पूर्व प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर LNIPE में हेल्थ कैंप, इसमें एम्स भोपाल के 22 डॉक्टर निशुल्क सेवाएं देंगे

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 25 दिसंबर को भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई का जन्मदिन है। अटल बिहारी वाजपेई का ग्वालियर से गहरा नाता है, उनका जन्म ग्वालियर में ही हुआ। इस मौके पर पहली बार ग्वालियर शहर में LNIPE में तीन दिवसीय हेल्थ कैंप लगाया जा रहा है। इस हेल्थ कैंप में एम्स भोपाल के 22 डिपार्टमेंट के डॉक्टर अपनी निशुल्क सेवाएं मरीजों को देंगे। शिविर का शुभारंभ 25 दिसंबर को होगा जो 27 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान ग्वालियर चंबल अंचल के विभिन्न जिलों के साथ-साथ राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मरीज को भी इस हेल्थ सिविल में निशुल्क स्वास्थ्य लाभ दिया जाएगा। एम्स के डॉक्टर उनका स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे और उन्हें निशुल्क परामर्श के अलावा दवाइयां भी देंगे। यह पहला मौका है जब एम्स के डॉक्टर ग्वालियर चंबल अंचल में कैंप लगाकर ग्वालियर चंबल अंचल और राजस्थान उत्तर प्रदेश के मरीज को चिकित्सकीय परामर्श देंगे। इसके लिए मरीजों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। ग्वालियर के सांसद भरत सिंह कुशवाहा इस हेल्थ कैंप का आयोजन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस हेल्थ कैंप में अभी तक 29 हजार से अधिक मरीजों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। हेल्थ कैंप में आने वाले मरीजों और उनके अटेंडेंर को कैंप में भोजन आदि भी दिया जाएगा। recent visitors 103

टिही से धार तक एक हजार कर्मचारी 5 माह में पूरा करेंगे रेलवे लाइन का काम, मई से दौड़ेगी इंदौर-धार ट्रेन

इंदौर वर्षों पुराना इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट में पिछले दो वर्षो से युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। 204 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट को अलग-अलग सेक्शन में पूरा किया जा रहा है। इंदौर-टिही सेक्शन पर रेल कनेक्टिविटी होने के बाद अब टिही से धार सेक्शन का काम चल रहा है। इस सेक्शन को मई माह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस काम को पूरा करने के लिए एक हजार कर्मचारी दिन-रात काम कर रहे हैं। इसी सेक्शन में 2.9 किमी लंबी टनल की फिनिशिंग का काम चल रहा है। टिही-धार सेक्शन 46 किमी के हिस्से में रेल लाइन बिछाने, अर्थवर्क, स्टेशन भवन, आरओबी, अंडर पास आदि बनाने काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। मई तक पूरा करने का लक्ष्य पश्चिम रेलवे ने इस सेक्शन को पूरा करने का मई माह तक का लक्ष्य निर्धारित किया है। सेक्शन में टिही से पीथमपुर के बच 8 किमी हिस्से में पटरी बिछाने का काम करीब-करीब पूरा हो चुका है। पीथमपुर से सागौर तक 9.12 किमी में भी पटरी बिछाने काम पूरा हो चुका है। सागौर से गुनावद तक 15.24 किमी हिस्से भी पटरी बिछाने काम हो चुका है। गुनावद से धार तक 14.02 किमी के हिस्से में अथवर्क का काम पूरा होकर पटरी बिछाने का काम चल रहा है। हर दिन छह मीटर तैयार हो रही टनल टनल बनने के बाद अब फाइनल फिनिशिंग की जा रही है। प्रायमरी सपोर्ट के बाद अब पर्मारेंट सपोर्ट के लिए फाइनल लाइनिंग की जा रही है। पानी का रिसाव रोकने के लिए जेंट्री के माध्यम से वाटरप्रुफ जियो टैक्सटाइल और मेमरीन लगाई जा रही है। ताकि पानी का रिसाव न हो। इसके बाद भी पानी का रिसाव होने के लिए ड्रेन लाइन भी बनाई है। हर दिन छह मीटर में फिनिशिंग का काम किय जा रहा है। फिनिशिंग के बाद ब्लास्टलेस ट्रैक बिछाया जाएगा। कुल मिलाकर अप्रैल-मई माह ही टनल पूरी तरह से तैयार हो पाएगी। चारों रेलवे स्टेशन का काम 70 फीसदी तक पूरा पीथमपुर, सागौर, गुनावद और धार रेलवे स्टेशन का काम 70 फीसदी से अधिक पूरा हो चुका हैं। 200 मीटर लंबे धार रेलवे स्टेशन पर तीन पैसेंजर और एक प्लेटफार्म गुड्स ट्रेनों के लिए रहेगा। यहां एक्सलेटर, लिफ्ट, अंडरपास जैसे यात्री सुविधाएं मौजूद रहेगी। कुल पांच रेल लाइन बनेगी। इसी तरह सागौर रेलवे स्टेशन पर दो पैसेंजर और एक गुड्स प्लेटफार्म रहेगा। मल्टी लाजिस्टिक पार्क कनेक्टिविटी सागौर रेलवे स्टेशन से ही मल्टी लाजिस्टिक पार्क के लिए रेल लाइन की कनेक्टिविटी रहेगी। स्टेशन से पार्क करीब तीन किमी दूर बन रहा है। हाइटेंशन लाइन ने रोका काम सागौर रेलवे स्टेशन से करीब 2 किमी आगे सुलावट में ट्रैक के पर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। ट्रैक और लाइन के बीच ऊंचाई कम होने के कारण रेलवे ने यहां काम रोक दिया है। पांच हाइटेक मेक मशीन का काम इस लाइन को शिफ्ट करने के लिए बिजली कंपनी के लिए बात चल रही है। सबसे बड़ा आरओबी एनएच47 पर इस सेक्शन में तीन बड़ी आरओबी बनाएं जा रहे हैं। जिसमें एक आरओबी मानपुर-लेबड़ फोरलेन पर एकलदुना में बन रहा है। जिसे पूरा करने के लिए एक साथ पांच हाइटेक मेक मशीन का काम एक साथ किया जा रहा है। इसके साथ ही दो बड़े आरओबी एनएच47 सिक्स लेन पर गुनावद और नौगावं में बन रहे है। recent visitors 78

