साल 2025 में कब- कब पड़ेगा सूर्य ग्रहण, जानिए भारत में दिखेगा या नहीं

नई दिल्ली ग्रहण लगना एक विशेष खगोलीय घटना मानी जाती है। जिस समय में चंद्रमा सूर्य को अपनी रोशनी से पूरी तरह से ढक लेता है तो उस समय में सूर्य ग्रहण लगता है। साल 2025 में कुल चार ग्रहण लगेंगे। जिसमें से दो चंद्र ग्रहण और दो सूर्य ग्रहण होंगे। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण के समय में बहुत सारे काम करने की मनाही होती है। 2 अक्तूबर 2024 को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण था। अब साल 2025 आने वाला है। ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं कि साल 2025 में सूर्य ग्रहण कब लगेगा और कितने सूर्य ग्रहण लगेंगे। आइए जानें कब लगेगा सूर्य ग्रहण। साल 2025 में सूर्य ग्रहण कब-कब लगेगा साल 2025 में कब है पहला सूर्य ग्रहण साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण मार्च के महीने में लगेगा। ये ग्रहण 29 मार्च 2025 को लगेगा। ये ग्रहण एक आंशिक सूर्य ग्रहण लगेगा। भारत के समय के अनुसार ये ग्रहण 2:20 मिनट पर शुरू होगा और 6 बजकर 13 मिनट पर लगेगा। साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा या नहीं साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण मार्च में लगने जा रहा है। ये ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ऐसे में भारत में सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण कहां- कहा दिखाई देगा मार्च 2025 में पड़ने वाला सूर्य ग्रहण साल का पहला सूर्य ग्रहण होगा। ये ग्रहण फ्रीका, नॉर्थ अमेरिका, एशिया अटलांटिक और आर्कटिक महासागर में दिखाई देगा। साल 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा साल 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण 21 सितंबर 2025 को लगेगा। ये ग्रहण भी आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। साल 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा या नहीं साल 2025 के सितंबर महीने का सूर्य ग्रहण साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण होगा। इस ग्रहण का भी भारत पर कोई अस नहीं होगा। ये भारत में नहीं नजर आएगा। साल 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण कहां- कहां दिखेगा साल 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण अटलांटिक महासागर, अंटार्कटिका, प्रशांत महासागर और ऑस्ट्रेलिया में दिखाई देगा। आंशिक सूर्य ग्रहण क्या होता है आंशिक सूर्य ग्रहण उस समय लगता है। जब चंद्रमा सूर्य के कुछ ही भाग को अपनी छाया से ढकता है। इस समय में सूर्य का आधा भाग ग्रहण से प्रभावित होता है, इसलिए इसे आंशिक सूर्य ग्रहण कहा जाता है। जिस समय में चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से अपनी छाया में ढक लेता है। उस समय में पूर्ण चंद्र ग्रहण लगता है। 29 मार्च को पहला सूर्य ग्रहण (पूर्ण सूर्य ग्रहण) पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च 2025 को चैत्र मास की कृष्ण पक्ष अमावस्या के दिन लगेगा. यह पूर्ण ग्रहण दोपहर 14:21 बजे से शाम 18:14 बजे तक रहेगा. यह विशेष रूप से बरमूडा, बारबाडोस, डेनमार्क, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, उत्तरी ब्राज़ील, फिनलैंड, जर्मनी, फ्रांस, हंगरी, आयरलैंड, मोरक्को, ग्रीनलैंड, कनाडा का पूर्वी भाग, लिथुआनिया, हॉलैंड, पुर्तगाल, उत्तरी रूस, स्पेन, सूरीनाम, स्वीडन, पोलैंड, पुर्तगाल, नॉर्वे, यूक्रेन, स्विट्जरलैंड, इंग्लैंड और अमेरिका के पूर्वी क्षेत्र, आदि में देखा जा सकेगा. यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका