कांग्रेस धर्म और जातियों के नाम पर लोगों को लड़ा रही है, प्रधानमंत्री ने कहा कि एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे

महाराष्ट्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज महाराष्ट्र के दौरे पर हैं। उन्होंने धुले एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस का एजेंडा देश के सभी आदिवासी समुदायों के बीच दरार पैदा करना है। कांग्रेस धर्म और जातियों के नाम पर लोगों को लड़ा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "कांग्रेस का एजेंडा देश के सभी आदिवासी समुदायों के बीच दरार पैदा करना है… जब कांग्रेस ने धार्मिक समूहों के साथ इस साजिश की कोशिश की, तो इससे देश का विभाजन हुआ। अब कांग्रेस एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणियों को एक-दूसरे के खिलाफ भड़का रही है। भारत के लिए इससे बड़ी कोई साजिश नहीं हो सकती… जब तक आप एकजुट रहेंगे, तब तक आप मजबूत रहेंगे… 'एक है तो सुरक्षित है'।"   इनका युवराज इसी खतरनाक भावना के साथ काम कर रहा- मोदी पीएम मोदी ने धुले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "आजादी के समय बाबासाहेब दलितों और वंचितों के लिए आरक्षण चाहते थे लेकिन नेहरू जी इस बात पर अड़े थे कि दलितों, पिछड़ों और वंचितों को आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए। बड़ी मुश्किल से बाबासाहेब दलितों और आदिवासियों के लिए आरक्षण का प्रावधान कर पाए थे। नेहरू जी के बाद इंदिरा जी आईं और उनका भी आरक्षण के खिलाफ यही रवैया था। ये लोग चाहते थे कि SC, ST, OBC हमेशा कमजोर रहें। राजीव गांधी ने भी OBC आरक्षण का खुलकर विरोध किया था। राजीव गांधी के बाद अब इस परिवार की चौथी पीढ़ी, इनका युवराज इसी खतरनाक भावना के साथ काम कर रहा है। कांग्रेस को आदिवासियों की एकता पसंद नहीं प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस का एकमात्र एजेंडा SC, ST, OBC समाज की एकता को किसी भी तरह से तोड़ना है। कांग्रेस चाहती है कि SC, ST, OBC समाज अलग-अलग जातियों में बंटा रहे। कांग्रेस आदिवासी समाज की पहचान, ST की एकता को तोड़ने में लगी हुई है। कांग्रेस को आदिवासियों की एकता पसंद नहीं है। जब कांग्रेस ने धर्म के नाम पर ऐसी साजिश रची थी, जब देश का बंटवारा हुआ था, अब कांग्रेस SC, ST, OBC की एक जाति को दूसरी जाति के खिलाफ खड़ा कर रही है। इससे बड़ी साजिश भारत के खिलाफ नहीं हो सकती।" recent visitors 84

दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज विकास के साथ भारत वैश्विक महाशक्तियों की सूची में शामिल होने का हकदार: पुतिन

मॉस्को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर भारत की जमकर तारीफ की है। उन्होंने दोनों देशों के रिश्ते को ऐतिहासिक बताया। भारत की आजादी में सोवियत संघ की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया है कि भारत एक 'प्राकृतिक सहयोगी' और दशकों से भागीदार है। रूसी राज्य मीडिया ने बताया कि गुरुवार को सोची में वल्दाई चर्चा क्लब को संबोधित करते हुए पुतिन ने भारत को एक महान देश बताया और कहा कि मॉस्को और नई दिल्ली सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। पुतिन बोले, सभी दिशाओं में विकसित हो रहे संबंध पुतिन ने पूर्ण सत्र में कहा, हम भारत के साथ सभी दिशाओं में अपने संबंध विकसित कर रहे हैं। भारत एक महान देश है। यह बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक विकास के मामले में अग्रणी है, इसकी जीडीपी 7.4 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज कर रही है। समाचार एजेंसी ने पुतिन के हवाले से कहा, हमारे संबंध कहां और किस गति से विकसित होंगे, इसका हमारा दृष्टिकोण आज की वास्तविकताओं पर आधारित है। हमारे सहयोग की मात्रा साल दर साल बढ़ रही है। विश्वास के मामले में अद्वितीय संबंध बनाए पुतिन ने भारत की स्वतंत्रता की घोषणा में सोवियत संघ की भूमिका को याद किया, जिसने दोनों देशों के बीच गुणवत्ता और विश्वास के मामले में अद्वितीय संबंध बनाए। पुतिन ने कहा कि यह हमारे लिए सभी आयामों में द्विपक्षीय संबंधों को विकसित करने का आधार है। पुतिन ने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार कारोबार लगभग 60 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि अपनी डेढ़ अरब की आबादी, दुनिया की सभी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज विकास, प्राचीन संस्कृति और आगे विकास की बहुत अच्छी संभावनाओं के साथ भारत वैश्विक महाशक्तियों की सूची में शामिल होने का हकदार है। ब्रह्मोस का दिया उदाहरण पुतिन ने आगे कहा कि भारत और रूस के बीच सुरक्षा क्षेत्र और रक्षा क्षेत्र में संपर्क विकसित हो रहे हैं। देखें कि कितने प्रकार के रूसी सैन्य उपकरण भारतीय सशस्त्र बलों की सेवा में हैं। इस रिश्ते में काफी हद तक विश्वास है। हम सिर्फ भारत को अपने हथियार नहीं बेचते हैं; हम उन्हें संयुक्त रूप से डिजाइन करने के लिए संयुक्त अनुसंधान में लगे हुए हैं। उन्होंने ब्रह्मोस को भारत-रूस संयुक्त सहयोग का एक उदाहरण बताया। पुतिन ने कहा, ब्रह्मोस सिस्टम का उपयोग हवा और समुद्र में किया जाता है और यह साझेदारी कुछ ऐसी चीज है जिसके बारे में लोग जानते हैं और यह उच्च स्तर के विश्वास और हमारी साझेदारी के उच्च स्तर की गवाही देता है जो भविष्य में भी जारी रहेगी। ब्रह्मोस का नाम भारत और रूस की ब्रह्मपुत्र और मोस्कवा नदियों के नाम पर रखा गया है। इसका गठन भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और रूस के एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया के बीच एक संयुक्त उद्यम के रूप में किया गया था। इस बीच, गुरुवार के कार्यक्रम के दौरान पुतिन ने ब्रिक्स समूह की संभावनाओं पर भी बात की, जिसके सदस्य रूस और भारत दोनों हैं। रूसी नेता ने कहा कि यह देशों और लोगों के बीच संबंधों की आधुनिक, मुक्त और गैर-ब्लॉक प्रकृति का एक प्रोटोटाइप है। इस साल अक्टूबर में कजान में आयोजित 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रूस ने एक प्रतीकात्मक ब्रिक्स बैंकनोट का अनावरण भी किया था। recent visitors 88

