मध्य प्रदेश में न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री दर्ज, अब भारी बारिश के आसार

भोपाल मध्य प्रदेश में ठंड का दौर शुरू होने लगा है। राज्य के शिवपुरी जिला के पिपरसमा में सबसे कम तापमान दर्ज किया गया है। यहां न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश में सर्द हवाएं चलने लगेंगीं, इससे धीरे-धीरे ठंड़ बढ़ने लगेगी और पारा गिरने लगेगा। आइए जानते हैं बीते 24 घंटे में राज्य में मौसम का क्या हाल रहा। भारी बारिश और झोंकेदार हवाओं के आसार आने वाले दिनों में राज्य में वज्रपात के साथ बिजली चमकने, झोंकेदार हवाओं और भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है। इसके लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट का संकेत जारी किया है। 11, 12 और 13 दिसंबर को राज्य के धार, गुना और अशोकनगर में ऐसी स्थिति बन सकती है। जानिए सबसे ठंडीले इलाकों के तापमान मौमस विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे में जबलपुर, शहडोल संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बारिश दर्ज की गई है। वहीं बाकी के इलाकों में मौसम शुष्क ही रहा है। भोपाल, इंदौर और नर्मदापुरम संभागों के जिलों में न्यूनतम तापमान में काफी गिरावट देखने को मिली है। सबसे कम तापमान वाले इलाकों की बात करें तो पिपरसमा के बाद नीमच के मरुखेड़ा में 7.4, राजगढ़ में 7.6, शाजापुर के गिरवर में 8.6 और सीहोर में 9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है। इन इलाकों में दर्ज हुआ अधिकतम तापमान वहीं इसके उलट सबसे ज्यादा तापमान खंडवा में दर्ज किया गया। यहां का अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा अन्य चार इलाकों में भी तापमान में अधिकता देखी गई। खरगौन में 30.4, टीकमगढ़ में 29.7, मंडला में 29.6 और तालुन में 29.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। यानी खंडवा और पिपरसमा के तापमान में करीब छह गुना तापमान का अंतर देखने को मिला। राजधानी भोपाल की स्थिति राजधानी भोपाल की बात करें तो कल सुबह शहर में आकाश साफ रहने की संभावना है। वहीं सुबह के समय धुंध भी छाए रहने का अनुमान लगाया गया है। तापमान 27 डिग्री से 8.5 डिग्री रहने का अनुमान लगाया गया है। recent visitors 66

प्रयागराज कुंभ में प्रदेश से भेजेंगे 3.50 लाख थाली-थैले,संघ-विहिप के कार्यकर्त्ता श्रद्धालुओं के थैले से निकालेंगे पॉलीथिन

प्रयागराज/ नीमच प्रयागराज में 13 जनवरी 2025 से 26 फरवरी 2025 तक आयोजित होने वाले महा कुंभ को इस बार ग्रीन महा कुंभ बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार महा कुंभ को स्वच्छ महा कुंभ, ग्रीन महा कुंभ बनाने के लिए मेला प्राधिकरण ने मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त रखने के प्रयास शुरू कर दिए हैं वहीं नगर निगम प्रयागराज भी पूरे शहर को प्लास्टिक फ्री रखने को लेकर अभियान चला रहा है, इसमें अब मध्य प्रदेश भी भागीदार बन रहा है। प्रयागराज महा कुंभ को प्लास्टिक मुक्त बनाने के संकल्प के लिए मध्य प्रदेश का नीमच जिला भी सहभागी बन रहा है। जिले में सामाजिक संगठनों ने एक थाली, एक थैला अभियान चलाया। इसके अंतर्गत जिले से 4100 स्टील थाली व 4100 थैला संग्रहित किए। इनकी