कोई धार्मिक प्रभाव नहीं माना जाएगा. साथ ही इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. इस दौरान मीन राशि और उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में ग्रहों का विशेष संयोग बनेगा. इस दिन मीन राशि में सूर्य और राहु के अतिरिक्त शुक्र, बुध और चंद्रमा उपस्थित होंगे। इससे द्वादश भाव में शनि विराजमान होंगे. इससे तीसरे भाव में वृषभ राशि में बृहस्पति, चौथे भाव में मिथुन राशि में मंगल और सप्तम भाव में कन्या राशि में केतु स्थित होंगे. पांच ग्रहों का प्रभाव एक साथ होने के कारण इस ग्रहण का राशियों पर बहुत गहरा प्रभाव देखने को मिल सकता है. 21 सितंबर को दूसरा सूर्य ग्रहण (पूर्ण सूर्य ग्रहण) दूसरा सूर्य ग्रहण 21 सितंबर की रात्रि में लगेगा, जो आश्विन मास की कृष्ण पक्ष अमावस्या के दिन रात 22:59 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर की सुबह 03:23 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस पूर्ण ग्रहण को न्यूजीलैंड, फिजी, अंटार्कटिका और ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी भागों में देखा जा सकेगा. यह ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका धार्मिक प्रभाव भी नहीं होगा और न ही इसका सूतक काल मान्य होगा. साल का दूसरा ग्रहण कन्या राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में आकार लेगा. इस दौरान सूर्य, चंद्रमा और बुध के साथ कन्या राशि में स्थित होंगे और उन पर मीन राशि में बैठे शनि देव की पूर्ण दृष्टि रहेगी. इससे दूसरे भाव में तुला राशि में मंगल होंगे, छठे भाव में कुंभ राशि में राहु, दशम भाव में बृहस्पति और द्वादश भाव में शुक्र और केतु की युति होगी. कन्या राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में जन्मे लोगों के लिए यह सूर्य ग्रहण विशेष रूप से प्रभावशाली हो सकता है. 14 मार्च को पहला चंद्र ग्रहण (पूर्ण चंद्र ग्रहण) साल 2025 का पहला चंद्र ग्रहण 14 मार्च को फाल्गुन मास की शुक्ल पूर्णिमा के दिन लगेगा. यह ग्रहण भारतीय समयानुसार सुबह 10:41 बजे से दोपहर 14:18 बजे तक रहेगा. यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा जो मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया के अधिकांश भाग यूरोप अफ्रीका के अधिकांश भाग, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत अटलांटिक आर्कटिक महासागर, पूर्वी एशिया और अंटार्कटिका, आदि क्षेत्रों में दिखाई देगा. यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इस ग्रहण का धार्मिक दृष्टि से भारत में कोई महत्व नहीं होगा. खगोलीय दृष्टि से यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा, इसलिए सिंह राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में जन्मे लोगों के लिए यह ग्रहण विशेष रूप से प्रभावशाली रहने वाला है. चंद्र ग्रहण के दिन चंद्रमा से सप्तम भाव में सूर्य और शनि विराजमान रहेंगे और चंद्रमा को पूर्ण सप्तम दृष्टि से देखेंगे. ऐसे में इसका प्रभाव और भी गहरा देखने को मिलेगा. इस दिन चंद्रमा से दूसरे भाव में केतु, सप्तम भाव में सूर्य और शनि, अष्टम भाव में राहु, बुध और शुक्र, दशम भाव में बृहस्पति और एकादश भाव में मंगल विराजमान होंगे. 7 सितंबर को दूसरा चंद्र ग्रहण (पूर्ण चंद्र ग्रहण ) दूसरा चंद्र ग्रहण 7 सितंबर 2025 को भाद्रपद मास की शुक्ल पूर्णिमा के दिन लगेगा. यह रात्रि 21:57 बजे शुरू होकर 1:26 बजे तक प्रभावी रहेगा … Read more

मध्य प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की ऑनलाइन भर्ती, पोर्टल लॉंच

