महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं, एकनाथ शिंदे ने दिया इस्तीफा

मुंबई महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। खबर है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और दोनों उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार राजभवन पहुंच रहे हैं। सीएम शिंदे ने पद से इस्तीफा दे दिया हैं। इसी बीच शिंदे की एक पोस्ट ने भी चर्चाएं बढ़ा दी हैं। दरअसल, शिंदे ने अपने समर्थकों से आवास के बाहर जश्न नहीं मनाने की अपील की है। कहा जा रहा है कि महायुति की जीत के बाद सीएम पद की रेस में सबसे आगे फडणवीस चल रहे हैं। इधर, शिवसेना भी शिंदे का नाम आगे बढ़ा रही है। शिंदे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘महायुति गठबंधन की बड़ी जीत के बाद राज्य में एक बार फिर हमारी सरकार बनेगी। हमने एक महागठबंधन के रूप में मिलकर चुनाव लड़ा और हम आज भी साथ हैं।’ उन्होंने अपने समर्थकों से ‘वर्षा’ के बाहर या उनके समर्थन में किसी अन्य स्थान पर इकट्ठा नहीं होने की अपील की। शिंदे ने कहा, ‘मेरे प्रति प्रेम के कारण कुछ लोगों ने सभी से मुंबई आने और एकत्र होने की अपील की है। मैं आपके प्यार के लिए बहुत आभारी हूं लेकिन मैं अपील करता हूं कि कोई भी मेरे समर्थन में इस तरह से एकत्र नहीं हो।’ नहीं बनी सहमति 23 नवंबर शनिवार को नतीजों के ऐलान के बाद महायुति ने 288 में से 230 सीटें जीतकर सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया था। तब 132 सीटें जीतकर भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ा दल बनकर उभरी थी। वहीं, शिवसेना को 57 और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी या NCP ने 41 सीटें अपने नाम की थीं। फडणवीस दिल्ली पहुंचे फडणवीस अपनी पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक के लिए सोमवार देर रात राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे। फडणवीस यहां एक होटल में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की बेटी अंजलि के विवाह से संबंधित प्रीति भोज में शामिल हुए। फडणवीस के साथ महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर भी मौजूद थे। महाराष्ट्र में अगली सरकार के गठन की रूपरेखा पर चर्चा के लिए फडणवीस गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात कर सकते हैं। recent visitors 85

हिंदू एकता यात्रा के दौरान धीरेंद्र शास्‍त्री पर हमला, मोबाइल फेंक कर मारा, गाल पर लगी चोट

झांसी एक दिन पहले मध्य प्रदेश से झांसी पहुंची सनातन हिंदू एकता पदयात्रा मंगलवार को आगे बढ़ी. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री पर यात्रा के दौरान ही किसी ने मोबाइल फेंक दिया. इस पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हिंदू सड़क पर हैं, लेकिन किसी पर पत्थर नहीं फेंक रहे हैं. ऐसी हिंदू यात्राएं देश को गृह युद्ध में जाने से रोकेंगी. बाबा बागेश्वर पर झांसी में फेंका गया मोबाइल बागेश्वर धाम से शुरू हुई यात्रा: पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 160 किलोमीटर लंबी 'सनातन हिंदू एकता' पदयात्रा निकाल रहे हैं. 21 नवंबर को यह पदयात्रा बागेश्वर धाम से शुरू हुई थी, जो 29 नवंबर को मध्य प्रदेश के ओरछा धाम पहुंचेगी. यहां पर यात्रा का समापन हो जाएगा. झांसी में सोमवार को हिंदू एकता यात्रा में अभिनेता संजय दत्त और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की जुगलबंदी देखने को मिली थी. यात्रा में अभिनेता संजय दत्त शामिल हुए थे. यहां संजय दत्त और पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हाथ में हाथ मिलाए, कंधे पर हाथ रखकर साथ-साथ चलते दिखाई दिए. झांसी में संजय दत्त के साथ धीरेंद्र शास्त्री. संजय दत्त भी हुए थे शामिल: संजय दत्त ने कहा था कि बाबा मेरे गुरु और छोटे भाई हैं. मैं उनके साथ हमेशा हूं. वो जहां ले चलेंगे मैं उनके साथ जाऊंगा. यहां तक कि ऊपर भी साथ जाऊंगा. इससे पहले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने संभल जामा मस्जिद सर्वे को लेकर कहा