प्रयागराज महाकुंभ में हरि इच्छा के अनुसार चलेगा भंडारा, 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद

प्रयागराज सनातन आस्था का सबसे बड़ा समागम महाकुम्भ 2025 प्रयागराज में होने जा रहा है। अनुमान है कि 40 से 45 करोड़ श्रद्धालु पूरे देश और दुनिया के कोने-कोने से यहां त्रिवेणी के पवित्र संगम में डुबकी लगाने के लिए आने वाले हैं। माना जाता है कि महाकुम्भ में स्नान के साथ ही दान का भी विशेष महत्व है। खासकर अन्न दान का, जिसके लिए 13 जनवरी से शुरू होने वाले इस महा आयोजन में सैकड़ों संस्थाएं पुण्य कमाने को आ रही हैं। ये सभी संस्थाएं पूरे मेला क्षेत्र में भंडारों का आयोजन करेंगी, जिसमें समस्त श्रद्धालुओं को निशुल्क भोजन की व्यवस्था रहेगी। इनमें से कई संस्थाओं ने यहां भंडारे और लंगर की शुरुआत भी कर दी है और कई अन्य विभिन्न संस्थाएं अन्न भंडार का जल्द शुभारंभ करने जा रही हैं। इन निशुल्क भंडारों के आयोजन से महाकुम्भ में आने वाला कोई भी श्रद्धालु भूखा नहीं रहेगा। सैकड़ों संस्थाएं चलाती हैं भंडारा प्रयागराज के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के अनुसार, महाकुम्भ में इस वर्ष 8 हजार से 10 हजार संस्थाओं के आने की संभावना है। महाकुम्भ जैसे आयोजन में देश के लगभग सभी पंथों के लोग प्रतिभाग करते हैं। मेला प्रशासन की ओर से इन सभी पंथ से जुड़े लोगों का स्वागत किया जा रहा है और उनके लिए समस्त व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। इनमें सैकड़ों ऐसी संस्थाएं भी हैं जो महाकुम्भ के दौरान निशुल्क भोजन के लिए लंगर और भंडारे का आयोजन करती हैं। इनमें अक्षय पात्र, इस्कॉन और ओम नमः शिवाय जैसी संस्थाएं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को भोजन कराती हैं। इसके अतिरिक्त प्रशासन ने फेयर प्राइस शॉप्स की भी व्यवस्था की है, जिसके माध्यम से श्रद्धालुओं को कम दाम में भोजन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं को मिलता है भोजन एडीएम मेला, विवेक चतुर्वेदी के अनुसार कुम्भ, महाकुम्भ और माघ मेला जैसे आयोजनों के दौरान प्रयागराज में स्नान और दान का विशेष महत्व है। इन सभी मेला के दौरान सैकड़ों संस्थाएं आगे आकर यहां निशुल्क लंगर और भंडारों का आयोजन करती हैं, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं को भोजन मिलता है। मेला के साथ-साथ शहर के प्रमुख चौराहों, नुक्कड़ों और गलियों में भी भंडारे आयोजित किए जाते हैं। इनकी संख्या का सही-सही अनुमान लगाना आसान नहीं है, क्योंकि संस्थाओं के साथ-साथ स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में इस तरह के आयोजनों का हिस्सा बनते हैं। कई भंडारों का शुरू हुआ आयोजन अखिल भारतीय पंचतेरह त्यागी, खाकचौक (राम संतोष दास जी महाराज)की ओर से दिगंबर अखाड़ा के पास एक दिसंबर से भंडारे का आयोजन शुरू कर दिया गया है। महंत गोपाल दास जी के अनुसार, महाकुम्भ से पहले और पूरे महाकुम्भ के दौरान हमारे यहां जितने लोग भी आएंगे उन सभी को निशुल्क भोजन कराया जाएगा। सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जबकि सुबह 4 बजे से श्रद्धालुओं को चाय वितरित की जा रही है। इसी तरह, सेक्टर 20 में जूना अखाड़े का अन्न भंडारा भी 25 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। श्री हिंगलाज मठ अलग दरबार के मृत्युंजय पुरी जी बताते हैं कि यह भंडारा सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक और शाम 4 बजे से 8 बजे तक चलेगा। हमारे यहां से