रायपुर में पुलिस को मिली बड़ी सफलता, पुलिस चेकिंग के दौरान 9 करोड़ की 928 किलो चांदी का जखीरा किया बरामद

रायपुर त्योहारी सीजन से पहले राजधानी रायपुर में पुलिस ने बड़ी तस्करी का खुलासा किया है। दरअसल, आज मौदहापारा थाना क्षेत्र में पुलिस रुटीन चेकिंग में लगी हुई थी। इस दौरान कार्टून से लोड एक अशोक ले-लैण्ड वाहन को पुलिस जवानों ने तलाशी के लिए रोका और जब उन्होने कार्टून को खोलकर देखा तो दंग रह गए, क्योंकि कार्टून के भीतर चांदी की सिल्लियां रखी हुई थी। इसके बाद जब दूसरे कार्टूनों को खोला गया तो उनमे भी चांदी की सिल्लियां मिली। वाहन में सवार युवक सन्नी कुमार सिंह चांदी के स्वामित्व से सम्बंधित कोई वैलिड डॉक्यूमेंट पुलिस को नहीं दे सका, जिसके बाद पुलिस ने चांदी की सिल्लियों से भरे 51 कार्टूनों को बरामद किया है। बता दें कि चेकिंग के दौरान चांदी का जखीरा मिलने की सूचना पुलिस ने जीएसटी विभाग को दी, जिसके बाद जी.एस.टी टीम ने मौके पर पहुंचकर चांदी को जब्त किया। जीएसटी द्वारा जब्त चांदी का कुल वजन 928 किलोग्राम है, जिसकी कीमत 9 करोड़ रुपए आकी गई है। मामले में जीएसटी की टीम अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है। recent visitors 65

जनता में विश्वास कायम करना हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि : मुख्यमंत्री साय

  एक वर्ष में मोदी की गारंटी के सभी बड़े वादे पूरे प्रदेश की जीडीपी को वर्ष 2028 तक दस लाख करोड़  तक पहुंचाने का लक्ष्य सबकी सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के लक्ष्य को करेंगे साकार रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारी सबसे बड़ी चुनौती जनता में विश्वास को कायम करने की थी। अब अपनी सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर मुझे यह बताते हुए संतोष हो रहा है कि ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में किए सभी बड़े वादों को पूरा कर हमने जनता के विश्वास को कायम रखा है। श्री साय आज सरकार के एक वर्ष पूर्ण होनेे के उपलक्ष्य में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया प्रतिनिधियों को स्थानीय न्यू सर्किट हाउस में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 13 दिसम्बर को हमारी सरकार का पहला साल पूरा हो रहा है।  विगत एक वर्ष में छत्तीसगढ़ प्रदेश ने विकास के अनेक नये आयाम स्थापित किए हैं। हमने बीते एक साल को विश्वास का वर्ष घोषित किया है। वास्तव में प्रदेश में पूर्ववर्ती सरकार के पांच वर्ष का समय विश्वास के संकट का समय था। पूर्ववर्ती सरकार ने ‘जन घोषणा पत्र’ में किए गए लगभग सभी वादों से मुकरते हुए न केवल प्रदेश के लिए बल्कि पूरे लोकतंत्र के लिए ही भरोसे का संकट पैदा कर दिया था।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सबसे बड़ी चुनौती जनता में इस विश्वास को कायम करने की थी। अब एक वर्ष पूरे होने पर जब आपके माध्यम से जनता के समक्ष हमारी पूरी सरकार रिपोर्ट कार्ड लेकर प्रस्तुत हुई है, तो मुझे यह बताते हुए संतोष हो रहा है कि ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में किए सभी बड़े वादों को पूरा कर हमने इस विश्वास की बहाली की है। हमें प्रदेश की महतारी-बहनों को, किसानों को, युवाओं को, आवास से वंचित कर दिए गए कमजोर वर्ग के लोगों से किए वादे को पूरा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान हमारी सरकार ने प्रदेश के नागरिकों से वादा किया था कि यदि हमारी सरकार बनी तो हम प्रदेश में सुशासन की स्थापना करेंगे। भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करेंगे। सरकार बनते ही हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ तत्परता के साथ कार्यवाही की। जो लोग भ्रष्टाचार के मामलों में लिप्त पाए जा रहे हैं, उन्हें जेल भेजा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष हमारा सारा ध्यान जनता के विश्वास को बहाल करने पर था। अब इसी विश्वास की नींव