IndiGo अगले महीने से इंदौर से प्रयागराज रूट पर फ्लाइट संचालन शुरू करने की तैयारी

इंदौर   जनवरी 2025 में प्रयागराज में आयोजित होने वाले कुंभ मेले से पहले, इंदौर से प्रयागराज के लिए सीधी फ्लाइट शुरू होने की संभावना है। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, निजी एयरलाइंस कंपनी इंडिगो ने प्रयागराज एयरपोर्ट की पुरानी टर्मिनल बिल्डिंग के विस्तार के बाद सीधी उड़ान। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी अगले महीने से ही इस रूट पर फ्लाइट संचालन शुरू करने की तैयारी कर रही है। कुंभ मेले के लिए फ्लाइट की तैयारी ट्रेवल एजेंट्स का कहना है कि जनवरी से फरवरी तक चलने वाले प्रयागराज कुंभ मेले में देश-विदेश से लाखों लोग शामिल होंगे। एयरलाइंस कंपनियां भी इसी को ध्यान में रखते हुए अपनी सेवाओं में नए रूट जोड़ रही हैं। इंदौर के ट्रेवल एजेंट्स ने बताया कि इंडिगो एयरलाइंस ने इस रूट पर फ्लाइट शुरू करने को लेकर उनसे संपर्क किया है। पूछताछ के बीच उन्होंने इंडिगो को बताया कि पहले भी इस रूट पर फ्लाइट का संचालन सफल रहा था, लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया। फ्लाइट शुरू होने पर यात्रियों को काफी लाभ होगा। वहीं इंदौर से प्रयागराज फ्लाइट के शुरू होने को लेकर ट्रैवल एजेंट्स ऑफ़ इंडिया के मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन का कहना है कि अभी ऑफिशियल जानकारी हमारे पास नहीं आई है। इसलिए यह फ्लाइट शुरू होगी या नहीं या कब से शुरू होगी, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। इंदौर से यूपी के लिए सिर्फ एक फ्लाइट ट्रेवल एजेंट्स ने बताया कि अगर कुंभ के पहले अगर यह फ्लाइट शुरू होती है तो इसका फायदा इंदौर से प्रयागराज और साथ ही इंदौर से वाराणसी जाने वाले यात्रियों को भी होगा फिलहाल इंदौर से उत्तर प्रदेश के लिए केवल एक ही फ्लाइट चल रही है, जो इंदौर-लखनऊ रूट पर है। हाल ही में इंदौर-वाराणसी फ्लाइट को बंद कर दिया गया। अगर इंदौर-प्रयागराज फ्लाइट शुरू होती है, तो इससे काफी फायदा होगा। दरअसल, प्रयागराज और काशी की सड़क मार्ग से दूरी महज दो घंटे में तय हो जाती है। ऐसे में वाराणसी जाने वाले लोगों को भी आसानी हो जाएगी। दिसंबर में शुरू हो रही इंदौर से दो नई सीधी फ्लाइट इंदौर एयरपोर्ट से दिसंबर में दो नई सीधी फ्लाइट्स शुरू हो रही हैं। इंडिगो 10 दिसंबर से इंदौर-कोलकाता रूट पर अपनी दूसरी सीधी फ्लाइट शुरू करेगी, जिसकी बुकिंग पहले ही शुरू हो चुकी है। एयर इंडिया एक्सप्रेस भी 15 दिसंबर से इंदौर-कोलकाता रूट पर अपनी पहली नॉन-स्टॉप फ्लाइट शुरू करेगी। इन दोनों फ्लाइट्स के शुरू होने के बाद इंदौर से कोलकाता के लिए कुल तीन फ्लाइट्स उपलब्ध होंगी। इधर, दिल्ली से इंदौर की फ्लाइट कैंसिल इंदौर एयरपोर्ट पर मंगलवार को 3 से ज्यादा फ्लाइट अपने तय समय से देरी से इंदौर पहुंची। इसका कारण उत्तर भारत में मौसम का खराब होना बताया जा रहा है। एयरपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार     बुधवार को बेंगलुरु से आने वाली फ्लाइट IX2511 अपने निर्धारित समय से 1 घंटे 17 मिनट देरी से पहुंची।     दिल्ली से आने वाली फ्लाइट IX2513 दो घंटे लेट थी।     इंडिगो की फ्लाइट 6E902 भी 1 घंटे से अधिक देरी से पहुंची। वहीं एयर इंडिया की दिल्ली से इंदौर आने वाली फ्लाइट AI2913 को एयरलाइंस कंपनी ने ऑपरेशनल कारणों से निरस्त कर दिया, जिससे यात्री काफी परेशान हुए।​​​​​​ इंदौर से जाने वाली फ्लाइट भी देरी से रवाना हुई मंगलवार को इंदौर से रवाना होने वाली फ्लाइट्स भी समय पर उड़ान नहीं भर सकीं।     एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX2511 दो घंटे लेट हुई।     एयर इंडिया की AI635 दिल्ली के लिए 1 घंटे देरी से रवाना हुई।     इंडिगो की 6E7726 अहमदाबाद फ्लाइट 1 घंटे लेट रवाना हुई।     बेंगलुरु के लिए IX2513 फ्लाइट 3 घंटे की देरी से चली।     हैदराबाद के लिए इंडिगो की 6E6916 भी 1 घंटे से ज्यादा देरी से रवाना हुई। एयरपोर्ट सूत्रों ने बताया कि अधिकतर फ्लाइट्स में देरी का कारण उत्तर भारत में खराब मौसम था।   recent visitors 35

