मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाइटैक गौ-शाला का भूमि-पूजन करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बरखेड़ी डोब, भोपाल में 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाइटैक गौ-शाला का भूमि-पूजन आज प्रात: 10 बजे करेंगे। इस अवसर पर पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में वर्तमान वर्ष (चैत्र माह से फाल्गुन माह तक) गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए भोपाल के बरखेड़ी डोब में 10 हजार गायों की क्षमता वाली अत्याधुनिक गौ-शाला के निर्माण की योजना है। गौ-शाला लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में बनाई जा रही है। इसमें गायों के आधुनिक तरीके से रख-रखाव के साथ ही उनके उपचार के लिए सभी संसाधनों से युक्त चिकित्सा वार्ड का भी निर्माण किया जाएगा। गौ-शाला में सीसी टीवी के माध्यम से निरंतर मॉनीटरिंग की व्यवस्था रहेगी। लगभग 15 करोड रुपए की लागत की गौ-शाला का निर्माण कार्य ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा कराया जाएगा, वहीं नगर निगम एवं पशुपालन विभाग नोडल एजेंसी होंगे। गौ-शाला को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और जिला पंचायत द्वारा वित्तपोषण किया जाएगा। गौ-शाला का संचालन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। गौ-शाला का निर्माण तीन चरणों में होगा, जिसमें प्रथम चरण में लगभग 2000 पशु क्षमता का निर्माण किया जाएगा। इस अत्याधुनिक गौ-शाला में गायों को भूसा, हरा घास, पशु आहार आदि कन्वेयर बेल्ट के माध्यम से पहुंचाया जाएगा। गौ-शाला में गायों के गोबर एवं मूत्र आदि से विभिन्न सामग्री तैयार की जाएगी और जैविक खाद निर्माण के लिए संयंत्र भी लगाया जाएगा। गौ-शाला में रहने वाले पशुओं एवं सड़कों पर घायल एवं बीमार होने वाले पशुओं के उपचार के लिए चिकित्सा वार्ड भी बनाया जा रहा है। recent visitors 69

14 मार्च से आईपीएल 2025 का होगा आगाज, 25 मई को खेला जायेगा

मुंबई इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) अगला सत्र 14 मार्च 2025 से शुरु होगा और फाइनल मुकाबला 25 मई को खेला जायेगा। फ्रेंचाइजी को भेजे गए ईमेल में आईपीएल के तीन सत्रों के लिए घोषित तारीखों के बारे में बताया गया है। घोषणा के अनुसार टूर्नामेंट का अगला सत्र 14 मार्च 2025 से शुरू होगा और फाइनल मुकाबला 25 मई को खेला जाएगा। वहीं 2026 का सत्र 15 मार्च से 31 मई तक चलेगा। जबकि 2027 का सत्र 14 मार्च से 30 मई तक होगा। घोषणा के अनुसार पिछले सत्र की तरह 2025 सत्र में 74 मैच होंगे। हालांकि यह संख्या आईपीएल द्वारा 2022 में सूचीबद्ध 84 मैचों से दस कम है। नए चक्र के लिए टेंडर दस्तावेज में आईपीएल ने हर सत्र में मैचों की अलग अलग संख्या का वर्णन किया है। 2023 और 2024 में 74 मैच जबकि 2025 और 2026 में 84 और इस अनुबंध के अंतिम वर्ष यानी 2027 में 94 मैच खेले जाने का जिक्र था। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने अपने सभी खिलाड़ियों अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों को 2025 सत्र में खेलने की मंजूरी दे दी है। इसके अलावा अधिकतर पूर्ण सदस्य देश इंग्लैंड, श्रीलंका बंगलादेश, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के क्रिकेट बोर्डो ने अपने खिलाड़ियों को अगले तीन सत्र के लिए आईपीएल में खेलने की अनुमति दे दी है। इसमें पाकिस्तान शामिल नहीं है, जिनके खिलाड़ियों को 2011 के बाद से ही आईपीएल में खेलने का मौका नहीं मिला है।   recent visitors 100

