महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, राज्य वक्फ बोर्ड को मजबूत करने के लिए 10 करोड़ रुपए वितरित करने का आदेश वापस

मुंबई महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड को मजबूत करने के लिए 10 करोड़ रुपए वितरित करने के अपने आदेश को वापस ले लिया है। राज्य की मुख्य सचिव सुजाता सौनिक ने यह जानकारी दी है। यह घटनाक्रम एक सरकारी प्रस्ताव (जीआर) जारी होने के एक दिन बाद हुआ है, जिसमें राज्य प्रशासन ने राज्य वक्फ बोर्ड को मजबूत करने के लिए 10 करोड़ रुपए के फंड वितरित करने का आदेश दिया था। यह पूछे जाने पर कि क्या जीआर वापस ले लिया गया है, सौनिक ने घटनाक्रम की पुष्टि की। 28 नवंबर के जीआर के अनुसार, महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड (एमएसबीडब्ल्यू) को मजबूत करने के लिए 2024-25 के लिए 20 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए थे। उसमें से 2 करोड़ रुपए छत्रपति संभाजीनगर में मुख्यालय वाले एमएसबीडब्ल्यू को वितरित किए गए। recent visitors 81

विदेशी तकनीक का प्रदेश के संस्थानों में बाजार के अनुसार होगा बेहतर उपयोग: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी जर्मनी और यूके यात्रा को लेकर कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य मध्यप्रदेश में राज्य के युवाओं के लिए निवेश के नए अवसरों का निर्माण करना है। उन्होंने कहा “यात्रा का उद्देश्य राज्य के युवाओं के रोजगार, औद्योगिकीकरण और मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के सामने एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करना था। हमने पूरे समय का सदुपयोग किया। जर्मनी और यूके की यात्रा के बाद, मैं कह सकता हूँ कि यह यात्रा हमारे टेक्नों-फ्रेंड ऊर्जावान, प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को म्यूनिख में अपने औद्योगिक प्रायोजन संबंधी यात्रा के अंतिम दिन स्थानीय मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में किए गए प्रयासों से उन्हें न केवल सफलता मिली बल्कि समझने और सीखने का भी अवसर मिला। उन्होंने यात्रा के दौरान हर पल और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपनी टीम के सदस्यों और प्रदेशवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब हम एकजुट होकर अच्छी योजना बनाते हैं, तो परिणाम भी अच्छा होता है और हमें जर्मनी से यही मिल रहा है। जर्मनी और आगे बढ़ रहा है। मैं महसूस करता हूँ कि वहां एक आंतरिक उत्साह है जो उन्हें अपनी चुनौतियों से निपटने में मदद कर रहा है। जर्मनी अपनी तकनीक को अन्य देशों के साथ साझा करने और भविष्य की यात्रा में उसका विश्वास बनाने की दिशा में अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जर्मनी से उन्हें कई ऐसे प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे मध्यप्रदेश को इस विश्वास के साथ आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है कि राज्य अपनी पारंपरिक क्षमताओं के साथ नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह बड़ी बात है कि कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्वास्थ्य, शिक्षा, नई तकनीक और भारी उद्योग क्षेत्रों में जर्मनी से हमें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जर्मनी में हो रही तकनीकी प्रगति और उद्योगों में हो रहे नवाचारों को मध्यप्रदेश में लागू करने के लिए राज्य सरकार सक्रिय रूप से कदम उठा रही है। उन्होंने आशा जताई कि राज्य के लिए यह यात्रा कई नए उद्योगों, तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसरों के द्वार खोलेगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हुए मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के सामने सशक्त औद्योगिक ताकत के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिपल-प्रति