मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति पर BJP में बवाल, मंडल अध्यक्ष के लिए 45 से कम उम्र का क्राइटेरिया तय

भोपाल मध्य प्रदेश में बीजेपी के संगठन चुनाव हो रहे हैं, जहां संगठन में नए पदाधिकारियों की नियुक्तियां चल रही हैं. संगठनात्मक रूप से मध्य प्रदेश में बीजेपी के 60 जिले हैं, जिसमें मंडल अध्यक्ष चुने जाते हैं. लेकिन प्रदेश में बीजेपी ने 18 मंडल अध्यक्षों के चुनाव निरस्त कर दिए हैं, क्योंकि बीजेपी की चुनाव समिति के पास करीब 100 शिकायतें पहुंची थी, जहां जांच में यह बात सामने आई है कि कई जगह नेताओं ने अपनी उम्र छुपाई है. ऐसे में चुनाव निरस्त कर दिए गए. वहीं जो शिकायतें बीजेपी की चुनाव समिति के पास पहुंची हैं, उनका निराकरण भी जल्द किया जा सकता है. सिवनी जिले में सबसे ज्यादा दरअसल, बताया जा रहा है कि डेढ़ दर्जन ऐसे मंडल हैं, जहां पर अध्यक्ष बनने के लिए नेताओं ने अपनी उम्र घटाकर संगठन को बताई थी, ऐसे में जांच के बाद 18 मंडलों के चुनाव ही आधिकारिक तौर पर निरस्त कर दिए गए हैं, जिसमें सबसे ज्यादा मंडल अध्यक्ष सिवनी जिले के हैं. क्योंकि बीजेपी ने मंडल अध्यक्ष के पद के लिए उम्र का क्राइटेरिया 45 साल तय किया था, इसके अलावा उन नेताओं को भी मंडल अध्यक्ष नहीं बनाने के निर्देश दिए थे जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा हो, या फिर किसी नेता ने भविष्य में पार्टी के खिलाफ काम किया था. इसलिए बीजेपी ने इस बार चुनावी संगठन में इन सभी बातों का विशेष ध्यान रखने की बात कही थी. यहां के चुनाव हुए निरस्त सिवनी जिले में उत्तर सिवनी, बंडोल, बीजादेवरी, सुकतरा, कुरई में मंडल अध्यक्ष के चुनाव निरस्त कर दिए हैं.  वहीं बड़वानी जिले में अंजड़, चाचरिया, पानसेमल में भी मंडल अध्यक्ष के चुनाव निरस्त हुए हैं. जबकि राजगढ़ जिले में बोड़ा, गुलाबता और तलेन में भी मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियों को निरस्त कर दिया है.     सिंगरौली जिले के निवास     टीकमगढ़ जिले के लिधौरा     श्योपुर जिले के पाण्डौला     खरगोन जिले के गोगांवां     पन्ना जिले के गुन्नौर     छतरपुर जिले के गौरिहार     धार जिले के सादलपुर   वहीं मंडल अध्यक्षों और संगठन के चुनाव को लेकर बीजेपी के संगठन चुनाव अधिकारी और पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर का कहना है कि मंडस अध्यक्षों के चुनाव की लगभग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. कुछ आपत्तियां आई थी, उनका भी समाधान भी कर दिया गया है. अंतिम परिणाम भी जल्द ही सामने आ जाएगा. वहीं जिन लोगों ने आपत्तियां जताई हैं उनका निराकरण भी जल्द किया जाएगा.  recent visitors 211

देश-विदेश से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर कनेक्टिविटी की आवश्यकता : केंद्रीय मंत्री नायडू