पूजा-अर्चना कर पैकिंग की गई। अब ट्रांसपोर्ट से प्रयागराज पहुंचाया जा रहा है। अभियान में सभी संगठनों का अमूल्य योगदान रहा है। इन सभी ने दिया अहम् योगदान   नीमच के सीए एसोसिएशन संगठन द्वारा 101, भारत विकास परिषद 251, नीमच सिटी जैन मंदिर समाज 50, जैन स्थानक समाज 50, भारत विकास परिषद विवेकानंद शाखा 89, मुक्तिधाम सर्वसमाज नीमच सिटी (रावण रूंडी), सीताराम जाजू कन्या महाविद्यालय 300, विवेकानंद बाल कल्याण समिति (शिशु मंदिर एसएसवीएम) 200 एवं नगर की व्यवसायी शाखा के स्वयंसेवकों द्वारा 150 थाली और थैले जुटाने में अहम् योगदान दिया है। मालवा प्रांत केंद्र से प्रयागराज पहुंचाया जायेगा 4100 थाली 4100 थैले को राम मंदिर जाजू बिल्डिंग में पुजारी जीवन तिवारी ने विधि-विधान से भगवान की आरती कर इनकी पूजा-अर्चना की। इसके बाद नीमच से मालवा प्रांत के केंद्र इंदौर ट्रांसपोर्ट द्वारा पहुंचाई। मालवा प्रांत केंद्र से सभी को प्रयागराज पहुंचाया जायेगा। कार्यक्रम में कई समाजजन ने सहयोग किया। 40 करोड़ श्रद्धालु सम्मिलित होने का अनुमान कार्यक्रम आयोजकों के अनुसार प्रयागराज में जो महा कुंभ होने जा रहा है इसमें 45 दिनों में अनुमानित 40 करोड़ श्रद्धालु सम्मिलित होने वाले हैं। हम कल्पना करें कि एक तीर्थ यात्री तीन दिन भी वहां रुकता है, तीन दिन में 6 बार भोजन, दो से तीन बार चाय नाश्ता करेगा। ऐसे में 40 करोड़ तीर्थ यात्रियों के भोजन आदि में कितना पॉलिथिन, डिस्पोजल, कागज लग जाएगा। जो कचरा बनकर तीर्थ नगरी प्रयागराज को प्रदूषित कर सकता है। महाकुंभ में 40 हजार टन कचरा उत्सर्जित होने का अनुमान है। शासन-प्रशासन अपने स्तर पर कचरा निस्तारण की व्यवस्था करेगा। इसलिए पर्यावरण को बचाने के लिए ये पहल की जा रही है। अब तक भेजे जा चुके हैं 40 हजार थैले     मध्यभारत प्रांत में शामिल जिले- मुरैना, श्योपुर, ग्वालियर (डबरा), भिंड (लहार), शिवपुरी (पिछोर), गुना (राघौगढ़), अशोकनगर, विदिशा (बासौदा), रायसेन (भोजपुर), रायसेन (बरेली), नर्मदापुरम (पिपरिया), हरदा, बैतूल (मुल्ताई) (जिले के साथ लिखे कस्बे को भी संघ की संरचना में जिला माना गया है।     मध्यभारत प्रांत से करीब 1 लाख 25 हजार थैले और थाली एकत्रित कर प्रयागराज भेजने का लक्ष्य है। अब तक करीब 40 हजार भेजे जा चुके हैं।     महाकौशल प्रांत में शामिल जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, अनूपपुर, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, नरसिंहपुर।     महाकौशल प्रांत से करीब सवा लाख थैले और थाली भेजने का टारगेट रखा है।     मालवा प्रांत में शामिल जिले- नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, आगर-मालवा, उज्जैन, शाजापुर, देवास, इंदौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर। मालवा प्रांत से करीब एक लाख थैले और थाली एकत्रित कर प्रयागराज कुंभ में भेजे जाएंगे। थाली और थैले का आकार     15 इंच लंबाई और 12 इंच चौड़ाई होना चाहिए, थैला कपड़े का ही होना चाहिए। थैले पर प्रायोजक, दानदाता, संस्था का नाम प्रिंट करवा सकते हैं।     