मुख्यमंत्री यादव राज्य को औद्योगिक विकास के केंद्र में परिवर्तित करने 7 दिसंबर को नर्मदापुरम में 6वीं आरआईसी का शुभारंभ करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य को औद्योगिक विकास और रोजगार के केंद्र में परिवर्तित करने के लिए अपने अभिनव प्रयासों को जारी रखते हुए, 7 दिसंबर 2024 को नर्मदापुरम में 6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) का शुभारंभ करेंगे। कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए 4 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं, जिनमें 3 हजार एमएसएमई प्रतिनिधि, 75 प्रमुख निवेशक, और कनाडा, वियतनाम, नीदरलैंड, मेक्सिको और मलेशिया जैसे 5 देशों के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। विभिन्न सेक्टोरल सत्रों में राज्य की औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और एमएसएमई के लिए उपलब्ध संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं का वर्चुअल भूमिपूजन और उद्घाटन करेंगे। इस आरआईसी में निवेशकों को भूमि आवंटन-पत्र भी वितरित किये जायेंगे। निवेशकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग होगी, जिसमें 10 से अधिक प्रमुख निवेशक अपनी योजनाएँ प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा, राउंड टेबल सत्र नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र पर केंद्रित होगा। 'निर्यात कैसे शुरू करें' और 'पर्यटन में निवेश संभावनाएँ' जैसे विषयों पर सेक्टोरल-सत्र भी होंगे। कार्यक्रम की थीम: 'नए क्षितिज, नई संभावनाएँ' नर्मदापुरम, जो अपनी धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है, अब एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। 'नए क्षितिज, नई संभावनाएँ' थीम के अंतर्गत इस कार्यक्रम में कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, नवकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और वस्त्र जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदर्शनी कॉन्क्लेव में स्थानीय उत्पादों के प्रदर्शन के लिए प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है जिसमें 75 से अधिक स्टॉल लग रहे हैं जिनमें एमएसएमई, पर्यटन, हस्तशिल्प विकास निगम, और बैंकिंग संस्थानों के साथ-साथ ओडीओपी उत्पादों के प्रदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उक्त स्टॉल न केवल जानकारी प्रदान करेंगे बल्कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने में भी महत्पूर्ण भूमिका निभाएंगे। उद्योग और रोजगार के लिए नई राह 'उद्योग वर्ष 2025' अंतर्गत आयोजित इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हर क्षेत्र को औद्योगिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में आयोजित सफल कार्यक्रमों की श्रृंखला में नर्मदापुरम का यह आयोजन क्षेत्रीय संभावनाओं को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का एक और महत्वपूर्ण कदम है। इस कॉन्क्लेव से नर्मदापुरम क्षेत्र को औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने के साथ-साथ निवेशकों और सरकार के बीच आपसी सहयोग को और सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।   recent visitors 62

CM यादव ने नर्मदापुरम RIC से पहले नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल के उद्योगपतियों से उज्जैन से वर्चुअल संवाद किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7 दिसंबर को नर्मदापुरम में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (RIC) से पहले नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल के उद्योगपतियों से उज्जैन से वर्चुअल संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, "मध्य प्रदेश में उद्योगपतियों का स्वागत है। हमारी मंशा है कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में सबसे पहले स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिले