तबातोड़ फायरिंग से सहमी दिल्ली,बदमाशों ने कारोबारी की हत्या की, आठ राउंड फायरिंग

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्‍ली के शाहदरा में एक बार फिर फायरिंग की घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि शाहदरा में मॉर्निंग वॉक पर निकले एक शख्स पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। जिससे उसकी मौत हो गई। दो बदमाशों ने इस घटना को अंजाम दिया है। बदमाशों ने इलाके में 7-8 राउंड फायरिंग की है। मिली जानकारी के अनुसार, मरने वाले शख्स का नाम सुनील जैन बताया जा रहा है। जो शाहदरा के विश्वास नगर इलाके का एक बर्तन व्यापारी है। बता दें, गोली लगने के बाद शख्स को पास के ही एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन इस धटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। जिसके बाद दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है। दो हमलावरों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग क्राइम सीन की तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता है कि शख्स मॉर्निंग वॉक से आ रहा था, जिसे कहा जा रहा है कि चार गोलियां लगीं. क्राइम सीन पर काफी खून के धब्बे मिले हैं. स्कूटी भी सड़क पर गिरी है. घटना की जानकारी पुलिस को 8.36 पर मिली और फिर पुलिस टीम मौके पर पहुंची. डीसीपी ने बताया कि किसी आपसी रंजिश और लड़ाई के बारे में परिवार ने इनकार किया है, और पुलिस को फिलहाल हमले को कारणों की जानकारी नहीं है. इसका पता लगाया जा रहा है. केजरीवाल ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी शाहदरा में हुई गोलीबारी पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज के एक्स पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, "अमित शाह जी ने दिल्ली को बर्बाद कर दिया. दिल्ली को जंगल राज बना दिया. चारों तरफ लोग दहशत की जिंदगी जी रहे हैं. बीजेपी से अब दिल्ली की कानून व्यवस्था नहीं संभल रही. दिल्ली वालों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी." बदमाशों ने रोक कर मारी गोली आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने अपने एक्स पोस्ट में कहा, "क्राइम कैपिटल- शाहदरा जिले में सुबह ही गोलियों की आवाज गूंज उठी जब बर्तन व्यापारी संजय जैन मॉर्निंग वॉक करके अपनी स्कूटी से घर की तरफ लौट रहे थे, तभी बदमाशों ने रोक कर उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी. बताया जा रहा है कि 6 से 7 राउंड फायर चले और सभी गोलियां संजय जैन को लगी है." क्या है पूरा मामला? दरअसल, शाहदरा डीसीपी  ने बताया कि थाना फर्श बाजार में गोलीबारी की घटना के बारे में उन्हें पीसीआर कॉल आई थी। जिसके बाद पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बताया कि फायरिंग में 52 वर्षीय सुनील जैन घायल हो गए थे। वह यमुना स्पोर्ट कॉम्प्लेक्स में सुबह की सैर के बाद अपने घर लौट रहे थे। कॉल पर बताया कि एक एम/सी में आए दो व्यक्तियों ने उन्हें गोली मार दी। शाहदरा डीसीपी  ने आगे बताया कि क्राइम टीम को मौके पर पहुंच गई। जिसके बाद इस मामले की जांच शुरु हो चुकी है। दिल्ली के पूर्व सीएम ने दी प्रतिक्रिया बता दें, इस मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज के एक्स पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा 'अमित शाह जी ने दिल्ली को बर्बाद कर दिया। दिल्ली को जंगल राज बना दिया। चारों तरफ लोग दहशत की जिंदगी जी रहे हैं। बीजेपी से अब दिल्ली की कानून व्यवस्था नहीं संभल रही। दिल्ली वालों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। recent visitors 78

सिंहस्थ में संत-महंत व श्रध्दालुओं का स्नान क्षिप्रा के जल से ही होगा – मुख्यमंत्री डॉ.यादव

