मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि आधारित उद्योगों को घर-घर पहुंचाने के लिए मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र मिलकर काम करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि आधारित उद्योगों को घर-घर पहुंचाने के लिए मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र मिलकर काम करेंगे। एक और एक दो नहीं, एक और एक ग्यारह बनकर काम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को नागपुर में आयोजित एग्रोविजन राष्ट्रीय कृषि मेले के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह मात्र मेला नहीं बल्कि यह भविष्य के सुशासन की समृद्धशाली भारत और प्रदेश के बनने की इसने नींव डाली है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गड़करी सामाजिक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने वाले सिद्धहस्त डॉक्टर हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण कृषि आधारित कामों के आधार पर प्रदेश की पहचान होती है। मैं तारीफ करता हूँ कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सरकार घर-घर में कृषि आधारित मत्स्य पालन, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन जैसे घरेलू उद्योगों को प्रोत्साहित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्पादन, उत्पादकता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उत्पादों के लिए पर्याप्त बाजार उपलब्ध कराने पर भी फोकस किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के मंत्री एवं अधिकारियों का एक दल मेले के अवलोकन एवं अध्ययन के लिए भेजा जाएगा। गौ-पालन से बढ़ेगी आमदनी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने गौ-पालकों की आय बढ़ाने अनेक योजनाएं क्रियान्वित की हैं। उन्होंने कहा कि हम श्रीकृष्ण को मानने वाले हैं, जिनके घर गायें है वे गोपाल हैं और जिनके घर में गाय का कुल है वह घर गोकुल है। मराठी में बछड़े-बछिया को गौरा और गौरी कहते हैं। हमने गौ-पालकों को गाय के स्थान पर गौरी देने की योजना बनाई है। गौ-पालक 5 गौरी ले जाएं और अपने घर पर उनको बड़ा करें, गौ-पालक 2 गाय अपने घर में ही रख लें और 3 गायें हम खरीदेंगे। गौ-पालक दूध का विक्रय करेंगे उससे उनकी आय में वृद्धि होगी। कांजी हाउस की कैद से मिलेगी मुक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम निराश्रित और ऐसी गायों को जिनकी दूध देने की क्षमता न्यून या शून्य हो गई है और गौ-पालकों ने उन्हें निराश्रित छोड़ दिया है, को आश्रय देने की दृष्टि से नगरीय क्षेत्रों में गौ-शालाओं का निर्माण करने जा रहे हैं। इस अनुक्रम में भोपाल में 10 हजार गायों की क्षमता वाली गौ-शाला का भूमि-पूजन होने जा रहा है। इससे सड़कों पर निराश्रित गौ-वंशों से होने वाली दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने मध्यप्रदेश में कांजी हाउस, खेड़ा जैसे कैद खानों को भी बंद करने का निर्णय लिया है। मूक पशुओं को जेल में रखने का कोई औचित्य नहीं है। महाराष्ट्र मेरा पुश्तैनी घर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाराष्ट्र मे आकर ऐसा लगा जैसे मैं अपने घर आ गया हूँ। माता अहिल्या और महादजी सिंधियां की पृष्ठ भूमि महाराष्ट्र राज्य से जुड़ी हुई है। माता अहिल्या को मैं प्रणाम करता हूँ, जिन्होंने उस समय खेती के लिए सिंचाई व्यवस्था के रूप में कुओं का निर्माण करवाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित कुलगुरू श्री शरद घटक, कुलगुरू श्री नितिन पाटिल, श्री अब्दुल्ला एवं पेसा एक्ट के प्रेसिडेंट श्री टी.आर. केशव, श्री दीपक शाह, विक्रम भाग एवं श्री जी. पाटिल का अभिवादन भी किया।   recent visitors 70

