अमेरिका और यूरोप को कर्ज कम करना जरूरी, भविष्य में आ सकता है संकट: रघुराम राजन

नई दिल्ली  मशहूर अर्थशास्त्री और भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने अमेरिका समेत उन सभी देशों को ऐसी सलाह दी है, जिसे अगर नहीं माना गया तो भविष्य में गंभीर खतरे हो सकते हैं. उन्होंने वैश्विक स्तर पर बढ़ते हुए सार्वजनिक कर्ज को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है. राजन का कहा है कि लगातार बढ़ता हुआ कर्ज अगले आपातकाल के समय में दुनिया को बेहद कमजोर बना सकता है. यह चेतावनी वैसे तो उन देशों के लिए जो भारी-भरकम कर्ज उठाकर अपनी अर्थव्यवस्था चला रहे हैं. मुख्य रूप से अमेरिका और चीन इसमें शामिल हैं. लेकिन, खतरा भारत जैसे उन देशों पर भी होगा, जिनका बिजनेस अमेरिका और चीन जैसे देशों के साथ चलता है. अमेरिका में होने वाली हर गतिविधि का असर भारत पर पड़ता है, तो चीन भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है. रघुराम राजन ने ‘कर्ज लेकर घी पीने’ वाले देशों को उनके बढ़ते सार्वजनिक ऋण पर नज़र डालने का आग्रह किया है. दुनिया में बढ़ती महामारियों के खतरे के बीच एक बड़े अर्थशास्त्री का ऐसा कहना मायने रखता है. दरअसल, बड़े अर्थशास्त्री पैसे और बजट के बारे में लम्बी दृष्टि रखते हैं और भविष्य का अनुमान लगा सकते हैं. राजन ने कहा, “हमने वैश्विक वित्तीय संकट और महामारी देखी है. आने वाले समय में ऐसी महामारियां अधिक नियमित हो सकती हैं. इसलिए कर्ज के बढ़ते स्तर को नजरअंदाज करना खतरनाक है.” राजन ने रोम में वार्षिक Bancor Prize समारोह के दौरान दिए गए भाषण में उन्होंने कई अहम बातों का जिक्र किया. अपने भाषण में उन्होंने कहा, दुनिया को विखंडन (fragmentation) से बचाने के लिए बहुपक्षीय संस्थाओं (multilateral institutions) में सुधार करने की जरूरत है. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सर्विस ट्रेड, जलवायु कार्य (climate action), और अन्य नए क्षेत्रों में व्यापार के रास्ते खोलने से समस्याओं को हल किया जा सकता है. अमेरिका को लेकर बड़ी चेतावनी अपने भाषण के बाद पत्रकारों से बातचीत में अमेरिका का जिक्र करते हुए रघुराम राजन कहा कि वहां का सार्वजनिक ऋण तेजी से बढ़ रहा है, जो उसे वित्तीय रूप से असुरक्षित बना रहा है. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के हालिया अनुमानों के अनुसार, अमेरिका का कर्ज लगातार बढ़ने की राह पर है. उन्होंने आगाह किया कि यह सिर्फ अमेरिका की समस्या नहीं है, बल्कि दुनिया के कई अन्य देशों के लिए भी चेतावनी है. वैश्विक ऋण की चौंकाने वाली तस्वीर आईएमएफ के अनुसार, 2024 के अंत तक वैश्विक सार्वजनिक ऋण लगभग 100 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 93% है. अमेरिका और चीन जैसे देशों का इसमें प्रमुख योगदान है. राजन ने यह भी कहा कि मुद्रास्फीति (inflation) की धीमी दर और गिरते ब्याज दरें (interest rates) देशों को अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने का अवसर दे रही हैं. लेकिन, इसके बावजूद, अधिकतर सरकारों में इसे लेकर कोई तत्परता नहीं दिख रही है. कर्ज के खतरों से बचने की जरूरत राजन ने जोर देकर कहा कि कर्ज को कम करना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में किसी आपात स्थिति के लिए एक सेफ्टी कुशन बनाया जा सके. उन्होंने यह भी कहा कि अत्यधिक कर्ज वाले देश एक-दूसरे की मदद करने में असमर्थ हो जाते हैं, जिससे दुनिया के लिए एक और खतरा खड़ा हो सकता है. किस देश पर कितना कर्ज अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका पर अपने अपनी जीडीपी का 121 फीसदी कर्ज है. मतलब वह गले तक नहीं डूबा है, बल्कि पानी उसके सिर के ऊपर तक जा चुका है. दूसरे नंबर पर कनाडा है, जिस पर अपनी जीडीपी का 106 फीसदी कर्ज है. चीन ने अपनी जीडीपी की तुलना में 90.1 फीसदी कर्ज उठा रखा है. भारत पर यह प्रतिशत 83.1 फीसदी है. सबसे अधिक कर्ज सूडान पर है, जिसने अपनी जीडीपी की तुलना में 344.4 फीसदी कर्ज लिया हुआ है. फ्रांस, स्पेन और इंग्लैंड पर भी जीडीपी के 100 फीसदी से ज्यादा कर्ज है. recent visitors 185

