आयुष्मान भारत योजना गरीबों और वंचितों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित कर रही है: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि आयुष्मान भारत योजना स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति है, जो गरीबों और वंचितों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित कर रही है। इस योजना से आम नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिल रही है, साथ ही राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने में भी योजना सहायक सिद्ध हो रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना ने गरीब परिवारों को उनकी बीमारी के इलाज के लिए एक नया संबल प्रदान किया है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो रहा है और राज्य में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का विस्तार हो रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समग्र स्वास्थ्य के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर बीमारियों का निःशुल्क उपचार मिल रहा है। इस योजना के तहत गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार प्रदान किया जा रहा है, जिससे उनके जीवन में स्वास्थ्य और सुरक्षा का संचार हो रहा है। कैंसर से लड़ाई में मिला आयुष्मान योजना का साथ उमरिया ज़िले के करकेली जनपद पंचायत के ग्राम बड़ागांव निवासी सुरानी कोल को कैंसर बीमारी से लड़ने में आयुष्मान भारत योजना ने संबल प्रदान किया। रानी कोल को जब कैंसर का पता चला, तो उनका परिवार इलाज के लिए परेशान हो गया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज कराना उनके लिए असंभव सा लग रहा था। आयुष्मान योजना से रानी कोल का सफल इलाज हुआ और आज वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। उनके परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस योजना के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि आयुष्मान भारत योजना उनके जैसे लाखों गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। सड़क हादसे में आयुष्मान योजना बनी जीवनरक्षक उमरिया के ग्राम बिजौरी के मनोज बैगा के लिए भी आयुष्मान योजना जीवनदायक साबित हुई। एक सड़क हादसे में मनोज बैगा को गंभीर चोटें आई थीं। आशा कार्यकर्ता और रोजगार सहायक ने उन्हें आयुष्मान योजना की जानकारी दी, जिसके बाद उन्होंने अपना आयुष्मान कार्ड बनवाया। योजनान्तर्गत शहडोल के मेडिकल कॉलेज में उनका उपचार हुआ। आज मनोज बैगा और उनका परिवार प्रधानमंत्री मोदी जी का आभार व्यक्त करता है। उमरिया जिले में पिछले डेढ़ साल में 3 हज़ार 490 से गरीब और मध्यम वर्गीय लाभार्थियों को आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की गई है। इस दौरान 57 लाख 83 हजार 900 रुपये की राशि का अनुदान प्रदान किया गया। हितग्राहियों ने इस योजना के माध्यम से सर्जरी, ऑर्थो सर्जरी, हार्निया सर्जरी, डायलिसिस, यूरिनरी ट्रैक्ट, सामान्य चिकित्सा और सामान्य प्रसव जैसी चिकित्सा सेवाओं का लाभ लिया है। recent visitors 50

प्रदेश में 4 पायलट प्रोजेक्ट से शुरुआत, दिसंबर तक सभी 41 ई-चेकगेट होंगे चालू, सात हजार खदानें जियो टैग