  उज्जैन विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में आज सोमवार को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने बाबा महाकाल के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। नायडू ने चांदी द्वार से भगवान का पूजन-अर्चन कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि "आज पहली बार बाबा महाकाल के दर्शन करने का अवसर मिला। बहुत अच्छा लग रहा है। काफी समय से मेरी इच्छा थी कि यहां आकर बाबा का आशीर्वाद लूं और आज यह मुमकिन हुआ। जिस तरह से यह पूरा कॉम्प्लेक्स विकसित किया गया है, वह सराहनीय है। मुख्यमंत्री, सांसद और अन्य लोगों ने यहां बहुत अच्छा माहौल बनाया है। जो भी कार्यक्रम यहां चल रहे हैं, वे सभी सुविधाजनक तरीके से प्रबंधित हैं।" इस दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति की ओर से सत्कार अधिकारी अभिषेक शर्मा ने बाबा महाकाल का प्रसाद और दुपट्टा ओढ़ाकर केंद्रीय मंत्री नायडू का सम्मान किया। केंद्रीय मंत्री के साथ सांसद शंकर लालवानी, सांसद अनिल फिरोजिया और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। उज्जैन में एयरपोर्ट बनाने की संभावना तलाशेंगे नायडू ने आगे कहा कि आंध्र प्रदेश से भी बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन महाकाल के दर्शन के लिए आते हैं। यहां चल रहे विकास कार्यों में आगे और विस्तार की संभावना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान उन्होंने यहां एयरपोर्ट की सुविधा की आवश्यकता बताई। हम राज्य सरकार के साथ मिलकर इस संभावना को तलाशेंगे। जितनी जल्दी हो सके, इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद करेंगे। हम चाहते हैं कि न केवल देशभर से, बल्कि दुनियाभर के लोग यहां आएं और उन्हें बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाएं मिले। हमारी ओर से जो भी सहयोग संभव होगा, वह प्रदान किया जाएगा। recent visitors 57

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा हमारे देश का युवा आत्मविश्वास से भरा हुआ है, आज भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप वाला देश है

नई दिल्ली देशभर में 45 जगहों पर आयोजित किए गए रोजगार मेले में 71 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र बांटे गए हैं। इस मौके पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, हमारी सरकार ने पिछले एक या डेढ़ साल में लगभग 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है, यह एक रिकॉर्ड है। पीएम मोदी ने कहा कि चयनित सभी युवा नई सरकारी व्यवस्था का हिस्सा बनने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई लक्ष्य नहीं जिसे युवा पा ना सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे देश का युवा आत्मविश्वास से भरा हुआ है। आज भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप वाला देश है। युवाओं को हर सेक्टर में आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही है। ग्रामीण भारत में रोजगार देने के लिए बैंक सखी जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं नवनियुक्त कर्मियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवाओं के सामर्थ्य और प्रतिभा का भरपूर उपयोग उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, 'रोजगार मेलों के जरिए हम लगातार इस दिशा में काम कर रहे हैं। पिछले 10 वर्षों से सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संस्थानों में सरकारी नौकरी देने का अभियान चल रहा है। आज भी 71,000 से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं।' यह रोजगार मेला देश भर में 45 स्थानों पर आयोजित किया गया। चयनित अभ्यर्थियों को केन्द्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में नियुक्त किया जाएगा। इनमें गृह मंत्रालय, डाक विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा शामिल हैं। रोजगार मेले की शुरुआत 22 अक्टूबर 2022 को हुई थी। हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार ने बताया था कि रोजगार मेले के जरिए अब तक कई लाख युवाओं को नौकरी दी जा चुकी है। recent visitors 59

लोकायुक्त के शिकंजे में फंसे परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय की एंट्री