पर छत्तीसगढ़ के विकास और समृद्धि रूपी शिखर का निर्माण करना है। हम छत्तीसगढ़ को विकसित बना कर भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी के विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में योगदान देने परिश्रम की पराकाष्ठा कर दिन-रात जुटे रहेंगे। आगामी 1 नवंबर 2025 को हम प्रदेश स्थापना की रजत जयंती मनाएंगे। हमने वर्ष 2028 तक प्रदेश की जीडीपी को दस लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। किसानों, गरीबों और महिलाओं से वादा पूरा मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने किसानों से किया गया वादा पूरा करते हुए 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की रिकॉर्ड खरीदी की। हमने अपने वादे के मुताबिक किसान बंधुओं को दो साल के बकाया धान बोनस की राशि 3716 करोड़ रुपए का अंतरण भी किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की माताओं-बहनों से किए गए वादे को पूरा करते हुए तीन माह के भीतर ही महतारी वंदन योजना शुरू की गई। इसका लाभ 70 लाख माताओं-बहनों को मिल रहा है। अब तक इस योजना की 10 किश्तों में 6530 करोड़ रुपए अंतरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवारों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने के अपने वादे को पूरा करने के लिए सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया। तेन्दूपत्ता संग्रहण दर 4 हजार रुपए मानक बोरा से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए मानक बोरा कर दी गई है। पीएससी पर लौटा युवाओं का विश्वास मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य में नई शिक्षा नीति लागू करके शिक्षा को रोजगार परक बनाया है। राज्य की प्रतिभाओं को निखारने के लिए रायपुर के नालंदा परिसर की तर्ज पर प्रदेश की 13 नगरीय निकायों में हाईटेक लाइब्रेरियों के निर्माण का निर्णय लिया गया है। अपने वादे के मुताबिक हमने सीजीपीएससी परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाया है। पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं हुई और उनके परिणाम घोषित हुए। इससे राज्य की प्रतिभाओं का विश्वास सीजी पीएससी पर लौट आया है। हमने प्रदेश के 68 लाख गरीब परिवारों को पांच साल तक मुफ्त राशन देने की योजना शुरू की।इस तरह हमने यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को एक साल के भीतर ही पूरा कर दिया है। सुशासन की स्थापना मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार सुशासन की स्थापना के लिए प्रयासरत है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमने सुशासन एवं अभिसरण नाम से नया विभाग बनाया है। हमारा प्रयास है कि आम नागरिकों को छोटे छोटे कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े। इसके लिए हम तकनीक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। एक क्लिक में अथवा एक फोन कॉल में उनके काम हो जाने चाहिए। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपने को हम लगातार साकार कर रहे हैं। पुराणों में जिसे राम-राज कहा गया है, उसे ही हम सुशासन कहते हैं। जनजातीय क्षेत्रों में नई सुविधाएं मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने जनजातीय क्षेत्रों में सड़क, रेल और हवाई सुविधाओं का विस्तार किया गया है। अम्बिकापुर के हवाई अड्डे से भी अब हवाई सेवा की शुरूआत हो गई है। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास के लिए गठित प्राधिकरणों में जनप्रतिनिधित्व को और मजबूत किया गया है। साथ ही छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद का गठन भी किया गया है। बैगा, गुनिया, सिरहा के लिए सम्मान निधि जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर हमने राज्य के बैगा, गुनिया, सिरहा को सालाना पांच-पांच हजार रुपए की सम्मान निधि देने की घोषणा की … Read more

जनादेश परब-एक वर्ष विश्वास का : शासन के एक वर्ष की उपलब्धियों का मुख्यमंत्री साय ने प्रस्तुत किया रिपोर्ट कार्ड

