मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झंडी दिखाकर भोजन वितरण वाहनों को रवाना किया, स्कूली बच्चों को प्रतीक स्वरूप मध्यान्ह भोजन वितरित किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों का स्त्रोत आहार ही है। आहार की शुद्धता इसकी महत्ता को कई गुना बढ़ा देती है। आहार की शुद्धता का महत्व बताते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद् गीता में कहा है कि शुद्ध आहार से ही विचार की शुद्धता संभव है। अक्षय पात्र फाउंडेशन इस दृष्टि से स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन के माध्यम से नवजीवन परोस रही है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा शिक्षा के लिए भरपूर भोजन के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की प्रशंसा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अक्षय पात्र परिसर में आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झंडी दिखाकर भोजन वितरण वाहनों को रवाना किया तथा 10 स्कूली बच्चों को प्रतीक स्वरूप मध्यान्ह भोजन वितरित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंगवस्त्रम तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अक्षय पात्र फाउंडेशन के केंद्रीकृत किचन में पहुंचकर भोजन बनाने की स्वचालित प्रक्रिया का अवलोकन किया। वे दाल-रोटी बनाने की प्रक्रिया में सहभागी भी हुए। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत भोपाल नगरीय क्षेत्र की शासकीय शालाओं को इस बेस किचन से ही मध्यान्ह मध्यान भोजन सप्लाई होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा 76 कर्मचारियों की टीम और 38 वाहनों के माध्यम से भोपाल के 645 स्कूलों को शुद्ध, पौष्टिक और गुणवत्तायुक्त मिड-डे मील उपलब्ध कराया जा रहा है। एक साथ 40 हजार रोटियां तैयार करना, दाल और सब्जी बनाने में भी मशीनीकृत प्रक्रियाएं अपनाना अभिभूत करने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संतवृंद के माध्यम से भोजन बनाने की इस प्रक्रिया से पवित्र भाव का संचार भी होता है। अक्षय पात्र फाउंडेशन का यह संकल्प आने वाले समय में बेहतर स्वास्थ्य और शुद्ध मानसिकता वाले समाज के निर्माण में सहायक होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचइजी लिमिटेड के चेयरमेन और मैनेजिंग डायरेक्टर रवि झुनझुनवाला, अक्षय पात्र फाउंडेशन के संस्थापक और चेयरमेन पद्मश्री मधु पंडित दासा और भोपाल कलस्टर के अध्यक्ष आचार्य रतन दासा सहित फाउंडेशन के सभी सहयोगियों और कर्मचारियों का इस पुनीत सेवा के लिए अभिवादन किया। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री ने किया संबोधित पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा शालाओं में विद्यार्थियों को पौष्टिक और स्वादिष्ट आहार उपलब्ध करा रहा है। फाउंडेशन द्वारा बच्चों की रूचि अनुसार भोजन से बच्चों को शालाओं से जोड़े रखने में भी मदद मिल रही है। recent visitors 56

इंदौर में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने भाजपा सांसद प्रताप सारंगी को धक्का देने पर जताया विरोध

