भोपाल में अब पराली जलाने वालों की खैर नहीं, प्रशासन ने उठाया ये बड़ा कदम; तुरंत होगी कार्रवाई

 भोपाल मध्य प्रदेश में पराली जलाने के की घटनाएं पिछले साल की तुलना में इस बार ज्यादा देखने को मिल रही है. राजधानी भोपाल के आस-पास के इलाकों लगातार जलाए जा रहे पराली से हवा प्रदुषित हो गई है. राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह सख्त हो गए हैं. उन्होंने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है. जिसके तहत पराली जलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी. यह आदेश कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निदेश पर अपर कलेक्टर भूपेंद्र गोयल ने गुरुवार को जारी किए हैं। इस आदेश के मुताबिक पराली जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। कानून का शिकंजा प्रशासन द्वारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों का पालन करते हुए जिले की सभी राजस्व सीमा में फसल की कटाई के बाद किसानों द्वारा पराली जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। यदि अब किसी किसान द्वारा पराली में आग लगाई जाती है, तो उसके खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज की जाएगी। उसके खिलाफ अन्य कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। यह आदेश 21 नवंबर से प्रभावी हो गया है, जो आगामी दो महीने के लिए लागू रहेगा। सभी एसडीएम, तहसीलदार और थानों के कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर इसे लगाएंगे। संबंधित क्षेत्र के कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं पुलिस थाना प्रभारी अपने -अपने क्षेत्रों का भ्रमण कर उक्त व्यवस्था सुनिश्चित करवाएंगे। आदेश में यह     खेत की आग के अनियंत्रित होने पर जनसंपत्ति एवं प्राकृतिक वनस्पति, जीव-जन्तु नष्ट हो जाते हैं। जिससे नुकसान होता है।     खेत की मिट्‌टी की उर्वरा शक्ति खत्म हो जाती है। जिससे उत्पादन प्रभावित होता है।     खेत में पड़ा कचरा, भूसा, डंठल सड़ने के बाद भूमि को प्राकृतिक रूप से उपजाऊ बनाते हैं। इन्हें जलाकर नष्ट करना ऊर्जा को नष्ट करना है। आग लगाने से हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है। जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।     जिले में कई किसान रोटावेटर एवं अन्य साधनों से डंठल खेत से हटा रहे हैं। यह सुविधा जिले में उपलब्ध हो गई है। पराली जलाने के नुकसान     खेत में पड़ा कचरा, भूसा, डंठल सड़ने के बाद भूमि को प्राकृतिक रूप से उपजाऊ बनाते हैं, इन्हें जलाकर नष्ट करना ऊर्जा को नष्ट करता है। आग लगाने से हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है। जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।     खेत की आग के अनियंत्रित होने पर जनसंपत्ति व प्राकृतिक वनस्पति, जीवजंतु आदि नष्ट हो जाते है। जिससे व्यापक नुकसान होता है।     खेत की मिट्टी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु इससे नष्ट होते है।जिससे खेत की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है और उत्पादन प्रभावित हो रहा है। recent visitors 59

सुकमा में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में10 नक्सली को किया ढेर, मुख्यमंत्री ने की सराहना

सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की कार्रवाई की है। कोन्टा थाना क्षेत्र के भेज्जी इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच एक बड़ी मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ। साथ ही, कई हथियार भी बरामद किए गए हैं। फिलहाल, सुरक्षाबल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षाबलों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार नक्सलवाद के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम बस्तर क्षेत्र में विकास, शांति और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं।” खबरों के अनुसार, मुठभेड़ में 10नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इस दौरान सुरक्षाबलों ने तीन ऑटोमैटिक राइफल्स समेत कई अन्य हथियार बरामद किए। मुठभेड़ सुबह के समय शुरू हुई, जब सुरक्षाबल ने नक्सलियों की घेराबंदी की। दोनों ओर से सैकड़ों राउंड गोलीबारी की गई। नक्सलियों के पास से अत्याधुनिक हथियार भी बरामद किए गए हैं। डीआरजी की टीम के साथ मुठभेड़ खबर के मुताबिक डीआरजी की टीम नक्सलियों की घेराबंदी के लिए निकली थी। सूचना मिली थी कि ओडिशा के रास्ते नक्सली छत्तीसगढ़ के जंगल में प्रवेश किए हैं। इसके बाद ही टीम घेराबंदी के लिए गई थी। डीआरजी जवानों के साथ सीआरपीएफ के जवान भी मुठभेड़ में शामिल। वहीं, बस्तर आईजी पी सुंदरराज ने की मुठभेड़ की पुष्टि की है। मारे गए नक्सलियों की संख्या और हथियारों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि दोनों ओर से गोलीबारी हो रही है। सुकमा एसपी ने नक्सलियों के शव मिलने की पुष्टि कर दी है। कोराजुगुड़ा, दंतेसपुरम, नागाराम, भंडारपदर के जंगल-पहाड़ी में यह मुठभेड़ हुई है। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब जवान इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने जवानों पर हमला कर दिया। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से काफी देर तक गोलीबारी हुई। DRGऔर CRPFकी टीम की संयुक्त कार्रवाई DRG(डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और CRPF(केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) की टीम ने नक्सलियों की घेराबंदी के लिए संयुक्त कार्रवाई की। सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि ओडिशा से नक्सली छत्तीसगढ़ के जंगलों में घुस आए हैं। इसके बाद, सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन और घेराबंदी की योजना बनाई थी। IGऔर SPने मुठभेड़ की पुष्टि की बस्तर के IGपी सुंदरराज ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई। उन्होंने यह भी बताया कि मारे गए नक्सलियों की संख्या और बरामद हथियारों की आधिकारिक जानकारी जल्द जारी की जाएगी। सुकमा के SPने भी नक्सलियों के शव मिलने की पुष्टि की है। मुठभेड़ कोराजुगुड़ा, दंतेसपुरम, नागाराम और भंडारपदर के जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में हुई। सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने किया हमला यह मुठभेड़ उस समय हुई जब सुरक्षाबल इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया, जिससे दोनों ओर से लंबी गोलीबारी हुई। सुरक्षाबलों की यह कार्रवाई नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। सुकमा के SP किरण चव्हाण ने कहा है कि यह बड़ी सफलता है. जवान मौके पर ही हैं. लौटेंगे तो ज्यादा जानकारी मिलेगी. सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि भेज्जी के जंगल में नक्सलियों का जमावड़ा है. जवानों ने इस इलाके को घेर लिया और ऑपरेशन चलाया. सुरक्षाबलों को जानकारी मिली थी कि बड़ी संख्या में नक्सली ओडिशा के रास्ते छत्तीसगढ़ में घुसे हैं.   पांच दिन पहले छत्तीसगढ़ के कांकेर में जवानों और नक्सलियों के बीच रविवार को मुठभेड़ हुई थी. इस दौरान पुलिस ने पांच नक्सलियों को ढेर कर दिया था. इनमें 2 महिलाएं शामिल थीं. इस साल 1 जनवरी से 22 नवंबर तक 207 नक्सली मारे गए हैं. इससे पूर्व 16 नवंबर को छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर और कांकेर जिले की सीमा में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में पांच नक्सलियों को मार गिराया था. recent visitors 106

शहीद के परिवार को एक करोड़ की सम्मान राशि, CM डॉ मोहन ने सौंपा चेक, जवान की बहादुरी और बलिदान को सराहा