थाली स्टील की होनी चाहिए। थाली का साइज लगभग 11 ⅹ 14 इंच चौकोर या गोल जैसी भी उपलब्ध हो, भेज सकते हैं। अब जानिए क्या है हरित कुंभ अभियान हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी ईकाईयों ने 45 दिन तक चलने वाले प्रयागराज महाकुंभ के लिए हरित कुंभ अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य महाकुंभ को पॉलीथिन मुक्त रखना है। इसी के तहत देशभर में संघ से जुड़े संगठन थाली और थैले एकत्रित कर रहे हैं। इन थाली और थैलों को महाकुंभ के दौरान वितरित किया जाएगा। 75 देशों से 40 करोड़ श्रद्धालु आएंगे प्रयागराज महाकुंभ 2025 में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। 75 देशों से पहुंचने वाले लोगों के लिए यहां टेंट सिटी बनाई जा रही है। जिसमें 2 हजार से अधिक स्विस कॉटेज होंगे। इन कॉटेज में फाइव स्टार जैसी सुविधाएं मिलेंगी। टेंट सिटी 1 जनवरी 2025 से 5 मार्च 2025 तक संचालित होगी। प्रयागराज कुंभ में मकर संक्रांति 14 जनवरी 2025, मौनी अमावस्या 29 जनवरी 2025, बसंत पंचमी 3 फरवरी 2025, माघी पूर्णिमा 12 फरवरी 2025, महाशिवरात्रि 26 फरवरी 2025 को शाही स्नान होंगे। प्रयागराज के बाद 2028 उज्जैन में सिंहस्थ कुम्भ होगा। इससे पहले 2016 में उज्जैन में कुंभ का आयोजन हुआ था। उज्जैन में 2016 में हुए सिंहस्थ कुम्भ में एक महीने के दौरान शहर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 5 करोड़ आंकी गई थी। सिंहस्थ 2016 के प्रतिवेदन की मानें तो सिंहस्थ 2028 में यह आंकड़ा बढ़कर 15 करोड़ होने की संभावना है। recent visitors 68

क्रिकेट किंग बना बीसीसीआई, आईपीएल बनी पैसा लीग, पाक के डिफेंस बजट से अधिक आईपीएल 2024 का रेवेन्यू

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग के 2025 सीजन के लिए हुई नीलामी में कुछ ही घंटों में 639.15 करोड़ लुटाए गए। 10 टीमों ने दुनियाभर के क्रिकेटरों के बैंक अकाउंट को भरने में कोई कोताही नहीं की। पैसों की बरसात के बीच ऋषभ पंत सबसे महंगे 27 करोड़ रुपये में लखनऊ सुपरजायंट्स टीम में गए तो श्रेयस अय्यर 26.75 करोड़ रुपये के साथ पंजाब किंग्स टीम में शामिल हुए। दूसरी ओर, पाकिस्तान की क्रिकेट लीग पाकिस्तान सुपर लीग यानी पीएसएल का भी ऑक्शन होना है। माना जा रहा है कि जो आईपीएल ऑक्शन में नहीं बिके हैं उन बड़े नामों पर पीएसएल की टीमों की नजरें हैं। यानी आईपीएल से जो बचे हैं वह पीएसएल में अपनी किस्मत आजमाएंगे। खैर, ये तो वो बातें हैं, जो आप जानते हैं। जो नहीं जानते हैं वह यह है कि आईपीएल 2024 में सभी 10 टीमों का कुल रेवेन्यू पिछले सीजन यानी 2023 से डबल हो गया है। टॉफ्लर के अनुसार, आईपीएल 2024 का रेवेन्यू 6,797 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले सीजन 3,082 करोड़ से दोगुना है। इस राशि को अगर और भी आसान तरीके से समझना हो तो यूं समझें कि आईपीएल 2024 का रेवेन्यू पाकिस्तान के रक्षा बजट जितना रहा। यह वह रक्षा बजट है, जिसके दम पर वह उछलता-कूदता है। जी हां, हैरान होने की जरूरत नहीं है। एक पाकिस्तानी न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान का 2024 में रक्षा बजट 7.64 बिलियन यूएस डॉलर यानी 2,122 अरब पाकिस्तानी रुपये था। अगर इसे भारतीय रुपये में बदला जाए तो 6497 करोड़ रुपये होता है। यानी पाकिस्तान के रक्षा बजट से अधिक भारतीय क्रिकेट लीग की 10 टीमों का रेवेन्यू है, जिसकी कीमत में हर साल दोगुना बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। इस