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने मंत्रालय में कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) के पहले, महिला एवं बाल विकास (Women and Child Development Department MP) विभाग के ऑनलाइन पोर्टल (Online Portal) chayan.mponline.gov.in को लॉन्च किया है. महिला एवं बाल विकास विभाग के नए पोर्टल के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर कुल 17,871 पदों पर भर्ती की कार्यवाही प्रारंभ की जा रही है. इन पदों में  1 हजार 834 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद हैं जबकि 16 हजार 37 पद आंगनवाड़ी सहायिका के हैं. सीएम मोहन (CM Mohan) ने इस पोर्टल को लॉन्च करते वक्त विभागीय अधिकारियों को शुभकामनाएं और बधाई भी दी. आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती होगी ऑनलाइन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की ऑनलाइन भर्ती के लिए विकसित व्यवस्था की जानकारी भी प्राप्त की. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि निश्चित ही यह पारदर्शी प्रक्रिया त्वरित और सुगमता पूर्वक नियुक्ति की कार्यवाही में मददगार होगी. इसके साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित प्राप्त होने वाली शिकायतों की संख्या न्यून हो जाएगी. नई व्यवस्था में आवेदक एमपी ऑनलाइन (MP Online) कियोस्क अथवा स्वयं के मोबाइल पर एप्लीकेशन डाउनलोड कर समस्त दस्तावेजों को आवेदन के साथ अपलोड कर आवेदन कर सकेंगे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑनलाइन मॉड्यूल chayan.mponline.gov.in की कार्यप्रणाली को उपयोगी बताते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग को इस शुरूआत के लिए बधाई दी. यहां के लिए मंजूर हुए नए आंगनवाड़ी केंद्र भारत सरकार ने प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (PM JANMAN) के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास वाले 20 जिलों में 549 नए आंगनवाड़ी केन्द्र मंजूर किए हैं. वर्तमान के 5201 पदों के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियुक्ति की जाना है. इसके अलावा अन्य नव सृजित 12 हजार 670 पद मिलाकर कुल 17 हजार 871 पदों की पूर्ति की जाएगी. इस तरह बड़ी संख्या में बहनों को ऑनलाइन नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से रोजगार प्राप्त होगा. आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह 13 हजार एवं आंगनवाड़ी सहायिकाओं को 6500 मासिक मानदेय प्राप्त होगा. बता दें कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास वाले 20 जिलों में 549 नए आंगनवाड़ी केन्द्र मंजूर किए हैं। वर्तमान के 5201 पदों के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियुक्ति की जाना है। इसके साथ ही अन्य नव सृजित 12 हजार 670 पद मिलाकर कुल 17 हजार 871 पदों की भर्ती की जाएगी। इस तरह ऑनलाइन नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाओं, युवतियों को रोजगार प्राप्त होगा। सभी नई आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 13 हजार रुपए प्रतिमाह और आंगनवाड़ी सहायिकाओं को 6500 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई शुरूआत के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पारदर्शी है, त्वरित और सुगमता पूर्वक नियुक्ति में मददगार साबित होगी। उन्होंने आशा जताई कि नई व्यवस्था से नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित शिकायतें कम हो जाएंगी। recent visitors 152

सीएम यादव के विदेश दौरे से पहले नए DGP के नाम का ऐलान होगा, दिल्ली में मंथन जारी !