भोपाल अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए मध्य प्रदेश की मोहन सरकार इन दिनों एक्शन में है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में अवैध परिवहन रोकने के लिए AI आधारित 41 E-चेकगेट को स्थापना किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इन E-चेकगेटों पर वेरीफोकल कैमरा, आरएफआईडी लीडर, ऑटोमेटिक नम्बर प्लेट रीडर की मदद ली जाएगी. इन यंत्रों के माध्यम से वाहनों की जांच की जाएगी. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि परियोजना को सफल बनाने के लिए पहले पायलेट प्रोजेक्ट लाया जा रहा है. खनिज परिवहन के लिए खास मार्ग के 4 स्थानों पर E-चेकगेट स्थापित कर काम शुरू कर दिया गया है. 4 पायलट प्रोजेक्ट से शुरुआत, दिसंबर तक सभी 41 ई-चेकगेट होंगे चालू अवैध परिवहन पर नजर रखने के लिए भोपाल में एक राज्यस्तरीय कमांड और कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है, जबकि भोपाल और रायसेन में जिला स्तर के सेंटर भी बनाए गए हैं। दिसंबर 2024 तक सभी 41 ई-चेकगेट स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में, 4 महत्वपूर्ण मार्गों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ई-चेकगेट लगाए जा चुके हैं, जो अवैध खनिज परिवहन को रोकने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। दिसंबर E-चेकगेट स्थापित कने का लक्ष्य वहीं प्रदेश में अवैध परिवहन की निगरानी के लिए राज्य स्तर पर भोपाल में कमांड एवं कंट्रोल सेंटर और जिला भोपाल एवं रायसेन में जिला कमांड सेंटर स्थापित किए गए हैं. दिसंबर 2024 तक सभी 41 E-चेकगेट को स्थापित कर लेने का लक्ष्य है. खनन पर रोक के लिए उपग्रह-ड्रोन प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अवैध खनन की रोकथाम के लिए उपग्रह और ड्रोन आधारित परियोजना भी प्रारंभ की गई है. इसके जरिए प्रदेश की सभी 7 हजार खदानों की जियो टैग कर खदान क्षेत्र का सीमांकन किया गया है. यह परियोजना पूर्ण रूप से लागू होने पर अवैध खनन को चिन्हित कर प्रभावी तौर पर रोकथाम की जा सकेगी. परियोजना के लागू होने पर स्वीकृत खदान के अंदर 3-D इमेजिंग एवं वॉल्यूमेट्रिक एनालिसिस कर उत्खनित खनिज की मात्रा का सटीक आंकलन किया जा सकेगा. ड्रोन और सैटलाइट से खदानों पर नजर, थ्री-डी इमेजिंग के जरिए सटीकता प्रदेश में खनिज संपदा का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए सैटलाइट और ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली भी शुरू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस पहल के तहत प्रदेश की 7,000 से अधिक खदानों को जियो-टैग कर उनकी सीमाओं का निर्धारण किया गया है। इस परियोजना के पूर्ण रूप से लागू होने पर अवैध खनन की घटनाओं पर नजर रखी जा सकेगी, और स्वीकृत खदानों में खनिज उत्खनन का सटीक आंकलन थ्री-डी इमेजिंग और वॉल्यूमेट्रिक एनालिसिस के जरिए किया जा सकेगा। मई में कलेक्टरों को जारी हुए थे निर्देश इस तरह की व्यवस्था लागू करने का फैसला सरकार ने मई में लिया था। इसके बाद प्रमुख सचिव, खनिज साधन ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया था कि सूचना प्रौद्योगिकी का प्रयोग कर खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कार्यवाही की जा रही है। इस व्यवस्था को लागू करने में जिला स्तर पर Artificial Intelligence आधारित मानव रहित चेकगेट लगाए जाएंगे। कलेक्टरों से कहा गया था कि प्रदेश के 40 ऐसे स्थानों को चिन्हित किया गया है जहां से खनिजों का सर्वाधिक परिवहन होता है। इन सभी स्थलों पर आगामी 10 माह के भीतर चेकगेट व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। राज्य स्तर पर स्टेट कमांड सेंटर और जिला स्तर पर जिला कमांड सेंटर के माध्यम से अवैध परिवहन करने वाले वाहनों की निगरानी की जाएगी। चेकगेट के सॉफ़्टवेयर को ई-टीपी जारी करने वाले पोर्टल के साथ इंटीग्रेट कर बिना रॉयल्टी चुकाए परिवहन करने वाले वाहन मालिकों के विरुद्ध अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया जाएगा। साथ ही खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में आरएफ टैग लगाया जाएगा, जिसकी सहायता से वाहनों की वैधता की जांच की जा सकेगी।   recent visitors 65

