कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि घुसपैठिए हिन्दू नामों का इस्तेमाल कर अपना आधार कार्ड बनवाते हैं

भोपाल ऐसे में जब राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की धरपकड़ के लिए अभियान चला रही है। मध्य प्रदेश में भी ऐसा ही अभियान चलाए जाने की संभावनाओं पर सूबे के नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान सामने आया है। उनका कहना है कि ऐसे घुसपैठिए जो मध्यप्रदेश एवं अन्य क्षेत्रों में हैं, उनको बाहर निकाला जाना चाहिए। उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की भी जोरदार वकालत की। मध्य प्रदेश के मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर निकालना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि घुसपैठिए हिन्दू नामों का इस्तेमाल कर अपना आधार कार्ड बनवाते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर कि भाजपा अन्य राज्यों में भी यूसीसी लागू करेगी। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह बिल्कुल सही है। बांग्लादेशी घुसपैठिए केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में ही मौजूद नहीं हैं। ये अन्य राज्यों में भी घुस चुके हैं। सनद रहे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा था कि भाजपा पहले ही उत्तराखंड में यूसीसी ला चुकी है। वह इसे सभी राज्यों में लागू करेगी। कैलाश विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि घुसपैठियों ने एक खतरनाक खेल यह भी खेला है कि उन्होंने हिन्दू नामों और पहचान से अपने आधार कार्ड बनवा लिए हैं। ऐसे में बहुत जरूरी है कि यूसीसी लागू किया जाना चाहिए। उन तामाम घुसपैठियों को जो मध्य प्रदेश और दूसरे क्षेत्रों में हैं, बाहर निकाला जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ऐलान कर दिया है कि उनके राज्य में जनवरी से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर दी जाएगी। इसके लिए तैयारियां पूरी हैं। इस कदम के साथ ही उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला सूबा बन जाएगा। यूनिवार्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने यह भी बताया कि समान नागरिक संहिता उत्तराखंड अधिनियम की नियमावली भी तैयार कर ली गई है। recent visitors 73

टिकट है तो सफर आसान: भोपाल मंडल का व्यापक टिकट चेकिंग अभियान

 भोपाल भोपाल,रानी कमलापति,संत हिरदाराम नगर, गुना,बीना,इटारसी,हरदा,विदिशा,नर्मदापुरम स्टेशनों पर चला अभियान अनियमित एवं बिना टिकट यात्रा करते 1549 यात्री पकड़ कर, रूपये 866985/- का जुर्माना वसूला गया| मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया के निर्देशन में भोपाल मंडल द्वारा अधिकृत यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने तथा रेल राजस्व में वृद्धि करने हेतु सतत प्रयास किये जा रहे है | इसी क्रम में आज दिनांक 19.12.2024  को  भोपाल मंडल के नौ स्टेशनों जैसे भोपाल,रानी कमलापति,संत हिरदाराम नगर, गुना, बीना, इटारसी, हरदा,विदिशा, नर्मदापुरम स्टेशनों पर एक साथ सुबह 06 बजे से दोपहर 02 बजे तक वाणिज्य विभाग के 10 पर्यवेक्षक ,104 टिकट चेकिंग स्टाफ  के सहयोग से किलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। पर्यवेक्षक टिकट चेकिंग स्टॉफ की निगरानी में चलाये गए इस टिकट चेकिंग अभियान के दौरान स्टेशन के बाहर निकलने वाले रास्ते की घेराबंदी की गई, ताकि कोई भी यात्री बिना जाँच के स्टेशन के बाहर न जा सकें। इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान स्टेशनों  पर आने-जाने वाली कुल 153 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 730 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 468395/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 806 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 396190/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए  13 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 2400/- बतौर जुर्माना/किराया वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार सभी नौ स्टेशनों  पर एक साथ चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 1549 मामलों से कुल रुपये 866985/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 1.भोपाल स्टेशन  : इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान भोपाल स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 21 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 203 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 137470/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 161 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 81150/- बतौर जुर्माना/किराया वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार भोपाल स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 364 मामलों से कुल रुपये 218620/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 2.इटारसी स्टेशन: इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान इटारसी स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 39 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 140 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 105145/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 212 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 106820/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 3 यात्रियों से 600/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार इटारसी स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 355 मामलों से कुल रुपये 212565/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 3.रानी कमलापति स्टेशन: इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान रानी कमलापति स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 15 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 28 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 10460/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 7 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 3200/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 4 यात्रियों से 700/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार रानी कमलापति स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 39 मामलों से कुल रुपये 14360/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 4.संत हिरदाराम नगर स्टेशन : इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान संत हिरदाराम नगर  स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 11 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 47 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 30850/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 21 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 9950/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 3 यात्रियों से 600/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार संत हिरदाराम नगर  स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 71 मामलों से कुल रुपये 41400/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 5.गुना स्टेशन : इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान गुना स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 10 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 46 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 27405/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 58 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 28320/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 1 यात्रियों से 200/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार गुना … Read more