कल महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे, इससे पहले कांग्रेस हाई अलर्ट, पर्यवेक्षक किए नियुक्त

नई दिल्ली 23 नवंबर यानी शनिवार को महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे। दोपहर तक तस्वीर साफ हो जाएगी कि दोनों राज्यों में किसकी सरकार बनने जा रही है। चुनाव नतीजों से पहले ही कांग्रेस अलर्ट हो गई है। पार्टी ने दोनों ही राज्यों में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। अशोक गहलोत, भूपेश बघेल और डॉ. जी. परमेश्वर को महाराष्ट्र का पर्यवेक्षक बनाया गया है। तारिक अनवर, मल्लू भट्टी विक्रमार्क और कृष्णा अल्लावुरु को झारखंड के पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी मिली है। महाराष्ट्र में 'खेला' से सतर्क विपक्षी गठबंधन एक्जिट पोल ने विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (मविआ) की चिंता बढ़ा दी है। आज आघाड़ी के तीनों दलों के नेताओं ने अपने-अपने उम्मीदवारों से बातकर उन्हें एकजुट रहने की सलाह दी है। शनिवार को परिणाम आने के बाद आघाड़ी के सभी विधायकों को एक ही स्थान पर रखने की तैयारी भी की जा रही है। ताकि कोई ‘खेला’ होने से बचा जा सके। एक साथ रहेंगे मविआ के विधायक मतदान के बाद आए ज्यादातर एक्जिट पोल्स में महायुति को बढ़त मिलने की संभावना जताई गई है। हालांकि ऐसे संभावना वाले एक्जिट पोल्स पर मविआ नेताओं ने अविश्वास जताते हुए अपनी ही सरकार बनने का दावा किया है। मगर उनकी चिंता भी बढ़ी दिख रही है। शिवसेना नेता संजय राउत ने शुक्रवार को कहा कि महाविकास अघाड़ी के घटक दलों ने महाराष्ट्र चुनाव के नतीजों के बाद अपने सभी नवनिर्वाचित विधायकों को मुंबई में एक साथ रखने का फैसला किया है। राउत ने किया बड़ा दावा राउत ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मविआ नेताओं ने बृहस्पतिवार को बैठक की और हर सीट का आकलन किया। इनमें वह स्वयं, उनकी पार्टी के सहयोगी अनिल देसाई, राकांपा (शरदचंद्र पवार) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल और कांग्रेस नेता सतेज पाटिल और बालासाहेब थोराट शामिल थे। राउत ने विश्वास जताया कि एमवीए चुनाव में 160 सीटें जीतेगी। कांग्रेस नेताओं को मुंबई आना पड़ेगा राउत ने यह भी कहा कि कोई भी ताकत मविआ को महाराष्ट्र में अगली सरकार बनाने से नहीं रोक सकती और शीर्ष पद पर निर्णय केवल महाराष्ट्र में ही लिया जाएगा। राउत ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को मुख्यमंत्री पद पर सहमति के लिए मुंबई आना है, क्योंकि राकांपा (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार और शिवसेना (युनाइटेड) प्रमुख उद्धव ठाकरे मुंबई में ही हैं। राष्ट्रपति शासन लगने का डर राउत ने आशंका जताई कि विपक्ष के पास बहुमत होने के बावजूद भाजपा राज्यपाल कार्यालय के माध्यम से मविआ को सरकार बनाने में बाधा डालने की कोशिश करेगी। मगर हम बिना किसी देरी के निर्णय लेंगे। विपक्ष को डर है कि अगर 25 नवंबर तक नई सरकार नहीं बनी तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। विधायक मिलकर तय करेंगे सीएम राउत के अनुसार हमने सभी नवनिर्वाचित विधायकों को मुंबई लाने का फैसला किया है। नए विधायकों के पास मुंबई में रहने की कोई व्यवस्था नहीं है। इसलिए हमने उनके लिए एक साथ आवासीय व्यवस्था करने का फैसला किया है। राउत ने कहा कि जीत की प्रबल संभावना वाले कुछ निर्दलीय विधायकों ने भी मविआ को ही समर्थन देने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद के लिए कोई फॉर्मूला नहीं है। सब विधायक मिलकर सरकार का नेता चुनेंगे । recent visitors 75