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने मंत्रिमण्डल के सदस्यों के साथ न्यू सर्किट हाउस सिविल लाईन में राज्य सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर प्रेस कान्फ्रेंस को सम्बोधित किया।  इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों और तेंदूपत्ता संग्राहक हितग्राहियों को संबोधित पत्र ”विष्णु की पाती” ,  मुख्यमंत्री श्री साय के चुनिंदा भाषणों के चुनिंदा अंश पर आधारित 'उद्गार : विजन और विचार', प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के अनुभव को दर्शाती पुस्तिका 'खुशियों का आशियाना', महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के अनुभवों को दर्शाती पुस्तिका ' खुशियों का नोटिफिकेशन' , राज्य शासन के विजन को दर्शाती  'सेवा ही सर्वोपरि', छत्तीसगढ़ सरकार की विगत एक वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित 'सुशासन का एक साल, छत्तीसगढ़ हुआ खुशहाल' का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने शासन की एक वर्ष की उपलब्धियों के रिपोर्ट कार्ड 'जनादेश परब रिपोर्ट कार्ड' का विमोचन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री द्वय अरूण साव एवं विजय शर्मा सहित कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, वनमंत्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, जनसंपर्क आयुक्त जनसंपर्क रवि मित्तल, संचालक अजय कुमार अग्रवाल उपस्थित थे। recent visitors 47

चहुँमुखी विकास के साथ उपलब्धियों भरा रहा एक वर्ष

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 'देश का हृदय प्रदेश' अपने वन, जल, अन्न, खनिज, कला, संस्कृति और परंपराओं की समृद्धि के लिए प्रसिद्ध है अपना मध्यप्रदेश। पुण्य सलिला माँ नर्मदा और भगवान श्रीमहाकालेश्वर की पावन छाया अनगिनत बलिदानियों और महापुरुषों की कर्मभूमि एवं तपोभूमि रहा हमारा प्रदेश ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और धार्मिक रूप से समृद्ध है। आज, मध्यप्रदेश अपने सांस्कृतिक वैभव को संरक्षित करते हुए विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "विकसित भारत" के संकल्प के तहत, प्रदेश GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के सशक्तिकरण) पर आधारित चार मुख्य स्तंभों पर कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए नवाचारी पहल करते हुए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और रोड शो के माध्यम से हर क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बल दिया जा रहा है। राज्य सरकार के प्रतिबद्ध प्रयासों का ही यह सुखद परिणाम है कि नए निवेश प्रस्तावों से मध्यप्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य सुदृढ़ होने और नए रोज़गार के अवसर सृजित होने की राहें खुल रही हैं। सांस्कृतिक पुनर्जागरण के क्रम में श्रीराम वन गमन पथ, श्रीकृष्ण पाथेय और विक्रम संवत की पुनर्स्थापना जैसे अनेक प्रयास हमारी ऐतिहासिक धरोहर को नई ऊर्जा दे रहे हैं। यह समय आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति का है। मध्यप्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के सहयोग और संकल्प से हम आत्मनिर्भर प्रदेश का निर्माण करके विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए कृत संकल्पित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर गुरूवार को भोपाल में मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि हर्ष का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी आगामी 25 दिसम्बर को छतरपुर में केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना का शिलान्यास करने आ रहे हैं। साथ ही फरवरी-2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी प्रधानमंत्री मोदी पधारेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश में एक वर्ष में हुए विकास और उपलब्धियों को साझा किया। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान और जनकल्याण पर्व प्रदेश में 11 दिसम्बर से मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान और राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर जनकल्याण पर्व शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित नागरिकों को लाभान्वित करने और जन समस्याओं का मौके पर शिविर लगाकर निराकरण किया जायेगा। इसमें केन्द्र और राज्य सरकार की शत-प्रतिशत सैचुरेशन की चिन्हित-34 हितग्राही मूलक योजनाओं में और 11 लक्ष्य आधारित योजनाओं के साथ विभिन्न विभागों से संबंधित 63 सेवाएं शिविर लगाकर आमजन को लाभान्वित किया जाएगा। जन-कल्याण पर्व में विभिन्न विभागों की गतिविधियां, विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन के साथ जन-कल्याण के कार्य प्रमुखता से किये जायेंगे होंगे। इन कार्यक्रमों में आमजन की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी। 1. गरीब कल्याण के लिए:-             इंदौर के हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिक परिवारों की लंबित राशि 224 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।             संबल 2.0 के अंतर्गत 1 करोड़ 73 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीयन। 40 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों को 895 करोड़ रुपये से अधिक की अनुग्रह राशि का अंतरण।             सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में प्रतिमाह 55 लाख हितग्राहियों को 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि का अंतरण।             प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 36 लाख से अधिक परिवारों और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में 8 लाख से अधिक परिवारों का साकार हुआ घर का सपना।             स्वामित्व योजना में 24 लाख लोगों को भू-अधिकार पत्र वितरित कर मध्यप्रदेश देश में प्रथम बना।             वोकल फॉर लोकल के तहत धनतेरस से देवउठनी ग्यारस तक शिल्पकार और छोटे व्यवसायियों को कर से मुक्त रखा।             पीएम स्वनिधि योजना में 11 लाख से अधिक हितग्राहियों को 10 से 50 हजार रूपये तक के ऋण सहायता उपलब्ध कराई गई। 2. किसान कल्याण के लिए:-             प्रत्येक ग्राम पंचायत में पीएम किसान समृद्धि केंद्र की स्थापना होगी।             रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना में किसानों को 1 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 3900 रूपये प्रति हेक्टेयर की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।             किसानों को समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं पर प्रति क्विंटल 125 रुपये बोनस का भुगतान।             सोयाबीन का समर्थन मूल्य 4,892 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपार्जन करने का निर्णय लिया।             मुख्यमंत्री किसान कल्याण सम्मान निधि में 6 हजार रूपये प्रति वर्ष का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जा रहा है।             फसल की बोनी के सही आंकलन के लिये डिजिटल क्राप योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।             राजस्व महाअभियान के दो चरणों में 80 लाख से अधिक लंबित प्रकरणों का निपटारा किया गया। राजस्व महाअभियान 3.0 शुरू हुआ। 3. युवाओं के लिए:–             प्रदेश के विश्वविद्यालयों के कुलपति अब कुलगुरु कहलाएंगे।             राज्य स्तरीय रोज़गार दिवस के अवसर पर रिकॉर्ड 7 लाख युवाओं को 5 हजार करोड़ रुपये का स्व-रोज़गार ऋण वितरित हुआ।             सभी शासकीय विभागों में लगभग 1 लाख पदों पर भर्तियां की जा रही। आगामी 5 वर्ष में 2.50 लाख सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।             गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के उद्देश्य से 55 जिलों में पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस प्रारंभ।             