उडुपी में एएनएफ के जवानों ने नक्सल कमांडर विक्रम गौड़ा को मार गिराने में सफलता हासिल की

उडुपी नक्सली कमांडर विक्रम गौड़ा कर्नाटक के उडुपी जिले स्थित हेब्री कबीनाले में एक नक्सल विरोधी अभियान के दौरान मुठभेड़ में मारा गया। एंटी नक्सल फोर्स (एएनएफ) के जवानों ने नक्सल कमांडर विक्रम गौड़ा को मार गिराने में सफलता हासिल की है। यह मुठभेड़ क्षेत्र में नक्सली गतिविधि के बारे में पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर एएनएफ द्वारा चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान हुई। सूत्रों के अनुसार अभियान के दौरान एएनएफ टीम ने पांच नक्सलियों के एक समूह को देखा गया। एएनएफ के जवानों को देख नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद एएनएफ ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें विक्रम गौड़ा मारा गया। बताया जा रहा है कि बाकी नक्सली घने जंगल में भाग गए। नक्सली गतिविधियों के बारे में विश्वसनीय और गुप्त सूचना मिलने के बाद एएनएफ ने इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया था। गौड़ा हाल के दिनों में श्रृंगेरी, नरसिंहराजपुरा, करकला और उडुपी क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रहा था। इन क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियां बढ़ गई हैं, जिसके कारण नक्सल विरोधी बलों द्वारा सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। कब्बीनाले निवासी विक्रम गौड़ा नक्सली आंदोलन की नेत्रावती इकाई का कमांडर था। जांच एजेंसियों के मुताबिक वो कई नक्सली अभियानों में शामिल था। उडुपी जिले में आखिरी नक्सली मुठभेड़ 13 साल पहले करकला तालुक के ईडू गांव में हुई थी। इस घटना को क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।   recent visitors 50

मुख्यमंत्री ने किया एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक के 17वें सम्मेलन का शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत का अतीत गौरवशाली रहा है और भारत प्राचीनकाल से ही वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा का मुख्य केन्द्र रहा। कई देशों के विद्यार्थियों, राजकुमारों ने तक्षशिला, नालंदा जैसे भारत के विश्वविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण की। लेकिन ऐतिहासकि रूप से हमें ऐसा कोई उल्लेख प्राप्त नहीं होता, जिसमें भारत में शिक्षा ग्रहण किए किसी व्यक्ति अथवा सत्ताधीश ने अन्य राज्य पर आक्रमण किया हो। यह तथ्य प्राचीन काल से चली आ रही हमारी शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ जीवन मूल्यों और नैतिक मूल्यों को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को होटल ताज में एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक के 17वें सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतीत से वर्तमान की कई घटनाएं जीवन मूल्यों के प्रति दृष्टिकोण की भिन्नता के कारण हुई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "उच्च शिक्षा का बदलता स्वरूप और हमारे जीवन मूल्य" विषय पर आयोजित यह सम्मेलन सम-सामयिक महत्व का है। अतीत से लेकर वर्तमान तक की कई घटनाएं जीवन मूल्यों के प्रति दृष्टिकोण की भिन्नता के परिणाम स्वरूप ही घटित हुईं। रामायण काल में रावण हो या महाभारत काल में कौरव, योग्यता और क्षमता में कोई भी कम नहीं था, लेकिन उनके जीवन मूल्य और नैतिक मूल्य उचित नहीं थे, इसी कारण उन्हें कभी सम्मान नहीं मिला और वे समाज में तथा इतिहास में सदैव नकारे गए। कर्ण की योग्यता अद्भुत थी, लेकिन उनकी दृष्टि, प्रतिशोध, जिद और नकारात्मक भाव ने उन्हें पतन की ओर अग्रसर किया। इसी प्रकार के उदाहरण हमें सोने की लंका बनाने वाले रावण के भी प्राप्त होते हैं। सभी प्रकार के वैभव और सामर्थ्य होने के बाद भी वे कभी स्वीकारे नहीं गए और नैतिक मूल्यों के आधार पर ही वनवासी श्रीराम ने उन्हें परास्त किया। अर्थात् यह नैतिक मूल्यों और जीवन मूल्यों की ही विजय थी। नई शिक्षा नीति के माध्यम से लागू किए जा रहे हैं कई नवाचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रूस-यूक्रेन युद्ध और इजराइल के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे आदर्शों और जीवन मूल्यों का ही परिणाम है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इन संघर्षों में भी शांति के लिए प्रयास करते दिखाई देते हैं। यह भारतीय जीवन मूल्यों के सामर्थ्य को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2020 से लागू नई शिक्षा नीति के माध्यम से पढ़ने और सीखने की प्रक्रिया को अधिक लचीला, सरल और रूचिपूर्ण बनाते हुए विद्यिार्थियों को विभिन्न संकायों के विषयों के अध्ययन की सुविधा प्रदान की गई है। अध्ययन प्रक्रिया को आयु के बंधन से मुक्त करते हुए क्रेडिट प्रदान करने जैसे नवाचार भी प्रदेश में किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक को मध्यप्रदेश में अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए आमंत्रित किया। वैश्विक स्तर की शिक्षा देश में ही उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध जागरण लेक सिटी यूनिवर्सिटी के चांसलर श्री हरिमोहन गुप्ता ने बताया कि 35 देशों में फैले एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक का सम्मेलन भारत में पहली बार हो रहा है। एसोसिएशन मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा और कौशल विकास पर केन्द्रित वैश्विक संस्थाओं की स्थापना कर विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा देश में ही उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, शिक्षाविद श्री अनूप स्वरूप और विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि तथा विषय-विशेषज्ञ उपस्थित थे।   recent visitors 63