इंदौर भाजपा सांसद प्रताप सारंगी को राहुल गांधी द्वारा संसद के बाहर धक्का दिए जाने के विरोध में इंदौर में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय का घेराव किया। BJYM के कार्यकर्ताओं ने कार्यालय में काली स्याही और चप्पलें भी फेंकी। इस प्रदर्शन को रोकने पहुंची पुलिस से कार्यकर्ताओं की झड़प भी हो गई। भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप था कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का आचरण संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह आपत्तिजनक था। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने की कोशिश की, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी से माफी की मांग की है।   सदने के बाहर सांसदों में धक्का-मुक्की राजधानी दिल्ली में गुरुवार को संसद के बाहर 70 वर्षीय भाजपा सांसद प्रताप सारंगी कांग्रेस सांसदों के प्रदर्शन के दौरान गिरकर घायल हो गए। सारंगी ने राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ने उन्हें धक्का दिया, जिससे वह गिर गए और उनके सिर से खून निकलने लगा।   संसद के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन यह घटना तब हुई, जब कांग्रेस सांसद संसद के मुख्य द्वार के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे, उस समय भाजपा सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत संसद में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। धक्का-मुक्की में दोनों घायल हो गए। घायल होने के बाद प्रताप सारंगी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ एफआईआर भी करवाई गई है। recent visitors 40

भारत मोबाइल बनाने के मामले में आत्मनिर्भर , चौंका देगा ये आंकड़ा; मंत्री जितिन प्रसाद ने दिया जवाब

नई दिल्ली मोबाइल फोन का इस्तेमाल वर्तमान समय में हर कोई रहा है। भारत जैसी बड़ी जनसंख्या वाले देश में ये आंकड़ा काफी अधिक है। मगर दिलचस्प बात ये है कि भारतमोबाइल यूज करने के साथ-साथ इसका उत्पादन करने में भी आगे है। जी हां, भारत ने मोबाइल हैंडसेट निर्माण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, देश में इस्तेमाल होने वाले लगभग 99% डिवाइस घरेलू स्तर पर बनाए जा रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने संसद के साथ यह जानकारी साझा की, कि पिछले एक दशक में घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में काफी वृद्धि देखी गई है। भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स का उत्पादन मूल्य वित्त वर्ष 2014-15 में 1,90,366 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 9,52,000 करोड़ रुपये हो गया। यह 17% से अधिक की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्शाता है। देश मोबाइल फोन के प्रमुख आयातक से निर्यातक बन गया है। मोबाइल विनिर्माण और निर्यात वृद्धि वित्त वर्ष 2014-15 में, भारत में बेचे गए लगभग 74% मोबाइल फोन आयात किए गए थे। अब, भारत अपने 99.2% मोबाइल हैंडसेट घरेलू स्तर पर बनाता है। यह बदलाव इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भारत की बढ़ती क्षमताओं और मोबाइल निर्यातक देश के रूप में इसके उभरने को दर्शाता है। प्रसाद ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 25 लाख नौकरियां पैदा की हैं। इस वृद्धि का श्रेय उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न सरकारी पहलों को जाता है। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में पैदा हुईं 25 लाख नौकरियां वित्त वर्ष 2014-15 में भारत में बिकने वाले लगभग 74% मोबाइल फोन आयात किए गए थे। वहीं, अब भारत अपने 99.2% मोबाइल हैंडसेट घरेलू स्तर पर बनाता है। यह बदलाव इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग में भारत की बढ़ती क्षमताओं के साथ ही मोबाइल एक्सपोर्टर देश के रूप में इसके उभरने को दिखाता है। जितिन प्रसाद ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 25 लाख नौकरियां पैदा की हैं। इस वृद्धि का श्रेय उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई विभिन्न सरकारी पहलों को जाता है। मोबाइल फोन के इम्पोर्टर से एक्सपोर्टर बना भारत भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स का उत्पादन मूल्य वित्त वर्ष 2014-15 में 1,90,366 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 9,52,000 करोड़ रुपये हो गया। यह 17% से अधिक की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) को दिखाता है। देश मोबाइल फोन के प्रमुख आयातक से निर्यातक बन गया है। 