सीएम मोहन यादव का लंदन पहुँचने पर जोरदार हुआ स्वागत, 30 नवंबर तक रहेगा विदेश दौरा

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव रविवार को लंदन पहुंचे।  होटल पहुंचने पर यूके में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी और प्रवासी भारतीयों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। गौरतलब है सीएम डॉ. यादव यूनाइटेड किंगडम (यूके) और जर्मनी के छह दिवसीय दौरे पर हैं, जिसमें दोनों देशों के उद्योगपतियों, व्यापारिक नेताओं और सरकारी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करके मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह विशेष दौरा कार्यक्रम मध्य प्रदेश में निवेश के विशाल अवसरों को प्रदर्शित करेगा, जिसमें अक्षय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर प्रकाश डाला जाएगा। यह उद्योग जगत के नेताओं से जुड़ने, प्रवासी भारतीयों से जुड़ने और यह जानने का एक विशेष अवसर है कि मध्य प्रदेश किस तरह विकास और नवाचार को आगे बढ़ा रहा है। ब्रिटिश संसद का दौरा करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव   यूके दौरे के पहले चरण में सीएम डॉ. यादव ब्रिटिश संसद का दौरा करेंगे और सोमवार को संसद चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वे किंग्स क्रॉस और पुनर्विकास स्थलों का भी दौरा करेंगे। सीएम मोहन यादव  यूनाइटेड किंगडम (यूके) और जर्मनी के छह दिवसीय यात्रा के दौरान और यूके और जर्मनी दोनों में उद्योगपतियों, व्यापारिक नेताओं और सरकारी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करके मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। मुख्यमंत्री राज्य में निवेश और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने के लिए औद्योगिक संगठनों और उद्योगपतियों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे।   लंदन में फ्रेंड्स ऑफ मध्यप्रदेश कार्यक्रम में होंगे शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव लंदन में एनआरआई समूह "फ्रेंड्स ऑफ मध्य प्रदेश" द्वारा आयोजित रात्रिभोज कार्यक्रम में भी शामिल होंगे, जिसमें 400 से अधिक भारतीय प्रवासी शामिल होंगे। अपनी यात्रा के दौरान सीएम यादव 26 नवंबर को नाश्ते पर उद्योगपतियों और यूके में भारत के उच्चायुक्त विक्रम के. दोराईस्वामी से बातचीत करेंगे। इसके बाद मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों पर चर्चा के लिए एक सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें 120 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। लंच ब्रेक के बाद गोलमेज बैठकों में इलेक्ट्रिक वाहन, ऑटोमोटिव, अक्षय ऊर्जा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों पर चर्चा होगी।   मंगलवार को सीएम यादव बीआर अंबेडकर हाउस जाएंगे और श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। 27 नवंबर को सीएम यादव वारविक विश्वविद्यालय जाएंगे, जहां वे डीन, संकाय सदस्यों और वारविक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप के शोधकर्ताओं से बातचीत करेंगे। बाद में वे बर्मिंघम एयरपोर्ट से जर्मनी के म्यूनिख जाएंगे। ब्रिटेन की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के बाद सीएम यादव 28 और 29 नवंबर को जर्मनी में रहेंगे और म्यूनिख और स्टटगार्ट में कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। जर्मनी में सीएम यादव 28 नवंबर की सुबह म्यूनिख में बवेरियन राज्य सरकार के नेताओं और भारत के महावाणिज्यदूत से चर्चा करेंगे। इसके बाद वे एसएफसी एनर्जी जाएंगे और मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों पर एक संवादात्मक सत्र में भाग लेंगे। भारतीय महावाणिज्यदूतावास, सीआईआई, इन्वेस्ट इंडिया और इंडो-जर्मन चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। सत्र में लगभग 80 प्रतिनिधि भाग लेंगे, जिसके बाद निवेश मामलों पर चर्चा करने के लिए उद्योग प्रतिनिधियों के साथ आमने-सामने की बैठकें होंगी। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री स्टटगार्ट में प्राकृतिक इतिहास के राज्य संग्रहालय का दौरा करेंगे। 1791 में स्थापित इस संग्रहालय में प्राचीन जीवाश्मों और डायनासोर के अवशेषों का एक महत्वपूर्ण संग्रह है, जिसके अभिलेखागार में 11 मिलियन से अधिक वस्तुएँ हैं। इस यात्रा के बाद, सीएम यादव नई दिल्ली लौटने से पहले फ्रैंकफर्ट की यात्रा करेंगे। इस विदेशी दौरे का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित करना है। ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में मुंबई, बेंगलुरु, कोयंबटूर और कोलकाता में मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों पर चार सफल संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए, साथ ही उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन भी आयोजित किए गए। recent visitors 61