मिनिट हमारा लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराना है। हमारे बौद्धिक संपन्न युवा ही नहीं बल्कि प्रदेश के हर वर्ग के युवा को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। वर्क फोर्स बनकर करेंगे काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी और यूके आर्थिक और तकनीकी रूप से साधन संपन्न देश हैं, उन्हें आवश्यकता है तो मेन पॉवर की। हमारे पास मेन पॉवर उपलब्ध है, तकनीकी रूप से दक्ष युवा है, दोनों को जोड़ने के लिए यदि जरूरत है तो भाषा की। लैंग्वेंज प्रॉब्लम को दूर कर हम एक-दूसरे के पूरक के रूप में वर्क-फोर्स बनकर काम करेंगे। ग्लोबल लीडर हैं प्रधानमंत्री श्री मोदी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का कार्यकाल स्वर्णिम है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ग्लोबल लीडर हैं और उनके विजन से देश आगे बढ़ रहा है। उनके नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार में मध्यप्रदेश विकास की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी हमारा मित्र देश है। दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के मध्य बेहतर समन्वय का हमें भी लाभ मिला है। जर्मन बढ़ते भारत और आगे बढ़ते मध्यप्रदेश के साथ भविष्य में व्यापार एवं उद्योग के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जर्मनी, भारत का सदैव प्रशंसक रहा है। हमारी साझा विरासत गौरवशाली रही है। सौहार्दपूर्ण संबंधों का मिला लाभ, निवेश के मिले कई प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि जर्मनी के साथ हिन्दुस्तान के सौहार्द्रपूर्ण संबंधों की बात करें तो नेताजी सुभाषचंद्र बोस के समय को याद कर सकते हैं। जर्मन, मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाओं को समझते हैं। जर्मनी से मध्यप्रदेश में निवेश के प्रस्ताव अनेक औद्योगिक सेक्टर्स के लिए प्राप्त हुए हैं। कृषि, एआई, हेल्थ, सेमीकंडक्टर, शिक्षा, नई तकनीक और भारी उद्योग के क्षेत्र में निवेशकों ने निवेश की इच्छा जाहिर की है। साथ ही अनेक क्षेत्रों में निवेश के प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं। जर्मनी के माध्यम से वेदों का दुनिया को कराया परिचय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे वेदों को दुनिया से सबसे पहले परिचित कराने वाला कोई देश है, तो वह जर्मनी ही है। मैक्समूलर ने हमारे वेदों का संस्कृत भाषा से अनुवाद कर जर्मनी के माध्यम से दुनिया के सामने हमारे प्राचीन ज्ञान को प्रकट किया था। जर्मनी के साथ हमारे अतीत के संबंध बहुत अच्छे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि जर्मन ही एक ऐसी भाषा है जो संस्कृत के सबसे ज्यादा नजदीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जर्मनी और यूके यात्रा से मध्यप्रदेश को न केवल व्यापारिक और औद्योगिक दृष्टि से फायदा होने की उम्मीद है, बल्कि यह राज्य के समग्र विकास में भी अहम योगदान देने वाली साबित होगी।   recent visitors 59

जर्मनी डोरे पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एसएफसी एनर्जी का किया भ्रमण

भोपाल जर्मनी के म्यूनिख शहर में गुरुवार रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतवंशियों एवं प्रवासी समुदाय "फ्रेंड्स ऑफ एमपी" के साथ एक अनूठा संवाद किया। भाषणों और औपचारिकताओं को पीछे छोड़ते हुए, उन्होंने सहज, दोस्ताना और सारगर्भित चर्चा कर उन्होंने सभी को भारत की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से जोड़ा। भारतीय संस्कृति के अनुरूप प्रारंभ हुए कार्यक्रम में प्रत्येक भारतवंशी को देशभक्ति और देशप्रेम से सराबोर कर दिया। संस्कृति और संवाद: भारतीयता का संदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता उसका समावेशी और सकारात्मक दृष्टिकोण है। उन्होंने