भोपाल  लोकायुक्त के शिकंजे में फंसे परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) की एंट्री हो गई है। ईडी ने सौरभ शर्मा और चेतन सिंह गौर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में सौरभ के परिवार से भी पूछताछ की जाएगी। इधर जांच का दायरा जैसे-जैसे बढ़ रहा है, वैसे ही नए-नए खुलासे भी हो रहे हैं। अब सौरभ के बारे में पता चला है कि वह नौकरी छोड़ने के बाद भी परिवहन विभाग में सक्रिय था। अपने लोगों को परिवहन के चेक पोस्टों पर भेजा करता था। हालांकि तब सितंबर 2023 में कुछ अधिकारियों ने इसका विरोध करते हुए जानकारी ऊपर तक भी पहुंचाई थी, लेकिन इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं अब लोकायुक्त और आयकर विभाग के रडार पर आने के बाद सौरभ शर्मा के बारे में ये सारी बातें सामने आ रही हैं। हालांकि जिन अधिकारियों के सामने तब ये मामले आए थे, अब वे भी कुछ कहने से बच रहे हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो सौरभ शर्मा के पास करीब 12 लोगों की ऐसी टीम थी, जिनको परिवहन के चेक पोस्टों पर वसूली का अनुभव था। बीच-बीच में उसके लोगों के वीडियो भी सोशल मीडिया के अलग-अलग माध्यमों पर वायरल हुए थे, तब मामला ऊपर तक भी पहुंचा था, लेकिन लिखित शिकायत से पहले ही पूरा मामला दबा दिया गया था। परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सौरभ काफी सतर्क रहकर काम करता था। उसे नाकों की भी पूरी खबर रहती थी। अगर उसके लोगों की कुछ शिकायत आती थीं तो वह अपने रसूख का उपयोग कर उसे दबा देता था। आयकर विभाग का बिल्डर के बाद सौरभ पर फोकस आयकर विभाग की टीम ने बिल्डर के यहां छापेमारी में अहम राजफाश करने के बाद अब सौरभ शर्मा पर फोकस बढ़ा दिया है। दिल्ली से दिशा-निर्देश मिलने के बाद आयकर विभाग ने सोने और 10 करोड़ रुपये की नकदी की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। सौरभ के दुबई से भारत आने के बाद उसे पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। ऊपर से रकम को होल्ड करने के मिले निर्देश आयकर सूत्रों का कहना है कि रातीबड़ में एक फार्म की जमीन पर खड़ी कार से जब्त सोना और रुपये को लोकायुक्त को वापस करने की चर्चाओं पर अब विराम लग गया है। आला अधिकारियों की बैठक के बाद रकम को होल्ड करने का निर्णय लिया गया है। जब तक सोने की पूरी जानकारी नहीं मिल जाती है, तब तक रकम और सोना आयकर विभाग के पास ही रहेगा। पूर्व परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा… पढ़िए अब तक की पूरी कहानी     पूर्व परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा के यहां कुछ रोज पहले ही लोकायुक्त ने भोपाल निवास व कार्यालय पर छापा मारा था। सौरभ मूल रूप से ग्वालियर का रहने वाला है।     जो गाड़ी आयकर की टीम ने पकड़ी, उसमें 54 किलो सोना व नौ करोड़ से ज्यादा नकद मिला था। यह गाड़ी सौरभ के नजदीकी चेतन सिंह गौर की थी। सौरभ की ग्वालियर के थाटीपुर में ससुराल है।     सोशल मीडिया पर पहले सौरभ व उसकी पत्नी दिव्या और इसके बाद एक एक करके सभी रिश्तेदार व नजदीकियों ने अपने फेसबुक व इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर लिए हैं। परिवहन महकमे में सबसे ज्यादा चर्चा सौरभ को लेकर परिवहन मुख्यालय से लेकर जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय तक में इन दिनों भारी चर्चा है। सौरभ शर्मा के कई जानने वाले कार्यालयों में पदस्थ हैं और दबी जुबान से अलग-अलग बातें कर रहे हैं। विभाग के कुछ लोगों का कहना है कि सौरभ ने ग्वालियर में शुरुआत जरूर की, लेकिन इसके बाद भोपाल की ओर रुख करने में देर नहीं की। सौरभ के अलग-अलग कारोबारों में पार्टनर भी हैं। जिस तरह रोहित तिवारी व शरद जायसवाल पार्टनर हैं, उसमें एक मेहता भी सौरभ का काफी नजदीकी है। शरद जायसवाल होटल फाटिगो भोपाल का भी काम देखता है। वहीं मेहता भी होटल से लेकर रियल स्टेट कारोबार में सौरभ का साथ देता है। सौरभ की नियुक्ति में पूर्व विधायक का बड़ा हाथ इस बीच, परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की नियुक्ति नियम विरुद्ध बताई जा रही है। इसमें ग्वालियर अंचल के कांग्रेस से जुड़े एक कद्दावर नेता और पूर्व विधायक का बड़ा हाथ है। तत्कालीन कलेक्टर पर भोपाल तक से दबाव डलवाकर दो बार अनुकंपा नियुक्ति को लेकर प्रस्ताव भिजवाया गया। परिवहन आयुक्त के स्टेनो ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई। आखिर सौरभ को यह लोग परिवहन विभाग में लाने में कामयाब हो गए। पूर्व मुख्यमंत्री तक से पूर्व विधायक ने प्रदेश के मंत्रियों को सौरभ के लिए सिफारिश कराई थी। यह पूर्व विधायक सौरभ के परिवार से सालों से जुड़े हैं। सौरभ की नियुक्ति होने के बाद उसे परिवहन विभाग के दांव-पेंच सीखते में अधिक समय नहीं लगा। दो साल तक भाजपा सरकार में उसने पूरे दांव-पेंच सीखकर परिवहन चेक पोस्टों का ठेका उठाया। दो बार पीएससी मुख्य तक पहुंचा, अनुकंपा नियुक्ति से लगा पैसा कमाने का चस्का प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले मनोज शर्मा बताते हैं कि सौरभ पढ़ने में बहुत होशियार था। कोचिंग के टेस्ट में अव्वल आता था। उसमें प्रतिभा थी। दो बार उसने एमपीपीएससी दी और प्रारंभिक परीक्षा में सफलता हासिल की मुख्य परीक्षा तक पहुंचा। एक बार साक्षात्कार में रह गया। इसी दौरान पिता के निधन के बाद उसकी अनुकंपा नियुक्ति परिवहन विभाग में हो गई। यहां से उसे पैसा कमाने का चस्का लगा। recent visitors 104