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा ये विश्व हमारा परिवार है, हम वसुधैव कुटुंबकम की राह पर चलते हैं

इंदौर इंदौर में आज से पांच दिनी यूरेशियन ग्रुप प्लेनरी और वर्किंग ग्रुप मीटिंग हो रही है। इसके लिए सुबह से ही डेलिगेट्स के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। मीटिंग शुरू हो गयी है, जिसमें कैलाश विजयवर्गीय शामिल हुए हैं।  यूरेशियन ग्रुप (ईएजी) की 41वीं बैठक की शुरुआत सोमवार से ब्रिलियंट कंवेंशन सेंटर में शुरू हुई। स्वागत सत्र में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा भारत एक सनातन परंपरा वाला देश है, हमारे वेदों की ऋचाओ में लिखा है 'वसुधैव कुटुंबकम' विश्व एक परिवार है। उन्होंने कहा- जब हम विश्व की बात करते हैं, तो हमारे मित्र देश हो या अन्य कोई भी देश हम हमेशा सहायता के लिए खड़ा रहते हैं। कोविड के दौरान पूरा विश्व संकट में था। उसे समय भारत एक ऐसा देश था, जिसमें सबसे पहले वैक्सीन बनाई। भारत ने अपने नागरिकों को वैक्सीन लगाने के साथ 100 देशों को वैक्सीन भेज कर सहायता भी की। भारत धीरे-धीरे ताकतवर बन रहा है। इससे किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। हम विश्व में शांति के समर्थक हैं और विश्व शांति के प्रयास करेंगे। विश्व की समस्याओं में आतंकवाद प्रमुख है आज विश्व में जिस तरह की समस्याएं है, उसमें आतंकवाद प्रमुख है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व के हर मंच से एक बात कहते हैं कि आतंकवाद किसी भी तरह का स्वीकार नहीं किया सकता। मंत्री विजयवर्गीय ने साइबर क्राइम को सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि इस समय साइबर क्राइम की समस्या बढ़ रही है। दूर देश में बैठकर लोगों को लूटा जा रहा है। इस समस्या पर इस बैठक में बड़ा निष्कर्ष निकलेगा। मंत्री विजयवर्गीय ने इएजी बैठक की मेजबानी का अवसर इंदौर को देने के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने ईएजी के चेयरमैन का स्वागत करते हुए कहा कि हमारे युवा हुआ करते थे राजकपूर, चेयरमैन उनकी तरह दिखते हैं और यह राजकपूर के प्रसंशक भी है। इएजी के चेयरमैन यूरी चिंग ने ग्रुप की बैठक और एजेंडे की जानकारी दी। टेरर फंडिंग की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण बैठक सांसद शंकर लालवानी भारत सरकार की तरफ से सभी डेलीगेट का स्वागत करते हुए कहा कि यह बैठक मनी लांड्रिंग और टेरर फंडिंग की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। बॉर्डर पार से होने वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाने सहित अन्य कई निष्कर्ष इस बैठक में निकलेंगे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहां की यूरेशियन ग्रुप के सभी सदस्यों का देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में स्वागत हैं। इंदौरियन इस आयोजन को लेकर बड़े उत्साहित है। इंदौर हार्टबीट ऑफ इंडिया ही नहीं स्वच्छ सिटी और स्मार्ट सिटी भी है। कलेक्टर आशीष सिंह ने भी सभी का इंदौर में स्वागत किया। पांच दिन होंगे अलग-अलग स्तर सत्र ईएजी की 41वीं बैठक का आयोजन इंदौर में होने जा रहा है। पांच दिवसीय बैठक में प्रतिदिन अलग-अलग क्षेत्र में टेरर फंडिंग और मनी लांड्रिंग के साथ साइबर क्राइम जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। बैठक में 16 देश और 13 संगठन के प्रतिनिधि और एचओडी शामिल हो रहे हैं। भारत की तरफ से एचओडी के रूप में एडिशनल सेक्रेटरी विवेक अग्रवाल शामिल होंगे। सभी देशों में भारत के रिपोर्ट सबसे बेहतर भारत सरकार के एडिशनल सेक्रेटरी विवेक अग्रवाल ने बताया कि इएजी की बैठक से पहले सभी बड़े देशों का एफटीए ओर ईएजी द्रारा वेल्यूशन किया गया था। इसमें भारत के अलावा अमेरिका, जर्मनी, कनाडा जैसे देश शामिल रहे। इनमें भारत की रिपोर्ट सबसे अच्छी आई है। भारत की इस रिपोर्ट पर पहले सत्र में आज चर्चा की जाएगी। इस रिपोर्ट को ईएजी में अपडेशन कराया जाएगा। recent visitors 69

