उज्ज्वला योजना में 24 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 26 करोड़ की राशि अंतरित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुन्देलखंड की तस्वीर और तकदीर बदलेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सागर की भूमि और यहां के लोगों का मेरे जीवन में विशेष स्थान: उत्तराखंड मुख्यमंत्री धामी उज्ज्वला योजना में 24 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 26 करोड़ की राशि अंतरित लाखा बंजारा झील जीर्णोंद्धार एवं पुनर्विकास, निगम के नए भवन सहित 642 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन गौरझामर नगर परिषद, बंडा बरा नगर पंचायत और नरयावली नगर पंचायत होगी सागर में कैंसर अस्पताल एवं विधि संकाय होगा शुरु मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर के गौरव दिवस पर दीं शुभकामनाएँ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सागर के गौरव दिवस एवं जनकल्याण पर्व पर कहा है कि सागर में कैंसर अस्पताल एवं रानी अवंतीबाई विश्वविद्यालय में विधि संकाय शुरु होगा। बुधवार 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर शुरु होने जा रही केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुन्देलखंड की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वालीं विभूतियों को सम्मानित करने पर प्रसन्नता जताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाखा बंजारा ने यहाँ झील का निर्माण कर लोगों को पेयजल की समस्या से निजात दिलायी। उनके यह महान कार्य सदा स्मरणीय हैं। मैं उनकी इस महानता को नमन करता हूँ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर के गौरव दिवस एवं जनकल्याण पर्व पर नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाराजा छत्रसाल और आल्हा-ऊदल के शौर्य और बलिदान के लिए यह बुंदेलखंड की धरा जानी जाती है। अब बुंदेलखंड क्षेत्र का नया इतिहास लिखा जाएगा जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसम्बर को छतरपुर जिले के खजुराहो में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की नदी जोड़ने की परिकल्पना को साकार करने के लिए केन-बेतवा लिंक परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मौजूद जनसमुदाय को मुट्ठी बांधकर परियोजना के भूमि-पूजन कार्यक्रम में आने का संकल्प दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौरझामर नगर परिषद, बंडा बरा नगर पंचायत, नरयावली नगर पंचायत का दर्जा देने की घोषणा भी की। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा सरकार द्वारा सागर के विकास के लिए कायाकल्प के कई कार्य किए गए हैं जिसमें लाखा बंजारा झील का जीर्णोद्धार, पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण का कार्य भी शामिल है। इससे सागर शहर का जल स्तर संतुलित बना रहेगा। मुख्यमंत्री डॉं यादव और उनकी पूरी टीम ने प्रदेश के विकास को एक नई दिशा प्रदान की। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज यहां 100 करोड़ रूपये से भी ज्यादा की विकास योजनाओं का पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण कार्य पूरा हो रहा हैं। इन सभी कार्यों से डॉ. यादव की सरकार ने अपने पहले ही वर्ष में मध्य प्रदेश के उज्जवल भविष्य की मजबूत नीव स्थापित कर ली है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आने वाले अपने आगामी कार्यकाल में डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और तेजी से विकास करेगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा जब मुझे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ कार्यक्रम में सम्मिलित होने का निमंत्रण प्राप्त हुआ तो मेरे मन में सागर में बिताए मेरे बचपन के दिन याद आ गए। यहां की अनेक स्मृतियां मेने मन में है, आज वे सारी यादें ताजा हो गई। उन्होंने कहा मैं अपने पैतृक स्थान पर आया हूं। सागर मेरे लिए केवल एक शहर नहीं बल्कि मेरे जीवन का एक अविभाज्य हिस्सा हैं। मेरे पिताजी यहाँ महार रेजीमेंट में पदस्थ थे और उस दौरान उनकी पोस्टिंग सागर में थी। इस भूमि से मेरा अटूट रिश्ता रहेगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा आज पूरे देश में डबल इंजन की सरकार है, जो बहुत तेजी से विकास कर रही हैं। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि सागर के गौरव दिवस उपलक्ष्य पर यहां दो मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति सागर के गौरव को और बढ़ा रही है। इस भूमि के सच्चे सपूत डॉ. सर हरिसिंह गौर का योगदान इस क्षण को और अधिक महत्वपूर्ण बना देता है। यह उनके योगदान और गौरवशाली इतिहास को याद करने का पल है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा सागर की पहचान "लाखा बंजारा झील" का वर्तमान स्वरूप सागरवासियों का दिल हर्ष से भर देता है। पहले यह झील अपेक्षाकृत रूप से उपेक्षित थी, जिसे राज्य सरकार ने विकास कार्यों की सौगात देते हुए झील का सौंदर्यीकरण और पुनरुद्धार कराया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सागर संभाग के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में कैंसर डिपार्टमेंट खोलने, महिला रोग चिकित्सकों की नियुक्ति और हेड इंजुरी के संबंध में न्यूरो सर्जरी डिपार्टमेंट खोले जाने की मांगे रखी। विधायक एवं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि सागर शहर को पहले लोग बड़ा कस्बा कहा करते थे। स्मार्ट सिटी योजना से यहां कई विकास कार्य हुए और सागर सहित समूचे बुंदेलखंड को नई दिशा मिली है। इस क्षेत्र में पहले फोरलेन रोड नहीं थी अब नये-नये पहुंच मार्ग बना रहे हैं, रेल लाइनें बिछ रहीं हैं। शिक्षा, चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार विकास कार्य किये गए हैं। इस अवसर पर विधायक एवं पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2016 में स्मार्ट सिटी मिशन की शुरूआत की। उस समय मध्यप्रदेश की 7 स्मार्ट सिटी का चयन किया गया, जिसमें सागर भी शामिल था। इसमें सागर को स्मार्ट सिटी के लिए एक हजार करोड़ रुपए मिले थे। स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत एलिवेटेड कोरिडोर बनाया गया और भी बहुत से विकास के कार्य किये गए। सिंह ने कहा 20 साल के दौरान सरकार ने विकास की अनेक सौगातें दी हैं। विधायक शैलेंद्र जैन ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि सागरवासियों को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पिछले एक वर्ष के नेतृत्व में विकास कार्यों की अनेक सौगात मिलीं हैं। आज हम सभी अभिभूत हैं और उनका नागरिक अभिनंदन करते हैं। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं सागर के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल सहित विधायकगण, जन-प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। नगर निगम महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने आभार व्यक्त किया। सागर की विभूतियों का गौरव दिवसपर किया गया सम्मानित सागर … Read more