नईदिल्ली  मध्यप्रदेश के नए DGP को लेकर दिल्ली (Delhi) में बैठक का दौरा जारी है. पिछले कई दिनों से सरकार में अलग-अलग स्तर पर नए डीजीपी (MP New DGP) के नाम को लेकर मंथन हो चुका है. अब बारी दिल्ली की है, नए डीजीपी के नाम किस अधिकारी पर मोहर लगती है, ये देखना अभी बाकी है. सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) के विदेश दौरे पर जाने से पहले नए अधिकारी के नाम का ऐलान होना है, ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले तीन दिनो में ये नाम सामने आ जाएगा. 9 नामों में से होगा एक नाम राज्य सरकार ने केंद्र सरकार (डीओपीटी) को 9 नामों का पैनल भेजा था. जिसमें डीजी ईओडब्ल्यू अजय कुमार शर्मा, डीजी होमगार्ड अरविंद कुमार, पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के अध्यक्ष कैलाश चंद्र मकवाना, डीजी जेल जीपी सिंह, पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के एमडी उपेंद्र कुमार जैन, स्पेशल डीजी वरुण कपूर, स्पेशल डीजी आलोक रंजन, डीजी महिल सेल प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, एडीजी योगेश मुद्ग़ल के नाम शामिल है. मध्य प्रदेश के नए डीजीपी का नाम इन्हीं नामों में से चुना जाएगा. रेस में शर्मा सबसे आगे डीजीपी की दौड़ में सीनियर अफसर अजय शर्मा का नाम सबसे आगे है. 1989 बैच के IPS अफसर अजय शर्मा हाल के दिनों में डीजी ईओडब्ल्यू की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. अगस्त 2026 में रिटारयर होंगे. दूसरा नाम 1988 बैच के IPS अफसर कैलाश मकवाना का है, मकवाना हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन हैं. मोहन सरकार ने जिन अफसरों के नाम केंद्र को भेजे है, उन सभी अधिकारियों ने अपनी 30 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है. 30 को रिटायर होंगे सक्सेना प्रदेश के डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना 30 नवंबर के रिटायर हो रहे है. सक्सेना मार्च 2022 से इस पद पर है,  नियुक्ति संघ लोक सेवा आयोग के पैनल से हुई थी करीब ढ़ाई साल तक प्रदेश के डीजीपी पद रहकर अपना कार्यकाल पूरा करेंगे. अगले तीन दिनों में सामने होगा नाम डीजीपी का नाम अगले तीन दिनो में सामने आ जाएगा. सीएम मोहन यादव 24 नवंबर से विदेश दौरे पर जा रहे है, ऐसे में नए डीजीपी का नाम उससे पहले तय होने की पूरी संभावना है.ऐसे में 30 नवंबर से पहले से नए डीजीपी वर्तमान डीजीपी के ओएसडी के रूप में काम करेंगे. इन 6 IPS अधिकारियों के नाम की चर्चा जोरों पर डीजीपी पद के प्रबल दावेदार कौन? इस पद के प्रबल दावेदारों में होमगार्ड डीजी अरविंद कुमार और हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश मकवाना के नाम सबसे आगे हैं। ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा और प्रतिनियुक्ति पर गए आलोक रंजन, योगेश मुद्गल और पवन श्रीवास्तव भी रेस में शामिल हैं। ये सभी अधिकारी 1988 और 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वरिष्ठता के आधार पर इनमें से एक को डीजीपी बनाया जाएगा। जबकि अन्य अधिकारियों का नाम रेस में नहीं है, क्योंकि उनका कार्यकाल जल्द ही समाप्त होने वाला है। बेटी संभालेगी परेड की कमान बता दें कि डीजीपी सक्सेना के लिए 30 नवंबर को एक भव्य विदाई समारोह आयोजित किया जाएगा। उनकी बेटी और आईपीएस अधिकारी सोनाक्षी परेड की कमान संभालेंगी। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के पुलिस इतिहास में पहली बार होगा कि किसी डीजीपी को उनकी बेटी द्वारा विदाई परेड की कमान सौंपी जाएगी। इस आयोजन को यादगार बनाने की तैयारी जोरों पर है। नए डीजीपी के सामने होंगी ये चुनौतियां गौरतलब है कि राज्य को अक्टूबर में अनुराग जैन को मुख्य सचिव का पद मिला था। अब नए डीजीपी की नियुक्ति के साथ ही राज्य की प्रशासनिक मशीनरी में नए चेहरों शामिल हो जाएंगे। यह बदलाव राज्य के लिए महत्वपूर्ण है। नए डीजीपी के सामने कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर अंकुश लगाने जैसी चुनौतियां होंगी। देखना होगा कि नवनियुक्त डीजीपी इन चुनौतियों से कैसे निपटते हैं और राज्य की जनता की उम्मीदों पर कैसे खरे उतरते हैं।  