वृहद, मध्यम एवं सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में निरंतर सिंचाई का रकबा बढ़ रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसान हितैषी सरकार है, जो सबसे ज्यादा फिक्र अपने अन्नदाता की करती है। सरकार निरंतर हर खेत तक पानी पहुंचाने के कार्य कर रही है। जल संसाधन विभाग की विभिन्न वृहद, मध्यम एवं सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में निरंतर सिंचाई का रकबा बढ़ रहा है। सिंचाई की समुचित व्यवस्था हो जाने से अब किसान 2 फसलों के स्थान पर 3 फसल लेने लगे है। इससे उत्पादन में भी वृद्धि हुई है और किसान समृद्ध भी हो रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सिंचाई के रकबे में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। वर्ष 2003 में जहां प्रदेश का सिंचाई रकबा लगभग 3 लाख हेक्टेयर था, आज बढ़कर लगभग 50 लाख हेक्टेयर हो गया है। प्रदेश की निर्मित और निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं से प्रदेश में वर्ष 2025-26 तक सिंचाई का रकबा लगभग 65 लाख हेक्टेयर होने की संभावना है। सरकार ने वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की सिंचाई क्षमता 1 करोड़ हैक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए प्रदेश में तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है। सरकार ने विभाग के लिए बजट में भी पर्याप्त राशि का प्रावधान किया है। वर्ष 2024-25 के बजट में सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण एवं संधारण के लिए 13 हजार 596 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं में केन-बेतवा लिंक परियोजना एक महत्वाकांक्षी नदी जोड़ों राष्ट्रीय परियोजना है। इसमें केन नदी पर दौधन बांध, आनुषंगिक कार्य एवं लिंक नहर का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इस परियोजना के अंतर्गत बेतवा कछार में बीना काम्पलेक्स, कोटा बैराज तथा लोअरओर परियोजनाओं का निर्माण किया जाना सम्मिलित है। परियोजना से मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी एवं दमोह जिलों में माइक्रो इरिगेशन से केन कछार में 4.5 लाख हेक्टेयर, बेतवा कछार के विदिशा, रायसेन, सागर, शिवपुरी एवं दतिया जिलों में 2.06 लाख हेक्टेयर तथा उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा, महोबा और झांसी जिलों में 2.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के साथ पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। परियोजना से उत्पन्न होने वाली 103 मेगावाट जल विद्युत तथा 27 मेगावाट सौर ऊर्जा पर पूरा अधिकार मध्यप्रदेश का होगा। परियोजना के द्वितीय चरण की डीपीआर राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण द्वारा वर्ष 2014 में तैयार की गई। इसके अंतर्गत मध्यप्रदेश द्वारा बेतवा कछार में अंतिम रूप से प्रस्तावित 3 परियोजनाएं: बीना परिसर से 96 हजार हेक्टेयर, कोटा बैराज से 20 हजार हेक्टेयर तथा लोअर ओर परियोजना से 90 हजार हैक्टेयर सिंचाई प्रस्तावित है। साथ ही परियोजनाओं से 66.7 मिलियन घन मीटर पेयजल एवं मांग आधार पर उद्योगों हेतु जल का प्रावधान रखा गया है। परियोजना की सभी वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं। मध्यप्रदेश में द्वितीय चरण की परियोजना का कार्य प्रगति पर है। परियोजना के कार्यान्वयन के लिए मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय के बीच एक त्रिपक्षीय सहमति ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में हस्ताक्षरित किया गया। परियोजना के क्रियान्वयन के लिए केंद्रीय मंत्रि-परिषद द्वारा 44 करोड़ 605 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना को 8 वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पार्वती-काली-सिंध-चंबल लिंक परियोजना एक अन्य महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसके लिए मध्यप्रदेश, राजस्थान और केंद्र सरकार के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ है। इस परियोजना से प्रदेश के 10 जिलों को लाभ मिलेगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना, संशोधित पार्वती-कालीसिंध परियोजना और नर्मदा घाटी की अन्य प्रस्तावित महत्वपूर्ण परियोजनाओं से प्रदेश में 19 लाख 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी। प्रदेश में "पर ड्रॉप मोर क्रॉप" के उद्देश्य की पूर्ति के लिए 133 वृहद् एवं मध्यम प्रेशराइज्ड सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली आधारित परियोजना निर्माणाधीन है। प्रदेश में 1320 करोड़ रुपए की लागत वाली चितरंगी दाब युक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना स्वीकृत हुई है। इस परियोजना से सिंगरौली जिले में 32 हजार 125 हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र विकसित होगा। इसी प्रकार 4197 करोड़ 58 लाख रुपए की लागत से जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को भी स्वीकृत किया गया है। नीमच जिले में इस परियोजना से 18 हजार 600 हेक्टेयर में सिंचाई क्षेत्र विकसित होगा।   recent visitors 103

टीकमगढ़ प्रशासन ने ग्रामीणों की पीड़ा जानने ‘प्रशासन गांव की ओर’ नवाचार आरंभ किया

टीकमगढ़   ग्रामीण जिला मुख्यालय तक आकर परेशान न हों, इसलिए टीकमगढ़ प्रशासन ने उनकी पीड़ा जानने के लिए जनसुनवाई जैसे मंच को उनके द्वार तक पहुंचाने का नवाचार आरंभ किया। इसे नाम दिया ‘प्रशासन गांव की ओर’। नतीजा यह हुआ कि जिला मुख्यालय पर प्रत्येक मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में शिकायती आवेदन 90 प्रतिशत तक कम हो गए। दिसंबर 2023 में शुरू किए इस नवाचार में कलेक्टर अवधेश शर्मा ने इसके लिए मातहत 324 अधिकारियों को प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया है। कलेक्टर करते हैं औचक निरीक्षण यह प्रतिनिधि जनसुनवाई करते हैं और शिकायतों को गूगल फॉर्म पर भरकर कलेक्टर के समक्ष पेश करते हैं। इतना ही नहीं इनकी समीक्षा साप्ताहिक टीएल बैठक में सबसे पहले की जाती है। मंगलवार को कभी भी कलेक्टर बिना बताए किन्हीं पांच गांव पहुंच जाते हैं। औचक निरीक्षण के भय से सभी अफसर हर जनसुनवाई में मौजूद रहते हैं। दरअसल कलेक्टर ने देखा कि गांव स्तर से लोग जिला मुख्यालय आते हैं और फिर आवदेन टाइप कराना सहित उनके कई खर्चे होते थे। इसके पूर्व भी ग्राम पंचायत स्तर पर कर्मचारियों से अपेक्षा थी कि निचले स्तर पर ही समस्याओं का निराकरण हो जाए, लेकिन मॉनीटरिंग की बेहतर व्यवस्था न होने से समस्याओं का निराकरण तेजी व गारंटी के साथ नहीं हो पाता था और लोगों को एक ही प्रकार की शिकायत के लिए ग्राम पंचायत स्तर से लेकर जिला मुख्यालय तक कई आवेदन देने पड़ जाते थे। जब तक ग्रामीण स्वयं कलेक्टर के हाथ में आवेदन नहीं थमा देते थे, तब तक उन्हें निराकरण होने का भरोसा नहीं रहता था। ऐसे में कलेक्टर ने इस नवाचार को शुरू किया। अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि बने सहभागी अभियान में पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत सरपंच भी सक्रिय भूमिका में है। सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य आदि को भी इस प्रक्रिया के बारे में अवगत कराते हुए इसमें सहभागी बनाया है, जो अधिकारी ग्राम पंचायत स्तर पर अपनी ड्यूटी के लिए जाते हैं। शासन की