खतरे से बाहर हूं और आप सभी शुभचिंतकों का आभार, छत्तीसगढ़-रायपुर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किया ट्वीट

बेमेतरा/रायपुर. छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार ने बीती रात एक सड़क हादसे में घायल हो गए. इस घटना के दूसरे दिन उन्होंने अपने सोशल मीडिया एक्स पर ट्वीट कर अपने शुभचिंतकों का आभार जताया और जानकारी दी कि वे अब खतरे से बाहर हैं. उन्होंने लिखा, मेरे प्रिय शुभचिंतक भाइयों एवं बहनों, हाल ही में हुई दुर्घटना में ईश्वर की कृपा और आपकी दुआओं से मैं पूरी तरह सुरक्षित हूं और अब खतरे से बाहर हूं. आपके स्नेह, प्रार्थनाओं और आशीर्वाद ने मुझे अपार हिम्मत और शक्ति दी है, मैं आपके इस अपार स्नेह का ऋणी हूं. इस मुश्किल समय में जो प्रेम और साथ मुझे आपसे मिला, उसके लिए आप सभी का हृदय से आभार. बता दें, शुक्रवार रात मंत्री रामविचार नेताम बेमेतरा से राजधानी रायपुर लौट रहे थे. इसी दौरान रायपुर-बेमेतरा मार्ग पर जेवरा गांव के पास उनकी गाड़ी को पिकअप ने जोरदार टक्कर मार दी. इस हादसे में मंत्री नेताम और उनके 3 सहयोगी घायल हो गए. मंत्री नेताम के सिर पर चोट आई है और बाएं हाथ में कलाई के पास फ्रैक्चर है. हादसे की सूचना मिलते ही उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद ग्रीन कॉरिडोर बनाकर रायपुर के रामकृष्ण हॉस्पिटल लाया गया, जहां उनका इलाज जारी है. वहीं उनके रामकृष्ण अस्पताल पहुंचते ही सीएम साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने उनसे मुलाकात की और हाल चाल जाना. इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, सड़क दुर्घटना में हमारे मंत्री रामविचार नेताम चोटिल हुए हैं. अभी मैं उनसे मुलाकात कर बातचीत की. डॉक्टरों से भी मेरी बातचीत हुई है. रामविचार नेताम जी बिल्कुल ठीक हैं. उनके सिर और हाथ में चोट आई है, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है. वे खतरे से बाहर हैं और बहुत जल्द ठीक हो जाएंगे. सीटी स्कैन की रिपोर्ट में कोई भी अंदरूनी चोट नहीं पाई गई है. उनके साथ जो लोग थे, उनमें से कुछ को ज्यादा चोट आई है. हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि वे जल्द ठीक हो जाएं. स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने बताया, हादसे के बाद मौके पर ही घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया. इसके बाद रायपुर रेफर किया गया है. विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में मंत्री रामविचार नेताम का इलाज जारी है. मंत्री खतरे से बाहर हैं. सीटी किया गया है. हाथ की कलाई के पास फैक्चर हुआ है. माथे में सूजन है. देखें मंत्री रामविचार नेताम का ट्वीट: ""मेरे प्रिय शुभचिंतक भाइयों एवं बहनों, हाल ही में हुई दुर्घटना में ईश्वर की कृपा और आप सभी की दुआओं से मैं पूरी तरह सुरक्षित हूं और अब खतरे से बाहर हूं। आपके स्नेह, प्रार्थनाओं और आशीर्वाद ने मुझे अपार हिम्मत और शक्ति दी है, मैं आपके इस अपार स्नेह का ऋणी हूं। इस मुश्किल समय में… — Ramvichar Netam (@RamvicharNetam) November 23, 2024"" recent visitors 76

रुझानों पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि यह जनता का फैसला नहीं है बल्कि कुछ तो गड़बड़ है

