भाजपा सांसद प्रताप सारंगी संसद में सीढ़ियों से गिरे, बोले- राहुल गांधी ने धक्का दिया

 नई दिल्ली बीजेपी सांसद प्रताप सारंगी संसद में चोटिल हो गए हैं। सारंगी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर धक्का देने का आरोप लगाया है।सारंगी ने कहा कि राहुल गांधी ने एक सांसद को धक्का दिया जो मेरे ऊपर गिर गए जिसके बाद मैं नीचे गिर गया। उन्होंने बताया कि मैं सीढ़ियों के पास खड़ा था जब राहुल गांधी आए और एक सांसद को धक्का दिया। राहुल गांधी से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा- मकर द्वार पर भाजपा सांसदों ने मुझे रोका, मुझे सदन के भीतर जाने से रोका गया। मेरे साथ धक्का-मुक्की की और मुझे धमकाया गया। बाबा साहेब अंबेडकर के अपमान को लेकर विवाद जारी है। विपक्षी सांसदों ने संसद के बाहर विरोध मार्च निकाला। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी नीली कपड़े पहनकर पहुंचे। इस घटनाक्रम से जुड़े तमाम अपडेट – केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रह्लाद जोशी राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंच गए हैं. प्रताप सांरगी का हालचाल जानने दोनों अस्पताल पहुंच गए हैं. – संसद परिसर में बीजेपी सांसद से धक्का-मुक्की की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दे दी गई है. – बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचकर प्रताप सारंगी का हालचाल जाना. अस्पताल से आने के बाद पात्रा ने बताया कि फिलहाल प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत आईसीयू में हैं. दोनों का बहुत खून बह गया है. उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. – केंद्रीय मंत्री धर्मेंद प्रधान ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी सामंतवादी हैं. सामंतवादी राहुल ने धक्का दिया. ये देश उनकी जागीर नहीं है. ये परिवार करना क्या चाहता है. – केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद परिसर में धक्का मुक्की को लेकर राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मैं राहुल गांधी से सवाल करना चाहता हूं कि ये शारीरिक ताकत का प्रदर्शन करने की जगह नहीं है. अगर सब लोग अपनी ताकत का प्रदर्शन करने लगेंगे तो संसद कैसे चलेगी? पहलवानी दिखाने का क्या मतलब है? ये कराटे या कुंगफू की जगह नहीं है. ये किसी राजा की निजी संपत्ति नहीं है बल्कि लोकतंत्र का मंदिर है. यह स्मार्टनेस दिखाने की जगह नहीं है. संसद कोई कुश्ती का मंच नहीं है. राहुल ने शारीरिक ताकत दिखाई है. ये बॉक्सिंग का अखाड़ा नहीं है. मैं राहुल गांधी का धिक्कार करता हूं. – केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद कोई कुश्ती का मंच नहीं है. राहुल गांधी को सांसदों के खिलाफ अपनी ताकत का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए. – सूत्रों के हवाले से खबर है कि प्रताप सारंगी मामले में बीजेपी प्रोटेस्ट के वीडियो खंगाल रही है. धक्के के आरोप को वेरिफाई करने के लिए अगर राहुल द्वारा बीजेपी सांसद को धक्का देने का वीडियो मिलता है तो बीजेपी राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करा सकती है. – केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, प्रह्लाद जोशी और कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल राम मनोहर लोहिया अस्पताल जा रहे हैं. प्रताप सिंह सारंगी का हाल-चाल जानने मंत्री अस्पताल पहुंच रहे हैं. राहुल गांधी ने दी प्रतिक्रिया प्रताप सारंगी के आरोप के बाद राहुल गांधी ने कहा कि कैमरे में सब कैद है. मैं सदन में जाने की कोशिश कर रहा था. बीजेपी के सांसदों ने मुझे धकेला और धमकाया. खड़गे जी को भी धक्का दिया. हमें धक्का-मुक्की से हमें कुछ नहीं होता है. बीजेपी रे सांसद हमें संसद में जाने से नहीं रोक सकते. राहुल ने कहा कि मैं संसद के भीतर जाना चाहता था. संसद में जाना मेरा अधिकार है मुझे रोकने की कोशिश की गई. हमें संसद के भीतर जाने से रोका गया. बीजेपी के सांसद धक्का-मुक्की कर रहे थे. राहुल गांधी ने कहा कि ये संसद का एंट्रेंस हैं. बीजेपी के सांसद मुझे धकेल रहे थे, धमका रहे थे. बीजेपी के सांसदों ने एंट्रेंस रोक दी. वे मुझे लगातार धक्का दे रहे थे और धमका रहे ते. अमित शाह के विरोध में प्रदर्शन कर रही कांग्रेस इस संबंध में आज इंडिया ब्लॉक प्रोटेस्ट मार्च कर रही है. राज्यसभा में बाबा साहेब आंबेडकर पर गृहमंत्री अमित शाह के बयान