कि जो सच है, वो सामने आना चाहिए. ऐसे उपद्रवियों को रोकने के लिए ऐसी यात्राएं होती हैं. झांसी में यात्रा में शामिल हुए खली. शास्त्री बोले- हिंदू सड़क पर, लेकिन पत्थर नहीं फेंक रहे: धीरेंद्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा का यूपी में आज दूसरा दिन है. सनातन हिंदू एकता' पदयात्रा मंगलवार को 17km चलेगी. सुबह 9 बजे धीरेंद्र शास्त्री ने एक बार फिर अपने लाखों अनुयाइयों के साथ यात्रा शुरू की. यात्रा की शुरुआत राष्ट्र ध्वज फैरा कर राष्ट्रगान के साथ हुई. यात्रा के दौरान झांसी में किसी ने फूलों के साथ मोबाइल फेंककर हमला किया. फेंके मोबाइल को हाथ में लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जिसने भी फूलों के साथ इसे मुझ पर फेंका है, वह मोबाइल अब मेरे हाथ में है. हिंदू सड़क पर हैं, लेकिन किसी पर पत्थर नहीं फेंक रहे हैं. ऐसी हिंदू यात्राएं देश को गृह युद्ध में जाने से रोकेंगी. कहा कि कई राज्यों में तो आगामी समय में गृहयुद्ध से काफी नुकसान होने वाला है. 100 करोड़ हिंदुओं की यात्रा: इस यात्रा से अगर किसी को दर्द हो रहा है तो होने दो. उनकी यात्रा देश के 100 करोड़ हिंदुओं की यात्रा है. जिसमें वह अपने हिन्दू भाइयों को संस्कृति से जोड़ने और सनातन धर्म के साथ चलने का आग्रह करने के लिए सड़क पर निकले हैं. ऐसी यात्राएं नहीं होंगी तो देश में हालत और बिगड़ते जाएंगे और हमारी संस्कृति पर हमला होता रहेगा. बुलडोजर से बरसाए गए फूल: शाम तक यह पद यात्रा झांसी के घुघसी गांव में पहुंचेगी. यहीं वह रात्रि विश्राम रहेगा. सोमवार को बागेश्वर धाम धीरेंद्र शास्त्री द्वारा निकाली जा रही सनातन हिंदू एकता पद यात्रा में लाखों लोग शामिल हुए थे. बुलडोजर पर सवार होकर लोगों ने फूल बरसाए थे. यात्रा में फिल्म अभिनेता संजय दत्त, द ग्रेट खली ने शामिल होकर हिंदू राष्ट्र बनाने का समर्थन किया था. recent visitors 41

राष्ट्रपति ने कहा कि बीते 75 सालों में हमारा देश विश्व बंधु के रूप में उभरा, यह संविधान देश को मेधावी लोगों की देन

नई दिल्ली भारत का संविधान अब आप संस्कृत और मैथिली भाषा में भी पढ़ सकेंगे। संविधान निर्माण के 75 साल पूरे होने के मौके पर मंगलवार को इन भाषाओं में प्रतियों का विमोचन किया गया। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मौजूद थीं तो दोनों सदनों के स्पीकर, पीएम नरेंद्र मोदी और नेता विपक्ष राहुल गांधी भी थे। संविधान दिवस पर एक विशेष डाक टिकट और सिक्का भी जारी किया गया है। इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि यह संविधान देश को मेधावी लोगों की देन है। इसने देश की विविधता को अभिव्यक्ति दी है। राष्ट्रपति ने कहा कि बीते 75 सालों में हमारा देश विश्व बंधु के रूप में उभरा है। आज कृतज्ञ राष्ट्र अपने संविधान निर्माताओं को नमन करता है। हमने इस अवधि में काफी प्रगति की है और अब तो महिला सशक्तीकरण की ओर हम बढ़े हैं। इस दौरान राष्ट्रपति ने महिला सांसदों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जरूरी जनसुविधाओं पर फोकस किया है। हमारे संविधान का यही उद्देश्य है कि कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका मिलकर सामान्य लोगों के हितों के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के लक्ष्यों को प्राप्त करने में हम सभी लोग एक साथ हैं और विविधता में एकता बनी हुई है। इस कार्यक्रम के दौरान पक्ष और विपक्ष एक दिखे। संविधान की मैथिली और संस्कृति प्रतियों के विमोचन के दौरान मंच पर पीएम नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के साथ थे तो वहीं राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे जैसे विपक्षी नेता भी मौजूद थे। इनके अलावा दोनों सदनों के स्पीकर, डिप्टी स्पीकर भी मंच पर थे। 75वें संविधान दिवस के अवसर पर खास टिकट और सिक्के भी जारी किए गए। बता दें कि संविधान दिवस के मौके पर सदनों की सामान्य कार्यवाही नहीं हो रही है बल्कि दोनों का संयुक्त सत्र बुलाया गया है। इस मौके पर राष्ट्रपति ने सभी सदस्यों से संविधान की प्रस्तावना भी पढ़वाई। recent visitors 62

