट ऊंची रैलिंग भी लगाई जाएगी। नगर निगम प्रशासन ने इस काम को लेकर अपनी कार्ययोजना बना ली है। इस संबंध में काम करने के लिए योजना के हिसाब से काम अंतिम चरणों में काम चल रहा है। जल्द ही इसे मूर्त रुप देने के लिए नगर निगम प्रशासन काम शुरू करेगा। लगातार हो रही हैं बैठकें, जल्द शुरू होगा काम हाल ही में ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने के लिए विधायक रामेश्वर शर्मा ने निगम प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। गौरतलब है कि करीब छह महीने पहले कोलार सिक्सलेन सड़क बनकर तैयार हो चुकी है, यहां से लगातार आवाजाही भी सुचारू हो गई है। लेकिन अब तक इसका औपचारिक शुभारंभ नहीं हुआ है। ऐसे में अभी इस रोड पर बचे हुए कामों को पूरा किया जा रहा है। लगभग 325 करोड़ रुपए की राशि से कोलार सिक्सलेन सड़क को विकसित किया गया है। recent visitors 73

रिसर्च : Energy Drinks बच्चों की किडनी को नुकसान पहुंचा रही,दिल की बीमारी, घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर भी दे रही

नई दिल्ली एनर्जी ड्रिंक्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है. आज कल हर किसी के हाथ में एनर्जी ड्रिंक देखने को मिल जाती है. ये दिखने में भले ही मजेदार और इंस्टेंट एनर्जी देने वाली लगें, लेकिन ये बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. हाल के एक रिसर्च में पाया गया है कि ये ड्रिंक्स बच्चों की किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं. साथ ही, ये दिल की बीमारी, घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर और नींद की दिक्कत जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकते हैं. एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन और बहुत ज्यादा चीनी होती है, जो छोटे बच्चों के शरीर के लिए ठीक नहीं होती. इसलिए डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि बच्चों को एनर्जी ड्रिंक नहीं पीनी चाहिए. आज हम आपको बताएंगे कि एनर्जी ड्रिंक्स पीने से आपके बच्चे की हेल्थ पर क्या बुरा असर पड़ता है. डिहाइड्रेशन एनर्जी ड्रिंक्स किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं और इसका एक मुख्य कारण डिहाइड्रेशन है. इन ड्रिंक्स में अक्सर बहुत ज्यादा कैफीन होता है, जिससे शरीर में ज्यादा पेशाब बनता है. इससे बच्चों को बार-बार बाथरूम जाना पड़ता है और उनके शरीर से जरूरी फ्लूइड्स निकल जाते हैं. किडनी स्टोन होने का खतरा बढ़ता है एनर्जी ड्रिंक्स रिडनी स्टोन के जोखिम को बढ़ा सकते हैं. एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन, सोडियम और फॉस्फोरिक एसिड के साथ-साथ चीनी फ्रुक्टोज का लेवल ज्यादा होता है. ये शरीर में ऐसे एलिमेंट्स बनने में मदद करते हैं, जो  किडनी स्टोन बना सकते हैं.   किडनी पर डालती हैं बुरा असर एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद ज्यादा चीनी भी एक बड़ी चिंता है. ज्यादा चीनी खाने से मोटापा और डायबिटीज हो सकती है, जो किडनी की बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं. बच्चों के लिए बहुत ज्यादा मीठे एनर्जी ड्रिंक्स पीना आगे चलकर किडनी के खराब होने जैसी गंभीर दिक्कतें ला सकता है. ब्लड प्रेशर बढ़ाते हैं एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद ऐसे कई एलिमेंट्स होते हैं, जो ब्लड प्रेशर और हार्ट बीट को बढ़ा सकती हैं. हाई ब्लड प्रेशर किडनी डैमेज होने का एक मुख्य कारण होता है.   एक्यूट किडनी इंजुरी बहुत ज्यादा एनर्जी ड्रिंक पीना, खासकर जब आप ज्यादा एक्सरसाइज करते हों तो वो बच्चों की किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है. इन ड्रिंक्स में टॉरिन होता है, जो किडनी पर बुरा असर करता है. बच्चों के किडनी अभी पूरी तरह डेवलप नहीं बने होती, इसलिए यह ज्यादा खतरा होता है. ऊर्जा पेय क्या हैं? विशेषज्ञों का कहना है कि एनर्जी ड्रिंक्स ऐसे पेय पदार्थ हैं, जिनमें कैफीन के अलावा अतिरिक्त चीनी और कानूनी उत्तेजक पदार्थ होते हैं, जिनका उपयोग सतर्कता और ऊर्जा बढ़ाने के लिए किया जाता है। भले ही वे अल्पावधि में दिन भर आपकी सहनशक्ति को बढ़ा सकते हैं, लेकिन कैफीन शरीर से बाहर निकलने के बाद भी लंबे समय तक भारी प्रभाव डाल सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार , एनर्जी ड्रिंक बच्चों और किशोरों के लिए उपयुक्त नहीं हैं। उनके विकासशील अंगों- मस्तिष्क, हृदय या गुर्दे- के कारण ये पेय पदार्थ आवेग नियंत्रण को कम करते हैं, और छोटे शरीर के आकार कैफीन के सेवन के प्रभावों और जोखिमों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।  