के विरोध में उनके इस्तीफे और माफी की मांग करते हुए इंडिया ब्लॉक प्रोटेस्ट मार्च कर रही है. यह मार्च संसद में आंबेडकर की प्रतिमा से लेकर मकर द्वार तक किया जा रहा है. इंडिया ब्लॉक के सांसद नीले कपड़े पहनकर आंबेडकर प्रतिमा से चलकर मकर द्वार जाने की कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेस का कहना है कि गृहमंत्री अमित शाह ने आंबेडकर का अपमान किया है. उनका अपराध अक्षम्य है. पूरा तंत्र उन्हें बचाने में लगा है. जो गृहमंत्री ने कहा है, हम वही बात कर रहे हैं. उनके शब्दों को तरोड़ा-मरोड़ा नहीं गया है. वे माफी मांगने के बजाए धमका रहे हैं. हम इनकी धमकियों से नहीं डरेंगे. राहुल गांधी ने दी प्रतिक्रिया प्रताप सारंगी के आरोप के बाद राहुल गांधी ने कहा कि हां किया है, ठीक है.. धक्का मुक्की से कुछ होता नहीं है.  मैं संसद के भीतर जाना चाहता था. संसद में जाना मेरा अधिकार है मुझे रोकने की कोशिश की गई. हमें संसद के भीतर जाने से रोका गया. बीजेपी के सांसद धक्का-मुक्की कर रहे थे. बता दें कि इस संबंध में आज इंडिया ब्लॉक प्रोटेस्ट मार्च कर रही है. राज्यसभा में बाबा साहेब आंबेडकर पर गृहमंत्री अमित शाह के बयान के विरोध में उनके इस्तीफे और माफी की मांग करते हुए इंडिया ब्लॉक प्रोटेस्ट मार्च कर रही है. यह मार्च संसद में आंबेडकर की प्रतिमा से लेकर मकर द्वार तक किया जा रहा है. इंडिया ब्लॉक के सांसद नीले कपड़े पहनकर आंबेडकर प्रतिमा से चलकर मकर द्वार जाने की कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेस का कहना है कि गृहमंत्री अमित शाह ने आंबेडकर का अपमान किया है. उनका अपराध अक्षम्य है. पूरा तंत्र उन्हें बचाने में लगा है. जो गृहमंत्री ने कहा है, हम वही बात कर रहे हैं. उनके शब्दों को तरोड़ा-मरोड़ा नहीं गया है. वे माफी मांगने के बजाए धमका रहे हैं. हम इनकी धमकियों से नहीं डरेंगे. recent visitors 60

हिन्दुत्व के विकास मॉडल पर अग्रसर मोहन सरकार

-अनुज प्रताप सिंह भाजपा संगठन के कुशल सिपाही प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल का पहला वर्ष पूर्ण हो गया है। मोहन के मन में मोदी ही मोदी  की लाइन पर चलते मोहन यादव मध्य प्रदेश के लिए पारस बनकर उभरे हैं। हिन्दुत्व एवं सनातन के नए चेहरे के रुप में मोहन सरकार स्थायित्व की ओर बढ़ रही है। तमाम अशंकाओं को नकारते हुए डॉ. मोहन यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा आलाकमान की अपेक्षाओं पर खरे उतरे हैं। मोदी के मन में मध्यप्रदेश और मोहन के मन में मोदी की परिकल्पना डबल इंजन की मोहन सरकार के चेहरे पर साफ झलकती है। शुरुआत में यह कहा जा रहा था कि तमाम दिग्गजों के मोहन कैबिनेट में होने से मुख्यमंत्री मोहन यादव को परेशानी होगी परंतु मुख्यमंत्री ने सभी के साथ बेहतर तालमेल बिठाते हुए, सरकार का सफल संचालन कर दिखाया। केंद्रीय भाजपा संगठन से लेकर प्रदेश संगठन के साथ भी उनका बेहतर समन्वय रहा, जो उनकी असली ताकत बना। मुख्यमंत्री तमाम आयोजनों में प्रदेश भाजपा कार्यालय जाते रहते हैं। प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा एवं संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा तथा विधानसभ अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के साथ उनका बेहतर समन्वय रहा है। तमाम सरकारी ताम-झाम से दूर मुख्यमंत्री मोहन यादव सहज और सरलता से एक आम आदमी की तरह चलना पसंद करते हैं। उनकी साधारण मानवी की शैली ने सभी का ध्यान आर्कर्षित किया। जमीन से जुड़ कर राजनीति करने वाले डॉ. मोहन यादव ने सरकार चलाकर यह साबित कर दिया की यदि आपके इरादे सच्चे और मजबूत हैं तो आप बड़ी से बड़ी बाधा को पार कर सकते हैं। सरकार के कार्यकाल के शुरुआत में उनकी शैली से कभी-कभी ऐसा भी लगा की मुख्यमंत्री अकेले ही सरकार की गाड़ी खींच रहे हैं, परंतु समय के साथ मुख्यमंत्री के रुप में वे परिपक्व होते चले गए और आज उनकी स्वीकार्यता सभी के सामने है।     