76 हजार करोड़ की लागत से शुरू हुआ 'सेमीकॉन इंडिया' सरकार ने 76,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य देश के भीतर सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले मैन्यूफैक्चरिंग इकोसिस्टम डेवलप करना है। इसके अलावा बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी हार्डवेयर मैन्यूफैक्चरिंग को समर्थन देने के लिए अन्य योजनाएं भी हैं। प्रोडक्शन लिंक्ड इनीशिएटिव स्कीम (PLI) और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स व सेमीकंडक्टर्स की मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की योजना (SPECS) इन्हीं कोशिशों में से एक है। इस तरह की तमाम पहलों का उद्देश्य ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में भारत की प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना है। हालांकि, ग्लोबल प्लेयर्स के साथ क्वालिटी और प्राइसिंग कॉम्पिटीशन कई चुनौतियां भी पेश करता है। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को बढ़ावा देने वाली सरकारी पहल सरकार ने 76,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य देश के भीतर सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है। इसके अतिरिक्त, बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी हार्डवेयर विनिर्माण का समर्थन करने के लिए अन्य योजनाएं भी हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भारत की प्रगति पर चर्चा करते हुए प्रसाद ने इन मुद्दों पर प्रकाश डाला। इन चुनौतियों का समाधान विकास को बनाए रखने और वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। recent visitors 77

राहुल गांधी के खिलाफ जिन भी धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई , वो जमानती अपराध, क्या जाएगी सांसदी

नई दिल्ली संसद में हुए धक्का-मुक्की कांड के बाद बीजेपी ने नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली के संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। बीजेपी ने हत्या की कोशिश का भी आरोप लगाया है। इसके साथ ही, भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, 115 और 117 के तहत केस दर्ज करवाया गया है। दरअसल, गुरुवार सुबह संसद में अमित शाह द्वारा आंबेडकर पर की गई टिप्पणी को लेकर कांग्रेस विरोध प्रदर्शन कर रही थी। बीजेपी सांसद भी प्रदर्शन कर रहे थे, तभी कांग्रेस और बीजेपी सांसद आमने-सामने आ गए और प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत चोटिल हो गए। भाजपा ने राहुल गांधी पर धक्का देने का आरोप लगाया है। संसद में शिकायत दर्ज करवाने के बाद बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि हमने राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। उनके द्वारा शारीरिक हमला और उकसाने को लेकर है यह शिकायत हुई है। इसमें विस्तार में बताया है कि आज घटनाक्रम जो हुआ, जहां एनडीए के सांसद शांतिपूर्वक तरीके से कांग्रेस के झूठ के प्रोपेगैंडा को बेनकाब कर रहे थे, उसी समय राहुल गांधी अपने गठबंधन के सांसदों के साथ उस तरफ कूच करते हैं। जब सिक्योरिटी फोर्सेस के लोग कहते हैं कि ये संसद में जाने का रास्ता है तो जिस तरह का राहुल गांधी का रवैया था, उन्होंने