सोने में कठिनाई के अलावा,अधिकांश युवाओं में क्रोनिक किडनी संबंधी समस्याएं विकसित होती हैंडॉ. जैन ने कहा, "एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन की मात्रा बहुत अधिक होती है (प्रति सर्विंग 150-300 मिलीग्राम), जो एक सामान्य कप कॉफी से कहीं अधिक है। कैफीन एक मूत्रवर्धक है, जिससे शरीर में अधिक मूत्र बनता है और व्यक्ति निर्जलित हो सकता है, जिससे हृदय और गुर्दे पर अधिक दबाव पड़ता है।" ऊर्जा पेय आपके बच्चे के गुर्दे को कैसे नुकसान पहुंचाते हैं?     निर्जलीकरण का कारण बनता है     गुर्दे की पथरी का खतरा     गुर्दे की कार्यप्रणाली पर प्रभाव     तीव्र किडनी चोट का जोखिम बढ़ जाता है ऊर्जा पेय पीने के दीर्घकालिक प्रभाव डॉ. जैन ने बताया कि यदि आपका बच्चा लम्बे समय तक एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन करता है, तो उसे निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:     बहुत अधिक चीनी से मोटापा और मधुमेह होता है; दोनों ही मधुमेह के प्रमुख जोखिम कारक हैं।दीर्घकालिक वृक्क रोग(सीकेडी)     कृत्रिम मिठास वाले पदार्थों में गुर्दे की कार्यप्रणाली में बाधा उत्पन्न करने तथा अपशिष्ट और तरल पदार्थों के प्रसंस्करण के तरीके को बदलने की क्षमता होती है     कोला और एनर्जी ड्रिंक्स में बड़ी मात्रा में मौजूद फॉस्फोरिक एसिड गुर्दे की पथरी, कमजोर हड्डियों और रक्त वाहिकाओं के कैल्सीफिकेशन में योगदान देता है, जिसके परिणामस्वरूप दिल का दौरा और स्ट्रोक हो सकता है     मधुमेह के साथ-साथ बढ़ता रक्तचाप क्रोनिक किडनी रोग का प्रमुख कारण है     एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन और उत्तेजक पदार्थ रक्तचाप और हृदय गति के स्तर को बढ़ाते हैं, जिससे किडनी के कार्य पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है एक स्वस्थ, प्राकृतिक विकल्प जिसे बच्चों को पीने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए डॉ. जैन के अनुसार, माता-पिता के रूप में, आप अपने बच्चे को अपने शरीर को हाइड्रेट करने और अपनी प्यास बुझाने के लिए बहुत सारा पानी पीने की आदत डाल सकते हैं। आप अन्य पेय पदार्थों की जगह पानी चुनकर और उनके भोजन के साथ पानी परोसकर इस व्यवहार को अपना सकते हैं। हालाँकि, कुछ अन्य स्वस्थ विकल्प इस प्रकार हैं:     बिना मीठा किया हुआ नारियल पानी     100 प्रतिशत पतला फलों का रस     कम वसा वाला दूध या दूध के विकल्प     हर्बल चाय     हरी चाय     ताजे फलों का उपयोग करके घर पर बनाई गई स्मूदी     recent visitors 176

भारत अब अगले 2.5 से 3 वर्षों में जर्मनी को हटाकर तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा

नई दिल्ली भारत जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और अब अगले 2.5 से 3 वर्षों में जर्मनी को हटाकर तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बीवीआर सुब्रह्मण्यम 25 मई 2025 को लुटियन दिल्ली में एक बड़े कॉन्फ्रेंस हॉल में बैठकर पत्रकारों के सामने जब यह ऐलान कर रहे थे, तब नरेंद्र मोदी के भारत के प्रधानमंत्री के तीसरे कार्यकाल के तौर पर 4018 दिन गुजर चुके थे। मोदी ने 26 मई 2014 को भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और आज 26 मई 2025 है यानी पीएम के तौर उनके कार्यकाल का आज 4019वां दिन है। इनमें 1148 वीकेंड, 122 हॉलीडेज और 2747 कामकाजी दिन शामिल हैं। दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था सुब्रह्मण्यम 10वीं नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे जिसमें उन्होंने कहा, "मैं जब बोल रहा हूं, तब हम दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और 4 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी हैं और यह मेरा डेटा नहीं है। यह आईएमएफ का डेटा है। आज भारत जापान से भी बड़ी अर्थव्यवस्था है।" उन्होंने बताया, "केवल संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और जर्मनी ही हमसे बड़े हैं और जो योजना बनाई जा रही है, अगर हम उसी पर टिके रहते हैं, तो भारत अगले 2, 2.5 से 3 वर्षों में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।" मोदी के कार्यकाल का कुल हासिल प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के कार्यकाल का कुल हासिल भारत का दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाना है…और अगर अर्थव्यवस्था के हिसाब-किताब की नजर में प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी के कार्यकाल के दिनों को देखा जाए तो पीएम मोदी अब तक जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बाद सबसे ज़्यादा समय तक चुने हुए प्रधानमंत्री हैं। नेहरू और इंदिरा गांधी मुख्यमंत्री नहीं थे। लेकिन वे 6,130 और 5,829 दिनों तक प्रधानमंत्री रहे। 