उनसे स्वयं क्षेत्र भ्रमण की अपेक्षा रहती है, जिसे मंगलवार की जनसुनवाई से जोड़कर इसका भी समाधान किया गया। साथ ही कार्यालय का संचालन विधिवत होता है, जिसमें कोई व्यवधान नहीं आता। पेपरलैस है पूरा सिस्टम सुनवाई का यह पूरा सिस्टम पेपरलैस है। इसमें क्विक रिस्पॉन्स मैकेनिज्म भी तैयार किया गया है, जिसमें एक सरल गूगल फॉर्म विकसित किया गया है, जिसमें महत्वपूर्ण मु्द्दे जैसे पीडीएस, पेयजल की समस्या, मध्याह्न भोजन, राजस्व, आवास, स्वच्छता की शिकायतों का फीडबैक लिया जाता है, जिसमें स्वयं कलेक्टर लाइव देखते हैं और संबंधित जिला अधिकारी के माध्यम से शिकायत का निराकरण कराते हैं। इसमें कलेक्टर समस्याओं की रिपोर्ट लेकर मौके पर निराकरण कराते हैं। क्विक रिस्पांस मैकेनिज्म के तहत खाद्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट मोड पर रहती है, जिससे जनहित से जुड़ी मुख्य समस्याओं जैसे खाद्यान वितरण न होना, पेयजल की गंभीर समस्या होना या किसी संक्रामक बीमारी का उजागर होने पर उनका तत्काल निराकरण संभव हो पाता है। मंगलवार की शाम को किसी एक ब्लाक की सभी ग्राम पंचायतों के नोडल अधिकारियों और जिला अधिकारियों की बैठक लेकर प्रत्येक ग्राम पंचायत की समस्याओं का निराकरण और फालोअप कराते हैं। बिना मजदूरी छोड़े समस्या का हल, अब भरोसा भी मिला टीकमगढ़ जिले के सबसे दूरस्थ गांव जिला मुख्यालय से 90 से 100 किलोमीटर तक स्थित हैं। कलेक्टर की यह पहल पर्यावरण संरक्षण के लिए कारगर सिद्ध हुई है, क्योंकि वाहनों की उपयोग घटा है। लेकिन इससे भी बढ़कर यह उन लोगों के लिए बहुत बड़ी सुविधा लेकर आई है, जो स्वयं के वाहन न होने के कारण अपना पैसा और समय खर्च कर जिला मुख्यालय तक जाते थे। इससे उनका दिनभर की मजदूरी का भी नुकसान होता था। जिसकी अब बचत हुई। इन समस्याओं का हुआ निराकरण     जर्जर भवनों का चिन्हांकन करते हुए लोगों की सुरक्षा निर्धारित की। नदनवारा, गनेशगंज, पनियाराखेरा, चंद्रपुरा जैसे गांवों में भवनों में सुधार हुआ।     पलेरा के टपरियन चौहान में मध्यान्ह भोजन वितरण न होने की शिकायत पर तत्काल ही एक्शन लिया और फिर शाम को विशेष भोज कराया गया।     बनगाय, अहार, डूडाखेरा, बरमे, खरीला गांव में खाद्यान वितरण में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर यहां अन्न उत्सव मनाते हुए खाद्यान वितरण कराया और फिर दुकान खुलने की मुनादी हुई।     वीरुऊ में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के नहीं पहुंचने की शिकायत मिली, तो कार्रवाई हुई और फिर तैनाती की गई।     जल स्त्रोत से गंदा पानी आने की शिकायत के बाद एक साथ 261 गांवों से पानी की जांच के लिए नमूने लिए गए।     जनसुनवाई खानापूर्ति न रह जाए और कलेक्टर तक अपनी बात पहुंचाने के लिए लोगों को टीकमगढ़ जिला मुख्यालय तक न आना पड़े। इसलिए कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में नोडल अधिकारियों को नियुक्त कर दिया, जो प्रतिनिधि मुझे रिपोर्ट करते हैं और उन आवेदनों को देखने के बाद उन पर कार्रवाई होती है। इसकी समीक्षा भी हर दिन एक घंटे की जाती है। इसके बेहतर परिणाम भी आ रहे हैं।     – अवधेश शर्मा, कलेक्टर टीकमगढ़   recent visitors 50