मध्य प्रदेश के अगले डीजीपी के लिए कैलाश मकवाना का नाम आगे, आखिरी फैसला मुख्यमंत्री ही करेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के चयन को लेकर आज, गुरुवार को दिल्ली में बैठक हुई। शाम 4:30 बजे DGP के लिए तीन नामों के पैनल पर पीएससी ने मोहर लगा दी है। इस तीन आईपीएस अफसरों में अरविंद कुमार (DG होमगार्ड), कैलाश मकवाना (पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन) और 1999 बैच के अजय शर्मा (DG EOW)  हैं। 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं सुधीर कुमार   यूपीएससी के चेयरमैन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय के दो जॉइंट सेक्रेटरी के अलावा एमपी के मुख्य सचिव अनुराग जैन और मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक में भेजे गए 9 आईपीएस अधिकारियों में से तीन नामों के पैनल पर मोहर लगी। अब मुख्यमंत्री मोहन यादव इनमें से एक नाम पर मोहर लगाएंगे। आपको बता दें कि सुधीर कुमार सक्सेना 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। ये तीन नाम तय किए नए DGP के पद के लिए यूपीएससी ने तीन नामों के पैनल पर मोहर लगाई है। ये तीन नाम 1988 बैच के आईपीएस अफसर अरविंद कुमार (DG होमगार्ड), कैलाश मकवाना (पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन) और 1999 बैच के अजय शर्मा (DG EOW)  हैं। डीजी-आईजी कांफ्रेंस और महत्वपूर्ण निर्णय बता दें कि 28 से 30 नवंबर तक ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में डीजी-आईजी कान्फ्रेंस भी आयोजित होगी। इस कांफ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल उपस्थित रहेंगे। इस दौरान मौजूदा DGP सुधीर कुमार सक्सेना सेवानिवृत्त होंगे। माना जा रहा है कि OSD के रूप में कार्यरत अधिकारी इस कांफ्रेंस में प्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व करेंगे। विदेश जाएंगे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने कार्यकाल की पहली विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। 24 से 30 नवंबर तक उनका ब्रिटेन और जर्मनी का दौरा प्रस्तावित है। 23 नवंबर को पुलिस मुख्यालय (PHQ) में OSD (Officer on Special Duty) कौन होगा, इसकी घोषणा करके ही मुख्यमंत्री जाएंगे, ताकि 30 नवंबर को वर्तमान DGP सुधीर कुमार सक्सेना की विदाई और नए DGP की कुर्सी संभालने की रस्म पूरी हो सके। अब MP DGP की रेस में सबसे आगे हैं IPS कैलाश मकवाना मध्य प्रदेश के ईमानदार पुलिस अफसरों में शुमार भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी कैलाश मकवाना मध्य प्रदेश पुलिस के नए मुखिया यानि डीजीपी बनने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने मध्य प्रदेश के नए डीजीपी पद के लिए तीन आईपीएस अफसरों के पैनल पर अपनी मुहर लगा दी है, जिसमें कैलाश मकवाना का नाम शामिल है। अन्य दो नामों में डीजी होमगार्ड अरविंद कुमार, ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा का नाम है। सीएम पर टिकी है निगाहें पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन कैलाश मकवाना और ईओडब्ल्यू के अजय शर्मा के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा दिख रही है। अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर टिक गई हैं, नए डीजीपी के नाम का ऐलान वे ही करेंगे। तीन नाम हुए हैं फाइनल मध्य प्रदेश सरकार ने नए डीजीपी के लिए 9 वरिष्ठ अधिकारियों के नामों का पैनल यूपीएससी को भेजा था। 