विधानसभा अध्यक्ष तोमर की अध्यक्षता में हुई नेवा हाउस कमेटी की बैठक

भोपाल विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने निर्देश दिये हैं कि प्रदेश की विधानसभा को मानसून सत्र, 2025 तक पेपरलेस किया जाए। इसके लिए विधानसभा में नेशनल ई-विधान परियोजना (नेवा) लागू की जाये। उन्होंने इस परियोजना के लागू होने से पहले विधानसभा सदस्यों को भी इसकी पर्याप्त जानकारी देने को भी निर्देश दिये हैं। विधानसभा अध्यक्ष तोमर आज विधानसभा में नेवा हाउस कमेटी की बैठक को संबोधित कर रहे थे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह परियोजना जल्द से जल्द लागू करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि अब तक 23 प्रदेशों के 25 सदनों ने केन्द्र सरकार द्वारा प्रायोजित ई-विधान परियोजना लागू करने के लिए MOU पर हस्ताक्षर किये हैं। देश के 13 प्रदेशों के 14 सदनों में यह परियोजना लागू की जा चुकी है। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा कि अब प्रत्येक दो माह में परियोजना की प्रगति से समिति को अवगत कराया जाये। बैठक में बताया गया कि इस परियोजना के लिये केन्द्र सरकार के "संसदीय कार्य मंत्रालय" को नोडल विभाग बनाया गया है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने ई-विधान परियोजना में एन.आई.सी. का जिला स्तर तक सहयोग लिये जाने की बात कही। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस परियोजना को लागू करने के लिए विधायकों की जो समिति बनायी गयी है वह समिति जल्द उन राज्यों का दौरा करे, जहां इस परियोजना को सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है। उन्होंने ई-विधान परियोजना के लिए साइबर सिक्यूरिटी पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। बैठक में विधानसभा के प्रमुख सचिव, अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि कुल परियोजना लागत का 60 प्रतिशत अंश केन्द्र सरकार द्वारा और 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन किया जायेगा। केन्द्र सरकार ने अभी तक 19 करोड़ 36 लाख रूपये लागत के परियोजना कार्यों का अनुमोदन कर दिया है। बैठक में टेबलेट, नेटवर्क और ई-लर्निंग एवं ई-फेसिलिटी सेंटर पर भी विचार किया गया। बैठक में तय हुआ कि विधायकों की सुविधा के लिए जिले के एन.आई.सी. सेंटर को नोडल ट्रेनिंग एजेंसी के तौर पर कहा जायेगा, जिससे विधायक सुविधाजनक तरीके से इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे। परियोजना का प्रस्तुतिकरण अपर सचिव वीरेन्द्र कुमार ने दिया। बैठक में बताया गया कि केन्द्र सरकार के डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत देश की समस्त विधानसभाओं को पेपरलेस करने एवं उन्हें एक प्लेटफार्म पर लाने के उद्देश्य से ई-विधान (नेवा) लाँच किया गया है। बैठक में समिति के सदस्य विधायक सर्वअजय विश्नोई, बाला बच्चन, श्रीमती रीति पाठक, सुरेश राजे, नीतेन्द्र सिंह राठौर, गौरव सिंह पारधी, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, संजय दुबे मौजूद थे। recent visitors 134

