केंद्रीय सरकार का बड़ा फैसला, ‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ समाप्त, जानें पूरा अपडेट

नई दिल्ली केंद्र की मोदी सरकार ने शिक्षा की दिशा में अहम बदलाव की ओर कदम बढ़ाते हुए एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, सरकार ने पढ़ाई में सुधार को ध्यान में रखते हुए ‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ को खत्म कर दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद अब 5वीं और 8वीं कक्षा के बच्चों को अगली क्लास में तभी प्रमोट किया जाएगा जब वह परीक्षा पूरी तरह से पास करेंगे। अभी तक 5वीं और 8वीं के बच्चों को अगली क्लास में जाने के लिए परीक्षा पास करना अनिवार्य नहीं था। फेल छात्रों को 2 महीने के अंदर देना होगा एग्जाम सरकार के इस फैसले के की जानकारी केंद्रीय शिक्षा विभाग के सेक्रेटरी संजय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी। उन्होंने पीसी में बताया कि सरकार सरकार ने निर्णय किया है कि 5वीं और 8वीं में फेल होने वाले छात्र 2 महीने के भीतर दोबारा परीक्षा दे सकते हैं, लेकिन अगर वह दोबारा भी फेल होते हैं तो उन्हें अब अगली क्लास में प्रमोट नहीं किया जाएगा। साथ ही सरकार ने इसमें एक प्रावधान भी जोड़ा है कि 8वीं तक के ऐसे बच्चे को स्कूल से निष्कासित भी नहीं किया जाएगा। शिक्षा में सुधार के लिए उठाया गया कदम शिक्षा विभाग के सचिव संजय कुमार ने आगे कहा कि हमारा प्रयास शिक्षा में सुधार के लिए उपाय सभी संभव और जरूरी उपाय करने का है और यह फैसला उसी को ध्यान में रखकर लिया गया है। इस फैसले के बाद हमने यह भी तय किया है कि हमारे स्कूलों में ऐसे बच्चे जिनका पढ़ाई से किसी कारणवश विशेष लगाव नहीं है उन पर विशेष ध्यान भी दिया जाएगा और इसीलिए हमने इस पॉलिसी के अंडर आने वाले बच्चों के लिए दोबारा एग्जाम जल्द आयोजित करने का फैसला किया है। एक्ट में बदलाव के बाद लागू हुई थी पॉलिसी बता दें कि ‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ के खत्म होने के बाद केंद्र सरकार के करीब 3000 से अधिक स्कूल इस फैसले से प्रभावित होंगे। केंद्र सरकार के अंतर्गत केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और सैनिक स्कूल आते हैं। ‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ को 2019 में राइट टू एजुकेशन एक्ट में संशोधन के बाद लागू किया गया था। इस पॉलिसी को इस साल दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने भी खत्म कर दिया था। दिल्ली शिक्षा निदेशालय (डीओई) ने इसी साल मार्च में सरकार ने कक्षा 5 और 8 में ‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ को समाप्त करने के मद्देनजर कक्षा 6 से 8 में प्रवेश के लिए मौजूदा नीति में संशोधन किया था। दो महीने के भीतर दोबारा परीक्षा का मौका इस नई व्यवस्था के अनुसार, असफल स्टूडेंट्स को दो महीने के भीतर दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा, लेकिन अगर स्टूडेंट्स दोबारा असफल होते हैं, तो उन्हें अगली क्लास में प्रमोट नहीं किया जाएगा. हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि क्लास 8 तक किसी भी स्टूडेंट्स को स्कूल से निष्कासित नहीं किया जाएगा. इसलिए लिया गया ये फैसला शिक्षा मंत्रालय के सचिव संजय कुमार ने बताया कि यह फैसला बच्चों के पढ़ाई के परिणाम सुधारने के उद्देश्य से लिया गया है. उनका कहना है कि बच्चों की सीखने की क्षमता में गिरावट को रोकने के लिए इस कदम को जरूरी समझा गया.मंत्रालय ने विशेष रूप से क्लास 5 और 8 पर ध्यान केंद्रित किया है, क्योंकि इन क्लासओं को बुनियादी शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. इस नई नीति से स्टूडेंट्स और टीचर्स दोनों को पढ़ाई के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाने का प्रयास किया गया है. recent visitors 142

