मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाईटेक गौ-शाला का किया भूमि-पूजन

जिसके घर में गाय का कुल, वह घर गोकुल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव घर-घर बछिया उपलब्ध कराकर दुग्ध उत्पादन को बढ़ाया जाएगा गौ-शाला स्थापित करने की दिशा में सक्रियता से कार्य जारी प्रदेश में इस वर्ष 300 गौ-शालाओं का हुआ पंजीयन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाईटेक गौ-शाला का किया भूमि-पूजन 25 एकड़ क्षेत्र में 15 करोड़ रूपए की लागत से बनेगी गौ-शाला ग्राम सूखी सेवनिया में बनेगा सीएम राइज स्कूल और बरखेड़ी डोब को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में गौ-माता से संबंधित डिग्री/डिप्लोमा कोर्स आरंभ होंगे भोपाल जिले के ग्राम बरखेड़ी डोब में हुआ भूमि-पूजन कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गौ-माता में 33 करोड़ देवी देवताओं का वास है। जो भी गोवंश का पालन करे वही गोपाल है, जिसके घर में गाय का कुल वह घर गोकुल है। अतः प्रत्येक व्यक्ति और परिवार को घर में गोपालन के लिए पहल करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिना धर्म, भाषा, जाति और क्षेत्र के भेदभाव के हमें गौ-पालन को प्रोत्साहित करना है। परंपरागत रूप से भी भारत में सभी धर्म और जाति के लोग गौ-पालन करते हैं और यही हमारी सामाजिक समरसता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के ग्राम बरखेड़ी डोब में 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाईटेक गौ-शाला के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि भोपाल जिले के बरखेड़ी डोब ग्राम में 25 एकड़ क्षेत्र में 15 करोड़ रूपए की लागत से गौ-शाला का निर्माण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाईटेक गौ-शाला भूमि-पूजन स्थल पहुंचने पर सर्वप्रथम गौ-माता को दुलार कर नमन किया तथा उन्हें आहार सामग्री अर्पित की। इस अवसर पर प्रदेश में गोवंश संरक्षण और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए संचालित गतिविधियों पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर नौरंग सिंह गुर्जर सहित जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। बदलती जीवनशैली में निरंतर बढ़ रहा है गौ-शालाओं का महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व के अधिकांश देशों में दुग्ध की आपूर्ति गौ-माता ही करती हैं। सनातन संस्कृति में गौ-माता का महत्व इससे स्पष्ट हो जाता है कि मानव जीवन की पूर्णता के लिये गौ-दान आवश्यक बताया गया है। बदलती जीवनशैली में गौ-शालाओं का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। इसे देखते हुए राज्य शासन द्वारा विशाला गौ-शाला स्थापित करने की दिशा में सक्रियता से कार्य किया जा रहा है, वर्तमान वर्ष में अब तक 300 गौ-शालाओं का पंजीयन हुआ है। विभिन्न सामाजिक संगठन भी गौ-शाला संचालन में पहल कर रहे हैं। गौ-पालन परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ परिवार को पोषक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में भी सहायक है। अत: घर-घर बछिया उपलब्ध कराकर दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही दुग्ध उत्पादन पर बोनस देने की व्यवस्था कर रही है। वर्तमान में मध्यप्रदेश, देश के कुल दुग्ध उत्पादन में 9 प्रतिशत का योगदान देता है। इसे अगले पाँच वर्ष में 