21 नवंबर को देर शाम यूपीएससी दिल्ली में बैठक हुई, जिसमें 9 में से 3 नाम फाइनल किए गए। मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। इसके बाद 1 दिसंबर को नए डीजीपी कार्य करना शुरू कर देंगे। रेस में कैलाश मकवाना सबसे आगे कैलाश मकवाना का नाम सबसे उपर इसलिए दिख रहा है क्योंकि फरवरी 2024 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनकी बिगड़ी सीआर को सुधारा था। बताया जाता है कि उन्हें तब 10 में 10 अंक दिए गए। इससे पहले सीआर खराब होने की स्थिति में वह डीजीपी की दावेदारी से बाहर हो रहे थे। साढ़े तीन साल में हुआ था सात बार तबादला मकवाना ने अपनी एसीआर( गोपनीय चरित्रावली) सुधरवाने के लिए मप्र शासन से 9 महीने पहले अपील की थी। उन्होंने रिप्रेजेंटेशन भेजते हुए सरकार से कहा था कि लोकायुक्त संगठन में डीजी रहने के 6 महीने के दौरान उनकी एसीआर खराब कर दी गई। कमल नाथ सरकार में महज एक साल में उनका तीन बार तबादला किया गया था। साढ़े 3 साल में उनका 7 बार तबादला किया गया था। लोकायुक्त का बनाया गया था महानिदेशक मकवाना को वर्ष 2022 में विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त में महानिदेशक बनाया गया था। वे यहां इमानदारी से काम कर रहे थे, भी उन्होंने महाकाल लोक की एक फाइल खोल ली। इसके बाद तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें हटाकर मप्र पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन में चेयरमैन बना दिया था। तब शिवराज के ओएसडी योगेश चौधरी को एडीजी विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त पदस्थ किया गया था। तब उनकी सीआर कम कर दी गई थी। क्या है महाकाल कॉरिडोर 'घोटाला' उज्जैन के महाकाल लोक कॉरिडोर के प्रथम चरण के कामों में भ्रष्टाचार की शिकायत लोकायुक्त तक पहुंची थी। लोकायुक्त संगठन में कांग्रेस विधायक महेश परमार ने शिकायत की है कि तीन आईएएस अफसरों के अलावा 15 अफसरों को नोटिस देकर जवाब मांगा था। लोकायुक्त के नोटिस में तीन आईएएस उज्जैन कलेक्टर और स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अध्यक्ष आशीष सिंह, स्मार्ट सिटी उज्जैन के तत्कालीन कार्यपालक निदेशक क्षितिज सिंघल और तत्कालीन नगर निगम आयुक्त अंशुल गुप्ता शामिल थे। शिकायर्ताओं ने आरोप लगाया था कि ठेकेदार को करोड़ों का लाभ पहुंचाने के लिए एसओआर की दरें और आइटम को बदला गया है। recent visitors 196

भोपाल में मंत्रालय के पास 39 हेक्टेयर भूमि से हटाई जाएंगी झुग्गी बस्तियां, रहते हैं 28 हजार से ज्यादा लोग, बनेंगी 116 इमारतें

भोपाल  शहर के सबसे पॉश और हाई सिक्युरिटी जोन वल्लभ भवन (मंत्रालय) के पास बनी छह झुग्गी बस्तियों को विस्थापित करने के लिए नगर निगम ने पायलट प्रोजेक्ट तैयार कर लिया है। इस प्रोजेक्ट के तहत मंत्रालय के पास स्थित करीब 40 एकड़ जमीन पर 1100 करोड़ से 116 इमारतें बनाई जाएंगी। इनमें यहां 28 हेक्टेयर भूमि पर बनी आठ हजार 214 झुग्गियों के वासियों को आवास आवंटित किए जाएंगे। इन झुग्गियों में लगभग 28 हजार 334 लोग निवास करते हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों संग की बैठक इस प्रोजेक्ट को लेकर कलेक्ट्रेट में गुरुवार को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बैठक ली और नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायन सहित अन्य अधिकारियों से चर्चा कर आगामी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि पिछले गुरुवार वल्लभ भवन के पास बनी झुग्गी