विश्वविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की अंकसूची एवं उपाधियों को डीजी लॉकर में अपलोड करने की व्यवस्था लागू की गई।           4. महिला सशक्तिकरण के लिए:-             शासकीय सेवाओं में महिलाओं को अब 35 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।             लाड़ली बहना योजना में 1.29 करोड़ बहनों को जनवरी 2024 से अब तक 19 हजार 212 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण किया गया। रक्षाबंधन पर बहनों को 250-250 रूपये अतिरिक्त राशि नेग के रूप में दी गई।             प्रदेश की लगभग 26 लाख लाड़ली बहनों को 450 रुपये में गैस सिलेंडर की रीफिलिंग के लिए वर्ष 2024 में 715 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण किया गया।             एक लाख से अधिक दीदीयां बनी लखपति बनी हैं।             महिला उद्यमियों के प्रोत्साहन के लिए 850 एमएसएमई इकाइयों को 275 करोड़ रुपये का अंतरण।             सेनिटेशन एवं हाईजीन योजना में 19 लाख से अधिक बालिकाओं को 57 करोड़ 18 लाख रुपये की राशि अंतरित।             आहार अनुदान योजना में विशेष पिछड़ी जनजातीय बहनों के खाते में … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 91.76 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले नए फ्रीगंज आरओबी का किया भूमि-पूजन

फ्रीगंज एवं आस-पास के क्षेत्र को प्रमुख व्यापारिक, सांस्कृतिक केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में “आपकी सरकार, आपके द्वार” से 76 से अधिक योजनाओं व सेवाओं का लाभ मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 91.76 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले नए फ्रीगंज आरओबी का किया भूमि-पूजन मुख्यमंत्री ने उज्जैन में जनकल्याण शिविर का शुभारंभ किया उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम प्रदेश के चहुँमुखी विकास के लिए दिन रात कार्यरत है। उज्जैन के लिए होने वाले कार्य, संपूर्ण प्रदेश व देश का मान बढ़ाने वाले काम है। बारह ज्योर्तिलिंग में से सबसे प्रमुख ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल के मंदिर में देश विदेश से आने वाले भक्तों की आने-जाने, रूकने की सुविधा, सिंहस्थ एवं जनता जनार्दन के लिए यह कार्य किए जा रहे हैं। वर्ष-2024 के सावन माह में देश विदेश से एक करोड़ से अधिक संत-महंत-श्रध्दालुओं ने भगवान महाकालेश्वर के दर्शन लाभ लिए। उज्जैन में विकास के कार्य इतनी अधिक संख्या में आने वाले श्रध्दालुओं की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए किया जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव उज्जैन में फ्रीगंज रेलवे ओवर ब्रिज के भूमि पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनकल्याण पर्व में सार्वजनिक कार्यक्रम 11 से 26 दिसम्बर तक होंगे। इसके साथ हर दिन नागरिकों को सौगात व हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से लाभान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में गीता जयंती से 26 जनवरी 2025 तक विभिन्न कार्यक्रम होंगे। अब नागरिकों को आयुष्मान कार्ड, संपत्ति कर, बिल्डिंग परमिशन, आधार कार्ड एवं इसके साथ 76 से अधिक सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ 'आपकी सरकार आपके द्वार' आकर देगी। पहले 'आपका विधायक-आपके द्वार' से कार्य हमने किया अब 'आपकी सरकार-आपके द्वार' आकर एवं शिविरों के माध्यम से आपकी समस्याओं का समाधान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान' गीता जयंती से शुरू हुआ है। गीता भक्ति,ज्ञान एवं योग का मार्ग प्रशस्त करती है। आज भगवान श्रीराम अयोध्या में विराज कर संपूर्ण विश्व के भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की सरकार अब रामराज्य की परिकल्पना साकार कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने फ्रीगंज के नए रेलवे ओवरब्रिज के भूमि-पूजन के प्रस्तावित नए रेलवे ओवरब्रिज के ले-आउट का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। यह ब्रिज चामुंडा चौराहे से फ्रीगंज को जोड़ेगा। फ्रीगंज रेलवे ओवर ब्रिज उज्जैन की आबादी एवं सिंहस्थ -2028 को दृष्टिगत रखते हुए बनाया जा रहा है। इसकी कुल लागत 91.76 करोड़ रुपए होगी। ब्रिज 21.40 मीटर चौड़ा एवं 633 मीटर लंबा होगा। यातायात के लिए 9-9 मीटर चौड़े कैरेज वे होंगे। इसी के साथ 1.5-1.5 मीटर चौड़ा फुटपाथ एवं डिवाइडर 0.4 मीटर का होगा। ब्रिज निर्माण के साथ-साथ फ्रीगंज एवं आस-पास के क्षेत्र को प्रमुख व्यापारिक, सांस्कृतिक केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। कार्यक्रम में उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने गीता भवन के लिए 128 करोड़ की सौगात देने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को धन्यवाद दिया। समारोह में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जाटिया, संजय अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 53

आज सरकार ने नवंबर में महंगाई दर के आंकड़े जारी किए, महीने में दर गिरकर 5.48 फीसदी रह गई है

नई दिल्ली महंगाई (Inflation) के मोर्चे पर भारत के लिए अच्छी खबर आई है. गुरुवार को सरकार ने नवंबर में महंगाई दर के आंकड़े जारी किए, जो देश की जनता के लिए राहत भरे हैं. दरअसल, अक्टूबर महीने में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) तेजी से बढ़ते हुए 6 फीसदी के पार निकल गई थी, लेकिन नवंबर महीने में ये गिरकर 5.48 फीसदी रह गई है. सरकार ने बताया कि खाद्य पदार्थों, खासकर सब्जियों की कीमतों में आई नरमी के चलते महंगाई घटी है. बुधवार को ही RBI के गवर्नर का पद संभालने वाले संजय मल्होत्रा के लिए ये पहली गुड न्यूज है. गौरतलब है कि आरबीआई ने महंगाई दर को 4-6 फीसदी के दायरे में रखने का लक्ष्य तय किया है और नवंबर में ये फिर 6 फीसदी से नीचे आ गई है. अक्टूबर में 14 महीने के हाई पर थी महंगाई भारत की खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) इससे पिछले अक्टूबर में बढ़कर 6.21% पर पहुंच गई थी. जो कि सितंबर में 5.49% थी. ऐसा माना जा रहा था कि त्‍यौहारी सीजन में हाई फूड प्राइस के कारण महंगाई दर में इजाफा हुआ है. अगस्त 2023 के बाद यह पहली बार था जब महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की 6% की सहनीय सीमा को पार कर गई. सितंबर में मुद्रास्फीति जुलाई के बाद पहली बार RBI के मध्यम अवधि के लक्ष्य 4% को पार कर गई, जो 5.49% तक पहुंच गई थी. यानी कि महंगाई में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो आम लोगों की जेब पर असर डाल रहा है. सब्जियों-दाल के दाम घटे राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी CPI Data को देखें, तो  नवंबर में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर घटकर 9.04 फीसदी पर आ गई, जो कि अक्टूबर महीने में 10.87 फीसदी पर पहुंच गई थी. वहीं बीते साल नवंबर 2023 में ये 8.70 फीसदी थी. एनएसओ के मुताबिक, नवंबर 2024 के दौरान सब्जियों, दालों और फूड प्रोडक्ट्स, चीनी और मिठाई, फलों, अंडों, दूध  मसालों की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. नवंबर महीने में अनाज की महंगाई दर 6.88 फीसदी दर्ज की गी, जो कि अक्टूबर में 6.94 फीसदी थी. दालों की अगर बात करें, तो इन पर महंगाई दर 7.43 फीसदी से घटकर 5.41 फीसदी पर आ गई. जुलाई-अगस्त में नरमी, फिर आया था उछाल बता दें कि सीपीआई आधारिक रिटेल महंगाई दर जुलाई-अगस्त महीने में औसतन 3.6 फीसदी के स्तर पर था, लेकिन फिर सितंबर महीने में ये उछलकर 5.5 फीसदी पर पहुंची और अक्टूबर महीने में ये आरबीआई का तय दायका तोड़ते हुए 6.21 फीसदी पर पहुंच गई थी.   recent visitors 117

बीते साल में मुख्यमंत्री यादव ने अपनी एक मज़बूत पहचान बनाई, पहले ही फैसले में लाउड स्पीकरों की आवाज़ कम कर दी