भोपाल-डिंडौरी समेत कई जिलों में सुबह से बादल और कोहरा छाया रहा, बारिश के साथ कुछ हिस्सों में ओले भी गिरेंगे

भोपाल भोपाल में सुबह से बादल छाए रहे। डिंडौरी में कोहरे की वजह से गाड़ियों की हेडलाइट जलाकर लोग स्कूल-दफ्तर निकले।मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम बदला है। भोपाल-डिंडौरी समेत कई जिलों में सुबह से बादल और कोहरा छाया रहा। दफ्तर-स्कूल जाने वाले लोगों को गाड़ियों की हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते दो-तीन दिन से न्यूनतम तापमान में हो रही बढ़ोतरी के बाद आज एक बार फिर मध्यप्रदेश का पारा नीचे आया है। जिसके कारण ठंड बढ़ गई है। विभाग ने आज यानी 23 से 28 दिसंबर के बीच प्रदेश में सीजन का पहला मावठा गिरने का अनुमान जताया है। बारिश के साथ कुछ हिस्सों में ओले भी गिरेंगे। सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के चलते उत्तर-पश्चिमी हवाएं आएंगी। ये अरब सागर से नमी लाएंगी। बंगाल की खाड़ी से पूर्वी हवाएं भी आएंगी। इस कारण प्रदेश में बादल छाने के साथ हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर ओले गिरने की संभावना भी है। दिसंबर में बारिश का रहता है ट्रेंड प्रदेश में दिसंबर में बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। इस वजह से दिन-रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी और हो जाएगी लेकिन सिस्टम के गुजरने के बाद सर्दी फिर से तेज हो जाएगी। अगले 5 दिन ऐसा रहेगा मौसम     23 दिसंबर: मुरैना, भिंड, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और बुरहानपुर में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। वहीं, ग्वालियर, मुरैना और भिंड में कोहरा रहेगा।     24 दिसंबर: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज और सीधी में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।     25 दिसंबर: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में कोहरा रहेगा।     26 दिसंबर: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, सागर, दमोह, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, खरगोन, बड़वानी, धार, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। पचमढ़ी सबसे ठंडा, कई शहरों में पारे में गिरावट मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार-रविवार की रात में प्रदेश के कई शहरों में पारे में गिरावट हुई है। इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा सबसे कम 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खजुराहो में 5.6 डिग्री और रीवा में पारा 5.8 डिग्री रहा। नौगांव, रायसेन, टीकमगढ़, राजगढ़, सतना, मंडला, उमरिया, दमोह में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 7.9 डिग्री, इंदौर में 13.9 डिग्री, ग्वालियर में 7.3 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में पारा 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। recent visitors 97

रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी में 5 लाख भक्तों ने लगाई हाजरी, झांकियां, भजन मंडलों के वाहन, बग्घी, रथ शामिल

