अमित शाह की अध्यक्षता में राज्यों में आपदा न्यूनीकरण परियोजनाओं के लिए 1115 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की

नई दिल्ली केन्द्र सरकार ने विभिन्न राज्यों के लिए आपदा न्यूनीकरण और क्षमता निर्माण परियोजनाओं के लिए 1115.67 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति की बैठक में इस राशि को मंजूरी दी गयी। गृह मंत्रालय ने मंगलवार को यहां बताया कि वित्त मंत्री, कृषि मंत्री और नीति आयोग के उपाध्यक्ष की सदस्यता वाली समिति ने राष्ट्रीय आपदा शमन निधि से 15 राज्यों में भूस्खलन के जोखिम को कम करने के प्रस्ताव के वित्त पोषण और राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि के फंडिंग विंडो से तैयारी और क्षमता निर्माण के तहत सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के प्रस्ताव पर विचार किया। उच्चस्तरीय समिति ने 15 राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 1000 करोड़ रुपये की कुल लागत से राष्ट्रीय भूस्खलन जोखिम न्यूनीकरण परियोजना को मंजूरी दी है। समिति ने उत्तराखंड के लिए 139 करोड़ रुपये, हिमाचल प्रदेश के लिए 139 करोड़ रुपये, पूर्वोत्तर के 8 राज्यों के लिए 378 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र के लिए 100 करोड़ रुपये, कर्नाटक के लिए 72 करोड़ रुपये, केरल के लिए 72 करोड़ रुपए, तमिलनाडु के लिए 50 करोड़ और पश्चिम बंगाल के लिए 50 करोड़ रुपए को मंज़ूरी दी। उच्चस्तरीय समिति ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सिविल डिफेंस के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए 115.67 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली एक अन्य परियोजना को भी मंजूरी दी है। इससे पहले, समिति ने राष्ट्रीय आपदा शमन निधि से सात शहरों में 3075.65 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली शहरी बाढ़ जोखिम न्यूनीकरण परियोजनाओं और 4 राज्यों में 150 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी। गृह मंत्रालय ने देश में आपदाओं का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए कई पहल की हैं। भारत में आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रणाली को मजबूत करके आपदाओं के दौरान जान-माल को होने वाले किसी भी बड़े नुकसान को रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इस वर्ष राज्यों को 21,476 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है। इसमें राज्य आपदा मोचन निधि से 26 राज्यों को 14,878.40 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि से 15 राज्यों को 4,637.66 करोड़ रुपये, राज्य आपदा शमन निधि से 11 राज्यों को 1,385.45 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय आपदा शमन निधि से 6 राज्यों को 574.93 करोड़ रुपये शामिल हैं।   recent visitors 39

संविधान के प्रति जन-जागरूकता के लिये 26 नवम्बर से “हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान” आज से प्रदेश भर में शुरू

भोपाल देश में 15 अगस्त 1947 को देश की आजादी के बाद तैयार किया गया संविधान 26 नवम्बर 1949 को अपनाया गया था। इसके बाद देश में 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया था। संविधान को अपनाने के 75 वर्ष पूरे होने पर संविधान की जानकारी के प्रति जन-जागरूकता के लिये 26 नवम्बर 2024 से वर्ष भर चलने वाला "हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान" आज से प्रदेश भर में शुरू हो गया है। अभियान की शुरूआत में अभियान के दौरान जन-सामान्य को संविधान की प्रस्तावना, संविधान का निर्माण और देश के संविधान पर गर्व करने जैसे बिन्दुओं पर जनप्रतिनिधियों द्वारा मुख्य रूप से जानकारी दी गई। प्रदेश की विभिन्न विभूतियों का