तरह से क्रिकेट किंग बना बीसीसीआई, आईपीएल बनी पैसा लीग  रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों ने इस उछाल का श्रेय लीग की बढ़ती लोकप्रियता को दिया, जो स्मार्ट मीडिया डील और आकर्षक स्पॉन्सरशिप डील की वजह से हुई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), डिज्नी स्टार और वायकॉम 18 के बीच 2022 में रिकॉर्ड 48,390 करोड़ का मीडिया राइट्स की डील हुई थी, जो अब मिलकर JioStar बन गया है। प्रसारण राजस्व के अलावा BCCI ने टाटा समूह, My11Circle, Ceat और AngelOne सहित प्रमुख ब्रांडों के साथ बहु-वर्षीय स्पॉन्सरशिप डील से 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की। 'दिन दोगुना रात चौगुना' बढ़ रही आईपीएल की कीमत ब्रांड फाइनेंस की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, आईपीएल का ब्रांड मूल्य 2023 की तुलना में 2024 में 13% बढ़कर 12 बिलियन डॉलर (7.64 बिलियन डॉलर पाकिस्तान का रक्षा बजट इसके आगे लड्डू है) तक पहुंच गया है, जो 2009 में इसके 2 बिलियन डॉलर के मूल्यांकन से अधिक है। उल्लेखनीय रूप से चार फ्रेंचाइजी- चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके), मुंबई इंडियंस (एमआई), रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी), और कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) ने ब्रांड मूल्य में 100 मिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया है। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 पर आंख दिखा रहा है पाकिस्तान यहां बताना जरूरी है कि पाकिस्तान को होने वाली क्रिकेट से कमाई भारत पर ही निर्भर है। आईसीसी की कमाई का बड़ा हिस्सा भारत से जाता है। इसके बावजूद वह आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने से भारत के इनकार करने के बावजूद तरह-तरह की शर्तें रखने की नाकाम कोशिशें और ड्रामे करने से बाज नहीं आ रहा है। हालांकि, रिपोर्ट की मानें तो आईसीसी इस बात पर फैसला कर चुका है कि टूर्नामेंट हाइब्रिड मॉडल से खेला जाएगा। भारत की एक लाइन में शर्त यह है कि सीमा पर अपने क्षेत्र से होने वाली आतंकी गतिविधियों पर पाकिस्तान लगाए। इंडियन 'पैसा' लीग में टीमों का रेवेन्यू टीम रेवेन्यू प्रॉफिट/लॉस गुजरात टाइटंस 776 -57 मुंबई इंडियंस 737 109 कोलकाता नाइटराइडर्स 698 175 लखनऊ सुपरजायंट्स 695 59 चेन्नई सुपर किंग्स 676 229 पंजाब किंग्स 664 252 राजस्थान रॉयल्स 662 142 सनराइजर्स हैदराबाद 659 NA रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 650 221 दिल्ली कैपिटल्स 580* 195* नोट: फाइनेंशियल ईयर-2024, आंकड़े करोड़ में हैं, सोर्स: टॉफ्लर       recent visitors 299

अब बार-बार नहीं किसानों को कराना होगा KYC, एक क्लिक में मिलेगा सभी स्कीम का लाभ, बस आज ही कर लें ये का