म्यांमार में सत्ताधारी जुंटा का मुश्किल दौर जारी, जुंटा अभी भी रखाइन राज्य की राजधानी सित्तवे पर काबिज

नेपीडाॅ  म्यांमार में सत्ताधारी जुंटा का मुश्किल दौर जारी है। अराकान आर्मी नाम का विद्रोही गुट राखिने और चिन राज्यों में जुंटा सेना को लगातार पीछे धकेल रहा है। ये दोनों राज्य भारत की सीमा से सटे हैं। इसी बीच कई पड़ोसी देशों के अधिकारियों ने बैंकॉक में म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत की। क्या है पूरा मामला जानिए खबरों के मुताबिक,अराकान आर्मी ने रखाइन राज्य के अन्ना शहर में सैन्य मुख्यालय पर कब्जा कर लिया। विद्रोहियों का दावा है कि चिन राज्य में लगभग 200 सैनिकों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। जुंटा अभी भी रखाइन राज्य की राजधानी सित्तवे पर काबिज है,जहां भारत की ओर से निर्मित बंगाल की खाड़ी में एक बंदरगाह है। अगर अराकान आर्मी सित्तवे पर कब्जा करने की कोशिश करती है,तो जुंटा अपनी वायु सेना का इस्तेमाल कर सकता है। सित्तवे सामरिक रूप से जुंटा और भारत दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। चीन की प्राइवेट मिलिट्री कंपनी के जवान कथित तौर पर राखिने के क्याउफ्यु बंदरगाह की रक्षा कर रहे हैं, जिसे चीन ने चीन म्यांमार इकोनॉमिक कॉरिडोर के हिस्से के रूप में बनाया है। बैंकॉक बैठक में भारत, चीन, बांग्लादेश, थाईलैंड के अधिकारियों ने सहमति जताई कि म्यांमार के साथ सीधा जुड़ाव महत्वपूर्ण और जरूरी है। थाईलैंड के विदेश मंत्री मारिस संगिआम्पोंगसा ने यह जानकारी दी। म्यांमार के विदेश मंत्री थान स्वे ने सभा को सैन्य सरकार के राजनीतिक रोडमैप के बारे में बताया, जिसमें अगले साल होने वाले चुनाव भी शामिल हैं। अराकान आर्मी का मजबूत होना जुंटा के लिए चुनौती अराकान आर्मी लगातार मजबूत होती जा रही है और जुंटा के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। राखिने और चिन राज्यों में जुंटा के सैन्य ठिकाने लगातार अराकान आर्मी के हाथों में जा रहे हैं। इससे म्यांमार में हालात और बिगड़ने की आशंका है। भारत के लिए भी यह चिंता का विषय है क्योंकि ये दोनों राज्य भारत की सीमा से लगते हैं। सित्तवे बंदरगाह सामरिक रूप से भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह बंदरगाह भारत द्वारा निर्मित है और बंगाल की खाड़ी में स्थित है। अगर अराकान आर्मी सित्तवे पर कब्जा कर लेती है तो भारत के लिए मुश्किलें पैदा हो सकती हैं। चीन की भूमिका भी यहां अहम है। क्याउफ्यु बंदरगाह चीन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और वह अपनी प्राइवेट मिलिटरी कंपनी के जरिये इसकी रक्षा कर रहा है। recent visitors 160

30 मिनटों में इंदौर एयरपोर्ट से सीधा पहुंचेंगे महाकाल के दरबार, मोहन सरकार ने बनाया ये प्लान

इंदौर अगर आप महाकाल के भक्त हैं तो यह आपके लिए अच्छी खबर है. दरअसल, मध्य प्रदेश की मोहन सरकार इंदौर-उज्जैन के बीच नया फोर लेन ग्रीन फील्ड हाईवे बनाने जा रही है. इसके बन जाने से इंदौर एयरपोर्ट से महाकाल मंदिर आप मात्र 30 मिनट में पहुंच जाएंगे. इंदौर के एयरपोर्ट से यह फोर लेन ग्रीन फील्ड हाईवे सीधे महाकाल मंदिर तक जाएगी. सबसे खास बात है कि इस रूट पर कोई भी क्रॉसिंग नहीं होगी और न ही कोई यू टर्न होगा. बता दें कि इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड 4 लेन को कैबिनेट से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है. उज्जैन स्थित चिंतामन गणेश मंदिर से इंदौर एयरपोर्ट तक की दूरी लगभग 70 किलोमीटर है. इसको दो हिस्से में बनाया जाएगा. इसमें उज्जैन सिंहस्थ बाइपास को टू लेन से 4 लेन बनाया जाना है.  