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। सूखी सेवनिया रोड को फोरलेन किया जाएगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शासकीय विद्यालय सूखी सेवनिया को सीएम राइज विद्यालय बनाने और सूखी सेवनिया रोड को विभागीय मद अनुसार फोरलेन बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बरखेड़ी डोब क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के माध्यम से गौ-माता से संबंधित डिग्री-डिप्लोमा कोर्स आरंभ किया जाएगा। स्वामी अच्युतानंद जी महाराज ने गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकार गठन के बाद अभी तक के अल्प समय में प्रदेश में लगभग 50 हजार गायों के पालन-पोषण की व्यवस्था की है और प्रदेश की लाखों गायों की देखभाल का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश सरकार इस वर्ष को गौ-संवर्धन वर्ष के रूप में मना रही है। आज यहां गोलोक धाम की स्थापना इसी कड़ी में एक सार्थक प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस प्रयास के लिए सभी महात्मा, सभी ऋषिगण उन्हें कोटि-कोटि धन्यवाद और आशीर्वाद देते हैं। गौ-माता का पालन-पोषण हम सभी सनातनियों का दायित्व है। हमें इस प्रकार के प्रयास करने चाहिएं कि हर घर में एक गाय रहे। गौ-माता के बिना घर सूना होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के समग्र विकास को समर्पित विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं, युवा, किसानों, मजदूर, वरिष्ठ जन के कल्याण के लिए समर्पित है। राज्य सरकार द्वारा गौ-वंश के संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अधोसंरचना विकास, शिक्षा, चिकित्सा सहित प्रदेश के समग्र विकास के लिए सक्रिय हैं। पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने आभार व्यक्त किया। गौ-वंश को कन्वेयर बेल्ट से मिलेगा आहार और सीसीटीवी से होगी मॉनीटरिंग उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में वर्तमान वर्ष (चैत्र माह से फाल्गुन माह तक) गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए भोपाल के बरखेड़ी डोब में 10 हजार गायों की क्षमता वाली अत्याधुनिक गौ-शाला के निर्माण के लिये शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भूमि-पूजन किया है।     इसमें गायों के आधुनिक तरीके से रख-रखाव के साथ उनके उपचार के लिए सभी संसाधनों से युक्त चिकित्सा वार्ड का निर्माण भी किया जाएगा।     गौ-शाला में सीसी टीवी के माध्यम से निरंतर मॉनीटरिंग की व्यवस्था रहेगी।     लगभग 15 करोड रुपए की लागत की गौ-शाला का निर्माण ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा कराया जाएगा। नगर निगम एवं पशुपालन विभाग नोडल एजेंसी होंगे। गौ-शाला को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और जिला पंचायत द्वारा वित्त पोषण किया जाएगा। गौ-शाला का संचालन नगर निगम द्वारा किया जाएगा।     गौ-शाला का … Read more

कुंदरकी में 31 साल बाद बमबम बीजेपी की एकतरफा जीत, बर्क परिवार की अनदेखी समाजवादी पार्टी के लिए पड़ गई भारी