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के एक वर्ष के कार्यकाल की सबसे बड़ी खूबी यह रही है कि उन्होंने अपने हर भाषणा में यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र अवश्य किया है। आने वाले समय में यह भी एक रिकार्ड बनेगा कि मुख्यमंत्री के रुप में सबसे अधिक बार अपने भाषणों में प्रधानमंत्री का जिक्र करने वाले मुख्यमंत्रियों में उनका नाम पहले नंबर पर होगा। मुख्यमंत्री की यह खूबी रही है कि वे प्रधानमंत्री की उपलब्धियों को गिनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। वे हमेशा डबल इंजन की भांति ही सरकार चला रहे हैं, यह संदेश अवश्य देते हैं। एैसा कोई कार्यक्रम नहीं होगा जब मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम का उल्लेख ना किया हो और उनका अभिनंदन जनता से तालियां बजबाकर ना किया हो। उनका यह भाव बताता है कि वे अपने उच्च नेत्तृव के पद चिन्हो पर चल रहे हैं । उनकी सौम्यता और सहजता और अति साधारण शैली उन्हे अन्य नेताओ से अलग बनाती है।     13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठते ही डॉ. मोहन यादव ने पहला आदेश जारी कर मस्जिद एवं अन्य धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर की तेज आवाज पर अंकुश लगा दिया था, इसके तहत अगर निर्धारित डेसिबल से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर बजाया गया तो इस पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस कदम को चौतरफा सराहा गया और देशभर में इसकी चर्चा हुई। इसके साथ ही उन्होंने खुल में मास-मच्छी की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाया। कार्यकाल की शुरुआती अंदाज में मुख्यमंत्री ने जनता का मन मौह लिया। मुख्यमंत्री यादव अपनी कार्यशैली को लेकर लगातर चर्चा में रहे, उन्होंने ने कैबिनेट की बैठक को लेकर भी नवाचार किया और नव वर्ष 2024 की पहली बैठक जबलपुर में रखी गई थी। इसके बाद प्रदेश के बजट में भी उनकी सरकार ने परिपक्वता दिखाई, 3 लाख 65 हजार करोड़ का बजट पेश किया गया जो की अब तक का सबसे अधिक है। जन्माष्टमी, गोवर्धन पूजा को संस्कृति से जोड़कर सरकारी स्तर पर मनाने, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और गाय पालने वालों और गोशला में गाय चारे की राशि में बढ़ोतरी कर मुख्यमंत्री मोहन यादव हिन्दुत्व की लाइन पर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मझे हुए खिलाड़ी के नाते ना केवल विधानसभा के अंदर अपने दल एवं सरकार का नेत्तृव किया बल्कि सभी मुद्दों पर धारा प्रवाह बोलते हुए सबके सामने रखा। इससे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मामले में यह कहा जाता था तथा ऐसा लगता भी था कि उनसे अच्छी सरकार कोई चला नहीं सकता, अब आगे क्या होगा। भाजपा के अंदर भी यह प्रश्न उठता था कि तमाम दिगगजों से सजी नई सरकार का नेत्तृव मोहन यादव कैसे करेंगे? शिवराज सिंह चौहान जैसी भाषण शैली का अभाव भी सामने था परंतु तमाम बातों को धीरे-धीरे मुख्यमंत्री ने समाधान कर दिया और एक साल सरकार का पूरा कर अपनी स्वीकार्यता को सिद्ध कर दिया। चाहे बात प्रशासनिक दक्षता की हो या राजनैतिक हो सभी मोर्चों पर मुख्यमंत्री ने अपनी पकड़ साबित कर दी है। मुख्यमंत्री प्रतिदिन सक्रिय रहते हैं, प्रदेश भर में वे निरंतर दौरे करते हैं, प्रतिदिन वे कार्यक्रमों और शासकीय बैठकों में शामिल होकर जनकल्याण के कार्यों को अंजाम देते नजर आते हैं। अपने पिता के देहांत के बाद भी उन्होंने राजधर्म को प्राथमिकता दी थी।     भाषण शैली के मामले में भी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री की कमी खलने नहीं दी है, हर विषय पर उनकी पकड़ उनकी भाषणों में दिखाई पड़ती है। भोपाल के नूतन कॉलेज में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का वह भाषण जिसमें उन्होंने इतिहास पर धारा प्रवाह बोलते हुए सबको हैरत में डाल दिया था, वहां जिन लोगों को लगता था कि मोहन यादव में शिवराज जैसी बात नहीं वो भी कहने लगे वाह! मान गए मोहन जी को, भाजपा के तमाम मंत्री एवं विधायक इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का भाषण सुन एक-दूसरे का मुंह देखते नजर आए थे।  इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री यादव ने धर्म के आधार पर हुआ देश के विभाजन को भारतीय इतिहास का एक काला अध्याय बताया था।     लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 29 सीटों पर चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री यादव ने अपनी राजनैतिक कौशल का परिचय भाजपा नेत्तृव को दिखाया और सिद्ध किया की वे उनके निर्णय पर फिट बैठते … Read more

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव और मुख्‍य न्‍यायाधीश जस्टिस सुरेश कुमार कैत का हुआ अभिनंदन