20 किमी की इस सड़क के निर्माण की लागत 701 करोड़ होगी. वहीं, उज्जैन-इंदौर के बीच 48 किमी का फोर लेन ग्रीन फील्ड रोड बनेगा. इस सड़क की लागत 1370 करोड़ होगी. इस सड़क को प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है. कैबिनेट से मिली मंजूरी : बता दें कि इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड 4 लेन को कैबिनेट से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। उज्जैन स्थित चिंतामन गणेश मंदिर से इंदौर एयरपोर्ट तक की दूरी लगभग 70 किलोमीटर है। इसको दो हिस्से में बनाया जाएगा। इसमें उज्जैन सिंहस्थ बाइपास को टू लेन से 4 लेन बनाया जाना है। 20 किमी की इस सड़क के निर्माण की लागत 701 करोड़ होगी। वहीं, उज्जैन-इंदौर के बीच 48 किमी का फोर लेन ग्रीन फील्ड रोड बनेगा। इस सड़क की लागत 1370 करोड़ होगी। इस सड़क को प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानाकारी के मुताबिक, सीएम मोहन यादव ने इसको लेकर निर्देश दे दिया है, संबंधित अधिकारियों को इस परियोजना पर तेजी से काम करने के लिए निर्देशित किया गया है, जिससे जल्द से जल्द निर्माण प्रक्रिया प्रारंभ हो सके। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नए साल 2025 में टेंडर प्रकिया पूरी हो जाएगी। इसी के साथ निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। क्या फायदा होगा : इंदौर-उज्जैन के बीच नया फोर लेन ग्रीन फील्ड हाईवे बन जाने से यात्री इंदौर एयरपोर्ट से सिंहस्थ बायपास फोरलेन सड़क मार्ग से चलकर आधे घंटे में सीधे महाकाल मंदिर पहुंच जाएंगे। इस सड़क को पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से भी जोड़े जाने की योजना है। ऐसे में पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने से क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी मददगार साबित होगी। रोजगार के अवसर बढ़ेगे : इस फोरलेन के निर्माण से जुड़े आसपास के गांवों में स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, होटल, गोदाम और पेट्रोल पंप के लिए जमीन पहले से ही रिजर्व की जा रही है। इससे अधिक से अधिक रोजगार के अवसर बढ़ेगे। यही नहीं इंदौर-उज्जैन के बीच फोर लेन ग्रीन फील्ड हाईवे के अलावा उज्जैन-जावरा के बीच ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोलल्ड हाईवे का भी निर्माण होने वाला है। इसके बनने से उज्जैन से दिल्ली या मुंबई का सफर आसान हो जाएगा। बताया जा रहा है कि मोहन सरकार ये सारी तैयारियां सिंहस्थ महाकुंभ को लेकर कर रही है। मोहन सरकार की कोशिश 2027 तक इन्हें पूरा करने की है। जानिए क्या-क्या होगा फायदा इंदौर-उज्जैन के बीच नया फोर लेन ग्रीन फील्ड हाईवे बन जाने से यात्री इंदौर एयरपोर्ट से सिंहस्थ बायपास फोरलेन सड़क मार्ग से चलकर आधे घंटे में सीधे महाकाल मंदिर पहुंच जाएंगे. इस सड़क को पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से भी जोड़े जाने की योजना है. ऐसे में पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने से क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी मददगार साबित होगी. वहीं, इस फोरलेन के निर्माण से जुड़े आसपास के गांवों में स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, होटल, गोदाम और पेट्रोल पंप के लिए जमीन पहले से ही रिजर्व की जा रही है. इससे अधिक से अधिक रोजगार के अवसर बढ़ेगे. यही नहीं इंदौर-उज्जैन के बीच फोर लेन ग्रीन फील्ड हाईवे के अलावा  उज्जैन-जावरा के बीच ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोलल्ड हाईवे का भी निर्माण होने वाला है. इसके बनने से उज्जैन से दिल्ली या मुंबई का सफर आसान हो जाएगा. बताया जा रहा है कि मोहन सरकार ये सारी तैयारियां सिंहस्थ महाकुंभ को लेकर कर रही है.  मोहन सरकार की कोशिश 2027 तक इन्हें पूरा करने की है. recent visitors 78