मुरादाबाद यूपी उपचुनाव में मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट पर बड़ा उलटफेर होता दिख रहा है. मुस्लिम बाहुल्य कुंदरकी में एकमात्र हिंदू प्रत्याशी ने बड़ी बढ़त बना ली है. यहां बीजेपी के रामवीर ठाकुर 50 हजार से अधिक वोटों से लीड कर रहे हैं. वहीं, सपा के कद्दावर नेता और प्रत्याशी हाजी मोहम्मद रिजवान 12 बजे तक सिर्फ 7 हजार वोट ही पा सके. जारी रुझानों के मुताबिक, कुंदरकी से बीजेपी के रामवीर ठाकुर की जीत लगभग तय मानी जा रही है. गौरतलब हो कि कुंदरकी उपचुनाव में 11 मुस्लिम उम्मीदवारों के बीच बीजेपी ने अकेले हिंदू उम्मीदवार को मैदान में उतारा. वहीं, सपा ने जिन हाजी मोहम्मद रिजवान को अपना प्रत्याशी बनाया उनका राजनैतिक अनुभव करीब 40 साल का है. वह पहली बार 2002 में कुंदरकी सीट से चुनाव जीते थे. हालांकि, 2007 में बसपा के हाजी अकबर से हार गए थे. लेकिन 2012 और 2017 में उन्होंने वापसी करते हुए लगातार दो बार कुंदरकी सीट पर जीत दर्ज की. ये सीट सपा का गढ़ मानी जाती रही है लेकिन इस बार बीजेपी ने सपा के गढ़ में सेंध लगा दी है, जो अखिलेश यादव के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है.   कैसे बीजेपी ने बनाई बढ़त नतीजों को देखकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या कुंदरकी में मुस्लिम वोट के बंटवारे का फायदा बीजेपी को मिला? साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ के एग्रेसिव कैम्पेन का भी पार्टी को फायदा हुआ. खुद रामवीर ठाकुर भी मुस्लिम मतदाताओं के बीच पैठ बनाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे थे. बीजेपी की मुस्लिम विंग और मुस्लिम नेताओं ने कुंदरकी में डेरा डाल रखा था और जमकर चुनाव प्रचार किया था. वहीं, समाजवादी पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ एंटीइनकंबेसी भी देखने को मिली. लोकल नेताओं में गुटबाज़ी की बात भी कही जा रही है.  11 मुस्लिम प्रत्याशी, सिर्फ बीजेपी ने उतारा हिंदू उम्मीदवार कुंदरकी उपचुनाव में बीजेपी से रामवीर ठाकुर, बसपा से रफ़्तुल्लाह जान, AIMIM से हाफिज वारिस और आजाद समाज पार्टी से चांद बाबू मैदान में थे. जबकि, सपा के हाजी मोहम्मद रिजवान सबसे मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे थे. हालांकि, नतीजों में ये नजर नहीं आया. बता दें कि इस बार के यूपी के उपचुनाव में सबसे अधिक मतदान कुंदरकी में ही हुआ था. यहां 57.7% वोटिंग हुई थी. इस सीट पर 60% से ज्यादा मुस्लिम वोटर हैं. ऐसे में जिस सीट पर सबसे अधिक मुसलमान वोटर हैं, जिस सीट पर सबसे अधिक मतदान हुआ, जिस सीट पर सपा ने मुस्लिम नेता को टिकट दिया और जिस सीट पर बीजेपी साल 1993 से चुनाव नहीं जीत पाई है. उस सीट पर इतना बड़ा उलटफेर होना विपक्ष को चौंका रहा है. हाजी रिजवान का बयान कुंदरकी रिजल्ट पर सपा प्रत्याशी हाजी रिजवान ने रिएक्ट किया. उन्होंने कहा कि चुनाव में धांधली हुई है. सरकार ने वोट ही नहीं पड़ने दिया, अब क्या मतगणना के लिए तैयार रहें. इस सरकार में अल्पसंख्यक अनसेफ है. कुंदरकी में चुनाव फिर से करवाया जाए. यूपी पुलिस पर कोई भरोसा नहीं है.   recent visitors 47

पर्थ टेस्ट में यशस्वी शतक के करीब, राहुल ने भी जमाये पेअर … AUS की न‍िकली हेकड़ी, भारत की लीड 218