लोकतंत्र की खूबसूरती न्यायालयों से है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सेवाकाल में सर्वाधिक सम्मान मिला जबलपुर में : जस्टिस कैत मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव और मुख्‍य न्‍यायाधीश जस्टिस सुरेश कुमार कैत का हुआ अभिनंदन जबलपुर महाधिवक्‍ता कार्यालय ने किया अभिनंदन समारोह आयोजित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय न्याय पालिका ने अपने फैसलों से दुनिया में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की खूबसूरती न्यायालयों से ही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को मील का पत्थर निरूपित करते हुये कहा कि कार्यरत प्रधानमंत्री के विरूद्ध फैसला करने का जज्बा केवल भारतीय न्याय पालिका में ही है। उन्होंने न्याय करने में मेरिट के साथ मोरेलिटी को भी ध्यान में रखने की बात कही। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में महाधिवक्‍ता द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में यह बात कही। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने कहा कि उन्हें अपने सम्पूर्ण सेवाकाल में जितना सम्मान नहीं मिला, उससे अधिक सम्मान मात्र तीन महिने की अल्पावधि में ही जबलपुर में मिला है। अधिवक्ता अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मुख्य न्यायाधिपति जस्टिस कैत के साथ वरिष्ठ अधिवक्ताओं का अभिनंदन भी किया गया। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित विभिन्न न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि न्‍यायपालिका भारतीय लोकतंत्र की प्रहरी है। देश की न्‍याय व्‍यवस्‍था विश्‍व में भारत को अलग पहचान देती है और गौरव भी बढ़ाती है। न्‍यापालिका ने कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिये हैं जो आज भी अपनी प्रासंगिकता बनाए हुए हैं। यही हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधायिका, कार्यपालिका और न्‍याय पालिका यह तीनों लोकतंत्र के अहम हिस्‍से हैं। कानून निर्माण का काम कार्यपालिका करती है तो उसकी व्‍याख्‍या करने का काम न्‍यायपालिका द्वारा किया जाता है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय के साथ कई बदलाव आते हैं, बदलते हुए युग में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखना ही हमारी न्‍याय पालिका की विशिष्ट पहचान है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की न्‍याय व्‍यवस्था ने ऐसे कई फैसले लिये हैं जिनमें योग्‍यता के साथ-साथ नैतिकता और जीवन मूल्‍यों को भी तरजीह दी गई है। महाभारत काल में पांडवों और कौरवों में यही अंतर था कि पांडव जीवन मूल्‍य एवं नैतिकता समाहित किये हुए थे। ठीक उसी तरह कर्ण की योग्‍यता किसी से कम नहीं थी किन्‍तु उनमें नैतिकता के स्थान पर प्रतिशोध की भावना प्रबल होने के साथ जीवन मूल्‍यों का अभाव था। मुख्‍य न्‍यायाधिपति जस्टिश कैत ने कहा कि जबलपुर में ज्वाइनिंग के पहले दिल्‍ली हाईकोर्ट, तेलंगाना और अन्‍य हाईकोर्ट में अपनी सेवाएं दी है। सम्पूर्ण सेवाकाल की अवधि में जितना सम्‍मान प्राप्‍त हुआ उससे भी अधिक सम्‍मान मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय के मुख्‍य न्‍यायाधीश के रूप में मिला है। यहां पर वरिष्‍ठ एवं सेवानिवृत्‍त न्‍यायाधीशों से न्‍यायिक व्‍यवस्‍था को और बेहतर बनाने के सुझाव भी मिले हैं। हम पूरी तरह आशान्वित हैं कि बेहतर न्याय व्यवस्था के लिये हमें प्रदेश सरकार का भी भरपूर सहयोग मिलेगा। वरिष्ठ अधिवक्ताओं का किया अभिनंदन अभिनंदन समारोह में मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव, मुख्‍य न्‍यायाधीश मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय कैत एवं अन्‍य अधिवक्‍ताओं द्वारा सतीशचंद्र दत्‍त, राजेन्‍द्र प्रसाद जायसवाल, रवीशचंद्र अग्रवाल, वी रमेशराव, रविनंदन सिंह, गणेश नारायण पुरोहित, त्रिलोचन सिंह रूपराह, इम्तियाज हुसैन, श्रीर वी.एस. श्रोत्रीय एवं मोहनलाल जायसवाल को अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्‍मानित किया। लोक नर्तक दल को मिलेंगे एक लाख इक्यावन हज़ार रुपये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिनंदन समारोह में प्रदेश के प्रसिद्ध अहीर नृत्य की प्रस्तुति देने वाले शैलेंद्र पांडेय के दल की सराहना की। उन्होंने नर्तक दल को पुरस्‍कार स्‍वरूप एक लाख इक्यावन हज़ार रुपये देने की घोषणा भी की। समारोह में न्‍यायाधीश सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, राज्य अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष एड. राधेलाल गुप्ता, हाईकोर्ट एडवोकेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एड संजय अग्रवाल, उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एड धन्य कुमार जैन, जिला अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष एड मनीष मिश्रा एवं सीनियर एडवोकेट काउंसिल के महासचिव एड आदित्य धर्माधिकारी समारोह में मंचासीन थे। महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने स्वागत उदबोधन दिया। समारोह का संचालन उप महाधिवक्‍ता हरप्रीत सिंह रूपराह ने किया। आभार प्रदर्शन उप महाधिवक्‍ता विवेक शर्मा ने किया। समारोह में मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय के न्‍यायाधीशगण, अधिवक्‍तागण एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।   recent visitors 108

मुख्यमंत्री ने की सागर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभागों की समीक्षा

प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर प्रदेश को मिली नदी जोड़ो परियोजनाओं की सौगातें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मालवा और बुंदेलखण्ड में सिंचाई सुविधा के साथ ही उपलब्ध होगा पर्याप्त पेयजल मुख्यमंत्री ने की सागर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभागों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर ही पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो अभियान के लिए एमओए हुआ और उनके नेतृत्व में ही 25 दिसम्बर को केन-बेतवा लिंक परियोजना का शुभारंभ हो रहा है। दोनों ही परियोजनओं का लाभ मध्यप्रदेश को मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसम्बर को खजुराहो आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपील की है कि परियोजनाओं से लाभान्वित होने वाले क्षेत्रों के अधिक से अधिक नागरिक खजुराहो पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी का अभिवादन तथा आभार व्यक्त करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में सागर, उज्जैन, ग्वालियर-चंबल संभाग में संचालित जनकल्याण शिविरों की प्रगति के संबंध में समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से ही इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन हो सका है। इससे मालवा और बुंदेलखण्ड क्षेत्र में सिंचाई सुविधा के विस्तार के साथ ही पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जल के उपयोग पर स्कूलों में चित्रकला और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जाएं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा केन-बेतवा लिंक परियोजना के भूमि-पूजन कार्यक्रम से प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को जोड़ते हुए जन-जन को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाए। इन परियोजनाओं से लाभान्वित हो रही विधानसभाओं के विधायक परियोजनाओं के क्रियान्वयन से होने वाले लाभों की जानकारी स्थानीय नागरिकों को दें और जल का मितव्ययी उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। प्रदेश की नदियों को जोड़ने के लिए भी बनाएं प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दोनों परियोजनाएं अंतर्राज्यीय हैं। जरूरत है कि प्रदेश की नदियों को भी उपयोगिता के आधार पर जोड़ने के लिए प्रस्ताव बनाए जाएं। दोनों परियोजनओं के लाभ लेने के लिए भी जिला स्तर पर कार्य योजना बनाई जाएं। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में जन हितैषी कार्य लंबित न रहें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ घर-घर तक पहुंचाने के लिए प्रदेश में जन कल्याण अभियान संचालित किया जा रहा है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्तर पर जन हितैषी कार्य लंबित न रहें। अभियान में बने दल, घर-घर सर्वे कर आवेदन प्राप्त करें। सभी शिविरों में जनप्रतिनिधि भी सक्रिय सहभागिता करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे को प्राथमिकता से लेने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला स्तर पर बैठक कर अब तक हुए जनकल्याणकारी कार्यों और विकास गतिविधियों की जानकारी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विषयों के निराकरण में जिला स्तर पर कठिनाई आ रही है उन्हें राज्य स्तर पर अविलंब प्रस्तुत किया जाए। सागर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में लगेंगे 12 हजार से अधिक शिविर बैठक में जानकारी दी गई कि