छत्‍तीसगढ़ में भाजपा संगठन की रूपरेखा तय, अब चुनेजाएंगे पदाधिकारी

रायपुर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठन चुनाव की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया है। छत्तीसगढ़ में यह चुनाव 1 से 15 दिसंबर के बीच मंडल स्तर पर और 15 से 30 दिसंबर तक जिला स्तर पर आयोजित होंगे। इसके पहले, 30 नवंबर को एक अहम बैठक होगी, जिसमें संगठनात्मक विषयों और चुनाव प्रक्रिया पर चर्चा की जाएगी। दिल्ली में आयोजित सदस्यता अभियान की समीक्षा बैठक में भाजपा को दिशा-निर्देश मिले हैं। बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में सदस्यता अभियान के तहत 60 लाख सदस्यों के लक्ष्य में से 53 लाख सदस्य बनाए जा चुके हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, सदस्यता अभियान की सफलता पार्टी नेताओं के भविष्य को तय करेगी। आगामी निकाय चुनावों में उन्हीं नेताओं को महत्व मिलेगा, जिन्होंने अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया होगा बैठक में दिग्‍गज नेता शामिल बैठक में कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे, जिनमें क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय, और विधायक लता उसेंडी शामिल थे। राष्ट्रीय स्तर पर सदस्यता अभियान के आंकड़े सदस्यता अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने सदस्यता से जुड़े आंकड़े साझा किए। उनके अनुसार, देशभर में भाजपा के 11 करोड़ 96 लाख 16 हजार 392 सदस्य हैं, जबकि सात लाख आठ हजार 29 सक्रिय सदस्य हैं। बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम और राष्ट्रीय चुनाव प्रभारी डॉ. के. लक्ष्मण ने भी अपने विचार रखे। प्रदेश संगठन चुनाव पर जानकारी भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश स्तर पर संगठन चुनाव 1 दिसंबर से शुरू होंगे और पूरे महीने चलेंगे। छत्तीसगढ़ में सक्रिय सदस्यों की संख्या 52,110 है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संगठन चुनाव प्रक्रिया जल्द शुरू करने के लिए सभी आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे। नेताओं का प्रदर्शन अहम यह स्पष्ट हो गया है कि सदस्यता अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाले नेताओं को संगठन में प्राथमिकता दी जाएगी। इससे न केवल संगठन को मजबूती मिलेगी, बल्कि आगामी चुनावों में पार्टी की रणनीति भी तय होगी। recent visitors 67