उड्डयन मंत्री नायडू से नई दिल्ली स्थित राजीव गांधी भवन सीएम साय ने की मुलाक़ात

नई दिल्ली छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित राजीव गांधी भवन में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से मुलाक़ात की। बैठक में राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने और क्षेत्रीय हवाई अड्डों के विकास को लेकर चर्चा की गयी। इस दौरान मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत एवं नई दिल्ली में पदस्थ छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सेन भी साथ थीं। recent visitors 68

CM यादव और कैबिनेट मंत्री आज भोपाल में देखेंगे ‘द साबरमती रिपोर्ट’

भोपाल आज 20 नवंबर दिन बुधवार है. मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव आज मंत्रियों के साथ फिल्म द साबरमती रिपोर्ट देखेंगे. सीएम ने सभी मंत्रियों को शाम 7 बजे फिल्म देखने के लिए आमंत्रित किया है. साथ ही सीएम गुजरात में एक स्थानीय कार्यक्रम में भी शामिल होंगे. गुजरात में हुए गोधरा कांड पर बेस्ड इस फिल्म में विक्रांत मैसी, राशि खन्ना और रिद्धि डोगरा ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं। 15 नवंबर को रिलीज हुई यह फिल्म लगातार चर्चाओं में बनी हुई है। पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी इस फिल्म की तारीफ कर चुके हैं। सीएम डॉ. यादव राजधानी के अशोका लेक व्यू में अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों और विधायकों के साथ बॉलीवुड फिल्म 'द साबरमती रिपोर्ट' देखेंगे। शानदार अभिनय के लिए दी बधाई इससे पहले सुबह मुख्यमंत्री यादव ने फिल्म के मुख्य अभिनेता विक्रांत मैसी से वीडियो कॉल के जरिए बात की। उन्होंने मैसी को उनके शानदार अभिनय के लिए बधाई दी। मैसी ने इस दौरान मप्र में फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार माना। सीएम डॉ. यादव इस समय गुजरात प्रवास पर हैं। वे आज अहमदाबाद से भोपाल लौटने के बाद कैबिनेट की बैठक लेंगे। इसके बाद वे शाम सात बजे से 'द साबरमती रिपोर्ट' फिल्म देखने जाएंगे।     'द साबरमती रिपोर्ट' फ़िल्म के अभिनेता श्री विक्रांत मैसी जी से वीडियो कॉल के माध्यम से बात कर उनके उत्कृष्ट अभिनय के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।     मध्यप्रदेश में हमने इस फिल्म को टैक्स फ्री भी किया है। आज मैं अपने मंत्रीमंडल के सभी साथियों के साथ यह फ़िल्म देखने जा रहा हूँ।… pic.twitter.com/ZrRgVA6yU7 — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) November 20, 2024 मप्र आने का निमंत्रण वीडियो कॉल पर संवाद के दौरान सीएम यादव ने विक्रांत मैसी को मप्र आने का न्यौता दिया। सीएम ने कहा कि फिल्मों की शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए हम कई तरह की छूट दे रहे हैं। इस पर विक्रांत ने कहा कि मैं एमपी में चार फिल्में कर चुका हूं। एक फिल्म प्रकाश झा की थी, जिसकी शूटिंग के लिए भोपाल भी आया था। पिछले माह सीहोर में शूटिंग के लिए आया था, लेकिन आपसे मुलाकात नहीं कर सका। अगले साल कुछ फिल्मों की शूटिंग के लिए फिर से एमपी आऊंगा। मप्र में टैक्स-फ्री दिखाई जा रही फिल्म यहां पर यह बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक दिन पहले ही इस फिल्म को मप्र में टैक्स-फ्री करने की घोषणा की थी। सीएम ने कहा था कि हम इस फिल्म को टैक्स-फ्री कर रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग फिल्म देख सकें। अतीत के काल में ऐसा काला अध्याय है, जो इस फिल्म के माध्यम से दिखाया गया है। दूध का दूध और पानी का पानी इस पिक्चर को देखने में समझ में आता है। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन वोटों की राजनीति के लिए इतना गंदा खेल खेलना खराब बात थी।   recent visitors 44