 पर्थ भारतीय टीम का स्कोर बिना किसी विकेट के 166 रन हो गया है. टीम इंडिया की कुल बढ़त 212 रनों की हो गई है. यशस्वी जायसवाल 184 गेंद में 88 रनों पर हैं. केएल राहुल 59 रन पर हैं. जायसवाल 7 चौके और दो छक्के लगा चुके हैं. राहुल के बल्ले से 4 चौके निकले हैं. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 22 नवंबर से पर्थ में शुरू हुआ. मैच के दूसरे द‍िन आज (23 नवंबर) स्टम्प के समय भारतीय टीम का स्कोर 172/0 है. कुल बढ़त 218 रनों की हो चुकी है. यशस्वी जायसवाल (90) और केएल राहुल (62) रन बनाकर जमे हुए हैं. भारतीय टीम इस मैच में अपनी पहली पारी में 150 रनों पर स‍िमट गई थी. जवाब में ऑस्ट्रेल‍िया की टीम पहली पारी में 104 रनों पर ऑलआउट हो गई थी. भारत को पहली पारी में 46 रनों की बढ़त म‍िली थी.  भारतीय टीम ने पिछले 2 दौरों पर ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में हराया है. इस बार हैट्रिक का मौका है. इस  'महासीरीज' में कुल 5 मैच खेले जाने हैं. इस मुकाबले में भारतीय टीम की ओर से नीतीश कुमार रेड्डी, हर्ष‍ित राणा का टेस्ट डेब्यू हुआ. वहीं ऑस्ट्रेल‍िया की ओर से नाथन मैकस्वीनी का डेब्यू हुआ. दूसरे दिन का खेल समाप्त पर्थ टेस्ट मैच में दूसरे दिन का खेल समाप्त हो चुका है. दूसरे दिन (23 नवंबर) स्टम्प तक भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी में बिना किसी नुकसान के 172 रन बना लिए हैं. यशस्वी जायसवाल 90 और केएल राहुल 62 रन बनाकर नाबाद हैं. यशस्वी ने अपनी 193 गेंदों की पारी में 7 चौके और दो छक्के लगाए हैं. वहीं राहुल के बल्ले से चार चौके निकले. राहुल ने 153 गेंदों का सामना किया है. भारतीय टीम की कुल लीड 218 रनों की हो चुकी है. वक्त बदला, हालात बदल गया, और ऑस्ट्रेल‍ियन टीम के जज्बात भी बदल गए हैं… यह हम इसल‍िए कह रहे हैं, क्योंकि पर्थ टेस्ट के पहले दिन (22 नवंबर) जहां लग रहा था कि बल्लेबाजी करना बेहद मुश्क‍िल है. वहीं दूसरे दिन (23 नवंबर) को भारत की दूसरी पारी में ओपनर्स यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने ऐसा रंग जमाया कि लगा ही नहीं कि यह वही प‍िच है, जहां भारतीय टीम 150 रनों पर लुढ़क गई थी. द‍िन का जब खेल खत्म हुआ तो यशस्वी जायसवाल शतक (90 नॉट आउट) के करीब थे. वहीं केएल राहुल (62 नॉट आउट) भी रंग जमा चुके थे.  भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 22 नवंबर से पर्थ में शुरू हुआ. मैच के दूसरे द‍िन आज (23 नवंबर) स्टम्प के समय भारतीय टीम का स्कोर 172/0 है. कुल बढ़त 218 रनों की हो चुकी है.   भारत ने आज अपनी दूसरी पारी में शानदार खेल द‍िखाया. यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने दूसरी पारी के दौरान 20 साल बाद एक अनोखा इत‍िहास भी अपने नाम क‍िया. दरअसल, राहुल और यशस्वी ने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट मैचों में शतकीय साझेदारी की. इससे पहले साल 2004 में आकाश चोपड़ा और वीरेंद्र सहवाग ने पहले विकेट के लिए 123 रनों की पार्टनरश‍िप की थी. वहीं दूसरे दिन पिच का मिजाज बदला-बदला दिखा. दूसरे दिन के खेल में केवल सिर्फ 3 विकेट गिरे. जो सभी ऑस्ट्रेल‍िया के थे. पिच के बदलते मिजाज से पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान भी हैरान द‍िखे. प‍िच के बदले हुए म‍िजाज पर तो इरफान पठान ने तंज भी कसा और एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया.  इरफान ने की पिच की फोटो शेयर करते हुए लिखा, 'इतनी जल्दी तो मेरी पत्नी का मूड भी चेंज नहीं होता जितनी जल्दी ये पिच बदली है.' इससे पूर्व ऑस्ट्रेल‍िया की दूसरी पारी 104 रनों पर समाप्त हुई. जिससे भारत को 46 रनों की बढ़त मिल गई. कुल मिलाकर पर्थ का ऑप्टस स्टेडियम तेज गेंदबाजों के लिए पहले दो दिन स्वर्ग साबित हुआ, क्योंकि बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट में यहां गिरे सभी 20 विकेट तेज गेंदबाजों को मिले. लेकिन जब भारतीय ओपनर्स ने दूसरे दिन बल्लेबाजी की तो ऐसा लगा ही नहीं कि प‍िच का म‍िजाज वही है, जो पहले दिन था. पर्थ टेस्ट में अब तक क्या हुआ? पर्थ के ऑप्टस में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी. पहली पारी में नीतीश कुमार रेड्डी 41 रनों के साथ भारतीय टीम के सबसे बड़े स्कोरर रहे.  