द साबरमती रिपोर्ट जैसी फिल्म, इतिहास के उस भयावह “सच” को सामने लाने का प्रयास : सीएम साय

रायपुर गोधराकांड पर बनी बहुचर्चित फ़िल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स-फ्री किया जा रहा है. आज इसकी घोषणा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “द साबरमती रिपोर्ट” जैसी फिल्म, इतिहास के उस भयावह “सच” को सामने लाने के सराहनीय प्रयास के रूप में देखा जाना चाहिए, जिस “सच” को देश की जनता से हमेशा छुपाने का कुत्सित प्रयास किया गया. उन्होंने कहा कि इतिहास सबक देता है और उत्तम भविष्य निर्माण का प्रवर्तक बनता है. ऐसी फिल्में समाज के लिए सुलभ होनी चाहिए. इसलिए सरकार ने यह निर्णय लिया है कि राज्य में इसे कर मुक्त किया जाए. छत्तीसगढ़ के अलावा इस फिल्म को मध्यप्रदेश में भी टैक्स-फ्री कर दिया गया है. बता दें कि ‘द साबरमती रिपोर्ट’की कहानी 27 फरवरी, 2002 को गोधरा रेलवे स्टेशन पर हुए ट्रेन अग्निकांड पर आधारित है. फिल्म में विक्रांत मैसी एक पत्रकार के रोल में नजर आ रहे हैं. फिल्म में दिखाने की कोशिश की गई है कि आखिर 2002 में उस दिन गोधरा रेलवे स्टेशन पर क्या था, जब साबरमती एक्सप्रेस आग में झुलस रही थी. दरअसल, उस दिन की कहानी आज भी ज्यादातर लोगों के लिए एक पहेली की तरह हैं, क्योंकि इस पर कभी खुलकर बहुत सारी चीजें सामने आईं ही नहीं. गोधरा ट्रेन अग्निकांड भारत के इतिहास के पन्नों पर दर्ज हो चुका है, जिसके बारे में सोचते ही दिल दहल उठता है. 15 नवंबर को रिलीज हुई फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’ (The Sabarmati Report) का निर्देशन धीरज सरना ने किया है. इसका प्रोडक्शन शोभा कपूर, एकता आर कपूर, अमूल वी मोहन, अंशुल मोहन ने मिलकर किया है. विक्रांत मैसी (Vikrant Massey) और राशि खन्ना (Rashi Khanna) को फिल्म में लीड रोल में है. इनके अलावा इसमें मशहूर टीवी एक्ट्रेस रिद्धी डोगरा (Ridhi Dogra) भी अहम भूमिका निभाती दिख रही हैं. recent visitors 65

विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी साझा की, पीएम मोदी ने छह नेताओं से की द्विपक्षीय मुलाकात

रियो डि जनेरियो/नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर इंडोनेशिया, पुर्तगाल, नाॅर्वे, इटली, फ्रांस और ब्रिटेन के नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकात की और भारत के साथ इन देशों के द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी साझा की। श्री मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात में उन्हें भारत के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। दोनों नेताओं ने मौजूदा क्षेत्रों में भारत इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझीदारी को और मजबूत करने के साथ-साथ इसे नए क्षेत्रों में विस्तारित करने के लिए मिलकर काम करने के तरीकों पर चर्चा की। श्री मोदी ने इसके बाद पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने अर्थव्यवस्था, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा और लोगों से लोगों के संबंधों और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग सहित द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया। श्री मोदी की नॉर्वे के पीएम जोनास गहर स्टोर से मुलाकात में दोनों पक्षों ने भारत-नॉर्वे द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की जो विशेष रूप से भारत-ईएफटीए-टीईपीए पर हस्ताक्षर के बाद व्यापार और आर्थिक सहयोग पर केंद्रित थी। दोनों नेताओं ने भू-राजनीतिक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने रियो में जी-20 ब्राजील शिखर सम्मेलन में भाग ले रहीं इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने लंबे समय से चले आ रहे भारत इटली द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने और गति देने के लिए भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-29 का स्वागत किया। श्री मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से मुलाकात की। नेताओं ने दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझीदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभप्रद मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की आवश्यकता को भी स्वीकार किया। श्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से भी मुलाकात की। नेताओं ने व्यापार और निवेश, प्रौद्योगिकी, एआई, डीपीआई के क्षेत्रों में भारत एवं फ्रांस के संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने हिन्द प्रशांत समेत क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।   recent visitors 74

