खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों के सम्मेलन में 4376.30 करोड़ रूपये का निवेश, सृजित होंगे 6164 रोजगार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह अद्भुत समय चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश की खुशबू देशभर में फैल रही है। प्रदेश में विकास का क्रम जारी है। इस विकास यात्रा में सभी राज्यों के उद्योगपतियों का स्वागत है। जहां जनप्रतिनिधि, उद्योगपति, अधिकारी साथ में मिलकर प्रदेश के औद्योगिक विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के फरवरी में आयोजन के बाद पूरे देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी मध्यप्रदेश को निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि जीआईएस में 65 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 15 औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों को आवंटन आदेश और आशय पत्र वितरित किये। उन्होंने कहा कि बदलती तकनीक के दौर में हमें टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ाना होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मेड इन इंडिया का दौर चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नरसिंहपुर जिले में कृषि उद्योग समागम में "खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों के सम्मेलन" को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित मध्यप्रदेश की संकल्पनाओं को साकार करने के लिए हमें सभी क्षेत्रों में समान प्रगति करनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में माइनिंग, टेक्सटाइल, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों के विकास की अपार संभावनायें हैं। कृषि आधारित उद्योगों के लिए चार स्थानों पर कृषि उद्योग समागम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की एग्रीकल्चर ग्रोथ रेट वर्तमान में 12 प्रतिशत से अधिक होकर देश में अग्रणी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 (जीआईएस) के सफल आयोजन के बाद मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए नए अवसर सृजित हुए हैं। राज्य सरकार द्वारा 1744 एकड़ भूमि 46 औद्योगिक इकाइयों को आवंटित की गई है। इन इकाइयों में लगभग 24,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 35,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। भूमि आवंटन प्राप्त प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में मेसर्स पतंजलि ग्रुप, रीवा को सर्वाधिक 433 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इसके अलावा मेसर्स अल्ट्राटेक सीमेंट, सीधी को 264 एकड़, मेसर्स बीईएमएल, रायसेन को 148 एकड़, मेसर्स गौतम सोलार को 55 एकड़ एवं मेसर्स ग्लेक्सो स्मीथ एशिया प्रा. को 40 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज के कार्यक्रम में कुल 52 इकाईयों से रू. 4376 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 6100 से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इन निवेश प्रस्तावों के राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। औद्योगिक इकाईयों को वितरित किये गये आवंटन आदेश एवं आशय पत्र क्र. जिला इकाई का नाम प्रस्तावित निवेश (करोड़ रूपये) प्रस्तावित रोजगार   नर्मदापुरम     ग्रेनटेक फूड्स एण्ड बेवरेजेस इण्डिया प्रा.लि. एवं मे. सेक्टर सेवन फूड्स प्रा.लि. 1150.00   630   सिवनी बड़ेबाबा मेटेलिक प्रा.लि. 