इसे इस तरह परिभाषित किया कि भारत में "परेशानी में आनंद ढूंढने की कला" और "सभी को साथ लेकर चलने की परंपरा" है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मनी को भारत का करीबी बताते हुए कहा कि जर्मनी भी सत्य, संस्कृति और ज्ञान का सारथी है। यही कारण है कि दोनों देशों के विचार और मूल्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। "फ्रेंड्स ऑफ एमपी" का भारतीय रंग कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता की तस्वीर पर माल्यार्पण और राष्ट्रगान के साथ हुई। तिरंगे झंडे के सम्मान और दीप प्रज्ज्वलन से शुरू हुए कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति की झलक हर कोने में दिखाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2 लाख से अधिक भारतवंशियों और 35 हजार से अधिक भारतीय छात्रों की उपलब्धियों पर गर्व जताया, जो जर्मनी में शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में उत्कृष्टता की मिसाल कायम कर रहे हैं। रात्रि भोज पर संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतवंशियों के साथ रात्रि भोज के दौरान खुलकर संवाद किया। उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए भारतीय समुदाय को प्रोत्साहित किया कि वे जर्मनी में रहते हुए भी अपनी जड़ों से जुड़े रहें। यह आयोजन भारतीयता के गौरव, परंपरा और आधुनिकता के समन्वय का प्रतीक बना। डॉ. यादव के इस विशेष प्रयास ने "फ्रेंड्स ऑफ एमपी" के मंच को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक आत्मीय और प्रेरक अनुभव में बदल दिया, जहां भारतीय प्रवासियों को अपनी संस्कृति और मूल्यों से फिर से जुड़ने का अवसर मिला। एसएफसी एनर्जी के साथ हरित ऊर्जा की नई साझेदारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में जर्मनी दौरे पर गये इन्वेस्ट मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल ने वहां की शीर्ष कंपनियों से साझेदारी के लिए बातचीत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म्यूनिख के समीप ब्रुन्थल स्थित एसएफसी एनर्जी कंपनी का दौरा कर उसकी विशेषताओं को जाना। यह कम्पनी डायरेक्ट मेथेनॉल और हाइड्रोजन फ्यूल सेल निर्माण में अग्रणी कंपनी है। एसएफसी एनर्जी के सीईओ डॉ. पीटर पोडेसर ने कंपनी की प्रमुख तकनीक पर विस्तार से जानकारी दी और स्वच्छ ऊर्जा समाधानों के क्षेत्र में उनके नवाचारों से अवगत कराया। इस दौरान, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को मध्यप्रदेश में लागू करने और नवकरणीय ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बर्लोकर समूह के साथ एक औपचारिक बैठक भी की। बर्लोकर, जो प्लास्टिक एडिटिव्स के क्षेत्र में अग्रणी जर्मन कंपनी है, वर्ष 2001 से मध्यप्रदेश के देवास में अपनी इकाई संचालित कर रही है। इस कंपनी ने प्रदेश में अब तक 400 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश किया है और 300 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया है। बैठक में बर्लोकर के विस्तार की संभावनाओं, नवीन तकनीकों के उपयोग और पर्यावरण-अनुकूल प्रौद्योगिकियों को अपनाने पर विचार-विमर्श हुआ। यह सहयोग न केवल मध्यप्रदेश के प्लास्टिक उद्योग को उच्च गुणवत्ता वाले एडिटिव्स से समृद्ध करेगा, बल्कि रोजगार के अवसरों और औद्योगिक विकास को भी गति देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरे को प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जर्मनी के साथ साझेदारी से मध्यप्रदेश को हरित ऊर्जा और नवीनतम तकनीकों के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। यह दौरा प्रदेश में ‘उद्योग वर्ष 2025’ के लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।   recent visitors 70

