MP के कई जिलों में ठंड का कहर, नौगांव के बाद राजगढ़ मध्य प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा जिला

 भोपाल  मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में ठंड का कहर देखने को मिल रहा है। रविवार-सोमवार की रात नौगांव के बाद राजगढ़ की मप्र में सबसे ठंडी रात के रूप में दर्ज किया गया है। राजगढ़ का न्यूनतम तापमान 8.0 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है। सर्दी बढ़ने के कारण कलेक्टर ने कक्षा पहली से आठवीं तक के स्कूल खुलने का समय सुबह 9 बजे से कर दिया। उल्लेखनीय है कि पिछले तीन-चार दिनों से जिले में सर्द हवाएं चल रही हैं। इस कारण न सिर्फ दिन, बल्कि रातें भी सर्द हो रही है। नवंबर के अंतिम सप्ताह से ही जिले में सर्दी अपना असर दिखा रही है। इस सीजन में दूसरी बार 8 डिग्री तक तापमान गिर चुका है। जबकि शनिवार-रविवार की रात सबसे कम सात डिग्री तापमान दर्ज किया था। जो इस सीजन का सबसे कम तापमान था। इसके बाद रविवार-सोमवार की दरमियानी रात को तापमान में एक डिग्री की बढ़ोतरी तो हुई है, लेकिन फिर भी सर्दी शबाब पर रही। इस बार राजगढ़ मप्र का दूसरा सबसे ठंडा जिला रहा है। मप्र में सबसे कम तापमान नौगांव में 7.8 डिग्री दर्ज किया गया, इसके बाद राजगढ़ का 8.0 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया है। राजगढ़ जिले में सर्दी को देखते हुए कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। भोपाल में दो दिन से पारा 11.5 डिग्री के करीब ठहरा राजधानी भोपाल में दो दिन से पारा 11.5 डिग्री के करीब ठहरा सागर। दो दिन से न्यूनतम पारा 11 डिग्री के पास ठहरा हुआ है। दिन और रात का तापमान सामान्य से कम होने के कारण ठंडी का असर बढ़ा है। दिन का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है जो सामान्य से 2 डिग्री कम है। वहीं रात का पारा 11.5 डिग्री पर लुढ़ककर आ गया जो सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस कम है। पारे में गिरावट आने से दिन और रात के समय कंपकपा देने वाली सर्दी पड़ रही है। अगले 48 घंटे कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश में अगले 48 घंटे बाद मौसम में परिवर्तन आने का अनुमान है। कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो सकता है। बर्फीली हवाओं से पूरा प्रदेश ठिठुर सकता है। उत्तरी हिस्से में इसका ज्यादा असर देखने को मिलेगा। उत्तर-पश्चिमी भारत के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है। इस कारण से पहाड़ों में बर्फबारी होगी और उत्तरी हवाएं मध्यप्रदेश में तेजी से आएंगी। जिससे प्रदेश में दिन और रात में ठंड बढ़ने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिक रितेश कुमार के मुताबिक, अभी तमिलनाडु में चक्रवात सक्रिय है, जिसके प्रभाव से आसमान पर हल्के बादल छाए हुए हैं। इससे तापमान में बढ़ोत्तरी होना थी, लेकिन जम्मू कश्मीर में बारिश और बर्फबारी होने से उत्तरी हवाएं तेज हो गई हैं। इससे अगले तीन दिन तक तापमान में एक से दो डिसे की मामूली गिरावट आएगी। recent visitors 51

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नेतृत्व में दिव्यांग व्यक्तियों को मिल रहा है कई योजनाओं का लाभ: महेन्द्र सिंह मरपच्ची