बस्तियों को हटाए जाने को लेकर प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश कलेक्टर ने निगमायुक्त को दिए थे। वहीं शहर में कुल 388 झुग्गी बस्तियां चिह्नित की गई हैं, जिनमें लगभग एक लाख 56 हजार 560 झुग्गियां बनी हुई हैं। सुराज योजना के तहत बनाए जाएंगे आवास मंत्रालय के पास बनी झुग्गियों के लिए यहां स्थित शासकीय भूमि पर सुराज योजना के तहत ईडब्ल्यूएस आवास बनवाए जाएंगे। यह मकान निजी डेवलपर से बनवाए जाएंगे, जिसके बदले में उसे यहां पर प्रतिपूरक भूमि पार्सल (सीएलपी) के तहत भूमि आवंटित की जाएगी। डेवलपर द्वारा इस भूमि पर रिडेंसीफिकेशन के तहत आवासीय परियोजनाओं में मॉल, व्यवसायिक कांप्लेक्स, प्राइम डेवलपमेंट के कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही पार्किंग क्षेत्र, कम्युनिटी हॉल, दुकानें आदि भी बनाई जाएंगी। जिससे आसपास के लोगों को यहां रोजगार भी मिल सकेंगे। नौमंजिला इमारत में होंगे 72 आवास झुग्गियों को विस्थापित करने के लिए बनाई जाने वाली 116 इमारतें नौ मंजिला होंगी। हर इमारत में 72 आवास बनाए जाएंगे, इस तरह एक फ्लोर पर आठ आवास रहेंगे। मंत्रालय के पास ही बनाने से यहां रहने वाले झुग्गिवासियों को अन्य दूसरी जगह जाना नहीं होगा। पहले क्लस्टर के लिए मंत्रालय के आसपास बसी वल्लभ नगर एक, दो, ओमनगर, एक, दो, भीमनगर, मालवीय नगर को चिह्नित किया गया है। ये बस्तियां करीब सवा सौ एकड़ क्षेत्र में बनी हुई हैं। जनवरी से काम शुरू करने का लक्ष्य नगर निगम द्वारा तैयार किए गए पायलट प्रोजेक्ट के तहत दिसंबर तक सभी तरह की कागजी प्रक्रिया पूरी की जानी है। मंत्रालय के आसपास बनी आठ हजार 214 झुग्गियों को हटाने के लिए तैयार इस डीपीआर को जल्द ही शासन को भेजा जाएगा। जहां से अनुमति मिलने के बाद इसके तहत जनवरी 2025 से काम शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। नई झुग्गी रोकने बनेगी निगरानी समिति मंत्रालय सहित अन्य क्षेत्र में नई झुग्गियों के बनने से रोकने के लिए निगरानी समिति बनाई जाएगी। इस समिति में तहसीलदार, जोनल अधिकारी और एएचओ शामिल रहेंगे। यह अब तक चिह्नित की गईं झुग्गियों के अलावा जहां भी नई झुग्गी बनती है तो उसे चिह्नित कर तोड़ने की कार्रवाई करेंगे। इनका कहना है मंत्रालय के आसपास बनी झुग्गी बस्तियों को हटाने के लिए नगर निगम ने प्रोजेक्ट तैयार कर लिया है। इसके तहत पहले यहां खाली पड़ी शासकीय भूमि में ईडब्ल्यूएस आवास बनाए जाएंगे। इसके बाद परिवारों को दिए जाएंगे। दिसंबर तक सभी तरह की कागजी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी और सरकार से अनुमति मिलते ही जनवरी से काम शुरू कर दिया जाएगा। -कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर, भोपाल recent visitors 100

लोकतंत्र प्रथम-मानवता प्रथम का मंत्र, मोदी गुयाना की संसद के एक विशेष अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह मंत्र दिया

जॉर्जटाउन/नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुयाना को मौजूदा विश्व में आगे बढ़ने के लिये “लोकतंत्र प्रथम-मानवता प्रथम” का मंत्र देते हुए कहा कि इससे सबको साथ लेकर सबका विकास करते हुए मानवता का हित करना संभव होता है। श्री मोदी गुयाना की संसद के एक विशेष अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह मंत्र दिया। इस मौके पर संसद के अध्यक्ष मंजूर नादिर, उप राष्ट्रपति भरत जगदेव, प्रधानमंत्री मार्क एंथनी फिलिप्स, नेता प्रतिपक्ष, चांसलर ऑफ द ज्यूडिशियरी भी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के प्रयासों के बीच, हमें