सागर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान के अंतर्गत 12 हजार से अधिक शिविर लगाए जा रहे हैं। शाजापुर, गुना, मंदसौर, उज्जैन और पन्ना जिलों में अब तक प्रस्तावित शिविरों में से 75 प्रतिशत से अधिक शिविर लगाए जा चुके हैं। अभियान के अंतर्गत सागर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में हुए शिविरों में अब तक 72 हजार 600 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 41 हजार 381 को स्वीकृति प्रदान की गई। सर्वाधिक आवेदन उज्जैन, छतरपुर, अशोक नगर, ग्वालियर, सागर, रतलाम और गुना जिलों में प्राप्त हुए हैं। बैठक में बताया गया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सर्वाधिक प्राप्त 20 हजार 134 आवेदनों में से 15 हजार 138 (75.2) प्रतिशत को स्वीकृति प्रदान की गई। इसी प्रकार निर्माण श्रमिकों के पंजीयन संबंधी आवेदनों में से 51 प्रतिशत और चालू खसरा/ खतौनी की प्रतिलिपियों के प्रदाय संबंधी 64 प्रतिशत आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। बैठक में दिए सुझाव बैठक में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एंदल सिंह कंसाना,खाद्य आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप,उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, संस्कृति राज्य मंत्री ध्रमेंद्र सिंह लोधी, पशुपालन राज्य मंत्री लखन पटेल, पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, जयंत मलैया, ओमप्रकाश सखलेचा सहित सागर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में विद्यमान विधानसभाओं के विधायक उपस्थित थे। बैठक में उपस्थित मंत्रीगण तथा विधायकों ने भी सुझाव प्रस्तुत किए। संबंधित संभागायुक्त, जिला कलेक्टर तथा अन्य अधिकारी बैठक में वर्चुअली शामिल हुए।   recent visitors 44

CM डॉ. मोहन यादव आज पन्ना में करेंगे करोड़ों रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास, जल कलश यात्रा का होगा समापन

पन्ना पन्ना जिले में आज जल संरक्षण और विकास कार्यों के लिए एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। नगर के पॉलिटेक्निक मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में जल कलश यात्रा का समापन और करोड़ों रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा। भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेंद्र मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कल दोपहर 3:30 बजे हेलीकॉप्टर से पन्ना पहुंचेंगे। इसके बाद वे पॉलिटेक्निक मैदान में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के तीनों विधायक और स्थानीय सांसद विष्णुदत्त शर्मा भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेंद्र मिश्रा ने आज स्थानीय पॉलिटेक्निक मैदान का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने जिले के कार्यकर्ताओं और जनता से समय पर कार्यक्रम में पहुंचने की अपील की। जल संरक्षण और विकास पर जोर यह कार्यक्रम जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभूतपूर्व प्रयासों और क्षेत्र के विकास कार्यों को समर्पित होगा। प्रदेश के मुखिया करोड़ों के विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे, जो जिले के विकास में अहम भूमिका निभाएंगे। recent visitors 97

प्रधानमंत्री मोदी ने 24 फरवरी को भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर समिट शामिल

भोपाल भोपाल में फरवरी 2025 में इन्वेस्ट मध्यप्रदेश-ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 का आयोजन । जीआईएस-2025 समिट का उद्देश्य निवेशकों को राज्य की क्षमताओं, प्रचुर संसाधनों एवं अनुकूल औद्योगिक वातावरण से अवगत कर मध्यप्रदेश को निवेश के लिये आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करना है। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को सफल बनाने के लिए औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा देश के विभिन्न शहरों में इन्टरेक्टिव सेशन आयोजित किए जा रहे हैं।  