विदेशी तकनीक का प्रदेश के संस्थानों में बाजार के अनुसार होगा बेहतर उपयोग- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

यूके, जर्मनी यात्रा हमारे ऊर्जावान, प्रतिभाशाली युवाओं के लिए खोलेगी नए अवसरों के द्वार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के टेक्नों-फ्रेंड युवाओं को मिलेंगे रोजगार के बेहतर अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव विदेशी तकनीक का प्रदेश के संस्थानों में बाजार के अनुसार होगा बेहतर उपयोग- मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जर्मनी और यूके यात्रा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी जर्मनी और यूके यात्रा को लेकर कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य मध्यप्रदेश में राज्य के युवाओं के लिए निवेश के नए अवसरों का निर्माण करना है। उन्होंने कहा “यात्रा का उद्देश्य राज्य के युवाओं के रोजगार, औद्योगिकीकरण और मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के सामने एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करना था। हमने पूरे समय का सदुपयोग किया। जर्मनी और यूके की यात्रा के बाद, मैं कह सकता हूँ कि यह यात्रा हमारे टेक्नों-फ्रेंड ऊर्जावान, प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को म्यूनिख में अपने औद्योगिक प्रायोजन संबंधी यात्रा के अंतिम दिन स्थानीय मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में किए गए प्रयासों से उन्हें न केवल सफलता मिली बल्कि समझने और सीखने का भी अवसर मिला। उन्होंने यात्रा के दौरान हर पल और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपनी टीम के सदस्यों और प्रदेशवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब हम एकजुट होकर अच्छी योजना बनाते हैं, तो परिणाम भी अच्छा होता है और हमें जर्मनी से यही मिल रहा है। जर्मनी और आगे बढ़ रहा है। मैं महसूस करता हूँ कि वहां एक आंतरिक उत्साह है जो उन्हें अपनी चुनौतियों से निपटने में मदद कर रहा है। जर्मनी अपनी तकनीक को अन्य देशों के साथ साझा करने और भविष्य की यात्रा में उसका विश्वास बनाने की दिशा में अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जर्मनी से उन्हें कई ऐसे प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे मध्यप्रदेश को इस विश्वास के साथ आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है कि राज्य अपनी पारंपरिक क्षमताओं के साथ नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह बड़ी बात है कि कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्वास्थ्य, शिक्षा, नई तकनीक और भारी उद्योग क्षेत्रों में जर्मनी से हमें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जर्मनी में हो रही तकनीकी प्रगति और उद्योगों में हो रहे नवाचारों को मध्यप्रदेश में लागू करने के लिए राज्य सरकार सक्रिय रूप से कदम उठा रही है। उन्होंने आशा जताई कि राज्य के लिए यह यात्रा कई नए उद्योगों, तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसरों के द्वार खोलेगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हुए मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के सामने सशक्त औद्योगिक ताकत के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिपल-प्रति मिनिट हमारा लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराना है। हमारे बौद्धिक संपन्न युवा ही नहीं बल्कि प्रदेश के हर वर्ग के युवा को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। वर्क फोर्स बनकर करेंगे काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी और यूके आर्थिक और तकनीकी रूप से साधन संपन्न देश हैं, उन्हें आवश्यकता है तो मेन पॉवर की। हमारे पास मेन पॉवर उपलब्ध है, तकनीकी रूप से दक्ष युवा है, दोनों को जोड़ने के लिए यदि जरूरत है तो भाषा की। लैंग्वेंज प्रॉब्लम को दूर कर हम एक-दूसरे के पूरक के रूप में वर्क-फोर्स बनकर काम करेंगे। ग्लोबल लीडर हैं प्रधानमंत्री मोदी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कार्यकाल स्वर्णिम है। प्रधानमंत्री मोदी ग्लोबल लीडर हैं और उनके विजन से देश आगे बढ़ रहा है। उनके नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार में मध्यप्रदेश विकास की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी हमारा मित्र देश है। दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के मध्य बेहतर समन्वय का हमें भी लाभ मिला है। जर्मन बढ़ते भारत और आगे बढ़ते मध्यप्रदेश के साथ भविष्य में व्यापार एवं उद्योग के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जर्मनी, भारत का सदैव प्रशंसक रहा है। हमारी साझा विरासत गौरवशाली रही है। सौहार्दपूर्ण संबंधों का मिला लाभ, निवेश के मिले कई प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि जर्मनी के साथ हिन्दुस्तान के सौहार्द्रपूर्ण संबंधों की बात करें तो नेताजी सुभाषचंद्र बोस के समय को याद कर सकते हैं। जर्मन, मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाओं को समझते हैं। जर्मनी से मध्यप्रदेश में निवेश के प्रस्ताव अनेक औद्योगिक सेक्टर्स के लिए प्राप्त हुए हैं। कृषि, एआई, हेल्थ, सेमीकंडक्टर, शिक्षा, नई तकनीक और भारी उद्योग के क्षेत्र में निवेशकों ने निवेश की इच्छा जाहिर की है। साथ ही अनेक क्षेत्रों में निवेश के प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं। जर्मनी के माध्यम से वेदों का दुनिया को कराया परिचय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे वेदों को दुनिया से सबसे पहले परिचित कराने वाला कोई देश है, तो वह जर्मनी ही है। मैक्समूलर ने हमारे वेदों का संस्कृत भाषा से अनुवाद कर जर्मनी के माध्यम से दुनिया के सामने हमारे प्राचीन ज्ञान को प्रकट किया था। जर्मनी के साथ हमारे अतीत के संबंध बहुत अच्छे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि जर्मन ही एक ऐसी भाषा है जो संस्कृत के सबसे ज्यादा नजदीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जर्मनी और यूके यात्रा से मध्यप्रदेश को न केवल व्यापारिक और औद्योगिक दृष्टि से फायदा होने की उम्मीद है, बल्कि यह राज्य के समग्र विकास में भी अहम योगदान देने वाली साबित होगी।   recent visitors 32

भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर जमीन आवंटित की गई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जर्मनी की यात्रा पर है। डॉ. यादव ने निवेशकों से मिलने के बाद एसीईडीएस को भोपाल में भूमि आवंटित की। भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रूपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इस कम्पनी की स्थापना से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस उद्योग की स्थापना से एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पॉवर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जाएगा। भोपाल को मिलेगा वैश्विक औद्योगिक केंद्र का दर्जा भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रूपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इस कम्पनी की स्थापना से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस उद्योग की स्थापना से एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पॉवर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस यात्रा ने प्रमाणित कर दिया है कि मध्य प्रदेश में निवेशकों के लिए अब ऐसा माहौल तैयार हो चुका है, जहां व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। उनकी दूरदर्शी सोच और निवेशकों के प्रति सकारात्मक रवैया ने ही जर्मन कंपनी को प्रदेश में अपने विस्तार की प्रेरणा दी है। भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन औद्योगिक विकास की नई लहर भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाएगी, बल्कि इसे प्रदेश के समग्र विकास के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस ऐतिहासिक यात्रा ने यह भी प्रमाणित कर दिया है कि मध्य प्रदेश न केवल भारत बल्कि वैश्विक निवेश का अगला प्रमुख केंद्र बनने की पूरी क्षमता रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में निवेश लाने को लेकर 24 नवंबर से 30 नवंबर तक यूके और जर्मनी की यात्रा पर है। यह मुख्यमंत्री की पहली विदेश यात्रा है। यह दौरा प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने और प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाईयां देने के लिए किया जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने यूके में उद्योगपतियों से चर्चा की। वहां से प्रदेश में करीब 60 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है। इसके बाद मुख्यमंत्री जर्मनी पहुंचे है। जहां पर प्रदेश में निवेश को लेकर उद्योगपतियों से चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की नई लहर लाएगी, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास का हिस्सा बनेगी।      recent visitors 135