और वर्तमान में संचालित उद्योगों का विस्तार करने में सभी सुविधाएं प्रदान की जाएं।" मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि उद्योगपतियों को किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा, "उद्योगपतियों की सहायता से ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होती है और रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं। आप सभी आगे आएं, नए उद्योग स्थापित करें और युवाओं को रोजगार देकर प्रदेश के विकास में सहभागी बनें।" स्थानीय उद्योगों को मिलेगी प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उद्योगों को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने जोर देकर कहा, "हमारा प्राथमिक उद्देश्य है कि सबसे पहले स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिले। इसके बाद राज्य, राष्ट्रीय और अंततः अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उद्योगपतियों को अवसर दिया जाएगा। आरआईसी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है, और इसे हमने बहुत बेहतर तरीके से क्रियान्वित किया है।" उद्योगों के विस्तार और निवेश की नई संभावनाएं मुख्यमंत्री ने वीसी से नर्मदापुरम के कई उद्योगपतियों से चर्चा की। उन्होंने हरदा के राइस मिल मालिकों से अपने उद्योगों का विस्तार करने का आग्रह किया और मूंग दाल मिल के मालिक जसप्रीत सिंह से कहा कि उनके पास अतिरिक्त मूंग हो तो उसे उज्जैन के व्यापारियों को भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने एमएसएमई के माध्यम से उद्योग शुरू करने वाली ज्योति अग्रवाल और कैटल फीड इंडस्ट्री के मालिक नरेंद्र सिंह तोमर की सफलता की सराहना की। निर्मल मसाला इंडस्ट्री के राजपूत ने बताया कि उनकी मसाला मिल 42 प्रकार के मसालों का उत्पादन करती है, जो 12 जिलों में वितरित किए जाते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, "आपके मसाले एमडीएच मसालों की तरह प्रसिद्ध हों, ऐसी मेरी शुभकामनाएं हैं।" निवेश और विकास के लिए व्यापक दृष्टिकोण मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदापुरम क्षेत्र में कृषि उत्पादन और खाद्य प्र-संस्करण के साथ अन्य सेक्टर में भी अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की कि वे अपने मौजूदा व्यवसायों के साथ नए उद्योग क्षेत्रों में भी निवेश करें। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार उद्योगपतियों को सभी सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। आपके सहयोग से ही क्षेत्रीय विकास के नए आयाम स्थापित होंगे।" ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की ओर समग्र प्रयास मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि नर्मदापुरम के बाद जनवरी में शहडोल में भी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जायेगी। इन सम्मेलनों की कड़ी 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट तक पहुंचेगी। मुख्यमंत्री ने हाल ही में अपने यूके और जर्मनी दौरे का भी उल्लेख किया, जिसके माध्यम से प्रदेश को 78,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ है। प्रदेश के विकास में उद्योगपतियों की अहम भूमिका मुख्यमंत्री ने कहा, "उद्योगपति प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं। उनके प्रयासों से ही रोजगार के अवसर सृजित होते हैं और क्षेत्रीय विकास को गति मिलती है। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से हम प्रदेश के सभी उद्योगपतियों को स्थानीय स्तर पर सशक्त करने का प्रयास कर रहे हैं।" आरआईसी नर्मदापुरम में संभावित क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा होगी, जिससे क्षेत्रीय विकास के नए रास्ते खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी उद्योगपतियों को कॉन्क्लेव में भाग लेने का निमंत्रण देते हुए कहा कि यह आयोजन निवेश और विकास के अवसरों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मंच प्रदान करेगा। "लोकतंत्र में सब सेवक मैं भी प्रदेश का सेवक" मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बैतूल के उद्योगपति ने चर्चा में वर्षों से चले आ रहे बाबा महाकालेश्वर की नगरी अवंतिका उज्जैन में मुख्यमंत्री के रात्रि विश्राम न करने के मिथक को तोड़ने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि "लोकतंत्र में सब सेवक होते है, कोई राजा महाराजा नहीं होता, मैं भी प्रदेश का सेवक हूँ"। सेवक तो भगवान की नगरी में ही रुकते है। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने 7 दिसंबर को होने वाली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के बारे में पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। उज्जैन जिले के प्रभारी एवं कौशल विकास एवं रोजगार राज्य (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए।   recent visitors 64

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा, डबल डेकर बस और ट्रक की भिड़ंत, 8 की मौत, दर्जनों यात्री घायल

कन्नौज यूपी के कन्नौज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा हो गया. इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जन भर से अधिक लोग घायल हो गए. दरअसल, एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस एक ट्रक में जा घुसी, जिसके चलते इतना बड़ा हादसा हो गया. बस में कुल 40 यात्री सवार बताए गए. मौके पर डीएम-एसपी पहुंचे और हालात का जायजा लिया. फिलहाल, राहत-बचाव कार्य पूरा किया जा चुका है. सड़क को क्लियर करा लिया गया है. ये हादसा आज दोपहर कन्नौज जिले के सकरावा थानाक्षेत्र के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस 141 पर औरैया बॉर्डर के पास हुआ. इस बीच रास्ते से गुजर रहे यूपी के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी घायलों की मदद के लिए रुक गए. उन्होंने फौरन घायलों को अस्पताल पहुंचाने का निर्देश दिया. फिलहाल, हादसे में घायल यात्रियों को सैफई मेडिकल कॉलेज व तिर्वा के लिए भेजा गया है. जिसमें अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, चलती बस अनियंत्रित होकर ट्रक से जा टकराई और पलट गई. हादसे के बाद बस यात्रियों में चीख पुकार मच गई. आसपास मौजूद लोगों ने बस के शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला. सूचना पाकर मौके पर यूपीडा की टीम और पुलिस भी पहुंच गई. एक्सीडेंट इतना भीषण था कि रेस्क्यू में कई घंटे लग गए. इस पूरे मामले में कन्नौज के एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस हादसे में मरने वालों की संख्या 6 से बढ़कर 8 हो गई है और घायलों की संख्या 19 है. फिलहाल, रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है. घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया गया है. मृतकों के परिजनों को भी खबर दी जा रही है. आपको बता दें कि इससे पहले पीलीभीत में भी दर्दनाक सड़क हादसा हुआ था. इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई थी. जबकि, चित्रकूट सड़क हादसे में छह लोगों को जान गवांनी पड़ी थी. सीएम योगी ने सड़क हादसे पर दुख जताया है. recent visitors 66

पश्चिमी विक्षोभ के कारण न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा, दिसंबर के तीसरे सप्ताह से सर्दी बढ़ने की उम्मीद

