41वीं ईएजी बैठक में शामिल होने विदेश से आए मेहमानों के लिए 56 दुकान पर सबकुछ फ्री

इंदौर अतिथि सत्कार हमारे इंदौर की पहचान रहा है। देश-विदेश से जो भी पर्यटक आते हैं, यहां का सत्कार पाकर प्रसन्न हो जाते हैं। शहर में आज से 29 नवंबर तक आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय स्तर की यूरेशियन समूह की 41वीं ईएजी बैठक में शामिल होने वाले सभी अतिथियों के लिए छप्पन दुकान पर सभी पकवान निश्शुल्क उपलब्ध रहेंगे। अतिथियों के साथ ही जिला प्रशासन से भी इसका कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्हें जिस दुकान पर जो पकवान पसंद आएगा, वे उसे खा सकेंगे। व्यापारी भी छप्पन की प्रसिद्ध पानी पुरी, दही पुरी, मक्का की रोटी व सरसों की साग, हाट डॉग, शिकंजी, रसमलाई, पेटिस, कुल्फी आदि का स्वाद लेने की मनुहार करेंगे। अतिथियों के स्वागत के लिए छप्पन दुकान पर तैयारी शुरू कर दी गई है। यहां साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। सभी दुकानों पर कर्मचारियों के लिए यूनिफार्म पहनना अनिवार्य रहेगा। कर्मचारी एप्रिन और हैंड ग्लब्स पहने रहेगा।   हाईजीन लेवल का ऑडिट करने को कहा छप्पन दुकान व्यापारी संघ के अध्यक्ष गुंजन शर्मा ने बताया कि अतिथि सत्कार के लिए हमारा शहर हमेशा प्रसिद्ध रहा है। बैठक में शामिल होने वाले प्रतिनिधि से छप्पन की सभी दुकानों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। हमने एजेंसी को हाईजीन लेवल का ऑडिट करने के लिए भी कहा है। छप्पन दुकान पर खाद्य विभाग ने की जांच अतिथियों को शुद्ध खानपान मिले, इसके लिए 56 दुकान पर खाद्य विभाग ने शनिवार को जांच की। खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा 56 दुकान पर चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की सहायता से आमजन एवं व्यापारियों को खाद्य पदार्थों मे मिलावट की जांच करने के आसान तरीकों से अवगत करवाया गया। मौके पर ही जांच कर दी गई रिपोर्ट 50 खाद्य पदार्थों की जांच मौके पर ही कर विक्रेताओं को जांच रिपोर्ट भी दी गई। साथ ही विभिन्न प्रकार के मसाले, सास, चटनी, मिल्क प्रोडक्ट, मिठाइयां, साबूदाने के प्रोडक्ट, कचौरी, खोपरा पेटिस आदि के करीब 35 नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजे गए। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि जिन होटलों में मेहमान रूकेंगे, वहां भी जांच की जा रही है। उन्हें शुद्ध खानपान मिले, इसका ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए टीम समझाइश भी दे रही है। recent visitors 79

इंदौर-उज्जैन सिक्सलेन बनाने का काम शुरू, एमपीआरडीसी के अनुसार अन्य कार्य भी तेजी से शुरू किए जाएंगे