महाराष्ट्र में CM Mohan Yadav ने सरकार बनाने जनमत साधने की अपील की

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव महाराष्ट्र चुनाव में जमकर प्रचार कर रहे हैं। बुधवार को नागपुर में उन्होंने चार विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित किया और केंद्र सरकार के कामकाज और उपलब्धियों का बखान किया। साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र में सरकार बनाने जनमत साधने की अपील भी की। सीएम मोहन यादव आज 14 नवंबर को भी महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार करेंगे। इस दौरान वो अमरावती और चंद्रपुर जिलों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। सीएम मोहन का चुनाव प्रचार कार्यक्रम महाराष्ट्र चुनाव के प्रचार प्रसार में सीएम मोहन आज 14 नवंबर को विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। महाराष्ट्र की मेलघाट और अचलपुर विधानसभा में करेंगे पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन जनसभा करेंगे। इसके बाद 11.45 बजे भोपाल से चिखलदरा जिला अमरावती महाराष्ट्र रवाना होंगे। दोपहर 12.45 बजे अमरावती जिले की मेलघाट विधानसभा के चिखलदरा में पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगे। दोपहर 1.00 बजे – चुर्नी, चिखलदरा, जिला अमरावती में सार्वजनिक बैठक में शामिल होकर जनमत को साधेंगे। इसके बाद दोपहर 2.00 बजे चंदूरबाजार, अचलापुर में जनसभा संबोधित करेंगे। फिर शाम 5.15 बजे भोपाल आगमन शाम 6.30 बजे समत्व भवन में वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की 125 वीं बैठक में शामिल होंगे। महायुति सरकार के लिए कही बड़ी बात नागपुर में अपनी रैलियों में सीएम मोहन यादव ने कहा कि महाराष्ट्र की महायुति सरकार छत्रपति शिवाजी महाराज के सपनों को पूरा कर रही है। साथ ही सनातन धर्म को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में विकास की गति लगातार बढ़ती रहे इसके लिए महायुति गठबंधन को भारी बहुमत से समर्थन देने का करें। कांग्रेस पर साधा निशाना इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों को भगवान राम और कृष्ण से दिक्कत है। इसलिए कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दल भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल खड़े करते हैं। बहुमत से विजयी बनाने की अपील सीएम मोहन यादव ने जनता से अपील की कि वो भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों के उम्मीदवारों को भारी बहुमत से विजयी बनाएं। उनके दमदार भाषणों से महाराष्ट्र की सियासत भी गरमाने लगी है। recent visitors 65

14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के दौरान किसान कर सकेंगे धान का समर्थन मूल्य पर विक्रय