आज वैश्विक परिस्थितियों पर भी लगातार नजर ऱखनी है। जब भारत और गयाना आजाद हुए थे, तो दुनिया के सामने अलग तरह की चुनौतियां थीं। आज 21वीं सदी की दुनिया के सामने, अलग तरह की चुनौतियां हैं। दूसरे विश्व युद्ध के बाद बनी व्यवस्थाएं और संस्थाएं,ध्वस्त हो रही हैं, कोरोना के बाद जहां एक नई वैश्विक व्यवस्था की तरफ बढ़ना था, दुनिया दूसरी ही चीजों में उलझ गई, इन परिस्थितियों में,आज विश्व के सामने, आगे बढ़ने का सबसे मजबूत मंत्र है-“लोकतंत्र प्रथम—मानवता प्रथम”। “लोकतंत्र प्रथम” की भावना हमें सिखाती है कि सबको साथ लेकर चलो,सबको साथ लेकर सबके विकास में सहभागी बनो। “मानवता प्रथम” की भावना हमारे निर्णयों की दिशा तय करती है, जब हम मानवता प्रथम को अपने निर्णयों का आधार बनाते हैं, तो नतीजे भी मानवता का हित करने वाले होते हैं। श्री मोदी ने कहा कि हमारी लोकतांत्रिक मूल्य इतने मजबूत हैं कि विकास के रास्ते पर चलते हुए हर उतार-चढ़ाव में हमारा संबल बनती हैं। एक समावेशी समाज के निर्माण में लोकतंत्र से बड़ा कोई माध्यम नहीं। नागरिकों का कोई भी मत-पंथ हो, उसका कोई भी बैकग्राउंड हो, लोकतंत्र हर नागरिक को उसके अधिकारों की रक्षा की,उसके उज्जवल भविष्य की गारंटी देती है। और हम दोनों देशों ने मिलकर दिखाया है कि लोकतंत्र सिर्फ एक कानून नहीं है,सिर्फ एक व्यवस्था नहीं है, हमने दिखाया है कि लोकतंत्र हमारे डीएनए में है, हमारे विजन में है, हमारे आचार-व्यवहार में है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी मानव केन्द्रित कार्यशैली,हमें सिखाती है कि हर देश के नागरिक उतने ही अहम हैं, इसलिए, जब विश्व को एकजुट करने की बात आई, तब भारत ने अपनी जी-20 अध्यक्षता के दौरान 'एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' का मंत्र दिया। जब कोरोना का संकट आया, पूरी मानवता के सामने चुनौती आई, तब भारत ने 'एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य' का संदेश दिया। जब जलवायु से जुड़ी चुनौतियों में हर देश के प्रयासों को जोड़ना था, तब भारत ने वन वर्ल्ड, वन सन, वन ग्रिड का विजन रखा, जब दुनिया को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हुए, तब भारत ने सीडीआरआई यानि कोएलिशन फॉर डिज़ास्टर रेज़ीलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर की पहल शुरू की। जब दुनिया में पृथ्वी प्रेमी लोगों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार करना था, तब भारत ने मिशन लाइफ जैसा एक वैश्विक आंदोलन शुरु किया। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र प्रथम—मानवता प्रथम” की इसी भावना पर चलते हुए, आज भारत विश्वबंधु के रूप में विश्व के प्रति अपना कर्तव्य निभा रहा है। दुनिया के किसी भी देश में कोई भी संकट हो, हमारा ईमानदार प्रयास होता है कि हम फर्स्ट रिस्पॉन्डर बनकर वहां पहुंचे। आपने कोरोना का वो दौर देखा है, जब हर देश अपने-अपने बचाव में ही जुटा था। तब भारत ने दुनिया के डेढ़ सौ से अधिक देशों के साथ दवाएं और वैक्सीन्स शेयर कीं। मुझे संतोष है कि भारत, उस मुश्किल दौर में गयाना की जनता को भी मदद पहुंचा सका।” श्री मोदी ने कहा कि दुनिया में जहां-जहां युद्ध की स्थिति आई,भारत राहत और बचाव के लिए आगे आया। श्रीलंका हो, मालदीव हो, जिन भी देशों में संकट आया, भारत ने आगे बढ़कर बिना स्वार्थ के मदद की, नेपाल से लेकर तुर्की और सीरिया तक, जहां-जहां भूकंप आए, भारत सबसे पहले पहुंचा है। यही तो हमारे संस्कार हैं, हम कभी भी स्वार्थ के साथ आगे नहीं बढ़े, हम कभी भी विस्तारवाद की भावना से आगे नहीं