इंदौर दिसंबर और जनवरी के महीने ठंड के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार दिसंबर की शुरुआत में ठंड गायब नजर आ रही है। रात का तापमान सामान्य से ज्यादा बना हुआ है और घटने के बजाय बढ़ रहा है। जिस ठंड का अहसास आमतौर पर अक्टूबर में होता है, वह इस बार दिसंबर में हो रहा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 2.4 डिग्री बढ़कर 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1 डिग्री कम था। लेकिन रात का न्यूनतम तापमान पिछले पांच दिनों में करीब 6 डिग्री उछलकर 18.4 डिग्री पर पहुंच गया, जो सामान्य से 6 डिग्री ज्यादा था। गुरुवार को अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री दर्ज किया गया। फेंगल तूफान की वजह से आसमान में बादल छाए हुए हैं। सुबह के समय बादल और ठंडी हवाओं के कारण हल्की ठंड का एहसास होता है, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ता है, गर्मी महसूस होने लगती है। तापमान के आंकड़े इस बदलाव की गवाही देते हैं। गुरुवार को दिन का अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि रात का तापमान 17.1 डिग्री रहा, जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक था। मंगलवार को यह औसत से 4 डिग्री ज्यादा होकर 18.4 डिग्री तक पहुंच गया था। 2014, 2021 और 2022 में भी दिसंबर की शुरुआत गर्म रही थी। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल ठंडी हवाएं बीच-बीच में ठंड का एहसास कराएंगी, लेकिन न्यूनतम तापमान में गिरावट दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में ही संभव होगी। उत्तर-पश्चिमी भारत के ऊपर इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इस कारण हिमालय के पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है। वहां से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण दिसंबर के तीसरे सप्ताह से ठंड में इजाफा हो सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बार अक्टूबर और नवंबर भी सामान्य से ज्यादा गर्म रहे, और अब दिसंबर की शुरुआत भी गर्म बनी हुई है। यह पिछले 10 वर्षों में चौथी बार हुआ है कि दिसंबर की शुरुआत इतने ज्यादा न्यूनतम तापमान के साथ हुई हो। पिछले साल का दिसंबर भी लगभग ऐसा ही रहा था, जब पूरे महीने न्यूनतम तापमान का सबसे निचला स्तर 11.4 डिग्री था। इस बार भी रात के तापमान की शुरुआत औसत से 8 डिग्री ज्यादा रही है। गुरुवार को दोपहर के समय धूप इतनी तेज महसूस हुई कि घरों, दफ्तरों और दुकानों में पंखे तक चलाने पड़े। बादलों के कारण हल्की उमस का भी एहसास हो रहा था। फेंगल तूफान के प्रभाव और पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में यह असामान्यता देखी जा रही है। बादलों के चलते रात का तापमान बढ़ा हुआ है, क्योंकि गर्मी वातावरण में ऊपर नहीं जा पा रही है। दिन में तेज धूप और उमस से गर्मी का एहसास हो रहा है। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले तीन दिन तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। दिसंबर के तीसरे सप्ताह में हिमालय से आने वाली सर्द हवाओं के चलते ठंड बढ़ने की संभावना है। पिछले कुछ वर्षों से ठंड के मौसम में इस प्रकार के बदलाव जलवायु परिवर्तन की ओर भी इशारा करते हैं। इसका असर न केवल मौसम के पैटर्न पर पड़ रहा है, बल्कि यह मानव जीवन और पर्यावरण के अन्य पहलुओं को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसे में बदलते मौसम के अनुसार तैयार रहना जरूरी है।   recent visitors 65

GDP growth को लगा बड़ा झटका! RBI गर्वनर शक्तिकांत दास ने GDP अनुमान को घटाकर किया 6.6 प्रतिशत

मुंबई  चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियों के 5.4 प्रतिशत कर दर से बढ़ने के मद्देनजर आर्थिक विकास में आयी सुस्ती को ध्यान में रखकर भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष के विकास अनुमान को पहले के 7.2 प्रतिशत से 0.6 प्रतिशत कम कर 6.6 प्रतिशत कर दिया और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से नकद आरक्षित अनुपात(सीआरआर) में 0.5 प्रतिशत की कटौती कर दी जिससे बैंकिंग तंत्र में 1.16 लाख करोड़ रुपये आ गये। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय पांचवी द्विमासिक बैठक के समापन पर शुक्रवार को जारी अपने बयान में कहा “ एमपीसी ने नोट किया कि अक्टूबर नीति के बाद से भारत में निकट अवधि की मुद्रास्फीति और विकास परिणाम कुछ हद तक प्रतिकूल हो गए हैं। हालांकि, आगे चलकर, रिजर्व बैंक के सर्वेक्षणों में परिलक्षित व्यापार और उपभोक्ता भावनाओं में वृद्धि के साथ-साथ आर्थिक गतिविधि में सुधार होने की संभावना है। मुद्रास्फीति में हाल ही में हुई वृद्धि मुद्रास्फीति के दृष्टिकोण और अपेक्षाओं पर कई और अतिव्यापी झटकों के निरंतर जोखिमों को उजागर करती है। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और वित्तीय बाजार में अस्थिरता ने मुद्रास्फीति के लिए और अधिक जोखिम बढ़ा दिया है। उच्च मुद्रास्फीति ग्रामीण और शहरी दोनों उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति को कम करती है और निजी खपत पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। एमपीसी ने जोर दिया कि उच्च विकास के लिए मजबूत नींव केवल टिकाऊ मूल्य स्थिरता के साथ ही सुरक्षित की जा सकती है। एमपीसी अर्थव्यवस्था के समग्र हित में मुद्रास्फीति और विकास के बीच संतुलन बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। तदनुसार, एमपीसी ने इस बैठक में नीति रेपो दर को 6.50 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया। एमपीसी ने मौद्रिक नीति के तटस्थ रुख को जारी रखने का भी निर्णय लिया क्योंकि यह अवस्फीति और विकास पर प्रगति और दृष्टिकोण की निगरानी करने और उचित रूप से कार्य करने के लिए लचीलापन प्रदान करता है। एमपीसी स्पष्ट रूप से लक्ष्य के साथ मुद्रास्फीति के टिकाऊ संरेखण पर केंद्रित है, जबकि विकास का समर्थन करता है।” उन्होंने कहा कि सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए 2024-25 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि अनुमान को पहले के 7.2 प्रतिशत से कम कर 6.6 प्रतिशत किया गया है। इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही 6.8 प्रतिशत और चौथी तिमाही 7.2 प्रतिशत रहने की संभावना जतायी गयी है।। अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 6.9 प्रतिशत और दूसरी तिमाही में 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। उन्होंने कहा कि सीआरआर में आधी फीसदी की कटौती गयी है और अब यह 4 प्रतिशत पर आ गया है जिससे बैंकिंग तंत्र में 1.16 लाख करोड़ रुपये आ गये हैं। दास ने कहा “ जैसा कि हम 2025 की दहलीज पर खड़े हैं, मुझे 2024 की घटनापूर्ण यात्रा पर विचार करने दें। पिछले कुछ वर्षों में चलन के अनुरूप, केंद्रीय बैंकों को एक बार फिर निरंतर, विशाल और जटिल झटकों के खिलाफ अपनी अर्थव्यवस्थाओं को स्थिर करने के लिए अंतिम परीक्षण के दौर से गुजरना पड़ा। केंद्रीय बैंक लगातार भू-राजनीतिक संघर्षों, भू-आर्थिक विखंडन, वित्तीय बाजार में अस्थिरता और निरंतर अनिश्चितताओं द्वारा निर्मित नए वैश्विक आर्थिक और वित्तीय परिदृश्य के अनुकूल हो रहे हैं, जो सभी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लचीलेपन का परीक्षण कर रहे हैं। उन्नत और उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं (ईएमई) दोनों के लिए मुद्रास्फीति की अंतिम मील लंबी और कठिन होती जा रही है। व्यापक आर्थिक और वित्तीय स्थिरता बनाए रखना और बफर बनाना ईएमई के लिए दिशा-निर्देश बने हुए हैं। भारत में, विकास और मुद्रास्फीति के प्रक्षेपवक्र में हाल के विचलन के बावजूद, अर्थव्यवस्था प्रगति की ओर एक निरंतर और संतुलित पथ पर अपनी यात्रा जारी रखे हुए है। वैश्विक अर्थव्यवस्था के नए स्वरूप के बीच, भारत उभरते रुझानों से लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है क्योंकि यह एक परिवर्तनकारी यात्रा पर आगे बढ़ रहा है।” रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि एमपीसी ने विकास की गति में हाल की मंदी पर ध्यान दिया, जो चालू वर्ष के लिए विकास पूर्वानुमान में कमी के रूप में सामने आती है। इस वर्ष की दूसरी छमाही और अगले वर्ष की ओर बढ़ते हुए, एमपीसी ने विकास के दृष्टिकोण को लचीला माना, लेकिन इस पर कड़ी निगरानी की आवश्यकता है। दूसरी ओर, मुद्रास्फीति अक्टूबर में 6.0 प्रतिशत