प्रदेश में 17 हजार 871 बहनों को पोर्टल के माध्यम से मिलेगी नियुक्ति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले राजधानी में सरकारी मकानों के आवंटन से संबंधित नए पोर्टल का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गृह विभाग को इस पहल के लिए बधाई दी। उल्लेखनीय है कि अब तक इस तरह के पोर्टल का निर्माण नहीं हुआ था। भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 के प्रावधानों के अनुसार संपूर्ण आवास आवंटन प्रक्रिया का संचालन अब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा। पोर्टल www.sampada.mp.gov.in के माध्यम से आवंटिती अर्थात शासकीय सेवक को ऑनलाइन आवास आवंटन की सूचना पंजीकृत मोबाइल नंबर पर गृह विभाग की ओर से एसएमएस गेटवे MPHOME के माध्यम से रियल टाईम बेसिस पर प्रेषित की जाएगी। शासकीय सेवक के हित में वरीयता क्रम से आवासों के आवंटन का कार्य पोर्टल के माध्यम से जनरेट किया जाएगा। इससे मानवीय हस्तक्षेप और पक्षपात के मामले शून्य हो जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को न्यू मार्केट के पास निर्मित साऊथ टी.टी. नगर के बहुमंजिला आवास गृहों का आवंटन भी किया। इन नवनिर्मित आवास गृहों में "जी" और "एच" श्रेणी के कुल 1210 आवास शामिल हैं। पोर्टल के माध्यम से शासकीय आवास का आधिपत्य प्राप्त करने की सूचना दी जा सकेगी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती होगी ऑनलाइन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की ऑनलाइन भर्ती के लिए विकसित व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निश्चित ही यह पारदर्शी प्रक्रिया त्वरित और सुगमता पूर्वक नियुक्ति की कार्यवाही में मददगार होगी। इसके साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित प्राप्त होने वाली शिकायतों की संख्या न्यून हो जाएगी। नई व्यवस्था में आवेदक एमपी ऑनलाइन कियोस्क अथवा स्वयं के मोबाइल पर एप्लीकेशन डाउनलोड कर समस्त दस्तावेजों को आवेदन के साथ अपलोड कर आवेदन कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑनलाइन मॉड्यूल https://chayan.mponline.gov.in/ की कार्यप्रणाली को उपयोगी बताते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग को इस शुरूआत के लिए बधाई दी। भारत सरकार ने प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास वाले 20 जिलों में 549 नए आंगनवाड़ी केन्द्र मंजूर किए हैं। वर्तमान के 5201 पदों के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियुक्ति की जाना है। इसके अलावा अन्य नव सृजित 12 हजार 670 पद मिलाकर कुल 17 हजार 871 पदों की पूर्ति की जाएगी। इस तरह बड़ी संख्या में बहनों को ऑनलाइन नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से रोजगार प्राप्त होगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह 13 हजार एवं आंगनवाड़ी सहायिकाओं को 6500 मासिक मानदेय प्राप्त होगा।   recent visitors 93

मध्य प्रदेश में new aviation policy के तहत प्रत्येक 200 किमी पर एक एयरपोर्ट बनाया जाएगा

भोपाल मध्यप्रदेश में अनेक हवाई अड्डे बनाए जाएंगे। राज्य सरकार इसके लिए नई पॉलिसी बना रही है। इसके अंतर्गत प्रदेश में हर 200 किमी पर एक एयरपोर्ट बनाया जाएगा। इस प्रकार प्रदेश के छोटे शहरों में भी एयरपोर्ट बन सकेंगे। एयरपोर्ट विकसित कर यहां अंतरराज्यीय उड़ानें शुरू की जाएंगी। इसके साथ ही राज्य की हवाई पट्टियों का भी विकास किया जाएगा। प्रदेश में पर्यटन और उद्योग की संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए एमपी की नई विमानन पॉलिसी में इन बातों पर विचार किया जा रहा है।  