विश्व दिव्यांग दिवस पर विशेष लेख मनेन्द्रगढ़/एमसीबी विश्व दिव्यांग दिवस हर वर्ष 3 दिसंबर को बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को सुनिश्चित करना, उनके लिए अवसरों का विस्तार करना और उनके प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है। इस दिव्यांग दिवस की शुरुआत 1992 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गई थी। दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक ऐसा समाज बनाना जहां वे बिना किसी भेदभाव के अपने अधिकारों का उपयोग कर सकें, इस दिव्यांग दिवस का मुख्य लक्ष्य है। सन् 1981 में संयुक्त राष्ट्र ने ’’अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग वर्ष’’ मनाया। इसके बाद 1983 से 1992 के दशक को ’’दिव्यांग व्यक्तियों का दशक’’ घोषित किया गया। इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में दिव्यांग व्यक्तियों को समान अवसर प्रदान करने के प्रयास किए गए। 2006 में संयुक्त राष्ट्र ने दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों पर अभिसमय (United Nations Convention on the Rights of Persons with Disabilities) लागू किया। यह अभिसमय दिव्यांग व्यक्तियों को समाज के हर क्षेत्र में अधिकार और समावेश प्रदान करने के लिए कानूनी मान्यता देता है। भारत ने इसे 2007 में अंगीकृत किया और इसे अपनी नीतियों में सम्मिलित किया। भारत में दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को लेकर 1995 में ’’दिव्यांग व्यक्तियों का अधिकार अधिनियम’’ लागू हुआ। इस अधिनियम ने शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक स्थानों पर दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को सुनिश्चित किया। 2016 में इस कानून को संशोधित कर दिव्यांगताओं की संख्या 21 कर दी गई और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आरक्षण, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत बनाया गया है। केंद्र सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें ’’सुगम्य भारत अभियान’’ प्रमुख है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक भवनों, परिवहन और डिजिटल सेवाओं को दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सुलभ बनाना है। ’’दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग’’ दिव्यांग व्यक्तियों के लिए शिक्षा, रोजगार और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराता है। वहीं ’’स्किल इंडिया’’ पहल के अंतर्गत दिव्यांग युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में दिव्यांग व्यक्तियों के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। समावेशी शिक्षा के तहत विशेष स्कूल और उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।  दिव्यांगजन स्वरोजगार योजना के तहत दिव्यांग व्यक्तियों को रोजगार के अवसर देने के लिए वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ’’सुगम छत्तीसगढ़ अभियान’’ के माध्यम से सार्वजनिक भवनों और परिवहन को दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अनुकूल बनाया गया है। सरकार ने विभिन्न प्रकार के नि:शुल्क उपकरण वितरण और दिव्यांग पेंशन योजना के माध्यम से दिव्यांग व्यक्तियों को आर्थिक और भौतिक सहायता प्रदान की है। फिर भी आज दिव्यांग व्यक्तियों के समक्ष कई चुनौतियां हैं। इनमें समाज में भेदभाव, सुविधाओं की कमी और रोजगार और शिक्षा में सीमित अवसर प्रमुख हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने, ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष स्कूल खोलने और तकनीकी नवाचार का उपयोग करने की आवश्यकता है। आज दिव्यांगता को शारीरिक, मानसिक, संवेदी और बौद्धिक श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है। शारीरिक दिव्यांगता जैसे पोलियो या रीढ़ की हड्डी में चोट, दृष्टिबाधित दिव्यांगता, श्रवण बाधित दिव्यांगता, मानसिक और बौद्धिक दिव्यांगता और न्यूरोलॉजिकल दिव्यांगता मुख्य प्रकार हैं। इनके प्रमुख कारणों में जन्मजात दोष, दुर्घटनाएं, संक्रमण, कुपोषण और मानसिक आघात शामिल हैं। इन समस्याओं का उपचार फिजियोथेरेपी, सर्जरी, काउंसलिंग और सहायक उपकरणों के माध्यम से किया जा सकता है। दिव्यांग व्यक्तियों को समाज में अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आज भी उन्हें कहीं-कहीं भेदभाव का शिकार बनाया जाता है, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में उनके अवसर सीमित होते हैं, और सार्वजनिक स्थानों तक उनकी पहुंच नहीं होती। स्वास्थ्य सेवाओं और उपकरणों की कमी भी उनकी चुनौतियों को बढ़ाती है। इन समस्याओं से निपटने के लिए जागरूकता अभियान चलाने, सुलभता बढ़ाने, विशेष स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और आर्थिक सहायता देने की आवश्यकता है। केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। इनमें ’’सुगम्य भारत अभियान’’, ’’दिव्यांगजन स्वरोजगार योजनाएं’’ और ’’कृत्रिम अंग योजनाएं’’ प्रमुख हैं। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में समावेशी शिक्षा, स्वरोजगार योजना और ’’सुगम छत्तीसगढ़ अभियान’’ जैसी योजनाओं के माध्यम से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए बेहतर अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। यह विश्व दिव्यांग दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि यह दिव्यांग दिवस हमें एक ऐसा समाज बनाने की प्रेरणा देता है जो समानता, अधिकार और समावेशिता के मूल्यों पर आधारित हो। केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ की सरकार ने इस दिशा में सराहनीय प्रयास किए हैं। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम इन प्रयासों को आगे बढ़ाएं और एक ऐसा वातावरण बनाएं जिसमें दिव्यांग व्यक्तियों को सम्मान और समान अवसर मिले। recent visitors 80