इजरायल के अनुभव, प्रयासों और सुझावों से रीवा नगर निगम क्षेत्र में बेहतर जल प्रबंधन किया जायेगा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

जल वितरण प्रणाली को लीकेज प्रूफ बनाने के साथ रीवा के हर घर में शुद्ध जल सप्लाई सुनिश्चित करना है: उप मुख्यमंत्री शुक्ल भविष्य आधारित, पर्यावरण अनुसंगत योजना का करें निर्माण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल इजरायल के अनुभव, प्रयासों और सुझावों से रीवा नगर निगम क्षेत्र में बेहतर जल प्रबंधन किया जायेगा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल इजराइल का प्रतिनिधि मंडल करेगा सहयोग भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि जल प्रबंधन के लिये इजरायल का नाम विश्व में विख्यात है। उनके अनुभव, प्रयासों और सुझावों से रीवा नगर निगम क्षेत्र में बेहतर जल प्रबंधन किया जायेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि योजना का निर्माण भविष्य की आवश्यकताओं और मांग को ध्यान में रखकर किया जाये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा शहर में जल वितरण प्रणाली को लीकेज प्रूफ बनाने के साथ हर घर में शुद्ध जल पहुँचना सुनिश्चित करना है। जल संग्रहण के साथ जल का संवर्धन भी भविष्य की मांग को पूरा करने के लिये आवश्यक है। जल को उपचारित कर पुनः प्रयोग करना समय की मांग है और पर्यावरण अनुसंगत है। इसे ध्यान में रखते हुए योजना का निर्माण किया जाये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने चार इमली स्थित निवास कार्यालय में नगर निगम रीवा में वाटर सप्लाई सुविधा के विस्तार, प्रबंधन और सशक्तीकरण के लिये इजराइल के प्रतिनिधि मंडल से चर्चा की। जल प्रबंधन और वितरण नेटवर्क सुदृढ़ीकरण पर इज़राइल के प्रतिनिधि मंडल ने अनुभव किये साझा इजरायल प्रतिनिधि मंडल ने बेहतर जल प्रबंधन और वितरण नेटवर्क सुदृढ़ीकरण पर अपने अनुभव को साझा किया। जल संसाधन प्रबंधन के लिये कृत्रिम और प्राकृतिक सोर्स का चिन्हांकन किया जाना महत्वपूर्ण है। कृत्रिम स्तंभों में अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग शामिल है। प्राकृतिक स्तंभों में वर्षा जल संग्रहण, भूजल पुनर्भरण, झील व भूजल निगरानी, और बाढ़ जल संग्रहण शामिल हैं। प्रभावी प्रबंधन के लिए संरक्षण और पुनःप्राप्ति सुनिश्चित कर जल संसाधनों का सतत उपयोग सुनिश्चित किया जा सकता है। इजराइल प्रतिनिधि मंडल में वॉटर अटैशे श्रीमती नोआ अमसालेम, वरिष्ठ जल संसाधन विशेषज्ञ नीरज गहलावत शामिल थे। भारत में इज़राइल वॉटर अटैशे दोनों देशों के बीच जल संसाधन प्रबंधन, तकनीकी सहयोग और अनुसंधान में साझेदारी को मजबूत करने का कार्य करते हैं। जल संरक्षण, पुनर्चक्रण और कुशल सिंचाई तकनीकों जैसे क्षेत्रों में तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान करते हैं। इसके साथ ही, जल सुरक्षा, जल प्रदूषण नियंत्रण और नीति निर्माण में सहयोग प्रदान करते हैं। वॉटर अटैशे शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के बीच संयुक्त परियोजनाओं को प्रोत्साहित करते हैं और जल संकट से निपटने के लिए दीर्घकालिक समाधान विकसित करने में मदद करते हैं। आगामी 2 वर्ष में रीवा शहर में 15 हज़ार नल कनेक्शन, 450 किमी वितरण नेटवर्क होगा तैयार नगर निगम रीवा में तकनीकी सलाहकार यूएडीडी सतीश कुमार राव ने रीवा में अब तक किये गये कार्य, प्रस्तावित योजना की जानकारी दी। रीवा शहर में वर्तमान में 550 किमी वितरण नेटवर्क से 45 हजार परिवारों को नल कनेक्शन दिये गये हैं। 23 मिलियन किली की भंडारण क्षमता है। 58 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट किया जा रहा है। अमृत 2.0 परियोजना में 2026 तक 37 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट 18.7 मिलियन किली भंडारण क्षमता 450 किमी वितरण नेटवर्क और 15 हज़ार नये जल कनेक्शन दिया जाना प्रस्तावित है। साथ ही पुरानी नेटवर्क प्रणाली को रिपेयर करना कार्ययोजना का प्रमुख अंग है। रीवा में 24×7 वॉटर सप्लाई सुनिश्चित करने के लक्ष्य पर योजना का निर्माण किया जा रहा है, इसके लिये जल के ज़िम्मेदारी पूर्ण उपयोग के लिये जन-जागरूकता अभियान को भी प्रस्ताव में शामिल किया जायेगा।   recent visitors 92