प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी 24 फरवरी 2025 को भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में आने की सहमति दी है। प्रधानमंत्री मोदी को मध्य प्रदेश में अन्य कार्यक्रमों के लिए भी आमंत्रित किया गया है। इसके लिए भी वे अपने कार्यक्रम निर्धारित कर अवगत करवाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी 26 दिसंबर को पचमढ़ी में चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने मंत्रीगण को जानकारी दी कि केंद्र सरकार द्वारा मध्य प्रदेश के लिए 10 केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि नर्मदापुरम में हाल ही में संपन्न रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव सफल रहा, जिसमें 31 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। साथ ही लगभग 40 हजार व्यक्तियों को रोजगार की संभावना भी सरकार होगी। प्रदेश में शहडोल में अगली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की तैयारी की जा रही है। मंत्रि-परिषद की बैठक शुरू होने के पहले राष्ट्रगीत वंदे-मातरम का सामूहिक गान हुआ। वहीं, सीएम मोहन यादव ने कहा है, "25 दिसंबर को नदी जोड़ो परियोजना का खाका देने वाले पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती (Atal Bihari Vajpayee 100th Birth Anniversary) है। इस उपलक्ष में 11 दिसंबर से 26 दिसंबर तक राज्य सरकार जन कल्याण पर्व मना रही है। सरकार हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाएगी।" रोजगार के बेहतर अवसर पर बल मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में बेहतर आर्थिक वातावरण बने, लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें, युवाओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के अनुरूप स्थानीय स्तर पर काम मिलें, उन्हें रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़े, इस दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास से मीडिया को जारी संदेश में यह बात कही. निवेशकों के लिये उद्योग मित्र नीतियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने उद्योग क्षेत्र के लिये वर्ष 2024-25 में 4 हजार 190 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है. औद्योगिक निवेश को प्रोत्सहन देने के लिये प्रदेश में सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश प्रोत्सहन और कस्टमाइज पैकेज जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं. नये निवेशकों को उद्योग मित्र नीतियों के साथ सरल और सुगम निवेश प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है. उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले में इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं. कई जिलों में शुरू भी हो चुके हैं. उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये इन सेंटर में जिला कलेक्टर्स को नोडल अधिकारी बनाया गया है. मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के लिए पिछले 8 माह में जो प्रयास हुए, उसमें उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव एवं मुंबई, कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में हुए रोड-शो के साथ हुए इंटरेक्टिव सेशन के काफी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं. इनमें विभिन्न सेक्टर्स में 2 लाख 76 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 3 लाख 28 हजार 670 रोजगार के अवसर सृजित होंगे.इस वर्ष 7-8 फरवरी 2025 को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा. निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है म.प्र. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश न सिर्फ औद्योगिक हब बन रहा है बल्कि हर क्षेत्र में उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त कर रहा है. प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, उद्योग अनुकूल नीतियों और मजबूत अधोसंरचना से मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है. recent visitors 62

डिजिटल ठगी का केंद्र बना मध्य प्रदेश, अपराध में 130% की वृद्धि पुलिस के लिए बनी चुनौती

भोपाल मध्य प्रदेश साइबर फ्रॉड करने वाले डिजिटल ठगों के निशाने पर है. हालत ये है कि यहां डिजिटल ठगी के मामलों में 130% की वृद्धि दर्ज की गई है. फर्जी कस्टमर केयर कॉल, डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, और ऑनलाइन ठगी के मामलों ने नागरिकों के सामने चुनौतियां बढ़ा दी हैं. इसी कड़ी में सितंबर में भोपाल की श्वेता सेंगर मोबाइल रिचार्ज करने के नाम पर 61,000 रुपये की ठगी का शिकार हो गईं.