MP में इज्तिमा की तैयारियां अंतिम चरण में, इस बार भी प्लास्टिक-फ्री भी होगा आयोजन

भोपाल भोपाल के ईंटखेड़ी स्थित घासीपुरा में शुक्रवार 29 नवंबर से शुरू होने वाले आलमी तब्लीगी इज्तिमा में इस बार 100 एकड़ क्षेत्र में पंडाल लगाया गया है, जहां प्रदेश सहित देशभर से आने वाली जमातों को ठहराया जाएगा। इधर, भारी तादाद में आने वाले वाहनों को व्यवस्थित खड़े करने और ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए दो हजार वालेंटियर्स तैयार किए गए हैं। इन वालेंटियर्स की अलग-अलग जगहों पर तैनाती की जाएगी। यह वालेंटियर्स रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक का संचालन करेंगे। इधर, इज्तिमा स्थल पर अलग-अलग कामों के लिए 25 हजार वालेंटियर्स को तैनात किया जा रहा है। इज्तिमा में शिरकत के लिए अमेरिका, इंग्लैंड, तुर्की सहित 100 से अधिक देशों की जमातों के शामिल होने की उम्मीद है। दो महीने से चल रही तैयारियां 29 नवंबर से शुरू होने वाले इज्तिमा की तैयारियां दो महीने पहले शुरू हो गई थीं। पिछले साल हुए इज्तिमा को क्लीन, ग्रीन और डस्ट मुक्त इज्तिमा का नाम दिया गया था। इस बार इसे प्लास्टिक मुक्त इज्तिमा के नाम से जाना जाएगा। इंतेजामिया कमेटी के प्रवक्ता उमर हफीज खान ने बताया कि इस बार इज्तिमागाह पर धूल वाले क्षेत्रों में पानी का छिड़काव किया जाएगा। इस बार भी फूड जोन में पॉलीथिन और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक रहेगी। प्लास्टिक पर पूरी तरह से रोक रहेगी। पानी की बोतलों को एकत्रित कर डिस्पोज किया जाएगा। शनिवार को संभागायुक्त संजीव सिंह ने इज्तिमा के इंतजामों का जायजा लिया। इस मौके पर उन्होंने नगर निगम, बिजली, पीएचई, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य सहित अन्य सरकारी विभागों के अधिकारियों को समन्वय से काम करने की हिदायत दी। 100 एकड़ में पंडाल, 65 पार्किंग इज्तिमा में आने वाले बंदों की तादाद को देखते हुए इस बार 100 एकड़ क्षेत्र में पंडाल लगाया गया है। जमातियों की तादाद को देखते हुए इसे बढ़ाया भी जा सकता है। इधर, अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले जमातियों के वाहनों के लिए 65 पार्किंग बनाई गई हैं। चालीस फूड और 25 नाश्ते के जोन रहेंगे, जहां रियायती दरों में खाद्य सामग्री बेची जा सकेगी। इमरजेंसी कॉरिडोर रहेगा आरक्षित चार दिनी इज्तिमा के आयोजन को लेकर इस बार भी इमरजेंसी कॉरिडोर बनाया गया है, जहां फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस आसानी से पहुंच सकेगी। इस रास्ते पर किसी अन्य को जाने की इजाजत नहीं रहेगी। यहां पानी लाने वाले टैंकर भी आसानी से जा सकेंगे। अलर्ट रहेंगी बुलेट स्ट्रेचर एंबुलेंस इज्तिमा में सात से दस लाख तक बंदों की तादाद को देखते हुए इंतेजामिया कमेटी ने बुलेट स्ट्रेचर एंबुलेंस तैयार की है, जिससे अचानक से किसी की भी तबीयत बिगड़ने पर बुलेट एंबुलेंस से उसे बाहर तक आसानी से लाया जा सकेगा। यहां से एंबुलेंस की मदद से अस्पताल तक भेजा जाएगा। हालांकि, प्राथमिक उपचार के लिए 20 से अधिक निजी अस्पताल और सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर मौजूद रहेंगे। recent visitors 62