इंदौर इंदौर में बाबा रणजीत हनुमान का स्वर्ण रथ सुबह करीब 11.15 बजे मंदिर परिसर पहुंचा। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित दीपेश व्यास​ का दावा है कि​​​​​​ सोमवार सुबह 5 बजे निकली बाबा रणजीत का प्रभात फेरी में 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु शामिल हुए। बाबा का शहरभर में 200 से ज्यादा मंचों पर स्वागत हुआ। भक्त नाचते-गाते जय रणजीत के जयघोष लगाते हुए आगे बढ़े। प्रभात फेरी में ​​​​​​बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक बाबा का आशीर्वाद लेने पहुंचे। मंदिर से जुड़े भक्त मंडल के सदस्यों के अनुसार इस यात्रा के शुरुआती वर्ष में पुजारी और कुछ भक्त भगवान की तस्वीर हाथ में लेकर परिक्रमा लगाते थे। इसके बाद 1985 से प्रभातफेरी ठेले पर निकालना शुरू की गई। उस दौरान महूनाका चौराहा तक यात्रा निकाली जाती थी। 2015 में पहली बार रथ पर प्रभातफेरी निकाली गई इसके बाद 2008 में बग्घी पर यात्रा निकाली गई। फिर भक्तों ने बाबा के लिए रथ बनाने का संकल्प लिया और 2015 में पहली बार रथ पर प्रभातफेरी निकाली गई, तब तक भक्तों की संख्या सामान्य थी, लेकिन 2016 में अचानक संख्या कई गुना बढ़ी और 50 हजार से ज्यादा भक्त प्रभातफेरी में शामिल हुए। आसपास के शहरों के भक्त भी आते हैं इसके बाद से भक्तों की संख्या में हर साल वृद्धि हो रही है। मुख्य पुजारी दीपेश व्यास बताते हैं कि अब बाबा की प्रभातफेरी की पहचान देशभर में है। शहर के साथ ही आसपास के शहरों से भी भक्त इसमें शामिल होने आते हैं। मार्ग में रहने वाले लोगों के यहां उनके नाते-रिश्तेदार यात्रा के एक-दो दिन पहले आ जाते हैं ताकि प्रभातफेरी में शामिल हो सकें। पूरे मार्ग को भगवा ध्वजा से सजाया रणजीत हनुमान मंदिर से सुबह पांच बजे निकाली जा रही प्रभातफेरी में झांकियां, भजन मंडलों के वाहन, बग्घी, रथ शामिल हैं। इन्हें क्रमबद्ध करने में रविवार रात 10 बजे से मंडल के सदस्य जुट गए थे। पूरे मार्ग को भगवा ध्वजा से सजाया गया है। प्रभातफेरी महूनाका, अन्नपूर्णा मंदिर, नरेंद्र तिवारी मार्ग से मंदिर आएगी। प्रभातफेरी के बाद रक्षा सूत्रों का वितरण रणजीत अष्टमी महोत्सव के तीसरे दिन रविवार को बाबा का महाभिषेक सैकड़ों भक्तों की मौजूदगी में हवन-पूजन के बाद विभिन्न औषधियों और द्रव्यों से किया गया। इसके बाद भगवान का शृंगार हुआ। इस अवसर पर विधि-विधान से सवा लाख रक्षा सूत्रों को अभिमंत्रित किया गया। इन रक्षा सूत्रों को प्रभातफेरी के बाद मंदिर से निश्शुल्क वितरित किया जाएगा। recent visitors 165

पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल जी का स्वप्न खजुराहो में होगा साकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