प्रदेश की सबसे अलग अनोखी कान्ह डायवर्शन व अन्य एकीकृत परियोजनाओं से क्षिप्रा होगी स्वच्छ, अविरल व प्रवाहमान – मुख्यमंत्री डॉ.यादव सिंहस्थ-2028 के पहले पूर्ण होंगी सभी परियोजनाएँ – मुख्यमंत्री डॉ.यादव सिंहस्थ में संत-महंत व श्रध्दालुओं का स्नान क्षिप्रा के जल से ही होगा – मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री ने की सिंहस्थ-2028 की जल आपूर्ति कार्ययोजना एवं प्रगति की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ-2028 एवं आने वाले सिंहस्थों में संत-महंत और श्रध्दालु क्षिप्रा के जल से ही स्नान करेंगे। इसके लिए कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना, सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी मध्यम परियोजना और हरियाखेड़ी परियोजना के कार्य पूर्ण होने पर ये परियोजनाएं एकीकृत रूप से कार्य करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन परियोजनाओं से तीन लक्ष्यों को एक साथ प्राप्त किया जाएगा। इन परियोजनाओं से पावन नदी क्षिप्रा स्वच्छ एवं प्रवाहमान होगी और इससे जिले को पेयजल भी निरंतर उपलब्ध होता रहेगा। यह देश-प्रदेश की पहली ऐसी परियोजना हैं, इसके संबंध में केन्द्र सरकार को भी अवगत कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की जल आपूर्ति की कार्ययोजना एवं उनकी प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और सभी कार्य समय-सीमा में पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। बैठक में क्षिप्रा को स्वच्छ, अविरल, प्रवाहमान बनाने एवं क्षिप्रा नदी से जिले को पेयजल उपलब्ध कराने की कार्ययोजना की विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह एकीकृत परियोजनाओं की कार्ययोजना वर्ष 2055 तक की जनसंख्या को दृष्टिगत रखते हुए बनाई गई है। कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना के माध्यम से कान्ह नदी का अस्वच्छ पानी को ट्रीटमेंट कर स्वच्छ पानी गंभीर डाउनस्ट्रीम में छोड़ा जाएगा। सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बैराज से क्षिप्रा में जल की आपूर्ति निरंतर होती रहेगी, जिससे क्षिप्रा अविरल और प्रवाहमान रहेगी। हरियाखेड़ी परियोजना त्रिवेणी के अपस्ट्रीम में होने के कारण यहां से क्षिप्रा नदी का शुध्द जल प्राप्त होगा, जिससे जिले को निरंतर पेयजल प्रदाय किया जाएगा। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने जानकारी दी कि कान्ह डायवर्शन क्लॉज डक्ट परियोजना में क्लोज डक्ट 12 किलोमीटर लंबी टनल एवं 18.15 किलोमीटर क्लोज डक्ट से क्षिप्रा नदी को स्वच्छ करने का कार्य कान्ह नदी के पानी को अलग कर किया जाएगा। सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना में बैराज निर्माण, बैलेंसिंग टैंक आदि निर्माण कार्य कर सिलारखेड़ी टैंक से त्रिवेणी घाट पाइपलाइन से ग्रेवेटी के माध्यम से क्षिप्रा में जल की सालभर उपलब्धता होगी, जिससे क्षिप्रा प्रवाहमान एवं अविरल रहेगी। हरियाखेड़ी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट व बैराज परियोजना से जिले को निर्बाध रूप से पेयजल उपलब्ध निरंतर होता रहेगा। बैठक में उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, संभागायुक्त संजय गुप्ता, एडीजीपी उमेश जोगा, डीआईजी नवनीत भसीन, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, जनप्रतिनिधि विवेक जोशी, बहादुरसिंह बोरमुण्डला आदि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने स्व. अन्नपूर्णा देवी यादव के देवलोक गमन पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रध्दांजलि दी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार दोपहर गीता कॉलोनी स्थित निज निवास पहुंचकर समाजसेवी एवं उनकी काकी स्व. श्रीमती अन्नपूर्णा देवी का स्वर्गवास होने पर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रध्दांजलि दी।   recent visitors 43