रातापानी टाइगर रिजर्व का प्रबंधन खुश, केवल बाघों की संख्या ज्यादा थी, लेकिन भेड़िए दिखना भी अभ्यारण के लिए अच्छे संकेत

भोपाल मध्य प्रदेश का रातापानी टाइगर रिजर्व अब एक और जानवर के लिए फेमस होने वाला है. क्योंकि यहां आपको बाघों के अलावा भेड़िए भी देखने को मिलेंगे. क्योंकि अब तक यहां पहुंचे अलग-अलग पर्यटकों को भेड़िए भी दिखे थे, जिन्हें पर्यटकों ने अपने कैमरे में कैद कर लिया. इस बात से  रातापानी टाइगर रिजर्व का प्रबंधन भी खुश नजर आ रहा है, क्योंकि अब तक यहां केवल बाघों की संख्या ज्यादा थी, लेकिन भेड़िए दिखना भी अभ्यारण के लिए अच्छे संकेत हैं. बताया जा रहा है कि अब तक यहां पर कुल सात वुल्फ देखने को मिले हैं. मध्य प्रदेश में है सबसे ज्यादा वुल्फ दरअसल, भारत के सबसे ज्यादा वुल्फ यानि भेड़िये मध्य प्रदेश में ही पाए जाते हैं. साल 2022 में भेड़ियों की गिनती हुई थी, जिसमें पूरे देश में 3170 वुल्फ पाए गए थे, इसमें मध्य प्रदेश 772 भेड़ियों के साथ पहले स्थान पर आया था. जबकि दूसरे नंबर पर राजस्थान था. तीसरे पर गुजरात, चौथे पर महाराष्ट्र और पांचवें पर छत्तीसगढ़ शामिल था. यानि भेड़ियों का सेंटर यही इलाका था. क्योंकि इन सभी राज्यों की सीमा भी मध्य प्रदेश से लगती है. मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा भेड़िए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और पन्ना टाइगर रिजर्व में दिखे थे. लेकिन अब इसमें रातापानी टाइगर रिजर्व का नाम भी जुड़ गया है, जानकरों का मानना है कि वुल्फ माइग्रेट होकर रातापानी पहुंचे हैं. 10 किलोमीटर तक जाती है आवाज वन्य प्राणी विशेषज्ञों के मुताबिक भेड़ियां ऐसा जानवर होता है, जिसकी आवाज 10 किलोमीटर तक भी सुनाई देती है. रातापानी टाइगर रिजर्व में भेड़ियों का मिलना इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि यह टाइगर रिजर्व की जैव विविधता के लिए अच्छा संकेत है. क्योंकि वुल्फ की संख्या तब तेजी से बढ़ती है जब उनके लिए उस इलाके में पर्याप्त मात्रा में भोजन हो, ये केवलल मांस खाता लेकिन भेड़ियां इंसानों को देखकर तुरंत ही भागता है. ये झुंड में शिकार करते हैं और अपने शिकार के लिए एक बार में 200 किलोमीटर तक चल सकते हैं. इनकी औसत आयु 17 साल तक होती है. रातापानी अभ्यारण में जंगल सफारी शुरू हो चुकी है रातापानी को टाइगर रिजर्व का दर्जा मिलने के बाद यहां पर जंगल सफारी शुरू हो चुकी है, सीएम मोहन यादव ने ही जंगल सफारी की शुरुआत की थी. जिसके बाद से लगातार यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है. राजधानी भोपाल के पास होने से यहां लोग खूब घूमने आ रहे हैं.  recent visitors 78

प्रदेश में आने वाले दिनों में तेज हवाएं चलेंगी और ओले गिरने की भी संभावना