विज्ञान और तकनीक की उन्नति ने साइबर अपराधों के स्वरूप को बदला :राज्यपाल पटेल

साइबर क्राइम के बदलते स्वरूप से समाज को जागरूक करना जरूरी:राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने 7वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आर.टी.आई.पी. 2 आर- 2024 का किया शुभारम्भ विज्ञान और तकनीक की उन्नति ने साइबर अपराधों के स्वरूप को बदला :राज्यपाल पटेल मेनिट में तीन दिवसीय आयोजन गुरूवार से भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि विज्ञान और तकनीक की उन्नति ने साइबर अपराधों के स्वरूप को बदला है। साइबर अपराध के बदलते पैटर्न जैसे- डिजिटल अरेस्ट, हैकिंग, फिशिंग आदि से समाज को जागरूक करना बहुत जरूरी है। राज्यपाल पटेल मेनिट भोपाल में “रिसेंट ट्रेंड्स इन इमेज प्रोसेसिंग एण्ड पैटर्न रिकग्निशन” विषय पर 7वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आर.टी.आई.पी. 2 आर- 2024 के शुभारम्भ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह तीन दिवसीय सम्मेलन भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान और मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल के संयुक्त तत्वाधान में मेनिट परिसर में आयोजित किया गया है।    राज्यपाल पटेल ने कहा कि आज का समय डिजिटल युग है। इसलिए समाज को विज्ञान और तकनीक के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पक्षों के बारे में जागरूकता आवश्यक है। उन्होंने विशेषज्ञों से कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा में निहित विज्ञान और तकनीकी ज्ञान की प्रगति का समाज और राष्ट्र के हित में विमर्श करे। सम्मेलन के माध्यम से तकनीक के परिवर्तनकारी क्षेत्रों के विकास में अपना योगदान देने आगे आए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत समृद्ध है। राज्य में तकनीकी और औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक दूरदर्शी दृष्टिकोण और अपार संभावनाएं है। प्रदेश की नीति और रीति, अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के विषय के अनुरूप है। उन्होंने पारस्परिक सहयोग से डिजिटल क्रांति के मुख्य घटक इमेज प्रोसेसिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सम्भावनाओं पर पहल की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने सरस्वती प्रतिमा पर पुष्प अर्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर सम्मेलन का शुभारम्भ किया। उनका पुष्प-गुच्छ से स्वागत और शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में साऊथ डकोटा यूनिवर्सिटी यू.एस.ए. के विषय विशेषज्ञ के.सी. संतोष, दुबई में कार्यरत डॉ. विनयातोष मिश्रा ने इमेज प्रोसेसिंग और पैटर्न रिकग्निशन विषय पर शोध की सम्भावनाओं पर प्रकाश डाला। मेनिट संस्थान के डायरेक्टर के.के. शुक्ला ने संस्थान के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में शोध, विकास और एम्स भोपाल के साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। आईआईआईटी के डायरेक्टर प्रो. आशुतोष कुमार सिंह ने कॉन्फ्रेंस के आयोजन, उद्देश्य और विकसित भारत के निर्माण में तकनीक और शोध के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। आभार डॉ. दीप चन्द्र जोशी ने माना। सम्मेलन में देश-विदेश से आए विषय विशेषज्ञ, शोधकर्ता, विद्यार्थी गण उपस्थित रहे। उनके साथ दूरस्थ क्षेत्रों के विशेषज्ञ और विद्यार्थी भी ऑनलाइन शामिल हुए।   recent visitors 61