कोई भी श्रद्धालु भूखा नहीं जाएगा। हरि इच्छा के अनुसार चलेगा भंडारा आवाहन अखाड़ा के राष्ट्रीय सचिव महंत सत्यगिरि ने बताया कि भंडारे का आयोजन शुरू हो चुका है और पूरा महाकुम्भ यह निरंतर चलेगा। सभी श्रद्धालुओं को यहां निशुल्क भरपेट भोजन प्राप्त होगा। वहीं, रघुवंश सेवा संकल्प ट्रस्ट, अयोध्या द्वारा भी भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। राम वैदेही मंदिर के महंत स्वामी दिलीप दास त्यागी जी महाराज ने बताया कि यह भंडारा हरि इच्छा के अनुसार 24 घंटे चलेगा। हमारा प्रयास संगम स्नान के लिए आए समस्त श्रद्धालुओं को अन्न प्रसाद ग्रहण कराना है। इसी तर्ज पर खरगौन मध्य प्रदेश का मां रेवा फाउंडेशन भी महाकुम्भ में भंडारे का आयोजन करेगा, जो 24 घंटे का होगा। इसे अनन्य अन्न क्षेत्र का नाम दिया गया है। यहां पूरे 45 दिन सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद प्राप्त हो सकेगा। recent visitors 174

मुख्यमंत्री यादव की मौजूदगी में मध्य प्रदेश की नई ड्रोन नीति पर एक दिवसीय एक्सपर्ट पैनल वर्कशॉप आज

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में मध्य प्रदेश की नई ड्रोन नीति पर एक दिवसीय एक्सपर्ट पैनल वर्कशॉप आज 23 दिसम्बर को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर भोपाल में होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा ड्रोन केंद्रित सूचना पोर्टल (drone.mp.gov.in) भी लॉन्च किया जाएगा। इस दौरान प्रशासन और नागरिक सेवाओं के लिए ड्रोन तकनीक के बढ़ते उपयोग और राज्य को देश का ड्रोन हब बनाने पर विचार विमर्श होगा।  इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग जैन कार्यशाला को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार लोक कल्याणकारी सेवाओं, नवाचार, उत्कृष्टता और उत्पादकता को बढ़ाने के लिए ड्रोन टेक्नालॉजी का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रोन सेक्टर के मिशन से प्रेरित होकर हमने ड्रोन क्षेत्र के लिए आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला में सर्वे ऑफ इंडिया (एसओआई), डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय), केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारतीय सर्वेक्षण विभाग, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारी, आईआईटी इंदौर, पुलिस, स्टार्टअप, ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया, नाबार्ड और मध्य प्रदेश सरकार के सभी विभागों के प्रमुख सहित ड्रोन इंडस्ट्री के प्रमुख आइडियाफोर्ज, एसटेरिया एयरोस्पेस, ड्रोन फेडेरेशन आदि के प्रमुख उपस्थित रहेंगे। क्या है ड्रोन नीति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ड्रोन नीति का निर्माण किया जाए. उच्च शिक्षा, उद्योग, कृषि और अन्य संबंधित विभागों में ड्रोन के उपयोग और प्रशिक्षण के संबंध में रणनीति बनाकर कार्य किया जाए. विमानन एवं आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसे विषयों में युवाओं की रूचि बढ़ रही है, अत: ऐसे विषयों की बेहतर शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. हाल ही में देश का पहला हेलीकॉप्टर पायलट ट्रेनिंग स्कूल खजुराहो में आरंभ किया गया है. राज्य सरकार का प्रयास है कि जहां-जहां हवाई पट्टियां हैं, वहां-वहां पायलट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, निकटवर्ती विश्वविद्यालय के माध्यम से डिग्री और डिप्लोमा कोर्स की व्यवस्था करें.   recent visitors 77