72 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट से दो राज्यों का होगा कायापलट, बनेंगे 21 बांध-बैराज

भोपाल केंद्र सरकार के सहयोग से बनने वाला पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक प्रोजेक्ट देश के दो प्रमुख राज्यों राजस्थान और मध्यप्रदेश की कायापलट कर देगा। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री, मध्यप्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री तथा दोनों राज्यों के अपर मुख्य सचिव व सचिवों की उपस्थिति में 28 जनवरी को इस प्रोजेक्ट का डीपीआर बनाने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे। 72 हजार करोड़ के इस प्रोजेक्ट में कुल 21 बांध, बैराज और बैलेंसिंग रिजर्वायर आदि बनाए जाएंगे। प्रोजेक्ट अगले 5 साल में पूर्ण कर लिया जाएगा। इससे संबंधित एक अहम अपडेट सामने आया है।  पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक प्रोजेक्ट में मालवा इलाके के सभी घटकों का काम अब पहले चरण में ही होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट के प्रयासों के बाद यह संशोधन किया गया है। पहले सिंचाई और पेयजल संबंधित घटकों का निर्माण फेस-2 में रखा गया था। संशोधन के बाद मालवा को सिंचाई, पेयजल और औद्योगिक प्रयोजन के लिए योजना के पहले चरण में ही पर्याप्त पानी उपलब्ध हो जाएगा। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक प्रोजेक्ट से प्रदेश के चंबल और मालवा इलाके के लाखों किसानों का जीवन बदल जाएगा। उन्हें न केवल सिंचाई और पेयजल के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा बल्कि यहां पर्यटन और उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रोजेक्ट में मध्यप्रदेश की 17 परियोजनाएं और राजस्थान की पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना शामिल है। प्रोजेक्ट पूरा हो जाने के बाद मध्यप्रदेश के करीब 6.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। पेयजल और उद्योगों के लिए 172 मि.घ.मी. पानी भी मिलेगा। प्रदेश के करीब 40 लाख परिवार लाभान्वित होंगे। प्रोजेक्ट में मध्यप्रदेश से निकलनेवाली वाली पार्वती, कूनो, कालीसिंध, चंबल, क्षिप्रा और अन्य सहायक नदियों के पानी का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। प्रदेश में प्रोजेक्ट में कुल 35 हजार करोड़ रूपए के काम प्रस्तावित हैं। पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक प्रोजेक्ट के अंतर्गत श्रीमंत माधवराव सिंधिया सिंचाई कॉम्पलेक्स में 4 बांध बनेंगे। ये बांध कटीला, सोनपुर, पावा और धनवाड़ी में बनाए जाएंगे। इसके साथ ही श्यामपुर, नैनागढ में 2 बैराज बनेंगे। कुम्भराज कॉम्पलेक्स में 2 बांध तथा 7 अन्य बांध भी इसमें शामिल हैं। गांधी सागर बांध की अप-स्ट्रीम में चंबल, क्षिप्रा और गंभीर नदियों पर छोटे-छोटे कई बांधों का निर्माण भी किया जाएगा। प्रोजेक्ट से एमपी के मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, भिंड, श्योपुर, इंदौर, उज्जैन, धार, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास एवं राजगढ़ को लाभ होगा। इन 13 जिलों में सिंचाई, पेयजल, और औद्योगिक प्रयोजन के लिए भरपूर पानी मिल सकेगा। प्रोजेक्ट में मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच मौजूदा चंबल दायीं मुख्य नहर और मध्यप्रदेश में CRMC सिस्टम को अंतिम छोर तक आधुनिक बनाया जाएगा। इससे प्रदेश के श्योपुर, मुरैना, भिंड जिलों को आवंटित पानी मिल सकेगा। अधिकारियों के अनुसार संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक प्रोजेक्ट में मध्यप्रदेश की श्रीमंत माधवराव सिंधिया सिंचाई कॉम्पलेक्स की 6 परियोजनाओं की डीपीआर तैयार हो चुकी है।इन्हें राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण को भेजा जा चुका है। शेष डीपीआर की प्रक्रिया चल रही है। recent visitors 101

नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां चल रही हैं, इस बीच एकनाथ शिंदे की तबियत बिगड़ी, अस्पताल में कराया भर्ती

मुंबई महाराष्ट्र में सियासी गहमागहमी के बीच कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तबियत बिगड़ गई है। खबर है कि उन्हें ठाणे स्थित जुपिटर अस्पताल पहुंचाया गया है। रविवार को ही शिंदे अपने पैतृक गांव से लौटे हैं। खबरें थीं कि वह स्वास्थ्य खराब होने के चलते आराम करने के लिए गांव गए थे। खास बात है कि शिंदे को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी ऐसे समय पर हुई है, जब राज्य में नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां चल रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकारियों ने जानकारी दी है कि स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं होने के बाद शिंदे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर ने उनकी पूरी जांच की सलाह दी है। कहा जा रहा है कि उन्हें जांच के लिए कुछ समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ सकता है। खबरें थीं कि शिंदे शुक्रवार को भी तेज बुखार के बाद सतारा चले गए थे। उन्होंने लौटने पर बताया था कि वह अब ठीक हैं और आराम के लिए गांव गए थे। महाराष्ट्र में शपथ ग्रहण समारोह संभावनाएं जताई जा रही हैं कि महाराष्ट्र में गुरुवार को शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि उस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम शपथ ले सकते हैं। शिंदे के भी शपथ लेने के आसार जताए जा रहे हैं। बुधवार को भारतीय जनता पार्टी विधायक दल के नेता का ऐलान कर सकती है। श्रीकांत शिंदे डिप्टी सीएम की रेस से बाहर शिंदे के बेटे एवं शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने सोमवार को इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में आयी उन खबरों को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा है कि वह राज्य में उपमुख्यमंत्री या कोई अन्य मंत्री पद की दौड़ में हैं। एक्स पर अपने पोस्ट में कहा, 'चुनाव परिणामों के बाद सरकार के गठन में थोड़ी देरी हुई है और इसीलिए बहुत सारी अफवाहें उड़ रही हैं और उनमें से एक यह है कि मैं नयी सरकार में उपमुख्यमंत्री बनने जा रहा हूं। मैं सभी को बताना चाहता हूं कि यह पूरी तरह से निराधार और झूठ है, इसमें कोई तथ्य नहीं है। मुझे पहले ही लोकसभा चुनाव के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री बनने का मौका मिला था, लेकिन मैंने अपनी पार्टी के संगठन के लिए काम करना चुना और यह अभी भी वैसा ही है। मुझे सत्ता के पद की कोई इच्छा नहीं है।' recent visitors 42