छत्तीसगढ़ राज्य में मत्स्य पालन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में मत्स्य पालन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले को मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश में बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड के लिए चुना गया है। कांकेर जिले को यह राष्ट्रीय अवार्ड 21 नवंबर विश्व मात्स्यिकीय दिवस के अवसर पर मिलेगा। केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन, डेयरी एवं पंचायतीराज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित सुषमा स्वराज भवन में आयोजित कार्यक्रम यह सम्मान प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी एवं पंचायतीराज राज्य मंत्री प्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेल एवं जॉर्ज कुरियन भी उपस्थित होंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांकेर को देश का बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड के लिए चयन होने पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए कांकेर सहित राज्य के सभी मत्स्य कृषकों एवं मछलीपालन विभाग के अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ लैंड लॉक प्रदेश होने के बावजूद भी मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश में अग्रणी स्थान पर है। मछली बीज उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश में छठवें स्थान पर हैं। यह उपलब्धि हमारे राज्य के मत्स्य कृषकों की मेहनत का परिणाम है। छत्तीसगढ़ मछली बीज उत्पादन के मामले में न सिर्फ पूरी तरह से आत्मनिर्भर है, बल्कि पड़ोसी राज्यों को भी मछली बीज निर्यात कर रहा है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में कुल 1,29,039 जल स्त्रोत उपलब्ध है, जिसका जल क्षेत्र 2.032 लाख हेक्टेयर है, जिनमें 96 प्रतिशत में किसी न किसी रूप में मत्स्य पालन हो रहा है। 3571 कि.मी का नदीय जलक्षेत्र भी उपलब्ध है। सघन मत्स्य पालन हेतु अतिरिक्त जलक्षेत्र निर्मित किया जा रहा है. अब तक कुल 6783 हेक्टर जलक्षेत्र निर्मित हो चुका है। एक समय था जब छत्तीसगढ़ मत्स्य बीज के लिए पश्चिम बंगाल राज्य पर निर्भर था। कुल 82 नवीन हैचरी निर्मित कर 115 हैचरियों के माध्यम से 546 करोड़ मत्स्य बीज का प्रति वर्ष उत्पादन होने से राज्य न सिर्फ आत्मनिर्भर हुआ अपितु अन्य राज्यों को भी मत्स्य बीज निर्यात कर रहा है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में प्रति वर्ष 7.30 लाख टन मत्स्य उत्पादन हो रहा है। राज्य अन्तर्देशीय मत्स्य उत्पादन में देश में 8 वें स्थान पर है। राज्य में अतिरिक्त मत्स्य उत्पादन हेतु जलाशयों एवं बंद खदानों में अब तक 9551 केज, 415 बायोफ्लॉक, 06 आर.ए.एस. एवं 253 बॉयोफलॉक पॉण्ड स्थापित किए गए हैं। रायपुर, दुर्ग बिलासपुर एवं जांजगीर में थोक मत्स्य बाजार की स्थापना की गई। प्रदेश के मत्स्य पालकों का एन.एफ.डी.पी. योजना अंतर्गत पंजीयन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य के मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बैंक से ऋण की सुविधा प्रदान की जा रही है। पात्रतानुसार मत्स्य कृषकों को एक प्रतिशत से लेकर तीन प्रतिशत ब्याज पर अल्प अवधि ऋण भी दिया जा रहा है। recent visitors 78