मुंबई महाराष्ट्र चुनाव के रुझानों में महायुति की जबरदस्त वापसी को लेकर उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. ताजा रुझानों में 221 सीटों पर महायुति आगे चल रही है जबकि अघाडी केवल 55 सीटों पर आगे है. इन रुझानों पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि यह जनता का फैसला नहीं है बल्कि कुछ तो गड़बड़ है. उन्होंने कहा कि महायुति ने पूरी मशीनरी को कब्जे में लिया. इस राज्य की जनता बेईमान नहीं है. शिंदे के सारे उम्मीदवार कैसे जीत सकते हैं? संजय राउत ने कहा, 'दो दिन पहले गौतम अडानी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में एक अरेस्ट वारंट निकला. रिश्वत का केस है 2 हजार करोड़ का, उसमें भाजपा की पोल खुल गई. उस पर से ध्यान हटाने के लिए ये पूरा एक कपट कारिस्तानी हुई है, उसकी तैयारी पहले से चल रही थी. महाराष्ट्र गौतम अडानी की जेब में जा रहा है, मुंबई अडानी की जेब में जा रहा है, हमने विरोध किया कि अडानी राष्ट्र नहीं होने देंगे. इस प्रकार के नतीजे के राज्य पर लादे गए हैं.' ये फैसला जनता का नहीं है- राउत संजय राउत ने कहा, 'इस प्रकार के नतीजे महाराष्ट्र के ऊपर लादे गए हैं. महाराष्ट्र की जनता का मन हमें मालूम है ये हो ही नहीं सकता है. लाडकी बहन योजना को लेकर किए गए सवाल पर राउत ने कहा, 'यहां लाडले भाई हैं, लाडले नाना जी हैं, लाडले दादा जी हैं. सब कुछ लाडले हैं यहां. हमको मालूम है कि यहां क्या है, ये जो निर्णय आया है वो जनता का नहीं है.' उन्होंने कहा कि शिंदे के सारे उम्मीदवार कैसे जीत रहे हैं. राउत ने कहा, 'लोकसभा के दो चुनाव 2014 और 2019 में मोदी और शाह ने यही किया था कि विपक्ष का नेता कांग्रेस को नहीं मिलना चाहिए, इस बार वही रणनीति इन्होंने महाराष्ट्र में अपनाई है कि विधानसभा में कोई विपक्ष का नेता नहीं रहेगा, ये हमेशा बीजेपी की रणनीति रही है.' recent visitors 81

मुख्यमंत्री ने कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर दिये निर्देश