स्मरण किया गया, जिनका संविधान निर्माण में उल्लेखनीय योगदान रहा। इस मौके पर संविधान की प्रस्तावना का सामुहिक वाचन किया। इसमें शासकीय सेवकों के साथ आम नागरिकों को भी सहभागिता रही। वर्ष भर की गतिविधियों को एक डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने के लिये वेबसाइट constitution75.com भी तैयार की गई है। वेबसाइट में गतिविधियों की तस्वीरें और वीडियो अपलोड किये जा सकेंगे। इस अभियान में युवाओं और स्कूल के बच्चों को अधिक से अधिक जोड़ने के लिये एक अन्य वेबसाइट https://www.mygov.in: पर संविधान विषय पर निबंध, प्रश्नोत्तरी एवं पोस्टर प्रतियोगिता की तस्वीरें साझा की जा सकती हैं। वर्ष भर चलने वाले "हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान" जन-जागरूकता अभियान के दौरान प्रदेश की शैक्षणिक संस्थाओं में विशेष आयोजन होंगे। इस संबंध में संसदीय कार्य विभाग ने शासन के समस्त विभागाध्यक्ष, संभागीय आयुक्त और कलेक्टर्स को पत्र जारी कर निर्देश दिये है। अभियान के दौरान प्रदेश भर की ग्राम पंचायतों में भी सामुहिक रूप से संविधान प्रस्तावना का वाचन किया जायेगा। ग्राम पंचायतों को बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर के योगदान का प्रचार करने के लिये मायभारत स्वयं सेवकों के माध्यम से संविधान स्वाभिमान यात्राएं आयोजित की जायेगी। यह यात्राएं अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति घनत्व वाली आबादी में विशेष रूप से होंगी। यात्रा के दौरान बाबा साहेब की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की जायेगी। ग्राम सभाओं में संविधान के अनुच्छेद-51(ए) में नागरिकों के मौलिक कर्त्तव्यों को पढ़कर सुनाया जायेगा।   recent visitors 167

भोपाल में​ रिकॉर्ड तोड़ने के बाद सर्दी अब पचमढ़ी तक गई है, सोमवार को रात का तापमान 5.6 डिग्री पर आ गया

भोपाल जैसे जैसे नवंबर का महीना खत्म होने को है वैसे वैसे मध्य प्रदेश में सर्दी का कहर बढ़ता ही जा रहा है।सोमवार को प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वही 49 साल बाद नवंबर के महीने में भोपाल में 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नवंबर महीने में लगातार चार दिन तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहना भोपाल के लिए नया रिकॉर्ड है। भाेपाल की बात करें तो न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री दर्ज किया गया। 24 घंटे में इसमें 0.2 डिग्री की गिरावट हुई। भोपाल में लगातार 4 दिन से पारा 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। यहां 49 साल बाद ऐसी नौबत आई। भोपाल सहित मध्य प्रदेश के 7 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। एमपी मौसम विभाग ने इस हफ्ते शीतलहर और कोहरे की चेतावनी जारी की है। हवाओं का रुख उत्तरी होने से अगले 48 घंटों में तापमान में तेजी से गिरावट आएगी और कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार है। पश्चिमी विक्षोभ, पहाड़ों पर बर्फबारी और जेट स्ट्रीम के असर से मैदानी इलाकों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। MP Meteorological Department का ताजा पूर्वानुमान वर्तमान में देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में जेट स्ट्रीम और पाकिस्तान के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी में बना गहरे कम दबाव का क्षेत्र सोमवार को अवदाब के क्षेत्र में परिवर्तित हो गया है।हवाओं का रुख उत्तरी बना हुआ है। उत्तर भारत की तरफ से आ रही सर्द हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में अच्छी ठंड पड़ रही है। पश्चिम विक्षोभ के असर से भी उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी होने के आसार हैं। इसके बाद न्यूनतम तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी। भोपाल: पारा 10 डिग्री के आसपास बना रहेगा     मौसम केंद्र की डिप्टी डायरेक्टर डॉ दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि पहाड़ी इलाकों से सीधी बर्फीली हवा आ रही है। इसका ज्यादा असर मप्र के मध्य और पूर्वी हिस्से में पड़ रहा है।     भोपाल संभाग, जबलपुर संभाग सहित मध्य प्रदेश के मध्य और पूर्वी हिस्से के शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। recent visitors 32