राज्यपाल ने विभिन्न राज्यों के स्टॉल्स का अवलोकन और कारीगरों से किया संवाद

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि ग्रामीण विकास उत्सव, देश भर के कारीगरों और प्रसिद्ध उत्पादों के प्रोत्साहन का प्रभावी मंच है। ऐसे आयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। राज्यपाल पटेल नाबार्ड द्वारा भोपाल हॉट बाजार में आयोजित ग्रामीण विकास उत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 19 से 27 नवम्बर तक आयोजित हो रहे ग्रामीण विकास उत्सव का फीता काटकर शुभारंभ किया। राज्यपाल पटेल ने विगत 6 वर्षों से देशभर के कारीगरों के प्रोत्साहन के लिए उत्सव का आयोजन करने पर नाबार्ड को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नाबार्ड ऐसे आयोजनों का व्यापक और सघन स्तर पर प्रचार-प्रसार करें। राज्यपाल पटेल ने स्थानीय मीडिया से भी अपील की कि देश के कारीगरों के उत्पादों के प्रचार-प्रसार में भरपूर सहयोग करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि नाबार्ड, सूक्ष्म उद्यमिता विकास कार्यक्रम, आजीविका एवं उद्यमिता विकास कार्यक्रम और गैर कृषि उत्पादक संगठन बनवाने जैसे विकास के महत्वपूर्ण प्रयास कर रहा है। कृषि, कुटीर, ग्रामीण एवं लघु उद्योगों हस्तशिल्प के विकास परक कार्यों के द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और समृद्धि में प्रभावी योगदान दे रहा है। नाबार्ड द्वारा स्व-सहायता समूह की महिलाओं, हस्तशिल्पियों और कृषक उत्पादक संघों के सदस्यों के लिए कौशल विकास की कई योजनाएं भी चलाई जा रही है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि हमारे देश की आत्मा गांवों में बसती है। जब आत्मा मजबूत होगी तभी पूरा शरीर यानि हमारा देश मजबूत, सक्षम और आत्म-निर्भर होगा। उन्होंने नाबार्ड के ग्रामीण युवाओं के कौशल उन्नयन के द्वारा सम्मानजनक आजीविका पाने के प्रयास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती की दिशा में सार्थक कदम बताया। राज्यपाल पटेल ने योजनाओं में प्रशिक्षित ग्रामीण किसानों, महिलाओं के समूहों और कृषक उत्पादक संघो के उत्पादों की बिक्री के लिए रूरल मार्ट, रूरल हाट और रूरल मार्ट ऑन व्हील्स जैसी पहल के लिए नाबार्ड की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि डिजिटलाइजेशन के दौर में ग्रामीण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्व-सहायता समूहों की भूमिका को विस्तारित किया जाना चाहिए। राज्यपाल पटेल ने ग्रामीण विकास उत्सव के शुभारम्भ अवसर पर देश के प्रसिद्ध उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने अलग-अलग राज्यों के कारीगरों से संवाद करते हुए उनके उत्पादों के संबंध में जानकारी ली। राज्यपाल पटेल ने कारीगरों का उत्साह वर्धन कर शुभकामनाएं और बधाई भी दी। राज्यपाल पटेल का नाबार्ड के महाप्रबंधक कमर जावेद ने पुष्प-गुच्छ से स्वागत कर स्मृति-चिन्ह भेंट किया। स्वागत उद्बोधन नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक सुनील कुमार ने दिया। कार्यक्रम को आर.बी.आई. की क्षेत्रीय निदेशक सुरेखा चंदना बेदी, एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक सीएस शर्मा और एसएलबीसी के संयोजक नरसीम सिंह जीरा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष आर.सी. बेहरा और मध्यान्चल ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष प्रवीण अवस्थी उपस्थित थे।       recent visitors 78