ऑस्ट्रेलिया की ओर से पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और मिचेल मार्श ने दो-दो विकेट लिए. जबकि हेजलवुड को सर्वाधिक चार सफलताएं प्राप्त हुईं. ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सभी 10 विकेट तेज गेंदबाजों ने निकाले. जवाब में ऑस्ट्रेल‍िया की टीम दूसरी पारी में 104 रनों पर ऑलआउट हो गई. इस तरह भारत की पहली पारी के आधार पर 46 रनों की बढ़त म‍िली  बुमराह ने भारतीय टीम की ओर से सबसे ज्यादा 5 विकेट झटके. वहीं हर्ष‍ित राणा को 3 और मोहम्मद स‍िराज को 2 विकेट मिले. ऑस्ट्रेल‍िया की ओर से पहली पारी में हाइएस्ट स्कोरर म‍िचेल स्टार्क (26) रहे. भारत का स्कोर 150 पार दूसरी पारी में भारतीय टीम का स्कोर 150 रन के पार हो चुका है और उसका एक भी विकेट नहीं गिरा है. यशस्वी जायसवाल 86 और केएल राहुल 58 रन पर खेल रहे हैं. भारतीय टीम की कुल लीड 205 रनों की है. recent visitors 65

विधायक फूल सिंह बरैया ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को मोदी का प्रोडक्ट बताया, धार्मिक यात्रा करके लोगों को धर्मांध बनाने का काम किया

दतिया  बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री मोदी का प्रोडक्ट हैं। धार्मिक यात्रा करके लोगों को धर्मांध बनाने का काम किया जा रहा है। धर्मांध व्यक्ति पर हमेशा के लिए राज किया जा सकता है। यह बयान दिया है कांग्रेस के विधायक फूल सिंह बरैया ने। बरैया, मध्य प्रदेश के दतिया जिले की भांडेर सीट से विधायक हैं। उनके बयान के बाद खलबली मच गई है। दरअसल, पत्रकारों ने भोपाल में फूल सिंह बरैया से बागेश्वर बाबा की धार्मिक यात्रा पर सवाल किया तो वे भड़क गए। बरैया ने कहा है कि भाजपा और आरएसएस मजबूत होना चाहते हैं। इसके लिए वे खुद को होने वाले लाभ के लिए धार्मिक आयोजन करते हैं। धार्मिक यात्रा करके लोगों को धर्मांध बनाने का काम किया जा रहा है। धर्मांध व्यक्ति पर हमेशा के लिए राज किया जा सकता है। पीसीसी बैठक में शामिल हुए थे बरैया फूल सिंह बरैया  प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (पीसीसी) में प्रदेश कांग्रेस की कार्यसमिति बैठक में शामिल हुए थे। उसके बाद ही उनका यह बयान सामने आया। बरैया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश में ताकत घट रही है। मोदी कमजोर रहे हैं। वे यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि इंडिया में हिन्दू है ही नहीं, तो हिंदू राष्ट्र कैसे बनेगा? आपको बता दें कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 'सनातन हिंदू एकता' पदयात्रा निकाल रहे हैं। यात्रा का दूसरा दिन था। हमेशा बड़बोले रहे हैं बरैया अनुसूचित जाति के नेता फूल सिंह बरैया दतिया की भांडेर विधानसभा सीट से 2023 के विधायक चुने गए हैं। वे लोकसभा चुनाव 2024 के लिए भिंड-दतिया सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी भी रहे, लेकिन हार गए। विधानसभा चुनाव 2023 में एक प्रतिज्ञा के मुताबिक खुद का मुंह काला करने राजभवन पहुंच गए थे। उन्होंने कहा था कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी प्रदेश में 50 से ज्यादा सीटों पर जीतेंगी तो वह अपना मुंह काला कर लेंगे, जब परिणाम आये तो कांग्रेस महज 66 सीटों पर ही सिमट गई थी। recent visitors 105