गुस्सा दिखाया। इस परिवार को अपने आप को कानून से ऊपर मानने की आदत पड़ गई है। बीजेपी की महिला सांसद ने भी लगाया गंभीर आरोप वहीं, बीजेपी की नगालैंड से महिला सांसद फांनोन कोन्याक ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी बेहद करीब आकर खड़े हो गए, जिससे मैं असहज हो गई थी। हम बेहद शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान राहुल गांधी आए और मेरे ऊपर चिल्लाने लगे। किसी महिला सांसद पर इस तरह चिल्लाना राहुल को शोभा नहीं देता है। मैं बहुत दुखी हूं और सुरक्षा चाहती हूं। राहुल की गिरफ्तारी में हायर अथॉरिटी से लेनी होगी परमिशन अनिल सिंह कहते हैं कि पुलिस इस मामले में सीरियस धाराओं में केस रजिस्टर नहीं करेगी। यह सिंपल मारपीट का मामला बनेगा। इन सब मामले में 7 साल तक की जेल का प्रावधान है। हालांकि, राहुल गांधी को गिरफ्तार करने के मामले में हायर अथॉरिटी से परमिशन लेने की जरूरत है। अगर, ये तय हो जाए कि इससे शांति भंग हो सकती है और दंगे भड़क सकते हैं। ऐसे में पुलिस राहुल को अरेस्ट कर सकती है। केस दर्ज हुआ तो 7 साल तक की हो सकती है जेल एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत के अनुसार, राहुल पर जो भी केस दर्ज होगा, वो अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अनुसार होगा। पहले इंडियन पीनल कोड की धारा 151 के तहत जो केस दर्ज होता। वह अब BNS के 189(5) के तहत दर्ज होगा। यानी इसके तहत 5 से अधिक लोग गैरकानूनी तरीके से एक जगह जुटते हैं तो यह केस दर्ज होगा। सिंपल चोट लगने पर 115(2) और गंभीर चोट लगने पर 117(2) लगेगा। इन दोनों ही मामलों में 7 साल तक की सजा हो सकती है। प्रदर्शन शाह के खिलाफ, चोट दूसरे सांसद को, ये जमानती अपराध सु्प्रीम कोर्ट में एडवोकेट अलिल कुमार सिंह श्रीनेत के अनुसार, धक्का-मुक्की के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ जिन भी धाराओं में एफआईआर दर्ज होगी, वो जमानती अपराध होंगे। दरअसल, राहुल गांधी अमित शाह के बयान को लेकर उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे में अगर किसी दूसरे सांसद को चोट लगती है तो यह संज्ञेय यानी जानबूझकर किया गया अपराध नहीं होगा। ऐसे अपराध में उन्हें तुरंत जमानत मिल सकती है। अगर, यही चोट अमित शाह को लगती तो यह माना जाता कि राहुल ने जान-बूझकर यह अपराध किया होगा। तब उन पर गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज हो सकता था। सिंपल धाराओं में केस दर्ज तो 1 सााल तक की सजा वहीं, जान से मारने की धमकी या कोशिश पर बीएनएस की धारा 110 के तहत केस दर्ज होगा। इसमें 3 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। तुम्हारा जो है! वहीं, बीएनएस की धारा 115(2) के तहत सामान्य केस दर्ज हुआ तो 1 साल तक की सजा का प्रावधान है। हालांकि, ये भी जमानती ही होगा। संसद के सदस्यों को ये मिले हैं विशेषाधिकार, राहुल को भी मिले संसद के सदस्यों को ये विशेषाधिकार मिले हुए हैं। इनमें है-संसद में बोलने की स्वतंत्रता। संसद या उसकी किसी समिति में कुछ कहने या वोट देने पर सदस्य को अदालत में किसी भी कार्यवाही से छूट। संसद से प्रकाशित किसी रिपोर्ट, कागजात या कार्यवाही पर किसी व्यक्ति के खिलाफ अदालत में कोई कार्यवाही नहीं हो सकती। ये भी विशेषाधिकार मिले हुए हैं संसद की कार्यवाही की वैधता को लेकर अदालतों की ओर से कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता है। संसद की कार्यवाही को बनाए रखने के लिए जो अधिकारी या सांसद शक्तियों का प्रयोग करते हैं, वे अदालत के अधिकारक्षेत्र से बाहर होते हैं। संसद की कार्यवाही से संबंधित किसी सत्य रिपोर्ट का समाचार पत्रों में प्रकाशित होने पर उसे किसी न्यायिक कार्यवाही से छूट दी जाती है, जब तक यह साबित न हो कि यह बदनीयती से किया गया है। हालांकि, किसी भी ऐसे मामले में वीडियो सबूत जरूरी होता है। recent visitors 80