केन-बेतवा लिंक परियोजना से हर खेत तक पहुँचेगा पानी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आधुनिक भागीरथ पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल जी का स्वप्न खजुराहो में होगा साकार 25 दिसम्बर को बनेगा नदी जोड़ो परियोजना का नया इतिहास प्रतिवर्ष एक अक्टूबर को धूमधाम से मनाया जाएगा निवाड़ी जिले का गौरव दिवस महाकाल लोक की तर्ज पर ओरछा में बनेगा अनूठा रामराजा लोक मुख्यमंत्री निवाड़ी में किसान सम्मेलन में हुए शामिल भोपाल जन-कल्याण पर्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आधुनिक भागीरथ हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश को समृद्ध और खुशहाल बनाने के लिये 2 बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाएँ सौगात के रूप में दी हैं। इन परियोजनाओं से हर खेत को पानी और हर व्यक्ति को पेयजल उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो अभियान के संकल्प को पूरा करने छतरपुर जिले के खजुराहो आ रहे हैं। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के लिये मैं निवाड़ी जिले के सभी नागरिकों को आमंत्रित करता हूँ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को निवाड़ी में जन-कल्याण पर्व अंतर्गत आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुन्देलखण्ड के हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचेगा। प्रदेश में बिजली की पर्याप्त आपूर्ति के साथ अब कृषि कार्य, उद्योग और पेयजल के लिए भरपूर पानी भी उपलब्ध होगा। देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना से निवाड़ी के साथ संपूर्ण बुन्देलखण्ड का चहुँमुखी विकास भी संभव हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिवर्ष एक अक्टूबर को धूमधाम के साथ निवाड़ी जिले के स्थापना दिवस को गौरव दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर “एक पेड़-माँ के नाम’’ पौधरोपण किया और राज्य सरकार की एक वर्ष की उपलब्धियों पर केन्द्रित विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन-बेतवा परियोजना से निवाड़ी जिले के हर खेत में पानी और हर घर तक पेयजल की सुविधा मिलने के साथ पलायन भी रूकेगा और आने वाली पीढ़ी का भविष्य बेहतर बनेगा। उन्होंने “रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून, पानी गए न ऊबरे, मोती मानस चून’’ दोहा के माध्यम से पानी का महत्व एवं उपयोगिता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि खेत को पानी मिलने पर अमृत रूपी फसल की पैदावार सुनिश्चित होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन-बेतवा परियोजना के साकार रूप लेने पर बुन्देलखण्ड की तस्वीर एवं तकदीर बदलेगी। खेती का स्तर समृद्ध होने से किसानों के जीवन में खुशहाली आएगी। पंजाब, हरियाणा से भी फसल उत्पादन में बुन्देलखण्ड आगे होगा। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि किसान किसी भी जरूरत पर अपनी खेती की जमीन न बेचें। केन-बेतवा परियोजना से पूरे बुंदेलखण्ड क्षेत्र में कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसान समृद्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार का एक वर्ष पूरे होने पर 11 से 26 दिसम्बर तक जन-कल्याण पर्व मनाया जा रहा है। इसकी शुरूआत गीता जयंती से की गई। भोपाल में 5 हजार से अधिक आचार्यों और बटुकों द्वारा गीता का सामूहिक पाठ कर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। इसी प्रकार अन्य जिलों में भी कार्यक्रम के माध्यम से पहली बार गीता जयंती का वृहद स्तर पर सफल आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि जन्म के बाद कर्म योग, भक्ति योग एवं ज्ञान योग की त्रिवेणी से जीवन के आनंद का अलग ही महत्व है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत प्रगति की ओर अग्रसर है। केन-बेतवा परियोजना भी भागीरथी प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओरछा बुन्देलखण्ड की अयोध्या है। यहां रामराजा लोक बनने से धार्मिक पर्यटन बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की सकारात्मक सोच एवं सार्थक प्रयास की बदौलत इस वर्ष अयोध्या में रामलला विराजमान हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुन्देलखण्ड शौर्य एवं पराक्रम की भूमि रही है। बुन्देलखण्ड कभी भी गुलाम अथवा दासता में नहीं रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार गरीबों को साथ लेकर चलने वाली सरकार है। हमने जरूरतमंदों को उपचार के लिये हेलीकॉप्टर एवं एयर एम्बुलेंस की सेवा शुरू की हैं। पशुपालन को बढ़ावा देने के लिये दुग्ध-उत्पादकों को बोनस भी दिया जायेगा, इससे किसानों की आय बढ़ेगी। वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। राज्य सरकार की मंशा है कि हर हाथ को काम मिले, इसके लिये हमने औद्योगिकीकरण का अभियान चलाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा एवं स्थानीय विधायक ने भगवान रामराजा की प्रतिमा एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री द्वारा कन्या-पूजन एवं दीप-प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर हितलाभ वितरित किये। कार्यक्रम स्थल पर केन-बेतवा परियोजना से संबंधित बुन्देलखण्ड के विकास पर केन्द्रित वीडियो फिल्म भी दिखाई गई। विधायक निवाड़ी अनिल जैन ने कहा कि किसानों को परियोजना के रूप में एक बहुत बड़ी सौगात मिली है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक शिशुपाल सिंह यादव, जन-प्रतिनिधि, संभागायुक्त डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत, कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ सहित बड़ी संख्या में किसान एवं महिलाएँ उपस्थित रहीं।   recent visitors 61