आईटी, हेल्थ, टूरिज्म, गारमेंट, शिक्षा और पर्यटन सहित हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश सभी मूलभूत सुविधाएं करवा रहा है उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति पथ पर अग्रसर – उन्होंने विश्व में बढ़ाया है भारतवासियों का मान बदलते दौर के भारत में मध्यप्रदेश ने विकास के सभी द्वार खोले : मुख्यमंत्री डॉ. यादव आईटी, हेल्थ, टूरिज्म, गारमेंट, शिक्षा और पर्यटन सहित हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश सभी मूलभूत सुविधाएं करवा रहा है उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव "मैं आप सभी को निमंत्रण दे रहा हूँ, आइये मध्यप्रदेश में निवेश कीजिए" मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फरवरी-2025 की भोपाल ग्लोबल इंवेस्टर समिट में किया आमंत्रित मुख्यमंत्री डॉ. यादव, लंदन में "फ्रेंड्स ऑफ एमपी" के कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश भारत का दिल है, देश के सभी अंचलों के लोग यहां बसते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बदलते दौर में देश तेजी से प्रगति पथ पर अग्रसर है, मध्यप्रदेश भी उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में दिन-दूनी-रात चौगुनी प्रोग्रेस कर रहा है। हेल्थ, टूरिज्म, आईटी, एजूकेशन, गारमेंट्स सहित हर क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अधोसंरचना का क्षेत्र हो या अन्य मूलभूत सुविधाओं का क्षेत्र प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार औद्योगिक विकास और निवेश संवर्धन के लिए प्रभावी कार्य कर रही है। सड़क, बिजली तथा औद्योगिक क्षेत्र के लिए लैंड बैंक के मामले में मध्यप्रदेश ने देश के श्रेष्ठतम राज्य के रूप में स्वयं को स्थापित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूके यात्रा के दौरान लंदन में एनआरआई समूह "फ्रेंड्स ऑफ मध्य प्रदेश" और प्रवासी समुदाय के साथ संवाद में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लंदन (यूके) में रॉयल नेशनल होटल में प्रवासी समुदाय और "फ्रेंड्स ऑफ एमपी" के सदस्यों ने आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस दौरान लंदन के पूर्व डिप्टी मेयर राजेश अग्रवाल सहित अनेक प्रतिष्ठित भारतीय प्रवासी शामिल रहे। प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता को दुनिया ने स्वीकारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन और उनकी नेतृत्व क्षमता ने विश्व में भारत की साख को स्थापित किया है। दुनिया के देशों में प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता की स्वीकार्यता ने भारत और भारतवासियों का गर्व और मान विश्व में बढ़ाया है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत को प्राप्त मोदी के सशक्त और समर्थ नेतृत्व से भारतवासी स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का भी स्मरण किया।