उज्जैन पधार कर आचार्य सांदीपनि जी से शिक्षा प्राप्त करना सनातन संस्कृति की अद्वितीय घटना है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण का मध्यप्रदेश की धरती उज्जैन पधार कर आचार्य सांदीपनि जी से शिक्षा प्राप्त करना सनातन संस्कृति की अद्वितीय घटना है। महाभारत जैसे भीषण युद्ध के बीच शास्त्र सम्मत मार्ग दिखाते हुए कर्मवाद की शिक्षा देने का उनका प्रयास और विश्व को श्रीमद् भगवद गीता की देन अद्वितीय है। शास्त्र के रूप में स्थापित भगवद गीता विद्वतजन, ऋषि मुनि से लेकर जन-सामान्य तक के मन में जिज्ञासा भी उत्पन्न करती है और समाधान भी प्रदान करती है। गीता को आचरण और व्यवहार में धारण कर मानव, अपने जीवन को कर्मवाद से जोड़कर सद्मार्ग का अनुसरण करते हुए सफलताएं प्राप्त कर सकता है। इस वर्ष गीता जयंती पर इस्कॉन के साथ मिलकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा भगवद गीता पर केंद्रित प्रतियोगिता कराने का निर्णय लिया गया है। गीता के श्लोकों का वाचन, अध्ययन-मनन और भगवद गीता में लोगों की रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से यह अकादमिक अभियान चलाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में इस प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की। स्कूल शिक्षा विभाग और विक्रमादित्य शोध पीठ द्वारा इस्कॉन के सहयोग से होगी प्रतियोगिता उल्लेखनीय है कि भगवद गीता आधारित मूल्य शिक्षा प्रतियोगिता, स्कूल शिक्षा विभाग और संस्कृति विभाग के विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा इस्कॉन के सहयोग से आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य छात्रों में स्थायी नैतिक मूल्यों का संचार करना, चरित्र निर्माण को प्रेरित करना और आज के युवाओं में व्याप्त विभिन्न व्यसनों के खतरों के बारे में जागरूकता फैलाना है। जिला स्तर पर 26 से 29 नवंबर तक होंगी प्रतियोगिताएं जिला स्तरीय प्रतियोगिता के अंतर्गत कक्षा-9 से 12 तक के छात्रों के लिए ऑनलाइन क्विज-प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रत्येक कक्षा की प्रतियोगिता के लिये पृथक-पृथक दिवस निर्धारित किये गये हैं, जिसमें 26 नवंबर को कक्षा -9वीं, 27 नवंबर को कक्षा-10वीं, 28 नवंबर को कक्षा-11वीं और 29 नवंबर को कक्षा-12वीं के छात्रों के लिये क्विज प्रतियोगिता होगी। सभी परीक्षाएं स्कूल में दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक आयोजित की जाएंगी। भागीदारी के लिये लिंक 19 नवंबर तक उपलब्ध करवाई जायेगी। प्रत्येक जिले में कक्षा के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले छात्र राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 10 दिसंबर 2024 को उज्जैन में गीता महोत्सव के दौरान शामिल होंगे। राज्य स्तरीय विजेताओं को मुख्यमंत्री द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। यह मूल्य शिक्षा प्रतियोगिता छात्रों के शैक्षिक पाठ्यक्रम को आवश्यक नैतिक मूल्यों जैसे सत्यनिष्ठा, सहानुभूति, सम्मान और उत्तरदायित्व से समृद्ध बनाने के लिए डिजाइन की गई है। साथ ही उन्हें व्यसनों के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक करना और जिम्मेदार एवं नैतिक रूप से जागरूक भविष्य के नागरिकों के रूप में उनके व्यक्तित्व के विकास का प्रयास भी इस पहल का लक्ष्य है।   recent visitors 98

सीएम योगी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में प्रयागराज महाकुंभ के लिए खोला खजाना, 23 प्रस्तावों पर लगी मुहर