‘भविष्य का नर्मदापुरम् होगा विकसित’ रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के लिये 4 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के हर क्षेत्र में संतुलित और सामान विकास के संकल्प को सकार करने के लिये पूरे प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आज  7 दिसंबर को नर्मदापुरम में होगी, जिसकी तैयारी जोरों है। नर्मदापुम् राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय उद्योगपतियों के स्वागत के लिये तैयार है। इसके माध्यम से स्थानीय निवेशकों और उद्योगपतियों को भी प्रदेश की औद्योगिक रणनीतियों से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदापुरम में आयोजित होने वाले इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में नर्मदापुरम और आस-पास के क्षेत्र के औद्योगिक विकास और निवेश संभावनाओं के लिहाज से एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसमें उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि और विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों, विकासात्मक योजनाओं और विभिन्न उद्योगों की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी होगा क्षेत्रीय इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में क्षेत्रीय उद्योगों से संबंधित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। व्यापार संवर्धन केंद्र भी खुले रहेंगे, जहां निवेशक मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को देख सकेंगे और संभावनाओं पर चर्चा कर सकेंगे। यह सम्मेलन न केवल राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि राज्य को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक अहम कदम साबित होगा। कॉन्क्लेव में निवेश के अवसर विषय पर विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी, आईटीईएस और ईएसडीएम, माइनिंग, पर्यटन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र शामिल हैं। इसके बाद दोहपर 12 बजे प्रमुख उद्योगपतियों द्वारा राज्य के व्यवसायिक माहौल पर अपने विचार साझा किए जाएंगे। राज्य की विकासात्मक संभावनाओं पर एक शार्ट फिल्म का प्रजेंटेशन भी किया जायेगा। कॉन्क्लेव में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी होगा। 6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का महत्व नर्मदापुरम का यह आयोजन राज्य की औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और एमएसएमई के लिए नई संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित करेगा। 75 प्रमुख निवेशक और 5 देशों के प्रतिनिधि यहां उद्योग और रोजगार के लिए नए रास्ते खोजने का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं का वर्चुअल भूमिपूजन और उद्घाटन करेंगे, और निवेशकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग करेंगे। नर्मदापुरम की नई पहचान     नर्मदापुरम, जो पहले अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता था, अब एक उभरते हुए औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, नवकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और वस्त्र क्षेत्रों में नए अवसरों का पता लगाना है। इस आयोजन की थीम नए क्षितिज, नई संभावनाएं है। स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी कॉन्क्लेव में 60 से अधिक स्टॉल लगाए जा रहे हैं, जहां एमएसएमई, पर्यटन, हस्तशिल्प विकास निगम और ओडीओपी (ODOP) उत्पादों का प्रदर्शन होगा। यह प्रदर्शनी स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने और उनका प्रचार करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगी। इसमें निवेशकों के साथ साझेदारी के अवसर भी मिलेंगे। उद्योग और रोजगार के लिए नया कदम कॉन्क्लेव का उद्देश्य नर्मदापुरम को औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करना और सरकार तथा निवेशकों के बीच सहयोग को सशक्त बनाना है। यह आयोजन नर्मदापुरम को क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाएगा और प्रदेश के हर क्षेत्र को औद्योगिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद करेगा। इस कॉन्क्लेव की थीम क्या है? नर्मदापुरम, जो अपनी धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है, अब एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है. 