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से आज यहां मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सीआरपीएफ के शहीद जवान स्व. पवन भदौरिया के परिजन ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने जवान शहीद स्व. पवन कुमार भदौरिया के परिजन को एक करोड़ रूपये की सहायता राशि का चेक भेंट किया। राष्ट्रपति द्वारा वीरतापूर्ण कार्य के लिए जवान स्व. भदौरिया को मरणोपरांत शौर्य चक्र प्रदान किया गया है। डॉ यादव ने मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी शहीद स्व. पवन भदौरिया के परिजन को प्रावधान के अनुसार एक करोड़ रुपए की राशि का चेक आज भेंट किया। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी जान की परवाह न करते हुए साहस के साथ नक्सलियों से मुकाबला करते हुए शहादत को प्राप्त स्व. पवन भदौरिया पर प्रदेशवासियों को गर्व है। शहीद परिवार के साथ शासन साथ खड़ा है। राज्य शासन शहीद परिवार की सहायता के लिए सदैव तत्पर है। 2018 में हुई थी शादी बता दें छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर जिले के बॉर्डर इलाके टेकलगुड़ेक में इसी साल 30 जनवरी को सीआरपीएफ कोबरा और DRG की संयुक्त जवानों की टीम पर हुए नक्सली हमले में तीन जवान शहीद हो गए थे. इसमें एमपी के भिंड निवासी पवन कुमार भदौरिया भी शामिल थे. शहीद जवान पवन कुमार अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे. पवन कुमार की शादी 2018 में ही हुई थी. दरअसल, टेकलगुड़ेम में पुलिस ने नया कैंप स्थापित किया था. इस कैम्प की सुरक्षा में लगे कोबरा एसटीएफ-डीआरजी के जवान कैंप की स्थापना के बाद जूनागुड़ा-अलीगुड़ा इलाके में गश्त पर निकले हुए थे. इसी बीच घात लगाए नक्सलियों ने टीम पर फायरिंग कर दी. इस दौरान सुरक्षाबलों ने भी नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया. इस दौरान फोर्स को भारी पड़ता देख माओवादी जंगल में भाग गए थे. नक्सली मुठभेड़ में वीरता का परिचय कुपावली निवासी पवन कुमार भदौरिया सीआरपीएफ की 201 कोबरा बटालियन में तैनात थे। नक्सल विरोधी अभियान के तहत 30 जनवरी 2024 को सुकमा के कैंप टेकल गडेम में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए और अगले दिन इलाज के दौरान शहीद हो गए। शहीद के परिवार को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 10 लाख राशि से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया है। recent visitors 77

चलता-फिरता 7 स्‍टार होटल रेलवे चलाने जा रहा है, ट्रेन में स्‍पा कराइए, जिम जाइए या वाइन/ बीयर पीजिए, सबकुछ मिलेगा