नई दिल्ली अगर आप एक किसान हैं तो आपके लिए खुशखबरी है. उत्तर प्रदेश में किसानों के लिए एग्री स्टैक योजना के तहत डिजिटल बेस किसान रजिस्ट्री तैयार की जा रही है. एग्री स्टैक योजना केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रारंभ की गई है, जिसके तहत किसानों की भलाई और कृषि उद्योग की समग्र उन्नति के लिए एक व्यापक डिजिटल ढांचा तैयार किया जाएगा. इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारतीय कृषि को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सशक्त बनाना और किसानों को तकनीकी साधनों से जोड़कर उनकी उत्पादकता और आय दोनों में वृद्धि करना है. इस योजना के अंतर्गत किसानों की डिजिटल प्रोफाइल तैयार की जाएगी, जिसमें उनके भूमि रिकॉर्ड, फसल के विवरण, और आर्थिक गतिविधियों सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी शामिल होगी. इस रजिस्ट्री का उद्देश्य किसानों को फसली ऋण, पीएम किसान योजना, फसल बीमा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराना है.  इसको लेकर  यूपी के कृषि निदेशक डॉ जितेंद्र कुमार तोमर ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में किसान रजिस्ट्री का कार्यक्रम बहुत तेजी से चलाया जा रहा है. जिसमें किसानों के अभिलेखों जैसे खसरा, खतौनी को उनके आधार से लिंक किया जा रहा है. इसका फायदा यह होगा कि इसके बाद से किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को बार-बार  KYC नहीं करानी पड़ेगी. किसानों को मिलेगा काफी फायदा     पीएम किसान योजना     फसली लोन के लिए किसान क्रेडिट कार्ड     एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड एवं कृषि विकास     अन्य कोई भी लोन क्या काम करवाना है और कैसे करवाएं? इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को फॉर्मर रजिस्ट्री करवाना अनिवार्य है. जानकारी के मुताबिक, किसानों को 31 दिसंबर 2024 से पहले यह रजिस्ट्री का काम पूरा करवा लेना है. इसके लिए किसान अपने नजदीकी कैंप में जाकर रजिस्ट्री कराकर सभी सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से ले सकते हैं. इस पोर्टल पर जाकर कराएं रजिस्ट्रेशन फॉर्मर रजिस्ट्री करवाने के लिए आप विभाग की वेब पोर्टल https://upfr.agristack.gov.in पर जा सकते हैं. पोर्टल के अलावा आप अपने नजदीकी जन सुविधा केंद्र पर जाकर या फिर सरकार द्वारा पंचायत भवन या गांव में अन्य जगहों पर लगाए गए कैंप से आप ये काम करवा सकते हैं. इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत     आधार कार्ड     योजना से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर     खतौनी   recent visitors 107

महू से यह प्रति बुधवार और शनिवार को बांद्रा की ओर रवाना होगी स्पेशल ट्रेन

इंदौर  शीतकालीन अवकाश के दौरान ट्रेनों में यात्री दबाव अत्यधिक होता है। इसके चलते लंबी वेटिंग शुरू हो जाती है। रतलाम मंडल द्वारा इंदौर-मुंबई के बीच चलने वाली ट्रेनों में वेटिंग कम करने के लिए 11 दिसंबर से स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। महू-बांद्रा के बीच चलने वाली यह ट्रेन 11 दिसंबर से दो जनवरी तक दोनों ओर से सात-सात फेरे लगाएगी। महू से यह प्रति बुधवार और शनिवार को संचालित होगी। ट्रेन की बुकिंग सोमवार से शुरू हो जाएगी। महू से बुधवार और शनिवार को चलेगी महू-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल (09302) ट्रेन बुधवार और शनिवार को रात नौ बजे महू से रवाना होकर 9.30 बजे इंदौर पहुंचेगी। यहां से देवास, उज्जैन, नागदा, रतलाम होकर अगले दिन दोपहर 12.30 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। यह ट्रेन 11 दिसंबर से