मध्य प्रदेश में धान की खरीदी के लिये 1358 उपार्जन केन्द्र, MSP 2300 रूपये

भोपाल  मध्य प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए एमएसपी पर धान का उपार्जन जारी है । अबतक दो लाख 11 हजार से अधिक किसानों से 14 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई ।धान का उपार्जन 20 जनवरी 2025 तक किया जायेगा। इस बार धान कॉमन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रूपये और धान ग्रेड-ए का 2320 रूपये है।उपार्जन प्रत्येक सप्ताह के सोमवार से शुक्रवार तक होगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक दो लाख 11 हजार 780 किसानों से 14 लाख 9 हजार 493 मीट्रिक टन धान की खरीदी उपार्जन केन्द्रों में हो चुकी है। धान की खरीदी के लिये 1358 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। धान का उपार्जन 20 जनवरी 2025 तक किया जायेगा। धान कॉमन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रूपये और धान ग्रेड-ए का 2320 रूपये है। धान की खरीदी जिला पन्ना में 36,875, दमोह 26,655, सागर 5110, शहडोल 73,311, अनूपपुर 30,512, उमरिया 40,488, रीवा 1 लाख 61 हजार 640, सतना 1 लाख 57 हजार 85, सिंगरौली 56,394, सीधी 40,959, मऊगंज 39,672, मैहर 51,501, सीहोर 8682, रायसेन 11, 409, विदिशा 518, नर्मदापुरम 54,276, बैतूल 15,243, हरदा 129, कटनी 1 लाख 47 हजार 850, बालाघाट 1 लाख 82 हजार 287, मंडला 77,746, नरसिंहपुर 32,145, सिवनी 58,286, जबलपुर 89,045, डिंडोरी 8720, छिंदवाड़ा 2597, भिण्ड 207, शिवपुरी 92, अलीराजपुर 46 और झाबुआ जिले में 13 मीट्रिक टन की जा चुकी है। किसानों के लिए प्रमुख बातें     उपार्जन प्रत्येक सप्ताह के सोमवार से शुक्रवार तक होगा।     राज्य सरकार द्वारा धान कॉमन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 और धान ग्रेड-ए का 2320 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।     किसानों की एफएक्यू गुणवत्ता की उपज इन्हीं दरों पर उपार्जित की जायेगी।     गोदाम स्तर पर खाद्यान्न की गुणवत्ता का परीक्षण उपार्जन एजेंसी के गुणवत्ता सर्वेयर द्वारा स्टेक लगाने के पहले किया जायेगा। परिवहनकर्ता द्वारा उपार्जित।     खाद्यान्न का परिवहन समय-सीमा में नहीं करने पर पेनाल्टी की व्यवस्था साप्ताहिक रूप से की जायेगी।     समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के बाद भुगतान, कृषक पंजीयन के दौरान आधार नम्बर से लिंक बैंक खाते में किया जायेगा।     धान उपार्जन अवधि के दौरान पड़ोसी राज्यों से उपार्जन केन्द्र पर लायी जाने वाली उपज की अवैध बिक्री को रोकने के लिये समुचित कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर्स को दिये गये हैं।     पंजीयन एवं उपार्जन में आने वाली तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिये जिले में और राज्य स्तर पर भी तकनीकी सेल का गठन किया गया है।     जिला स्तरीय समिति उपार्जन संबंधी सभी विवादों का अंतिम निराकरण तथा उपार्जित खाद्यान्न की गुणवत्ता की निगरानी करेगी।     राज्य स्तर पर एक कंट्रोल-रूम भी स्थापित किया गया है। इसका दूरभाष नम्बर 0755-2551471 है, जो उपार्जन अवधि में सुबह 9 से रात 7 बजे तक संचालित रहेगा।     खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक दो लाख 11 हजार 780 किसानों से 14 लाख 9 हजार 493 मीट्रिक टन धान की खरीदी उपार्जन केन्द्रों में हो चुकी है। recent visitors 55