DGP पिता की विदाई परेड में DCP बेटी देगी सलामी  मध्य प्रदेश के पुलिस महकमे में पहली बार ऐसा होने जा रहा है कि डीजीपी पिता के सेवानिवृत्त होने पर उनके विदाई परेड में सलामी की जिम्मेदारी उनकी डीसीपी बेटी को मिली है. विदाई परेड मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित की जाएगी. दरअसल, 32 महीने के कार्यकाल के बाद मध्य प्रदेश पुलिस के डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना सेवानिवृत्त (रिटायर) हो जाएंगे. उनकी विदाई परेड का आयोजन मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित किया गया है. खास बात यह है कि उनकी विदाई परेड की जिम्मेदारी उनकी बेटी सोनाक्षी सक्सेना को दी गई, जो 2020 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. सोनाक्षी को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ही परेड कमांडर की जिम्मेदारी दी गई थी. उनकी पहली तैनाती इंदौर में की गई थी. दो साल पहले बने डीजीपी प्रदेश के 30वें पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना मूल रूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले हैं. वो 1987 बैच के भारतीय पुलिस सेवा आईपीएस अधिकारी हैं. सुधीर कुमार सक्सेना 4 मार्च 2020 को पूर्व डीजीपी विवेक जौहरी के सेवानिवृत्त होने के बाद इस पद पर काबिज हुए थे. उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने साइबर अपराध के मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार आयोजित किया और नक्सल प्रभावित जिलों में पुलिस कार्रवाई को मजबूत किया. राजधानी भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में 30 नवंबर को आयोजित होने वाले विदाई समारोह में होने वाली परेड को लेकर पुलिस का अभ्यास कार्यक्रम जल्द शुरू होगा. सलामी देने वाली टीम सोमवार से नेहरू नगर स्टेडियम में अभ्यास करेगी. मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना के सेवानिवृत्त के साथ ही प्रदेश में नए डीजीपी के नामों पर भी चर्चा शुरू हो गई है. आईपीएस अरविंद कुमार, आईपीएस कैलाश मकवाना और आईपीएस पवन श्रीवास्तव सहित कई नामों पर चर्चा हो रही है. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जिसके नाम पर मुहर लगेगी, वह प्रदेश का नया डीजीपी होगा. recent visitors 78

1100 करोड़ रुपये की लागत से भदभदा से रत्नीगिरि तक बिछाई जाएगी मेट्रो की ब्लू लाइन, चिकलोद की दुकान, मकानों का सर्वे सोमवार से

भोपाल शहर में अब जल्द ही मेट्रो की ब्लू लाइन का काम शुरू होगा।इसका निर्माण लगभग 1100 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। भदभदा से रत्नीगिरि तक लगभग 13 किलोमीटर बिछाई जाने वाली ब्लू लाइन के लिए सोमवार से सर्वे शुरू किया जाएगा। इसके लिए एसडीएम दीपक पांडे के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। यह टीम चिकलोद रोड स्थित दुकान व मकानों और अतिक्रमण को चिह्नित करेगी।इसको लेकर सोमवार को एडीएम उत्तर सिद्धार्थ जैन ने अपने कार्यालय में एसडीएम, मेट्रो अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि मेट्रो रेल लाइन में बाधा बनने वाले दुकान, मकान के लोगों को मुआवजा वितरण कर समय पर हटाने की कार्रवाई करें। तीन वर्ष में पूरा किया जाना है काम मेट्रो की ब्लू लाइन के निर्माण का कार्य तीन वर्ष में पूरा किया जाना है। इसके लिए यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक से लोन लिया जाएगा, जिसकी मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण एजेंसी को वर्कआर्डर जारी किए जाएंगे।