राज्य शिक्षा केंद्र ने एमपी बोर्ड कक्षा 5वीं और 8वीं वार्षिक परीक्षा का टाइम टेबल जारी किया

भोपाल  मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा केंद्र ने एमपी बोर्ड कक्षा 5वीं और 8वीं वार्षिक परीक्षा का टाइम टेबल जारी कर दिया है। एमपी बोर्ड 5वीं, 8वीं की वार्षिक परीक्षाएं 24 फरवरी से शुरू होंगी। 5वीं की परीक्षा 1 मार्च को और 8वीं की परीक्षा 5 मार्च को समाप्त 2025 होगी। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं एक ही शिफ्ट दोपहर 2 बजे से साढ़े 4 बजे तक में होंगी। कुल ढाई घंटे का एग्जाम होगा। दिव्यांग विद्यार्थियों को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत अतिरिक्त समय और लेखक की सुविधा मिलेगी। प्रथम भाषा के रूप में हिंदी/ उर्दू/ मराठी का चयन करने पर द्वितीय भाषा अंग्रेजी एवं प्रथम भाषा के रूप में अंग्रेजी का चयन करने पर द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी का चयन करना अनिवार्य होगा। 8वीं कक्षा का टाइम टेबल ( MP Board 8th Class Time Table 2025 ) परीक्षा तिथि                             विषय 24 फरवरी, 2025 – प्रथम भाषा : सहायक वाचन सहित हिंदी/अंग्रेजी/उर्दू/मराठी 25 फरवरी, 2025– गणित या संगीत (केवल दृष्टि बाधितों के लिए)) 1 मार्च, 2025 – सामाजिक विज्ञान 4 मार्च, 2025- दूसरी भाषा: अंग्रेजी (जिनकी प्रथम भाषा हिंदी /उर्दू /मराठी है) या हिंदी (जिनकी प्रथम भाषा अंग्रेजी है) 5 मार्च, 2025- तीसरी भाषा: संस्कृत/हिंदी/उर्दू/मराठी/पंजाबी/उड़िया/गुजराती। एमपी बोर्ड कक्षा 5वीं का टाइम टेबल (MP Board Class 5th Time Table 2025) परीक्षा तिथि                                    विषय 24.02.2025 प्रथम भाषा: हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू, मराठी 25.02.2025 गणित या संगीत (दृष्टिबाधितों हेतु) 27.02.2025 अतिरिक्त भाषा: हिन्दी, संस्कृत, उर्दू, पंजाबी 28.02.2025 पर्यावरण अध्ययन 01.03.2025 द्वितीय भाषा: अंग्रेजी (जिनकी प्रथम भाषा हिन्दी/उर्दू/मराठी है) हिन्दी ((जिनकी प्रथम भाषा अंग्रेजी है) एमपी बोर्ड ने शुरू किया हेल्पलाइन नंबर 10वीं-12वीं की स्टेट और सेंट्रल बोर्ड की परीक्षाओं में अब सिर्फ दो माह का समय बचा है। ऐसे में परीक्षाओं से जुड़े डाउट क्लियर करने के लिए बोर्ड ने हेल्पलाइन नंबर 1800-233-0175 शुरू किया है। इस पर छात्र और उनके परिजन सुबह 8 से रात 8 बजे तक कॉल कर गाइडेंस ले सकते हैं। कब होगी एमपी बोर्ड 10वीं 12वीं की परीक्षा मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल पहले ही एमपी बोर्ड परीक्षा 2025 कैलेंडर जारी कर चुका है। इसके अनुसार, प्रैक्टिकल परीक्षाएं 10 फरवरी से 15 मार्च 2025 तक चलेंगी। एमपी बोर्ड 10वीं की परीक्षाएं 27 फरवरी, 2025 से 19 मार्च 2025 के बीच आयोजित की जाएंगी । वहीं, एमपी बोर्ड 12वीं की परीक्षाएं 25 फरवरी से 25 मार्च 2025 के बीच होंगी । मध्य प्रदेश बोर्ड परीक्षा 2025 सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच सिंगल शिफ्ट में होगी। एमपी बोर्ड 10वीं की परीक्षा तिथियां – 27 फरवरी 2025 – हिंदी – 1 मार्च 2025 – NSQF के समस्य विषय व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – 03 मार्च 2025 – अंग्रेजी – 5 मार्च 2025 – मराठी, गुजराती, पंजाबी, सिंधी – 06 मार्च 2025 – संस्कृत – 13 मार्च 2025 – सामाजिक विज्ञान एमपी बोर्ड 12वीं की परीक्षा तिथियां 25 फरवरी – हिन्दी 4 मार्च – फिजिक्स, इकोनॉमिक्स, भारतीय कला का इतिहास 6 मार्च – ड्राइंग एंड डिजाइन 11 मार्च – इंफोर्मेटिक प्रैक्टिस 17 मार्च – केमिस्ट्री, इतिहास, बिजनेस स्टडीज, ड्राइंग पेंटिंग 19 मार्च – शारीरिक शिक्षा, एनएसक्यूएफ 22 मार्च – एग्रीकल्चर, होम साइंस, बुक कीपिंग 24 मार्च – राजनीति शास्त्र recent visitors 170