इंदौर, उज्जैन इंदौर-उज्जैन सिक्सलेन बनाने के कार्य ने रफ्तार पकड़ी है। वर्तमान में फोरलेन मार्ग को चौड़ा करने के लिए किनारों पर भराव शुरू कर दिया गया है। साथ ही रोड के मध्य में डिवाइडरों से पेड़-पौधे हटाकर इन्हें किनारों पर ट्रांसप्लांट किया जा रहा है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) के अधिकारियों के अनुसार अन्य कार्य भी तेजी से शुरू किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि 19 सितंबर को परियोजना का भूमिपूजन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उज्जैन आकर किया था। एमपीआरडीसी के मुताबिक 46.475 किलोमीटर लंबे उज्जैन-इंदौर फोरलेन सड़क मार्ग को दो वर्ष के भीतर सिक्सलेन में बदलने की कमान उदयपुर की रवि इन्फ्राबिल्ड कंपनी को 735 करोड़ रुपये में सौंपी है। योजना अनुरूप सिक्स लेन सड़क 15 साल के ऑपरेशन-मेंटनेंस के साथ उज्जैन में स्थित हरिफाटक पुल से इंदौर में स्थित अरविंदो अस्पताल के सामने तक बनाई जाएगी। निर्माण हाइब्रिड वार्षिकी पद्धति से पेव्ड शोल्डर के साथ होगा। मुख्य सड़क डामर की और आबादी क्षेत्र में एप्रोच रोड सीमेंट-कांक्रीट की बनाई जाएगी। फिलहाल रोड किनारे भराव और मध्य में काम शुरू करने से पहले पेड़-पौधों को हटाया जा रहा है। निर्माण से ज्यादा मेंटनेंस पर खर्च डीपीआर में काफी संशोधन किया गया है। पहले योजना अमल में लाने को 1.35 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने, आठ फ्लाय ओवर और 70 अंडरपास बनाना प्रस्तावित था, मगर बाद में जमीन अधिग्रहण करना निरस्त किया और मार्ग में दो वृहद पुल, दो फ्लाई ओवर, छह अंडरपास बनाना तय किया। सिंहस्थ में आवाजाही होगी सुगम उज्जैन में सर्वाधिक पर्यटक इंदौर रोड के रास्ते आते हैं। उज्जैन को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों में यही वो रोड है जहां सर्वाधिक दुर्घटनाएं भी होती है। बीते वर्ष 2023 में इस पर 226 दुर्घटनाएं हुई थीं जिनमें 210 लोग घायल हुए थे और 22 की मृत्यु हो गई थी। मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने सिक्सलेन परियोजना 20 फरवरी 2024 को मंजूर की थी। तब कहा था कि दो वर्ष में सिक्स लेन बनवा लेंगे। मार्ग में सड़क सुरक्षा के उपाय करेंगे और सभी जंक्शन का सुधार कराएंगे। recent visitors 126

श्रेयस अय्यर का रिकॉर्ड तोड़ते हुए ऋषभ पंत निकले आगे, लखनऊ सुपर जायंट्स ने 27 करोड़ रुपये में खरीदा

नई दिल्ली ऋषभ पंत अब इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल इतिहास के सबसे ज्यादा कीमत पर बिकने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। श्रेयस अय्यर को पंजाब किंग्स ने 26.75 करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन ऋषभ पंत को लखनऊ सुपर जायंट्स ने 27 करोड़ रुपये में खरीद लिया। वे अब ऑक्शन क्या, किसी भी तरह आईपीएल के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए। इस तरह श्रेयस अय्यर का आईपीएल का सबसे महंगा प्लेयर बनने का रिकॉर्ड कुछ ही मिनटों में टूट गया। वे अब आईपीएल के दूसरे सबसे महंगे खिलाड़ी के तौर पर जाने जाएंगे। दिल्ली कैपिटल्स ने ऋषभ पंत को रिटेन नहीं किया था। ऐसे में वे ऑक्शन में आए। हालांकि, आरटीएम यानी राइट टू मैच कार्ड की बदौलत दिल्ली के पास पंत को खरीदने का मौका था, लेकिन वे 27 करोड़ की बोली को मैच नहीं कर पाए। लखनऊ और हैदराबाद के बीच 20.75 करोड़ रुपये तक बोली लगी। आखिरी बोली लखनऊ ने लगाई। इसके बाद आरटीएम के बारे में डीसी से पूछा गया तो उन्होंने हां में जवाब दिया। ऐसे में लखनऊ से पूछा गया कि उनकी फाइनल बिड क्या होगी तो उन्होंने 27 करोड़ रुपये बताए। इसे दिल्ली मैच नहीं कर पाई और लखनऊ को पंत 27 करोड़ में मिले। ऋषभ पंत के आईपीएल करियर की बात करें तो उन्होंने 111 आईपीएल मैच खेले हैं और ये सभी मैच उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेले हैं। वे 2016 से आईपीएल खेल रहे हैं। 110 पारियों में वे 3284 रन बना चुके हैं। एक शतक और 18 अर्धशतक उन्होंने आईपीएल में जड़े हैं। पंत का औसत आईपीएल में 35.31 का है, जबकि स्ट्राइक रेट 148.93 का है। वे 296 चौके और 154 छक्के आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिए जड़ चुके हैं, लेकिन अब लखनऊ के साथ वे नजर आएंगे। दो सीजन पंत दिल्ली के कप्तान रहे हैं, लेकिन कोई खास प्रभाव उनकी कप्तानी में नजर नहीं आया था। recent visitors 124

MP में 9 पुलिस अधीक्षकों के तबादले, दिनेश कुमार प्रजापति को पुलिस मुख्यालय भोपाल से एसडीओपी, सीतामऊ मंदसौर भेजा