26 मई 2025 तक मोदी PM के तौर पर 4018 दिनों से ज़्यादा समय पूरा कर चुके हैं। इस लिस्ट में वह तीसरे पायदान पर पहुंच चुके हैं। उनसे पहले जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी हैं। मनमोहन सिंह तीसरे पायदान से खिसकर चौथे स्थान पर जा चुके हैं। जिस सड़क पर अर्थव्यवस्था दौड़ रही है, उसी रास्ते पर पीएम मोदी का कार्यकाल भी आगे बढ़ रहा है। माना जा रहा कि 2.5-3 साल में भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा, और यह भी संयोग देखिए कि नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए, मोदी को मार्च 2031 तक प्रधानमंत्री बने रहना होगा। सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री बने मोदी 17 सितंबर 2024 को नई दिल्ली स्थिति नेशनल मीडिया सेंटर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रेस कॉन्फ्रेंस याद कीजिए। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के 100 दिन पूरे होने पर आयोजित की गई थी। यह वह दिन भी था जब 17 सितंबर 1950 को जन्मे मोदी 74 वर्ष के हुए थे। उस दिन अमित शाह प्रधानमंत्री मोदी के के तीसरे कार्यकाल के शुरुआती 100 दिनों की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। तब उन्होंने कहा था… पीएम मोदी के 8 बड़े काम प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में कई बड़े फैसले लिए हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने कई फैसले लिए जिसमें आर्थिक सुधार और बुनियादी ढांचा को प्राथमिकता दी गई। 1. आर्थिक सुधार और बुनियादी ढांचा विकास: मोदी सरकार ने 2017 में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू किया, जिससे पूरे देश में एक समान कर व्यवस्था बनी। 'मेक इन इंडिया' अभियान के तहत घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिला और विदेशी निवेश आकर्षित किया गया। 'स्टार्टअप इंडिया' के जरिए नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया गया। बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में रिकॉर्ड स्तर पर सड़कें बनाई गईं और 'भारतमाला' व 'सागरमाला' जैसी योजनाएं शुरू की गईं। मेट्रो नेटवर्क भी देश के कई शहरों में तेजी से फैला। 2. जनकल्याण और सामाजिक योजनाएं: प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 50 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए जिससे वित्तीय समावेशन को बल मिला। उज्ज्वला योजना के माध्यम से 9 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 10 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए लाखों लोगों को घर मिले और आयुष्मान भारत योजना के तहत 50 करोड़ लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया गया। 3. डिजिटल और तकनीकी प्रगति: डिजिटल इंडिया अभियान के माध्यम से ई-गवर्नेंस को बढ़ावा मिला, ग्रामीण क्षेत्रों तक इंटरनेट पहुंचा और ऑनलाइन सरकारी सेवाएं आसान हुईं। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए भारत ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बनाई। देश में 5G सेवा की शुरुआत हुई और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे कदम भी उठाए गए। 4. राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा: 2016 और 2019 में भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक कर आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा दिया गया — तेजस लड़ाकू विमान, INS विक्रांत, अग्नि-V मिसाइल जैसे कई प्लेटफॉर्म विकसित हुए। माइनस्वीपर युद्धपोतों की योजना को फिर से शुरू किया गया ताकि हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों का मुकाबला किया जा सके। 5. विदेश नीति और वैश्विक पहचान: 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और 'इंडो-पैसिफिक रणनीति' के तहत भारत ने चीन के प्रभाव को संतुलित करने की दिशा में काम किया। अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों के साथ संबंध मजबूत किए। भारत ने 2023 में G20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति और मजबूत की। 6. शासन और संरचनात्मक सुधार: 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया, जिससे राज्य को विशेष दर्जा समाप्त हुआ। तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाकर मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाया गया। 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' योजना से प्रवासी मजदूरों को देश के किसी भी हिस्से में राशन मिलना संभव हुआ। 7. कृषि और ग्रामीण विकास: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के तहत किसानों को सीधे खातों में आर्थिक सहायता दी गई। 'सौभाग्य योजना' और 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' से गांवों में बिजली और सड़कें पहुंचीं। 'जल जीवन मिशन' के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य लिया गया। 8. क्राइसिस मैनेजमेंट: कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार ने … Read more