शाजापुर में अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का बुलडोजर, श्रीराम मंदिर भूमि पर अवैध निर्माण जमीदोज

  शाजापुर  शाजापुर में मोहन यादव सरकार का बुलडोजर गरजा है। यहां की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई चल रही है। यहां राम मंदिर की जमीन पर धर्मशाला और मकान बनाकर अतिक्रमण किया गया था, जिसे अब जमींदोज कर दिया गया है। इसको लेकर तहसीलदार ने पहले ही नोटिस जारी किया था। मामला जिला कोर्ट में पहुंचने के बाद कोर्ट ने शासन के पक्ष में फैसला देते हुए सभी अतिक्रमणकारियों को अपने कब्जा हटाने के निर्देश जारी किया। इसके बाद जिला प्रशासन और भारी संख्या में पुलिस बल के साथ अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंचा। इस दौरान राम मंदिर की जमीन पर बनी चामुंडा धर्मशाला की बिल्डिंग पर बुलडोजर की कार्यवाही की गई और राम मंदिर की जमीन पर बने 37 मकानों को भी नोटिस जारी किया गया है। शाजापुर, जिले में अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर लगातार चल रहा है। शुक्रवार को गवली मोहल्ले में स्थित राम मंदिर की जमीन पर जिला प्रशासन का बुलडोजर चला। इस दौरान दुपाड़ा रोड स्थित चामुंडा धर्मशाला पर कार्यावाही शुरू की गई, जिसमें धर्मशाला की बिल्डिंग पर बुलडोजर चलाया गया और धर्मशाला को जमींदोज कर दिया गया। इसके साथ ही 37 ऐसे और मकान हैं जो इस जमीन पर बनाए गए हैं। इन मकान मालिकों को भी तहसीलदार द्वारा नोटिस देकर खाली करने का और अपने अतिक्रमण को हटाने का निर्देश दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार राम मंदिर की जमीन पर 37 निर्माणकर्ताओं को कब्जा हटाने का नोटिस दिया गया है। पहले भी प्रशासन द्वारा कब्जा हटाने की बात कही गई थी। इसके बाद सभी लोगों ने एक मत होकर कोर्ट में न्याय के गुहार लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने प्रशासन के पक्ष में फैसला देते हुए सभी अतिक्रमणकारियों को अपने कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही शुरू की गई। अवैध अतिक्रमणकारियों ने लगाए आरोप अवैध रूप से भूमि पर कब्जा कर अतिक्रमणकारियों का आरोप है कि अगर यह जमीन राम मंदिर की है तो, उन्हें यह जमीन जिसने दी उसके खिलाफ भी कार्यवाही होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब जमीन राम मंदिर की थी तो उनकी जमीन की रजिस्ट्री और ट्रांसफर नगर पालिका में कैसे हुआ? इसके लिए जो अधिकारी दोषी है उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। शाजापुर एसडीएम मनीषा वास्कले के अनुसार इस कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने सख्ती से काम लिया है और अवैध निर्माण को तोड़ दिया गया। यह कार्रवाई शाजापुर जिले में अवैध निर्माण को रोकने के लिए की गई है। इससे जिले में कानून व्यवस्था को बनाए रखने में मदद मिलेगी। फिलहाल प्रशासन ने चामुंडा धर्मशाला से इसकी शुरुआत की है जो धीरे-धीरे सभी अतिक्रमणकारियों के घरों पर कार्यवाही की जाएगी।   recent visitors 80

27 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार करने की मांग हाईकोर्ट में खारिज