बढ़े। हम संसाधनों पर कब्जे की, संसाधनों को हड़पने की भावना से हमेशा दूर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं मानता हूं, अंतरिक्ष हो, समुद्र हो, ये सार्वभौमिक टकराव के नहीं बल्कि सार्वभौमिक सहयोग के विषय होने चाहिए। दुनिया के लिए भी ये समय, टकराव का नहीं है, ये समय, टकराव पैदा करने वाले कारणों को पहचानने और उनको दूर करने का है। आज आतंकवाद, ड्रग्स, साइबर अपराध, ऐसी कितनी ही चुनौतियां हैं, जिनसे मुकाबला करके ही हम अपनी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संवार पाएंगे। और ये तभी संभव है, जब हम लोकतंत्र प्रथम मानवता प्रथम को केन्द्रीय स्थान देंगे।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हमेशा सिद्धांतों के आधार पर, भरोसे और पारदर्शिता के आधार पर ही अपनी बात की है। एक भी देश, एक भी क्षेत्र पीछे रह गया, तो हमारे वैश्विक लक्ष्य कभी हासिल नहीं हो पाएंगे। तभी भारत कहता है – हर देश महत्वपूर्ण है! इसलिए भारत, द्वीपीय देशों को छोटे द्वीपीय देश नहीं बल्कि बड़े महासागरीय देश मानता है। इसी भाव के तहत हमने हिन्द महासागर से जुड़े द्वीपीय देशों के लिए सागर प्लेटफॉर्म बनाया। हमने प्रशांत महासागर के देशों को जोड़ने के लिए भी विशेष फोरम बनाया है। इसी नेक नीयत से भारत ने जी-20 की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को जी-20 में शामिल कराकर अपना कर्तव्य निभाया। recent visitors 58

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया, नवविवाहिता के खाते में 35000 रुपये डीबीटी के जरिए भेजेगी.

रायपुर मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में  भ्रष्टाचार को रोकने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है.छतीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि व्यय राशि 50000 रुपये को लेकर व्यय मापदंड में एक बड़ा फेरबदल किया है. सरकार से मिलने वाली इस राशि का एक बड़ा हिस्सा सीधे नवविवाहिता के खाते में 35000 रुपये डीबीटी (डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर)के जरिए भेजेगी.   शादियों का सीजन शुरू हो चुका है. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सरकार गरीब परिवार की बेटियों की शादी करवाती है. इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के पास आवेदन भी आने शुरू हो गए हैं. इस योजना का लाभ लेने वाली बेटियों के लिए एक अच्छी खबर है कि उनके खातों में 35000 रुपये भेजे जाएंगे. सीधा लाभ कन्या को ही मिलेगा दरअसल मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में आर्थिक अनियमितता का आरोप अधिकारियों पर लगता था. इन आरोपों को दूर करने के लिए सरकार ने पूरे मापदंडों को ही बदल दिया है. हालांकि अधिकारी यह भी कह रहे हैं, सरकार ने इसका प्रारूप बदला है इससे सीधा लाभ कन्या को ही मिलेगा. अब खरीद फरोख्त में न तो कोई आरोप लगेगा और न ही घटिया सामग्री की खरीदी की कोई जगह बची है. इस तरह से खर्च होगी राशि विवाह आयोजन व्यवस्था और परिवहन पर कुल व्यय 8 हजार रुपए होगा. इसमें पंडाल और भवन किराया और प्रति जोड़ा के 20 अतिथि के भोजन और नाश्ता पर खर्च किया जाए. साथ ही बैठक व्यवस्था और विवाह का फोटो और प्रमाण पत्र आकस्मिक व्यय और परिवहन पर खर्च होगा. शेष 7000 रुपए को वर-वधु के कपड़े, श्रृंगार सामग्री, जूते-चप्पल,चुनरी,साफा मंगलसूत्र और इन सामानों के अलावा क्रय समिति जो उचित समझे उसे खरीद सकती है. इस प्रारूप से बाहर जाकर अधिकारी अपनी मनमानी नहीं कर सकते हैं. योजना में व्यय राशि का एक बड़ा हिस्सा विवाहित जोड़े के खाते में डीबीटी किया जाएगा. इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन आ रहे हैं. मार्च के पहले सामूहिक विवाह सम्पन्न कराया जाएगा. 