हिंदू लड़कियों को फंसाने के बाद इस्लाम की शिक्षा दे रहे, गिरोह में कई कॉलेज फैकल्टी के भी शामिल होने की बात पीड़िताओं ने बताई

 भोपाल  मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों में हिंदू लड़कियों के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग की कई घटनाएं हाल ही में एक-एककर सामने आई हैं। सभी घटनाओं में समान बात यह भी पता चली है कि आरोपित हिंदू लड़कियों को फंसाने के बाद उन्हें इस्लाम की शिक्षा दे रहे थे। आरोपित लड़कियों में सनातन परंपरा के विरुद्ध जहर भरते और फिर समझाते कि हमारी दुआ में बहुत ताकत होती है। उनका ब्रेन वाश कर उन्हें बताते थे कि कलमा क्या होता है। रोजा क्यों रखा जाता है। हमारे इस्लाम में पद्धति कठिन जरूर है लेकिन दुआ जल्दी स्वीकार होती है। पीड़ित लड़कियों के बयान और बरामद साक्ष्यों से ऐसे कई तथ्य मिले हैं, जिससे पता चलता है कि फरहान और उसके साथियों का यह संगठित अपराध कई वर्षों से चला आ रहा था। भोपाल में दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड के मुख्य आरोपित फरहान के ही मोबाइल में पुलिस को 64 लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। इनमें से 58 टीआईटी कॉलेज में पढ़ चुकी हैं। जोया लड़कियों को फोन करती थी हिंदू लड़कियों को फंसाने में फरहान की बहन जोया उसकी और अन्य आरोपितों की मदद किया करती थी। पीड़ित लड़कियों ने बताया कि जब वे फरहान से दूर जाने का प्रयास करती थी, तब जोया उन्हें फोन किया करती थी कि फरहान भाई अपसेट हैं। भाई आपको बहुत मानते हैं, आप उनसे एक बार बात कर लो। जोया भी वीडियो वायरल करने की धमकी देती थी एक पीड़िता ने जब जोया से दुष्कर्म और ब्लैकमेल की शिकायत की। उससे कहा कि फरहान के मोबाइल से वीडियो डिलीट कर दो, वह हमारे वीडियो वायरल करने की धमकी देता है, तो जोया ने डराया कि ज्यादा बोला तो भाई बाद में करेगा, मैं तेरे वीडियो पहले वायरल कर दूंगी। लापरवाही का चरम यह है कि इन तथ्यों के सामने आने के बाद भी भोपाल पुलिस ने जोया व फरहान के अन्य स्वजन को आरोपित नहीं बनाया। माता के जगराते में शामिल होते थे फरहान व अन्य आरोपित हिंदू लड़कियों को फंसाने और उनका विश्वास जीतने के लिए आरोपित माता के जगराते में भी शामिल होते थे। इसके बाद वे कहते कि आज से मैं भी वर्मा हो गया। जम्मू-कश्मीर और बंगाल के सर्वाधिक छात्र भोपाल स्थित टीआईटी कॉलेज में जिन हिंदू छात्राओं को लव जिहाद का शिकार बनाया गया, उस कॉलेज में जम्मू-कश्मीर और बंगाल के छात्र अधिक संख्या में प्रवेश लेते हैं। इनमें भी अधिकांश मुस्लिम वर्ग से आते हैं। यही वजह है कि कॉलेज प्रबंधन ने आरोपितों को बेजा संरक्षण दिया हुआ था। इस गिरोह में कई फैकल्टी के भी शामिल होने की बात पीड़िताओं ने बताई है। महंगी गाड़ियां, फाइव स्टार होटल और 50 लाख के ट्रांजैक्शन भोपाल में हिंदू छात्राओं से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग करने वाले गिरोह के मुस्लिम आरोपियों से बड़ा खुलासा हुआ है। उनके बैंक खातों की पड़ताल से उनकी फंडिंग पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की जांच के दौरान मुख्य आरोपी फरहान के दो बैंक खातों से करीब 50 लाख रुपये का लेनदेन मिला है। कमाल की बात यह है कि यह लेनदेन पिछले ढाई वर्षों में किया गया है। महंगी गाड़ियों और होटलों पर करता था खर्च प्रारंभिक तौर पर यह माना जा रहा है कि इन रुपयों के माध्यम से फरहान महंगी गाड़ियों और आलीशान होटलों में खर्च करता था और इसी तरह युवतियों को आकर्षित करता था। इसके बाद उन्हें अपने प्रेमजाल में फंसाकर उनसे दुष्कर्म करता, जिसका वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेलिंग करने लगता। आशंका है कि लेनदेन में बड़ी राशि इस काम के लिए बाहर से मिल रही वित्तीय मदद का हिस्सा हो सकती है। पुलिस ने साधी चुप्पी पुलिस ने इन बैंक खातों में हुए इस लेनदेन और फंडिंग की आशंकाओं पर अब तक चुप्पी ही साध रखी है। आपको बता दें कि करीब एक महीने की जांच के बावजूद पुलिस फंडिंग की