चालू खरीफ विपणन वर्ष के लिए धान खरीदी आज 14 नवंबर से शुरू मुख्यमंत्री के निर्देश पर धान खरीदी की सभी आवश्यक तैयारी पूर्ण, 2739 उपार्जन केन्द्रों पर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के दौरान किसान कर सकेंगे धान का समर्थन मूल्य पर विक्रय राज्य में 2739 उपार्जन केन्द्रों में किसानों से समर्थन मूल्य पर होगी धान खरीदी राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध धान परिवहन पर रखी जाएगी कड़ी निगरानी रायपुर राज्य में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 14 नवंबर से प्रारंभ होने जा रही है। प्रदेश के किसानों से धान खरीदी की योजना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता में हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशानिर्देश पर प्रदेश के सभी 2739 उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। इस खरीफ सीजन के लिए प्रदेश में पंजीकृत कुषकों की संख्या 27 लाख 1 हजार 109 है। इस वर्ष 1 लाख 35 हजार 891 नये किसान पंजीकृत हुए हैं और 1 लाख 36 हजार 263 हेक्टेयर नवीन रकबों का पंजीयन किया गया है। सभी उपार्जन केन्द्रों में बायोमैट्रिक डिवाईस के माध्यम से उपार्जन की व्यवस्था की गई है। छोटे, सीमांत और बडे़ कृषकों के द्वारा उपजाये गए धान को निर्धारित समर्थन मूल्य में खरीदा जाएगा। इसके लिए 7 नवंबर से ही टोकन आवेदन की व्यवस्था आरंभ कर दी गई है। खरीदी सीजन में लघु एवं सीमांत कृषकों को अधिकतम 2 टोकन एवं बडे़ कृषकों को 3 टोकन की पात्रता होगी। धान खरीदी अवधि 14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के दौरान किसान अपना धान खरीदी केन्द्रों में लाकर समर्थन मूल्य पर विक्रय कर सकते है। खरीदी केंद्रों में तौल हेतु इलेक्ट्रानिक कांटा-बांट की व्यवस्था की गई है। खरीदी केंद्रों से धान का उठाव मिलर एवं परिवहनकर्ता के माध्यम से समयानुसार कराने के निर्देश दिये गये है। सभी खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था से लेकर छांव, पानी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है। धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर भी चस्पा कर दिये गये हैं। विपणन संघ मुख्यालय स्तर पर शिकायत निवारण हेतु कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है जिसका नं. 0771-2425463 है। धान बेचने वाले किसानों को समय पर भुगतान हेतु मार्कफेड द्वारा राशि की व्यवस्था कर ली गई है। समितियों में राशि आहरण हेतु ‘‘माइक्रो एटीएम’’ की व्यवस्था भी दी जा रही है, जिससे कि किसानों को सुविधा हो। किसानों द्वारा समिति में धान विक्रय के 72 घंटे के भीतर राशि किसानों के बैंक खाते में अंतरित कर दी जायेगी। खाद्य मंत्री बघेल के निर्देश पर धान रिसाइकलिंग बोगस खरीदी पर नियंत्रित करने के लिए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय टीम द्वारा राज्य के अलग अलग संभागों में विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है एवं चेक पोस्ट की स्थापना की गई है। मंडी विभाग द्वारा मंडी अधिनियम के तहत जिलों में अधिकृत व्यापारियों की सूची जिला प्रशासन के साथ साझा किया गया है। एनआईसी द्वारा तैयार मोबाइल एप्प के माध्यम से गिरदावरी के खसरों का पुनः सत्यापन लगातार जारी है। मार्कफेड द्वारा राज्य स्तर पर एकीकृत कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित कर राईस मिल एवं उपार्जन केन्द्रों पर रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी। राज्य स्तर पर अलग अलग जिलों के लिए राज्य स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों की जांच टीम बनाई गई है, जो लगातार जिले में हो रही धान खरीदी की मानिटरिंग करेंगे। विभागीय मंत्री द्वारा निर्देशित किया गया है कि राज्य स्तरीय दल आबंटित जिलों में खरीदी के दौरान कम से कम तीन बार भ्रमण करेंगे। प्राप्त शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्यवाही की जाएगी और की गई कार्यवाही के संबंध में अवगत भी कराया जाएगा। recent visitors 115