भोपाल डॉ. मोहन यादव को ‘मुख्यमंत्री’ मोहन यादव बने एक साल हो गया है। एक दिन बाद उनके मुख्यमंत्री-काल की फर्स्ट एनिवर्सरी है और आज वो बीते एक साल का लेखा जोखा पेश करेंगे। वहीं, मोहन सरकार के एक साल पूर्ण होने पर प्रदेश में 11 दिसंबर से 26 जनवरी 2025 तक जनकल्याण अभियान और 11 से 26 दिसंबर तक जनकल्याण पर्व भी मनाया जा रहा है। इस दौरान प्रदेश के मंत्री अपने प्रभार और गृह जिलों में विभिन्न गतिविधियों में भाग लेंगे और जिलों में आयोजित शिविरों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेंगे। साथ ही, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधि भी इन आयोजनों की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। वहीं, 26 दिसंबर को पचमढ़ी में चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। पीछे मुड़कर देखने का दिन ये एक साल पुरानी बात है जब मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा सस्पेंस था ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’। केबीसी के अंतिम सवाल से ज्यादा ये सवाल पूछा जा रहा था और सबसे अपने अपने कयास थे। यकीन मानिए..ज़्यादातर मीडिया हाउस ने तो चर्चित छह-आठ नामों के ‘सीएम’ बनने के टेम्पलेट भी बना रखे थे..ताकि जिस भी नाम की घोषणा हो, तुरंत उसे ब्रेक किया जा सके। लेकिन जब नाम की घोषणा हुई तो सारे ‘व्योमकेश बक्षी’ फेल साबित हुए। सारी पड़ताल, सारे अंदाज़े, सारे अनुमान, सारे तुक्के धम्म से जा गिरे और मुख्यमंत्री बना एक ऐसा व्यक्ति..जो विधायकों की पंक्ति में तीसरी कतार में बैठा हुआ था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक साल इस वाकये को एक साल हो चुका है। 13 दिसंबर को डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बने एक साल हो जाएगा और बीते साल में उन्होंने अपनी एक मज़बूत पहचान बनाई है, इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता। ‘सबसे पढ़े लिखे राजनेता’ ने अपने पहले ही फैसले में लाउड स्पीकरों की आवाज़ कम कर दी। उस दौर में जब विपक्ष बार बार ये बात कह रहा था कि सरकार की लाड़ली बहना योजना को खत्म करने की मंशा है..उस समय डॉ मोहन यादव ने दृढ़ता से कहा कि ये योजना न सिर्फ जारी रहेगी बल्कि लाड़ली बहनों की राशि में बढ़ोत्तरी और आवास योजना से भी जोड़ा जाएगा। बीआरटीएस कॉरिडोर हटाना उनके बड़े फैसलों में से एक रहा है और ऐसे ही अनगिनत फैसले हैं जो एक साल में लिए गए। अब लंबे समय से मुख्यमंत्री का फोकस प्रदेश में निवेश लाने पर है। इसके लिए लगातार अलग अलग स्तर पर इन्वेस्टर समिट हो रहे हैं और आगामी फरवरी में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पीएम मोदी के आने की भी संभावना है। जारी है उम्मीदों का सफर संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले डॉ. मोहन यादव को जिस समय मुख्यमंत्री पद का दायित्व सौंपा गया..ये वो समय था जब प्रदेश के लोकप्रिय ‘मामा’ को सीएम न बनाए जाने पर लाड़ली बहनें फूट-फूटकर रोई थीं। कई बार ये सवाल भी कहे सुने गए कि आखिर किस आधार पर बड़े और अनुभवी नामों को छोड़कर डॉ मोहन यादव को सीएम बनाया गया। चुनौतियां कई थीं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता को मैच करना और उनके लंबे कार्यकाल के बाद प्रदेश की बागडोर संभालना आसान नहीं था। अगर किसी विरोधी पार्टी के नेता के बाद कुर्सी मिले तो दीगर तुलना होती है। लेकिन अपनी ही पार्टी के बेहद लोकप्रिय दिग्गज नेता की विरासत मिलने पर जिस तरह की तुलना और उम्मीदें होती है..उनका दबाव भी कम नहीं होता। लेकिन पिछले एक साल में सीएम डॉ. मोहन यादव ने खुद को पूरी तरह साबित किया है। अपनी एक मज़बूत पहचान बनाई है और अपने फैसलों से दिल्ली के फैसले को सही साबित किया है। मोहन सरकार का ये एक साल निश्चित तौर पर कई उपलब्धियों से भरा रहा है और मध्य प्रदेश को उम्मीद है कि बीजेपी के संकल्प पत्र के आधार पर वे आगे भी प्रदेश हित के लिए नई रोशनी जुटाते रहेंगे। recent visitors 45