संभल हिंसा : पुलिस वालों को आग लगाकर मार दो, कोई भी बचकर ना जाने पाए, हम अपनी मस्जिद में सर्वे नहीं होने देंगे

संभल यूपी के संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई. दर्जन भर से अधिक पुलिसवाले घायल हो गए. कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया. हालात ऐसे हो गए कि शहर में इंटरनेट के साथ-साथ स्कूल और कॉलेज बंद रखने का आदेश देना पड़ा. फिलहाल, इलाके में भारी पुलिस तैनात है. पुलिस उपद्रवियों की धरपकड़ में जुटी हुई है. इस बीच संभल हिंसा मामले में दर्ज की गई पुलिस की एफआईआर से सनसनीखेज खुलासा हुआ है. एफआईआर के मुताबिक, भीड़ ने सोची समझी साजिश के तहत एक राय होकर पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू की थी. इतना ही नहीं जान से मारने की नीयत से पुलिस पर गोली चलाई गई. दंगाई पुलिसकर्मी की 9 MM की मैगजीन तक लूट ले गए. पिस्टल छीनने की भी कोशिश हुई. संभल बवाल मामले में पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की है उसके मुताबिक, हिंसक भीड़ ने CCTV तोड़ डाला था ताकि उनकी करतूत रिकॉर्ड ना हो सके. भीड़ में शामिल कुछ उपद्रवियों ने पुलिसवालों की पिस्टल छीनने की कोशिश की. आखिर में सरकारी 9 MM की मैगजीन लूट ले गए, जिसमें 10 राउंड गोलियां थीं.   जामा मस्जिद का सर्वे एफआईआर के अनुसार, संभल के नखासा चौक पर 150-200 लोगों की भीड़ ने दोपहर 12:35 पर CCTV सबसे पहले कैमरों को तोड़ा. फिर भीड़ ने हॉकी, डंडों और पत्थरों से पुलिस पर जान से मारने की नीयत से हमला करना शुरू कर दिया. भीड़ में शामिल गुलबदीन, सुल्तान, हसन, मुन्ना पुत्र जब्बार, फैजान, समद आदि के साथ सैकड़ों की संख्या में अज्ञात भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर जान लेने की नीयत से हमला किया, फिर उनकी गाड़ी में आग लगा दी. उक्त भीड़ ने पुलिस की सरकारी पिस्टल छीनने की कोशिश की, जब कामयाब नहीं हुई तो एक पुलिस वाले की पिस्टल की मैगजीन  यानि 10 राउंड कारतूस छीन कर फरार हो गए. इस इलाके में हुए हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. 'हम अपनी मस्जिद में सर्वे नहीं होने देंगे' संभल हिंसा में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, भीड़ में से चिल्लाकर आवाज आई- 'हसन, अजीम, सलीम, रिहान, हैदर, वसीम, अयान… इन पुलिस वालों से सारे हथियार कारतूस छीन लो, इनको आग लगाकर मार दो, कोई भी बचकर ना जाने पाए हम अपनी मस्जिद में सर्वे नहीं होने देंगे.' ये सब बोलते हुए भीड़ पुलिस वालों पर जान से मारने की नियत से लगातार फायरिंग कर रही थी.   ये भीड़ सुबह तकरीबन 8:45 पर जामा मस्जिद की ढलान पर एकत्र हुई थी. जिसमें 800 से 900 लोग थे. भीड़ ने पहले नारेबाजी शुरू की और फिर पत्थरबाजी करने लगी. पुलिस ने बहुत समझाया लेकिन भीड़ नहीं मानी. एफआईआर में लिखा है कि भीड़ ने सब इंस्पेक्टर की सरकारी पिस्टल छीनने की कोशिश की, सब इंस्पेक्टर ने पिस्टल नहीं छोड़ी तो पिस्टल की मैगजीन लूट कर भाग गए. इस बीच भीड़ लगातार पुलिस वालों पर जान से मारने की नियत से फायरिंग करती रही. वहीं, सर्वे टीम मस्जिद में फंसी हुई थी, जिसके साथ भीड़ कुछ भी कर सकती थी, इसलिए एक्स्ट्रा फोर्स बुलानी पड़ी. भीड़ ने आंसू गैस के गोले भी लूट ले गई. भीड़ से बोला सुहैल इकबाल- अपने मंसूबे पूरे करो, संभल FIR की डिटेल उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने समाजवादी पार्टी के सांसद जिया-उर-रहमान बर्क और स्थानीय सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल के खिलाफ मामला दर्ज किया है और 25 लोगों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में पुलिस ने 6 FIR दर्ज की हैं, आजतक के पास संभल हिंसा की FIR है. इसमें बड़ा खुलासा किया गया है. FIR में जिक्र है कि समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने राजनीतिक लाभ के लिए भीड़ को भड़काया और सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ा. हिंसा से 2 दिन पहले सांसद बर्क प्रशासन की अनुमति के बिना जामा मस्जिद गए थे. संभल हिंसा की