मुख्यमंत्री ने एक करोड़ से अधिक मध्यान्ह भोजन प्रदाय के अवसर पर भोजन वितरण वाहन को झंडी दिखाकर किया रवाना

बेहतर स्वास्थ्य और शुद्ध मानसिकता का आधार है आहार – मुख्यमंत्री डॉ. यादव अक्षय पात्र फाउंडेशन स्कूली बच्चों को पौष्टिक भोजन से परोस रही है नवजीवन – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने एक करोड़ से अधिक मध्यान्ह भोजन प्रदाय के अवसर पर भोजन वितरण वाहन को झंडी दिखाकर किया रवाना मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों का स्त्रोत आहार ही है। आहार की शुद्धता इसकी महत्ता को कई गुना बढ़ा देती है। आहार की शुद्धता का महत्व बताते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद् गीता में कहा है कि शुद्ध आहार से ही विचार की शुद्धता संभव है। अक्षय पात्र फाउंडेशन इस दृष्टि से स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन के माध्यम से नवजीवन परोस रही है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा शिक्षा के लिए भरपूर भोजन के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की प्रशंसा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत भोपाल नगरीय क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक मध्यान्ह भोजन प्रदाय अवसर पर रोहित नगर स्थित परिसर में अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री भोजन बनाने और वितरित करने की प्रक्रिया में हुए सहभागी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अक्षय पात्र परिसर में आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झंडी दिखाकर भोजन वितरण वाहनों को रवाना किया तथा 10 स्कूली बच्चों को प्रतीक स्वरूप मध्यान्ह भोजन वितरित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंगवस्त्रम तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अक्षय पात्र फाउंडेशन के केंद्रीकृत किचन में पहुंचकर भोजन बनाने की स्वचालित प्रक्रिया का अवलोकन किया। वे दाल-रोटी बनाने की प्रक्रिया में सहभागी भी हुए। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत भोपाल नगरीय क्षेत्र की शासकीय शालाओं को इस बेस किचन से ही मध्यान्ह मध्यान भोजन सप्लाई होता है। कार्यक्रम में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह उपस्थित थीं। इस अवसर पर अक्षय पात्र फाउंडेशन की गतिविधियों पर लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। भोपाल के 645 स्कूलों को उपलब्ध कराया जा रहा है शुद्ध, पौष्टिक और गुणवत्तायुक्त मिड-डे मील मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा 76 कर्मचारियों की टीम और 38 वाहनों के माध्यम से भोपाल के 645 स्कूलों को शुद्ध, पौष्टिक और गुणवत्तायुक्त मिड-डे मील उपलब्ध कराया जा रहा है। एक साथ 40 हजार रोटियां तैयार करना, दाल और सब्जी बनाने में भी मशीनीकृत प्रक्रियाएं अपनाना अभिभूत करने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संतवृंद के माध्यम से भोजन बनाने की इस प्रक्रिया से पवित्र भाव का संचार भी होता है। अक्षय पात्र फाउंडेशन का यह संकल्प आने वाले समय में बेहतर स्वास्थ्य और शुद्ध मानसिकता वाले समाज के निर्माण में सहायक होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचइजी लिमिटेड के चेयरमेन और मैनेजिंग डायरेक्टर रवि झुनझुनवाला, अक्षय पात्र फाउंडेशन के संस्थापक और चेयरमेन पद्ममधु पंडित दासा और भोपाल कलस्टर के अध्यक्ष आचार्य रतन दासा सहित फाउंडेशन के सभी सहयोगियों और कर्मचारियों का इस पुनीत सेवा के लिए अभिवादन किया। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री ने किया संबोधित पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा शालाओं में विद्यार्थियों को पौष्टिक और स्वादिष्ट आहार उपलब्ध करा रहा है। फाउंडेशन द्वारा बच्चों की रूचि अनुसार भोजन से बच्चों को शालाओं से जोड़े रखने में भी मदद मिल रही है।   recent visitors 30

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशियेलिटी हॉस्पिटल रीवा में सफल दोहरे किडनी प्रत्यारोपण के लिए संपूर्ण चिकित्सा टीम को बधाई दी