मुख्यमंत्री साय नई दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में हुए शामिल

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नई दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में शामिल हो रहे हैं, जहां वे देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों से सीधा संवाद करेंगे. इस दौरान बस्तर में पर्यटन की संभावनाओं पर विस्तार को लेकर बात की जायेगी. मुख्यमंत्री साय बस्तर और नवा रायपुर जैसे क्षेत्रों में निवेश के संभावनाओं को भी लेकर चर्चा करेंगे. इस मीट में उद्योग विभाग के मंत्री लखन लाल देवांगन, फिक्की के पूर्व अध्यक्ष सुभ्रकांत पांडा, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार और नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए हैं. इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में देश के 10 प्रमुख उद्योगपतियों शिरकत कर रहे है. नई औद्योगिक नीति राज्य सरकार ने 1 नवंबर को लागू की गई नई औद्योगिक नीति ने निवेशकों को विशेष तौर पर निवेशकों का ध्यानाकर्षित किया. सिंगल विंडो क्लीयरेंस, टैक्स इंसेंटिव्स, और भूमि आवंटन जैसी सुविधाएं दी गई है. नई नीति से राज्य को उद्योगों के लिए एक मजबूत केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक बनेगी. recent visitors 43

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश के हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वास्थ्य जागरूकता, समय पर निदान और रोकथाम के उपायों को सफलतापूर्वक लागू कर, हम प्रदेश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनायेंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर डिलीवरी और स्वास्थ्य मानकों में सुधार के लिए जनता को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, स्वास्थ्य देखभाल के उचित तरीकों और आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने चार इमली स्थित निवास कार्यालय पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और प्रदेश में स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने के लिए जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा की। स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिये महत्वपूर्ण है समय पर चिन्हांकन उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि समय पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के लिए सही समय पर चिन्हांकन आवश्यक है। जिससे उनका सही समय पर समाधान भी सुनिश्चित किया जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रोकथाम आधारित स्वास्थ्य देखभाल (प्रिवेंटिव हेल्थ केयर मेजर्स) स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय जितना ही महत्वपूर्ण है। इससे प्रदेश में शिशु मृत्यु दर (IMR) और मातृ मृत्यु दर (MMR) सहित विभिन्न स्वास्थ्य मानकों में सुधार लाया जा सकता है। स्वास्थ्य अभियानों में जन-सहभागिता को करें प्रोत्साहित उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जनता को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने के लिए जन-जागरूकता अभियानों को और प्रभावशाली बनाया जाए। आम नागरिकों को स्वास्थ्य प्रबंधन, सही खानपान, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वास्थ्य देखभाल के सही तरीकों के प्रति शिक्षित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि क्या करें और क्या न करें (Do’s & Don’ts) की स्पष्ट जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए, जिससे बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने जनसहभागिता को प्रोत्साहित करने पर बल दिया, जिससे स्वास्थ्य अभियानों को सफलतापूर्वक लागू किया जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिये हैं कि एक सप्ताह के भीतर जागरूकता गतिविधियों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। जिसमें स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों, समय पर निदान और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी डिलीवरी को शामिल किया जाए। बैठक में उप मुख्यमंत्री शुक्ल को प्रदेश में चल रही स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी गयी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की प्रबंध संचालक डॉ. सलोनी सिडाना, आईईसी निदेशक डॉ. रचना दुबे और उप निदेशक (आईईसी) डॉ. अर्चना पुंधीर उपस्थित रहीं।   recent visitors 64