के ऊपरी सहनीय बैंड से ऊपर बढ़ गई, जो खाद्य मुद्रास्फीति में तेज उछाल से प्रेरित थी। खाद्य मुद्रास्फीति का दबाव इस वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में बना रहने की संभावना है और केवल 2024-25 की चौथी तिमाही से कम होना शुरू होगा, जिसे सब्जियों की कीमतों में मौसमी सुधार, खरीफ की फसल की आवक, संभावित रूप से अच्छे रबी उत्पादन और पर्याप्त अनाज बफर स्टॉक का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि उच्च मुद्रास्फीति उपभोक्ताओं के हाथों में उपलब्ध व्यय योग्य आय को कम करती है और निजी खपत को प्रभावित करती है, जो वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। प्रतिकूल मौसम की घटनाओं की बढ़ती घटनाएं, भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं और वित्तीय बाजार में अस्थिरता मुद्रास्फीति के लिए जोखिम पैदा करती हैं। एमपीसी का मानना ​​है कि केवल टिकाऊ मूल्य स्थिरता के साथ ही उच्च विकास के लिए मजबूत नींव सुरक्षित की जा सकती है। एमपीसी अर्थव्यवस्था के समग्र हित में मुद्रास्फीति वृद्धि संतुलन को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। तदनुसार, एमपीसी ने इस बैठक में नीति रेपो दर को 6.50 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने और मौद्रिक नीति के तटस्थ रुख को जारी रखने का फैसला किया क्योंकि यह मुद्रास्फीति और विकास पर दृष्टिकोण की निगरानी और आकलन करने और उचित रूप से कार्य करने के लिए लचीलापन प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था ने कई प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद 2024 में असामान्य लचीलापन दिखाया है। मुद्रास्फीति धीरे-धीरे अपने बहु-दशकीय उच्च स्तर से लक्ष्य की ओर बढ़ रही है, जिससे कई केंद्रीय बैंक नीतिगत बदलाव करने लगे हैं। वैश्विक व्यापार लचीला बना हुआ है और इसकी मात्रा भू-राजनीतिक ब्लॉकों तक सीमित है। पिछली एमपीसी बैठक के बाद से, बढ़ते अमेरिकी डॉलर और सख्त बॉन्ड यील्ड के बीच वित्तीय बाजार अस्थिर बने हुए … Read more

प्रिंसिपल के सिर में गोली मारकर छात्र स्कूटी लेकर हो गया फरार,जाने क्या है पूरा मामला

छतरपुर  छतरपुर जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल की स्कूल में ही पढ़ने वाले छात्र ने गोली मारकर हत्या कर दी। मर्डर करने के बाद आरोपी छात्र मृतक प्रिंसिपल की स्कूटी लेकर मौके से फरार हो गया। घटनाओं की जानकारी लगने के बाद भारी संख्या में पुलिस बल एवं आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एफएसएल की टीम घटना की बारीकी से जांच कर रही है। घटना शुक्रवार के दोपहर 1:00 बजे की है। छतरपुर जिले के धमोरा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले प्रिंसिपल पुष्पेंद्र सक्सेना के सिर उस वक्त गोली मार दी जब वह स्कूल में बनी बाथरूम में गए हुए थे। इसी बीच स्कूल में ही पढ़ने वाला छात्र पीछे से पहुंचा और उनके सिर में गोली मार दी। हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। 12वीं क्लास के छात्र ने घटना को दिया अंजाम आरोपी छात्र कक्षा 12वीं का है। वह गणित विषय से पढ़ाई कर रहा था। घटना को अंजाम देने के पीछे क्या वजह क्या है फिलहाल इस का पता नही लग सका है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुट गई है कि आरोपी छात्र के पास अवैध हथियार कहां से आया और उसने इस वारदात को अंजाम क्यों दिया। फिलहाल आरोपी छात्र फरार है और मौके पर एडिशनल एसपी विक्रम सिंह एसएसपी अमन मिश्रा मौके पर मौजूद है| गोली की आवाज से दहला स्कूल स्कूल में पढ़ाने वाले अन्य शिक्षकों ने बताया की अचानक से गोली चलने की आवाज आई किसी को कुछ समझ में नहीं आया। इस पहले हम सब कुछ समझ पाते छात्र दौड़ते हुए बाथरूम से बाहर निकला। हमने अंदर जाकर देखा तो प्रिंसिपल सर की लाश जमीन पर खून से लथपथ पड़ी हुई थी। घटना के तुरंत के स्कूल में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को घर भेज दिया है वहीं पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है। recent visitors 66