भोपाल मध्य प्रदेश में जारी कड़ाके की ठंड के बीच आने वाले कुछ दिनों में मौसम और बिगड़ सकता है। मौसम विभाग ने अगले दो तीन दिन में राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान कुछ जगहों पर ओले गिरने की भी आशंका है। स्थानीय मौसम केंद्र के अनुसार, देश के उत्तरी अंचल में बर्फबारी के चलते राजधानी भोपाल समेत संपूर्ण अंचल में एक बार न्यूनतम तापमान में फिर से गिरावट दर्ज की जाएगी। न्यूनतम तापमान अनेक हिस्सों में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। न्यूनतम तापमान में गिरावट से पिछले तीन चार दिनों से मामूली राहत महसूस की जा रही थी, लेकिन अब आने वाले दिनों में यह गिरकर फिर से 5 से 6 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है। दिसंबर के दूसरे सप्ताह में न्यूनतम तापमान अनेक हिस्सों एक डिग्री से लेकर 5 डिग्री तक दर्ज किया जा रहा था, लेकिन इसमें वृद्धि हुई और यह 7 से लेकर 13 डिग्री तक पहुंच गया। तेज हवाएं चलेंगी और ओले गिरने की भी संभावना मौसम केंद्र के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिमी हवाएं अरब सागर से नमी लेकर भी आएंगी। इस वजह से अगले दो तीन दिनों में अनेक हिस्सों में बारिश होगी और कहीं-कहीं पर ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है। इसके साथ ही सुबह कोहरा छाया रहेगा। तापमान में भी गिरावट आएगी। आज राजधानी भोपाल और आसपास के हिस्सों में सुबह कोहरा दिखाई दिया और सर्द हवाओं का असर भी महसूस किया गया। भोपाल में न्यूनतम तापमान 10़ 2 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान ग्वालियर में 9.3 डिग्री रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान नौगांव में 6.2 डिग्री रहा। इसके अलावा पर्वतीय स्थल पचमढ़ी में यह 7.9 डिग्री रहा। फिलहाल, मध्य प्रदेश में तापमान गिरता चला जा रहा है, जिसके चलते इंदौर में ठंड बढ़ रही है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के कारण मौसम ठंडा हो चुका है, जहां लोग इस ठंड के मौसम से निजात पाने के लिए तरह-तरह की कवायद करते नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग की ओर से जताई गई संभावना पर यदि नजर डालें तो प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है, जिसमें मुख्य तौर पर ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल, इंदौर खंडवा और धार जैसे जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई जा रही है। वहीं एक बार फिर हल्की बारिश होती है तो ठंड बढ़ने की संभावनाएं प्रबल हो जाएंगी। फिलहाल, तापमान काफी कम होता चला जा रहा है, जिसके चलते ठंड बढ़ रही है, वहीं अब यदि एक बार फिर मावठा गिरता है तो तापमान में कमी दर्ज की जाएगी, और सर्द हवाओं की रफ्तार बढ़ेगी। मालवा-निमाड़ में ठंड की दस्तक ठंड के लिए अलग पहचान रखने वाले मालवा निमाड़ अंचल में भी अब गुलाबी ठंड की दस्तक हो चुकी है, जहां ठंड की दस्तक होने के बाद अब तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आने वाले दिनों में इसी तरह से तापमान में गिरावट दर्ज होने का सिलसिला जारी रहेगा, जहां इसी तरह से लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। उधर, प्रदेश के अलग-अलग अंचलों में भी इसी तरह की स्थिति नजर आ रही है, जहां ठंड की दस्तक के साथ ही ठंड लगातार बढ़ रही है। क्या होता है मावठा? मध्य प्रदेश में ठंड के बीच जब बारिश होती है तो उसे मावठा या मावठे की बारिश कहा जाता है। सामान्य तौर पर मावठा ठंड के समय गिरता है, जहां दिसंबर और जनवरी में मावठे की बारिश होती है। मावठे की बारिश के बाद मध्य प्रदेश में ठंड बढ़ जाती है, जहां तापमान लगातार कम होता चला जाता है। मध्य प्रदेश के मालवांचल में मावठा शब्द बेहद लोकप्रिय है, जहां इसे ठंड में हो रही बारिश के लिए उपयोग किया जाता है। मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है, जहां मध्यप्रदेश में भी तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो ठंड के मौसम में एक बार फिर मावठा गिरेगा, जिसके बाद ठंड बढ़ने की संभावना जताई जा रही है,   recent visitors 87