FIR में आरोपी नंबर 1- जियाउर्रहमान बर्क को बनाया गया है, जबकि आरोपी नंबर 2- सुहैल इकबाल को बनाया गया है. इसके साथ ही 700- 800 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. FIR के मुताबिक कोर्ट के आदेश पर 24 नवंबर को जामा मस्जिद का सर्वे किया जा रहा था, तभी सुबह 9 बजे 700 से 800 अज्ञात लोगों की भीड़ घातक हथियारों से लैस होकर जामा मस्जिद के सर्वे की प्रक्रिया को बाधित करने के उद्देश्य से आ गई. जियाउर्रहमान बर्क ने भड़काऊ बयानबाजी की FIR में जिक्र है कि 22 नवंबर को जियाउर्रहमान बर्क ने जामा मस्जिद में नमाज अदा करने के दौरान बिना प्रशासन की अनुमति के भीड़ को जुटाया और भड़काऊ बयानबाजी की और राजनीतिक लाभ लेने के लिए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए भीड़ को उग्र किया गया. सुहैल इकबाल भीड़ से बोले- अपने मंसूबे पूरे करो एफआईआर के मुताबिक 24 नवंबर को सर्वे की प्रक्रिया को बाधित करने आई भीड़ में सुहैल इकबाल मौजूद थे. सुहैल ने भीड़ को ये कहकर उकसाया कि जियाउर्रहमान बर्क हमारे साथ हैं, हम लोग तुम्हारे साथ हैं, कुछ नहीं होने देंगे. अपने मंसूबे पूरे करो, इतना सुनकर भीड़ और उग्र हो गई. उग्र भीड़ ने पुलिसवालों पर पत्थरबाजी की पुलिस ने भीड़ से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन उग्र भीड़ ने नारेबाजी शुरू की और फिर पुलिसवालों पर पत्थरबाजी की. इतना ही नहीं, पुलिस की गाड़ियों को तोड़ा, गाड़ियों में आग लगा दी. भीड़ में से एक शख्स ने क्षेत्राधिकारी अनुज चौधरी पर जान से मारने की नियत से फायरिंग की, जिसमें अनुज के पैर में गोली लगी और वो घायल हो गए. हिंसा के बाद सियासत शुरू बता दें कि संभल में स्थानीय लोगों ने मुगलकालीन मस्जिद के सर्वे का विरोध किया था. स्थानीय लोगों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प में 4 लोगों की मौत हो गई थी. हिंसा के एक दिन बाद विपक्षी दलों ने केंद्र और उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा पर हमला किया. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर दंगा कराने का आरोप लगाया, जबकि वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी हिंदुओं और मुसलमानों के बीच दरार पैदा कर रही है. भाजपा ने … Read more

मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश सांसदों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश किया आमंत्रित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बहुत विनम्र एवं मिलनसार हैं : लॉर्ड रमिन्दर रेंजर मध्यप्रदेश एक उभरता हुआ स्टेट है : लॉर्ड कुलवीर रेंजर मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश सांसदों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश किया आमंत्रित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यूके यात्रा में ब्रिटिश सांसदों से हुई मुलाकात में उम्मीदों से अधिक प्रतिसाद मिल रहा है। सांसदों ने मध्यप्रदेश को एक उभरता हुआ राज्य बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के व्यक्तित्व, विनम्रता और मिलनसारिता की मुक्त कँठ से सराहना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फरवरी-2025 में भोपाल में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में ब्रिटिश सांसदों, निवेशकों और भारतवंशियों को आमंत्रित किया है। ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड के सदस्य लॉर्ड रमिन्दर रेंजर ने कहा कि भारत जैसे देश के बड़े राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विनम्रता और मिलनसारिता ने हमें अत्यधिक प्रभावित किया है। उन्होंने हमें मध्यप्रदेश में मौजूद निवेश के अवसरों के बारे में बताया। हमनें मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कहा कि वे जिस प्रोजेक्ट के बारे में कहेंगे, हम उसमें निवेश करेंगे। वर्तमान समय में यूरोप और यूएसए की ग्रोथ की अपेक्षा भारत में 8 प्रतिशत से ज्यादा की ग्रोथ मौजूद है। भारत में इन्वेस्ट किया गया धन सेफ है, क्योंकि भारत एक लोकतांत्रित देश हैं यहाँ रूल ऑफ लॉ होने के साथ ही हॉर्ट ऑफ गवर्नेंस मौजूद है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ आयी प्रशासनिक टीम की भी सराहना की। ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड के एक अन्य सदस्य लॉर्ड कुलवीर रेंजर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ हुई मुलाकात को शानदार बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें भी मध्यप्रदेश के भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का बेसब्री से इंतजार है। मध्यप्रदेश को उन्होंने लंग्स ऑफ इण्डिया के रूप में और अधिक जानने-समझने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा, ईको सिस्टम, प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा के साथ ही कृषि और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बहुत अवसर उपलब्ध हैं। लॉर्ड कुलवीर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों से अवगत कराया और हमें यह जानकर बहुत अच्छा लगा कि मध्यप्रदेश एक उभरता हुआ स्टेट है।   recent visitors 49

मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाएँ से करवाया अवगत

मुख्यमंत्री का यूके दौरा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2025 को “उद्योग एवं रोजगार वर्ष” घोषित किया है। इस पहल के तहत, द्विवार्षिक प्रमुख कार्यक्रम, “इन्वेस्ट मध्यप्रदेश – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025”, फरवरी 2025 में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित की जाएगी। इस आयोजन को बढ़ावा देने और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए, राष्ट्रीय और अंतर्राराष्ट्रीय स्तर पर निवेश के अवसरों पर इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। पूरे राज्य में सफल क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलनों और मुंबई, कोयंबटूर, बेंगलुरु और कोलकाता सहित देश भर के प्रमुख शहरों में संवादात्मक-सत्रों के बाद, मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए यूनाइटेड किंगडम और जर्मनी की छह दिवसीय यात्रा शुरू की। इस यात्रा का उद्देश्य लोकल लीडर और इन्वेस्टर्स के साथ सहयोग को बढ़ावा देते हुए नवकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, शिक्षा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में मध्य प्रदेश की अपार संभावनाओं को प्रदर्शित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल में एक उच्च स्तरीय टीम शामिल है, जिसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे, औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह, जनसंपर्क आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े और एमपी औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक चंद्रमौली शुक्ला शामिल है। पहले दिन लंदन पहुंचने पर, मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी और प्रवासी भारतीयों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री के रूप में ब्रिटेन से अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा शुरू करना सौभाग्य की बात है। मैं इस यात्रा को प्रभावशाली बनाने में उनके मार्गदर्शन और समर्थन के लिए उच्चायोग टीम को धन्यवाद देता हूं।" दूसरे दिन, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों, ब्रिटिश संसद के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और किंग्स क्रॉस जैसी प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का दौरा किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यूके यात्रा ब्रिटिश संसद में एक प्रतिष्ठित स्वागत समारोह के साथ एक महत्वपूर्ण मील के पत्थर साबित हो रही है, जिसमें मध्यप्रदेश और यूनाइटेड किंगडम के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी पर प्रकाश डाला गया। भारत (व्यापार और निवेश) पर सर्वदलीय संसदीय समूह की अध्यक्ष बैरोनेस वर्मा ने मुख्यमंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल का वेस्टमिंस्टर में स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और