मंडल और जिला इकाइयों में भी भाजपा बढ़ाना चाहती हैं महिलाओं की हिस्सेदारी

भोपाल. मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) संगठन ने बूथ स्तरीय समितियों के गठन में 33 फीसदी महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है और अब संगठन की मंडल और जिला इकाइयों में भी इसी तरह की हिस्सेदारी देने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य में बीजेपी संगठन के चुनाव की प्रक्रिया जारी है। यहां 65 हजार से ज्यादा बूथ हैं। राज्य की सभी बूथ इकाइयों का गठन हो चुका है और उनका डिजिटलाइजेशन रिकॉर्ड भी बना है। इन समितियों में महिलाओं को 33 फीसदी हिस्सेदारी दी गई है। आगामी दिनों में मंडल और जिला इकाइयों का गठन किया जाना है। इसके लिए संगठन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है और 31 दिसंबर तक इसे पूरा किया जाना है। राज्य इकाई के संगठन महामंत्री हितानंद का कहना है कि पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए संसद और विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया है और हमारा ध्यान भी मंडल और जिला समितियों के गठन में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने पर है। राज्य की 100 फीसदी बूथ समितियों का गठन हो चुका है और उनका डिजिटलाइजेशन कर लिया गया है। अब मंडल और जिला समितियों का गठन तय समय सीमा पर करने की तैयारी है। पिछले दिनों पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें सर्वसम्मति से पदाधिकारि‍यों के चयन पर जोर दिया गया था। साथ ही कहा गया था कि नियुक्तियां नेताओं के कहने पर नहीं हों, बल्कि आपसी सामंजस्य से की जाएं। नियुक्तियों में विधायकों और सांसदों की सहमति पर भी जोर दिया गया। राज्य में बीजेपी मंडलों का पुनर्गठन करने जा रही है। इससे 200 मंडल बढ़ जाएंगे। वर्तमान में राज्य में मंडलों की संख्या 1099 है, जो अब बढ़कर 1299 हो जाएगी। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि बीजेपी राज्य में आधी आबादी पर पूरी पकड़ बनाना चाहती है। उसने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं और विधानसभा चुनाव में इसका पार्टी को लाभ भी मिला। आने वाले समय में यह वर्ग उससे दूर न जाए, इसकी तैयारी अब संगठन के जरिए हो रही है।  recent visitors 64

मध्यप्रदेश: तीन तहसीलें बनेंगी जिला! मुख्यमंत्री मोहन यादव का है प्लान

भोपाल. मध्यप्रदेश में जिले बनाने की मांग तेजी से उठ रही है। आने वाले समय में प्रदेश के कई जिलों और संभागों का नक्शा जल्द बदल सकता है। सरकार के द्वारा पुनर्गठन आयोग का गठन कर दिया गया है। जिसमें रिटार्यड आईएएस मनोज श्रीवास्तव और मुकेश कुमार शुक्ला को नियुक्त किया गया है। पुनर्गठन आयोग को जिम्मेदारी दी गई है कि प्रदेश में संभाग, जिले, तहसील, विकासखंड का नए सिरे से सीमांकन कर रूपरेखा तैयारी किए जाएंगे। इन तीन तहसीलों को जिला बनाने की तैयारी बीना को जिले बनाने की मांग पिछले 40 साल से हो रही है। विधायक निर्मला सप्रे ने बीना को जिला बनाने की मांग को लेकर बीजेपी ज्वाइन की थी, लेकिन खुरई को भी जिला बनाने की लॉबिंग होने लगी। बीना की सागर से दूरी लगभग 75 किलोमीटर है। अगर बीना नया जिला बनता है तो खुरई, बीना, मालथौन, कुरवाई, पठारी, बांदरी जैसी जगहों को इसमें शामिल किया जा सकता है। सिरोंज को बनाया जा सकता है नया जिला सिरोंज तहसील की विदिशा से दूरी करीब 85 किलोमीटर है। वहां के लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए विदिशा आने में काफी समय लग जाता है। जिससे की समय की बर्बादी होती है। अगर सिरोंज जिले के अस्तित्व में आता है तो लटेरी तहसील और ग्राम पंचायत आनंदपुर को इसमें शामिल किया जा सकता है। इधर, आनंदपुर को गुना जिले में शामिल करने का भी सुझाव दिया गया है। क्योंकि गुना की दूरी आनंदपुर से सिरोंज के बराबर है। नए जिले के अस्तित्व में आ सकता है पिपरिया नर्मदापुरम से अलग करके पिपरिया को अलग जिला बनाया जा सकता है। क्योंकि नर्मदापुरम से पिपरिया की दूरी 70 किलोमीटर है। पहाड़ी रास्तों से गुजरने में करीब 2 घंटे का समय लग जाता है। विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान पिपरिया को जिला बनाने की मांग को लेकर धरना, प्रदर्शन और हड़ताल भी की गई थी। बता दें कि, सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा था कि हमने सरकार बनाई तो हमने इस बात पर ध्यान दिया कि एमपी भौगेलिक दृष्टि से भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। क्षेत्रफल में बड़ा तो है, लेकिन समय के साथ कुछ कठिनाइयां भी आई हैं। जिले तो बढ़ गए हैं, लेकिन सीमाओं को लेकर विसंगतियां हैं। recent visitors 87