बात से इनकार ही करती आ रही है, जबकि राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग और महिला आयोग की समिति ने आरोपियों की फंडिंग की जांच की अनुशंसा की थी। ढाई साल में 50 लाख के लेनदेन पर सवाल एक छात्र के बैंक खातों में महज ढाई साल में 50 लाख रुपये की राशि का लेनदेन एक बार फिर फंडिंग की ओर इशारा कर रहा है। बताया जा रहा है कि जांच में सामने आया है कि फरहान पुरानी गाड़ियां खरीदता-बेचता था। पहले वह बाइकों की डीलिंग करता था, जबकि एक साल से पुरानी कारों की खरीद-फरोख्त का काम भी कर रहा था। इस काम में अतीक नाम का एक युवक भी उसके साथ था। पुलिस ने उसके नाम से मिली छह से अधिक गाड़ियों को जब्त किया है। आशंका जताई जा रही है कि बैंक खाते में मिली लेनदेन की राशि इस कारोबार से भी जुड़ी हो सकती है। पीड़ित युवतियों के बैंक खातों का भी करता था इस्तेमाल वहीं, फरहान पीड़ित युवतियों के बैंक खातों का उपयोग भी शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए करता था। वह किसी तीसरे व्यक्ति के जरिए शेयर बाजार में पैसा लगाता। यहां लेनदेन के लिए चंगुल में फंसी छात्राओं का बैंक खाता इस्तेमाल किया जाता। पुलिस को शक है कि वह मनी म्यूल एकाउंट की तरह इन खातों का इस्तेमाल कर रहा था।  खुलासा :रेप और ब्लैकमेलिंग के पीछे बड़े नेटवर्क और फंडिंग की आशंका राजधानी भोपाल के एक प्राइवेट कॉलेज में हुए रेप और ब्लैकमेलिंग मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने गंभीर तथ्य उजागर किए हैं. आयोग ने इस मामले को संगठित अपराध और संभावित धर्मांतरण नेटवर्क से जोड़ा है. इस संबंध में तैयार की गई जांच रिपोर्ट राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेज दी है. दरअसल, भोपाल के एक प्राइवेट कॉलेज में कुछ छात्रों ने छात्राओं के साथ दुष्कर्म किया और इसका वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित छात्राओं पर दबाव डाला कि वे अपनी परिचित अन्य लड़कियों को भी उनसे दोस्ती करने के लिए लाएं, अन्यथा वीडियो को वायरल कर दिया जाएगा. मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर ने एक तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित … Read more

उप राष्ट्रपति धनखड़ ने जैविक उत्पादों, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण नवाचारों की प्रशंसा की

उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कृषि उद्योग समागम 2025 कृषि प्रदर्शनी का किया शुभारंभ कृषि प्रदर्शनी में आधुनिक कृषि तकनीकों, यंत्रों और नवाचारों का प्रदर्शन किया गया उप राष्ट्रपति धनखड़ ने जैविक उत्पादों, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण नवाचारों की प्रशंसा की  नरसिंहपुर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, राज्यपाल मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नरसिंहपुर में कृषि उद्योग समागम-2025 में कृषि प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। कृषि प्रदर्शनी में आधुनिक कृषि तकनीकों, यंत्रों और नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी में ड्रोन आधारित कृषि तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त उपकरण, पॉवर स्प्रेयर, सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र, जैविक एवं नैनो फर्टिलाइज़र सहित विविध नवीनतम संसाधनों को प्रदर्शित किया गया। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने सभी स्टॉलों का अवलोकन कर विकसित की गई तकनीकों की प्रशंसा की। उप राष्ट्रपति ने प्रदर्शनी में कृषकों से प्रत्यक्ष संवाद कर उत्पादों की गुणवत्ता, तकनीक एवं विपणन के विषय में जानकारी ली तथा उनके नवाचारों की सराहना की। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के प्रयासों की सराहना की एवं उन्हें आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए सशक्त कड़ी बताया। पशुपालन विभाग द्वारा आचार्य गोवंश संवर्धन योजना के अंतर्गत प्रदर्शनी में भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारू गायों का प्रदर्शन किया गया। इसमें गिर नस्ल की उस गाय को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया, हाल ही में आयोजित भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारु गाय प्रतियोगिता 2025 में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने स्वयं गाय को चारा खिलाकर गौसंवर्धन के प्रति अपनी संवेदनशीलता प्रदर्शित की।   recent visitors 57

नरसिंहपुर मध्यप्रदेश की आध्यात्मिकता का केंद्र, यहां का मकर संक्रांति मेला सुप्रसिद्ध : राज्यपाल पटेल