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा- एक बार फिर से शुरू होगी कैलाश मोनसरोवर यात्रा, भारत से मिलेगी सीधी उड़ान

नई दिल्ली भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सामान्य स्थिति की बहाली के बाद दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें और अगले वर्ष से कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करने पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य तथा विदेश मंत्री वांग यी के बीच G20 शिखर सम्मेलन के मौके पर ब्राजील के रियो डि जनेरियो शहर में मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य बनाने के लिए विभिन्न मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के अनुसार,‘‘दोनों मंत्रियों ने माना कि हमारे सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों की वापसी ने शांति और स्थिरता बनाए रखने में योगदान दिया है। चर्चा भारत-चीन संबंधों में अगले कदमों पर केंद्रित रही। इस बात पर सहमति हुई कि विशेष प्रतिनिधियों और विदेश सचिव-उप मंत्री तंत्र की एक बैठक जल्द ही होगी।'' दोनों पक्षों के बीच जिन कदमों को उठाने के बारे में चर्चा हुई उनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा तीर्थयात्रा को फिर से शुरू करना, सीमा पार नदियों पर डेटा साझा करना, भारत और चीन के बीच सीधी उड़ानें और मीडिया आदान-प्रदान शामिल थे। विदेश मंत्रालय के अनुसार,‘‘वैश्विक स्थिति और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर, विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और चीन के बीच मतभेद और समानताएं दोनों हैं। हमने ब्रिक्स और एससीओ ढांचे में रचनात्मक रूप से काम किया है। G20 में भी हमारा सहयोग स्पष्ट रहा है।'' विदेश मंत्री ने कहा,‘‘हम बहुध्रुवीय एशिया सहित बहुध्रुवीय दुनिया के लिए द्दढ़ता से प्रतिबद्ध हैं। जहां तक?? भारत का सवाल है, इसकी विदेश नीति सैद्धांतिक और सुसंगत रही है, जो स्वतंत्र विचार और कारर्वाई से चिह्नित है। हम प्रभुत्व स्थापित करने के एकतरफा द्दष्टिकोण के खिलाफ हैं। भारत अपने रिश्तों को दूसरे देशों के चश्मे से नहीं देखता।'' चीन के विदेश मंत्री ने डॉ. जयशंकर से सहमति व्यक्त की कि भारत-चीन संबंधों का विश्व राजनीति में विशेष महत्व है। उन्होंने कहा,‘‘हमारे नेता आगे बढ़ने के रास्ते पर कज़ान में सहमत हुए थे। दोनों मंत्रियों ने महसूस किया कि यह जरूरी है कि ध्यान संबंधों को स्थिर करने, मतभेदों को प्रबंधित करने और अगला कदम उठाने पर होना चाहिए।'' recent visitors 73

मुख्यमंत्री यादव 24 से 30 नवंबर तक यूके और जर्मनी प्रवास पर रहेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश में निवेश के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने के राज्य सरकार के प्रयास जारी हैं। पहले राज्य में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और फिर देश के अन्य हिस्सों में निवेशकों से संवाद के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव यूके व जर्मनी की यात्रा करने वाले हैं। इस दौरान वह निवेशकों से संवाद करेंगे और प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित भी करेंगे। ज्ञात हो कि अगले साल फरवरी में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट होने वाली है। इसकी तैयारियां जोरों पर हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री यादव 24 से 30 नवंबर तक यूके और जर्मनी प्रवास पर रहेंगे। इस छह दिवसीय विदेश यात्रा में यूके के लंदन, बर्मिंघम तथा जर्मनी के म्यूनिख और स्टटगार्ट का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री यादव 24 नवम्बर को भोपाल से मुम्बई होते हुए लंदन के लिये प्रस्थान करेंगे। 25 नवम्बर को वेस्टमिंस्टर स्थित ब्रिटिश संसद का दौरा करेंगे। किंग्स क्रॉस और पुनर्विकास स्थलों दौरा करेंगे। लंदन में “फ्रेंड्स ऑफ मध्यप्रदेश’’ प्रवासी भारतीयों द्वारा आयोजित रात्रि-भोज कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसमे 400 से अधिक प्रवासी भारतीय सम्मिलित होंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव 26 नवम्बर को ब्रेकफास्ट पर उद्योगपतियों एवं भारत के उच्चायुक्त श्री विक्रम के दोरईस्वामी से संवाद करेंगे। इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश, इंटरैक्टिव सेशन में लगभग 120 प्रतिभागियों से चर्चा करेंगे। राउण्ड टेबल मीटिंग में इलेक्ट्रिक व्हीकल एवं ऑटो, एजुकेशन, रिन्यूएबल एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर्स में निवेश पर चर्चा करेंगे। 27 नवंबर को वारविक यूनिवर्सिटी का भ्रमण करेंगे और वारविक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप के डीन, फैकल्टी मेंबर्स और शोधार्थियों से संवाद करेंगे। सीएम यादव तीन दिवसीय यूके के दौरे के बाद 28 और 29 नवंबर को जर्मनी प्रवास पर रहेंगे। 28 नवंबर को बवेरिया राज्य सरकार के नेताओं और म्यूनिख में कौंसुल जनरल ऑफ इंडिया से चर्चा करेंगे। एसएफसी एनर्जी का भ्रमण करेंगे। बेयरलोचर ग्रुप द्वारा आयोजित लंच में शामिल होने के साथ इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश, इंटरैक्टिव सेशन में शामिल होंगे। ‘फ्रेंड्स ऑफ एमपी‘ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे, जिसमे लगभग 100 प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री स्टटगार्ट स्थित एलएएपीपी ग्रुप की फैक्ट्री का दौरा करेंगे और अधिकारियों से निवेश संबंधी चर्चा करेंगे। स्टटगार्ट के स्टेट म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री का भ्रमण भी करेंगे। राज्य में निवेशकों को लुभाने के लिए उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ मुंबई, बेंगलुरु, कोयंबटूर और कोलकाता में चार रोड-शो हो चुके हैं। अब सीएम मोहन यादव का विदेश प्रवास है।   recent visitors 64