पोलैंड राष्ट्रपति चुनाव ने पहले 1,000 टन फ्रोजन बटर बेचने की तैयारी में

वारसॉ यूरोपीय देश पोलैंड में अगले साल मई में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं लेकिन देश में बटर की बढ़ती कीमतों ने सरकार की नींद हराम कर रखी है। चुनावों से पहले कीमतों को काबू में करने के लिए सरकार अपने फ्रोजन बटर के भंडार में से 1,102 टन तक बेचने की तैयारी में है। सरकार की स्ट्रैटजिक रिजर्व एजेंसी ने मक्खन की नीलामी की घोषणा की है। उसने कहा कि दूध की कमी के कारण दुनियाभर में मक्खन की कीमतों में तेजी आई है। इस कारण उसे यह कदम उठाना पड़ रहा है। एजेंसी ने उम्मीद जताई है कि फ्रोजन बटर की नीलामी से देश में मक्खन की कीमतों को स्थिर करने में मदद मिलेगी। नीलामी की प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो गई है। एजेंसी ने कहा कि वह 25 किलोग्राम के ब्लॉक में बिना नमक वाले फ्रोजन बटर को $7 प्रति किलो की न्यूनतम कीमत पर बेचेगी। यह पोलैंड की प्रमुख सुपरमार्केट चेन में से एक बिड्रोनका की कीमतों से काफी कम है। कंपनी के स्टोर्स में ताजा मक्खन की कीमत $9.84 से $12.32 प्रति किलो के बीचे है। हालांकि नीलामी में अंतिम बिक्री मूल्य न्यूनतम मूल्य से अधिक हो सकता है। सरकारों के आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को कम करने के लिए एमरजेंसी रिजर्व का यूज करना असामान्य नहीं है। हालांकि आमतौर पर विदेशी मुद्रा, तेल और सोने जैसी वस्तुओं के रिजर्व बनाए जाते हैं। कुछ देश खानेपीने की चीजों का भी भंडारण करते हैं। मक्खन और महंगाई पोलैंड में हाल के वर्षों में मक्खन की आसमान छूती कीमत महंगाई के प्रतीक बन गई है। प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की सत्तारूढ़ पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार राफेल ट्रजास्कोव्स्की ने हाल ही में देश के केंद्रीय बैंक पर महंगाई को गलत तरीके से मैनेज करने का आरोप लगाया और गवर्नर को सबूत के तौर पर कुछ मक्खन भेजने की पेशकश की। इस बीच, दक्षिणपंथी विपक्षी पार्टी लॉ एंड जस्टिस के नेता जारोस्लाव कासिंस्की ने इस महीने की शुरुआत में एक्स पर एक तस्वीर पोस्ट की। इसमें मक्खन को तिजोरी में रखा गया था। इसका मकसद यह दिखाना था कि देश में मक्खन कितना महंगा हो गया है। बुधवार को आए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक नवंबर में पोलैंड में महंगाई 3.9% रही जो यूरोपीय यूनियन की तुलना में काफी ज्यादा है। रिटेल स्तर पर मक्खन की कीमतें पिछले साल की तुलना में लगभग 20% बढ़ी हैं जबकि थोक कीमतें 50% चढ़ गई हैं। यूरोपीय आयोग के अनुसार इस साल यूरोपीय संघ में मक्खन की कीमतों में लगभग 44% की वृद्धि हुई है। इसकी वजह यह है कि दुनिया भर में डेयरी की कीमतें बढ़ी हैं। पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन द्वारा प्रकाशित डेयरी मूल्य सूचकांक एक साल पहले के स्तर से 20% ऊपर था। recent visitors 61

युवाओं के लिए अच्‍छी खबर, जॉब मार्केट के लिए उम्मीदों भरा रहेगा नया साल, देखी जा सकती है 9 प्रतिशत की वृद्धि