कृषि विकास से ही आयेगी देश में समृद्धि, मप्र की तर्ज पर हर राज्य में हों कृषि उद्योग समागम : उप राष्ट्रपति धनखड़ उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कृषि-उद्योग समागम आयोजन पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को दी बधाई कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ाने के लिए नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और मंडला में बन रहे फूड पार्क राज्य स्तरीय कृषि उद्योग समागम 12 से 14 अक्टूबर तक सीहोर में होगा नरसिंहपुर मध्यप्रदेश की आध्यात्मिकता का केंद्र, यहां का मकर संक्रांति मेला सुप्रसिद्ध : राज्यपाल पटेल नई तकनीक और नवाचारों से किसानों का जीवन सुधारने के लिए सरकार चला रही किसान कल्याण मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जैविक खेती के प्रोत्साहन और नवाचारी किसानों को प्रमाण-पत्र देकर किया सम्मानित 116 करोड़ रूपए से अधिक की लागत के 86 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी हुआ उपराष्ट्रपति धनखड़, राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरसिंहपुर में किया कृषि-उद्योग समागम 2025 का शुभारंभ नरसिंहपुर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि खेती-किसानी देश की अर्थव्यवस्था की नींव है। यह हमारी प्रगति का मूल आधार है। कृषि के क्षेत्र में विकास और नित नए नवाचार जरूरी हैं, इससे कृषि के विकास से ही देश में समृद्धि आएगी। देश का उदर-पोषण करने वाले अन्नदाता की खुशहाली में ही हमारे देश की खुशहाली सन्निहित है। उप राष्ट्रपति धनखड़ सोमवार को नरसिंहपुर जिला मुख्यालय में कृषि उद्योग समागम-2025 के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, राज्यपाल मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्जवलन, कन्या पूजन एवं भगवान बलराम की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित कर 26 से 28 मई तक चलने वाले तीन दिवसीय 'कृषि-उद्योग समागम 2025' का विधिवत् शुभारंभ किया। इस अवसर पर डॉ. (श्रीमती) सुदेश जगदीप धनखड़ विशेष रूप से उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री की पहल अनुकरणीय उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कृषि उद्योग समागम के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई देते हुए कहा कि उनकी इस पहल का अन्य राज्यों को भी अनुसरण करना चाहिए। किसान हमारे अन्नदाता हैं। अन्नदाताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि किसान भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इनकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेहद कर्मठ और कार्यशील है। कोई ऐसा दिन नहीं रहता, जब वे गांव, गरीब और किसान की चिंता न करें। मध्यप्रदेश सरकार ने गांव-किसान और उद्योग को जोड़ने की अभिनव पहल शुरू की है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कृषि-उद्योग समागम के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि देश का हर राज्य मध्यप्रदेश की इस पहल का अनुकरण करेगा। उन्होंने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा भी 29 मई से 12 जून तक नई दिल्ली में कृषि आधारित एक वृहद आयोजन किया जा रहा है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि विकसित भारत का रास्ता गांव और किसान के खेत से निकलता है। देश में विकसित भारत के लिए महायज्ञ चल रहा है इसमें सबसे बड़ी आहूति किसान भाइयों की ही है। किसान केवल फसल उत्पादन तक सीमित न रहें। उन्हें खाद्य प्र-संस्करण, व्यापार और मार्केटिंग भी सीखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के किसान भाइयों के परिश्रम से ही 'विकसित भारत@2047' का लक्ष्य पूरा होगा। किसान अधिक से अधिक कृषि आधारित उद्योग स्थापित करें। उन्होंने सुझाव दिया कि अन्नदाता को उद्यमी बनाने के लिए स्थानीय सांसद और विधायक गांवों को गोद लें, किसानों को समृद्ध बनाएं, जिससे खेती में नई तकनीक का इस्तेमाल हो और हर गांव में समृद्धि आए। उन्होंने कहा कि देश में 720 कृषि विज्ञान केंद्र हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के नेतृत्व में सभी संस्थान बेहद सजग होकर कार्य कर रहे हैं। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि भारत ने दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर एक नया इतिहास रच दिया है। हमने जापान को पीछे छोड़ा है और बहुत जल्द जर्मनी को पीछे छोड़कर हम तीसरे स्थान पर पहुंचेंगे। देश के 10 करोड़ किसानों को मिला पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि देशभर में किसानों को हर तरह की सहूलियतें दी जा रही हैं। अब तक 10 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिला है। उनके खातों में 3 लाख 46 करोड़ रुपए अंतरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को दूध, फल और सब्जियों में देश का नेतृत्व करना चाहिए। कृषि सिर्फ खेती का क्षेत्र नहीं है, इसका उद्योग से बड़ा जुड़ाव है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह पहल सराहनीय है। प्रदेश में नारी शक्ति को जिला पंचायतों की कमान मिलना भी लोकतंत्र की शक्ति को दर्शाता है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला ऑपरेशन सिंदूर से लिया है। यह ऐतिहासिक घटना है। पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना ने सटीक बमबारी की और उनके ठिकाने नष्ट कर दिए। देश की सुरक्षा के मामले में प्रधानमंत्री का संकल्प एक लौहपुरूष की तरह है। भारतीय सेना के पराक्रम ने हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। ये नया भारत है, जो 70 साल में नहीं हुआ, वो प्रधानमंत्री ने कर दिखाया। कृषि मेलों से किसानों को मिल रहा भरपूर लाभ राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि नरसिंहपुर जिला मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक विरासत को संजोकर रखने वाला एक प्रमुख केंद्र है। यहां मां नर्मदा के तट पर बरमान में मकर संक्रांति का सुप्रसिद्ध मेला लगता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि मेलों और कृषि उद्योग समागमों के जरिए किसानों को भरपूर लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के लिए हर समय उपलब्ध रहते हैं। देश के किसान कड़े परिश्रम से अन्न उगाते हैं, वहीं हमारे वैज्ञानिक भी तकनीक का उपयोग कर किसानों के लिए नए-नए संयंत्र तैयार करते हैं। दोनों की मेहनत और समन्वय से ही हमारे देश के भंडार अन्न से भरे पड़े हैं। मध्यप्रदेश कृषि के मामले में शस्य श्यामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि के मामले में शस्य श्यामला है। नरसिंहपुर पर मां नर्मदा की विशेष कृपा है। नरसिंहपुर जिला दाल का कटोरा है, यहां की तुअर दाल को जीआई टैग मिला है। दाल उत्पादक किसान देशभर में पहचान बना चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। … Read more

हमारे देश की प्रगति के लिए हमें जो कुछ भी चाहिए, वह यहीं, भारत में ही होना चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के दाहोद में 24,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया 140 करोड़ भारतीय एकजुट होकर विकसित भारत का निर्माण कर रहे हैं: प्रधानमंत्री हमारे देश की प्रगति के लिए हमें जो कुछ भी चाहिए, वह यहीं, भारत में ही होना चाहिए: प्रधानमंत्री आदिवासी समाज के विकास के लिए पिछले 11 वर्षों में अभूतपूर्व प्रयास किए गए हैं: प्रधानमंत्री ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं है, यह हम भारतीयों के मूल्यों और भावनाओं की अभिव्यक्ति है: प्रधानमंत्री दाहोद  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के दाहोद में 24,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित किया। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 26 मई का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन उन्होंने 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने गुजरात के लोगों के अटूट समर्थन और आशीर्वाद को स्वीकार किया, जिन्होंने उन्हें देश का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस विश्वास और प्रोत्साहन ने दिन-रात देश की सेवा के लिए उनके समर्पण को बढ़ावा दिया है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने ऐसे अभूतपूर्व और अकल्पनीय निर्णय लिए हैं, जो दशकों पुरानी बाधाओं से मुक्त हुए हैं और हर क्षेत्र में आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा, “आज देश निराशा और अंधकार के युग से निकलकर आत्मविश्वास और आशावाद के नए युग में प्रवेश कर चुका है।”                      