मध्यप्रदेश में अब जिला और ब्लाक स्तर पर भी हवाई यातायात उपलब्ध होगा। प्रदेश में कई नए एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं जोकि पीपीपी मोड पर तैयार किए जाएंगे। जल्द ही हर 200 किमी पर हवाई अड्डा दिखाई देगा। इसके साथ ही हर 150 किमी पर एक हवाई पट्टी भी बनेगी। बढ़ेगी रीजनल कनेक्टिविटी प्रदेश में रीजनल कनेक्टिविटी योजना उड़ान के तहत कम दूरी की उड़ानें संचालित की जा रही हैं। वहीं छोटे शहरों से भी दो राज्यों के बीच उड़ान शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। इसके तहत राज्य सरकार ने हर 200 किमी पर एयरपोर्ट बनाने का निर्णय लिया है। प्रदेश में फिलहाल 6 एयरपोर्ट हैं और 31 जिलों में हवाई पट्टी भी है। धार्मिक पर्यटन और बड़े शहरों में यात्रियों की सुविधा के लिए पीएमश्री हवाई सेवा संचालित की जा रही है। अब राज्य सरकार नई विमानन नीति- एविएशन पॉलिसी बना रही है। इसमें हवाई सेवाओं के विस्तार पर फोकस किया जा रहा है। नई पॉलिसी के तहत प्रदेश का लोक निर्माण विभाग कई एयरपोर्ट बनाएगा। विकासखंड स्तर पर हेलीपैड भी बनाए जाएंगे। प्रदेशभर की सभी हवाई पट्टियों को जेट विमानों की उड़ान के हिसाब से विकसित किया जा रहा है। सरकारी हवाई पट्टियों के साथ ही सार्वजनिक संगठनों और प्राइवेट हवाई पट्टियों को भी विकसित किया जा रहा है। यहां से छोटे विमान संचालित किए जाएंगे। इसके लिए विमानन विभाग और पर्यटन विभाग की चर्चा हो चुकी है। यहां हैं हवाई पट्टी प्रदेश के 55 जिलों में से 31 जिलों में हवाई पट्टी है। इसके अलावा सार्वजनिक संगठनों और निजी क्षेत्रों की हवाई पट्टियां भी हैं। इनमें दमोह (डायमंड सीमेंट), शहडोल (ओरिएंट पेपर मिल), नागदा (ग्रेसिम) हवाई पट्टी हैं। इन्हें जेट विमान के उड़ान योग्य तैयार किया जा रहा है। इनके अलावा इंदौर, ग्वालियर, भोपाल, छतरपुर (खजुराहो) एवं जबलपुर में राष्ट्रीय विमान पत्तन प्राधिकरण (एएआइ) के हवाई अड्डे हैं। छोटे विमान भी चलेंगे धार्मिक पर्यटन स्थलों के लिए छोटे विमान संचालित किए जाएंगे। धार्मिक एवं अन्य प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को वायु सेवा से जोड़ने के लिए पर्यटन विभाग वेंचुरा, अर्चना एयरवेज जैसी सहायता प्राप्त योजनाएं लाने जा रहा है। विमानन विभाग और पर्यटन विभाग के बीच सहमति बन गई है। पर्यटन विभाग पीपीपी के तहत छोटे रूट पर विमानों का संचालन शुरू करने पर काम कर रहा है। recent visitors 129

क्रिप्टो करेंसी घोटाले मामले में गौरव मेहता के रायपुर स्थित घर पहुंची ED की टीम

मुंबई महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग के बीच बिटकॉइन विवाद तूल पकड़ता जा रहा है. खबर है कि बिटकॉइन विवाद मामले में ईडी की टीम रायपुर में गौरव मेहता के घर पहुंची है. 2018 के क्रिप्टो करेंसी घोटाले मामले में ईडी की टीम ऑडीटि कंपनी के कर्मचारी गौरव मेहता के छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित घर पर तलाशी कर रही है. बता दें कि गौरव मेहता का नाम पूर्व आईपीएस अधिकारी रविंद्रनाथ पाटिल के खुलासे के बाद आया है. पाटिल ने 2018 के इस घोटाले में मुख्य गवाह के तौर पर मेहता का नाम लिया था. दरअसल गौरव मेहता उस कंसल्टेंसी के लिए काम कर रहे थे जो 6600 करोड़ रुपये के क्रिप्टो करेंसी घोटाले में पुणे पुलिस की मदद कर रही थी. पूर्व आईपीएस अधिकारी रविंद्रनाथ पाटिल ने मंगलवार को दावा किया था कि सुप्रिया सुले और नाना पटोले ने बिटकॉइन के बदले कैश के लिए गौरव मेहता से संपर्क किया था और इस पैसे का इस्तेमाल महाराष्ट्र चुनाव में किया था. सुप्रिया सुले ने आरोपों से किया था इनकार सुप्रिया सुले ने बिटकॉइन पर चल रहे विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि मीडिया में चल रही ऑडियो क्लिप में उनकी आवाज नहीं है. उसे बेशक चेक