एक जनवरी तक संचालित होगी। बांद्रा से गुरुवार और रविवार को चलेगी इसी तरह बांद्रा टर्मिनस-महू स्पेशल (09301) ट्रेन प्रति गुरुवार और रविवार दोपहर 3.45 बजे रवाना होगी अगली सुबह 6.50 बजे इंदौर और 7.30 बजे महू पहुंचेगी। यह ट्रेन 12 दिसंबर से 2 जनवरी तक संचालित होगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में इंदौर, देवास, उज्जैन, नागदा, रतलाम, वड़ोदरा, भरूच, उधना, वापी और बोरीवली में ठहरेगी। ट्रेन में एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, स्लीपर क्लास और जनरल सेकंड क्लास कोच होंगे। फतेहाबाद स्टेशन पर तीन लिफ्ट शुरू रतलाम मंडल के फतेहाबाद-चंद्रावतीगंज रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए तीन लिफ्ट रविवार से शुरू हो गई। लिफ्ट का शुभारंभ सांसद शंकर लालवानी और अनिल फिरोजिया ने किया। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनी इन लिफ्ट में 20 यात्रियों को ढोने की क्षमता है। लिफ्ट शुरू होने से वरिष्ठ व बीमार यात्रियों को एक से दूसरे प्लेटफार्म पर आने-जाने में सुविधा होगी। वहीं आम यात्रियों को भी भारी सामान लेकर आने-जाने में सहूलियत होगी। कार्यक्रम में डीआरएम रजनीश कुमार सहित अन्य रेल अफसर मौजूद थे। recent visitors 67

2029 के बाद की राजनीति पर फोकस, भाजपा में मोदी युग के बाद का नेतृत्व तैयार करने में जुटा संघ

नई दिल्ली. पहले हरियाणा में हार को जीत में बदल कर तीसरी बार सरकार बनाने और फिर महाराष्ट्र में आशा के विपरीत एकतरफा तूफानी बहुमत हासिल करके भारतीय जनता पार्टी और उसके नेतृत्व वाले गठबंधन एनडीए ने लोकसभा चुनावों में मिले खासे झटके के सदमे को नए हौसले में बदल दिया है। हालांकि, इसी दौर में जम्मू कश्मीर और झारखंड में विपक्षी इंडिया गठबंधन की भी जीत हुई है, लेकिन हरियाणा और महाराष्ट्र की जीत के जश्न और शोर में इन दोनों राज्यों में भाजपा की नाकामयाबी की चर्चा दब गई है। भाजपा की इस जीत का श्रेय यूं तो हर बार की तरह पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति को दे रही है, लेकिन दूसरी तरफ इन दोनों राज्यों की सफलता को भाजपा के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने हजारों स्वयंसेवकों की मेहनत का नतीजा बताया है। आमतौर पर संघ पर्दे के पीछे रहकर ही काम करता है और चुनावी सफलता का श्रेय संघ कभी सीधे नहीं लेता है, लेकिन पहली बार उसने खुलकर इसका श्रेय अपने स्वयंसेवकों को दिया है। इसके साथ ही संघ अब मोदी युग के बाद भाजपा के नेतृत्व को गढ़ने में जुट गया है। संघ के इस रुख के कई संकेत हैं। पहला ये कि लोकसभा चुनावों में जब भाजपा के 370 और एनडीए के चार सौ पार के नारे की हवा निकली और भाजपा बमुश्किल 240 सीटें ही जीत पाई और तीसरी बार उसे अपनी सरकार बनाने के लिए सहयोगी दलों के समर्थन पर निर्भर होना पड़ा है। तब संघ की तरफ से यह संदेश दिया गया कि ऐसा इसलिए हुआ कि लोकसभा चुनावों में आरएसएस के स्वयंसेवक उदासीन हो गए और संघ ने इन चुनावों को पूरी तरह मोदी शाह और भाजपा के भरोसे छोड़ दिया था।नतीजा ये कि भाजपा को अपने बलबूते बहुमत के आंकड़े के भी लाले पड़ गए।