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बीजेपी की उपलब्धियों और केंद्र सरकार की नीतियों को बताया, आगामी चुनावों के लिए जनता से समर्थन मांगा

ओडिशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (29 नवंबर) को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि जो लोग सत्त्ता को अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं, देश की जनता ने जिनको 10 सालों से सत्ता से दूर रखा है. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बीजेपी की उपलब्धियों और केंद्र सरकार की नीतियों को बताते हुए आगामी चुनावों के लिए जनता से समर्थन मांगा. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ राजनीतिक दल सत्ता को अपना "जन्मसिद्ध अधिकार" समझते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जब इन दलों को सत्ता से दूर रखा गया, तो उनका गुस्सा देश की जनता पर उतरने लगा. उन्होंने कहा कि अब यह देश के खिलाफ साजिश कर रहे हैं. अब यह लोग झूठ की दुकान लेकर जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं. ऐसे लोगों से हमें सतर्क रहना है ,आपको बचना है. सत्ता के यह भूखे लोग पहले चौकीदार को चोर बता रहे थे, लेकिन अब चौकीदार ईमानदार हो गया. 2024 के चुनाव में इन्हें चौकीदार को गाली देने का मौका नहीं मिला. बीजेपी की नीतियों का प्रभाव और जनता का समर्थन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार की नीतियों और उनके लाभों का जिक्र करते हुए बताया कि किस प्रकार उनकी सरकार ने गरीबों के जीवन को आसान बनाया. उन्होंने ओडिशा के लिए विशेष रूप से कहा कि पहली बार मुख्यमंत्री गांवों में सक्रिय रूप से जाते दिखाई दिए. उन्होंने ओडिशा की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के निर्वाचन को आदिवासी समुदाय के गौरव का प्रतीक बताते हुए कहा "मुझे खुशी है कि भाजपा के प्रयासों से ओडिशा की आदिवासी बेटी द्रौपदी मुर्मू जी आज देश की राष्ट्रपति हैं. इससे पूरे देश के आदिवासी समाज का गौरव बढ़ा है.मुर्मू जी के देश के सर्वोच्च पद पर आसीन होने से हर वर्ग की बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ा है.एक आदिवासी बेटी की ये यात्रा आने वाली कई पीढ़ियों तक प्रेरित करेगी". चुनावी जीत और बीजेपी की ताकत पीएम मोदी ने हरियाणा, महाराष्ट्र, और ओडिशा में भाजपा की बढ़ती शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि राजनीतिक विशेषज्ञों ने भाजपा को ओडिशा में खारिज कर दिया था, लेकिन चुनाव परिणामों ने उन्हें गलत साबित किया. उन्होंने कहा "ओडिशा की जनता ने सभी 'तीस मार खानों' को करारा जवाब दिया. भाजपा को न केवल ओडिशा में बल्कि हरियाणा और महाराष्ट्र में भी अपार समर्थन मिला." प्रधानमंत्री ने ओडिशा पर्व के अनुभव बताते हुए ओड़िया संस्कृति और विरासत की भव्यता को याद किया. संविधान और लोकतंत्र की मर्यादा पर क्या बोले पीएम? प्रधानमंत्री ने संविधान की भावना और लोकतंत्र की मर्यादाओं पर जोर देते हुए कहा "कुछ लोग संविधान की भावना को कुचल रहे हैं और लोकतंत्र की मान-मर्यादाओं को अस्वीकार कर रहे हैं." उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक विरोध स्वाभाविक है, लेकिन इसे मर्यादाओं के भीतर होना चाहिए. भविष्य का रोडमैप मोदी की गारंटी प्रधानमंत्री ने जनता को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार जो कहती है, उसे पूरा करती है. उन्होंने कहा "इसलिए मैं कहता हूं मोदी की गारंटी यानि हर गारंटी को पूरा होने की गारंटी. हमारी सरकार हर गारंटी को पूरा करने की गारंटी देती है." recent visitors 64

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 दिसंबर को छत्तीसगढ़ पुलिस को प्रदान करेंगे ‘प्रेसिडेंट पुलिस कलर’