कराया जाए. सुप्रिया ने कहा कि उन्होंने साइबर क्राइम में इसकी शिकायत की है. सुप्रिया ने कहा कि बीजेपी के प्रवक्ता ने PC की, मुझे कई लोगों ने फोन किया, मैंने सुधांशु त्रिवेदी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का नोटिस दिया है. बता दें कि बीजेपी ने सुप्रिया सुले और नाना पटोले पर बिटकॉइन ट्रांजैक्शन का आरोप लगाया था. सुले ने कहा कि मैं उनके (सुधांशु त्रिवेदी) के पांच सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हूं. वह जहां भी चाहे, जगह और प्लेटफॉर्म भी वही चुन लें. मैं उनकी सभी आरोपों का जवाब देने के लिए तैयार हूं. BJP नेता ने आरोप लगाए थे बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने इस मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और वोटिंग से ठीक पहले महाविकास अघाड़ी (MVA) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वे बिटकॉइन के किसी ट्रांजैक्शन में शामिल हैं? इसके अलावा बीजेपी नेता ने सुप्रिया सुले और नाना पटोले पर भी आरोप लगाया. त्रिवेदी ने कहा कि बहुत गंभीर और चिंताजनक तथ्य सामने आए हैं, जो एमवीए के भ्रष्टाचार को धीरे-धीरे उजागर कर रहे हैं. यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों पर एक गंभीर सवाल है. उन्होंने व्हाट्सएस चैट का प्रिंट आउट दिखाते हुए कहा कि इन चैट्स और नोट्स से पता चलता है कि कैसे सुप्रिया सुले और नाना पटोले द्वारा बिटकॉइन ट्रांजैक्शन किया जा रहा था. बीजेपी की तरफ से दावा किया गया कि नाना पटोले, सुप्रिया सुले, पुलिस कमिश्नर अमिताभ गुप्ता और डीलर अमिताभ के बीच वॉयस नोट्स का आदान-प्रदान हुआ है. recent visitors 72

मध्य प्रदेश के 20 जिलों के 50 ब्लॉक्‍स में 2-2 ट्राइबल छात्रावासों बनाए जाएंगे: मंत्री शाह

भोपाल धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में केन्द्र सरकार द्वारा देशभर में जनजातीय विद्यार्थियों की शिक्षा-दीक्षा एवं उनकी आवासीय सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इसके तहत केन्द्र सरकार ने देश के सभी प्रदेशों से प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार ट्राइबल छात्रावासों के निर्माण के लिये स्वीकृति दी है. मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री डॉ कुंवर विजय शाह ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा भेजे गये प्रस्ताव को मान्य करते हुए 20 जिलों में 100 ट्राइबल छात्रावासों के निर्माण की मंजूरी दी गई है.अब मध्य प्रदेश के 20 जिलों के 50 ब्लॉक्‍स में (हर ब्लॉक में) 2-2 ट्राइबल छात्रावासों बनाए जाएंगे. यह सभी ट्राइबल छात्रावासों 4-4 करोड़ रूपये की लागत और 100-100 सीटर होंगे.     देश के 60 हजार से अधिक आदिवासी ग्रामों के विकास के लिए धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान आरंभ किया गया है। इसका उद्देश्य जनजातीय समाज का समग्र विकास करना है, इसके अंतर्गत 80 हजार करोड़ रुपए लागत के विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगे     -प्रधानमंत्री श्री… pic.twitter.com/Fmx1XJjzeF     — Jansampark MP (@JansamparkMP) November 15, 2024 कहां-कहां बनेंगे हॉस्टल? जनजातीय कार्य मंत्री डॉ विजय शाह ने बताया कि अभियान के तहत अलीराजपुर जिले के अलीराजपुर, जोबट, कट्ठीवाड़ा, सोण्डवा एवं उदयगढ़, बड़वानी जिले के पानसेमल एवं पाटी, बैतूल जिले के भीमपुर, मुल्ताई एवं शाहपुर, छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा, बिछुआ, हर्रई, जुन्नारदेव, परासिया एवं तामिया, दमोह जिले के तेंदूखेडा, डिंडोरी जिले के डिंडोरी, मेहंदवानी, समनापुर एवं शाहपुरा, जबलपुर जिले के कुंडम, झाबुआ जिले के पेटलावद, रामा, रानापुर एवं थांदला, खरगोन जिले के भगवानपुरा, भीकनगांव एवं झिरन्या, मंडला जिले के नारायणगंज, नरसिंहपुर जिले के नरसिंहपुर, पन्ना जिले के पवई, सतना जिले के रामपुर-बघेलान, सीहोर जिले के नसरूल्लागंज, सिवनी जिले के छपारा, धनौरा, कहानापस (घन्सौर) एवं लखनादौन, शहडोल जिले के ब्यौहारी, बुढ़ार एवं जयसिंहनगर, श्योपुर जिले के कराहल एवं विजयपुर, शिवपुरी जिले के खनियांधाना एवं शिवपुरी, सीधी जिले के सीधी एवं सिंहावल तथा सिंगरौली जिले के बैढ़न, चितरंगी एवं देवसर में यह हॉस्टलस् बनाये जाएंगे. मंत्री ने बताया कि यह ट्राइबल छात्रावासों ऐसे स्थान पर (संभवत: सीएम राइज स्कूल परिसर में या इसके समीप) बनाए जायेंगे, जिससे आस-पास के गांवों के जनजातीय विद्यार्थियों को रहने और शिक्षा पाने की स्थायी सुविधा मिल सके. MP में इतनों को मिलेगा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का फायदा मंत्री डॉ विजय शाह ने बताया कि देश के सभी जनजातीय बहुल गांवों के समग्र विकास एवं कल्याण के लिये केन्द्र सरकार द्वारा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान में प्रदेश के 51 जिलों के 267 विकासखंडों में स्थित 11 हजार 377 जनजातीय बहुल गांवों का संर्वागीण विकास किया जायेगा. इन 51 जिलों में 43 जनजातीय समुदायों के 18 लाख 58 हजार परिवार निवास करते हैं, जिनकी कुल 93 लाख 23 हजार आबादी इस अभियान से सीधे तौर पर लाभान्वित होगी. recent visitors 71

राज्यपाल द्वारा जनजातीय कार्य, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आयुष योजनाओं की समीक्षा

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि व्यक्तिगत और सामुदायिक योजना के परिणामों का मूल्यांकन मैदानी स्तर पर किया जाए। वंचित और छूट रहें व्यक्तियों और क्षेत्रों तक विकास की योजनाओं की पहुँच को सफलता का पैमाना माना जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन से प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजना को पहुँचाने के प्रयास किए जाने चाहिए। मॉनिटरिंग का भी यही लक्ष्य होना चाहिए। राज्यपाल पटेल आज जनजातीय प्रकोष्ठ के द्वारा संयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक का आयोजन दो सत्रों में किया गया था। प्रथम सत्र में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और आयुष विभाग की समीक्षा की गई। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार मौजूद थे। द्वितीय सत्र में जनजातीय कार्य विभाग की योजनाओं पर चर्चा की गई। जेनेटिक कार्ड वितरण में युवाओं को दें प्राथमिकता- राज्यपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि स्क्रीनिंग के दौरान सिकल सेल प्रभावितों की अधिक संख्या वाले चिन्हित क्षेत्रों और 20 से 30 वर्ष की आयु समूह की स्क्रीनिंग के कार्य को व्यापकता प्रदान की जाए। जांच का कार्य तेज गति से किया जाए। गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व और प्रसव के 72 घन्टों के भीतर जांच हो। इस संबंध में विभाग द्वारा कार्य योजना तैयार की जाना चाहिए। चिन्हित वाहक और रोगियों को प्राथमिकता के साथ जेनेटिक कार्ड उपलब्ध हो। रोगी और वाहक को तत्काल उचित औषधि उपलब्ध हो। वाहक और रोगी नियमित रूप से औषधि लें। इसकी मॉनिटरिंग बहुत जरूरी है। मॉनिटरिंग के लिए सामुदायिक जन जागृति के प्रयास आवश्यक हैं। जरूरी है कि घर-घर जाकर इस संबंध में सीधा संपर्क और संवाद कायम किया जाए। उन्होंने मैदानी अमले का संवेदीकरण कर, उनके माध्यम से जन जागरण के प्रयासों के लिए निर्देश दिए है। सिकल सेल उन्मूलन में आयुष की विभिन्न पद्धतियों का तुलनात्मक परीक्षण हो राज्यपाल