मध्य प्रदेश में आज से धान खरीदी शुरू, किसानों को मिलेगा उपज का इतना दाम

भोपाल मध्य प्रदेश में खरीफ विपणन मौसम 2024-25 के लिए धान की खरीदी 2 दिसंबर से शुरू हो जाएगी. धान कॉमन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 और धान ग्रेड-ए का 2320 रुपये प्रति क्विंटल है. किसानों की एफएक्यू गुणवत्ता की उपज इन्हीं दरों पर खरीदी की जाएगी. धान की खरीदी 3  दिसंबर से 20 जनवरी 2025 तक किया जाएगा. उपार्जन सोमवार से शुक्रवार तक होगा. 45 लाख मीट्रिक टन होगी धान की खरीदी केन्द्र सरकार की ओर से निर्धारित मात्रा के अनुसार, समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 45 लाख मीट्रिक टन की जाएगी. गोदाम स्तर पर खाद्यान्न की गुणवत्ता का परीक्षण उपार्जन एजेंसी के गुणवत्ता सर्वेयर द्वारा स्टेक लगाने के पहले किया जाएगा. वहीं परिवहनकर्ता की ओर से उपार्जित खाद्यान्न का परिवहन समय-सीमा में नहीं करने पर पेनाल्टी की व्यवस्था साप्ताहिक रूप से की जाएगी. कब तक होगी धान की खरीदी मध्य प्रदेश सरकार धान की खरीदी 2 दिसंबर से 20 जनवरी 2025 तक करेगी. वहीं किसान सोमवार से शुक्रवार तक केंद्र में धान बेच सकते हैं. अवैध बिक्री रोकने के लिए कलेक्टर को दिए गए निर्देश समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के बाद भुगतान कृषक पंजीयन के दौरान आधार नम्बर से लिंक बैंक खाते में किया जाएगा. धान उपार्जन अवधि के दौरान पड़ोसी राज्यों से उपार्जन केन्द्र पर लायी जाने वाली उपज की अवैध बिक्री को रोकने के लिए सभी जिले के कलेक्टर को निर्देश दिए गए हैं. ऑनलाइन निगरानी की व्यवस्था बनाई गई खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सामान्य किस्म की धान 2,300 और ग्रेड ए धान का समर्थन मूल्य 2,320 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदी जाएगी। गुणवत्तायुक्त उपज का ही उपार्जन हो, इसके लिए ऑनलाइन निगरानी की व्यवस्था बनाई गई है। उपज में कचरा मिला तो उसे लौटा देंगे राज्य और जिला स्तर पर उपार्जन पोर्टल पर दर्ज होने वाली उपज संबंधी जानकारी के आधार पर आकलन किया जाएगा। यदि उपज में कचरा, टूटन या नमी अधिक होती है तो उसे लौटा दिया जाएगा। जब किसान उपज ठीक कराकर निर्धारित मापदंड के अनुसार लाएगा, तब ही उसे स्वीकार किया जाएगा। दरअसल, धान किसान से लेने के बाद उसे चावल बनाने के लिए मिलर्स को दी जाती है। उस समय कई बार नमी, कचरा और टूटन अधिक होने की शिकायत सामने आती है। ऐसी उपज मिलर्स नहीं लेते हैं क्योंकि प्रति क्विंटल धान से 67 किलोग्राम चावल लिया जाता है। जब यह मात्रा नहीं मिलती है तो मिलर्स को नुकसान होता है। यही कारण है कि इस बार गुणवत्तायुक्त उपज की खरीदी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सभी उपार्जन केंद्रों पर नमी की जांच करने के लिए नमी मापक यंत्र (मायश्चर मीटर) रखे जाएंगे। मिलिंग भी समय पर होगी नमी जांचने के बाद धान लेकर सीधे उपार्जन केंद्र से ही मिलिंग के लिए मिर्लस को दी जाएगी। इससे परिवहन और भंडारण व्यय में कमी आने के साथ मिलिंग भी समय पर होगी। भारतीय खाद्य निगम ने मिलिंग के लिए अंतिम सीमा जून रखी है। मंत्री, प्रमुख सचिव और आयुक्त करेंगे औचक निरीक्षण उपार्जन के दौरन या उसके बाद होने उपार्जन में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी और आयुक्त सिबि चक्रवर्ती औचक निरीक्षण करेंगे। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उड़नदस्ते भी जिला स्तर पर गठित होंगे, जो उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। किसानों को समाधान के लिए किए गए ये व्यवस्था पंजीयन और उपार्जन में आने वाली तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए जिले में और राज्य स्तर पर भी तकनीकी सेल का गठन किया गया है. जिला स्तरीय समिति उपार्जन संबंधी सभी विवादों का अंतिम निराकरण और उपार्जित खाद्यान्न की गुणवत्ता की निगरानी करेगी. इसके अलावा राज्य स्तर पर एक कंट्रोल-रूम भी स्थापित किया गया है. अगर आप किसी भी जानकारी के लिए कंट्रोल रूम में संपर्क करना चाहते हैं इस नंबर 0755-2551471 पर कॉल कर हैं. ये उपार्जन अवधि में सुबह 9 से रात 7 बजे तक संचालित रहेगा. recent visitors 60