रायपुर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 दिसंबर को छत्तीसगढ़ का दौरा करेंगे. उनके साथ केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया भी रायपुर आएंगे. जानकारी के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह बस्तर ओलंपिक के कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके अलावा रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस के कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिसमें वे प्रेसिडेंट पुलिस कलर प्रदान करेंगे. कार्यक्रम को लेकर शासन-प्रशासन और पुलिस महकमे की तैयारी शुरू हो गई है. 1. बस्तर ओलंपिक में भागीदारी: अमित शाह बस्तर ओलंपिक के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। बस्तर ओलंपिक एक प्रमुख खेल आयोजन है, जिसे छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बस्तर क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री का बस्तर ओलंपिक में भाग लेना खेलों के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के योगदान को बढ़ावा देने का संकेत है। 2. राष्ट्रपति ध्वज सम्मान समारोह: अमित शाह के रायपुर दौरे का एक प्रमुख कार्यक्रम छत्तीसगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति ध्वज पुरस्कार से सम्मानित करना होगा। छत्तीसगढ़ पुलिस को उनकी उत्कृष्ट सेवा और कर्तव्यनिष्ठा के लिए राष्ट्रपति ध्वज सम्मान मिला है, और इस सम्मान का अलंकरण समारोह दिसंबर में आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे। 3. आगमन की तैयारियां: अमित शाह के आगमन के मद्देनजर रायपुर प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था की पूरी योजना बनाई है। शहर के प्रमुख स्थानों पर यातायात व्यवस्थाएं और सुरक्षा कड़ी कर दी गई हैं, ताकि उनका दौरा सुचारू रूप से संपन्न हो सके। कार्यक्रमों के स्थल पर भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं। 4. राजनीतिक और प्रशासनिक पहलू: अमित शाह का छत्तीसगढ़ दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर अगले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर। उनके दौरे के दौरान राजनीतिक कार्यकर्ताओं और राज्य के नेताओं के साथ विभिन्न बैठकें और संवाद हो सकते हैं। recent visitors 74

इंदौर पुलिस ने कुख्यात बदमाशों का गिराया भाव, सूचना देने पर मिलेंगे एक रुपए का ईनाम

इंदौर शहर में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। अपराधियों पर शिकंजा कसने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने अनोखा कदम उठाया है। इंदौर के डीसीपी (डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस) ने फरार अपराधियों की सूचना देने वालों के लिए प्रतीकात्मक रूप से 1 रुपए का इनाम घोषित किया है। यह कदम अपराधियों के बढ़ते हौसले को पस्त करने के लिए है और जनता में अपराध के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से उठाया गया है। शहर में लगे पोस्टर पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में पोस्टर और सूचनाएं जारी कर दी हैं, जिनमें फरार आरोपियों के नाम और तस्वीरें शामिल हैं। इसके साथ ही, पुलिस ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे अपराधियों के ठिकानों की जानकारी पुलिस को दें। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। दो अलग घटनाओं के आरोपी फरार इंदौर जिले के मल्हारगंज थाना क्षेत्र में पिछले दिनों एक आरोपी ने चाकू बाजी की घटना को अंजाम दिया था. घटना को अंजाम देने वाले आरोपी सौरभ उर्फ बिट्टू को पुलिस कई जगहों पर तलाश भी रही है, लेकिन वह पुलिस की गिरफ्त से लगातार फरार चल रहा है. इसी तरह दूसरा घटनाक्रम इंदौर के सदर बाजार थाना क्षेत्र का है. सदर बाजार पुलिस भी एक तबरेज नाम के आरोपी को पिछले काफी सालों से तलाश रही है, लेकिन वह भी पुलिस की गिरफ्त से फरार है. जिसके चलते डीसीपी विनोद कुमार मीणा ने दोनों फरार आरोपियों के खिलाफ इनाम घोषित किया है. एक रुपए का ईनाम पुलिस के मुताबिक थाना सदरबाजार के प्रकरण में फरार आरोपी तबरेज पिता जाहिद अली निवासी मकान नं. 