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के विकास क्रम पर डाला प्रकाश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के विकास क्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष-2003 तक मध्यप्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन वर्तमान में प्रदेश में कुल 30 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। सभी 55 जिलों में एक्सीलेंस कॉलेज संचालित हैं। खनन, टूरिज्म के क्षेत्र में भी अनेक संभावनाएं हैं। गारमेंट्स क्षेत्र में प्रति श्रमिक 5 हजार रुपये प्रति माह की दर से इंसेंटिव है, इसी प्रकार आईटी सहित अन्य क्षेत्रों में भी सुविधाएं प्रदान करने और प्रोत्साहन की व्यवस्था है। मध्यप्रदेश निवेशकों के स्वागत के लिए तैयार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश निवेशकों के स्वागत के लिए तैयार है, निवेशक और उद्योग समूह निवेश करें, मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ेगा और हम सब मिलकर देश की प्रगति में सहभागी होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की शुरुआत की गई, इस क्रम में उज्जैन, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर और सागर में कॉन्कलेव आयोजित हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को फरवरी-2025 में भोपाल में पहली बार होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि "मैं आप सभी को निमंत्रण दे रहा हूं-"आइये मध्यप्रदेश में निवेश कीजिए"-विकास के मामले में मध्यप्रदेश ने विकास के सारे दरवाजे खोल दिए हैं"। भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है कार्यक्रम को लंदन के पूर्व डिप्टी मेयर राजेश अग्रवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत और मध्यप्रदेश का विकास होने से कोई नहीं रोक सकता। भारत लंदन में सबसे बड़ा निवेशक है, भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। अग्रवाल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उनकी यात्रा सफल और उद्देश्यपूर्ण हो इसके लिए शुभकामनाएं दीं। "फ्रेंड्स ऑफ एमपी" के संस्थापक सदस्य तथा एनआरआई मनीष तिवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में केवल वहीं के लोग नहीं बसते, बल्कि एमपी एक छोटा भारत है। उन्होंने कहा कि लंदन में मध्यप्रदेश के लोगों को संगठित करने के उद्देश्य से ही फ्रेंडस ऑफ एमपी का गठन किया। तिवारी ने भोपाल, जबलपुर, कान्हा-किसली सहित प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्यी से परिपूर्ण पर्यटन स्थलों की प्रशंसा की।   recent visitors 108

राज्यपाल ने किया आव्हान, संवैधानिक नैतिकता के साथ कार्यों का करे पालन

संविधान के संरक्षक भारत के लोग : राज्यपाल श्री पटेल संविधान दिवस पर अपने सभी कार्यों में संवैधानिक नैतिकता के पालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सत्यनिष्ठा के साथ दोहराएं-  : राज्यपाल श्री पटेल राज्यपाल ने किया आव्हान, संवैधानिक नैतिकता के साथ कार्यों का करे पालन राज्यपाल, संविधान प्रस्तावना के सामूहिक वाचन कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने संविधान के अंगीकरण के 75 साल पूरे होने के अवसर पर प्रदेशवासियों का आवाहन किया है कि संविधान दिवस पर अपने सभी कार्यों में संवैधानिक नैतिकता के पालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सत्यनिष्ठा के साथ दोहराएं। संकल्प करे कि नागरिक अपने आचरण और व्यवहार से संविधान से प्राप्त अधिकारों और सौंपे गए कर्तव्यों के पालन के लिए जन जागरूकता को बढ़ाने में सक्रिय योगदान देंगे। राज्यपाल श्री पटेल राज्य शासन द्वारा आयोजित संविधान प्रस्तावना के सामूहिक वाचन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राजनेताओं, अधिकारियों और नागरिकों को हंस ध्वनि सभागार, रवीन्द्र भवन में संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कार्यक्रम में सहभागी जनों को संविधान प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कराया। इस अवसर पर भारत सरकार द्वारा निर्मित वृत्त चित्र ग्लोरी ऑफ कंस्टीटूशन