राज्यसभा में जोरदार हंगामा, कांग्रेस सांसद की सीट से मिलीं नोटों की गड्डियां, अभिषेक मनु सिंघवी की सफाई

नई दिल्ली  राज्यसभा (Rajya Sabha) में कांग्रेस (Congress) के बेंच (bench) पर नोटों की गड्डी ( bundle of notes) मिलने पर सदन में जबरदस्त हंगामा हो रहा है. सभापति (Chairman) ने खुद ये बात सदन में कही है. उन्होंने कहा है कि ये गंभीर मामला (serious matter) है और इसकी जांच हो रही है. दरअसल, शुक्रवार को सभापति जगदीप धनखड़ ने जानकारी दी,’कल (गुरुवार) सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने हमें जानकारी दी कि सीट नंबर 222 से कैश मिला है. यह सीट तेलंगाना से सांसद अभिषेक मनु सिंघवी को अलॉट की गई है. इस मामले में नियमों के मुताबिक जांच होनी चाहिए और यह हो भी रही है.’ सभापति ने जैसे ही नोट मिलने की बात कही, विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा,’जब तक मामले की जांच चल रही है और सब कुछ स्पष्ट नहीं हो जाता, तब तक आपको (सभापति) उनका (अभिषेक मनु सिंघवी) नाम नहीं बोलना था.’ खड़गे के बयान पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने हंगामा किया. इस पर खड़गे ने कहा कि ऐसा चिल्लर काम करके ही देश को बदनाम किया जा रहा है. आप (सभापति) किसी खास का नाम और सीट के बारे में कैसे कह सकते हैं?’ खड़गे के आरोपों पर सभापति ने कहा कि उन्होंने यह बताया है कि किस सीट पर मिला है और यह किसे अलॉट की गई है. आज (6 दिसंबर) सभापति जगदीप धनखड़ ने संसद की कार्यवाही के दौरान कहा कि एक दिन पहले संसद से 500 रुपए के 100 नोटों की गड्डी मिली. जिस सीट (222) पर नोटों का बंडल मिला, वह कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी के नाम पर अलॉट है. अब इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी की सफाई आ गई है. सिंघवी ने कहा,'पहली बार ऐसा सुनने में आया! मैं जब भी राज्यसभा जाता हूं तो एक 500 रुपये का नोट साथ लेकर जाता हूं. मैं कल दोपहर 12.57 बजे घर के अंदर पहुंचा और 1 बजे सदन चालू हुआ. फिर मैं 1.30 बजे तक कैंटीन में सांसद अयोध्या रामी रेड्डी के साथ बैठा और फिर संसद से चला गया!' दरअसल, शुक्रवार को सभापति जगदीप धनखड़ ने जानकारी दी,'कल (गुरुवार) सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने हमें जानकारी दी कि सीट नंबर 222 से कैश मिला है. यह सीट तेलंगाना से सांसद अभिषेक मनु सिंघवी को अलॉट की गई है. इस मामले में नियमों के मुताबिक जांच होनी चाहिए और यह हो भी रही है.' खड़गे ने नाम लेने पर जताई आपत्ति राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड़ ने जैसे ही नोट मिलने की बात कही, विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा,'जब तक मामले की जांच चल रही है और सब कुछ स्पष्ट नहीं हो जाता, तब तक आपको (सभापति) उनका (अभिषेक मनु सिंघवी) नाम नहीं बोलना था.' खड़गे के बयान पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने हंगामा किया. इस पर खड़गे ने कहा कि ऐसा चिल्लर काम करके ही देश को बदनाम किया जा रहा है. आप (सभापति) किसी खास का नाम और सीट के बारे में कैसे कह सकते हैं?' खड़गे के आरोपों पर सभापति ने कहा कि उन्होंने यह बताया है कि किस सीट पर मिला है और यह किसे अलॉट की गई है. दोनों पक्षों को करनी चाहिए निंदा: नड्डा बीजेपी चीफ और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा,'यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर मुद्दा है. यह सदन की गरिमा पर कुठाराघात है. मुझे विश्वास है कि सही जांच होगी. मुझे उम्मीद थी कि हमारे विपक्ष के नेता भी विस्तृत जांच की मांग करेंगे. विपक्ष को हमेशा सद्बुद्धि रखनी चाहिए. स्वस्थ मन और स्वस्थ भावना के साथ विवरण सामने आना चाहिए. दोनों पक्षों को इसकी निंदा करनी चाहिए.' recent visitors 79