340.80 450   बालाघाट श्री गुरुदेव राइस इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड. 310.08   805     बालाघाट विसाग बायोफ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड 210.00   250     जबलपुर जबलपुर बायोफ्यूल्स 200.00 111   सीहोर   गोविन्द मिल्क एण्ड मिल्क प्रोडक्ट्स 150.00 210     सिवनी जनक फूड्स 2.00 15   मण्डला   माउंट कैलाश एग्री फ्रेश प्राइवेट लिमिटेड 5.00 35     मण्डला       जबलपुर कमर्शियल नेटवर्किंग एंड कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड 1.00   14     छिंदवाड़ा   स्नेह ग्लोबल केम्स प्राइवेट लिमिटेड 1.20   30     मण्डला   स्टील क्लैड इन्फ्रा सॉल्यूशन 1.21   25   मण्डला दी ऑल सॉल्यूशन्स 0.92 15   मण्डला   पीके राइस एंड जनरल मिल्स एलएलपी 1.50   17     कटनी किआरा इम्पेक्स 1.25 9   सिवनी   विट फूड केम प्राइवेट लिमिटेड 7.00   35   योग 2381.96 2651   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नरसिंहपुर जिला गन्ने की फसल के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि गन्ने की फसल के लिए स्प्रिंक्लर सिंचाई का लक्ष्य बढ़ाया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह हमारा संकल्प है कि कृषकों की आय को बढ़ाया जायेगा। हमारी सरकार का प्रयास है कि कृषकों को उनके उत्पादों के सही दाम मिले। खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों की अधिक से अधिक स्थापना होगी। खेती, बागवानी, फल-सब्जी उत्पादन सभी क्षेत्रों में बजट को बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। राज्य की प्रगतिशील नीतियों से निवेशकों की कठिनाईयों को दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं।   प्रमुख निवेश प्रस्ताव क्र. जिला इकाई का नाम प्रस्तावित निवेश (करोड़ रूपये) प्रस्तावित रोजगार क्षेत्र   सिवनी विस्तार एग्री फूड्स प्रा. 400 500   कृषि/खाद्य उत्पाद   नरसिंहपुर   काकड़ा मेटल्स प्रा. लि. 400   500   कृषि/खाद्य उत्पाद   नरसिंहपुर धारणी शुगर मिल प्रा. लि. 300 500 कृषि/खाद्य उत्पाद   नरसिंहपुर 1 मार्चे एलएलपी 160 140 ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा   नरसिंहपुर भूमि साहू 100 250 शिक्षा   नरसिंहपुर मेसर्स विजय कुमार लुनावत 4 15   ऊर्जा   नरसिंहपुर जैन पॉली प्लास्टिक्स 2.5 8 प्लास्टिक उत्पाद योग 1366.5 1913   नरसिंहपुर में कृषि आधारित और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए अपार संभावनाएं: मंत्री श्री पटेल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने "कृषि उद्योग समागम-2025" के नरसिंहपुर जिले में आयोजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हार्दिक अभिनंदन और आभार माना। उन्होंने देश भर से आए निवेशको/ उद्योपतियों का आयोजन में सम्मिलित होने पर आभार भी व्यक्त किया। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि नरसिंहपुर जिले के कृषकों ने अनुसंधान एवं नवीन तकनीकों को अपनाकर प्रदेश और देश की उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि नरसिंहपुर प्रदेश का सर्वाधिक गन्ना उत्पादक जिला है, जहां सर्वाधिक शुगर फैक्ट्रियां स्थापित हैं। जिले में कृषि के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहा है आशातीत विकास : मंत्री श्री राजपूत खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा कि जब से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की बागडोर संभाली … Read more

महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन का गरिमामय आयोजन सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी आगामी 31 मई को भोपाल में हो रहे महिला सशक्तिकरण और स्वावलम्बन महासम्मेलन में पधार रहे हैं। लोकमाता देवी अहिल्या बाई जी के त्रि शताब्दी जयंती समारोह के अवसर पर यह विशेष महासम्मेलन हो रहा है। समारोह को गरिमामय रूप से आयोजित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में प्रधानमंत्री श्री मोदी की यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव गत 21 मई को इस महासम्मेलन के स्थल भोपाल के जम्बूरी मैदान पहुंचकर जायजा ले चुके हैं। बैठक में प्रस्तुत प्रजेंटेशन में बताया गया कि प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री श्री मोदी लोकमाता देवी अहिल्या बाई को समर्पित विशेष डाक टिकट और सिक्के का विमोचन भी करेंगे। इसके साथ ही इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना के लोकार्पण और उज्जैन में क्षिप्रा के विभिन्न घाटों के भूमिपूजन-लोकार्पण भी होगा। कार्यक्रम में एक लघु फिल्‍म का प्रदर्शन भी किया जाएगा। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, संस्कृति विभाग, जिला प्रशासन भोपाल सहित अन्य संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को इस महासम्मेलन के व्यवस्थित आयोजन के लिए दिए गए दायित्वों पर भी चर्चा हुई। महासम्मेलन में बड़ी संख्या में महिला उद्यमियों, स्व सहायता समूहों की सदस्य, लाड़ली बहनों के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाली महिलाओं की भागीदारी रहेगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेश श्री कैलाश मकवाना तथा अन्य विभागों के अपर मुख्य सचिव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 65

पंजाब ने मुंबई को 7 विकेट से धोया,श्रेयस अय्यर की टीम टेबल टॉपर बनी

 जयपुर पंजाब किंग्स ने मुंबई इंडियंस को 2 विकेट से हरा दिया है. इस जीत के साथ पंजाब अब पॉइंट्स टेबल (IPL 2025 Points Table) में पहले स्थान पर पहुंच गई है. इस मैच में मुंबई ने पहले खेलते हुए 184 रन बनाए थे, जिसके जवाब में पंजाब ने 18वें ओवर में ही अपनी जीत सुनिश्चित कर ली. पंजाब किंग्स के लिए प्रियांश आर्य और जोश इंग्लिश ने अर्धशतकीय पारी खेली. पंजाब किंग्स को 185 रनों का लक्ष्य मिला था, जिसके जवाब में टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही क्योंकि प्रभसिमरन सिंह केवल 13 रन बनाकर आउट हो गए. उसके बाद प्रियांश आर्य और जोश इंग्लिश, दोनों MI के गेंदबाजों पर कहर बनकर टूटे. प्रियांश और इंग्लिश के बीच 109 रनों की विशाल साझेदारी हुई, इस बीच 15वें ओवर में प्रियांश 62 रन बनाकर आउट हो गए. उन्होंने 62 रन की पारी में 9 चौके और 2 छक्के लगाए. जोश इंग्लिश दूसरे छोर से डटे रहे और 42 गेंद में 73 रनों की शानदार पारी खेली. ऐसी रही पंजाब की बल्लेबाजी 185 रनों के जवाब में उतरी पंजाब की शुरुआत अच्छी नहीं रही. पांचवे ओवर में बुमराह ने प्रभसिमरन को चलता किया. प्रभसिमरन के बल्ले से 13 रन ही आए. लेकिन इसके बाद प्रियांश आर्य और जोस इंग्लिस के बीच अच्छी साझेदारी हुई. दोनों ने 9वें ओवर में टीम का स्कोर 80 के पार पहुंचा दिया. 10 ओवर के बाद मुंबई का स्कोर 90-1 है. प्रियांश आर्य और जोस इंग्लिस दोनों ने ही तूफानी फिफ्टी जमाई. लेकिन 14वें ओवर में प्रियांश आर्य 62 रन बनाकर आउट हो गए. लेकिन इंग्लिस दूसरे छोर पर टिके रहे. श्रेयस अय्यर ने भी उनका बखूबी साथ दिया. इंग्लिस का विकेट 18वें ओवर में गिरा. इंग्लिस ने 42 गेंद में 73 रनों की शानदार पारी खेली. जब इंग्लिस आउट हुए तो पंजाब को जीत के लिए 15 गेंद में 14 रनों की दरकार थी. आखिरकार पंजाब ने ये मैच 7 विकेट से जीत लिया. गुजरात को पछाड़कर पंजाब अब अंक तालिका में टॉप पर पहुंच गई है. पंजाब के अब 14 मैच में 19 अंक हैं. जबकि गुजरात के 18 प्वाइंट हैं. ऐसे रही मुंबई की बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी करने के लिए उतरी मुंबई की शुरुआत बेहद शानदार रही. रोहित शर्मा और रेयान रिकेल्टन ने आतिशी अंदाज में पारी का आगाज किया. लेकिन छठे ओवर में मुंबई को पहला झटका लगा जब रेयान रिकेल्टन अपना विकेट गंवा बैठे. 45 के स्कोर पर मुंबई को ये झटका लगा. रेयान ने 27 रनों की पारी खेली. लेकिन इसके बाद सूर्यकुमार यादव और रोहित शर्मा में अच्छी साझेदारी हुई. 9 ओवर में मुंबई का स्कोर 79-1 था. लेकिन 10वें ओवर में मुंबई को दूसरा झटका लगा जब रोहित शर्मा 24 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद 11वें ओवर में तिलक वर्मा भी आउट हो गए. तिलक ने केवल एक रन बनाया. वहीं, 13वें ओवर में विल जैक्स भी आउट हो गए. जैक्स ने 17 रन बनाए. वहीं, 17वें ओवर में हार्दिक पंड्या 26 रन बनाकर आउट हो गए. लेकिन इसके बाद सूर्या ने 33 गेंद में फिफ्टी जड़ दी. वहीं, नमन धीर ने भी शानदार अंदाज में बल्लेबाजी की. नमन ने 11 गेंद में 20 रन बनाए. इसके दम पर मुंबई ने पंजाब के सामने 185 रनों का लक्ष्य दिया है.  recent visitors 69