उन्होंने गूगल पर कस्टमर केयर नंबर खोजा और अनजाने में एक साइबर अपराधी से संपर्क कर लिया. वह व्यक्ति खुद को कस्टमर सपोर्ट एग्जीक्यूटिव बता रहा था. इसके बाद उसने बैंक बैलेंस चेक करने और पिन डालने को कहा. जैसे ही महिला ने पिन डाला, महिला के खाते से कुछ ही सेकंड में 61,000 रुपये निकल गए. साथ ही मेरे फोन में एक ऐप इंस्टॉल हो गया, जिसके बारे में महिला को जानकारी नहीं थी. उसने बताया कि यह रकम उनकी मेहनत की बचत थी, जिसे बच्चों की स्कूल फीस और घर के खर्चों के लिए रखा गया था. उन्होंने निराशा जताई कि मुझे नहीं लगता कि ये पैसे कभी वापस आएंगे. साल भर में ठगी की राशि में 80% का इजाफा गृह विभाग की जानकारी के मुताबिक, 2023 में ऑनलाइन ठगी के भोपाल में 53, इंदौर में 184 मामले सामने आए। पूरे मध्यप्रदेश में साल 2023 में 444 मामलों में 19 करोड़ रुपए की ठगी हुई। इस साल 2024 में ठगी की राशि बढ़कर 94 करोड़ हो गई। 2024 में भोपाल में 77, इंदौर में 141, जबलपुर में 94, उज्जैन में 44 मिलाकर प्रदेश में कुल 521 मामले सामने आए। ऑनलाइन ठगी के मामलों में 2023 की तुलना में 2024 में 20% की बढ़ोत्तरी हुई, लेकिन ठगी की राशि पांच गुना ज्यादा बढ़ी है। साइबर अपराध के चौंकाने वाले आंकड़े विधानसभा में पेश मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मुख्यमंत्री और गृह मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल के सवाल पर राज्य में बढ़ते साइबर अपराध के आंकड़े साझा किए. डिजिटल अरेस्ट के मामले     2024 में: 26 मामले दर्ज हुए, जिनमें 12.60 करोड़ रुपये की ठगी की गई.     2023 में: केवल 1 मामला था, जिसमें ₹96,968 का नुकसान हुआ था.     रिकवरी: 2024 में कुल ठगी की राशि में से सिर्फ ₹72.38 लाख (5.74%) की ही वापसी हो पाई. साइबर अपराधियों की गिरफ्तारियां अब तक 38 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से ज्यादातर आरोपी राजस्थान, बिहार, गुजरात, केरल और जम्मू-कश्मीर से हैं. कुल साइबर फ्रॉड के आंकड़े     2023 और 2024 में साइबर फ्रॉड से राज्य के लोगों को ₹150 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ.     2023 में 444 मामले दर्ज हुए, जिनमें ₹44.26 करोड़ का नुकसान हुआ.     2024 में मामलों की संख्या बढ़कर 521 हो गई, जो 17% की वृद्धि है.     नुकसान बढ़कर ₹93.60 करोड़ हो गया, यानी 111% की वृद्धि दर्ज है.     2023 में 20% की रिकवरी हुई थी, जबकि 2024 में यह घटकर केवल 9% रह गई. प्रमुख प्रभावित क्षेत्र इंदौर सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां 2023 में 184 और 2024 में 141 मामले दर्ज हुए. राजधानी भोपाल में 2023 में 53 और 2024 में 77 मामले सामने आए. श्वेता सेंगर का अनुभव और विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि मध्य प्रदेश में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है. फर्जी कस्टमर केयर कॉल, डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, और ऑनलाइन ठगी के मामलों ने नागरिकों की सुरक्षा को चुनौती दी है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लोग ऑनलाइन जानकारी साझा करने में सतर्क रहें और संदिग्ध कॉल्स से बचें. 510 साइबर अपराधी गिरफ्तार मध्यप्रदेश में 2023 और 2024 में ऑनलाइन ठगी के 965 मामलों में 138 करोड़ और डिजिटल अरेस्ट के 27 मामलों में 14 करोड़ रुपए की ठगी हुई। गृह विभाग के अफसरों ने बताया कि साइबर अपराधियों से 18 करोड़ रुपए की राशि जब्त की गई है। 510 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। ज्यादातर मामलों में पुलिस, बैंक, आयकर विभाग, सीबीआई, कस्टम, ट्राई के अधिकारी बनकर लोगों से ठगी की गई थी। साल 2023 में डिजिटल अरेस्ट का 1 केस डिजिटल अरेस्ट का साल 2023 में केवल एक मामला दर्ज हुआ था। भोपाल के साइबर पुलिस हेड क्वार्टर ने डिजिटल अरेस्ट का एक केस दर्ज किया था। इसमें ठगों ने 96,968 रुपए की ठगी की थी। साल 2024 में डिजिटल अरेस्ट के 26 मामले दर्ज किए गए, जिनमें ठगों ने 12 करोड़ 60 लाख 71 हजार 802 रुपए की ठगी की। पुलिस ने 38 आरोपियों को गिरफ्तार कर 72 लाख 38 हजार 927 रुपए की राशि पीड़ितों को वापस कराई है। राजस्थान से केरल तक के अपराधियों ने एमपी में की ठगी साल 2024 में 9 मामले भोपाल के साइबर पुलिस हेड क्वार्टर में दर्ज किए गए। इन 9 मामलों में 3 करोड़ 4 लाख 77 हजार 626 रुपए की ठगी की गई थी। पुलिस ने दौसा (राजस्थान), ग्वालियर, नीमच, देवास, मंदसौर, डीडवाना (राजस्थान) से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पीड़ितों को 14 लाख 33 हजार 720 रुपए की राशि वापस दिलाई है। recent visitors 158