कर्नाटक में भयानक हादसा,एक झटके में काल के गाल में समा गये 6 लोग

 बेंगलुरु बेंगलुरु के बाहरी इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 एक भीषण हादसा हुआ, जिसमें एक सीईओ के परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई. एक भारी कंटेनर ट्रक अनियंत्रित होकर उनकी लग्जरी वोल्वो कार पर पलट गया. कार में सवार सभी 6 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. हादसा बेंगलुरु के नेलमंगला में हुआ. हादसे में मृत परिवार के लोग अपनी लग्जरी कार से विजयपुरा जा रहे थे. इस हादसे में परिवार के 2 बच्चे भी मारे गए हैं. बेंगलुरु में हुए इस हादसे का CCTV फुटेज सामने आ गया है. फुटेज में साफ नजर आ रहा है कि एक ट्रक की कहीं जोरदार टक्कर होती है और फिर इसके बाद वह एक कार पर पलट जाता है. हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर का कहना है कि ट्रक के आगे एक कार थी. टक्कर से बचने के लिए उसने स्टीयरिंग व्हील को सड़क के डिवाइडर की तरफ मोड़ दिया, जिसके कारण दुर्घटना हुई. हादसे में ट्रक ड्राइवर भी हुआ घायल पुलिस के मुताबिक डिप्टी एसपी रैंक के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं. दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला जा रहा है. पुलिस का कहना है कि ट्रक ड्राइवर झारखंड का रहने वाला है, जिसका नाम आरिफ है. हादसे में वह भी घायल हुआ है. दो कार बचाने के चक्कर में हुआ हादसा! ट्रक ड्राइवर आरिफ का दावा है कि वह 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जा ट्रक चला रहा था. तभी उसके आगे चल रही कार के ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगा दिए. उन्हें बचाने के चक्कर में ही उससे ट्रक का नियंत्रण हट गया. उसने बताया,'कार को बचाने के लिए मैंने स्टीयरिंग व्हील को सड़क के डिवाइडर की तरफ मोड़ दिया. लेकिन फिर मैंने एक और कार देखी और स्टीयरिंग को फिर से बाईं ओर मोड़ दिया. इस वजह से स्टील से भरा कंटेनर गिर गया.' नहीं थी कार कुचले जाने की जानकारी पुलिस ने बताया कि ट्रक चालक को इस बात का पता नहीं था कि एक लग्जरी कार उसके ट्रक के नीचे कुचल गई है और इस हादसे में एक परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई है. भयानक सड़क हादसे में गई जान येगापागोल और अन्य लोग अपनी नई वोल्वो एक्ससी90 एसयूवी में महाराष्ट्र के अपने गृहनगर सांगली जा रहे थे। सुबह करीब 11 बजे हाईवे के बेंगलुरु-तुमकुरु खंड पर टिप्पागोंडानहल्ली के पास यह भयानक दुर्घटना हुई। सड़क सुरक्षा को लेकर खड़े हुए सवाल लोगों ने इतनी महंगी कार को होने के बावजूद सड़क सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर एक यूजर द स्किन डॉक्टर ने लिखा, 'दुनिया की सबसे सुरक्षित कारों में से एक के रूप में प्रसिद्ध वोल्वो XC90 ने 2002 में लॉन्च होने के बाद से यूके में शून्य फैटल एक्सिडेंट दर्ज किए हैं। कल्पना कीजिए कि आप इस कार में इसकी बेजोड़ सुरक्षा के लिए निवेश करते हैं, लेकिन आपको दुखद अंत का सामना करना पड़ता है क्योंकि विपरीत लेन में एक कार अचानक धीमी हो जाती है, जिससे उसके पीछे एक कंटेनर ट्रक नियंत्रण खो देता है, डिवाइडर को पार कर जाता है, और आपको, आपके पति/पत्नी, तीन बच्चों और एक रिश्तेदार को कुचल देता है। वोल्वो की कोई गलती नहीं है, क्योंकि कोई भी कार इतने भारी वजन के नीचे कुचल जाती। बस भाग्य का एक दुर्भाग्यपूर्ण मोड़। दुखद है कि मौत आपको सबसे अप्रत्याशित तरीकों से कैसे पा सकती है, भले ही आपने सुरक्षित रहने के लिए सब कुछ किया हो।' जमकर बरसे यूजर्स दुखद मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए एक अन्य यूजर ने कहा, 'आप सुरक्षित कारें बना सकते हैं, लेकिन भारत सबसे असुरक्षित सड़कें बनाएगा, कुछ सौ रुपये में ड्राइविंग लाइसेंस वितरित करेगा, और राजमार्गों पर अराजकता का शासन करेगा। हर घंटे 19 लोग लापरवाह ड्राइविंग, गड्ढों और एक ऐसी व्यवस्था के कारण मरते हैं जो राजनेताओं के वादों से भी ज़्यादा भ्रष्ट है। भारतीय सड़कें सचमुच भारत के भविष्य को मार रही हैं।' 'सुरक्षित कार खरीद सकते हैं लेकिन सुरक्षित सड़क नहीं' एक अन्य यूजर ने लिखा, 'आप एक वोल्वो XC90 खरीदते हैं, यह सोचकर कि यह अमरता के लिए आपकी स्वर्णिम टिकट है। फिर किस्मत आपके चेहरे पर हंसती है और एक बदमाश कंटेनर ट्रक "डक द बॉल" का अंतिम खेल खेलता है। बाजार में सबसे सुरक्षित कार खरीद सकते हैं लेकिन रोड सेफ्टी नहीं। आप सबसे मंहगी और अच्छी लाइफ जैकेट खरीद सकते हैं लेकिन स्वीमिंग पूल ही खराब हो तो आप मौत से कैसे बच सकते हैं?' सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने वाले एक्स हैंडल ड्राइवस्मार्ट ने दुर्घटना स्थल से तस्वीर पोस्ट की। इसमें लिखा, 'यह तस्वीर एक अनुस्मारक है कि सड़क पर अकेले महंगी सुरक्षित कार से सुरक्षा नहीं मिलती। सुरक्षित सड़कें + सुरक्षित चालक + सुरक्षित कार ये तीनों सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं। सुरक्षा मानकों के सभी ट्रायल में पास इस वॉल्वो में बैठे सभी यात्रियों की जान चली गई।' recent visitors 59

भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : सरकार हर स्तर पर करेगी प्रभावी कार्यवाही

प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत-अभिनंदन है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश को मिलेगी केन-बेतवा लिंक परियोजना की सौगात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : सरकार हर स्तर पर करेगी प्रभावी कार्यवाही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री डॉ. धामी का स्वागत भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केन-बेतवा लिंक परियोजना की सौगात देने मध्यप्रदेश पधार रहे हैं, उनका प्रदेश की धरती पर स्वागत अभिनंदन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नदी जोड़ो अभियान बड़े स्वरूप में आकार लेगा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर प्रदेश को मिल रही इस सौगात से सागर, दतिया सहित सम्पर्ण बुंदेलखण्ड को पर्याप्त सिंचाई और पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनकल्याण पर्व में सागर गौरव दिवस में क्षेत्र को सौगातें प्रदान करने के कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल की भी सहभागिता होगी। इन सौगातों से सम्पूर्ण क्षेत्र का आने वाला कल बेहतर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजकीय विमान तल पर मीडिया से चर्चा में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने कई कठोर निर्णय लिए हैं, जिनमें टोल बैरियर पर वसूली बंद करने का निर्णय भी एक है। राज्य सरकार किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। इसके लिए जिस भी स्तर पर आवश्यक होगा सरकार द्वारा कार्यवाही की जाएगी। सुशासन के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में विकास और जनकल्याण की दिशा में हम निरंतर गतिशील है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजकीय विमानतल पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री डॉ. पुष्कर सिंह धानी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। साथ ही चंदेरी का अंगवस्त्र और राजभोज की प्रतिमा भेंट की। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री डॉ. धामी ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पगुच्छ और शाल भेंट कर अभिवादन किया।   recent visitors 39