SC ने यौन शिक्षा में सुधार और POCSO मामलों की रियल-टाइम ट्रैकिंग के सुझावों पर केंद्र सरकार से राय मांगी

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने 22 मई को सरकार को निर्देश दिया कि वह बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों से निपटने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर POCSO कोर्ट बनाए। कोर्ट ने कहा कि कई राज्यों ने स्पेशल POCSO कोर्ट बनाए हैं, लेकिन तमिलनाडु, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में केस पेंडेंसी के चलते और ज्यादा कोर्ट बनाए जाने की जरूरत है। जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने कहा कि यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के मामलों के लिए स्पेशल कोर्ट कम होने के कारण मामले की जांच करने के लिए डेडलाइन का पालन नहीं हो पा रहा है। कोर्ट ने पॉक्सो केस के लिए निर्धारित डेडलाइन के अंदर ट्रायल पूरा करने के अलावा निर्धारित अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का भी निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट और एमिकस क्यूरी वी गिरी और सीनियर एडवोकेट उत्तरा बब्बर को POCSO कोर्ट की स्थिति पर राज्यवार डीटेल देने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें उसने "बाल बलात्कार की घटनाओं की संख्या में खतरनाक वृद्धि" को हाइलाइट करते हुए एक्शन लिया था। कोर्ट ने राज्य सरकारों से उन जिलों में दो कोर्ट बनाने को कहा जहां POCSO अधिनियम के तहत बाल शोषण के पेंडिंग मामलों की संख्या 300 से ज्यादा है। कोर्ट ने कहा POCSO एक्ट के तहत 100 से ज्यादा FIR वाले हर जिले में एक कोर्ट बनाने के जुलाई 2019 के निर्देश का मतलब था कि डेजिगनेटेड कोर्ट केवल कानून के तहत ऐसे मामलों से निपटेगा। पहले जानिए क्या है पॉक्सो एक्ट भारत में बच्चों को यौन अपराधों से बचाने के लिए पॉक्सो एक्ट, 2012। अगर कोई 18 साल से कम उम्र का यौन शोषण करता है तो उसे इस कानून के तहत सजा मिलती है। बच्चों को गलत तरीके से छूना, उन्हें गलत तरीके से छूने के लिए कहना, या उनके साथ यौन संबंध बनाना, बच्चों को अश्लील चीजें दिखाना, उन्हें वेश्यावृत्ति या पोर्नोग्राफी में शामिल करना, या इंटरनेट पर उनसे गलत बातें करना भी बाल यौन शोषण (CSA) है। पॉक्सो एक्ट के तहत पुरुष और महिला आरोपी दोनों के खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट का हाल बहरहाल, इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्श फंड (ICPF) की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में CSA के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। लेकिन इन मामलों को निपटाने की रफ्तार बहुत धीमी है। इसी वजह से भारत सरकार ने अक्टूबर 2019 में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने योजना शुरू की। इसके तहत, देश भर में 1,023 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (FTSC) बनाए गए हैं। ये कोर्ट CSA के मामलों की तेजी से सुनवाई करते हैं। भारत के प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में FTSC को 1 अप्रैल, 2023 से 31 मार्च, 2026 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इस पर कुल 1952.23 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन फंड (ICPF) की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में पॉक्सो एक्ट के तहत मामलों को निपटाने की क्या स्थिति है। पूरे देश में, 2022 में सिर्फ 3% मामलों में ही दोषियों को सजा मिली। मतलब 2,68,038 मामलों में से सिर्फ 8,909 मामलों में ही आरोपियों को दोषी पाया गया। हर FTSC ने 2022 में औसतन सिर्फ 28 पॉक्सो मामलों का निपटारा किया। 