इजराइल-हमास जंग में अब तक 45000 मौतें, फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताई सच्चाई

गाजा गाजा में चल रहे इजराइल और हमास जंग को लेकर फिलिस्तीन के स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा दावा किया है. फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि गाजा में इजराइल और हमास के बीच जंग में अब तक 45000 से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में बमबारी वाले क्षेत्र के अस्पतालों में 50 से अधिक मृतकों को लाया गया. एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से 45,028 लोग मारे गए हैं और 106,962 अन्य घायल हुए हैं. इसके अलावा चेतावनी दी है कि वास्तविक मौत का आंकड़ा और भी ज्यादा हो सकता है क्योंकि हजारों की संख्या में शव उन मलबे के नीचे दबे हुए हैं जहां पर डॉक्टरों की टीम नहीं पहुंच पाई है. अमेरिका लगातार इजरायल को जंग के दौरान मदद मुहैया करा रहा है। इसके खिलाफ आवाज उठाते हुए 5 फिलिस्तीनियों ने उस पर मानवाधिकार के हनन में शामिल होने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। मंगलवार को घोषित किए गए इस मुकदमे में अमेरिका पर केंद्रीय कानून को लागू करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया गया है, जो न्यायेतर हत्याओं और यातना जैसे घोर उल्लंघनों में शामिल विदेशी सेनाओं को पैसा देने पर रोक लगाता है। मुकदमे में क्या लिखा है? मुकदमे में लिखा है, ''7 अक्टूबर, 2023 को गाजा जंग शुरू होने के बाद से इज़रायली मानवाधिकारों के उल्लंघन में तेजी आने के मद्देनजर लीही कानून को लागू करने में अमेरिका की तरफ से जानबूझकर की गई नाकामी चौंकाने वाली है।'' मुकदमे में कहा गया है कि अक्टूबर 2023 की शुरुआत से गाजा में इज़रायल की बमबारी और जमीनी कार्रवाइयों में 45,000 से ज्यादा फ़िलिस्तीनी मारे गए हैं। साथ ही संयुक्त राष्ट्र और दुनिया के प्रमुख अधिकार समूहों ने इज़रायली फौज पर नरसंहार समेत युद्ध अपराध करने का भी आरोप लगाया है। वादी शिक्षिका ने बयां किया दुख इस मामले में अमल गाजा नाम से जानी जाने वाली एक गाजा शिक्षिका वादी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जंग शुरू होने के बाद से उसे सात बार जबरन विस्थापित किया गया है और उसके परिवार के 20 सदस्य इजरायली हमलों में मारे गए हैं। मुकदमे के साथ दिए गए एक बयान में उसने कहा, ''अगर अमेरिका मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन करने वाली इजरायली इकाइयों को सैन्य सहायता देना बंद कर दे, तो मेरी पीड़ा और मेरे परिवार को होने वाला अकल्पनीय नुकसान काफी हद तक कम हो जाएगा।'' 45 हजार से ज्यादा लोगों की मौत पिछले 14 महीने से जंग में 45 हजार से अधिक फिलिस्तीनी इजरायली सैन्य कार्रवाई में मारे जा चुके हैं। वहीं, घायलों की तादाद भी एक लाख के ऊपर है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़े के मुताबिक इजरायली हमले में अब तक 45 हजार 25 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जबकि एक लाख 9 हजार 62 घायल हुए हैं। मारे गए और घायलों में सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं और बच्चों की है। स्वास्थ्य मंत्रालय का ये भी कहना है कि गाजा की 23 लाख की आबादी में से करीब 