भोपाल राज्य शासन ने नौ पुलिस अधीक्षकों के स्थानांतरण कर दिए हैं। इनमें एसीपी इंदौर नंदिनी शर्मा को डीएसपी, ईओडब्ल्यू इंदौर बनाया गया है। इसी तरह, दिनेश कुमार प्रजापति को पुलिस मुख्यालय भोपाल से एसडीओपी, सीतामऊ मंदसौर पदस्थ किया गया है। निकिता सिंह मंदसौर में एसडीओपी विश्वदीप सिंह को सहायक सेनानी प्रथम वाहिनी बिसबल इंदौर से एसडीओपी सरदारपुर धार बनाया गया है। इसके अलावा, शिवेन्दु जोशी को एसीपी आसूचना इंदौर से एसीपी अन्नपूर्णा इंदौर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निकिता सिंह को एसडीओपी मंदसौर से डीएसपी महिला सुरक्षा नीमच नियुक्त किया गया है। किशोर पाटनवाला को डीएसपी सीआइडी पुलिस मुख्यालय भोपाल से डीएसपी रतलाम के रूप में तैनात किया गया है। आशुतोष पटेल को इंदौर की जिम्मेदारी आशुतोष पटेल को एसडीओपी धार से एसीपी अपराध इंदौर की जिम्मेदारी दी गई है। इंद्रजीत सिंह चावड़ा को सहायक सेनानी राजभवन सुरक्षा से डीएसपी पुलिस मुख्यालय भोपाल नियुक्त किया गया। अभिलाष कुमार भलावी को एसडीओपी रतलाम से सहायक सेनानी राजभवन सुरक्षा पदस्थ किया गया है। कैलाश मकवाना बने नए पुलिस महानिदेशक प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रूप में कैलाश मकवाना की नियुक्ति की गई है। वह 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के अध्यक्ष हैं। उनका कार्यकाल 1 दिसंबर से शुरू होकर 2 साल तक रहेगा। वे सुधीर सक्सेना की जगह लेंगे, जो 30 नवंबर को अवकाश ग्रहण करेंगे। recent visitors 67

ग्वालियर में मोहन सर्कार ने मंदिर की 100 करोड़ की जमीन को बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण मुक्त कराया

ग्वालियर रविवार को मध्य प्रदेश में जमकर बुलडजोर गरजा है। ग्वालियर के मध्य तारागंज कोटा लश्कर स्थित श्री रामजानकी मंदिर ट्रस्ट की लगभग पौने नौ बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की है। 100 करोड़ रुपए कीमत की इस जमीन पर बनी बाउंड्री वॉल और अन्य अतिक्रमण बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। जमीन को कब्जा करने के बाद प्लॉटिंग कर बेचने की तैयारी चल रही थी, जिसे प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर नेस्तनाबूत कर दिया। बीते 18 नवंबर को कलेक्टर रुचिका चौहान ने ट्रस्ट की जमीन का निरीक्षण किया था। इस मंदिर से जुड़ी माफी औकाफ की जमीन पर बाउंड्री वॉल पाए जाने पर उन्होंने बाउंड्रीवॉल बनाने वाले के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। एसडीएम लश्कर नरेंद्र बाबू यादव के नेतृत्व में श्री रामजानकी मंदिर ट्रस्ट की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। उन्होंने बताया इस जमीन पर मनोहरलाल भल्ला ने बाउंड्री वॉल बना ली थी।वह प्लाट बेचने की तैयारी में था। जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर न केवल बेशकीमती सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है, बल्कि बहुत से भोले-भाले लोगों को प्लाट की जालसाजी में फंसने से भी बचाया है। क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक प्रदीप महाकाली और पटवारी इकबाल खान की रिपोर्ट पर नायब तहसीलदार डॉ. रमाशंकर सिंह के न्यायालय में मध्यप्रदेश भू-संहिता की धारा-248 के तहत प्रकरण दर्ज किया था। इस प्रकरण में विधिवत आदेश पारित कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है। इसमें 100 रुपए की कीमत की जमीन को कब्जा मुक्त करवाया गया है। अतिक्रमण हटाने के लिए गई टीम में तहसीलदार ग्वालियर, शिवदत्त कटारे और नायब तहसीलदार डॉ. रमाशंकर सिंह, नगर निगम के मदाखलत अधिकारी शकेशव सिंह चौहान के साथ थाना प्रभारी, विपेंद्र सिंह चौहान सहित क्षेत्रीय आरआई, पटवारी और नगर निगम के कर्मचारी शामिल थे। recent visitors 131

महाराष्ट्र में शपथ ग्रहण समारोह कल आयोजित होने की संभावना, मुख्यमंत्री पद पर सस्पेंस बरकरार: दीपक केसरकर

मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में शानदार जीत दर्ज करने के बाद, भाजपा-नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने सरकार बनाने का दावा पेश करने की तैयारी कर ली है। शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ मंत्री दीपक केसरकर ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह कल यानी सोमवार को आयोजित होने की संभावना है। शपथ से पहले मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के बीच कड़ी टक्कर है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शपथ ग्रहण समारोह में केवल मुख्यमंत्री और उनके संभावित डिप्टी शपथ लेंगे। कैबिनेट में शामिल अन्य मंत्रियों के नामों पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इसके अलावा, सीएम पद को लेकर अंतिम फैसला गठबंधन के सहयोगियों के साथ चर्चा के बाद ही लिया जाएगा। फडणवीस ने कहा, "मुख्यमंत्री को लेकर कोई विवाद नहीं होगा। यह पहले दिन से तय है कि चुनाव के बाद तीनों दलों के नेता मिलकर फैसला करेंगे।" महायुति ने 288 में से 235 सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया है। भाजपा ने 132 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है। वहीं विपक्ष ने मुख्यमंत्री पद को लेकर शिंदे पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें फडणवीस के नेतृत्व में काम करना पड़ सकता है। पुरानी खींचतान की कहानी मुख्यमंत्री पद को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से खींचतान होती रही है। 2019 में, उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस के बीच सत्ता साझा करने को लेकर मतभेद के चलते भाजपा और शिवसेना का गठबंधन टूट गया था। इसके बाद कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर उद्धव ठाकरे ने महा विकास अघाड़ी सरकार बनाई। हालांकि, 2022 में एकनाथ शिंदे ने ठाकरे के खिलाफ विद्रोह कर दिया और अपने साथ कई विधायकों को लेकर भाजपा के साथ सरकार बना ली। शिंदे तब मुख्यमंत्री बने। बाद में एनसीपी के अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार के खिलाफ बगावत करते हुए शिंदे सरकार को समर्थन दिया। "लड़की-बहन योजना" का असर भाजपा-नेतृत्व वाली महायुति की बड़ी जीत में "लड़की-बहन योजना" जैसी कल्याणकारी योजनाओं का बड़ा योगदान माना जा रहा है। इस योजना ने महिलाओं और युवाओं के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत की है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री पद किसे मिलेगा—देवेंद्र फडणवीस या एकनाथ शिंदे। गठबंधन के भीतर एकता बनाए रखना इस नई सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। recent visitors 45

शीतकालीन सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस की मांग, ‘संसद के शीतकालीन सत्र में हो अडानी-मणिपुर मुद्दे पर चर्चा’

नई दिल्ली संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सरकार ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई. बैठक में कांग्रेस ने अडानी और मणिपुर मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग की. इसके अलावा विपक्षी दलों ने उत्तर भारत में प्रदूषण और रेल दुर्घटनाओं पर भी चर्चा की मांग की. कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने बताया कि उनकी पार्टी ने अडानी ग्रुप पर लगे रिश्वतखोरी के आरोपों पर संसद में चर्चा की अनुमति देने का सरकार से अपील की.  उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि सोमवार को संसद की बैठक में सबसे पहले इस मुद्दे को उठाया जाए. राज्यसभा सदस्य तिवारी ने कहा कि यह देश के आर्थिक और सुरक्षा हितों से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है क्योंकि कंपनी ने अपनी सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए अनुकूल सौदा पाने के वास्ते नेताओं और नौकरशाहों को 2,300 करोड़ रुपये से अधिक का कथित तौर पर भुगतान किया. 20 दिसंबर तक चलेगा सत्र संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होकर 20 दिसंबर तक चलेगा. इस सत्र के लिए वक्फ संशोधन विधेयक समेत 16 विधेयक सूचीबद्ध किए गए हैं. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा, कांग्रेस नेता जयराम रमेश और गौरव गोगोई के अलावा टी शिवा, हरसिमरत कौर बादल और अनुप्रिया पटेल शामिल हुए. वक्फ (संशोधन) विधेयक भी सूचीबद्ध लंबित विधेयकों में वक्फ (संशोधन) विधेयक भी शामिल है जिसे दोनों सदनों की संयुक्त समिति द्वारा लोकसभा में अपनी रिपोर्ट सौंपने के बाद विचार और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है. समिति को शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह के आखिरी दिन अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है. समिति के विपक्षी सदस्य समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समयसीमा बढ़ाए जाने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि समिति के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद जगदंबिका पाल समिति की बैठकों में बाधा डाल रहे हैं और उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से हस्तक्षेप करने की मांग की है.   recent visitors 40