भोपाल में प्रदेश का पहला पुलिस अस्पताल बनकर तैयार, जानिए क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रदेश का पहला राज्य स्तरीय पुलिस अस्पताल बनकर तैयार हो गया है। इससे एमपी पुलिस और उनके परिजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। 50 बेड का ये अस्पताल(Police Hospital) लगभग 12 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ है। जल्द ही सीएम मोहन इसका उद्घाटन कर सकते है। भोपाल के भदभदा चौराहे पर बने पुलिस अस्पताल(Police Hospital) में पीडियाट्रिक, गायनिक, डेंटल, आई जैसे कई विभाग होंगे। फिलहाल ओपीडी के साथ इस हॉस्पिटल की शुरुआत की जाएगी। जानकारी के मुताबिक, अस्पताल बनने से पहले तक यहां पर पुलिस बटालियन में पुलिस डिस्पेंसरी हुआ करती थी। ऐसी सुविधाएं मिलेंगी बता दें कि, फर्स्ट फ्लोर पर 50 बेड के इस अस्पताल में दो मेल और एक फीमेल वार्ड बनाया गया है। इसके साथ ही बच्चों के इलाज के लिए भी एक वार्ड बनाया गया है, जिसमे 5 बेड की व्यवस्था की गई है। इसके आलावा महिला वार्ड, ओटी, हाई डिपेंडेंसी यूनिट और रिकवरी रूम की भी व्यवस्था की गयी है। इस अस्पताल का हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, जो 8068700128 है। मरीजों के लिए 2 मेल और एक फीमेल वार्ड 50 बेड के इस अस्पताल में 2 मेल (5-5 बेड) व 1 फीमेल वॉर्ड (5 बेड) का बनाया है। इसके अलावा बच्चा वार्ड में भी पांच बेड रखे गए हैं। वहीं, अन्य बेड महिला वार्ड, ओटी, हाई डिपेंडेंसी यूनिट और रिकवरी रूम में लगाए गए हैं। अस्पताल अधिकारियों की माने तो पुलिस और उनके परिवार के अलावा आम लोग यहां इलाज करवा सकेंगे या नहीं, यह जल्द ही फाइनल होगा। अस्पताल का संचालन 25वीं बटालियन करेगी। 2022 से पहले यहां एसटीएफ का कार्यालय हुआ करता था, जिसके बाद इसे अस्पताल बताया गया। इसका निर्माण पुलिस हाउसिंग द्वारा किया गया है। कई चरणों में होगी शुरुआत जानकारी के अनुसार, पुलिस अस्पताल(Police Hospital) में पहले चरण में ओपीडी, फार्मा, पैथालॉजी और एक्स-रे जैसी सुविधाएं मुहैया कराइ जाएगी। वहीँ दूसरे चरण में सोनोग्राफी और लेवर क्लिनिक जैसी कई अन्य सुविधाओं की शुरुआत होगी। बता दें कि, स्वास्थ्य विभाग की मदद से डॉक्टर और स्टाफ को लाया गया है। डॉ. रूही चंद्रा को अस्पताल का अधीक्षक नियुक्त किया गया है। पहले चरण की शुरुआत ओपीडी के साथ स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर यहां पर डॉक्टर्स एवं अन्य स्टाफ को लाया गया है। पहले चरण की बात की जाए तो ओपीडी, फार्मा, पैथालॉजी और एक्स-रे जैसी सुविधाएं दी जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में सोनोग्राफी ओर लेबर क्लिनिक के अलावा अन्य सुविधाएं शुरू की जाएगी। अस्पताल के लिए कुल 12 पद सेंशन हुए हैं, जिसमें से दो डॉक्टर मेडिकल ऑफिसर एसके गुप्ता और डेंटल सर्जन डॉक्टर सुरैश माहौर शामिल हैं। अस्पताल की अधीक्षक डॉ. रूही चंद्रा रहेंगी। 12.51 करोड़ की लागत से तैयार हुआ अस्पताल यह अस्पताल कुल 12.51 करोड़ की लागत से तैयार हुआ है। इसमें भवन निर्माण और फर्नीचर की लागत 10.41 करोड़ रही, वहीं मेडिकल उपकरण 2.1 करोड़ के खरीदे गए हैं। इस तरह से अस्पताल की कुल लागत 12.51 करोड़ है। यह भी देखें     अस्पताल में भर्ती के लिए दो मेल वॉर्ड में कुल 10 बेड लगाए गए हैं।     महिला और बच्चा वार्ड में कुल 10 बेड हैं।     हाई डिपेंडेंसी यूनिट और रिकवरी रूम में 5-5 बेड लगाए गए हैं।     ग्राउंड फ्लोर पर ओपीडी और ओटी और लेबर वार्ड बनाया गया है।     फर्स्ट फ्लोर पर मेल फीमेल और बच्चा वार्ड बनाया गया है।     अस्पताल का हेल्पलाइन नंबर 8068700128 है। recent visitors 117

उच्च शिक्षा का बदलता स्वरूप और हमारे जीवन मूल्य विषय पर चर्चा और विचार-विमर्श सम-सामयिक दृष्टि से महत्वपूर्ण:मुख्यमंत्री