और प्रदेश के संसदीय कार्य विभाग द्वारा तैयार की गई लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि संविधान हम भारतीयों के लिए प्रेरणादायक जीवंत दस्तावेज और स्वतंत्र भारत का आधुनिक धर्मग्रंथ है, जो हम सबका मार्गदर्शक है। संविधान को देश के हर नागरिक ने अंगीकृत किया है, इसलिए संविधान के वास्तविक संरक्षक, हम भारत के लोग ही है। उन्होंने कहा कि संविधान किसी एक का नहीं, बल्कि सभी का संरक्षक है। इसलिए उसके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी हम सभी की है। संविधान, जहॉ एक ओर नागरिकों को सशक्त करता है, वही दूसरी ओर नागरिक भी अपने आचरण, व्यवहार से संविधान का समर्थन और संरक्षण करते है। इसलिए जरूरी है कि देश का प्रत्येक नागरिक समर्पित भाव से संविधान के उद्देश्यों, महत्व को समझे और समुचित पालन के द्वारा संविधान के प्रति अपने सम्मान का प्रदर्शन करे। देश के हर वर्ग, हर समुदाय और हर नागरिक का अपने अधिकारों और कर्तव्यों के अनुपालन के लिए सजग और सक्रिय रहना आवश्यक है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने का दिन हम सब भारतीयों के लिए गर्व और विश्वव्यापी मूल्यों की समझ का अवसर और उत्सव है। इस महत्वपूर्ण प्रसंग को "हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान" अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। जरूरी है कि संविधान निर्माताओं द्वारा स्वतंत्र, लोकतांत्रिक और आत्म-निर्भर राष्ट्र निर्माण के लिए किए गए लम्बे संघर्ष और त्याग के बारे में भावी पीढ़ी को परिचित कराया जाए। संविधान दिवस को केवल शासन और राजनैतिक दलों का उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माताओं के योगदान के प्रति आभार के उत्सव के रूप में मनाया जाए। हम सबका दायित्व है कि संविधान के अनुसार जाति, धर्म, लिंग, भाषा इत्यादि के आधार पर भेदभाव किए बिना, एक सशक्त और समावेशी समाज बनाने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे। राज्यपाल श्री पटेल ने संविधान दिवस के पावन प्रसंग पर भारतीय संविधान के शिल्पकार बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान सभा के सभी महान व्यक्तित्वों का पुण्य स्मरण किया। उन्हंत नमन करते हुए कहा कि उनकी अद्भुत दूरदृष्टि और प्रयासों ने हमें एक ऐसा संविधान दिया है, जो सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय प्रदान करता है। इसके लिए हम सब उनके प्रति कृतज्ञ है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को संविधान दिवस की हार्दिक बधाई दी। संविधान, हमारे देश की आत्मा का प्रतिबिम्ब है : उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि हमारा संविधान कानूनों का संग्रह नहीं, हमारे देश की आत्मा का प्रतिबिम्ब है। "हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान" अभियान की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि संविधान ने हमें स्वाधीन जीवन जीने का अधिकार देने के साथ ही स्वतंत्रता की सीमा भी बताई है। श्री देवड़ा कहा कि हम सब सौभाग्यशाली है कि हमारे पास ऐसा संविधान है जो सभी को समानता, स्वतंत्रता और न्याय उपलब्ध कराता है। उन्होंने संविधान के निर्माता विभूतियों डॉ अम्बेडकर के चरणों में नमन करते हुए कहा कि संविधान के मूल्यों से भावी पीढ़ी को परिचित कराना, हम सबका दायित्व है। 26 नवम्बर संविधान को अंगीकृत करने का स्वर्णिय दिन है: मुख्य सचिव श्री जैन मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि भारतीय इतिहास में संविधान को अंगीकृत करने का स्वर्णिम दिवस 26 नवंबर का दिन है। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान निर्माताओं के लगभग 3 वर्षों की कड़ी मेहनत से तैयार संविधान युगीन भावनाओं को प्रतिबिम्बित करने वाला सुदृढ़ जीवंत दस्तावेज है। हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है। उन्होंने संविधान सभा के सदस्यों और बाबा साहेब अम्बेडकर का स्मरण करते हुए, उन्हें नमन किया। राज्यपाल श्री पटेल सहित अतिथियों ने दीप प्रज्ज्विलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। अतिथियों का स्वागत पुष्प-गुच्छ भेंट कर किया गया। इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग की राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक द्वय श्री रामेश्वर शर्मा, श्री भगवान दास सबनानी और अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री के.सी. गुप्ता मंचासीन थे। विदेश में सीएस ने बताया था भारतीय संविधान का महत्व सीएस अनुराग जैन ने कहा- मेरा व्यक्तिगत रूप से मानना है कि हमारा जीवित लोकतंत्र है उसका एक प्रमुख आधार संविधान है मुझे एक इंटरनेशनल लीडर्स प्रोग्राम में मेरा चयन हुआ था उसमें 25 देश के प्रत्येक ही आए थे और हर देश के प्रतिनिधि को यह बताना था कि आपके देश की सबसे बड़ी ताकत क्या है मैं वहां अपने संविधान की मोटी बात बात कर कहा था कि हमारे देश का लोकतंत्र यदि इतना सुदृढ़ है तो इसका प्रमुख आधार हमारा संविधान है। भारतीय संविधान फ्लेक्सिबल, अब तक 100 संशोधन हो चुके मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा- यह संविधान फ्लेक्सिबल है जिसमें 100 से अधिक संशोधन हो चुके हैं। जिसका परिणाम यह है कि बदलते समय के साथ हमारा संविधान कदमताल कर देश की गवर्नेंस व्यवस्था को सुचारु रूप से चला रहा है। हम देखें तो त्रिस्तरीय व्यवस्था 73 में 74 में संशोधन के साथ जमीन पर उतारी गई। जिससे लोगों की जन भागीदारी का प्रतिबिंब बन रहा है। … Read more

मुंबई को हिलाकर रख देने वाले हमले को आज हुए 16 साल, एक हमलावर अजमल कसाब को पड़ा गया था जिंदा

मुंबई  आज से ठीक 16 साल पहले, साल 2008 को मुंबई में एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। यह दिन भारत में आतंकवाद के सबसे बड़े हमलों में से एक के रूप में याद किया जाता है, इसे 26/11 के नाम से जानते हैं। इन हमलों ने मुंबई को 59 घंटे तक आतंकित किया और इन 59 घंटे में हुई घटनाओं ने पूरे देश को दहला दिया था। दरअसल, 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान के 10 आतंकवादी समुद्र मार्ग से मुंबई में प्रवेश किये। इन आतंकवादियों ने समुद्र के रास्ते मुंबई के प्रमुख स्थलों पर हमला करने की योजना बनाई थी। उन्होंने भीड़-भाड़ वाले इलाकों को अपने निशाने पर रखा था। रात के अंधेरे में यह आतंकवादी नौका के जरिए मुंबई के कोलाबा क्षेत्र के पास ताज होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट होटल, सीएसटी रेलवे स्टेशन और नरीमन हाउस में घुस गए थे। आतंकवादियों ने मुंबई में पहले ताज होटल और ओबेरॉय ट्राइडेंट होटल पर कब्जा किया, जहां उन्होंने होटल के कर्मचारियों और मेहमानों को बंधक बना लिया। इसके बाद, उन्होंने कोलाबा इलाके के सीएसटी रेलवे स्टेशन पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें कई निर्दोष मारे गए। इसी दौरान, नरीमन हाउस में भी आतंकवादियों ने घुसकर कई लोगों को बंधक बना लिया। आतंकवादियों के इन हमलों का उद्देश्य भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर आतंक फैलाना था, आतंकवादी पूरी तरह से प्रशिक्षित थे। वह आम नागरिकों को निशाना बनाने के साथ-साथ विदेशी नागरिकों को भी अपना शिकार बना रहे थे। इसी बीच, मुंबई पुलिस, एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड), एनसीटीसी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने एक साथ आकर आतंकवादियों से लोहा लेना शुरू किया। हेमंत करकरे, विजय सालस्कर और अशोक कामटे जैसे मुंबई पुलिस के बहादुर जवान इस हमले में शहीद