यह एक तरह से चुनावों के बीच में एक अखबार को दिए गए इंटरव्यू में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के बयान कि भाजपा अब अपने पैरों पर खडी हो गई है और उसे अब संघ के सहारे की जरूरत नहीं है,का संघ की तरफ से दिया गया जवाब भी माना जा सकता है। लोकसभा चुनावों के झटके के बाद भाजपा ने हरियाणा महाराष्ट्र और झारखंड के चुनावों के लिए संघ की तरफ देखा और संघ ने इस मौके को हाथ से जाने नहीं दिया। संघ के हजारों स्वयंसेवक इन राज्यों में फैल गए। बताया जाता है कि अकेले हरियाणा में संघ ने छोटी बड़ी सब मिलाकर करीब बीस हजार बैठकें कीं। यह संख्या महाराष्ट्र में और भी ज्यादा थी। इन विधानसभा चुनावों के पूरे सियासी विमर्श को संघ ने ही गढ़ा। सबसे पहले उत्तर प्रदेश में संघ के चहेते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नया नारा दिया बटेंगे तो कटेंगे जो लोकसभा चुनावों में विपक्ष द्वारा सामाजिक न्याय के नाम पर किए गए जातीय ध्रुवीकरण की काट के तौर पर दिया गया था। योगी के इस नारे पर संघ प्रमुख सर संघ चालक मोहन भागवत ने मुहर लगाई और फिर नारा विधानसभा चुनावों में भाजपा का चुनावी नारा बन गया। महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे थोड़ा परिष्कृत करके कहा एक हैं तो सेफ हैं। इन दोनों नारों का संदेश साफ था कि हिंदुओं जातियों में न बंट कर एकजुट होकर भाजपा के लिए मतदान करो। हरियाणा में जहां इस नारे के जरिए जाटों के वर्चस्व के जवाब में गैर जाटों का भाजपा के पक्ष में ध्रुवीकरण किया गया वहीं महाराष्ट्र में विपक्ष के मुस्लिम और जातीय ध्रुवीकरण के जवाब में यह नारा हिंदू ध्रुवीकरण का मंत्र बन गया। कोशिश झारखंड में भी की गई लेकिन वहां हेमंत सोरेन के आदिवासी ध्रुवीकरण ने बटेंगे तो कटेंगे को बेअसर कर दिया। इस नारे से बने चुनावी विमर्श और उससे आए महाराष्ट्र के नतीजों ने भाजपा पर संघ की पकड़ को फिर से मजबूत कर दिया है, जो 2019 के बाद धीरे धीरे कमजोर हो चली थी। इसका सबसे बड़ा परीक्षण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के चयन सामने आया जब करीब दो सप्ताह तक चली भारी कशमकश के बाद आखिरकार देवेंद्र फडणनवीस के नाम पर ही पार्टी ने मुहर लगाई। हालांकि, लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र में भाजपा को मिली करारी हार से देवेंद्र फडणनवीस के करिश्मे पर भी ग्रहण लग गया था और उन्होंने अपनी जिम्मेदारी लेते हुए उप मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के पेशकश भी की थी, लेकिन उसे नामंजूर करते हुए पार्टी ने उन्हें विधानसभा चुनावों के लिए जुट जाने को कहा और देवेंद्र फडणनवीस ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भाजपा नीत महायुति गठबंधन की जीत के लिए रणनीति बनाने से लेकर प्रत्याशी चयन,सीटों के बंटवारे और प्रचार अभियान का नेतृत्व करते हुए जी तोड़ मेहनत की और महायुति की महाजीत का श्रेय भी सबसे ज्यादा उन्हें ही मिला। इसलिए जब मुख्यमंत्री के नाम पर अटकलें लगीं तो सबसे ऊपर उनका ही नाम था। इसके बावजूद करीब 13 दिनों तक भाजपा उनके नाम की घोषणा इसलिए नहीं कर सकी, क्योंकि पार्टी में ही एक धड़ा उनका विरोध कर रहा था और फडणनवीस के विरोधियों ने निवर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तक को भी इसके लिए इस्तेमाल किया कि फडणनवीस का रास्ता रोका जा सके, लेकिन आखिरकार विरोधी नाकाम