इसके तहत 2027 तक 30 किमी का मेट्रो नेटवर्क तैयार किया जाएगा। हालांकि पहले चरण में करोंद से एम्स तक करीब 16 किमी लंबी लाइन बनाई जा रही है। जिसके दूसरे चरण में अड़चनों की वजह से काम अटका हुआ है। मेट्रो की राह के दुकान, मकानों को मिलेगा मुआवजा पुल बोगदा से करोंद तक बनाए जाने वाले मेट्रो के पहले मार्ग के दूसरे चरण का काम चल रहा है, लेकिन सिंधी कालोनी, भारत टाकीज, छह नंबर प्लेटफार्म ईरानी डेरा, अल्पना तिराहा, नादरा बस स्टैंड के बीच में आने वाली अड़चनों को अब तक दूर नहीं किया गया है, जिसकी वजह से मेट्रो का काम अटका हुआ है। इधर एक महीने पहले आजाद नगर की 18 दर्जन दुकानों को हटाने की कवायद शुरु की थी, लेकिन मेट्रो कंपनी ने दुकानदारों को राशि नहीं दी है। जिसकी वजह से सिविल का काम अटका हुआ है। आरा मशीनों के लिए सुविधाओं का इंतजार मेट्रो रेल लाइन के लिए पुल बोगदा से भारत टाकीज रोड पर स्थित करीब 100 से अधिक आरा मशीनें हटाई जाना है। इसके लिए परवलिया सड़क के छोटा रातीबड़ में जगह आवंटित की जा चुकी है।यहां पर जिला उद्योग केंद्र द्वारा बिजली,पानी, सड़क सहित अन्य सुविधाओं का इंतजाम किया जा रहा है।इन सुविधाओं के पूरा होने के बाद ही आरा मशीनों की शिफ्टिंग शुरू की जाएगी। इनका कहना है मेट्रो रेल परियोजना के तहत रूट में आने वाले सभी अतिक्रमणों को हटाने, भूमि आवंटन, मुआवजा राशि वितरण को लेकर जल्द से जल्द सर्वे कर चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। आजाद नगर के दुकानदारों को मुआवजा मिल जाएगा, इसके बाद इन्हें हटाने की कार्रवाई की जाएगी। – सिद्धार्थ जैन, एडीएम, भोपाल recent visitors 54

वायु प्रदूषण के गंभीर स्थिति को देखते दिल्ली में केंद्र सरकार के कर्मचारियों का भी समय बदला

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने दिल्ली में वायु प्रदूषण के गंभीर स्थिति को देखते हुए बृहस्पतिवार को अपने कर्मचारियों के लिए काम के अलग-अलग समय की घोषणा की। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए कर्मचारियों से वाहनों में साथ आने-जाने (वाहन पूलिंग) और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने को भी कहा गया है। इससे पहले दिल्ली सरकार और एमसीडी भी अपने दफ्तरों की टाइमिंग बदल चुकी है। आदेश में कहा गया कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर को देखते हुए केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों को दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित कार्यालयों के संबंध में अलग-अलग समय अपनाने की सलाह दी जाती है। आदेश में कहा गया कि कार्यालय सुबह नौ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक और सुबह 10 बजे से शाम साढ़े बजे तक खुले रह सकते हैं। इसमें कहा गया है कि निजी वाहनों का उपयोग करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों को वाहन प्रदूषण को कम करने के लिए ‘वाहन पूलिंग’ करने और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। आदेश में कहा गया है कि यह सुनिश्चित करते हुए कि इसका किसी भी तरह से दक्षता और उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़े, इन उपायों को मंत्रालयों/विभागों/संगठनों द्वारा अपनी कार्य से जुड़ी जरूरतों के अनुसार अपनाया जा सकता है। दिल्ली में एक सप्ताह से जारी ‘गंभीर’ प्रदूषण स्तर के बाद वायु गुणवत्ता में थोड़ा सुधार हुआ है, लेकिन यह अब भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 376 दर्ज किया गया। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक निकाय ने 18 नवंबर को गंभीर प्रदूषण स्तर के चलते घर से काम करने, काम के अलग-अलग समय और सभी कार्यालय भवनों में वायुशोधक लगाने की मांग की थी। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के सचिव को लिखे पत्र में सीएसएस फोरम ने कहा कि खराब वायु गुणवत्ता का कार्यस्थल उत्पादकता पर उल्लेखनीय प्रभाव पड़ रहा है। कर्मचारियों को श्वसन संबंधी समस्याएं, आंखों में जलन, थकान के लक्षण महसूस हो रहे हैं। recent visitors 87