2022 में, हर पॉक्सो मामले को निपटाने में औसतन 2.73 लाख रुपये खर्च हुए। इसी तरह, हर सफल सजायाफ्ता पॉक्सो मामले पर सरकारी खजाने से औसतन 8.83 लाख रुपये खर्च हुए। अगर कोई नया मामला नहीं आता है, तो भी भारत को 31 जनवरी, 2023 तक लंबित पॉक्सो मामलों के बैकलॉग को खत्म करने में लगभग नौ (9) साल लगेंगे। अभी 2.43 लाख पॉक्सो मामले पेंडिंग हैं। इसलिए, यह बहुत जरूरी है कि हर जिले में स्थिति का दोबारा आकलन किया जाए और जरूरत पड़ने पर नए ई-पॉक्सो कोर्ट बनाए जाएं। योजना के अनुसार, सभी 1,023 स्वीकृत फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट को तुरंत पूरी तरह से चालू किया जाना चाहिए। ट्रायल की समय-सीमा तय की जाए रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ित के लिए न्याय की लड़ाई लोअर कोर्ट में सजा होने के बाद भी खत्म नहीं होती है। यह लड़ाई तब तक जारी रहती है जब तक कि अपील की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। इसलिए, अपील/ट्रायल के समय को तय किया जाना चाहिए ताकि जल्द न्याय मिल सके। इस संबंध में नीतियां बनाई जानी चाहिए, और हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के स्तर पर समयबद्ध ढांचे बनाए जाने चाहिए ताकि लंबित पॉक्सो मामलों का निपटारा तेजी से हो सके। विशेष अदालतें स्थापित करने के निर्देश सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया ने 16 दिसंबर, 2019 को एक विस्तृत आदेश पारित किया था। इसमें राज्य सरकारों को पॉक्सो एक्ट, 2012 के तहत मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतें स्थापित करने के निर्देश दिए गए थे। यह 25 जुलाई, 2019 के आदेश के क्रम में था, जिसमें सभी राज्यों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था कि हर जिले में 60 दिनों के भीतर एक विशेष पॉक्सो अदालत स्थापित की जाए, जिसमें 100 से अधिक पॉक्सो मामले लंबित हैं। कानून और न्याय मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर कार्रवाई की और जनवरी 2020 में बलात्कार और पॉक्सो एक्ट के मामलों के त्वरित निपटान के लिए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (FTSC) की योजना लेकर आया. इस योजना में FY 2021-22 के अंत तक पूरे भारत में बलात्कार और पॉक्सो मामलों के त्वरित निपटान के लिए 389 एक्सक्लूसिव पॉक्सो कोर्ट (EPC) सहित 1,023 FTSC स्थापित करने की परिकल्पना की गई थी। इस विश्लेषण के माध्यम से, इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन फंड (ICPF) पॉक्सो एक्ट के तहत मामलों और शिकायतों के संबंध में भारत की स्थिति पर प्रकाश डालता है। इस व्यापक कानून के बनने के एक दशक बाद भी, पीड़ितों और उनके परिवारों की उम्मीदें पूरी नहीं हुई हैं, जिन्हें पहले के कानूनों द्वारा पर्याप्त रूप से संबोधित नहीं किया गया था। हालांकि, जिस गति से मामलों को निपटाया जा रहा है, वह बहुत निराशाजनक है। केस बैकलॉग की चौंकाने वाली स्थिति रिपोर्ट में केस बैकलॉग की एक चौंकाने वाली प्रवृत्ति का पता चला। … Read more

बीजेपी का ट्रेनिंग कैंप पचमढ़ी में लगेगा, जेपी नड्डा और अमित शाह भी होंगे शामिल

पचमढ़ी मध्य प्रदेश के नेताओं के द्वारा हाल में की गई बयानबाजी के बाद पार्टी ने नेताओं को ट्रेनिंग देने का फैसला किया। 14 से 16 जून तक भारतीय जनता पार्टी का स्पेशल प्रशिक्षण शिविर आयोजित होगा। यह ट्रेनिंग कैंप हिलस्टेशन पचमढ़ी में लगेगा। कार्यक्रम में राज्य के सभी बीजेपी विधायक, मंत्री, लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को अनिवार्य रूप से शामिल होना है। जेपी नड्डा और अमित शाह भी पहुंचेंगे     तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे। ट्रेनिंग कैंप के समापन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहेंगे। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में यह शिविर बीजेपी नेताओं को अनुशासन का पाठ सिखाने का प्रयास माना जा रहा है। विधायकों, सांसदों को 5 साल में दिया जाता है प्रशिक्षण विधानसभा और लोकसभा चुनाव के बाद नवनिर्वाचित विधायकों, सांसदों को भाजपा 5 साल में एक बार प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम आयोजित करती है। यह ट्रेनिंग कैंप इस साल की शुरुआत में होना था। लेकिन संगठन चुनाव के चलते इसे आगे बढ़ा दिया गया था। लगातार आए विवादित बयान, प्रशिक्षण का एक कारण ये भी 11 मई को जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान दिया। इसके बाद डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, विधायक नरेंद्र प्रजापति के बयानों से भी विवाद बढ़ा। ऐसे में लगातार आ रहे विवादित बयानों के बाद पार्टी अब सभी विधायकों और सांसदों को प्रशिक्षण देने जा रही है। भाजपा के संविधान के अनुसार हर पांच साल में विधायकों और सांसदों को प्रशिक्षण दिया जाता है। यह प्रक्रिया चुनाव के बाद नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों यानी सांसद, विधायकों को दी जाती है। ट्रेनिंग का उद्देश्य उन्हें पार्टी की विचारधारा, कार्यशैली और जनहित के मुद्दों को समझाना होता है। साल की शुरुआत में यह ट्रेनिंग प्रस्तावित थी, लेकिन संगठन चुनाव के चलते इसे आगे बढ़ाना पड़ा था। अब परिस्थिति अनुकूल होने पर इसे पचमढ़ी में आयोजित किया जा रहा है। विवादित बयानों के बाद पार्टी ने चुनी ये रणनीति हाल के दिनों में पार्टी नेताओं के कई विवादित बयानों ने संगठन की छवि पर असर डाला है। 11 मई को जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह का बयान सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादों में रहा। इसके बाद डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और विधायक नरेंद्र प्रजापति के बयानों से स्थिति और गंभीर हो गई। इन घटनाओं को देखते हुए पार्टी ने तय किया है कि सभी विधायकों और सांसदों को एक बार फिर अनुशासन, संवेदनशीलता और जनता के बीच बयानबाजी को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। पीएम ने भी दी संभल कर बोलने की सलाह रविवार को NDA की बैठक में पीएम मोदी ने भी पार्टी के नेताओं को संभल कर बोलने की सलाह दी। पीएम मोदी ने कहा कहीं भी कुछ भी बोलने से नेताओं को बचना चाहिए। इससे पार्टी की छवि खराब होती है। recent visitors 70

यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा नष्ट करने की प्रक्रिया जारी, एक माह में जहरीले कचरे का नामोनिशान खत्म

भोपाल /इंदौर  भोपाल में दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी के लिए जिम्मेदार यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा नष्ट करने की प्रक्रिया जारी है. पीथमपुर के रामकी संयंत्र में कचरे का निस्तारण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार किया जा रहा है. इसकी रिपोर्ट मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को लगातार दी जा रही है. बड़ी बात ये है कि इस जहरीले कचरे को लेकर खतरनाक प्रदूषण फैलने की आशंकाएं न के बराबर हो गई हैं. दावा है कि प्रदूशण नियंत्रण बोर्ड ने जहरीले कचरे से होने वाले प्रदूषण को सामान्य बताया है. एक माह में जहरीले कचरे का नामोनिशान खत्म इंदौर संभाग आयुक्त दीपक सिंह का कहना है "यूनियन कार्बाइड का कचरा विशेषज्ञों की निगरानी में जलाया जा रहा है, जो अगले 30 से 35 दिन में पूरी तरीके से नष्ट कर दिया जाएगा. इसके निष्पादन प्रक्रिया की पूरी निगरानी की जा रही है. कचरे के निष्पादन के हरेक चरण की रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की गई है. वर्तमान में पीथमपुर के आसपास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर भी सामान्य है. यूनियन कार्बाइड के कचरे में कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड के अलावा नैप्थलीन और पार्टिकुलेट मैटर पाया गया. इसके अलावा कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन क्लोराइड समेत हाइड्रोजन फ्लुराइड का उत्सर्जन हुआ. प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों के मुताबिक सामान्य प्रदूषण श्रेणी का था." भोपाल से लेकर इंदौर तक दहशत का दौर दरअसल, 3 दिसंबर 1984 की सुबह भोपाल में यूनियन कर्बाइड से निकली मिथाइल आइसोसाइनाइड गैस से 5000 से ज्यादा मौत हुई थीं. इस जहरीली गैस के दुष्प्रभाव