हुए और संघ के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन ने देवेंद्र फडणनवीस को फिर से महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री पद सौंप दिया। लोकसभा चुनावों के बाद घटे इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम ने भाजपा की राजनीति में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को फिर सत्ता के एक निर्णायक केंद्र की भूमिका में ला दिया है। संघ का अगला मिशन भाजपा के संगठन को फिर अपने प्रभाव में लेने का है, जो पिछले कुछ वर्षों में उसके हाथ से काफी हद तक फिसल गया था। इसके लिए अब संघ भाजपा अध्यक्ष पद पर किसी ऐसे नेता को बिठाने की कवायद में है जो संघ निष्ठ होने के साथ साथ पार्टी संगठन को भी संघ के विचारों संस्कारों और कार्यशैली में ढाल सके। हालांकि, अपनी इस कवायद में संघ अपने परिवार के सबसे लोकप्रिय चेहरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी नाराज और अनदेखा नहीं कर सकता है, इसलिए उसकी कोशिश है कि अध्यक्ष पद पर किसी ऐसे नेता के … Read more

7 शातिर गौ तस्कर गिरफ्तार, उप्र-बाराबंकी में पुलिस एनकाउंटर में 2 बदमाश घायल

बाराबंकी. बाराबंकी में सतरिख थाना क्षेत्र के ग्राम कमरपुर में गौरियाघाट रोड पर बदमाशों की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस दल पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली लगने से दो बदमाश घायल हो गए। पुलिस ने मौके पर दो घायल बदमाश समेत सात शातिर गौ तस्करों को गिरफ्तार किया। गोली लगने से घायल बदमाश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सतरिख पुलिस को रविवार की रात को डायल 112 पर सूचना मिली कि थाना ग्राम कमरपुर में गौरियाघाट रोड पर स्थित मां डेयरी के पास कुछ अज्ञात व्यक्ति वाहन लिये जंगल के पास संदिग्ध अवस्था में घूम रहे हैं। उक्त सूचना पर स्वाट व थाना सतरिख पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने देखा कि एक पिकप वाहन तिरपाल से ढ़का हुआखड़ा है। इसके पास ही एक और वाहन था जिसमे लोहे का चापड़, चाकू व छूरी रखी थी। पुलिस वहां पर वाहन मालिकों को तलाश कर रही थी. इसी दौरान जंगल में छिपे हुए बदमाशों ने पुलिस टीम को देखकर गिरफ्तारी से बचने के लिए फायरिंग की गई। पुलिस टीम ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की। पुलिस की गोली लगने से में सरवर पुत्र मो0 उमर उर्फ गुल्जारी निवासी ग्राम लोधौरा वाजिद अली मौजा केदारपुर थाना महमूदाबाद जनपद सीतापुर व गुफरान पुत्र मो0 रफी निवासी बेलहरा थाना मोहम्मदपुर खाला घायल होकर गिर गए। पुलिस ने घेराबंदी करके मौके से भाग रहे पांच अन्य बदमाश मो. उमर उर्फ गुल्जारी निवासी लोधौरा वाजिद अली मौजा केदारपुर थाना महमूदाबाद सीतापुर, अंकुल निवासी महमूदाबाद जनपद सीतापुर, इरफान निवासी सरैया थाना असन्द्रा, नवीजान निवासी बेलहरा थाना मोहम्मदपुर खाला, मो. अजीज निवासी बेलहरा थाना मोहम्मदपुर खाला को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए सभी बदमाश शातिर गौ तस्कर निकले जिनके ऊपर विभिन्न थानो में कई मुकदमे दर्ज है। पुलिस ने बदमाशों के पास से दो तमंचा और कारतूस बरामद किया। घायल बदमाशो को जिला अस्पताल में इलाज के लिए पुलिस ने भर्ती कराया। recent visitors 125