'नए क्षितिज, नई संभावनाएँ' थीम के अंतर्गत इस कार्यक्रम में कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, नवकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और वस्त्र जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है. उद्योग और रोजगार के लिए नई राह 'उद्योग वर्ष 2025' अंतर्गत आयोजित इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हर क्षेत्र को औद्योगिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में आयोजित सफल कार्यक्रमों की श्रृंखला में नर्मदापुरम का यह आयोजन क्षेत्रीय संभावनाओं को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का एक और महत्वपूर्ण कदम है. इस कॉन्क्लेव से नर्मदापुरम क्षेत्र को औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने के साथ-साथ निवेशकों और सरकार के बीच आपसी सहयोग को और सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी. recent visitors 74

लाड़ली बहनों के खाते में इस दिन आएगी साल की आखिरी किस्त, जाने बडा अपडेट

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार लाड़ली बहना योजना के तहत राज्य की बहनों और बेटियों को आर्थिक मदद करती है ताकि वे सशक्त बन सकें। सरकार की ओर से मिलने वाली राशि से बहनों के चेहरे पर खुशी भी देखी जाती है। राज्य सरकार की यह योजना न केवल एमपी में बल्कि पूरे देश में काफी मशहूर है। तो चलिए आपको बताते हैं कि मोहन सरकार लाड़ली बहनों के खातों में कब किस्त की राशि ट्रांसफर कर सकती है। कब जारी होगी 19वीं किस्त?     बता दें कि पिछले कुछ महीनों से महीने की 10 तारीख से पहले ही महिलाओं के खातों में किस्त की रकम आ रही है। खबरों की मानें तो इस बार भी राज्य की मोहन सरकार 19वीं किस्त की राशि महीने की 10 तारीख से पहले महिलाओं के खातों में पैसे ट्रांसफर कर सकती है। ये इस साल की आखिरी किस्त होगी। वहीं संभावना ऐसी भी हैं कि जनवरी 2025 से मोहन सरकार लाड़ली बहनों की किस्त में इजाफा भी कर सकती है बहनों को बेसब्री से है इंतजार मध्य प्रदेश में चलाई जा रही लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस स्कीम के तहत सरकार महिलाओं को हर महीने 1250 रुपए की धनराशि देती है ताकि महिलाएं अपना जरूरत की चीजें खरीद सकें। साथ ही सरकार का यह भी उद्देश्य जीवन अच्छे से जी सकें और उन्हें अपने छोटे-मोटे खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर न रहना पड़े। गौरतलब है कि सरकार 18वीं किस्त जारी कर चुकी है और अब प्रदेश की महिलाएं 19वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है। अब देखना होगा कि मोहन सरकार बहन-बेटियों के खाते में कब राशि ट्रांसफर करती है। कब शुरू हुई थी योजना? दरअसल, मुख्यमंत्री लाड़ली बहाना योजना की शुरुआत राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साल 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले की थी। आपको बता दें कि योजना की पहली चार किस्तों में महिलाओं के खातों में 1-1 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद किस्त की राशि बढ़ाकर 1,250 कर दी गई। तब से इस योजना के तहत हर महीने महिलाओं को 1250 रुपए की राशि भेजी जाती है। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ राज्य की करीब 1.29 करोड़ महिलाओं को मिल रहा है।  मध्य प्रदेश में लाड़ली बहनों के लिए खुशियों की घंटी फिर बजने वाली है. प्रदेश की 1 करोड़ 29 लाख बहनों के खाते में लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त की राशि आने वाली है. ये इस बरस की आखिरी किस्त है. ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि साल के आखिरी किस्त तय तारीख से पहले भी आ सकती है. माना जा रहा है कि इस बार तय तारीख 10 दिसम्बर के पहले लाड़ली बहनों को इस योजना की 19वी किस्त के रुप में 1250 रुपए की धनराशि भेजी जा सकती हैं. वहीं संभावना ऐसी भी है कि जनवरी 2025 से मोहन सरकार लाड़ली बहनों की किस्त में इजाफा भी कर सकती है. तारीख से पहले आ सकती है लाड़ली बहना की किस्त ! लाड़ली बहना योजना की दिसंबर महीने की किस्त क्या 10 दिसम्बर से पहले भी आ सकती है. ये इस बरस की आखिरी किस्त है. 1250 की ये किस्त समय से पहले भी लाड़ली बहनों के खाते में डाली जा सकती है. ये लाड़ली बहना योजना की 19वी किस्त होगी. त्योहार के समय में जिस तरह से नियत समय से पहले ये राशि लाड़ली बहनों के खाते में डाली गई, क्या इस बार भी ऐसा होगा. हालांकि इस बारे में सरकार की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है. क्या अगले महीने से बढ़ जाएगी लाड़ली बहना की राशि चर्चा ये भी है कि जनवरी 2025 से लाड़ली बहना योजना की राशि में इजाफा हो सकता है. असल में बुधनी और विजयपुर विधानसभा चुनाव के दौरान सीएम डॉ मोहन यादव ने इस बात के संकेत दिए थे कि वे लाड़ली बहना योजना की राशि में वादे के मुताबिक किस्त की राशि बढ़ाई भी जा सकती है. सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा था कि जो वादा किया गया है. लाड़ली बहनों से पूरा किया जाएगा. उसी के बाद से ये अटकलें तेज हो गई कि क्या नए वर्ष की शुरुआत से सरकार लाड़ली बहनों की राशि बढ़ा सकती है. बीजेपी के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल कहते हैं, "इसमें दो राय नहीं कि लाड़ली बहन-बेटियों के लिए समर्पित है. हमारी सरकार और उनके आर्थिक आत्मनिर्भरता से लेकर उन्हें हर तरह का संबल देने के प्रयास सरकार की ओर से किए जा रहे हैं. सरकार ने लाड़ली बहनों से जो वादा किया है. वो भी पूरे होंगे. बीजेपी की सरकार ने पूर्व में भी अपने वचन पूरे किए हैं और इस बार भी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है." कब शुरु हुई थी योजना, लाड़ली बहनों का कितना बजट एमपी में लाड़ली बहना अकेली ऐसी योजना है. जिसके लिए सरकार ने बजट में हमेशा विशेष प्रावधान किए हैं. 2023 में शुरु की गई योजना में पहले साल 12 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया था. 23 से साठ वर्ष की महिलाओं के लिए हर महीने हजार रुपए की धनराशि का प्रावधान शुरुआत में किया गया, जो बढ़कर 1250 रुपए का प्रावधान कर दिया गया. पांच वर्षों लक्ष्य में इसे 60 हजार करोड़ इसका बजट माना गया था. जब किस्त की धनराशि 1250 कर दी गई, तो बजट में भी प्रावधान किया गया. अब तैयारी ये है कि 2025 के बजट में महिला बाल विकास विभाग के साथ महिलाओं पर केन्द्रित योजनाओं के लिए धनराशि बढ़ाई जाए.   recent visitors 93

पहाड़ों पर बर्फबारी एवं बारिश होने से ठंडी हवाएं चलेगी और प्रदेश में तापमान में गिरावट के साथ सर्दी में तेजी आएगी

भोपाल फ़ेंगल तूफान का असर खत्म होने लगा है, ऐसे में 7 दिसंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंचने से फिर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। खास करके उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी एवं बारिश होने से ठंडी हवाएं चलेगी और प्रदेश में तापमान में गिरावट के साथ सर्दी में तेजी आएगी। इस दौरान पूर्वी हिस्से में कहीं कहीं बादल छाने के साथ बूंदाबांदी भी देखने को मिल सकती है। एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान फेंगल के कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में बदलने से तापमान में इजाफा हो रहा है। अगले 48 घंटे तक प्रदेश के तापमान में कोई खास उतार-चढ़ाव नहीं देखने को मिलेगा और मौसम ऐसा ही बना रहेगा।इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के असर से जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं। Madhya Pradesh के मौसम का ताजा हाल एमपी मौसम विभाग के अनुसार, फेंगल तूफान का असर खत्म के बाद पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ों पर बर्फबारी होगी और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के आने से ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में रात के तापमान में गिरावट आएगी और तेज ठंड का असर देखने को मिलेगा।पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी होगी। प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर 20 दिसंबर से शुरू होगा, जो जनवरी तक बना रहेगा। 40 दिनों में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव यानी, सर्द हवाओं की भी स्थिति बन सकती है। वर्तमान में सक्रिय है ये मौसम प्रणालियां वर्तमान में उत्तर भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम और पूर्व-मध्य अरब सागर में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में मौजूद है।हवाओं का रुख उत्तरी एवं उत्तर-पूर्वी बना हुआ है, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है।7 दिसंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंचने की संभावना है। उसके प्रभाव से उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी एवं वर्षा होने के आसार हैं। इससे फिर कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होने का अनुमान है। उसके पूर्व मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने के आसार हैं। recent visitors 76

सीएम 8 दिसम्बर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अधिकारियों को जन कल्याण उत्सव के संबंध में निर्देश देंगे

भोपाल मोहन सरकार के एक साल पूरे होने पर प्रदेश में जन कल्याण पर्व मनाया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 8 दिसम्बर को शाम 6 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को जन कल्याण उत्सव के संबंध में निर्देश देंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होने वाली बैठक में संभागायुक्त, आईजी, कलेक्टर, एसपी, मंत्रियों के अलावा जिलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी शामिल होने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री जन कल्याण पर्व के दौरान गरीब, युवा, किसान और महिलाओं को लेकर एक साल में किए गए कार्यक्रमों पर फोकस करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसंबर को भोपाल एवं सभी जिलों में गीता जयंती महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार ग्वालियर में 15 से 19 दिसंबर तक तानसेन समारोह आयोजित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन कल्याण पर्व के आयोजन के लिए मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई हैं। किसानों के लिए गठित समिति का अध्यक्ष किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना को बनाया गया है। युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को बनाया गया है। गरीब कल्याण से जुड़ी समिति का अध्यक्ष पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को और महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को बनाया गया है। ये सभी मंत्री पूरे प्रदेश में कार्यक्रमों के संबंध में रूपरेखा तैयार कर उसका क्रियान्वयन कराएंगे। 11 से 26 दिसम्बर तक मनाया जाना है जन कल्याण पर्व जन कल्याण उत्सव प्रदेश के सभी जिलों में 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर तक मनाया जाना है। मुख्यमंत्री डॉ यादव वीसी के माध्यम से एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर सभी जिलों में महिला, किसान, युवा और गरीब कल्याण सहित विकास से जुड़े अलग-अलग कार्यक्रमों के बारे में अफसरों को निर्देश देंगे।   recent visitors 115