 भोपाल  भारतीय रेलवे और IRCTC की लग्जरी ट्रेनों में से एक गोल्डन चैरियट लग्जरी ट्रेन एकबार फिर ट्रैक पर उतरने को तैयार है। कर्नाटक की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली Golden Chariot Luxury Tourist Train इस बार 14 दिसंबर को रवाना हो रही है। ट्रेन में 13 डबल बेड केबिन, 26 ट्विन बेड केबिन और दिव्यांग मेहमानों के लिए 1 केबिन है। 40 केबिन वाले इस शाही ट्रेन में 80 यात्री सफर कर सकते हैं।      इस ट्रेन का नाम गोल्डन चैरियट है जिसका मतलब होता है स्वर्ण रथ। यात्रियों को शाही फील देने के लिए ट्रेन के सभी आलीशान केबिन एयर कंडीशनर और वाई-फाई से लैस हैं। सभी केबिन में गद्देदार फर्नीचर, लग्जरियस बाथरूम, आरामदायक बेड, शानदार टीवी जिसमें कई ओटीटी के मजे लिए जा सकते हैं। ट्रेन में सैलून का भी खास इंतजाम है।    गोल्डन चैरियट लग्जरी ट्रेन में देशी और विदेशी व्यंजनों का विशेष प्रबंध किया गया है।जिसके लिए रुचि और नालापक नाम के दो बेहतरीन रेस्तरां हैं। जहां शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के व्यंजन इंटरनेशनल ब्रांडों के क्रॉकरी और कटलरी में परोसे जाएंगे। इसके साथ ही बार में बेहतरीन और ब्रांडेड वाइन, बीयर और मदीरा मौजूद है।    यात्रियों की सेहत और आरामदायक सफर के लिए इस गोल्डन चैरियट ट्रेन में आरोग्य स्पा भी हैं, जहां स्पा थेरेपी समेत कई स्पा का आनंद लिया जा सकता है। यही नहीं सेहत का ख्याल रखने के लिए एक हाइटेक जिम भी है जहां वर्काउट के लिए बेहद आधुनिक एक्सरसाइज मशीने हैं। मेहमानों को बेहतर सुरक्षा प्रदान करने के लिए पूरी ट्रेन सीसीटीवी कैमरे और फायर अलार्म सिस्टम से लैस है। पूरी ट्रेन किसी 7 स्टार होटल से कम नहीं है।    लग्जरी ट्रेन 5 रातें और 6 दिन गुजारने के लिए आपको मात्र 4,00,530 और 5% GST देना होगा। जिसमें रहना, खाना, शराब, प्रवेश टिकट, गाइड आदि शामिल है। अधिक जानकारी के लिए www.goldenchariot.org वेबसाइट पर विजिट करें या फिर goldenchariot@irctc.com पर अपने सवाल भेजें। साथ ही +91 8585931021 पर भी संपर्क किया जा सकता है।   7 स्टार होटल की सारी खूबियों से लैस ट्रेन कर्नाटक की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली गोल्डन चैरियट लग्जरी टूरिस्ट ट्रेन (Golden Chariot Luxury Tourist Train) इस बार 14 दिसंबर को रवाना हो रही है। इस लग्जरी ट्रेन में गेस्ट के लिए 13 डबल बेड वाले केबिन और 26 ट्विन बेड के केबिन हैं। इसके साथ ही दिव्यांग मेहमानों के लिए भी केबिन है। 40 केबिन से साथ दौड़ने को तैयार इस शाही ठाठ वाली ट्रेन में 80 यात्री सफर कर सकते हैं। 2024-25 के लिए रुट:- कर्नाटक का गौरव (5 रातें/6 दिन) – बेंगलुरु से शुरू होकर बांदीपुर, मैसूर, हलेबिदु, चिकमंगलूर, हम्पी, गोवा और वापस बेंगलुरु। दक्षिण के रत्न (5 रातें/6 दिन) – बेंगलुरु से शुरू होकर मैसूर, कांचीपुरम, महाबलीपुरम, तंजावुर, चेट्टीनाड, कोचीन, चेरतला और वापस बेंगलुरु। 14 दिसंबर, 2024- कर्नाटक का गौरव (5 रातें/6 दिन) 21 दिसंबर, 2024-दक्षिण के रत्न (5 रातें/6 दिन) 4 जनवरी, 2025- कर्नाटक का गौरव (5 रातें/6 दिन) 1 फरवरी, 2025 -कर्नाटक का गौरव (5 रातें/6 दिन) 15 फरवरी, 2025-दक्षिण के रत्न (5 रातें/6 दिन) 1 मार्च, 2025- कर्नाटक का गौरव (5 रातें/6 दिन)। recent visitors 117

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भोपाल से हैदराबाद एवं बेंगलुरु उड़ान शुरू करने की तैयारी की, नई उड़ानें दिसंबर से