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सुपर स्पेशियेलिटी हॉस्पिटल रीवा में सफल दोहरे किडनी प्रत्यारोपण के लिए संपूर्ण चिकित्सा टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूर क्षेत्रों तक सशक्त और सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सफलता राज्य के हर हिस्से में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं को विस्तार देने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। रीवा में यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने का कार्य करेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार अंग प्रत्यारोपण जैसे जटिल चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक संसाधनों और विशेषज्ञता को हर मेडिकल संस्थान में सुलभ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने इस उपलब्धि को रीवा और पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताते हुए टीम की मेहनत और समर्पण की सराहना की। सुपर स्पेशियेलिटी हॉस्पिटल, रीवा में ट्रांसप्लांट फिजिशियन और नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. रोहन द्विवेदी और ट्रांसप्लांट सर्जन व यूरोलॉजिस्ट डॉ. पुष्पेंद्र शुक्ला के नेतृत्व में एक ही दिन में दो मरीजों का सफलतापूर्वक किडनी प्रत्यारोपण किया गया। इनमें से एक महिला मरीज को उनकी माता द्वारा और एक पुरुष मरीज को उनके बड़े भाई द्वारा किडनी दान की गई। दोनों मरीज स्वस्थ हैं और 17 दिसंबर को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिए गए हैं। यूरोलॉजी विभाग के डॉ. विवेक शर्मा, डॉ. आशीष घनघोरिया, डॉ. बृजेश तिवारी और डॉ. विजय शुक्ला, निश्चेतना विभाग के डॉ. आलोक प्रताप सिंह, डॉ. सुभाष अग्रवाल, डॉ. राजीव द्विवेदी, डॉ. रवि प्रकाश सिंह, और डॉ. एल. पी. सिंह सहित ओटी और केटीयू स्टाफ ने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान दिया।   recent visitors 39

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर-अंबिकापुर-बिलासपुर हवाई सेवा का स्वामी विवेकानंद विमानतल पर आज शुभारंभ किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि आज छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।रायपुर-अंबिकापुर-बिलासपुर विमान सेवा का शुभारंभ हमारे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के विस्तार का प्रतीक है।     इस सेवा का आरंभिक किराया मात्र 999 रुपये है, जो यह सुनिश्चित करता है कि आम जनता भी हवाई यात्रा का लाभ उठा सके। उन्होंने कहा कि     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में जो परिवर्तन आया है, उसका यह एक बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा था कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज की सवारी करेगा और आज वह सपना साकार हो रहा है।     सरगुजा और बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों की एयर कनेक्टिविटी से न केवल नागरिकों को सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि इन क्षेत्रों में टूरिज्म और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी। राज्य सरकार ने 80 करोड़ की  लागत  से अंबिकापुर के एयरपोर्ट का विकास किया है l माँ महामाया एयरपोर्ट, अंबिकापुर को थ्री सी वीएफआर श्रेणी का लाइसेंस प्राप्त हुआ है । यह एयरपोर्ट 72-सीटर एटीआर-72 विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अंबिकापुर को वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, दिल्ली और कोलकाता से जोड़ने की योजना पर भी काम जारी है।हमारे छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरें, और इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं।     गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, रामगढ़ की पहाड़ियां, और एशिया का नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट जलप्रपात जैसे स्थलों तक अब देश-विदेश के पर्यटकों की पहुंच आसान होगी।     इसके साथ ही, एयर कनेक्टिविटी के विस्तार से निवेश का माहौल भी बेहतर होगा। हमारी सरकार ने नई उद्योग नीति में होम स्टे और रिसॉर्ट्स जैसे उद्यमों को विशेष प्रोत्साहन दिया है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं।     हमारी कोशिश है कि अगले चार वर्षों में छत्तीसगढ़ को विमानन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाया जाए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि    नया साल आने वाला है, और मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि इस नई विमान सेवा का लाभ उठाएं और सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लें। फ्लाई बिग चार्टर कंपनी 19-सीटर ट्विन औटर विमानों के माध्यम से इन शहरों के लिए सेवाएं देगी।      विमान टेकऑफ़ को वाटर सेल्यूट दिया गया। आज प्रारंभ हुई विमान सेवा के पहले यात्री के रूप में सांसद चिंतामणि महाराज सपत्नीक सवार हुए, जिनको मुख्यमंत्री साय ने बोर्डिंग पास देकर कहा कि आज आपने इतिहास बना दिया। आप इस रूट के पहले यात्री है, आपको शुभकामनाएं।  इस अवसर विधायक राजेश अग्रवाल, प्रबोध मिंज, रामकुमार टोप्पो, मुख्यमंत्री के सचिव बसवराजु, संचालक विमानन विभाग संजीव झा, फ्लाई बिग कंपनी के सीएमडी संजय मांडविया उपस्थित थे। recent visitors 69