यूनाइटेड किंगडम के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के बारे में बैरोनेस वर्मा के साथ उपयोगी चर्चा की। इस यात्रा में ऐतिहासिक संसद भवन का व्यापक दौरा शामिल था, जिसमें हाउस ऑफ लॉर्ड्स और हाउस ऑफ कॉमन्स दोनों में विशेष पहुँच थी। यह संसदीय यात्रा दोनों देशों द्वारा साझा किए गए गहरे लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है और व्यापार और निवेश में भविष्य के सहयोग के लिए एक सकारात्मक स्वर स्थापित करती है। ब्रिटिश संसद में प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति व्यापक भारत-ब्रिटेन साझेदारी को मजबूत करने में राज्य स्तरीय कूटनीतिक महत्व को रेखांकित करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वेस्टमिंस्टर के पार्लियामेंट स्क्वायर में महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर जाकर भावभीनी पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, "भारत भर में हमारे रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को जबरदस्त सफलता मिली है, ग्लोबल इन्वेस्टर्स ने मध्यप्रदेश के विकास में गहरी रुचि दिखाई है। इसे सुविधाजनक बनाने के लिए, "मैं" अंतर को पाटने और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए एक सुगम मार्ग बनाने के लिए समर्पित हूं। हम अपने दृष्टिकोण को महात्मा गांधी के सभी के लिए एकता और प्रगति के आदर्शों के साथ जोड़ते हैं।" मध्यप्रदेश सरकार ने एक विशिष्ट दोपहर के भोजन की मेजबानी की, जहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास और स्थिरता के लिए राज्य के दृष्टिकोण को साझा किया। उन्होंने भारत की नवकरणीय ऊर्जा क्रांति में अपने नेतृत्व पर जोर देते हुए हरित ऊर्जा के लिए मध्य प्रदेश की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। व्यापार करने में आसानी पर ध्यान केंद्रित करते हुए, राज्य विकास के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है, जो पर्यटन, कृषि-व्यवसाय और कृषि-तकनीक जैसे क्षेत्रों में अद्वितीय अवसर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी साझा किया "मध्यप्रदेश भारत के विकास में सबसे आगे है, जो कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाओं के साथ सतत विकास को जोड़ता है।" मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोपहर के भोजन के बाद लंदन में किंग्स क्रॉस स्टेशन का दौरा किया, जो एक प्रसिद्ध रेलवे हब है, जो अपनी ऐतिहासिक वास्तुकला और आधुनिक परिवहन के लिए जाना जाता है। हैरी पॉटर फिल्मों से प्लेटफ़ॉर्म 9¾ के रूप में प्रसिद्ध यह स्टेशन लंदन सेंट पैनक्रास और यूरोस्टार सहित प्रमुख मार्गों के लिए एक प्रमुख कनेक्शन बिंदु के रूप में कार्य करता है। वर्ष 1852 में निर्मित, किंग्स क्रॉस एक बड़ा ब्रिटिश रेल्वे सेन्टर है जिसका वर्ष 2012 में रेनोवेशन किया गया है। यह स्मार्ट परिवहन और बिल्डिंग टेक्नोलॉजी का उदाहरण है। यह स्टेशन यूरोप के कई प्रमुख शहरों को जोड़ता है। इस यात्रा में मध्यप्रदेश के लिए संभावित लाभों पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे शहरों में आधुनिक परिवहन नेटवर्क और यात्री सुविधाओं के विकास के लिए प्रेरणा शामिल है। विविध परिवहन प्रणालियों को एकीकृत करने और वाणिज्यिक केंद्र विकसित करने की भी संभावना है। यह यात्रा किंग्स क्रॉस स्टेशन से प्रेरित होकर मध्य प्रदेश के लिए उन्नत शहरी विकास रणनीतियों को अपनाने के अवसरों को रेखांकित करती है। यू.के. में भारतीय प्रवासियों और फ्रेंडस ऑफ एमपी के साथ हुआ संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूके में भारतीय प्रवासियों और फ्रेन्डस ऑफ एमपी के साथ संवाद कर मध्यप्रदेश में सतत विकास के लिए निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार के दृष्टिकोण और पहलों को रेखांकित किया। उन्होंने "फरवरी 2025 में भोपाल में होने वाले आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए मध्यप्रदेश में भागीदार देश के रूप में शामिल होने के लिए यूनाइटेड किंगडम को हार्दिक निमंत्रण भी दिया। यह ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा, जो निवेश और नवाचार के लिए राज्य की विशाल क्षमता को प्रदर्शित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख निवेशकों, नीति निर्माताओं, भारतीय प्रवासियों के सदस्यों और भारतीय उच्चायोग को भी आमंत्रित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश को ब्रिटिश … Read more