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा युवाओं और बच्चों के लिए कर रहे हैं प्रेरणादायक कार्य

रायपुर आत्मविश्वास से परिपूर्ण और अनेक बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत का कार्य कर रहे धमतरी जिले के कुरूद में रहने वाले दिव्यांग समाजसेवी और चित्रकार बसंत साहू  को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फोन करके जन्मदिन की बधाई देने के साथ ही हेलन केलर अवार्ड 2024 से सम्मानित होने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  बसंत साहू को जन्मदिन और सम्मान के लिए बधाई देते हुए कहा कि आपको हेलेन केलर अवार्ड  2024 प्राप्त होने की सूचना समाचार के माध्यम से मिली। आपकी इस उपलब्धि के लिए बहुत-बहुत बधाई। मुख्यमंत्री साय ने आत्मीयतापूर्ण चर्चा के दौरान बसंत साहू से कहा कि जल जगार कार्यक्रम में आपसे मुलाकात हुई थी। हमे आपसे मिलकर बहुत अच्छा लगा था।आपने साबित किया है कि कठिनाईयां केवल मानसिक चुनौतियां है। दृढ़ संकल्प से बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। बसंत साहू ने कहा कि मेरा उद्देश्य समाज में समावेशिता और समानता लाना है, ताकि प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर मिल सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आपके इस जज्बे व उपलब्धि से हम गौरवान्वित हैं। आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं। समाजसेवी बसंत साहू ने मुख्यमंत्री साय के  उत्साहवर्धन के लिए आभार व्यक्त क्या और कहा कि वे इसी प्रकार अपने प्रयासों से आने वाले भविष्य और बच्चो के लिए एक बेहतर समाज के निर्माण में अपना योगदान देते रहेंगे।   उल्लेखनीय है कि समाजसेवी बसंत साहू को उनके द्वारा  दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा और समाज में समान अवसर दिलाने के लिए किए गए अद्वितीय कार्यों के लिए हेलन केलर अवार्ड प्रदान किया गया है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक कला, परंपराओं और सामाजिक मुद्दों को जीवंत रखा है। उनके चित्रों में छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, पारंपरिक परिधान और समाज की समकालीन समस्याओं का समावेश है। बसंत के बनाए चित्रों का संग्रह देश विदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर किया गया है, जिनमें भारत में राष्ट्रपति भवन, राजभवन, दिल्ली संग्रहालय एवं यूएसए, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया सहित कई देश शामिल हैं। उनकी कला ने उन्हें न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देश और विदेश में भी सम्मान दिलाया है। बसंत साहू ने दिव्यागता को कभी अपनी सफलता की राह में रुकावट नहीं बनने दिया। बसंत साहू का मानना है कि कठिनाइयों केवल मानसिक चुनौतियाँ होती हैं। यदि मन में दृढ़ संकल्प हो, तो कोई भी बाधा व्यक्ति को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने से नहीं रोक सकती। बसंत साहू का जीवन केवल एक व्यक्तिगत संघर्ष की कहानी नहीं है बल्कि यह उन सभी के लिए प्रेरणा है जो जीवन की कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। recent visitors 37