एक जिला-एक उत्पाद की तर्ज पर फसलों की प्रोसेसिंग के लिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की जाएगी: मंत्री कुशवाहा

भोपाल मध्यप्रदेश में एक जिला-एक उत्पाद की तर्ज पर उद्यानकी फसलों की प्रोसेसिंग के लिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा विस्तृत कार्य-योजना तैयार की जायेगी। यह बात उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा ने रविवार को नागपुर में आयोजित एग्रो विजन राष्ट्रीय कृषि मेले में आयोजित कार्यशाला में कही। उन्होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना जिला और संभाग लेवल पर हो जाने से उत्पादक किसानों को उपज का वाजिब दाम मिल सकेगा। मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में 20 वर्षों में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया गया है। खेती-किसानी को सस्ती दर पर बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में कृषि उत्पादन बड़ा है। किसान भाई परंपरागत खेती के स्थान पर कैश क्रॉप के प्रति आकर्षित हुए हैं, उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का प्रयास है कि उद्यानकी फसलों का उत्पादन करने वाले किसानों को फसल का सही दाम मिल सके। इसके लिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट और मार्केटिंग का काम प्राथमिकता के साथ किया जाएगा मध्यप्रदेश में नागपुर की तर्ज पर होगी संतरे की खेती उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री श्री कुशवाहा ने नागपुर में पैदा किये जा रहे हैं ऑर्गेनिक संतरे की फसल का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भी संतरे का उत्पादन बड़े स्तर पर होता है। संतरे की फसल को और अधिक बेहतर बनाने के लिए प्रदेश के किसानों को नागपुर स्टडी टूर पर भेजा जाएगा, जिससे किसान भाई ऑर्गेनिक संतरे की उत्पादन प्रक्रिया को देख और समझ सकेंगे।   recent visitors 59

फ़ॉस्टर केयर लीडिंग टू फ़ॉस्टर एडॉप्शन विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन आज

भोपाल केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण CARA द्वारा प्रति वर्ष नवम्बर माह में दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय दत्तक ग्रहण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में 25 नवंबर को होटल पलाश में राष्ट्रीय दत्तक ग्रहण जागरूकता कार्यक्रम “फ़ॉस्टर केयर लीडिंग टू फ़ॉस्टर एडॉप्शन” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया कार्यशाला का शुभारंभ करेंगी। उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम फोस्टर केयर पर गए बालकों को फ़ॉस्टर एडॉप्शन को  बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। यदि पालक माता-पिता 2 से अधिक  वर्ष तक बालक का पालन पोषण कर रहे हैं, ऐसे बालकों को फ़ॉस्टर एडॉप्शन के माध्यम से दत्तक ग्रहण दिया जा सकता है। कार्यक्रम में लगभग 200 प्रतिभागी शामिल होंगे।   recent visitors 58

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- युवा शक्ति मिशन से सशक्त होगा युवा नेतृत्व, लिखेगा मध्यप्रदेश के स्वर्णिम विकास की इबारत