2 फीसदी आबादी को इजरायल मार चुका है, जबकि 4 फीसदी आबादी घायल है। मृतकों में महिलाएं और बच्चे ज्यादा मौत को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जो आंकड़े दिए गए हैं उसमें महिलाओं और पुरुषों की संख्या नहीं बताई गई है, लेकिन इतना जरूर कहा गया है कि मरने वालों में आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे हैं. दूसरी ओर से इजराइली सेना का कहना है कि उसने बिना कोई सबूत दिए 17,000 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया है. यह युद्ध इजराइल और हमास के बीच लड़ाई का अब तक का सबसे बुरे दौर में है, जिसमें मरने वालों की संख्या गाजा की लगभग 2.3 मिलियन की युद्ध-पूर्व आबादी का लगभग 2 फीसदी है. इजराइल मौत के लिए हमास को ठहराता रहा है जिम्मेदार इजराइल का दावा है कि नागरिकों की मौत के लिए हमास जिम्मेदार है क्योंकि यह घनी आबादी वाले गाजा पट्टी में नागरिक क्षेत्रों के भीतर से काम करता है. अधिकार समूहों और फिलिस्तीनियों का कहना है कि इजराइल नागरिकों की मौतों से बचने के लिए पर्याप्त सावधानी बरतने में विफल रहा है. 7 अक्टूबर, 2023 को शुरू हुई थी जंग युद्ध तब शुरू हुआ जब हमास के नेतृत्व वाले आतंकवादियों ने 7 अक्टूबर, 2023 को दक्षिणी इजराइल में हमला किया, जिसमें लगभग 1200 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर नागरिक थे, और अन्य 250 का अपहरण कर लिया. इजराइल ने भारी बमबारी और फिलिस्तीनी क्षेत्र में जमीनी घुसपैठ का जवाब दिया. लगभग 100 बंधक अभी भी गाजा के अंदर हैं, कम से कम एक तिहाई को मृत माना जा रहा है. बाकियों में से अधिकांश को पिछले साल युद्धविराम के दौरान रिहा कर दिया गया था.   recent visitors 69

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 57वां प्रांतीय अधिवेशन का शुभारंभ CM डॉ. मोहन यादव ने किया

गुना अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 57वां प्रांतीय अधिवेशन गुना में गुरुवार से शुरू हुआ। तीन दिन चलने वाले इस अधिवेशन का शुभारंभ CM डॉ. मोहन यादव ने किया। इस मौके पर ABVP के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान भी मौजूद रहे। CM डॉ. यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि परिषद के अधिवेशन में आकर बोलना रोमांच पैदा करता है और आनंद देता है। इसका एहसास अलग प्रकार का होता है। हमारे अतीत के कालक्रम पर जो बात कही है, वह एक, एक बात एकदम सही है। दुनिया के कई देश अपनी शिक्षा को लेकर गौरवान्वित होते हैं कि हमारे पास सब है, लेकिन हम कहते हैं कि आपके कैंपस में विद्यार्थी परिषद नहीं है, तो सब फेल है। देश की आजादी के समय सत्ता के लालच में राष्ट्रवादी विचारधारा का दमन किया गया। इसके लिए उन्हें कभी माफ नहीं किया जाएगा। विद्यार्थी परिषद सिखाता है कि सच्चा देशभक्त बनना। अपने अतीत के गौरव से जुड़कर भविष्य के लिए सोचना, इसी दृष्टि से हम आगे बढ़ेंगे। सर्वे भवन्तु की सोच के साथ जीवन गुजारे, केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान के साथ हम आगे बढ़ें, इसी सोच के साथ विद्यार्थी परिषद काम करती है। दुनिया में आज भारत का मान बढ़ रहा सीएम ने कहा- दुनिया में आज भारत का मान बढ़ रहा है। आने वाले समय में जल की उपलब्धता के आधार पर मध्यप्रदेश इस नई पीढ़ी के माध्यम से आगे बढ़ेगा। सरकार का प्रयास है कि एक एक इंच जमीन पर सिंचाई का रकबा बढ़ना चाहिए। नदी जोड़ने की कल्पना अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी। मोदी जी के नेतृत्व में इस योजना का अमल शुरू हो गया है। हमारी युवा पीढ़ी केवल रोजगार मांगने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बननी