पटेल ने आयुष विभाग की चर्चा के दौरान कहा कि सिकल सेल रोग प्रबंधन और उपचार में होम्योपैथी, आयुर्वेद और योग की भूमिका के संबंध में विभाग द्वारा किए जा रहे अनुसंधान का तुलनात्मक परीक्षण भी कराया जाए। पॉयलट जिलों की सभी तहसील के वाहक और रोगी अध्ययन में सम्मलित हो। इसकी सुनिश्चितता की जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 2047 तक सिकल सेल उन्मूलन प्रयासों को व्यापकता प्रदान करने में आयुर्वेद की संभावनाएं बहुत प्रबल हैं। इस दिशा में विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।  प्रसव पूर्व जाँच के प्रयासों को भी व्यापकता दी जाए- उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज इंदौर के ट्रांसफ्यूज़न विभाग को केन्द्र सरकार द्वारा सेंटर ऑफ कॉम्पीटेंस घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल प्रभावितों को जेनेटिक कार्ड प्रदान करने के साथ ही प्रसव पूर्व जांच के प्रयासों को भी व्यापकता दी जाएगी। सिकल सेल के संबंध में महाविद्यालयों में चिकित्सक देगें जानकारी- आयुष मंत्री आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा चिकित्सा विभाग के साथ समन्वय कर सिकल सेल जन जागृति के प्रयासों को विस्तारित करने की योजना है। उन्होंने बताया कि समस्त महाविद्यालयों में सिकल सेल के संबंध में चिकित्सकों के द्वारा जानकारी दिए जाने के लिए पीरियड निर्धारित कर विद्यार्थियों के माध्यम से जागरूकता प्रसार के प्रयास किए जाएंगे। विकास का मूलाधार सबका साथ और विकास- राज्यपाल बैठक के दूसरे सत्र में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि विकसित भारत का मूलाधार सबका साथ और सबका विकास है। इसी के लिए सरकार की योजनाओं का निर्माण किया गया है। योजना की मंशा की सफलता क्रियान्वयन की दृष्टि और दिशा पर आधारित होती है। उन्होंने कहा कि सरकारी अमला सरकार के चालक है। अमला जितना सजग और सक्रिय होगा। सरकार भी उतनी ही गतिशील होगी। इसलिए आवश्यक है कि शीर्ष से लेकर जमीनी स्तर तक का अमला योजना की मंशा के प्रति संवेदनशील हो। मॉनीटरिंग की प्रणाली धरातल पर छूट गए व्यक्तियों, क्षेत्रों को चिह्नित करने पर फोकस हो। प्रयास, ऐसे क्षेत्रों, समुदाय और व्यक्तियों को लाभान्वित करने के लिए आवश्यक प्रावधान, संशोधन और नवाचार पर केन्द्रित होने चाहिए। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने जनजातीय कार्य विभाग की विभिन्न योजनाओं प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) और विभागीय योजनाओं पर चर्चा में कहा कि विभाग द्वारा पी.वी.टी.जी जिलों में नए जिले शामिल किये जाने चाहिए। पेसा ग्राम सभाओं के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने के लिए महाराष्ट्र राज्य के प्रावधानों का अध्ययन कर विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार किया जाना चाहिए। जनजातीय हितग्राहियों के लिए पीएचडी छात्रवृत्ति और विषय के कोटे को भी समाप्त किया जाना चाहिए। बैठकों में अध्यक्ष जनजातीय प्रकोष्ठ दीपक खाण्डेकर, राज्यपाल के प्रमुख सचिव मुकेश चन्द गुप्ता, प्रकोष्ठ के सदस्य एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे। प्रथम सत्र में प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संदीप यादव, आयुष आयुक्त श्रीमती उमा महेश्वरी, प्रबंध संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सलोनी सिडाना एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। द्वितीय सत्र में प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा, आयुक्त जनजातीय श्रीमन शुक्ला एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 67