शासकीय वाहन चालक ने सेनेटरी इंस्पेक्टर मारी टक्कर, नशे में धुत्त था चालक

बलौदाबाजार जिले में शासकीय कर्मचारी की बड़ी लापरवाही सामने आई है. नशे में धुत्त शासकीय वाहन चालक ने नगर पालिका के सेनेटरी इंस्पेक्टर को अपने वाहन से चोटिल कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. सेनेटरी इंस्पेक्टर मोटरसाइकिल में किनारे खड़ा था और काम करवा रहा था. इसी दौरान शासकीय वाहन चालक ने उन्हें टक्कर मार दी. शासकीय वाहन का चालक नशे में इस तरह धुत्त था कि खड़े भी नहीं हो पा रहा था. किसी तरह लोगों ने बाहर निकाला. हादसे में बाइक डैमेज बताया जा रहा है कि उक्त शासकीय वाहन बलौदाबाजार में पदस्थ बडे़ अधिकारी की है. शासकीय वाहन की टक्कर से मोटरसाइकिल डैमेज हो गई है. घटना के बाद इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है. घटना में घायल मनोज कश्यप सेनेटरी इंस्पेक्टर नगर पालिका बलौदाबाजार ने बताया कि घटना शासकीय महाविद्यालय के पास की है. घटना में मुझे ज्यादा चोट नहीं आई पर मोटरसाइकिल डैमेज हो गई है. recent visitors 81

अब छत्तीसगढ़ में महापौर चुनेगी जनता, भूपेश सरकार का बनाया नियम साय कैबिनेट ने पलटा

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने नगरीय निकायों के चुनावों में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रदेश के नगर पालिक निगमों के महापौर और नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन अब प्रत्यक्ष रूप से कराया जाएगा। इसके लिए छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 (संशोधन) अध्यादेश 2024 और छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 (संशोधन) अध्यादेश 2024 में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। इन संशोधनों में प्रत्यक्ष निर्वाचन और आरक्षण से संबंधित प्रावधानों का समावेश किया जाएगा। जनता चुनेगी महापौर, भूपेश सरकार नियम पलटा अब नगर पंचायत, नगरपालिकाओं और नगर निगमों में महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा किया जाएगा। भूपेश बघेल सरकार ने 2019 में महापौर और नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों के माध्यम से कराने का नियम लागू किया था, जिससे विपक्षी भाजपा ने तीव्र विरोध किया था। 2019 में भूपेश सरकार ने बदला था नियम यह कदम राज्य में पिछले कुछ वर्षों से चल रहे अप्रत्यक्ष निर्वाचन के मुकाबले एक बड़ा बदलाव होगा। दरअसल, अविभाजित मध्य प्रदेश में 1999 तक नगर निगमों के महापौर और नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से होता था। लेकिन उसके बाद, तत्कालीन सरकार ने महापौर और अध्यक्ष के चुनाव को अप्रत्यक्ष रूप से कराने का निर्णय लिया था। इसे 12 दिसंबर 2019 को राजपत्र में अधिसूचित किया गया था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि आगामी नगरीय निकाय चुनाव में मतदाता दो वोट देंगे, एक पार्षद और दूसरा नगर अध्यक्ष या महापौर के लिए। इसके साथ ही, महापौर के चुनाव को प्रत्यक्ष रूप से कराने के लिए नए नियम बनाए जाएंगे हैं। इस फैसले से जनता को अपने महापौर के चयन में पुनः अधिकार मिलेगा। स्थानीय निकायों में आरक्षण इसके अलावा, राज्य सरकार ने पिछड़ा वर्ग और अल्संख्यक समुदाय के लिए स्थानीय निकायों में आरक्षण के नियमों में भी बदलाव किया है। त्रिस्तरीय पंचायतों और नगरीय निकायों के चुनावों में अब अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक की जाएगी। यह निर्णय पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की अनुशंसा पर आधारित है, जिससे अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिक प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित किया जाएगा। त्रिस्तरीय पंचायती राज के लिए ओबीसी आरक्षण में संशोधन छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 में भी त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के लिए ओबीसी के आरक्षण और प्रतिनिधित्व संबंधी प्रावधानों में संशोधन किए जाएंगे। इस संशोधन से राज्य में चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। recent visitors 75