सिंहस्थ 2028 से जुड़ी 19 पहलों के लिए 5,882 करोड़ का बजट स्वीकृत, 9 अप्रैल से 8 मई तक तीन शाही स्नान और सात पर्व स्नान होंगे

उज्जैन  मध्य प्रदेश में सिंहस्थ-2028 की तैयारी राज्य सरकार ने शुरू कर दी है। इसके लिए पांच सौ करोड़ रुपये का बजट प्रवधान भी किया गया है। मगर, सिंहस्थ के कार्यों में इससे अधिक व्यय होगा। सिंहस्थ की तैयारियों के तहत 18 विभागों ने 568 कार्यों का प्रस्ताव शासन को सौंपा है। इन कार्यों में 15,567 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें नदियों पर घाटों का निर्माण, वहां सुरक्षा व्यवस्था, सड़क, पुल निर्माण, सिंहस्थ मेला क्षेत्र का विकास, परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के कार्यों को प्राथमिकता में रखा गया है। वहीं, तीन साल से अधिक अवधि के कार्यों को लेकर भी बजट निर्धारित किया जाएगा। केंद्र सरकार से मांगा जाएगा बजट इनमें से अधिकांश कार्यों के लिए केंद्र सरकार से भी बजट मांगा जाएगा। विभागों को केंद्र से सहायता प्राप्त करने के लिए कार्यों का प्रस्ताव बनाकर भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल सिंहस्थ 2028 से जुड़ी 19 पहलों के लिए 5,882 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इनमें जल संसाधन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, ऊर्जा, लोक निर्माण, संस्कृति और पुरातत्व विभागों की परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। बताते चलें कि भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से दो ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश में हैं। उज्जैन के महाकाल ज्योतिर्लिंग और ओंकारेश्वर में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। भीड़ संभालने के लिए बनेगी कुशल यातायात प्रणाली हर 12 वर्ष में पवित्र शहर उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ के लिए प्रसिद्ध मध्य प्रदेश राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर एक विशेष स्थान रखता है। वहीं, सिंहस्थ में दुनिया भर से लगभग 15 करोड़ आगंतुकों के आने की उम्मीद की जा रही है। लिहाजा, इतनी बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों की भीड़ को संभालने के लिए उज्जैन में एक कुशल यातायात प्रणाली भी बनाई जाएगी। पैदल आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग रास्ता बनाया जाएगा, ताकि वाहनों की वजह से जाम न लगे और लोगों को परेशानी न हो। प्रारंभिक कार्यों की यह परियोजनाएं स्वीकृत     29.21 किलोमीटर लंबे घाटों का 778.91 करोड़ से निर्माण किया जाएगा और 1,024.95 करोड़ रुपये से कान्ह नदी का 30.15 किलोमीटर का डायवर्जन किया जाएगा।     क्षिप्रा नदी पर सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध के निर्माण से जुड़ी एक सतत जल प्रवाह योजना के लिए 614.53 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।     जल विनियमन के लिए क्षिप्रा नदी पर 74.67 करोड़ रुपये से 14 और कान्ह नदी पर 43.51 करोड़ रुपये से 11 प्रस्तावित बैराज बनाए जाएंगे।     198 करोड़ के आवंटन के साथ उज्जैन शहर सीवरेज परियोजना, 250 करोड़ की लागत से अल्ट्रा-हाई-प्रेशर कार्य के लिए एक नया ईएचवी सबस्टेशन, 16.80 करोड़ की लागत से हाई-प्रेशर स्टेशन की क्षमता वृद्धि और 29.83 करोड़ की लागत से 33/11 केवी सबस्टेशन स्थापित किया जाएगा।     4.50 करोड़ 33 केवी लाइन और इंटरकनेक्शन (10 किमी) के निर्माण के लिए अलग रखे गए हैं। 18.36 करोड़ 80 किमी तक फैले समान कार्यों के लिए और 10.08 करोड़ ओंकारेश्वर बजट के तहत भूमिगत केबल कार्य पर व्यय किए जाएंगे।   recent visitors 38