जन कल्याण और कानून व्यवस्था की स्थिति आदर्श रहे, कलेक्टर, एसपी होंगे जिम्मेदार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव खाद वितरण कार्य व्यवस्थित हो, कालाबाजारी करने वालों के विरूद्ध उठाएं सख्त कदम जिलों में व्यवस्थाएं देखने खुद मैदान में उतरें वरिष्ठ अधिकारी नरवाई के प्रबंधन के लिए हुई सिवनी जिले के कार्यों की प्रशंसा मुख्यमंत्री ने कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर दिये निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी जिलों में चाहे विकास का प्रश्न हो, शासन की प्राथमिकताओं के अनुसार कार्यों का क्रियान्वयन या कानून-व्यवस्था की बात हो, आदर्श स्थिति बनाए रखने का दायित्व कलेक्टर-एसपी का है। अपने जिले में सभी व्यवस्थाओं के लिए कलेक्टर्स और एसपी जिम्मेदार होंगे। जिन जिलों से अनियमितताओं की शिकायतें आएंगी, वहां बड़े अधिकारियों को भी नहीं बख्शा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जन-कल्याण की दृष्टि से जिलों के पुनर्गठन के लिए राज्य शासन ने आयोग गठित किया है। इसमें कलेक्टर और जन-प्रतिनिधि भी जरूरी सुझाव देकर सहयोग करें। आने वाले समय में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण, आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व देने जैसे निर्णय क्रियान्वित होंगे। इस दृष्टि से अनेक प्रशासनिक कार्यों का सह संबंध रहेगा। जिला स्तर पर भी जन-कल्याण के साथ प्रशासनिक सुधार प्राथमिक कार्य है। परीक्षाओं को देखते हुए निर्धारित ध्वनि से अधिक कोलाहल यंत्रों पर नियंत्रण, नशे का व्यापार करने वालों पर अंकुश, पराली जलाने पर रोक, किसानों के लिए खाद और उर्वरक के व्यवस्थित वितरण, राजस्व कार्यों के त्वरित निराकरण को मुस्तैदी से किया जाए। खाद की कालाबाजारी करने वालों के विरूद्ध सख्त कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कलेक्टर, कमिश्नर कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर्स ने जिलों में बेस्ट प्रैक्टिसेस की जानकारी दी। धान, ज्वार-बाजरा और सोयाबीन की खरीदी, जिलों में हों नवाचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में धान, ज्वार-बाजरा और सोयाबीन खरीदी से संबंधित कार्य व्यवस्थित रूप से सम्पन्न किए जाएं। जिन जिलों से अनियमितताओं की जानकारी प्राप्त होगी, वहां दोषी अधिकारियों को नहीं बख्शा जाएगा। उपार्जन केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं होना चाहिए। खाद, बीज की समय-सीमा में उपलब्धता और व्यवस्थित वितरण को सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश में पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध होने के बावजूद जिन स्थानों से वितरण की अव्यवस्था संबंधित शिकायतें मिलेंगी, वहां दोषी अधिकारियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शाजापुर जिले में एक नवाचार किया गया है, जिसमें टोकन वितरण सीएम हेल्पलाइन 181 की मदद से करते हुए अनावश्यक लाइन नहीं लगी और कार्य सुचारू रूप से सम्पन्न हुआ। अतिरिक्त काउंटर बनाकर भी सागर और दमोह जिलों में अधिकारियों कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। इसी तरह इंदौर जिले में 65 वर्ष से अधिक आयु के किसानों के लिए पृथक काउंटर बनाया गया। ऐसे सफल प्रयोग अन्य जिलों में भी किए जाएं। ड्रोन का उपयोग प्रोत्साहित किया जाए, नरवाई जलाने पर लगे अंकुश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि कार्य में ड्रोन के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए। ड्रोन के माध्यम से यूरिया के छिड़काव और खाद डालने से सामग्री की बचत भी संभव है। आवश्यकतानुसार किसानों को किराये पर ड्रोन उपलब्ध कराने, प्राकृतिक जैविक कृषि को प्रोत्साहित करने, प्राकृतिक खेती विकास योजना के क्रियान्वयन और किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं। नरवाई प्रबंधन की रणनीति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरवाई प्रबंधन के प्रयासों की भी जानकारी प्राप्त की। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के चयनित जिलों में सुपर सीडर और हैप्पी सीडर के प्रयोग की रणनीति बनाई गई है। इससे नरवाई के नियंत्रण का कार्य संभव होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरवाई प्रबंधन के अंतर्गत किसानों को जागरूक बनाने के लिए नरवाई रथ के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने को कहा। जीरो टिलेज तकनीक के माध्यम से बोवनी, 40 हजार एकड़ के जीरो टिलेज फार्मिंग के फसल प्रदर्शन और सुपर सीडर एवं हैप्पी सीडर द्वारा नरवाई प्रबंधन और बोवनी के कार्य कुछ जिलों में किए जा रहे हैं। इनका अन्य जिलों में विस्तार किया जाए। प्रदेश के 30 जिलों के 400 ग्रामों को नरवाई जलाने से मुक्त ग्राम बनाने के लिए चयनित किया गया है। सिवनी जिले में धारा 144 लगाने, 25 पंचनामें बनाने और सुपर सीडर एवं हैप्पी सीडर का उपयोग बढ़ाने का कार्य कृषि विभाग और जिला प्रशासन के अमले ने मैदान पर जाकर किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रयोग की सराहना की। नर्मदापुरम कलेक्टर ने बताया कि नरवाई जलाने से रोकने के लिए खेत पाठशालाएं लगाई गईं और किसान जागरूकता रथ चलाए गए। कुछ जिलों में किसानों ने स्वयं नए यंत्रों पर उपलब्ध अनुदान का लाभ लेते हुए जागरूकता का परिचय दिया है। किसानों और आमजन को राजस्व महाअभियान का लाभ दिलवाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक माह अवधि के राजस्व महाअभियान 3.0 का शुभारंभ 15 नवम्बर को हो चुका है। इस अभियान में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप किसानों और आमजन को लाभ दिलवाया जाए। पीएम किसान योजना के लिए फार्मर आईडी को दिसम्बर 2024 से अनिवार्य किया जा रहा है। इस नाते कलेक्टर्स इस कार्य को सुनिश्चित करें। खसरा एवं आधार लिंकिंग का कार्य शिविर लगाकर किया जाए। स्वामित्व योजना के समस्त ग्रामों से सबंधित दस्तावेज भी पूर्ण और व्यवस्थित करते हुए राजस्व महाभियान से स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जोड़ा जाए। वीडियो कांफ्रेंस एवं बैठक में जानकारी दी गई कि  राजस्व महाअभियान 3.0 प्रदेश में एक लाख से अधिक नामांतरण, 10 हजार से अधिक बँटवारा, लगभग 20 हजार सीमांकन और एक लाख 39 हजार नक्शा बटांकन, करीब 4 हजार अभिलेख दुरूस्ती और लगभग 2 लाख आधार से खसरे लिंक करने का लक्ष्य तय किया गया है। गीता जयंती कार्यक्रम पूरे  प्रदेश में हों मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि प्रदेश में 11 दिसम्बर को गीता जयंती पर अनेक कार्यक्रम हो रहे हैं, जिनका व्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उज्जैन एवं भोपाल में गीता भवन के भूमि पूजन के साथ ही भगवान श्रीकृष्ण की परम्परा से संबंधित विविध आयोजन सम्पन्न होंगे। इसकी विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई है। इनमें गीता संवाद, गीता के सस्वर पाठ की वर्ल्ड रिकार्ड प्रस्तुति के प्रयास भी … Read more

मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा-फ्लोरीकल्चर के माध्यम से किसान भाई अच्छा लाभ कमा सकते हैं

भोपाल उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि फ्लोरीकल्चर के माध्यम से किसान भाई अच्छा लाभ कमा सकते हैं। गत 4 वर्षों में मध्यप्रदेश में फूलों के उत्पादन क्षेत्र में 5 हजार हैक्टेयर की वृद्धि हुई है। इसके परिणाम स्वरूप प्रदेश के किसानों द्वारा 4 लाख 71 हजार मीट्रिक टन से अधिक फूलों का उत्पादन किया गया है जो एक रिकॉर्ड है। मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि प्रदेश में छोटे किसान जिनके पास एक या आधा हैक्टेयर भूमि है, वे भी फूलों के उत्पादन से अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं। फूलों की खेती कम समय में तैयार हो जाती है और यह केशक्रोप होती है। इससे कृषकों को फसल का तुरंत नगद भुगतान प्राप्त हो जाता है। मध्यप्रदेश के फूलों की नई दिल्ली, मुम्बई, नागपुर, अहमदाबाद, जयपुर जैसे महानगरों में अच्छी मांग है। उद्यानिकी विभाग द्वारा फूलों के उत्पादन करने वाले कृषकों को प्रोत्सहित किया जा रहा है। नर्सरियों को किया जा रहा है हाई टैक मंत्री श्री कुशवाह ने बताया कि प्रदेश की नर्सरियों को हाई टैक किया जा रहा है। इसके लिये ई-नर्सरी पोर्टल भी बनाया गया है। इनसे फूल-फल उत्पादक को अच्छी किस्म के बीज और पौधे रियायती दरों में प्राप्त हो रहे है। प्रदेश में 100 दिवसीय कार्ययोजना में 20 हजार किसानों और युवाओं को आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित किया गया है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत ग्वालियर में 13 करोड़ रूपये लागत से पहली हाई टैक फ्लोरीकल्चर नर्सरी विकसित की जा रही है। यह नर्सरी फूलों की खेती में नवीनतम तकनीकों का प्रयोग किया जाएगा। संचालक उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ने बताया कि प्रदेश में गत चार वर्षों में फूलों के उत्पादन में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2021-22 में प्रदेश में 35 हजार 720 हैक्टेयर में फूलों की खेती की गई जिसमें 4 लाख 12 हजार 730 मैट्रिक टन उत्पादन हुआ था। जबकि वर्ष 2023-24 में 41 हजार 49 हैक्टेयर में 4 लाख 71 हजार 584 मैट्रिक टन फूलों का उत्पादन हुआ जो 2021-22 की तुलना में 58 हजार 854 मैट्रिक टन अधिक है।   recent visitors 53