मधुमेह के मरीजों को पंचकर्म बाद औषधियां देने से शुगर लेवल 200 तक आ गया : शोध

 भोपाल  डायबिटीज (मधुमेह) पर आयुर्वेदिक औषधियों और पंचकर्म का प्रभाव जानने के लिए एक बड़ा शोध भोपाल के पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद कॉलेज में चल रहा है। यहां 1050 रोगियों पर किए जा रहे शोध के प्रारंभिक परिणाम उत्साहित करने वाले हैं। डॉक्टरों ने बताया कि जिन रोगियों का एचबीए1सी स्तर (वैल्यू) 13 यानी तीन महीने का औसत शुगर लेवल 350 के करीब था उन्हें पंचकर्म की वस्ति क्रिया (दस्त करवाने) के बाद औषधियां देने से कुछ मरीजों का एक सप्ताह तो कुछ का 15 दिन में ही शुगर लेवल 200 तक आ गया। 1050 रोगियों को तीन समूहों में बांटा गया शोध टीम में शामिल काय चिकित्सा के सहायक प्राध्यापक डॉ. विवेक शर्मा बताते हैं कि 1050 रोगियों को औचक (रैंडम) आधार पर बराबर संख्या वाले तीन समूहों में बांटा गया है। एक समूह को पंचकर्म के साथ औषधियां, दूसरे को मात्र औषधियां और तीसरे को सिर्फ खान-पान व जीवन शैली में परिवर्तन करवाया गया है। तीन महीने तक उन पर प्रयोग किया जाना है, हालांकि प्रारंभिक परिणामों में अधिकतर रोगियों की शुगर नियंत्रित मिल रही है। इनमें किसी को एलोपैथी दवाएं नहीं दी जा रही हैं। इस तरह के दिखे परिणाम पंचकर्म विभाग की सह प्राध्यापक डॉ. कामिनी सोनी ने बताया कि आयुष मंत्रालय के दिशानिर्देश के अनुसार जिन रोगियों का एचबीए1सी 10 से कम है उन्हें ही शोध में शामिल किया है, जिससे स्वास्थ्य को लेकर कोई जोखिम न हो। अभी एक माह में अलग-अलग समय में अस्पताल में भर्ती हुए 10 रोगियों को पंचकर्म और दवा देने के बाद देखने में आया है कि आठ का एचबीए1सी स्तर काफी सुधरा हुआ मिला। औसत रूप से मानें तो इसका स्तर 10 से घटकर छह के आसपास आ गया। इसके पहले भर्ती हुए रोगियों में परिणाम भी लगभग ऐसे ही थे। अपवादस्वरूप कुछ रोगी तो ऐसे भी थे जिनका एचबीए1सी 13 था। पंचकर्म के बाद औषधियां देने से यह छह से सात के बीच आ गया है। बता दें, एचबीए1सी जांच रक्त में शुगर का तीन महीने का औसत स्तर बताती है। यह होता है पंचकर्म     वमन – उल्टी कराना। इसके कई तरीके हैं। कई लाभ हैं पर ज्यादा उपयोग कफज रोग में होता है।     विरेचन – दस्त कराना। इसका अधिक उपयोग पित्त संबंधी बीमारियों में किया जाता है।     अनुवासन वस्ति – इसमें एनिमा की तरह काम होता है। इसके लिए अलग-अलग तरह के तेल का उपयोग किया जाता है।     निरूह वस्ति – इसमें काढ़े का उपयोग कर दस्त कराया जाता हैं। पेट और हार्मोन संबंधी बीमारी में अधिक उपयोगी है।     नस्य कर्म – इसमें नाक से औषधियां दी जाती हैं। 70 प्रतिशत काम हो गया है     कॉलेज की रिसर्च एथिक्स कमेटी की स्वीकृति के बाद 1050 रोगियों पर यह शोध किया जा रहा है। इतनी संख्या में मरीजों पर देश में पहली बार शोध हो रहा है। इसमें रोगियों से बाकायदा सहमति पत्र लिया गया है। लगभग 70 प्रतिशत काम हो गया है। शोध के शुरुआती परिणाम बहुत उत्साहजनक रहे हैं। – डॉ. उमेश शुक्ला, प्राचार्य, पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज औषधि पैंक्रियाज को ठीक करने का काम करेगी     हर पैथी का अपना सिद्धांत है, इसलिए उस पर संदेह नहीं करना चाहिए। डायबिटीज के उपचार में एलोपैथी व अन्य पैथी के सिद्धांत कुछ हद तक समान हो सकते हैं। जैसे जीवन शैली में बदलाव। पंचकर्म भी लगभग उसी तरह की प्रक्रिया है। जहां तक दवा की बात है जो आयुर्वेदिक औषधि पैंक्रियाज को ठीक करने या मोटापा कम करने पर काम करेगी वह डायबिटीज में भी लाभकारी होगी। अभी सामान्य जनसंख्या में शहरी क्षेत्र में लगभग 10 से 12 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र में छह से आठ प्रतिशत लोग डायबिटीज से प्रभावित हैं। – डॉ. मनुज शर्मा, हार्मोन रोग विशेषज्ञ, गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल   recent visitors 86