लखनऊ यूपी की योगी कैबिनेट ने महाकुंभ के प्रचार-प्रसार के लिए खजाना खोल दिया है। शुक्रवार को सीएम योगी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में 24 प्रस्ताव रखे गए थे। इनमें से 23 को मंजूरी मिल गई है। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री एके सिंह और सुरेश खन्ना ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी मीडिया से साझा की। बताया कि महाकुंभ के लिए देश के बड़े शहरों जैसे नई दिल्ली, गोवा, देहरादून, भोपाल, इंदौर, भुवनेश्वर, चंडीगढ़ और पटना जैसे शहरों में रोड शो होगा। में रोडशो किया जाएगा। इसके अलावा विदेशों में नेपाल, थाईलैंड, इंडोनेशिया, मॉरिशस में रोड शो को भी मंजूरी दी गई है। रोडशो में महाकुंभ की विरासत से लोगों को परिचित कराया जाएगा। गृह विभाग का भी महाकुंभ से जुड़ा एक प्रस्ताव था। इसमें नए वाहन खरीदने के लिए प्रस्ताव रखा गया था। इसे भी मंत्री परिषद ने मंजूरी दे दी है। कुल 220 वाहन खरीदे जाएंगे। इनमें 200 बोलोरो, 20 बसें 27.48 करोड़ से खरीदी जाएंगी। बैठक में एक्सट्रा न्यूट्रल अल्कोहल को लेकर भी फैसला हुआ है। इसे जीएसटी से बाहर कर वैट के दायरे में लाया गया है। इससे शराब बनाने की लागत कम होगी और सस्ती शराब मिल सकेगी। इसके साथ ही अभी तक जीएसटी की वजह से 50 फीसदी मिलने वाला फायदा 100 फीसदी हो जाएगा। इसके अलावा ग्रीन एनर्जी और कॉरिडोर के तहत चित्रकूट में 620 करोड़ की लागत से सब स्टेशन व ट्रांसमिशन लाइन बनेगी। इसमें 33 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार देगी। मंत्री ने बताया कि बुंदेलखंड में 4000 मेगावाट की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। चित्रकूट में 800 मेगावाट का सोलर प्लांट लगेगा। प्लांट के लिए 620 करोड़ की लागत से ट्रांसमिशन लाइन बनेगी। नजूल भूमि का संशोधित प्रस्ताव भी कैबिनट में रखा गया था लेकिन इसे फिलहाल रोक लिया गया है। इससे पहले भी नजूल भूमि का प्रस्ताव योगी कैबिनेट एक बार पास करके विधानमंडल में भेज चुकी है। विधानसभा में तो प्रस्ताव पास हो गया था लेकिन विधानपरिषद से इसे प्रवर समिति को भेज दिया गया था। कुछ संशोधनों के बाद दोबारा इसे कैबिनेट में लाया गया लेकिन पास नहीं हो सका है। विधानपरिषद में प्रस्ताव का विरोध खुद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कर दिया था। इसके अलावा 9 विकास प्राधिकरणों को 20 साल के लिए 4064 करोड़ रुपए देने को भी मंजूरी मिली है। इन विकास प्राधिकरणों में सहारनपुर, मथुरा, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, लखनऊ, मुरादाबाद, बांदा, मेरठ और खुर्जा शामिल हैं। हर जिले में एक विश्वविद्यालय यूपी में अब हर मंडल में विश्वविद्यालय हो गया है। फिलहाल 171 महाविद्यालय हैं। 71 महाविद्यालय नवनिर्मित या निर्माणाधीन हैं। इसमें से 17 संगठक महाविद्यालय के रूप में संचालित थे, जो विश्वविद्यालय से एफिलेटेड थे। अब इन 71 महाविद्यालयों को राजकीय विद्यालय के रूप में संचालित करने का प्रस्ताव पास किया गया है। अगले 5 साल में हर जिले में एक विश्वविद्यालय होगा। इसके अलावा 71 प्राचार्य के पद, 1136 सहायक आचार्य, 639 क्लास-3 और 710 क्लास-4 के पद भी सृजित होंगे। बिजनौर में विवेक महाविद्यालय को प्राइवेट विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता दी गई है। यानी एक और विश्वविद्यालय प्रदेश को मिल गया है। टॉप-100 में यूपी के 3 विश्वविद्यालय आ चुके हैं। नोएडा में एक्वा लाइन मेट्रो का विस्तार होगा नोएडा में 17.435 किलोमीटर की एक्वा लाइन मेट्रो का विस्तार होगा। 394 करोड़ केंद्र सरकार और इतना ही राज्य सरकार देगी। यह परियोजना 2,960 करोड़ रुपए की है। recent visitors 72