पहले दिन अनुश्रुति वृंद, विदुषी सुलेखा भट्ट और पं. संजू सहाय की प्रस्तुति

आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का माध्यम है संगीत – राज्य मंत्री लोधी दो दिवसीय पं. नन्दकिशोर शर्मा स्मृति समारोह का किया शुभारंभ पहले दिन अनुश्रुति वृंद, विदुषी सुलेखा भट्ट और पं. संजू सहाय की प्रस्तुति भोपाल संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा है कि दार्शनिक और आध्यात्मिक परम्परा में संगीत का बहुत महत्व है। संगीत हमारी परम्परा का अभिन्न अंग है। यह आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का माध्यम है। संगीत की उत्पत्ति ब्रह्म जी ने की थी। उन्होंने इसका ज्ञान शिव जी को, शिव जी ने सरस्वती जी को, सरस्वती जी ने नारद जी को और फिर गंधर्व और अप्सराओं को संगीत का ज्ञान प्राप्त हुआ। राज्य मंत्री लोधी भारत भवन के अंतरंग सभागार में पं. नन्द किशोर शर्मा स्मृति समारोह के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लोधी ने कहा कि वेद हमारी संस्कृति और परम्परा के आधार हैं, जिसमें सामवेद संगीत को समर्पित है। ईश्वर की उपासना का सबसे सरल माध्यम संगीत है। संगीत के सातों स्वर वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित हैं। प. नंदकिशोर शर्मा का नाम अनहद के आकाश में प्रकाश की तरह है, जो कई पीढ़ियों को प्रकाशवान करेगा। वे संगीत के सच्चे साधक थे, जिन्होंने संपूर्ण जीवन संगीत को समर्पित कर दिया। राज्य मंत्री लोधी ने संगीत को समर्पित महान विभूति नन्द किशोर शर्मा को नमन किया। मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के लिए उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद्, भोपाल द्वारा सुप्रसिद्ध संगीतकार पं. नन्दकिशोर शर्मा की स्मृति में दो दिवसीय भारतीय शास्त्रीय गायन, वादन और नृत्य पर केन्द्रित कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में संचालक संस्कृति एन.पी. नामदेव और अकादमी की निदेशक सुवंदना पाण्डेय भी विशेष रूप से उपस्थित रही। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन कर पारम्परिक तरीके से किया गया। इस अवसर पर पं. नंदकिशोर शर्मा के भाई गौरीशंकर शर्मा का विशेष रूप से स्वागत व सम्मान किया गया। कार्यक्रम की पहली प्रस्तुति परम्परागत रूप से अनूप शर्मा के निर्देशन में अनुश्रुति वृन्द के कलाकारों द्वारा वंदना प्रस्तुत कर की गई, जिसकी रचना पं. नन्दकिशोर शर्मा ने की थी। सर्वप्रथम सरस्वती वंदना ''मां शारदे वर दे हमें तेरे चरण का प्यार दे'' थी और इसके बाद गुरु वंदना ''गुरु देव शत-शत करूं चरण वंदन'' प्रस्तुत कर श्रोताओं को आत्मविभोर कर दिया। इस प्रस्तुति में विपिन पौराणिक, सोपान अंबाकेलकर, सत्यम शर्मा, अजीम अहमद, रविन्दर, सुवंदना दुबे, सुविनीता चौहान, सुवारूणी शर्मा, सुअंतरा वरनेनकर और सुसुहानी सिंह ने गायन किया। वहीं, शशांक मिश्रा ने तबले पर एवं अनूप शर्मा ने हारमोनियम पर संगत की।   पं. नन्दकिशोर शर्मा स्मृति समारोह की पहली शाम की दूसरी सभा एकल तबला वादन की रही। मंच पर नमूदार थे बनारस तबला घराने के सुप्रसिद्ध तबला वादक पण्डित संजू सहाय। अपने परिवार की छठवीं पीढ़ी के अव्वल दर्जे के तबला वादक संजू सहाय देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के संगीतज्ञों के साथ मंच साझा कर चुके हैं। इस समारोह में भारत भवन के मंच पर वे भोपाल के अपने चाहने वालों से चेहरे पर मुस्कुराहट और शब्दों में प्रेम लिए मिले। पं. संजू सहाय ने प्रस्तुति के लिए तीन ताल को चुना। बनारस घराने की पारम्परिक बंदिशों को अपनी उंगलियों के जादू से कुछ इस तरह पेश किया कि सुनने वालों ने अपनी आत्मा में सदियों पुरानी थाप, सुखद अनुभव और सुदीर्घ साधना को महसूस किया। उनके साथ सुविख्यात संगीतज्ञ पं. धर्मनाथ मिश्रा ने हारमोनियम पर संगत की। अंतिम प्रस्तुति भोपाल की सुप्रसिद्ध गायिका विदुषी सुलेखा भट्ट एवं साथी कलाकारों के गायन की रही। उन्होंने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत के लिए राग नंद का चयन किया। मधुरता और सौंदर्यता से भरपूर इस राग में सुलेखा भट्ट ने मध्य लय रूपक ताल की बंदिश ''ढूंढू बारे सैंया'' प्रस्तुत की। इसके बाद विदुषी सुलेखा भट्ट ने जब तीन ताल में द्रुत बंदिश ''पायल मोरी बाजे'' खनकती आवाज में पेश की, तो रसिक श्रोता राग के अनुराग में डूब गए। अंत में उन्होंने कबीर भजन ''सुनता है गुरुज्ञानी'' प्रस्तुत करते हुए अपनी प्रस्तुति को विराम दिया। विदुषी सुलेखा भट्ट के साथ तबले पर डॉ. अशेष उपाध्याय, हारमोनियम पर पुणे के उपेंद्र सहस्त्रबुद्धे और सुकौशिका सक्सेना एवं सुरितु पटेल ने तानपुरे पर संगत की। समारोह में आज समारोह में 14 नवम्बर, 2024 को कविता शाजी एवं साथी, भोपाल द्वारा मोहिनीअट्टम समूह नृत्य की प्रस्तुति दी जायेगी। इसके बाद डॉ. अविनाश कुमार, दिल्ली की गायन एवं शाहिद परवेज खान, पुणे सितार वादन की प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम के द्वितीय दिवस संगत कलाकार के रूप में तबला पर हितेन्द्र दीक्षित, हाफिज अहमद अलवी एवं हारमोनियम पर दीपक खसरावल रहेंगे। कार्यक्रम में प्रवेश नि:शुल्क रहेगा।   recent visitors 130