जयंत चौधरी ने RLD के अपने सभी प्रवक्ताओं को हटाया, जाने के है वजह

नईदिल्ली केंद्र में सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA में साझेदार राष्ट्रीय लोकदल के नेता और केंद्रीय मंत्री ने अपने पार्टी के नेताओं पर सख्त एक्शन लिया है. पार्टी ने अपने सभी प्रवक्ताओं को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है. राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी द्वारा जारी एक चिट्ठी में इस फैसले की जानकारी दी गई है. जानकारी के अनुसार रालोद चीफ जयंत चौधरी के आदेश पर यह एक्शन हुआ है. रालोद की मेरठ इकाई ने इस फैसले की जानकारी अपने मीडिया ग्रुप में दी. बीते दिनों एक प्रवक्ता ने गृहमंत्री अमित शाह के बयान की आलोचना की थी. इसके बाद अब यह फैसला लिया गया है. रालोद नेता त्रिलोक त्यागी द्वारा जारी चिट्ठी में कहा गया है कि राष्ट्रीय लोकदल के सभी राष्ट्रीय प्रवक्ताओं एवं उत्तर प्रदेश के सभी प्रवक्ताओं को तत्काल प्रभानव से निरस्त किया जाता है. बीते दिनों रालोद प्रवक्ता कमल गौतम ने कहा था कि गृह मंत्री का बयान सही नहीं है और उन्हें माफी मांगनी चाहिए. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को जो लोग भगवान मानते हैं, वह भगवान मानत रहेंगे. उनके लिए ऐसा बयान उचित नहीं है. अमित शाह ने असल में क्या कहा था? केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 17 दिसंबर को राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान कहा था कि अभी एक फैशन हो गया है.. आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर. इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता. उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर हमला जारी रखते हुए कहा था कि हमें तो आनंद है कि आंबेडकर का नाम लेते हैं. आंबेडकर का नाम अभी सौ बार ज्यादा लो. परंतु आंबेडकर जी के प्रति आपका भाव क्या है ये मैं बताता हूं. आंबेडकर जी को देश कि पहली कैबिनेट से इस्तीफा क्यों दे दिया. गृह मंत्री ने आगे कहा था कि उन्होंने (आंबेडकर) कई बार कहा कि वह अनुसूचित जातियों और जनजातियों के साथ होने वाले व्यवहार से असंतुष्ट हैं. उन्होंने सरकार की विदेश नीति से असहमति जताई थी, अनुच्छेद 370 से भी सहमत नहीं थे. आंबेडकर को आश्वासन दिया गया था, जो पूरा नहीं हुआ, इसलिए कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था. "अमित शाह यहीं नहीं रुके, उन्होंने इसके बाद जवाहरलाल नेहरू का एक बयान भी पढ़ा जो आंबेडकर के इस्तीफे के बारे में दिया गया था. उन्होंने कहा, “श्री बीसी रॉय ने पत्र लिखा कि आंबेडकर और राजाजी जैसे दो महानुभाव मंत्रिमंडल छोड़ेंगे तो क्या होगा, तो नेहरू जी ने उनको जवाब में लिखा है- राजाजी के जाने से तो थोड़ा बहुत नुकसान होगा, आंबेडकर के जाने से मंत्रिमंडल कमजोर नहीं होता है.” अमित शाह का पूरा भाषण यहां सुना जा सकता है. recent visitors 81