नए साल में डिफेंस में बढ़ेगी भारत की ताकत, वायु सेना को तेजस मार्क-1ए फाइटर एयरक्राफ्ट भी मिलेगा

नई दिल्ली  नया साल स्वदेशी डिफेंस इंडस्ट्री के लिए नई उम्मीदें भी लेकर आएगा। डिफेंस सेक्टर में लगातार आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ने की कोशिश जारी है और आर्म्ड फोर्सेस की जरूरतों पूरी करने के लिए स्वदेशी इंडस्ट्री से कई कॉन्ट्रैक्ट भी साइन हुए हैं। जहां नए साल में भी टेक्नॉलजी ट्रांसफॉर्मेशन पर फोकस रहेगा वहीं LAC पर चीन के साथ गतिरोध पूरी तरह खत्म करने की चुनौती भी होगी। लंबे इंतज़ार के बाद अपाचे आएगा भारतीय सेना को इस साल अटैक हेलिकॉप्टर 'अपाचे' मिलने की उम्मीद है। अमेरिका से आर्मी के लिए 6 अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर की डील हुई थी और पहला अपाचे फरवरी 2024 में मिलना था। लेकिन इंतजार काफी लंबा हो गया। यूपी के अमेठी के फैक्ट्री में बन रही एके-203 असॉल्ट राइफल भी इस साल से आर्मी को मिलना शुरू होने की उम्मीद है। आर्मी को 100 से ज्यादा मैकेनाइज्ड इंफ्रेंट्री वीइकल मिलेंगे, 155 एमएम कैलिबर की अडवांस टोड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) का कॉन्ट्रैक्ट नए साल में साइन हो सकता है। इसके साथ ही टोड गन सिस्टम, पिनाका एक्सटेंडेट रेंज रॉकेट का भी कॉन्ट्रैक्ट साइन होने की उम्मीद है। आर्मी को नए साल में पिनाका की नई रेजिमेंट भी मिल सकती है। शॉर्ट रेंज सर्फेस टू एयर मिसाइल आकाश के नए वर्जन का पहला प्रोटोटाइप मार्च तक मिलने की उम्मीद है। तेजस-मार्क1ए का इंतजार होगा खत्म एयरफोर्स को इस साल तेजस मार्क-1ए मिलने शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, इसमें पहले ही काफी देरी हो गई है। एयरफोर्स के पास 42 फाइटर स्क्वॉड्रन होनी चाहिए। लेकिन इस वक्त एयरफोर्स के पास फाइटर एयरक्राफ्ट की 31 स्क्वॉड्रन हैं। मिग-21 बाइसन की दो स्क्वॉड्रन हैं। 2025 में मिग-21 बाइसन की ये दोनों स्क्वॉड्रन फेज आउट हो जाएगी। यह चुनौती है कि कैसे घटती स्क्वॉड्रन में दोनों मोर्चों के लिए खुद को तैयार रखना है। एयरफोर्स को इस साल एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 की बाकी दो यूनिट मिलने की भी उम्मीद है। इस साल एयरफोर्स को अपने फाइटर जेट के लिए ईस्टर्न लद्दाख में न्योमा एयरफील्ड भी मिल जाएगा। मिलेगी तीसरी न्यूक्लियर सबमरीन नेवी में इस साल तीसरी न्यूक्लियर सबमरीन कमिशन होने की उम्मीद है। तीसरी न्यूक्लियर सबमरीन SSBN अरिधमान के अभी समंदर में ट्रायल चल रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि 2025 में ये नेवी में कमिशन होकर स्ट्रैटजिक फोर्सेस कमांड का हिस्सा बन जाएगी। भारत के पास अभी दो न्यूक्लियर सबमरीन (SSBN) ऑपरेशनल हैं। नेवी को 2025 में प्रोजेक्ट-15बी का चौथा और आखिरी डिस्ट्रॉयर- 'सूरत' भी मिल जाएगा। साथ ही कलवरी क्लास की एक और सबमरीन 'वागशीर' मिलेगी। नीलगिरी क्लास का पहला गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट 'नीलगिरी' साल 2025 में नेवी को मिलेगा। इंडियन ओशन रीजन में जिस तरह चीन अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, उस चुनौती से नए साल में भी नेवी को निपटना होगा। recent visitors 65

भारतवंशी के कायल हुए ट्रंप, श्रीराम कृष्णन को मिली बड़ी जिम्मेदारी?