जबलपुर मध्य प्रदेश में आरक्षण भर्ती प्रक्रिया में ओबीसी वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर दायर याचिका को जबलपुर हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। याचिका में कहा गया था कि 2023 में आयोजित आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में ओबीसी उम्मीदवारों को 27 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार कर चयनित किया जाए। याचिका में अपीलकर्ता भूपेंद्र लोधी और 49 अन्य याचिकाकर्ताओं ने कहा कि भर्ती के लिए जारी विज्ञापन में लिखित और शारीरिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद, मेडिकल परीक्षण के लिए 1:7 के अनुपात में चयन किया जाना था। इसके अनुसार, ओबीसी वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए था। हालांकि, मध्य प्रदेश सरकार ने ओबीसी को 14 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया था, जिसे लेकर हाईकोर्ट में मामला लंबित है। कोर्ट ने विभिन्न विभागों में 14 प्रतिशत आरक्षण देने के आदेश दिए थे, लेकिन 27 प्रतिशत आरक्षण पर रोक नहीं लगाई थी। याचिका में कहा गया था कि भर्ती के लिए तीन सूची तैयार की गई हैं: 87 प्रतिशत सामान्य वर्ग, और 13-13 प्रतिशत ओबीसी और अनारक्षित वर्ग के लिए। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि 14 प्रतिशत आरक्षण के कारण चयन में त्रुटि हुई है और उन्होंने 27 प्रतिशत आरक्षण के अनुसार मेरिट लिस्ट तैयार करने की अपील की थी। हाईकोर्ट की युगलपीठ ने अपील खारिज करते हुए कहा कि एकलपीठ का निर्णय सही था और उसमें कोई त्रुटि नहीं है।   recent visitors 70

मध्य प्रदेश में दिसंबर से तापमान में तेजी से गिरावट के बाद ठंड और कोहरे का डबल अटैक

भोपाल दिसंबर से मध्य प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। आज 29 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिससे जिससे बर्फीली हवा की रफ्तार तेज होंगी और ठंड व कोहरे के साथ शीतलहर की स्थिति बनने का अनुमान है। इस दौरान न्यूनतम तापमान में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी।दिसंबर में सर्द हवाओं से ठिठुरन बढ़ेगी। खास करके मालवा-निमाड़ क्षेत्र में इसका ज्यादा प्रभाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के मुताबिक,  वर्तमान में देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में जेट स्ट्रीम , दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में गहरा अवदाब का क्षेत्र और अफगानिस्तान के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। वही हवाओं का रुख उत्तरी एवं उत्तर-पूर्वी बना हुआ है। इन सभी मौसम प्रणालियों के चलते आज से उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू होगी जिससे तापमान में एक-दो दिन तापमान में कुछ और भी गिरावट होने की संभावना है। पिछले 24 घंटे के मौसम का हाल     गुरुवार को मैदानी क्षेत्र में सबसे कम 6.5 डिग्री सेल्सियस तापमान मंडला में दर्ज किया गया।     हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का पारा 7.2 डिग्री सेल्सियस पर रहा।     टीकमगढ़ में 7.5 डिग्री, नौगांव में 8.6 डिग्री, मलाजखंड में 9.3 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।     भोपाल 10.2 डिग्री, इंदौर में 13.2 डिग्री, ग्वालियर में 10.9 डिग्री, उज्जैन में 12.2 डिग्री और जबलपुर में 9 डिग्री सेल्सियस रहा।     भोपाल में 6 दिन के बाद पारा 10 डिग्री के ऊपर पहुंचा। इससे पहले की छह रातों में पारा 8.8 डिग्री से 9.8 डिग्री के बीच रहा था।     इंदौर में बुधवार के मुकाबले गुरुवार को दिन के तापमान में 1.7 डिग्री की गिरावट हुई। दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस कम 25.9 डिग्री दर्ज हुआ। इस सीजन में यह पहला मौका है जब अधिकतम तापमान 26 डिग्री से कम रहा है। recent visitors 53

पीएम मोदी की पत्नी जशोदा बेन महाकाल के दर पर, किये महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल के दर्शन