हो गए। एनएसजी की विशेष कमांडो टीम ने होटल्स और अन्य ठिकानों पर हमलावरों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया। इस ऑपरेशन में कुल 9 आतंकवादी मारे गए और एक आतंकवादी अजमल कसाब को जिंदा पकड़ा गया। कसाब को मुंबई पुलिस ने पकड़ने के बाद अदालत में पेश किया और 2012 में उसे फांसी दी गई। आंकड़ों के अनुसार इस हमले में 164 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हो गए थे। मारे गए लोगों में भारतीय नागरिकों के अलावा कई विदेशी नागरिक भी थे। इस हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को और कड़ा किया। मुंबई हमलों ने देश को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की आवश्यकता का एहसास दिलाया। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाने की कोशिश की और कई आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तब से हर साल 26 नवंबर को मुंबई हमलों के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। इस दिन को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की याद में मनाया जाता है और उन बहादुर लोगों की शहादत को सलाम किया जाता है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर इस हमले को रोकने की कोशिश की।  भारत ने मुंबई आतंकी हमले के बाद पाकिस्‍तान पर क्‍यों नहीं किया था अटैक  मुंबई में साल 2008 में 26 नवंबर को पाकिस्तान के आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा के लोगों ने हमला किया था। ये लोग समुद्र के रास्ते से आए थे और ताज होटल और छत्रपति शिवाजी रेलवे टर्मिनल जैसे स्थानों पर हमला किया था। आतंकियों ने मुंबई को दहलाते हुए 175 लोगों को मार डाला था और कम से कम 300 को घायल किया था। सुरक्षाबलों ने अजमल आमिर कसाब को जिंदा पकड़ा था और बाकी आतंकियों को मार गिराया था। कसाब को 2012 में फांसी दे दी गई थी। कसाब की गवाही और खुफिया जानकारी से साफ हो गया था कि हमलों के पीछे पाकिस्तान का हाथ था। कसाब के अलावा जकीउर्रहमान लखवी और हाफिज सईद के इसके पीछे होने की बात सामने आई थी। उस समय काफी बहस के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान पर जवाबी सैन्य कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया था। इस फैसले पर विवाद रहा है और फैसले के विरोधी लोगों ने इसे कमजोरी की तरह देखा है। भारत ने क्यों नहीं किया पाक पर हमला! पूर्व विदेश सचिव शिवशंकर मेनन लश्कर तैयबा या पाकिस्तान पर हमला ना करने के भारत सरकार के उस समय के फैसले के तीन प्रमुख कारण मानते हैं। इसमें सबसे पहला है- अंतरराष्ट्रीय सहानुभूति। मेनन का कहना है कि हमलों के बाद भारत को वैश्विक सहानुभूति मिली। भारत ने लश्कर-ए-तैयबा खिलाफ सैन्य हमले किए होते तो फिर दुनिया इसे भारत-पाक संघर्ष की एक और कड़ी के रूप में देखती। लश्कर-ए-तैयबा के शिविरों पर हमलों में नागरिक भी हताहत होते और भारत की छवि धूमिल होती। मेनन इसकी दूसरी वजह पाकिस्तानी राजनीति को कहते हैं। मेनन के मुताबिक, उस समय पाकिस्तान ने नई नागरिक सरकार चुनी गई थी। आसिफ अली जरदारी के नेतृत्व वाली नई सरकार भारत के साथ बेहतर संबंध चाहती थी। भारत का हमला पाक सेना के पीछे देश को एकजुट करता और नागरिक सरकार कमजोर पड़ जाती। इससे भारत और पाकिस्तान के संबंधों को नुकसान होता। अर्थव्यवस्था पर भी होता असर मेनन का यह भी तर्क है कि लश्कर-ए-तैयबा के शिविरों पर सीमित सैन्य हमले का बहुत कम प्रभाव पड़ता। लश्कर के कैंप कोई विशाल इमारते नहीं बल्कि टिन शेड की झोपड़ियां थीं। वह इन्हें आसानी से दोबारा बना लेते लेकिन पाकिस्तान के साथ युद्ध भारतीय अर्थव्यवस्था को पीछे धकेल देता। यही वजह रही कि भारत ने 26/11 के बाद पाकिस्तान पर हमला नहीं किया। मेनन ने ये भी कहा कि कोई भी भारतीय सरकार