मोदी ने कहा, "140 करोड़ भारतीय एक विकसित भारत के निर्माण में एकजुट हैं", उन्होंने भारत के भीतर आवश्यक वस्तुओं के निर्माण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता समय की मांग है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, उन्होंने कहा कि घरेलू उत्पादन और निर्यात दोनों में लगातार वृद्धि हो रही है। भारत अब स्मार्टफोन, ऑटोमोबाइल, खिलौने, रक्षा उपकरण और दवाओं सहित कई तरह के उत्पादों का निर्यात कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि भारत न केवल रेल और मेट्रो तकनीक का निर्माण कर रहा है, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर निर्यात भी कर रहा है। इस प्रगति का एक प्रमुख उदाहरण दाहोद को बताते हुए, जहां हजारों करोड़ रुपये की प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ किया गया, मोदी ने दाहोद इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्ट्री को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में उजागर किया। उन्होंने तीन साल पहले इसकी आधारशिला रखने को याद किया और गर्व व्यक्त किया कि अब पहला इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव सफलतापूर्वक निर्मित किया गया है। उन्होंने लोकोमोटिव को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो गुजरात और पूरे देश के लिए गौरव का क्षण था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने घोषणा की कि गुजरात ने अपने रेलवे नेटवर्क का 100% विद्युतीकरण हासिल कर लिया है, इसे एक उल्लेखनीय मील का पत्थर बताया और इस उपलब्धि के लिए गुजरात के लोगों को बधाई दी। दाहोद के साथ अपने लंबे समय से चले आ रहे संबंधों और इस क्षेत्र से जुड़ी कई यादों को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे दशकों से दाहोद आते रहे हैं और अपने शुरुआती वर्षों में वे अक्सर साइकिल से इस क्षेत्र का भ्रमण करते थे। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि इन अनुभवों से उन्हें दाहोद की चुनौतियों और संभावनाओं दोनों को समझने का मौका मिला। मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद भी वे कई बार इस क्षेत्र का दौरा करते रहे और इसके मुद्दों को हल करने के लिए निर्णायक कदम उठाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दाहोद में हर विकास पहल से उन्हें अपार संतुष्टि मिलती है और आज का दिन उनके लिए एक और सार्थक दिन है।    पिछले 10-11 वर्षों में भारत के रेलवे क्षेत्र के तेजी से विकास पर प्रकाश डालते हुए, मोदी ने मेट्रो सेवाओं के विस्तार और सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों की शुरूआत पर जोर दिया, जिससे पूरे देश में कनेक्टिविटी बदल रही है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत ट्रेनें अब लगभग 70 मार्गों पर चल रही हैं, जो भारत के परिवहन नेटवर्क को और मजबूत बनाती हैं। उन्होंने अहमदाबाद और वेरावल के बीच एक नई वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत की घोषणा की। मोदी ने आगे कहा कि भारत में आधुनिक ट्रेनों का उदय देश की प्रौद्योगिकी में प्रगति के कारण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोच और लोकोमोटिव अब घरेलू स्तर पर निर्मित होते हैं, जिससे आयात पर निर्भरता कम होती है। मोदी ने कहा, "भारत रेलवे उपकरणों के एक प्रमुख निर्यातक के रूप में उभरा है", उन्होंने कहा कि भारत ऑस्ट्रेलिया को मेट्रो कोच और इंग्लैंड, सऊदी अरब और फ्रांस को ट्रेन कोच निर्यात करता है। उन्होंने कहा कि मैक्सिको, स्पेन, जर्मनी और इटली भी भारत से रेलवे से संबंधित घटक आयात करते हैं। मोदी ने आगे कहा कि भारतीय यात्री कोच मोजाम्बिक और श्रीलंका में इस्तेमाल किए जा रहे हैं, और 'मेड इन इंडिया' लोकोमोटिव कई देशों को निर्यात किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह 'मेक इन इंडिया' पहल के निरंतर विस्तार को दर्शाता है तथा राष्ट्रीय गौरव को मजबूत करता है।                              प्रधानमंत्री ने कहा, "एक मजबूत रेलवे नेटवर्क सुविधा को बढ़ाता है और उद्योगों और कृषि को बढ़ावा देता है", उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत के कई क्षेत्रों को पिछले दशक में पहली बार रेलवे कनेक्टिविटी मिली है। उन्होंने कहा कि गुजरात के कई इलाकों में पहले केवल छोटी, धीमी गति वाली ट्रेनें थीं, लेकिन अब कई नैरो-गेज मार्गों का विस्तार किया गया है। दाहोद और वलसाड के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन सहित कई रेलवे मार्गों के उद्घाटन की घोषणा करते हुए, जिससे आदिवासी क्षेत्र को बहुत लाभ होगा, प्रधानमंत्री ने कहा कि कारखाने युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करते हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि दाहोद की रेल फैक्ट्री 9,000 हॉर्स पावर के इंजनों का निर्माण करेगी, जिससे भारत की ट्रेनों की शक्ति और क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, उन्होंने कहा कि दाहोद में बनने वाले हर इंजन पर शहर का नाम होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में सैकड़ों इंजन बनाए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के … Read more