हाई कोर्ट का बड़ा एक्शन NEET PG काउंसलिंग पर सीटें भरने पर लगाई रोक

जबलपुर एनआरआइ (प्रवासी भारतीय) कोटे के नाम पर पसंदीदा ब्रांच में नीट पीजी की मनमानी सीटें भरने के मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। हाईकोर्ट के जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने मध्यप्रदेश में नीट पीजी काउंसलिंग से जुड़े केस में फैसला सुरक्षित रख कोटे की सीटों को भरने पर रोक लगा दी है। याचिका में क्या कहा गया? भोपाल निवासी डॉ. ओजस यादव ने सीट मैट्रिक्स को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने यह तर्क दिया कि निजी मेडिकल कॉलेजों में 15% सीटें एनआरआई कोटे के लिए निर्धारित हैं, लेकिन डीएमई ने इस आरक्षण को सही तरीके से लागू नहीं किया। उन्होंने यह आरोप लगाया कि चुनिंदा 8 ब्रांचों में एनआरआई कोटे की सीटों का प्रतिशत 40-50% तक पहुंचा दिया गया, जबकि दूसरी ब्रांचों में यह सीमा 15% तक ही रखी गई।  सुनवाई में दौरान अधिवक्ता आलोक वागरेचा ने तर्क दिया कि नियम में यह भी प्रावधान है कि समस्त निजी मेडिकल कॉलेजों में एनआरआइ कोटे से संबंधित 15% सीटें समस्त पाठ्यक्रमों में आरक्षित होंगी। लेकिन डायरेक्टरेट मेडिकल एजुकेशन (डीएमई) के चार्ट से स्पष्ट होता है कि कोटे की सीटों को सभी 22 ब्रांचों की जगह चुनिंदा 8 ब्रांचों में लागू किया गया है। इसके चलते कई पाठ्यक्रमों की 30-40% सीटें एनआरआइ कोटे में चली गईं। वहीं आरोप लगाया कि डीएमई ने प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की खाली सीटों की संख्या का प्रकाशन कर दावे-आपत्तियों के बिना सीधे काउंसलिंग प्रारंभ कर दी। ये है मामला हाईकोर्ट में एक चार्ट पेश कर बताया गया कि पीजी की सभी 22 ब्रांच में कुल सीटों का 15त्न एनआरआइ कोटे में ना बांट कर सिर्फ 8 प्रमुख ब्रांचों की कुल 591 सीटों में से 152 सीटों को आरक्षित किया गया। इससे इन 8 ब्रांच में कोटा 15 की जगह 30-40 प्रतिशत तक पहुंच गया। सीट भरने पर अंतरिम रोक अतिरिक्त महाधिवक्ता जानवी पंडित ने शासन की ओर से जवाब पेश करते हुए कहा, एनआरआइ कोटे के प्रावधान के अनुसार कार्यवाही हुई है। अरविन्दो कॉलेज की ओर से भी सीट मेट्रिक्स को सही ठहराया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख अंतरिम आदेश पारित करते हुए कहा, केस का फैसला आने में समय लगने की संभावना है, इसलिए फैसला आने तक एनआरआइ कोटे की सीटों को नहीं भरा जाएगा। सरकारी पक्ष का क्या कहना है? सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता जाह्नवी पंडित ने इस मामले में कहा कि सभी प्रक्रियाएं (Process) नियमों के मुताबिक पूरी की गईं। उन्होंने यह भी साफ किया कि 15% सीटें NRI कोटे के लिए तय हैं और उसी के अनुरूप काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही थी। recent visitors 41