बीजेपी को बड़ा झटका, आखिरी समय में पलट गई बाजी, कांग्रेस जीत गई

श्योपुर  लोकसभा चुनाव में पाला बदलकर बीजेपी में शामिल हुए वन मंत्री रामनिवास रावत को बड़ा झटका लगा है। विजयपुर में रामनिवास रावत की कांग्रेस उम्मीदवार मुकेश मल्होत्रा से करारी हार हुई है। शुरुआती रुझान में पीछे होने के बाद रामनिवास रावत ने बाद में बढ़त बनाई थी। 16वें राउंड के बाद वह फिर से पिछड़ने लगे। कांग्रेस उम्मीदवार मुकेश मल्होत्रा ने उन्हें करीब 6 हजार से अधिक वोटों से हराया है। दरअसल, 2023 के विधानसभा चुनाव में रामनिवास रावत को यहां जीत मिली थी। उस समय वह कांग्रेस में थे लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने पाला बदल लिया औऱ बीजेपी का दामन थाम लिया। इसके बाद उपचुनाव हो रहा है। रावत के जाने के बाद कांग्रेस पिछले चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे मुकेश मल्होत्रा को टिकट दिया। मल्होत्र ने बीजेपी उम्मीदवार रामनिवास रावत को कड़ी टक्कर दी है। चुनाव हार गए रावत 21 राउंड की गिनती के बाद वन मंत्री रामनिवास रावत चुनाव हार गए हैं। इससे साफ संदेश है कि जनता ने उन्हें नकार दिया है। बल प्रयोग उनका काम नहीं आया है। विजयपुर चुनाव के दौरान छिटपुट घटनाएं भी घटी थी। इसके बावजूद रावत की हार हो गई है। 7364 वोट से हार विजयपुर में रामनिवास रावत की हार 7364 वोटों से हुई है। कांग्रेस उम्मीदवार मुकेश मल्होत्रा को कुल 100469 वोट मिले हैं। वहीं, बीजेपी के रामनिवास रावत को 93105 वोट मिले हैं। मंत्री पद की कुर्सी जाएगी गौरतलब है कि मंत्री बनने के बाद रामनिवास रावत ने मंत्री पद की कुर्सी छोड़ी थी। मध्य प्रदेश में नियम के मुताबिक बिना चुनाव जीते आप छह महीने तक मंत्री रह सकते है। रामनिवास रावत चुनाव हार गए हैं। ऐसे में अब उनकी मंत्री पद भी जाएगी। कांग्रेस की बड़ी जीत विजयपुर में कांग्रेस अपने गढ़ को बचाने में सफल रही है। उम्मीदवार मुकेश मल्होत्रा चुनाव जीतने में सफल रहे हैं। उनकी जीत जीतू पटवारी के लिए संजीवनी बूटी का काम करेगी। कांग्रेस से ही भाजपा में आए थे रामनिवास रावत कुछ समय पहले तक कांग्रेस विधायक रहे रामनिवास रावत ने भाजपा का दामन थाम लिया था। विजयपुर विधायक रहते उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। इससे क्षेत्र में नाराजगी थी। भाजपा में आकर मोहन सरकार में उन्हें वन मंत्री बनाया गया था। ऐसा माना जा रहा था कि रामनिवास रावत चुनाव आसानी से जीत जाएंगे, लेकिन क्षेत्र में विरोधी लहर काम कर गई। क्षेत्र की जनता ने ही उन्हें आइना दिखा दिया। बुधनी में भाजपा आगे इधर, शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) का गढ़ माने जाने वाले बुधनी विधानसभा में भाजपा ने बढ़त बनाए रखी है। शुरुआती रुझानों में कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल आगे थे, लेकिन भाजपा प्रत्याशी रमाकांत भार्गव ने धीरे-धीरे बढ़त बनाना शुरू कर दी। recent visitors 66

जवानों ने सफल अभियान का उत्सव हथियार हाथ में उठाकर जवान नाचते-गाते हुए मनाया