5 गली नं. 1 अंडेवाली गली, जुना रिसाला तथा थाना मल्हारगंज के प्रकरण में फरार अपराधी सौरभ उर्फ बिट्टू पिता सुभाष गौड उम्र 24 वर्ष निवासी 25/3 कृष्ण बाग कालोनी की गिरफ्तारी हेतु 1 रुपए (एक रुपए) का ईनाम घोषित किया गया है। प्रतीक के तौर पर यह ईनाम डीसीपी विनोद कुमार मीना का कहना है कि 1 रुपए का इनाम महज एक प्रतीक है। इससे यह संदेश भी दिया जा रहा है कि अपराधियों का हौसला अब कमजोर पड़ चुका है। वही पुलिस का यह कदम जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग इसे हास्यप्रद मान रहे हैं, तो कई इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं। डीसीपी ने आरोपियों पर रखा 1 रुपए का इनाम आपको बता दें इसमें बड़ी बात यह है कि डीसीपी विनोद कुमार मीणा ने दोनों फरार आरोपियों पर 1 रुपए का इनाम घोषित किया है. जो चर्चा का विषय बना हुआ है. इस मामले में डीसीपी विनोद कुमार मीणा का कहना है कि "दोनों ही कुख्यात आरोपी हैं, उन पर अलग-अलग तरह के कई अपरपाधिक प्रकरण दर्ज हैं. पुलिस दोनों आरोपियों को तलाश भी रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया जाएगा. डीसीपी ने कहा यदि हम दोनों के खिलाफ हजारों रुपए के इनाम घोषित करते तो क्षेत्र में उनका खौफ बढ़ता. recent visitors 56

प्रदेश के चर्चित हनीट्रैप कांड का खुलासा करने वाले नगर निगम के निलंबित इंजीनियर हरभजन सिंह की मौत

इंदौर दो साल पहले मध्य प्रदेश के चर्चित हनीट्रैप कांड के फरियादी रहे इंदौर नगर निगम के पूर्व सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह की रीवा में मौत हो गई। उनका शव रीवा स्थित उनके पैतृक निवास के कमरे में मिला। उनकी मौत संभवत: दिल का दौरा पड़ने से हुई। पड़ोसियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हरभजन सिंह की पत्नी अपने बेटे के साथ दूसरे शहर में रहती हैं। उन्हें भी सूचना दे दी गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है, ताकि मौत के कारणों का खुलासा हो सके। बता दें, हरभजन सिंह की शिकायत पर प्रदेश के चर्चित हनीट्रैप कांड का खुलासा इंदौर पुलिस ने किया था। मामले में चार महिलाएं गिरफ्तार हुई थीं। हरभजन ने शिकायत में कहा था कि महिलाएं उन्हें वीडियो रिकॉर्डिंग के नाम पर ब्लैक मेल कर रही हैं। बाद में पुलिस ने भोपाल और इंदौर से चार महिलाओं को गिरफ्तार किया था। एक महिला ने दुष्कर्म की शिकायत की थी बाद में एक आरोपी महिला ने हरभजन सिंह के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत की थी। इसके बाद हरभजन पर भी पुलिस ने केस दर्ज कर दिया था। इसके बाद हरभजन को निलंबित कर दिया था और उनका मुख्यालय रीवा कर दिया गया। निलंबन के कुछ दिनों तक हरभजन सिंह इंदौर में ग्रेटर कैलाश मार्ग पर रहे। फिर वे रीवा स्थित अपने पैतृक निवास पर रहने चले गए थे। मध्य प्रदेश के हनीट्रैप कांड क्या था क्या है सीडी कांड महिला ने नौकरी दिलाने के बहाने एक 18 साल की छात्रा से इंजीनियर की दोस्ती करवा दी। इसके बाद फिर होटल में छात्रा ने मोबाइल फोन से इंजीनियर और महिला के सेक्स वीडियो बना लिया। वीडियो बनाने के बाद छात्रा, ने महिला और इंजीनियर को ब्लैकमेल किया। यह सिलसिला 8 महीने चला। परेशान इंजीनियर पुलिस के पास चला गया। पुलिस ने इंजीनियर से फोन करवाया और महिला को 50 लाख रुपये लेने इंदौर बुलाया। 17 अक्टूबर 2019 को महिला कार में छात्रा के साथ पहुंची। वहीं, पुलिस ने इन्हें पकड़ लिया। पुलिस के आगे महिलाएं टूट गई और भोपाल की कुछ अन्य युवतियों के नाम उगल दिया। इंदौर एटीएस की टीम भोपाल पहुंची और भोपाल पुलिस की मदद से मिनाल रेसीडेंसी, रेवेरा टाउनशिप, कोटरा से तीन अलग-अलग महिलाओं को हिरासत में लिया। इन महिलाओं के नाम 29 वर्षीय आरती दयाल, श्वेता स्वपनिल जैन, श्वेता विजय जैन। यही मुख्य किरदार थीं। 