नौसेना प्रमुख बोले-चीन कर रहा पाक की मदद, भारतीय नौसेना की बढ़ेगी समुद्र में शक्ति

नई दिल्ली। फ्रांस के साथ भारत की 26 राफेल-एम विमानों की डील अंतिम स्तर पर है। फ्रांस से खरीदे जाने वाले ये नेवी वैरिएंट के राफेल विमान भारतीय नेवी के बेड़े में शामिल होने हैं। इतना ही नहीं भारतीय नौसेना के लिए 3 स्कॉर्पीन सबमरीन की डील भी अंतिम चरण में है। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में यह सौदा तय कर लिया जाएगा। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने सोमवार को नई दिल्ली में यह जानकारी दी। नौसेना प्रमुख ने बताया कि आने वाले 10 वर्षों के भीतर भारतीय नौसेना को कुल 96 जहाज और पनडुब्बियां मिलने जा रही हैं। नौसेना के कई जहाज और एक पनडुब्बी फिलहाल निर्माणाधीन हैं। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष से लगभग हर महीने भारतीय नौसेना में एक नया जहाज शामिल किया जाएगा। नौसेना प्रमुख 4 दिसंबर को आयोजित होने वाले नेवी डे की तैयारियों पर नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। नौसेना प्रमुख ने कहा कि हमें पाकिस्तान की नौसेना की अचानक बढ़ रही शक्ति के विषय में जानकारी है। गौरतलब है कि पाकिस्तानी नेवी 50 जहाजों वाली नौसेना बनने की तैयारी में है। पाकिस्तान के आर्थिक हालात को देखते हुए नौसेना प्रमुख ने कहा कि उन्होंने अपने लोगों की भलाई के बजाय हथियार चुने हैं। इसके साथ ही भारतीय नौसेना प्रमुख का कहना है कि समुद्री जहाजों के निर्माण में चीन पाकिस्तान की मदद कर रहा है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान को मिलने वाले समुद्री जहाज चीन में बन रहे हैं या चीन की मदद से बनाए जा रहे हैं। भारत अपने पड़ोस से आने वाली किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। भारत की बात करें तो भारतीय नौसेना की शक्ति में लगातार इजाफा हो रहा है। अगले वर्ष से औसतन हर महीने भारतीय नौसेना को एक नया समुद्री जहाज मिलने लगेगा। भारतीय नौसेना के लिए बनाए जा रहे जहाज में से दो जहाज रूस में बनाए जा रहे हैं। शेष समुद्री जहाजों का निर्माण भारत में ही हो रहा है। बीते वर्ष रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिए राफेल एम फाइटर जेट विमान की खरीद को भी मंजूरी दे दी। यह सौदा होने पर नौसेना की ताकत में जबरदस्त वृद्धि होगी। फ्रांस से खरीदे जाने वाले नेवी वेरिएंट के राफेल जेट का इस्तेमाल मुख्य रूप से स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर तैनाती के लिए होगा। नौसेना प्रमुख ने बताया कि भारत में बनी पहली न्यूक्लियर पावर्ड सबमरीन वर्ष 2036 तक कमीशन हो जाएगी। यहां बताना आवश्यक है कि इस न्यूक्लियर पावर्ड सबमरीन के निर्माण हेतु हाल ही में सरकार से मंजूरी मिली है। भारत की इस न्यूक्लियर पावर्ड सबमरीन के नेवी में कमीशन होने के दो साल के भीतर ही भारतीय नौसेना को उसकी दूसरी सबमरीन भी मिल जाएगी। भारतीय नेवी के लिए ऐसी कुल 6 सबमरीन का निर्माण किया जाएगा। न्यूक्लियर पावर्ड स्ट्राइक सबमरीन किसी भी नौसेना के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है। यह सटीक हमला करने के साथ-साथ लंबे समय तक पानी के अंदर रह सकती है। नौसेना प्रमुख ने यह भी बताया कि भारत ने 3,500 किलोमीटर तक जाने वाली परमाणु क्षमता से लैस मिसाइल का परीक्षण बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी से किया है। 4 दिसंबर को होने वाले नेवी डे के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ओडिशा के पुरी में मौजूद रहेंगी। वह नेवी डे की मुख्य अतिथि होंगी। नेवी डे में भारतीय नौसेनिक एयरक्राफ्ट, समुद्री जहाज, हेलीकॉप्टर, सबमरीन व वैसल पुरी के 'ब्लू बीच' पर क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे। recent visitors 74