2024-25 से मिलेगा लाभ महिला एवं बाल विकास विभाग छग शासन ने यह आदेश 15 मार्च 2024 को सभी जिलों के लिए जारी कर दिया था.  इस आदेश को 2024-25 से प्रभावी रूप सभी जिलों के  जिला कार्यक्रम अधिकारियों को लागू करना होगा. इस तरह व्यय मापदंड में संशोधन करने से बीपीएल परिवार से जुडे नव विवाहित जोड़े को बड़ा लाभ मिलेगा. दंतेवाड़ा जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में रह रही युवतियां जो इस योजना से जुड़ेंगी उन्हें विवाह के बाद ये आर्थिक मदद गृहस्थ जीवन को और बेहतर करेगी. recent visitors 122

मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर ज्वार, बाजरा की खरीदी आज से, 15 हजार से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन, आधार नंबर से लिंक बैंक खाते में आएगा पैसा

भोपाल मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के किसानों के लिए अच्छी और बड़ी खुशखबरी सामने आई है. पूरे प्रदेश में ज्वार और बाजरा की समर्थन मूल्य (Jwar and Bajra MSP) पर खरीदी शुरू हो गई है. 22 नवंबर से शुरू हुई खरीदी 20 दिसंबर तक की जाएगी. इसके लिए प्रदेश सरकार ने खास तैयारियां की हैं. तय रेट के अनुसार, ज्वार मालदण्डी को 3421 रुपये, ज्वार हाईब्रिड को 3371 रुपये और बाजरा को 2625 रुपये समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा. बता दें कि पूरे प्रदेश से  बाजरा के लिये 9 हजार 854 और ज्वार के लिये 5 हजार 933 किसानों ने पंजीयन कराया है. ज्वार और बाजरा के MSP पर खरीदी के लिए राज्य स्तर पर एक कंट्रोल-रूम भी स्थापित किया गया है. इसका टेलीफोन नंबर 0755-2551471 है. किसान अपनी किसी भी तरह की परेशानी के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. भुगतान व्यवस्था समर्थन मूल्य पर ज्वार और बाजरा की खरीदी के बाद भुगतान, कृषक पंजीयन के दौरान आधार नंबर से लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। ज्वार और बाजरा उपार्जन अवधि के दौरान पड़ोसी राज्यों से उपार्जन केंद्र पर लाई जाने वाली उपज की अवैध बिक्री को रोकने के लिए पूरी कार्रवाई के निर्देश कलेक्टरों को दिये गए हैं। इस दाम पर होगा ज्वार-बाजरा की खरीदी मध्य प्रदेश में ज्वार और बाजरा की एमएसपी पर खरीदी शुरू हो गई है. सरकार की तय रेट के अनुसार, प्रदेश के किसानों से ज्वार मालदण्डी को 3421 रुपये, ज्वार हाईब्रिड को 3371 रुपये और बाजरा को 2625 रुपये पर खरीदा जाएगा. इसके अलावा, किसानों से एफएक्यू गुणवत्ता की उपज भी इन्हीं दरों पर खरीदी जायेगी. खरीदी हर हफ्ते सोमवार से शुक्रवार तक चलेगी. इस दौरान किसान अपना फसल बेंच सकेंगे. बता दें कि पूरे प्रदेश से ज्वार और बाजरा के लिए कुल 15 हजार से ज्यादा किसानों ने रजिस्ट्री कराई है. ऐसे किया जाएगा खरीदी का भुगतान   समर्थन मूल्य पर ज्वार एवं बाजरा की खरीदी के बाद इसके लिए भुगतान ऑनलाइन किया जाएगा. किसानों के कृषक पंजीयन के दौरान आधार नम्बर से लिंक बैंक खाते में ये पैसे भेजे जाएंगे. ज्वार एवं बाजरा उपार्जन अवधि के दौरान पड़ोसी राज्यों से उपार्जन केन्द्र पर लायी जाने वाली उपज की अवैध बिक्री को रोकने के लिये समुचित कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर्स को दिये गये हैं. जिला स्तरीय समिति उपार्जन संबंधी सभी विवादों का अंतिम निराकरण और उपार्जित खाद्यान्न की गुणवत्ता की निगरानी करेगी.   recent visitors 91