के कारण करीब डेढ़ दशक में 15000 लोगों की अलग-अलग बीमारियों से मौत हो गई. तभी से यूनियन कार्बाइड में इस गैस के अवशेष के रूप में यह कचरा परिसर में मौजूद था. लगातार कई सालों से इस कचरे को गैस की तरह ही घातक और प्रदूषण की वजह बताया जा रहा था. भोपाल गैस कांड के 40 साल बाद हाई कोर्ट जबलपुर के आदेश के तहत कचरे को इंदौर के पास पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित रामकी एनवायरो प्लांट में जलाकर नष्ट करने पर सहमति बनी. पीथमपुर में जहरीले कचरे को जलाने की प्रक्रिया जारी इसके बाद 2 जनवरी को 12 कंटेनर में इस कचरे को भरे जाने के बाद एक विशेष प्रकार के ग्रीन कॉरिडोर को तैयार कर 230 किलोमीटर दूर पीथमपुर लाया गया. कचरे को पीथमपुर में जलाए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर भारी विरोध हुआ. फिर 10 मार्च 2025 को कचरा जलाने की प्रक्रिया शुरू की गई. फिलहाल यहां 50 से ज्यादा मजदूर प्रति घंटा 90 किलोग्राम कचरे को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम की निगरानी मे जलाकर नष्ट कर रहे हैं. तीन ट्रायल रन में 6570 किलोग्राम कचरे को नष्ट किए जाने के बाद लगातार शेष कचरे को जलने की प्रक्रिया जारी है. recent visitors 52

रातापानी टाइगर रिजर्व में वन्य जीवों के निर्बाध आवागमन के लिए अंडरपास, 12KM का साउंडप्रूफ कॉरिडोर

रायसेन रातापानी अभ्यारण्य के जंगलों से गुजरे हाइवे के 12 किलोमीटर रोड को पूरी तरह से साउंडप्रूफ कॉरिडोर के रूप में तैयार किया गया है. 12 किमी के दौरान वन्य जीवों के लिए 7 अंडरपास बनाए गए हैं. चारों ओर हरा-भरा जंगल और सड़क के दोनों तरफ 3-3 मीटर ऊंची बाउंड्री वॉल बनाई गई हैं, जोकि पूरी तरह साउंड प्रूफ हैं. इससे रातापानी के जंगल के वन्य जीवों को जहां काफी राहत मिली है तो वहीं, यहां से गुजरने वाले वाहनचालकों को भी अद्भुत अहसास होता है. वन्य जीवों के निर्बाध आवागमन के लिए अंडरपास गौरतलब है कि रायसेन जिला स्थित रातापानी टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा को देखते हुए 12.3 किलोमीटर लंबा साउंड प्रूफ गलियारा तैयार किया गया है. यह कॉरिडोर राजधानी के पास वन्य प्राणियों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर है, जिसमें वन्य जीवों के निर्बाध आवागमन के लिए अंडरपास बनाए गए हैं. कॉरिडोर के ऊपर से वाहनों का आवागमन होगा तो वहीं, अंडरपास से टाइगर और अन्य वन्य जीव आसानी से वन्य क्षेत्र में आराम से विचरण कर सकेंगे. कॉरिडोर की बाउंड्री वॉल में लगाए नोइज बैरियर कॉरिडोर में 5 बड़े और 2 छोटे अंडरपास बनाए गए हैं. कॉरिडोर से वाहनों से निकलने वाली तेज आवाज को कम करने के लिए नॉइस बैरियर लगाए गए हैं, जिससे वाहनों के शोरगुल को कम किया जा सकता है, इसमें इंसुलेशन मैटेरियल का उपयोग किया गया है और पॉलीकार्बोनेट सीट से नोइज बैरियर लगाए गए हैं. NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर देवांश नवल ने बताया " रातापानी टाइगर रिजर्व से गुजरने वाले कॉरिडोर की सड़क 18 मीटर चौड़ी है. कॉरिडोर से आधे घंटे का सफर अब 10 मिनट में पूरा किया जा सकता है. पहले इस सड़क की चौड़ाई कम होने और जगह-जगह टर्निंग पॉइंट होने की वजह से यहां पर अधिक समय लगता था." हाल ही में रोड पर तेंदुए की मौत से चिंताएं बढ़ी अब्दुल्लागंज वन मंडल के डीएफओ हेमंत कुमार रैकवार का कहना है "कॉरिडोर की समीक्षा की जा रही है कि इससे कितना लाभ वन्य जीवों को हो सकता है. हाल ही में एक लैपर्ड के कॉरिडोर के बीच में दुर्घटना के चलते मौत हो गई थी. इसलिए फिलहाल यह कहना संभव नहीं है कि इस कॉरिडोर के बनने से जानवरों को पूरी सुरक्षा मिली है. लेकिन कॉरिडोर बनने से जानवरों के वन्य क्षेत्र में ध्वनि का प्रदूषण नहीं होगा और ना ही वाहन सड़क से उतरकर वन्य क्षेत्र में जा पाएंगे." बता दें कि ये कॉरिडोर भोपाल-नर्मदापुरम रोड पर बरखेड़ा रेंज के पास बनाया गया है. ज्यादातर इसी क्षेत्र में वन्यजीवों की दुर्घटना में मौत होती थी. recent visitors 56