जनजातीय गौरव दिवस: प्रधानमंत्री मोदी वर्चुअली होंगे शामिल मुख्यमंत्री साय होंगे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि

रायपुर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती-जनजातीय गौरव दिवस पर राजधानी रायपुर स्थित साइंस कॉलेज मैदान में 14 और 15 नवंबर को दो दिवसीय राज्य स्तरीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस मौके पर जमुई बिहार से छत्तीसगढ़ के कार्यक्रम में वर्चुअली रूप से जुड़ेगे। श्री मोदी इस इस दौरान  पीएम जनमन योजना के तहत् लाभान्वित हितग्राहीयों कि चर्चा भी करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 15 नवंबर को दोपहर 10.30 बजे से शुरू हो रहे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। आदिमजाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत विधायकगण सर्व श्री राजेश मूणत, पुरन्दर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, और इन्द्रकुमार साहू सहित सभी सांसदगण, विधायकगण, निगम मण्डल एवं आयोग तथा जिला पंचायत के अध्यक्ष शामिल होंगे।   recent visitors 71

नवाज शरीफ ने भारत से आग्रह किया है कि वह अपनी क्रिकेट टीम पाकिस्तान भेजें

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने एक बार फिर भारत से रिश्ते सुधारने की अपील की है। नवाज शरीफ ने भारत से आग्रह किया है कि वह अपनी क्रिकेट टीम पाकिस्तान भेजें। एक्सप्रेस न्यूज की रिपोर्ट में  कहा गया कि शरीफ ने कहा कि अगर तनाव जारी रहता है तो इस तरह की पहल द्विपक्षी संबंधों को बेहतर बनाने में मदद दे सकती है। नवाज शरीफ लंदन में बोल रहे थे। उनके साथ उनकी बेटी और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज भी थीं। दरअसल ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी पाकिस्तान के पास है। भारत ने सुरक्षा कारणों से अपनी टीम को पाकिस्तान न भेजने का फैसला लिया है। नवाज शरीफ ने भारत के इसी फैसले जिक्र करते हुए कहा कि भारत को मैचों के लिए पाकिस्तान का दौरा करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'अगर रिश्ते तनावपूर्ण हैं तो उन्हें सुधारने की जरूरत है। लोग भारतीय क्रिकेट टीम को पाकिस्तान में खेलते हुए देखना चाहते हैं।' अमेरिका से संबंधों पर दिया जोर नवाज शरीफ ने आगे अन्य पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध रखने पर भी जोर दिया। पाकिस्तान और अमेरिका के बीच संबंधों की वर्तमान स्थिति पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों देशों को अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान और अमेरिका के बीच अच्छे संबंध होने चाहिए। अतीत में हमारे संबंध मजबूत थे, लेकिन इसमें और सुधार की जरूरत है।' बम धमाके ने उठाए सुरक्षा पर सवाल भारतीय टीम ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान में न जाने का फैसला किया है। पिछले सप्ताह एक बम धमाके ने पाकिस्तान के सुरक्षा की पोल खोल दी और भारतीय क्रिकेट टीम के फैसले को सही साबित कर दिया। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक रेलवे स्टेशन पर शनिवार को धमाका हुआ, जिसमें 26 लोग मारे गए। इन धमाकों में सैनिक और रेलवे कर्मी भी मारे गए। पाकिस्तानी रेलवे ने एक बयान जारी कर सुरक्षा कारणों से चार दिनों के लिए रेल सेवा स्थगित कर दी है। recent visitors 66