उज्जैन  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की धर्मपत्नी जशोदाबेन इन दिनों निजी कार्यक्रम के तहत धार्मिक नगरी उज्जैन में हैं। शुक्रवार को वे विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन किए और भोग आरती में शामिल हुईं। श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित अर्पित गुरु ने बताया कि जशोदाबेन ने बाबा महाकाल के चांदी द्वार पर माथा टेककर पूजन-अर्चन और जलाभिषेक किया। इसके बाद, उन्होंने नंदी हॉल में जाकर नंदीजी के कानों में अपनी मनोकामनाएं कही और ॐ नमः शिवाय का जाप करते हुए ध्यान लगाया। बाबा महाकाल की अनन्य भक्त जशोदाबेन बाबा महाकाल की अनन्य भक्त मानी जाती हैं और समय-समय पर उज्जैन आकर बाबा महाकाल के दर्शन करती रहती हैं। इससे पहले भी वे कई बार बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने यहां आ चुकी हैं। इस बार उनकी धार्मिक यात्रा में परिवार के कुछ सदस्य भी साथ थे। खजराना गणेश मंदिर में भी दर्शन बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की धर्मपत्नी जशोदाबेन बुधवार रात 11:30 बजे इंदौर पहुंचीं। उन्होंने सबसे पहले खजराना गणेश मंदिर में भगवान के दर्शन किए और सुख-शांति की कामना की। गुरुवार सुबह उन्होंने साउथ तुकोगंज स्थित नाथ मंदिर में माधवनाथ महाराज की पूजा-अर्चना की। जशोदाबेन की महाकाल के प्रति विशेष श्रद्धा जशोदाबेन बाबा महाकाल की अनन्य भक्त मानी जाती हैं और समय-समय पर उज्जैन आकर बाबा महाकाल के दर्शन करती रहती हैं। यह उनकी इस मंदिर में की गई यात्रा कोई नई बात नहीं है क्योंकि वे पहले भी कई बार यहां आ चुकी हैं। इस बार उनकी धार्मिक यात्रा में कुछ पारिवारिक सदस्य भी उनके साथ थे। recent visitors 123

आइकोनिक टूरिज्म प्रोजेक्ट्स के द्वारा छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को केंद्र सरकार से एक बड़ी उपलब्धि प्राप्त हुई है। केंद्र सरकार ने स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट 2024-25 के तहत राज्य की दो महत्वपूर्ण पर्यटन परियोजनाओं के लिए 147.66 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की है।  इसके अंतर्गत 95.79 करोड़ रूपए की लागत से माना तूता रायपुर में चित्रोत्पला फिल्म सिटी का निर्माण तथा 51.87 करोड़ रूपए की लागत से माना तूता रायपुर में जनजातीय और सांस्कृतिक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण शामिल है। छत्तीसगढ़ में इन परियोजनाओं के शुरू होने से राज्य में पर्यटन ढांचे को मजबूत करने और स्थानीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी। ये योजनाएं रोजगार सृजन, विकास और छत्तीसगढ़ को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र में  स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से 15 अक्टूबर 2024 को नई दिल्ली में मुलाकात कर छत्तीसगढ़ की पर्यटन गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट योजना के तहत राजधानी रायपुर में फिल्म सिटी, कन्वेंशन सेंटर, वेलनेस रिसॉर्ट और नेचर सिटी के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे जिसके परिप्रेक्ष में फिल्म सिटी और कन्वेंशन सेंटर निर्माण के लिए केंद्र सरकार से 147.66 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। पर्यटन मंत्रालय,भारत सरकार के इस ठोस कदम से छत्तीसगढ़ में फिल्म मेकिंग और फिल्म टूरिज्म के लिए फिल्म सिटी निर्माण के माध्यम से अपार संभावनाओं के द्वार खुल गए हैं। यह सफलता छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और राज्य को एक वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने की दिशा में नए अवसर खोल रही है। recent visitors 67