सुकमा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वर्ष 2026 तक छत्‍तीसगढ़ से नक्सलियों का सफाया करने का जो लक्ष्य तय किया था, पिछले 11 माह में डबल इंजन की सरकार ने नक्सलियों के विरुद्ध अभियान को गति देते हुए नक्सलियों की कमर तोड़ दी है। शुक्रवार को बस्तर संभाग के सुकमा जिले में भेज्जी थाना क्षेत्र के ग्राम कोराजुगुड़ा, दंतेसपुरम, नागाराम, भंडारपदर के जंगल-पहाड़ी में शुक्रवार को हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बल ने तीन महिला समेत दस नक्सलियों को ढेर कर दिया है। सभी के शव बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ स्थल से एके-47, इंसास, सेल्फ लोडिंग राइफल (एसएलआर), एक सिंगल शाट व पांच भरमार व पिस्टल बरामद किए गए हैं। नक्सलियों का लैपटाप भी मिला है। सफल अभियान का नाच कर मनाया जश्‍न सफल अभियान के बाद नक्सलियों के शव व हथियार लेकर जवान कोताचेरु स्थित सीआरपीएफ कैंप पहुंचे। डीआईजी कमलोचन कश्यप ने जवानों का मुंह मीठा कर सफल अभियान की बधाई दी। जवानों ने सफल अभियान का उत्सव हथियार हाथ में उठाकर जवान नाचते-गाते हुए मनाया। इससे पहले कांकेर में मिली सफलता का उत्सव भी जवानों ने इसी तरह से मनाया था। कुछ वर्ष पहले जब बस्तर में नक्सली मजबूत स्थिति में थे, तो सुरक्षा बल पर हमले के बाद इसी तरह से सफलता का जश्न मनाते थे। झीरम कांड में भी नक्सलियों ने नेताओं व जवानों को मारने के बाद शवों पर नाचकर जश्न मनाया था। नक्सलियों के विरुद्ध यह सर्वाधिक सफल वर्ष राज्य गठन के बाद से नक्सलियों के विरुद्ध यह सर्वाधिक सफल वर्ष रहा है। सुकमा मुठभेड़ में मारे गए 10 नक्सलियों के साथ इस वर्ष 207 नक्सलियों के शव पुलिस को मिल चुके हैं, जबकि इससे अधिक नक्सलियों को मार गिराने का पुलिस का दावा है। इस अवधि में 787 नक्सलियों को गिरफ्तार, 789 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया व 262 हथियार पुलिस को मिले हैं। 21 लाख के इनामी छह नक्सली की पहचान पुलिस के अनुसार मारे गए नक्सलियों में छह की पहचान कर ली गई है। इनमें आठ लाख का इनामी मड़कम मासा दक्षिण बस्तर डिविजन एमआइ प्रभारी व प्लाटून नंबर चार व आठ का प्रभारी था। पांच लाख का इनामी डिविजनल स्माल एक्शन टीम कमांडर व एरिया कमेटी सदस्य लखमा माड़वी भी मारा गया। अन्य सभी पांच प्लाटून नंबर चार के सदस्य दो-दो लाख के इनामी हैं। इनमें मासा की पत्नी दूधी मासा, मड़कम जीतू, मड़कम कोसी, कोवासी केसा की पहचान कर ली गई है। चार अन्य की पहचान की जा रही है। मारे गए नक्सलियों के शव को कांधे पर लेकर जवान मुख्यालय पहुंच चुके हैं। सभी जवान सुरक्षित हैं। 50 किमी चलकर पहुंचे जवान पुलिस को भेज्जी थाना क्षेत्र में कई दिनों से नक्सलियों के उपस्थिति की सूचना मिली रही थी। नक्सली भंडारपदर की पहाड़ी पर बड़ी साजिश रचने के इरादे से एकत्र हो रहे थे। इस पर तीन दिन पहले एक अभियान लांच किया गया। डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की छह टीम को एलारमड़गू, पालोड़ी और पोटकपल्ली से डीआरजी व सीआरपीएफ की टीम को अभियान पर भेजा गया था जवान लगभग 50 किमी की दूरी तय कर मुठभेड़ स्थल तक पहुंचे थे। शुक्रवार की सुबह डीआरजी की टीम के साथ भंडारपदर में नक्सलियों से मुठभेड़ हुई। दस किमी की घेराबंदी के बाद नक्सलियों को आत्मसमर्पण की चेतावनी दी गई, पर नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई के बाद रुक-रुक कर लगभग चार घंटे तक मुठभेड़ चली। जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली वहां से भाग खड़े हुए। जवानों के शौर्य के आगे साथियों के शव व हथियार को भी छोड़ना पड़ा। recent visitors 78