पर्थ टेस्ट में भारतीय गेंदबाजों को जोरदार कमबैक, ऑस्ट्रेल‍िया सस्ते में सिमटी 46 रनों की बढ़त म‍िली

पर्थ  भारत और ऑस्ट्रेल‍िया के बीच बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 के पहले टेस्ट का आज (23 नवंबर) दूसरा द‍िन है. इस मुकाबले में भारतीय की पहली पारी महज 150 रनों पर आउट हो गई. अब ऑस्ट्रेल‍िया की टीम पहली पारी में 104 रनों पर ऑलआउट हो गई. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 22 नवंबर से पर्थ में शुरू हुआ. आज इस मैच का दूसरा द‍िन है. भारतीय टीम इस मैच में अपनी पहली पारी में 150 रनों पर स‍िमट गई. जवाब में ऑस्ट्रेल‍िया की टीम 104 रनों पर ऑलआउट हो गई. भारत को पहली पारी में 46 रनों की बढ़त म‍िली है. ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी सिमटी ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 104 रनों पर सिमट गई है. पहली पारी के आधार पर भारत को 46 रनों की लीड मिली है. ऑस्ट्रेलिया का आखिरी विकेट मिचेल स्टार्क के रूप में गिरा, जो 26 रन बनाकर हर्षित राणा की गेंद पर ऋषभ पंत को कैच थमा बैठे. भारत की ओर से पहली पारी में जसप्रीत बुमराह ने सबसे ज्यादा 5 विकेट लिए. वहीं हर्षित राणा को तीन, जबकि मोहम्मद सिराज को दो सफलताएं हासिल हुईं. जसप्रीत बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया में रचा इतिहास, ऐसा करने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज  भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जा रहा पहला टेस्ट मैच पहले दिन से ही रोमांचक हो चला है. भारतीय टीम 150 रन पर ऑलआउट हुई तो सभी बल्लेबाजों की बुराई करने लगे लेकिन इसके बाद जो जसप्रीत बुमराह के गेंदबाजों ने किया उसने मैच का रोमांच दोगुना कर दिया. कप्तान बुमराह ने पर्थ टेस्ट मैच के पहले दिन यादगार प्रदर्शन किया. गेंदबाजी और कप्तानी दोनों में से कंगारू टीम के पसीने छुड़ा दिए. पर्थ टेस्ट के पहले दिन दाएं हाथ के तेज गेंदबाज बुमराह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट झटके और मैच में टीम इंडिया को वापसी कराई. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी को ध्वस्त कर दिया और उनके ओपनर्स को जल्दी पवेलियन भेज दिया. बुमराह ने इसके बाद स्टीव स्मिथ का विकेट लिया जो पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गए. इस विकेट को लेने के साथ ही बुमराह ने वो कर दिया जो इससे पहले कोई भी गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया में आकर नहीं कर पाया था. बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया में रचा इतिहास बुमराह ने इतिहास रचते हुए रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराया. बुमराह एकमात्र गेंदबाज हैं जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया में स्टीव स्मिथ को गोल्डन डक (पहली ही गेंद पर आउट) पर आउट किया है. स्मिथ केवल दो बार गोल्डन डक पर आउट हुए हैं. 2014 में डेल स्टेन ने दक्षिण अफ्रीका में स्मिथ को गोल्डन डक पर आउट किया था. इसके बाद 10 साल तक स्मिथ गोल्डन डक पर आउट नहीं हुए थे. बुमराह ने स्मिथ को पहली ही गेंद पर आउट कर एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया. हैट्रिक से चूके बुमराह रोहित शर्मा की जगह इस मैच में कप्तानी कर रहे बुमराह पर्थ टेस्ट की पहली पारी में हैट्रिक से चूक गए. उनके चार विकेट और बाकी गेंदबाजों की घातक बॉलिग की वजह से भारत ने पहले दिन 7 ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को आउट कर दिया. पहले दिन के अंत में ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 67/7 था, जबकि भारत ने 150 रन बनाए थे. recent visitors 57