साय कैबिनेट का बड़ा फैसला : सीधे जनता करेगी महापौर का चुनाव

रायपुर   आज छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। यह बैठक दोपहर तीन बजे से महानदी भवन मंत्रालय में हुई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई और फिर उन पर निर्णय लिया गया। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। साय कैबिनेट ने फैसला लिया है कि अब सीधे जनता महापौर का चुनाव करेगी। निकाय चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएंगे। नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष चुनाव भी प्रत्यक्ष होगा। पंचायती राज और अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण पर निर्णय छत्तीसगढ़ शासन के पिछड़ा वर्ग और अल्संख्यक विभाग ने त्रिस्तरीय पंचायतों और नगरीय निकायों के निर्वाचन में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के प्रतिनिधित्व और आरक्षण के संबंध में एक अहम निर्णय लिया। राज्य सरकार ने स्थानीय निकायों में आरक्षण की सीमा को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक कर दिया है। यह निर्णय पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की अनुशंसा के अनुसार लिया गया। इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं में संशोधन का निर्णय लिया गया। चना उपार्जन के लिए ई-ऑक्शन की अनुमति मंत्रिपरिषद ने नागरिक आपूर्ति निगम को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत चने के उपार्जन के लिए छमडस् ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म का उपयोग करने की अनुमति दी है। इससे उच्च गुणवत्ता वाले चने का वितरण संभव होगा, जिसे राज्य के 30 लाख परिवारों को प्रति माह 2 किलो चना 5 रुपये प्रति किलो के हिसाब से दिया जाता है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने का निर्णय राज्य में पर्यटन के विकास को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने का निर्णय लिया है। इससे साहसिक, जल, मेडिकल, वेलनेस, और एग्रो टूरिज्म सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित होगा और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। recent visitors 61

म.प्र और उ.प्र. में कौशल विकास के लिये परस्पर समन्वित होगें प्रयास: कौशल विकास मंत्री गौतम टेटवाल