दोबारा वही विकल्प नहीं चुन सकेगी मुंबई हमले के लिए उस वक्त की विपक्षी पार्टी भाजपा ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर सवाल उठाए थे। विपक्ष ही नहीं कांग्रेस नेता मंत्री मनीष तिवारी ने भी उस फैसले की आलोचना की। तिवारी ने भारत से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में लश्कर के शिविरों पर हमले को विचार जाहिर किया। उन्होंने इस बात को भी खारिज किया कि इससे भारत को विश्व स्तर पर सहानुभूति नहीं मिलती। पाकिस्तान को संदेश देना जरूरी था मनीष तिवारी का तर्क है कि भारत के हमले से पाकिस्तान और दुनिया दोनों को एक संदेश जाता। वहीं देश में भी हमले से इनकार करके सरकार का आतंक पर नरम रुख … Read more

मंदिर की 100 करोड की सरकारी जमीन कराई मुक्त, ग्वालियर में अवैध अतिक्रमण पर चला बुलडोजर

ग्वालियर ग्वालियर शहर के मध्य स्थित तारागंज कोटा लश्कर में श्री रामजानकी मंदिर ट्रस्ट की लगभग पौने नौ बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। इस जमीन की कीमत करीब 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जमीन पर बनी बाउंड्रीवॉल और अन्य अतिक्रमण को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। 18 नवंबर को कलेक्टर रुचिका चौहान ने इस जमीन का निरीक्षण किया था। उन्होंने ट्रस्ट की जमीन पर पाई गई बाउंड्रीवॉल के मामले में प्रकरण दर्ज कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। एसडीएम लश्कर, नरेंद्र बाबू यादव के नेतृत्व में श्री रामजानकी मंदिर ट्रस्ट की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। उन्होंने बताया कि इस जमीन पर मनोहरलाल भल्ला ने अवैध रूप से बाउंड्रीवॉल बना ली थी और प्लॉट बेचने की तैयारी कर रहा था। जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर न केवल इस बेशकीमती सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया, बल्कि लोगों को प्लॉट की जालसाजी में फंसने से भी बचा लिया। भू-माफियाओं ने मंदिर की इस जमीन पर बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी थी. इसी के साथ बड़े गेट लगाकर अपने कब्जे में ले लिया था. प्रशासन को जानकारी मिली थी कि माफिया इस जमीन पर प्लॉट काटकर बेचने की तैयार कर रहे हैं. जानकारी मिलते ही प्रशासन ने मामले की जांच की. इसके बाद ग्वालियर कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. इसको लेकर एसडीएम नरेंद्र यादव के नेतृत्व में नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर से बाउंड्री वॉल और गेट को ध्वस्त कर दिया. जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए पूरी भूमि को माफिया के कब्जे से मुक्त कराया. आरोप है कि भू-माफिया ने यहां कॉलोनी बसाने की तैयारी कर रखी थी. इस कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम मौजूद थी. कार्रवाई के दौरान जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के साथ ही भू-माफिया के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है. प्रशासन ने इस भूमि को फिर से मंदिर ट्रस्ट को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पूरे मामले को लेकर क्या बोले एडीएम? एसडीएम नरेंद्र यादव ने कहा कि 'तारागंज में राम जानकी मंदिर की 9 बीघा जमीन पर भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया था. यहां कॉलोनी काटने की योजना बनाई जा रही थी. कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाया गया है.' प्रशासन द्वारा मुक्त कराई गई यह जमीन 100 करोड़ रुपये की बताई जा रही है. जिला प्रशासन का यह भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ा एक्शन है. सरकारी संपत्तियों पर कब्जे को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है. recent visitors 137