MP वालों के लिए वाराणसी-अयोध्या तीर्थ दर्शन का मौका, आवेदन की तिथि आगे बढ़ी

भोपाल मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना (Mukhyamantri Teerth Darshan Yojana) का लाभ पाने के लिए अब 22 नवंबर तक आवेदन कर सकते हैं। प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को राज्य के बाहर निर्धारित तीर्थस्थल की निःशुल्क यात्रा कराई जाती है। मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना के तहत जिले वरिष्ठ नागरिकों को 13 नवंबर को रामेश्वर धार्मिक स्थल की यात्रा निर्धारित की गई हैं। 13 नवंबर को भोपाल से रामेश्वरम के लिए रवाना होने वाली ट्रेन में भोपाल के 300 यात्री, सीहोर से 200 और नर्मदापुरम से 279 तीर्थ यात्री रवाना होंगे, यह ट्रेन 18 नवम्बर को वापस लौटेगी। इसके अलावा नवंबर और दिसंबर में एक के बाद एक कई तीर्थ दर्शन ट्रेनें हैं जो अलग-अलग जिलों से चलेंगी। इसमें हजारों यात्रियों को फ्री में यात्रा का मौका मिलेगा। आवेदन करने की अंतिम तिथि 19 नवम्बर निर्धारित की गई थी अपर कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि वाराणसी (काशी) एवं अयोध्या की तीर्थ यात्रा के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 19 नवम्बर निर्धारित की गई थी। परिवार की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम हो जो वरिष्‍ठजन 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं और परिवार की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम है, उन्‍हें योजना का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के महत्वपूर्ण दिशा निर्देश     आवेदक को आवेदन पत्र को हिंदी में ही भरा जाना है।     आवेदन में एक रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो लगानी है।     आपात स्थिति के लिए मोबाइल नंबर अंकित करना होगा।     आवेदन करते समय निवास का पता देना अनिवार्य है।     यात्रा के दौरान वरिष्‍ठजन को अच्छा आचरण रखना होगा। यात्रा का सारा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी इस योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों को अयोध्या, वाराणसी और अन्य पवित्र स्थानों की तीर्थयात्रा के लिए ले जाया जाएगा। उनकी यात्रा का सारा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। तीर्थ दर्शन के तहत यात्रा व डयूटी है …     मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन के तहत यात्रा 29 नवम्बर 2024 को प्रारंभ होगी।     इच्छुक वरिष्ठ नागरिकों से शहरी आवेदन नगरीय निकायों में जमा होंगे     ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदन जनपद पंचायत कार्यालय में लिए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन के लिए लगाई गई डयूटी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन के लिए नगर पालिका परिषद मैहर के बालेन्द्र पाण्डेय, जनपद पंचायत के रामलाल रावत, नगर परिषद अमरपाटन के रामबाबू चौरसिया, जनपद पंचायत के मथुरा पटेल, नगर परिषद रामनगर के रामचन्द्र जायसवाल एवं जनपद पंचायत रामनगर के दिलीप सोनी की डयूटी लगाई गई है। योजना की मुख्य विशेषताएं : सरकार द्वारा पूर्ण वित्त पोषित यात्रा का अवसर जिसमें सभी आवश्यक खर्चे शामिल हैं। पात्रता: मध्य प्रदेश के 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिक इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। यात्रा सुविधाएं: सरकार परिवहन, भोजन, आवास और यहां तक कि गाइड सेवाओं जैसी सभी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करती है। आवेदन प्रक्रिया: इच्छुक नागरिकों को योजना के लिए औपचारिक आवेदन करना होगा। विस्तृत प्रक्रिया के लिए सरकारी वेबसाइट या नजदीकी कार्यालय से संपर्क करें। लाभ: यह योजना न केवल आध्यात्मिक संतुष्टि प्रदान करती है, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को नए अनुभव और सामाजिक संपर्क का अवसर भी देती है। तीर्थ स्थल का चयन: लाभार्थी देश में उपलब्ध किसी भी एक तीर्थ स्थल की यात्रा कर सकते हैं। सहायक की अनुमति: 65 वर्ष से अधिक आयु के या 65% से ज्यादा विकलांग व्यक्ति अपने साथ एक सहायक ले जा सकते हैं। यात्रा के नियम: यात्रा के दौरान ज्वलनशील पदार्थ, मादक द्रव्य या बहुमूल्य आभूषण ले जाने पर प्रतिबंध है। योजना का संचालन: इस योजना का संचालन धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन के माध्यम से किया जाएगा। recent visitors 114