बेंगलुरू  हाल ही में आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2025 में हायरिंग को लेकर 9 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। फाउंडिट (पूर्व में मॉन्स्टर एपीएसी एंड एमई) की रिपोर्ट के अनुसार, आईटी, रिटेल, दूरसंचार और बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (बीएफएसआई) सेक्टर इस वृद्धि के जिम्मेदार होंगे। 2024 में 10 प्रतिशत की वृद्धि और नवंबर में मासिक आधार पर 3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ, पूर्वानुमान दर्शाता है कि हायरिंग एक पूर्वानुमानित हायरिंग एनवायरमेंट के साथ अपनी गति बनाए रखने के लिए तैयार है। उभरती हुई टेक्नोलॉजी और विकसित होती व्यावसायिक प्राथमिकताएं 2025 में भारत के जॉब मार्केट को और आकार देंगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि एज कंप्यूटिंग, क्वांटम एप्लिकेशन और साइबर सिक्योरिटी एडवांसमेंट जैसे इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर और आईटी जैसी इंडस्ट्री को बदलने के लिए तैयार हैं। इस बीच, रिटेल मीडिया नेटवर्क और एआई-संचालित वर्कफोर्स विश्लेषण का उदय ई-कॉमर्स, ह्युमन रिसोर्स (एचआर) और डिजिटल सर्विस में टैलेंट की जरूरतों को नया आकार देगा। संगठन डिजिटल मार्केटिंग, विज्ञापन प्रबंधन और एचआर विश्लेषण में कुशल पेशेवरों की तलाश करेंगे। फाउंडिट की उपाध्यक्ष – मार्केटिंग अनुपमा भीमराजका ने कहा, "2025 के साथ भारत का रोजगार बाजार अपने आकार को बड़ा बनाने के लिए तैयार है, जिसमें हायरिंग में 9 प्रतिशत की अनुमानित वृद्धि है। कंपनियां न केवल अनुभवी पेशेवरों की तलाश कर रही हैं, बल्कि स्थापित केंद्रों से परे अपनी खोज को भी व्यापक बना रही हैं। हमारा मानना ​​है कि यह दृष्टिकोण एक स्वस्थ, अधिक विविध वातावरण बनाएगा – जिससे व्यवसायों को नए टैलेंट पूल तक पहुंचने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप वर्कफोर्स बनाने की अनुमति मिलेगी," वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) के विस्तार और मल्टी-क्लाउड अपनाने के साथ आईटी सेक्टर 2025 में हायरिंग में 15 प्रतिशत की वृद्धि करने के लिए तैयार है। व्यवसाय एनर्जी-एफिशिएंट डेटा केंद्रों, ग्रीन आईटी प्रैक्टिस और रिफर्बिस्ड हार्डवेयर सॉल्यूशन के जरिए परिचालन स्थिरता को प्राथमिकता दे रहे हैं। रिटेल सेक्टर में हायरिंग में 12 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है, जो ट्रेडिशनल और टेक-इनेबल्ड रोल की बढ़ती मांग को दर्शाता है। इस सेक्टर की वृद्धि ईंट-और-मोर्टार स्टोर के पुनरुत्थान और टियर-2 और टियर-3 शहरों में बढ़ते उपभोक्ता खर्च की वजह से देखी जा रही है। टेलीकॉम सेक्टर की 11 प्रतिशत अनुमानित वृद्धि एआई, 5जी और आईओटी में एडवांसमेंट के साथ देखी जा रही है, जिसमें एज कंप्यूटिंग, एसडीएन (सॉफ्टवेयर-परिभाषित नेटवर्किंग), एनएफवी (नेटवर्क फंक्शन वर्चुअलाइजेशन) और साइबर सिक्योरिटी में स्किल की मांग है। 2025 में, अलग-अलग सेक्टर में वृद्धि होने का अनुमान है। इनमें 8 प्रतिशत फाइनेंस और अकाउंट, 7 प्रतिशत एचआर और एडमिन, 6 प्रतिशत आईटी, 5 प्रतिशत होस्पिटैलिटी और 3 प्रतिशत मार्केटिंग और कम्युनिकेशन के साथ इस वृद्धि को देखा जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बेंगलुरू 10 प्रतिशत भागीदारी के साथ शहरवार वृद्धि में सबसे आगे रहेगा, इसके बाद कोयंबटूर 9 प्रतिशत, हैदराबाद 8 प्रतिशत और चेन्नई 6 प्रतिशत की भागीदारी दर्ज करवाएंगे। recent visitors 69