न्यूयॉर्क अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान किया है, उन्होंने बताया कि भारतीय मूल के अमेरिकी एंटरप्रेन्योर और लेखक श्रीराम कृष्णन Artificial Intelligence (AI) को लेकर बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है. साथ ही वह अमेरिकी लीडरशिप में भी अहम भूमिका अदा करेंगे.   श्रीराम कृष्णन AI को लेकर सीनियम व्हाइट हाउस पॉलिसी एडवाइजर की कमान संभालेंगे. श्रीराम कृष्णन पहले भी कई बड़ी कंपनियों की टीम में अहम जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. इसमें Microsoft, Twitter, Yahoo!, Facebook और Snap आदि के नाम शामिल हैं. ट्रंप ने बताया है कि वह David Sacks के साथ काम करेंगे, जो White House AI & Crypto Czar होंगे. अमेरिकी लीडरशिप पर भी देना होगा ध्यान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, श्रीराम कृष्णन को इस जिम्मेदारी के साथ अमेरिकी लीडरशिप में लगातार ध्यान लगाएंगे. साथ ही AI पॉलिसी को आकार देने और उसे लागू करने में भी मदद करेंगे. श्रीराम ने माइक्रोसॉफ्ट में अपना करियर Windows Azure के संस्थापक सदस्य के रूप में शुरू किया. नियुक्ति पर श्रीराम कृष्णन ने खुशी जाहिर की श्रीराम कृष्णन ने इस नियुक्ति पर खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा, मैं अपने देश की सेवा करने और डेविड के साथ मिलकर काम करते हुए AI में लगातार अमेरिकी लीडरशिप को शामिल करने पर सम्मानित महसूस कर रहा हूं. भारतीय मूल के अमेरिकी समुदाय ने स्वागत किया बताते चलें कि कृष्णन की नियुक्ति का भारतीय अमेरिकी समुदाय ने स्वागत किया. इंडियास्पोरा के कार्यकारी निदेशक संजीव जोशीपुरा ने कहा कि श्रीराम कृष्णन को हार्दिक बधाई देते हैं और खुशी है कि उन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के साइंस और टेक्नोलॉजी पॉलिसी ऑफिस में वरिष्ठ नीति सलाहकार के रूप में नियुक्त किया है. कौन हैं श्रीराम कृष्णन? श्रीराम कृष्णन का जन्म चेन्नई में हुआ था। उन्होंने तमिलनाडु के कांचीपुरम के कट्टनकुलथुर में एसआरएम इंजीनियरिंग कॉलेज से सूचना प्रौद्योगिकी में बीटेक की पढ़ाई पूरी की। वह 21 साल की उम्र में 2005 में अमेरिका चले गए। उनके पिता बीमा में काम करते थे। जबकि उनकी मां एक गृहिणी थीं। कृष्णन इससे पहले 'माइक्रोसॉफ्ट', 'ट्विटर (अब X)', 'याहू', 'फेसबुक' और 'स्नैप' में 'प्रोडक्ट टीमों' का नेतृत्व कर चुके हैं। वह डेविड ओ. साक्स के साथ काम करेंगे। ट्रंप ने डेविड को 'व्हाइट हाउस एआई एंड क्रिप्टो जार' नामित किया है। कृष्णन ने तमिलनाडु कट्टनकुलथुर में एसआरएम वल्लियमई इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई की। उन्होंने अपना करियर माइक्रोसॉफ्ट से शुरू किया, जहां उन्होंने Windows Azure के विकास में योगदान दिया। इसके एपीआई और सेवाओं पर काम किया। वह प्रोग्रामिंग विंडोज एज्योर फॉर ओ'रेली (Programming Windows Azure for O’Reilly) नामक पुस्तक के लेखक हैं। कृष्णन 2013 में फेसबुक से जुड़े, जहां उन्होंने कंपनी के मोबाइल ऐप डाउनलोड विज्ञापन व्यवसाय को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में उन्होंने स्नैप में भी काम किया। कृष्णन ने 2019 तक ट्विटर (अब X) में काम किया, जहां उन्होंने प्लेटफॉर्म के पुनर्गठन पर एलॉन मस्क के साथ सहयोग किया। कृष्णन ने 2022 में अधिग्रहण के बाद ट्विटर (अब एक्स) को नया रूप देने के लिए मस्क के साथ काम किया। वह 2021 में आंद्रेसेन होरोविट्ज (a16z) में एक सामान्य भागीदार बन गए। बाद में 2023 में उन्होंने लंदन में फर्म के पहले अंतरराष्ट्रीय कार्यालय का नेतृत्व किया। उद्यमी OpenAI's के ChatGPT और बड़े इंटरनेट प्लेटफॉर्म जैसे AI-संचालित मॉडल के बीच चुनौतियों को हल करने के लिए टेक्नोलॉजी का लाभ उठाने के भी हिमायती रहे हैं। उन्हें 2021 में पॉडकास्ट 'द आरती एंड श्रीराम शो' के होस्ट के रूप में भी पहचान मिली। कृष्णन अपनी पत्नी आरती राममूर्ति के साथ इस पर काम करते हैं।     recent visitors 71