बीजापुर में सुरक्षाबलों को मिली सफलता, दस हजार के इनामी समेत तीन नक्सली गिरफ्तार

बीजापुर  माओवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में बीजापुर जिले में संयुक्त सुरक्षा बल को बड़ी सफलता मिली है. मिरतुर व नेलसनार पुलिस ने अलग अलग कार्रवाई में तीन अलग अलग क्षेत्रों से 3 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है. विस्फोटक के साथ 1 नक्सली गिरफ्तार: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीजापुर के अनुसार 1 दिसंबर 2024 को माओवादियों के खिलाफ नक्सल ऑपरेशन चलाया जा रहा था. इसी दौरान मिरतुर पुलिस व छत्तीसगढ़ 15 ई बटालियन चेरली पिनकोंड़ा में साप्ताहिक बाजार की सुरक्षा व्यवस्था से लौट रही थीं. तभी पाटलीगुड़ा पुलिया के पास 5 किलोग्राम विस्फोटक के साथ 24 वर्षीय सुरेश कारम को गिरफ्तार किया गया. उसके साथ एक अन्य नक्सली भी गिरफ्तार किया गया.  अभियान से वापसी के दौरान पाटलीगुडा पुलिया के पास दो संदिग्ध व्यक्ति पुलिस पार्टी को देखकर भागने का प्रयास कर रहे थे। जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ा गया। इनमें जन मिलिशिया सदस्य सुरेश कारम पिता स्व. कोसा कारम उम्र 24 निवासी हुर्रेपाल व जन मिलिशिया सदस्य राजेश माड़वी पिता स्व. मंगू माड़वी उम्र 23 निवासी हुर्रेपाल शामिल है। इनके पास रखे थैला की चेकिंग करने पर 5 किलो का टिफिन बम, कॉर्डेक्स वायर बरामद किया गया है। वही थाना नेलसनार की टीम द्वारा बोदली मरी नदी के किनारे से जनताना सरकार सदस्य व सीएनएम कमाण्डर दशरथ हेमला पिता वेल्ला उर्फ मंगू उम्र 29 निवासी फुलादी कुंजामपारा थाना मिरतुर को पकड़ा गया। पकड़ा गया नक्सली 17 अप्रैल 2019 को नगर सैनिक राजूराम गोंदे की हत्या में शामिल था। जिसकी गिरफ्तार के लिए पुलिस अधीक्षक बीजापुर ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पकड़े गए नक्सलियों के विरुद्ध मिरतुर व नेलसनार थाना में वैधानिक कार्यवाही कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय बीजापुर के समक्ष पेश किया  है। नगर सैनिक की हत्या में शामिल कमांडर गिरफ्तार: नक्सलियों के खिलाफ दूसरी कार्रवाई नेलनसार पुलिस ने किया. जवानों ने सीएनएम कमांडर दशरथ हेमला को गिरफ्तार किया. जो साल 2019 में नगर सैनिक राजू राम गोंदे की हत्या में शामिल था. दशरथ हेमला पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था. पकड़े गए तीनों नक्सली सीएनएम सदस्य व जनताना सरकार से जुड़े माओवादी बताए जा रहे हैं. बीजापुर में मोबाइल टावर में नक्सलियों ने लगाई आग: रविवार देर रात नक्सलियों ने बीजापुर के मोरमेड गांव में लगाए गए निजी मोबाइल कंपनी के मोबाइल टावर में आग लगा दी. नक्सली सादी वेशभूषा में पहुंचे और टावर में लगे उपकरणों को जला दिया. हाल ही में दूरस्थ अंचल में कनेक्टिविटी बढ़ाने मोबाइल टावर लगाया गया था. recent visitors 69

रायगढ़ से महिलाओं को देंगे खुशखबरी, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री विष्णुदेव आज महतारी वंदन की जारी करेंगे 10वीं किश्त