18 अक्टूबर को 6 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया। मामले में पांच महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया था। जो हनीट्रैप के जरिए अधिकारी, नेता, कारोबारी और रसूखदारों को फंसा कर उनसे मोटी रकम ऐंठते थे। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी कई पुलिस अफसरों को तबादला भी किया गया। कमलनाथ सरकार ने अपने पसंद के अधिकारियों से गोपनीय जांच कराई। किसकी-किसकी सेक्स सीडी? कई रसूखदारों हुए बेपर्दा हनीट्रैप गैंग ने ब्लैकमेलिंग करके करोड़ों रुपए जमा किए। इनके पास 100 से अधिक सेक्स वीडियो मिले। जिनमें 20 से ज्यादा IAS, IPS अफसरों के साथ नेताओं के भी वीडियो हैं। इन महिलाओं ने एक पूर्व मुख्यमंत्री, दो मंत्री, तीन पूर्व मंत्री, एक पूर्व सांसद, 14 IAS अफसर, 9 IPS अफसरों को अपना शिकार बनाया है। हालांकि इनमें से एक—दो नेताओं और दो अफसरों के वीडियो ही लीक हुए। वीडियो किसके पास? समय बीतने के साथ मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार गिर गई। शिवराज पुन: सरकार में आए। भाजपा नेता लगातार आरोप लगाते हैं कि कमलनाथ ने सेक्स सीडी और अश्लील वीडियो की सीडी खुद के पास सुरक्षित रखी है। जबकि कमलनाथ ने इसे महज झूठा आरोप करार दिया। एक सांसद ने की थी आत्महत्या की कोशिश अश्लील सीडी में अपना वीडियो देखकर एक पूर्व सांसद सदमे में आ गये थे। बाद में पार्टी ने उनका टिकट की काट दिया। एक पूर्व मंत्री का वीडियो भी वायरल हुआ था, बाद में कोरोना में उनका देहांत हो गया। एक पूर्व मुख्यमंत्री भी लपेटे में आए थे, जिनका देहांत हो चुका है। मंत्रियों के संपर्क में ऐसे आई महिला महिला भोपाल के बेहद पॉश इलाके रिवेरा टाउन में रहती थी। वह रसूख झाड़ने के लिए एक विधायक के घर में 35 हजार रुपये महीने के किराये पर रहती थी। इस कॉलोनी में पूर्व मंत्रियों और तत्कालीन कमलनाथ सरकार के मंत्री और विधायकों के भी घर हैं। महिला यहीं से साजिश रचती थी। इसलिए नेता उसके जाल में आसानी से फंस गए। जिस बंगल मे ये महिला रहती थी, उसे एक पूर्व मुख्यमंत्री ने उसे दिलवाया था। ब्लेकमैलर महिला साल 2013 में ही एक बड़ी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहती थी। लेकिन विधानसभा चुनाव से ऐन पहले खुद के ड्राइवर के साथ ही उसका एक अश्लील वीडियो भी वायरल हो गया। यहीं से उसका सपना चौपट हो गया। क्या कमल नाथ के पास वीडियो हैं? सरकार से बाहर होने के बाद एक बार कमल नाथ ने हनी ट्रैप की पेन ड्राइव अपने पास होने का दावा किया था। इस दावे के बाद एसआईटी सक्रिय हो गई थी एसआईटी ने कमल नाथ को नोटिस देकर जांच में सहयोग देने की अपील की थी और पैन ड्राइव भी मांगी थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। बाद में कमल नाथ ने कहा था कि भाजपा ओछी राजनीति कर रही है, मेरे पास कोई पैन ड्राइव नहीं है। कई बार भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि कमलनाथ के पास एक पैन ड्राइव है, जिसमें कई दिग्गज नेताओं के सेक्स वीडियो हैं। भाजपा ने क्यों नहीं कराई जांच प्रदेश में भाजपा की सरकार के आने के बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। ऐसा दावा किया जाता है कि इस सेक्स सीडी में अधिकतर वीडियो भाजपा नेताओं के हैं, इसलिए भाजपा सरकार जांच आगे नहीं बढ़वा रही है। वर्तमान में कांग्रेस के मीडिया विभाग के चैयरमैन और तत्कालीन कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा था कि हनी ट्रैप से संबंधित सभी दस्तावेज़ सरकार के पास हैं। इस मामले में सभी नेता भाजपा के हैं और अगर सरकार चाहती है उनका शिकार करना तो सही समय में इसे कांग्रेस द्वारा सामने ला दिया जाएगा। वीडी शर्मा ने उठाया था सवाल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और खजुराहो सांसद वीडी … Read more