प्रमुख सचिव श्री शुक्ला बोले- फिल्म टूरिज्म पॉलिसी 2.0 जल्द, कई फिल्मकारों ने प्रदेश में फिल्म शूटिंग के लिये दिखाई रूचि

भोपाल मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा गोवा में चल रहे 55वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आई.एफ.एफ.आई) का गोवा में सहभागित कर प्रदेश में फिल्म शूटिंग संभावनाओं का प्रचार किया। प्रमुख सचिव पर्यटन व संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव और टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री शिव शेखर शुक्ला व अपर प्रबंध संचालक सुश्री बिदिशा मुखर्जी द्वारा फिल्म निर्माता, निर्देशक, अभिनेता व उद्योग से जुड़े हितधारकों से चर्चा कर प्रदेश में फिल्म परियोजनाओं की शूटिंग हेतु आंमत्रीत किया। फिल्म महोत्सव के दौरान टूरिज्म बोर्ड द्वारा गुरुवार को एक नॉलेज सेशन आयोजित किया। 'लाइट्स, कैमरा, सहयोग: मध्यप्रदेश में फिल्मांकन के लिए सरकार और उद्योग साझेदारी' श्रृंखला में प्रमुख सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला सहित फिल्म निर्देशक श्री अमर कौशिक, आमिर खान प्रोडक्शंस की सीईओ सुश्री अपर्णा पुरोहित, अभिनेता श्री अभिषेक बनर्जी, अभिनेता सुश्री नितांशी गोयल, अभिनेता श्री स्पर्श श्रीवास्तव और अभिनेता-निर्माता सुश्री वाणी टीकू त्रिपाठी ने अपने विचार व्यक्त किये। इस दौरान प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने प्रदेश में फिल्म शूटिंग को प्रोत्साहित करने और राज्य को एक प्रमुख फिल्म निर्माण गंतव्य के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से म.प्र. फिल्म टूरिज्म पॉलिसी के विभिन्न बिंदुओं से अवगत कराया। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने कहा, "मध्य प्रदेश को 2017 और 2020 के लिये दो बार फिल्म अनुकूल राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने पर गर्व है। प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जीवंत वन्य जीवन और पवित्र आध्यात्मिक स्थलों से राज्य के विविध स्थान एक प्राकृतिक फिल्म सेट का रूप देते है। उन्होंने हाल ही में शूट की गई फिल्मों व वेब सीरिज (स्त्री-2, भूल भुलैया-3, लापता लेडीज, पंचायत, महारानी, गुल्लक आदि) के उदाहरण देकर राज्य की लोकप्रियता का उल्लेख किया। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से फिल्म निर्माताओं को दी जाने वाली आर्थिक सहायता का विवरण दिया और शूटिंग की मंजूरी के लिए सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी सरल और पारदर्शी प्रक्रिया की जानकारी दी। श्री शुक्ला ने बताया कि, प्रदेश के ऐतिहासिक स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानों, और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच आसान है। उक्त क्षेत्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं जैसे बिजली, इंटरनेट, और परिवहन की व्यवस्था उपलब्ध है। शूटिंग के दौरान स्थानीय प्रशासन और समुदाय का पूर्ण सहयोग मिलता है। उन्होंने कहा कि, देश में फिल्म शूटिंग के लिए म.प्र. की पहचान "सस्ती और सुविधाजनक" गंतव्य के रूप में है। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने फिल्म निर्माताओं से राज्य की लोकेशन पर फिल्म शूटिंग के लिए प्रस्ताव लाने का आग्रह किया और प्रशासन द्वारा शूटिंग में हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। नॉलेज सेशन में फिल्म निर्माताओं ने मध्य प्रदेश की फिल्म टूरिज्म पॉलिसी की सराहना की। कई प्रोडक्शन हाउस ने राज्य में भविष्य की परियोजनाओं के लिए रुचि दिखाई। फिल्म टूरिज्म पॉलिसी 2.0 जल्द- प्रमुख सचिव श्री शुक्ला सेशन में प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने जानकारी दी कि, देशभर के फिल्मकारों, फिल्म उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों व हितग्राहियों से मिले सुझावों के आधार पर म.प्र. फिल्म टूरिज्म पॉलिसी में बदलाव किये जा रहे हैं। फिल्म टूरिज्म पॉलिसी 2.0 को जल्द जारी किया जाएगा। जो राज्य में फिल्म शूटिंग को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिए तैयार की गई एक नवीन और समग्र नीति होगी। इसका उद्देश्य फिल्म निर्माताओं को अतिरिक्त सुविधाएं और प्रोत्साहन प्रदान करना है ताकि मध्यप्रदेश को भारत का शीर्ष फिल्म निर्माण स्थल बनाया जा सके। अंतर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करना, राज्य के अनछुए पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देना, स्थानीय समुदाय और युवाओं को रोजगार के अवसर सृजित करने के लिये पॉलिसी में बदलाव किये जा रहे है।   recent visitors 77

बिलासपुर और सरगुजा संभाग में शीतलहर, बिलासपुर में गिरावट के साथ पारा 15.4 डिग्री सेल्सियस

बिलासपुर बुधवार को न्यूनतम तापमान में गिरावट के साथ पारा 15.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। एक दिन पहले पारा 15.6 डिग्री सेल्सियस था। इस मौसम बच्चों व बुजुर्गों के सेहत को लेकर खास ध्यान रखने की आवश्यकता है। रात के साथ दिन के तापमान में भी गिरावट न्यायधानी में मंगलवार की रात कड़ाके की सर्दी का अहसास हुआ। हल्की ठंडी हवाएं चल रही थी। बुधवार की सुबह नजारा देखने लायक था। वातावरण में हल्का कोहरा भी दिखा। सूर्योदय के साथ धूप अच्छी लगने लगी। दिन चढ़ने के साथ मौसम का कलेवर भी बदला। रात के साथ दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 28 डिग्री पर आ गया। ठंडी के चलते मौसमी बिमारियां फिलहाल दिन और रात का तापमान सामान्य से कम है। वहीं रात और दिन के तापमान में 13 डिग्री सेल्सियस का अंतर है। जिसका असर सेहत पर भी पड़ने लगा है। ठंडी के चलते मौसमी बिमारियां घेरने लगी है। खासकर बदलते मौसम का असर छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर दिखने लगा है। अस्पतालों के ओपीडी में इन दिनों रोजाना भीड़ लग रही है। ठंड का अहसास सुबह नहीं खुल रही जल्दी नींद उत्तर से आने वाली ठंडी और शुष्क हवाओं का आगमन लगातार जारी है। जिसके प्रभाव से रातें सर्द है। ठंड का अहसास होने लगा है। नतीजा सुबह लोग देर से जाग रहे हैं। आसानी से बिस्तर छोड़ने का मन नहीं करता। सुबह की धूप अच्छी लगने लगी है। चौक-चौराहों में भी लोग सुबह चाय की चुस्कियों का आनंद उठाते दिखे। 24 नवंबर तक अभी अच्छी ठंड मौसम वेधशाला के मौसम विज्ञानी डा.एचपी चंद्रा के मुताबिक उत्तर से आने वाली ठंडी और शुष्क हवाओं का आगमन लगातार जारी है जिसके कारण न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट बने रहने की संभावना है। प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।सरगुजा और उससे लगे बिलासपुर संभाग के जिलों में शीतलहर चलने/शीतलहर जैसी स्थिति बने रहने की संभावना है। 25 नवंबर से दक्षिण छत्तीसगढ में न्यूनतम तापमान में वृद्धि का अनुमान है। प्रमुख शहरों का तापमान शहर               अधिकतम     न्यूनतम बिलासपुर         28.0             15.4 पेंड्रारोड             26.2             11.4 अंबिकापुर         26.0              08.6 माना                27.8             15.6 जगदलपुर         28.6             12.5   recent visitors 58