चाहिए। इसी सोच के साथ हमारी सरकार काम कर रही है, इसलिए जगह-जगह इंडस्ट्रियल कॉनक्लेव किए हैं। आज की स्थिति में प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज हैं। अगले एक साल में 52 मेडिकल कॉलेज हमारे यहां होंगे। केवल एलोपैथी में ही नहीं, आयुर्वेदिक में भी पांच मेडिकल कॉलेज जल्द शुरू हो रहे हैं। गुना में एग्रीकल्चर की सीट होगी, ये घोषणा यहीं से करते हैं, जो भी रोजगार देने वाले कोर्स हैं, वो खोलने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। यह वीरों की धरती है – आशीष चौहान राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने कहा कि यह बहुत सुंदर अवसर है। यह जगह चंबल और मालवा का द्वार कहा जाता है। यह टेकरी सरकार की धरती है। यह वीरों की धरती है। विद्यार्थी परिषद ने मांग उठाई कि देश का नाम भारत होना चाहिए। संविधान की चर्चा हिंदी में भी होना चाहिए। हम सभी को जोड़ने की कोई एक भाषा होनी चाहिए। अपने शैशव काल में ही विद्यार्थी परिषद ने इस पर चर्चा की। पहली विचार बैठक में ही शिक्षा परिवार का कॉन्सेप्ट लेकर आए। देश के सुदूर कोनों तक विद्यार्थी परिषद की पहुंच है। आज हम IIT, IIM, NIT सहित मेडिकल कॉलेजों के बीच में काम कर रहे हैं। हम कार्यकर्ता निर्माण का काम कर रहे हैं। अधिवेशन की स्वागत समिति के अध्यक्ष राजेश मोहन अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यहां उपस्थित इस छात्र शक्ति को ऐसा कोई मूल मंत्र दें कि गुना में आयोजित ये अधिवेशन राष्ट्र के निर्माण में मील का पत्थर साबित हो। मुख्यमंत्री का शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। हाल ही में तात्या टोपे यूनिवर्सिटी की सौगात गुना जिले को मिली है। उन्होंने उपस्थित जन समुदाय से निवेदन किया कि हमारी भावी पीढ़ी को दूषित वातावरण से बचाते हुए विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ने के लिए पुरजोर प्रयास करें। प्रांत मंत्री संदीप वैष्णव ने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने कई आंदोलनों का नेतृत्व किया है। छात्र शक्ति, राष्ट्र शक्ति के विचार के साथ विद्यार्थी परिषद आगे बढ़ता है। पहली बार ABVP का प्रांत सम्मेलन गुना अपनी स्थापना के बाद से पहली बार ABVP का प्रांत सम्मेलन गुना में आयोजित किया गया है। इसको लेकर दो महीने से तैयारियां शुरू हो गई थीं। तीन दिन तक यह सम्मेलन चलेगा। अधिवेशन स्थल से 20 दिसंबर को दोपहर बाद एक भव्य शोभा यात्रा शहर के विभिन मार्गों से होते हुए शास्त्री पार्क तक जाएगी। यह शोभा यात्रा लगभग 3 किमी लंबी रहेगी, जिसका स्वागत विभिन्न स्थानों पर शहर के नागरिकों द्वारा किया जाएगा। इसके समापन पर एक खुला अधिवेशन भी होगा। इस संपूर्ण व्यवस्था को संभाल करने के लिए अभाविप गुना विभाग के कार्यकर्ता लगे हुए हैं। इस अधिवेशन की व्यवस्था को 15 गट में विभाजित किया है, 15 गटों में 59 विभाग बनाए गए है। इन संपूर्ण व्यवस्था में 200 से अधिक वर्तमान कार्यकर्ता लगे हुए थे। इसके बाद डेलीगेट सत्र शुरू होंगे। इसमें कई प्रस्ताव पेश किए जाएंगे 20 दिसंबर की सुबह भी प्रस्ताव पेश होंगे और उन पर चर्चा होगी। 20 दिसंबर को दोपहर 3 बजे से जुलूस निकाला जाएगा। स्टेडियम से शुरू होकर जुलूस शास्त्री पार्क पहुंचेगा। यहां एक मंचीय कार्यक्रम होगा। इसके बाद जुलूस वापस स्टेडियम पहुंचेगा, शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। 21 दिसंबर को सुबह के सत्र में पेश किए गए प्रस्तावों पर चर्चा होगी और उन्हें पारित किया जाएगा। शाम के सत्र में संगठनात्मक घोषणाएं होंगी। इसमें कार्यकारिणी की घोषणा की जाएगी। recent visitors 130