भगवान श्रीराम और पांडवों की जीत का आधार उनके जीवन मूल्य ही थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय जीवन मूल्यों के सामर्थ्य ने ही प्रधानमंत्री मोदी को वर्तमान वैश्विक संघर्षों में शांतिदूत के रूप में स्थापित किया: मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा का बदलता स्वरूप और हमारे जीवन मूल्य विषय पर चर्चा और विचार-विमर्श सम-सामयिक दृष्टि से महत्वपूर्ण:मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने किया एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक के 17वें सम्मेलन का शुभारंभ भगवान श्रीराम और पांडवों की जीत का आधार उनके जीवन मूल्य ही थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय जीवन मूल्यों के सामर्थ्य ने ही प्रधानमंत्री मोदी को वर्तमान वैश्विक संघर्षों में शांतिदूत के रूप में स्थापित किया: मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा का बदलता स्वरूप और हमारे जीवन मूल्य विषय पर चर्चा और विचार-विमर्श सम-सामयिक दृष्टि से महत्वपूर्ण:मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने किया एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक के 17वें सम्मेलन का शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत का अतीत गौरवशाली रहा है और भारत प्राचीनकाल से ही वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा का मुख्य केन्द्र रहा। कई देशों के विद्यार्थियों, राजकुमारों ने तक्षशिला, नालंदा जैसे भारत के विश्वविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण की। लेकिन ऐतिहासकि रूप से हमें ऐसा कोई उल्लेख प्राप्त नहीं होता, जिसमें भारत में शिक्षा ग्रहण किए किसी व्यक्ति अथवा सत्ताधीश ने अन्य राज्य पर आक्रमण किया हो। यह तथ्य प्राचीन काल से चली आ रही हमारी शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ जीवन मूल्यों और नैतिक मूल्यों को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को होटल ताज में एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक के 17वें सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतीत से वर्तमान की कई घटनाएं जीवन मूल्यों के प्रति दृष्टिकोण की भिन्नता के कारण हुई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "उच्च शिक्षा का बदलता स्वरूप और हमारे जीवन मूल्य" विषय पर आयोजित यह सम्मेलन सम-सामयिक महत्व का है। अतीत से लेकर वर्तमान तक की कई घटनाएं जीवन मूल्यों के प्रति दृष्टिकोण की भिन्नता के परिणाम स्वरूप ही घटित हुईं। रामायण काल में रावण हो या महाभारत काल में कौरव, योग्यता और क्षमता में कोई भी कम नहीं था, लेकिन उनके जीवन मूल्य और नैतिक मूल्य उचित नहीं थे, इसी कारण उन्हें कभी सम्मान नहीं मिला और वे समाज में तथा इतिहास में सदैव नकारे गए। कर्ण की योग्यता अद्भुत थी, लेकिन उनकी दृष्टि, प्रतिशोध, जिद और नकारात्मक भाव ने उन्हें पतन की ओर अग्रसर किया। इसी प्रकार के उदाहरण हमें सोने की लंका बनाने वाले रावण के भी प्राप्त होते हैं। सभी प्रकार के वैभव और सामर्थ्य होने के बाद भी वे कभी स्वीकारे नहीं गए और नैतिक मूल्यों के आधार पर ही वनवासी श्रीराम ने उन्हें परास्त किया। अर्थात् यह नैतिक मूल्यों और जीवन मूल्यों की ही विजय थी। नई शिक्षा नीति के माध्यम से लागू किए जा रहे हैं कई नवाचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रूस-यूक्रेन युद्ध और इजराइल के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे आदर्शों और जीवन मूल्यों का ही परिणाम है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन संघर्षों में भी शांति के लिए प्रयास करते दिखाई देते हैं। यह भारतीय जीवन मूल्यों के सामर्थ्य को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2020 से लागू नई शिक्षा नीति के माध्यम से पढ़ने और सीखने की प्रक्रिया को अधिक लचीला, सरल और रूचिपूर्ण बनाते हुए विद्यिार्थियों को विभिन्न संकायों के विषयों के अध्ययन की सुविधा प्रदान की गई है। अध्ययन प्रक्रिया को आयु के बंधन से मुक्त करते हुए क्रेडिट प्रदान करने जैसे नवाचार भी प्रदेश में किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक को मध्यप्रदेश में अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए आमंत्रित किया। वैश्विक स्तर की शिक्षा देश में ही उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध जागरण लेक सिटी यूनिवर्सिटी के चांसलर हरिमोहन गुप्ता ने बताया कि 35 देशों में फैले एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक का सम्मेलन भारत में पहली बार हो रहा है। एसोसिएशन मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा और कौशल विकास पर केन्द्रित वैश्विक संस्थाओं की स्थापना कर विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा देश में ही उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, शिक्षाविद अनूप स्वरूप और विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि तथा विषय-विशेषज्ञ उपस्थित थे।   recent visitors 62