भोपाल भोपाल का दक्षिण भारत के साथ हवाई कनेक्शन जल्द ही पहले से मजबूत हो जाएगा। एयर इंडिया की सहयोगी कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भोपाल से हैदराबाद एवं बेंगलुरु उड़ान शुरू करने की तैयारी की है। जल्द ही बुकिंग शुरू हो जाएगी। 15 दिसंबर से नई उड़ाने संभावित हैं। इस रूट पर अभी तक इंडिगो की उड़ानें संचालित हैं। अतिरिक्त उड़ानें शुरू होने से यात्रियों को कम किराये में सीट मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। प्रतिस्पर्धा का मिलेगा लाभ भोपाल का दक्षिण भारत से हवाई कनेक्शन लंबे समय से है, लेकिन उड़ानों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को लो-फेयर का लाभ नहीं मिल पाता। हैदराबाद उड़ान में स्पाट फेयर 10 से 12 हजार रुपये तक है। बेंगलुरु तक दो उड़ाने होने के बावजूद स्पाट फेयर 10 से 12 हजार एवं अग्रिम बुकिंग किराया छह से आठ हजार रुपये तक है। उड़ानों की संख्या बढ़ने से एयरलाइंस में प्रतिस्पर्धा होगी और यात्रियों को कम किराये का लाभ मिल सकता है। यहां पर यह बता दें कि भोपाल से सबसे अधिक उड़ानें दिल्ली तक हैं। इस रूट पर इंडिगो तीन एवं एयर इंडिया की दो नियमित उड़ानें हैं। एक साप्ताहिक उड़ान है। यही कारण है कि तीन से चार हजार रुपये में सीट मिल जाती है। जल्द शुरू होगी बुकिंग एयर इंडिया एक्सप्रेस ने विंटर सीजन के लिए हैदराबाद एवं बेंगलुरु के अलावा दिल्ली एवं मुंबई के लिए स्लॉट लिया था। कंपनी इसकी शुरुआत हैदराबाद एवं बेंगलुरु उड़ान के साथ कर रही है। कंपनी ने एयरपोर्ट पर कार्यालय खोलने के लिए अनुमति शुल्क भी जमा कर दिया है। माना जा रहा है कि इस माह के अंत तक दोनों शहरों की बुकिंग शुरू होगी। कंपनी ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को 15 दिसंबर से फ्लाइट ऑपरेशन शुरू करने की जानकारी दी है।   रीवा उड़ान की बुकिंग भी जल्द फ्लायबिग की रीवा उड़ान की बुकिंग भी जल्द शुरू होने की उम्मीद की जा रही है। कंपनी ने पहले 15 नवंबर से बुकिंग शुरू की थी। बाद में बुकिंग रोक दी गई। इंडिगो की प्रस्तावित कोलकाता उड़ान की बुकिंग भी अभी शुरू नहीं हुई है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने स्पेस के लिए शुल्क जमा करा दिया है। शुरुआत हैदराबाद एवं बेंगलुरु उड़ान के साथ होगी। अगले साल दिल्ली एवं मुंबई की उड़ानें भी शुरू हो सकती है।- रामजी अवस्थी, एयरपोर्ट डायरेक्टर recent visitors 38

रायपुर दक्षिण उपचुनाव मतगणना कल , 19 राउंड में होगी काउंटिंग

रायपुर  रायपुर दक्षिण के उपचुनाव के लिए मतगणना की तैयारियां की जा रही हैं। कल सेजबहार स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में होने वाली मतगणना के लिए कुल 15 टेबल लगाए जाएंगे। जिनमें से एक टेबल पोस्टल बैलेट के लिए आरक्षित रहेगा, जबकि अन्य 14 टेबलों पर मशीनों से गिनती की जाएगी। पूरी मतगणना 19 राउंडों में होगी। सबसे पहले पोस्टल बैलेट से गिनती की शुरुआत सुबह आठ बजे से होगी। इसके बाद 8.30 बजे से ईवीएम मशीनों से गिनती शुरू की जाएगी। वहीं, इस पूरी प्रक्रिया में लगभग पांच सौ कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिसमें प्रत्येक टेबल पर चार कर्मचारियों के हिसाब से 60 कर्मचारियों की ड्यूटी मतगणना स्थल के अंदर रहेगी, जबकि सुरक्षाकर्मी सहित अन्य स्टाफ मतगणना हाल के बाहर मोर्चा संभालेंगे। 19 राउंडों में होने वाली इस मतगणना में शाम पांच से छह बजे तक नतीजे आने की संभावना जताई जा रही है। इससे पूर्व मंगलवार को सभी मतगणना दलों को प्रशिक्षण दिया गया और इस दौरान बरती जाने वाली सावधानियों से लेकर अन्य प्रक्रिया की जानकारी दी गई। मतगणना के लिए तैयारी     500 कर्मचारियों की मतगणना स्थल पर लगाई ड्यूटी।     15 टेबलों पर वोटों की गिनती की जाएगी।     14 टेबलों पर ईवीएम से होगी वोटों की गिनती।     1 टेबल पर पोस्टल बैलेट की गिनती होगी।     4 कर्मचारी हर मतगणा टेबल पर रहेंगे मौजूद। हर राउंड के बाद टेबुलेशन चार्ट पर एजेंटों के हस्ताक्षर : कलेक्टर मंगलवार को मतगणना को लेकर प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डा गौरव सिंह ने कहा कि हर राउंड के बाद राजनैतिक अभिकर्ता के टेबुलेशन चार्ट पर अवश्य हस्ताक्षर लें। मतगणना कार्य संवेदनशील है और बहुत ही सावधानीपूर्वक इस कार्य का क्रियान्वित करें। संयुक्त निर्वाचन पदाधिकारी पीएस ध्रुव ने कहा कि सभी कर्मचारी बेहतर तरीके से प्रशिक्षण प्राप्त करें। साथ ही मतगणना का कार्य कुशलतापूर्वक किया जाए। प्रशिक्षण की बारिकियों को समझा जाए और उसी के अनुरूप कार्य किया जाए। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ विश्वदीप, रिटर्निंग आफिसर पुष्पेंद्र शर्मा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी उमाशंकर बंदे समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। recent visitors 79