महाराष्ट्र में एक बार फिर महायुति, झारखंड में भी सोरेन की वापसी के बन रहे समीकरण

मुंबई महाराष्ट्र और झारखंड का सियासी भविष्य आज तय होने वाला है. आज तय हो जाएगा कि महाराष्ट्र में महायुति सरकार की वापसी होगी या महाविकास अघाड़ी के हाथों में सत्ता जाएगी. पूरे देश की निगाहें इन दो राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर है. हालांकि, बिहार, राजस्थान, पंजाब, केरल सहित 16 राज्यों की 48 सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे भी आज ही आ रहे हैं. केरल की वायनाड लोकसभा सीट पर भी सबकी नजर है, क्योंकि यहां से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी मैदान में हैं. सभी सीटों पर काउंटिंग 8 बजे शुरू हो गई है. महाराष्ट्र का सियासी गणित महाराष्ट्र में 20 नवंबर को सभी 288 सीटों पर 95% से ज्यादा मतदान हुआ. सत्तारूढ़ महायुति में शामिल BJP ने 149 सीट, एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 81 सीट और अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP ने 59 सीटों पर चुनाव लड़ा. एमवीए में शामिल कांग्रेस ने 101, शिवसेना (UBT) ने 95 और NCP (शरदचंद्र पवार) ने 86 सीटों पर चुनाव लड़ा था. झारखंड में क्या स्थिति झारखंड की 81 विधानसभा सीटों पर 2 चरणों में वोटिंग हुई. पहले चरण में 13 नवंबर को 43 सीटों पर 66.65% तो दूसरे चरण में 20 नवंबर को 38 सीटों पर 68.45% मतदान हुआ. राज्य में NDA (भाजपा-एजेएसयू) और INDIA ब्लॉक (झामुमो-कांग्रेस) के बीच मुकाबला है. महाराष्ट्र के रुझानों में महायुति की आंधी महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन ने रुझानों में INDIA गठबंधन को काफी पीछे छोड़ दिया है. महायुति गठबंधन 196 सीटों पर आगे चल रहा है तो वहीं 78 सीटों पर एमवीए गठबंधन आगे है. वहीं, झारखंड की बात करें तो यहां एनडीए गठबंधन और INDIA ब्लॉक के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है. यहां 38 सीटों पर एनडीए तो 39 सीटों पर INDIA गठबंधन आगे चल रहा है.  राज ठाकरे के बेटे अमित चल रहे पीछे महाराष्ट्र की मानखुर्द शिवाजी नगर सीट से सपा नेता अबू आजमी आगे चल रहे हैं. इस सीट से एनसीपी के नवाब मलिक पीछे चल रहे हैं. वहीं, माहिम से शिव सेना (यूबीटी) के महेश सावंत आगे चल रहे हैं. यहां से राज ठाकरे के बेटे अमित अमित ठाकरे पीछे चल रहे हैं.  झारखंड में लगातार बदल रहे हैं रुझान झारखंड में रुझान लगातार बदल रहे हैं. कभी इंडिया ब्लॉक तो कभी एनडीए आगे हो रहा है और दोनों गठबंधनों के बीच कांटे की टक्कर चल रही है. ताजा रुझानों में एनडीए जहां 39 सीटों पर आगे चल रहा है तो वहीं इंडिया ब्लॉक 37 सीटों पर आगे है. रुझानों में एनडीए की बनी सरकार झारखंड के ताजा रुझानों में एनडीए को बहुमत मिल गया है. 81 सीटों में से 43 में बीजेपी नीत एनडीए आगे चल रहा है. वहीं महाराष्ट्र में भी महायुति ने रुझानों में बहुमत हासिल कर लिया है. राज्य की 288 सीटों में से फिलहाल महायुति 150 और महाविकास अघाडी 96 सीटों पर आगे है.  झारखंड में कौन आगे-कौन पीछे निर्वाचन आयोग ने अपनी वेबसाइट पर रुझान जारी किए हैं, जिसके अनुसार सुबह 9.45 बजे तक विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ 19 सीट पर, राजग 13 सीट पर, एक-एक सीट पर निर्दलीय और जेकेएलएम आगे हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बरहेट विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के गमलील हेम्ब्रोम से 2,812 मतों से आगे हैं। सरायकेला में पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा उम्मीदवार चंपई सोरेन झामुमो के गणेश महली से 2,986 मतों से पीछे हैं। बेरमो में कांग्रेस के कुमार जयमंगल सिंह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के रवींद्र पांडे से 3,610 मतों से आगे हैं। सिमडेगा में भाजपा प्रत्याशी श्रद्धानंद बेसरा आगे हैं। विधानसभा चुनाव दो चरणों में 13 और 20 नवंबर को हुआ था। पहले चरण में 43 सीट पर और दूसरे चरण में 38 सीट पर मतदान हुआ हुआ था।।   recent visitors 75

छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारियां जोर-शोर से चल

रायपुर छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार चुनावी प्रक्रिया को लेकर कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। आगामी 11 दिसंबर को नगरीय निकाय चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। चुनाव एक साथ कराने की योजना अगले वर्ष जनवरी या फरवरी में विधानसभा बजट सत्र से पहले की जा रही है। इसके बाद, दिसंबर में चुनावों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी, और जैसे ही घोषणा होगी, आचार संहिता लागू हो जाएगी। अलग-अलग तारीखों पर होगा चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की तारीखें थोड़ी अलग-अलग होंगी, क्योंकि एक ही दिन दोनों चुनाव कराना संभव नहीं है। आगामी फरवरी में विधानसभा बजट सत्र से पहले दोनों चुनाव कराने की योजना है। हालांकि, दोनों चुनावों की अधिसूचनाएं अलग-अलग जारी की जाएंगी। पंचायत चुनाव के नतीजे मतदान के दिन ही घोषित कर दिए जाते हैं, जबकि नगरीय निकाय चुनावों के नतीजे कई चरणों में होने के बाद तय तारीख को घोषित किए जाएंगे। निर्वाचन आयोग ने तेज़ी से चलने वाली प्रक्रिया का किया ऐलान नगरीय निकाय चुनाव का कार्यकाल समाप्त होने को है, और इसके चलते निर्वाचन आयोग ने सभी प्रक्रियाओं को तेज़ी से पूरा करने की योजना बनाई है। दिसंबर में होने वाले विधानसभा सत्र से पहले अधिकांश काम पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। नियमों में बदलाव की आवश्यकता इन चुनावों को एक साथ कराने से पहले राज्य सरकार को कई महत्वपूर्ण काम करने होंगे। नगर पालिका अधिनियम, नगर निगम अधिनियम और पंचायत अधिनियम में संशोधन की जरूरत होगी। इसके लिए कैबिनेट, राज्यपाल और विधानसभा की मंजूरी की आवश्यकता होगी। विधानसभा सत्र 16 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है, और इसी दौरान ये संशोधन किए जा सकते हैं। चुनाव की घोषणा के बाद बनेगा कार्यक्रम अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग ने ओबीसी सर्वे रिपोर्ट शासन को सौंप दी है, और इस रिपोर्ट को सैद्धांतिक मंजूरी भी मिल चुकी है। नगर पालिका निगम, नगर पालिकाओं और नगर पंचायत के अध्यक्षों के चुनाव को लेकर कैबिनेट जल्द ही फैसला करेगी कि ये चुनाव सीधे प्रणाली से होंगे या नहीं। इसके बाद राज्यपाल से अध्यादेश की मंजूरी प्राप्त होगी, और राज्य निर्वाचन आयोग इसके बाद चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करेगा। ऐसे में, सरकार की अगली कैबिनेट बैठक महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। recent visitors 51