भोपाल मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल का स्वर्णिम एक वर्ष 13 दिसंबर 2024 को पूरा हो जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सशक्त एवं विजनरी नेतृत्व में सरकार का फोकस पूरी तरह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मंत्र GYAN पर ध्यान (ग़रीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के सशक्तिकरण पर रहा है। आने वाला नव वर्ष 2025 पर प्रदेश सरकार युवाओं के लिए सशक्तिकरण की सौगात लेकर आ रही है। प्रदेश के युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और उनके कौशल उन्नयन के लिये ‘युवा शक्ति मिशन’ का शुभारंभ नववर्ष 1 जनवरी, 2025 से किया जायेगा। इस मिशन का उद्देश्य़ मध्यप्रदेश के विकास में युवाओं की व्यापक क्षमताओं का उपयोग करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मानना है कि सशक्त युवा नेतृत्व से ही मध्यप्रदेश के विकास का स्वर्णिम अध्याय रचा जा सकेगा। मिशन से मिटेगी शिक्षा, कौशल और रोज़गार के बीच की खाई युवा शक्ति मिशन की परिकल्पना ‘युवाओं’ में शिक्षा, कौशल विकास, और सामुदायिक सेवा जैसे प्रमुख नेतृत्व गुणों को विकसित कर उन्हें सक्षम बनाना है, जिससे वे प्रदेश के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें। ‘युवा शक्ति मिशन’ के केंद्र में युवा है और वह राष्ट्र की प्रगति के केंद्र में भी वही है। इसलिए युवाओं को नेतृत्व सक्षम बनाने के लिये आवश्यक संसाधन और अवसर प्रदान करना ही इस मिशन का मुख्य उद्देश्य है। साथ ही प्रदेश के युवाओं को सुशिक्षित करना ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक रूप से कुशल बनाना है। इस मिशन में युवाओं में व्यावसायिक कौशल को आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए इस तरह उन्नत बनाया जाएगा जिससे वे न सिर्फ अच्छे वेतन वाले रोज़गार प्राप्त कर सकें, अपितु सफल उद्यमी बन राज्य की अर्थव्यवस्था के विकास में भी अपना योगदान दे सकें। मिशन के अंतर्गत सरकार ने उद्योगों और व्यावसायिक संस्थानों के साथ सहयोग करते हुए मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए रोज़गार के विभिन्न रास्ते बनाए हैं। साथ ही युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन देकर उन्हें स्व-रोज़गार के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। ‘युवा शक्ति मिशन’ के परिणाम स्वरूप प्रदेश के युवा नौकरी की तलाश में जुटी भीड़ में शामिल होने के स्थान पर नौकरी देने वाले उद्यमी बनेंगे। मिशन से युवा शक्ति में विकसित होगी सक्षम नेतृत्व क्षमता मुख्यमंत्री डॉ.यादव के रणनीतिक नेतृत्व में ‘युवा शक्ति मिशन’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के युवा सशक्तिकरण के विजन को कार्यान्वित करने में जुटा हुआ है। मिशन के क्रियान्वयन का प्रमुख पहलू युवाओं में नेतृत्व-विकास है। इसके लिए युवाओं को शासन और सामुदायिक सेवा में शामिल करके उनमें सक्षम तथा कुशल नेतृत्व के गुण विकसित किये जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि स्थानीय विकास परियोजनाओं में युवाओं की भागीदारी उनके कौशल को निखारती है, साथ ही उन्हें जिम्मेदार नागरिक भी बनाती है। तकनीक के प्रभावी उपयोग से होगा युवा सशक्तिकरण ‘युवा शक्ति मिशन’ के सफल क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कौशल विकास के पाठ्यक्रम युवाओं को सहजता से उपलब्ध हो सकें और वह उन्हें आसानी से समझ सकें, इसके लिए सरकार ने ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किए हैं। इसका लाभ यह भी है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को इसकी सुविधाएं समान रूप से सुलभ होंगी। मिशन की सफलता के लिए सरकार ने सोशल-मीडिया के माध्यमों का भी प्रभावी उपयोग करने की रणनीत बनाई है, जिससे युवाओं को मिशन से संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई जा सके। इससे युवाओं में मिशन के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन से विकसित युवा मिशन प्रधानमंत्री मोदी के ‘GYAN पर ध्यान’ के मंत्र में शामिल युवा शक्ति के सशक्तिकरण का प्रभावी तंत्र बन कर उभरेगा।   recent visitors 61