रायपुर/जगदलपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज महतारी वंदन योजना की 10वीं किश्त की राशि ऑनलाइन जारी करेंगे। लगभग 70 लाख महिलाओं के खाते में एक-एक हजार रुपये जमा हो जाएगा। तीन दिसंबर को रायगढ़ के शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी मिनी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 10वीं किश्त के रूप में 652 करोड़ 4 लाख रुपये की राशि जारी करेंगे। मार्च 2024 से इस योजना के तहत कुल 6530 करोड़ 70 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी है। 70 लाख महिलाओं के खाते में 652 करोड़ 4 लाख ट्रांसफर करेंगे सीएम साय सीएम विष्णु देव साय मंगलवार, 3 दिसंबर को रायगढ़ से महतारी वंदन योजना की 10वीं किस्त जारी करेंगे. सीएम यह राशि ऑनलाइन जारी करेंगे. इस योजना के तहत लगभग 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में एक-एक हजार रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे. बता दें कि सीएम विष्णु देव साय रायगढ़ के शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी मिनी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम से महतारी वंदन योजना की 10वीं किश्त के रूप में 652 करोड़ 4 लाख रुपये महिलाओं के खाते में ट्रांसफर करेंगे. राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम और सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक कुल 6530 करोड़ 70 लाख रुपये की राशि हितग्राहियों के खाते में ट्रांसफर किए जा चुके हैं. रायगढ़ में नालंदा परिसर का भूमिपूजन करेंगे सीएम साय वहीं सीएम साय रायपुर की तर्ज पर रायगढ़ के मरीन ड्राईव एरिया में 42 करोड़ की लागत से बनने वाले नालंदा परिसर का भूमिपूजन करेंगे. मुख्यमंत्री इस मौके पर रायगढ़ जिले को 135 करोड़ रुपये की लागत से विकास व निर्माण कार्यों की सौगात भी देंगे. दरअसल, सीएम  97 करोड़ 51 लाख रुपये की लागत से निर्मित 67 कार्यों का लोकार्पण और 37 करोड़ 58 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 13 कार्यों का शिलान्यास करेंगे. इसके अलावा मुख्यमंत्री रायगढ़ के निगम ऑडिटोरियम में उत्कल ब्राम्हण सम्मेलन में भी शामिल होंगे. कब खाते में आएगी महतारी वंदन योजना की राशि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 11.55 बजे रायगढ़ पहुंचेंगे. इसके बाद दोपहर 12 बजे से एक बजे तक रायगढ़ नगर पालिका ऑडिटोरियम में आयोजित उत्कल ब्राम्हण सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके बाद दोपहर 1 बजे रायगढ़ मरीन ड्राईव के पास नालंदा परिसर का भूमिपूजन करेंगे. वहीं दोपहर 2.05 बजे शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी मिनी स्टेडियम में महतारी वंदन योजना की राशि ट्रांसफर करेंगे.  महतारी वंदन योजना की 10वीं किस्त जारी करने के बाद सीएम विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास और भूमिपूजन करेंगे. मुख्यमंत्री साय रायपुर की तर्ज पर रायगढ़ के मरीन ड्राईव एरिया में 42 करोड़ की लागत से बनने वाले नालंदा परिसर का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री इस मौके पर रायगढ़ जिले को 135 करोड़ रुपये की लागत वाले विकास एवं निर्माण कार्यों की सौगात भी देंगे, जिसमें 97 करोड़ 51 लाख रुपये की लागत से निर्मित 67 कार्यों का लोकार्पण तथा 37 करोड़ 58 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 13 कार्यों का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री रायगढ़ के निगम ऑडिटोरियम में उत्कल ब्राम्हण सम्मेलन में भी शामिल होंगे। जारी कार्यक्रम के अनुसार, सीएम साय रायपुर पुलिस परेड ग्राउंड से सुबह 11.05 बजे हेलीकॉप्टर से प्रस्थान कर 11.55 बजे रायगढ़ पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे से एक बजे तक रायगढ़ नगर पालिका ऑडिटोरियम में आयोजित उत्कल ब्राम्हण सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री इसके पश्चात रायगढ़ मरीन ड्राईव के पास दोपहर एक बजे से नालंदा परिसर के भूमिपूजन कार्यक्रम और दोपहर 2.05 बजे से शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी मिनी स्टेडियम में महतारी वंदन योजना के राशि वितरण एवं विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। recent visitors 42