भोपाल. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजनरी नेतृत्व में स्किल इंडिया के तहत युवाओं को कौशल की आधुनिक तकनीकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। युवाओं को प्रशिक्षण के लिये सिंगापुर के सहयोग से एशिया के एकमात्र विश्वस्तरीय संत शिरोमणी रविदास ग्लोबल स्किल पार्क का निर्माण किया गया। यहॉ वैश्विक मानकों के अनुरूप एडवांस्ड तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाता है। कौशल विकास एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में नवाचारों एवं एडवांस्ड ट्रेड्स की जानकारी लेने उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल के साथ संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में के अधिकारियों के साथ चर्चा की। कौशल विकास एवं रोजगार सचिव राजेन्द्रन रघुराज एवं अधिकारियों ने जीएसपी की कार्यप्रणाली, पाठ्यक्रमों, इंडस्ट्री कनेक्ट, एडमिशन प्रक्रिया, पोस्ट प्लेसमेंट सपोर्ट और डिमांड बेस्ड स्किल ट्रेनिंग और नवाचारों की विस्तृत जानकारी दी। मंत्री टेटवाल एवं मंत्री अग्रवाल एवं ने जीएसपी की विश्वस्तरीय प्रयोगशालाओं, क्लास रूम्स, ऑडिटोरियम सहित पूरे संस्थान का भ्रमण किया। मंत्री द्वय ने क्लास रूम में पहुँचकर विद्यार्थियों से संवाद किया। विद्यार्थियों ने अपनी शिक्षण पद्धतियों और अनुभवों को साझा किया। मंत्री द्वय ने विद्यार्थियों को निरंतर प्रगति के लिये प्रेरित किया। मंत्री अग्रवाल जीएसपी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे उ.प्र. के विद्यार्थियों से मिले और सबके साथ ग्रुप फोटो खिंचवाया। मंत्री द्वय ने इस बात पर बल दिया कि ग्लोबल स्किल पार्क तक विद्यार्थियों को लाने के लिये प्रयासों को और सशक्त बनाना होगा। साथ ही इंडस्ट्री के विभिन्न सेक्टर्स की मांग के अनुरूप तय समय-सीमा में विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने की जरूरत पर बल दिया। विद्यार्थियों के प्लेसमेंट के साथ ही प्लेसमेंट के बाद भी नियमित फॉलो-अप और पोस्ट-प्लेसमेंट निगरानी को संस्थान की प्राथमिकताओं में शामिल करने के निर्देश दिये। यूपी के मंत्री अग्रवाल ने कहा कि यह संस्थान एशिया में अपनी तरह का एकमात्र विश्वस्तरीय केंद्र है, जो युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुसार कौशल प्रशिक्षण देकर उनके जीवन को नई दिशा दे रहा है। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश से विद्यार्थियों एवं फैकल्टी को प्रशिक्षण लेने के लिये नियमित रूप से जीएसपी में भेजा जायेगा। उन्होंने जीएसपी की एडमिशन प्रक्रिया एवं फीस की जानकारी भी ली। यूपी मंत्री अग्रवाल ने आईटीआई गोविंदपुरा का भी भ्रमण किया। उन्होंने मंत्री टेटवाल एवं जीएसपी स्टाफ को जनवरी में प्रयागराज होने वाले कुंभ के लिये भी आमंत्रित किया। मंत्री टेटवाल ने कहा कि यह संस्थान युवाओं के कौशल विकास के साथ-साथ उनके सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार माना। उन्होंने इसे एक ऐसा प्लेटफॉर्म बताया जो तकनीकी शिक्षा और रोजगार के बीच सेतु बन रहा है। मंत्री टेटवाल ने कहा कि यह सहयोग ही है कि जब मैं अयोध्या गया था उसी दिन उत्तरप्रदेश के कौशल विकास मंत्री अग्रवाल का भी आना हुआ। तभी मैंने मंत्री अग्रवाल से जीएसपी के भ्रमण के लिये आग्रह किया था। उन्होंने मेरे आग्रह को सहर्ष स्वीकार किया और वे अपनी टीम के साथ यहां आए। म.प्र. और यू.पी. के कौशल विकास मंत्रियों के बीच हुई यह बैठक मध्य और उत्तर भारत के बीच कौशल विकास में साझेदारी की एक नई शुरुआत है। दोनों राज्यों के मंत्रियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि मिलकर युवाओं के लिए नए अवसरों का निर्माण किया जाएगा। विद्यार्थियों में जोश और भविष्य के लिए उम्मीदों के साथ, यह दिन कौशल विकास के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा। सचिव आर. रघुराज ने बताया कि यह संस्थान इंडस्ट्री की मांग के अनुसार विभिन्न एडवांस्ड ट्रेड्स में प्रशिक्षण दे रहा है। साथ ही विभिन्न इंडस्ट्री के प्रशिक्षक भी यहां आकर एडवांस्ड ट्रेड्स का प्रशिक्षण लेते हैं। कई उत्कृष्ट औद्योगिक संस्थान जीएसपी के पार्टनर के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। बैठक में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता के प्रमुख सचिव आलोक कुमार, प्रशिक्षण एवं रोजगार निदेशालय की निदेशक श्रीमती नेहा प्रकाश, प्रशिक्षण एवं रोजगार निदेशालय के अपर निदेशक मनपाल सिंह साथ ही मध्यप्रदेश के कौशल विकास एवं रोजगार के अपर सचिव एवं डीटीईएसडीई परियोजना निदेशक गिरीश शर्मा, एमपीएसडीपी सीईओ, एमपीएसएसडीईजीबी, सीईओ, एसएसआर जीएसपी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। recent visitors 51