केंद्र सरकार के प्रतिबंध के बावजूद आज भी भोपाल 2000 रुपये के नोट बदले जा रहे

भोपाल.  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से चौंकाने वाली खबर है. यहां आज भी 2 हजार रुपये के नोट बदले जा रहे हैं. जबकि, केंद्र सरकार साल 2023 में ही इन नोटों को चलन से बाहर कर चुकी है. भोपाल में यह गोरखधंधा भारतीय रिजर्व बैंक के पीछे स्थित राजीव नगर बस्ती में हो रहा है. यहां दो हजार के नोट खत्म ही नहीं हो रहे. ये नोट बदलने के लिए इस बस्ती में बाकायदा संगठित गिरोह काम रहा है. लोग बड़ी संख्या में रोज लाइन में लगकर ये नोट बदलवाते हैं. संगठित गिरोह के सदस्य लोगों को रोज सुबह 7 से 9 बजे के बीच 2 हजार के दस नोट यानी 20 हजार रुपये देते हैं. इसके बाद ये लोग अपना आधार कार्ड लेकर रिजर्व बैंक जाते हैं. दस नोट बदलवाने की एवज में इन लोगों को 200 रुपये मिलते हैं. इन 20 हजार रुपये के बदले आरबीआई से इन लोगों को 500 रुपये के नोट की शक्ल में 15 हजार रुपये मिलते हैं. बाकी, 5 हजार रुपये 2-2 रुपये के सिक्कों के रूप में दिए जाते हैं. इतने रुपये रोज बदलवाता है गिरोह बताया जाता है कि आरबीआई से रुपये मिलने के बाद लोग इन्हें राजीव नगर में स्थित दो दुकानों पर देते हैं. यहां से इन रुपयों को बोरियों में भरकर लोडिंग ऑटो में रखा जाता है. इसके बाद ये लोडिंग ऑटो इन रुपयों को अशोका गार्डन, रेतघात और बैरागढ़ सहित कई इलाको में सप्लाई कर देते हैं. इस तरह बड़े बिजनेसमैन की ब्लैकमनी को वाइट किया जाता है. ये काम करने वाले संगठित गिरोह के सदस्य को रोज 40 लाख रुपये बदलवाने का टारगेट है. खड़े हुए कई सवाल गौरतलब है कि, आरबीआई के चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे हैं. लेकिन, यह देखने वाला कोई नहीं कि एक ही शख्स रोज नोट बदलवाने आ रहा है. एक ही शख्स का आधार नंबर रोज रजिस्टर में दर्ज हो रहा है. आरबीआई के पास सुरक्षा चौकियां भी हैं. लेकिन, ध्यान देने वाला कोई नहीं. सिक्कों से भरी गाड़ियां दनादन शहर में घूम रही हैं, लेकिन उन्हें देखने वाला भी कोई नहीं. हैरानी की बात यह है कि आरबीआई का विजिलेंस विभाग भी इससे अंजान है. इस मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच कराएंगे. recent visitors 61