23 नवम्बर को बिलासपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 143 करोड़ की लागत के विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 23 नवंबर को बिलासपुर को 143 करोड़ 68 लाख रूपये की लागत के अनेक विकास कार्यों की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान सकरी रोड, मिनोचा रोड, स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, मिनी स्टेडियम, सिटी कोतवाली के पास निर्मित मल्टीलेवल पार्किंग और अरपा नदी तट पर निर्मित राम सेतु मार्ग का लोकार्पण करेंगे। श्री साय इस मौके पर लाल बहादुर शास्त्री स्कूल में राउत नाचा महोत्सव में शामिल होंगे। रामसेतु मार्ग अरपा उत्थान और तट संवर्धन प्रोजेक्ट अंतर्गत अरपा नदी के दांयी तरफ की सड़क का नाम रामसेतु मार्ग रखा गया है। रामसेतु मार्ग की लागत 49 करोड़ 98 लाख रूपये है, जिसमें फूटपाथ, डिवाइडर, स्ट्रीट लाइट, रिटेनिंग वॉल, पीचिंग और सौंदर्यीकरण कार्य शामिल है। मिनी स्टेडियम शहर के पुराने और प्रतिष्ठित शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक शाला मल्टीपरपज़ स्कूल के मैदान को संवार कर बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा 21 करोड़ 79 लाख रूपये की लागत से मिनी स्टेडियम का निर्माण किया गया है, जिसमें 14115 वर्ग मीटर का सर्व सुविधायुक्त क्रिकेट मैदान है जिसकी दर्शक क्षमता 850 है। यहां डे-नाईट मैच खेलने की सुविधा है। यहां इनडोर गेम्स जैसे स्नूकर, बिलियर्ड्स, टेबल टेनिस, स्क्वैश खेलने की सुविधा के साथ-साथ आधुनिक जिम बनाया गया है। इसके अलावा ट्रेनिंग हॉल का निर्माण किया गया है। इसी भवन में अलग से वीआईपी गैलरी,एनाउंसमेंट बॉक्स और पेंट्री रूम के साथ ही यहां बाहर से आने वाले खिलाड़ियों के लिए एक हॉस्टल बनाया गया है। यहां दो लॉन टेनिस कोर्ट बनाया गया है।  स्पोर्ट्स कांप्लेक्स 14 करोड़ 60 लाख रूपये की लागत से संजय तरण पुष्कर परिसर में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का निर्माण किया गया है, इस तीन मंजिला इस स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के बेसमेंट में पार्किंग, ग्राउंड फ्लोर में रिसेप्शन और रेस्टोरेंट संचालित होगा। प्रथम तल में बैडमिंटन, स्क्वैश कोर्ट, टेबल टेनिस, स्नूकर, बिलियर्ड्स, द्वितीय तल में मल्टीपरपज हॉल, योगा, मैट गेम की सुविधा है। तीसरे तल में मनोरंजन की अनेक सुविधाएं है। उल्लेखनीय है कि बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा शहर में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने तीन बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया गया है, जिनमें पिंक प्ले ग्राउंड का लोकार्पण पहले ही किया जा चुका है। कोतवाली मल्टीलेवल पार्किंग 29 करोड़ 76 लाख  की लागत से साढ़े तीन एकड़ में कोतवाली थाना परिसर में तीन मंजिला मल्टीलेवल कार पार्किंग बनाया गया है। ग्राउंड फ्लोर के अलावा सभी फ्लोर में पार्किंग की सुविधा दी गई है जिसमें 192 कार और 325 बाइक एक साथ पार्क की जा सकेगी। ग्राउंड फ्लोर को कमर्शियल कांप्लेक्स के तौर पर विकसित किया गया है जिसमें 46 दुकानों का निर्माण किया गया है।  उस्लापुर-सकरी सड़क उस्लापुर रेल्वे ओव्हरब्रिज से लेकर सकरी बाईपास चौक तक 15 करोड़ 87 लाख की लागत से नगर निगम द्वारा सवा चार किमी सड़क का उन्नयन और चौड़ीकरण किया गया है। सड़क चौड़ीकरण और उन्नयन होने से राहगीरों को काफी राहत मिली है और ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिली है। उन्नयन और चौड़ीकरण के तहत मार्ग की चौड़ाई बढ़ाई गई है, डिवाइडर बनाया गया है, स्ट्रीट लाइट और दोनों तरफ नाली निर्माण भी किया गया है। मिनोचा कॉलोनी सहित अन्य रोड 11 करोड़ 68 लाख की लागत से शहर के विभिन्न सड़कों का डामरीकरण, उन्नयन, साइनेज, मिनोचा कॉलोनी रोड और रोटरी शामिल है,  जिसमें प्रमुख रूप से महावीर नगर चौक से उस्लापुर ओव्हर ब्रिज तक 800 मीटर सड़क, डिवाइडर, स्ट्रीट लाइट और रोटरी शामिल है। शहर के विभिन्न सड़कों का डामरीकरण, साइनेज, रोड मार्किंग के कार्य शामिल हैं। recent visitors 59