एक दिन में 3 करोड़ यात्रियों ने किया ट्रेन से सफर, देश के परिवहन इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि

नई दिल्ली भारत में रोजाना लाखों यात्री ट्रेन से सफर करते हैं। लाखों की यह संख्या कई बार एक करोड़ का आंकड़ा भी पार कर गई है। इसी कड़ी में भारतीय रेलवे ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। रेल मंत्रालय द्वारा एक हालिया बयान के अनुसार, 4 नवंबर 2024 को ट्रेन से 3 करोड़ से अधिक यात्रियों ने सफर किया। यात्रियों की यह संख्या भारतीय रेल के लिए एक नए रिकॉर्ड बनाने को लेकर अहम है। मंत्रालय ने इसे देश के परिवहन इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। जानकारी के अनुसार, 4 नवंबर को, भारतीय रेल से 120.72 लाख नॉन-सबअर्बन यात्रियों ने यात्रा की, जिसमें 19.43 लाख आरक्षित यात्री और 101.29 लाख अनारक्षित यात्री शामिल थे। इसके अलावा, रेल मंत्रालय ने रिकॉर्ड 180 लाख सबअर्बन यात्रियों को सफर कराया। सभी यात्रियों की संख्या जोड़ने के बाद देश की रेल प्रणाली के लिए एक नया मानदंड स्थापित हो गया है। बयान में यह भी कहा गया कि भारतीय रेल ने यह उपलब्धि साल के सबसे व्यस्त महीने के दौरान हासिल की है, जो भारतीय रेल की परिचालन कुशलता को दर्शाता है। साल के इस व्यस्त समय में दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पूजा के अवसर पर लाखों-करोड़ों लोग एक राज्य से दूसरे राज्य की यात्रा करते हैं। एक राज्य से दूसरे राज्य की इस यात्रा के लिए अधिकतर लोग ट्रेन का सफर ही चुनते हैं। यही वजह है कि त्योहारी सीजन में ट्रेन में लोगों की भीड़ देखी जाती है। यात्रियों की इस भीड़ को संभालने और व्यवस्थित करने के लिए भारतीय रेल की ओर से अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन की भी व्यवस्था की जाती है। इस बार रेलवे बोर्ड ने त्योहारी सीजन की भीड़ को देखते हुए 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक 7,663 स्पेशल ट्रेन सर्विस शुरू की है, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 73 फीसदी अधिक है। recent visitors 114

नई शिक्षा नीति:2020 के अंतर्गत प्रदेश में अनेक नवाचार हुए, विश्वविद्यालय अपने स्तर पर भी उच्च शिक्षा के जुड़े नवाचार करें- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नई शिक्षा नीति:2020 के अंतर्गत प्रदेश में अनेक नवाचार हुए हैं। विश्वविद्यालय अपने स्तर पर भी उच्च शिक्षा के जुड़े नवाचार करें। अच्छे प्रयोगों का सदैव स्वागत है। शिक्षा की गुणवत्ता को निरंतर श्रेष्ठ बनाने के प्रयास हों। पैरामेडिकल और नर्सिंग पाठ्यक्रम भी विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सक्षम युवाओं का निर्माण सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए सबसे बड़ी गारंटी मानते हैं। प्रधानमंत्री मोदी की पहल से इस संदर्भ में नई शिक्षा नीति में अनेक महत्वपूर्ण प्रावधान भी हुए हैं। इस नीति में युवाओं को ज्ञानवान और अनेक विषयों में पारंगत बनाने की रणनीति बनाई गई है। इस नाते मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनेक अभिनव प्रयास इस दिशा में किए गए हैं। मध्यप्रदेश में महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में जहां भारतीय ज्ञान परम्परा से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यशालाएं आयोजित की गईं, वहीं राज्य सरकार द्वारा भारतीय ज्ञान परम्परा शीर्ष समिति और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में टास्क फोर्स का गठन किया गया। विद्यार्थियों को उनकी रूचि, दक्षता और क्षमता के अनुसार शिक्षा व्यवस्था करने के प्रसार सफल हो रहे हैं। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में प्रदेश अग्रणी है। मध्यप्रदेश का सकल पंजीयन अनुपात राष्ट्रीय अनुपात 28.4 प्रतिशत के मुकाबले 28.9 प्रतिशत है जो एक उपलब्धि है। बहुविषयक शिक्षा में आगे मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालयों द्वारा बहुविषयक शिक्षा प्रदान करने और रोजगार के लिए उपयोगी पाठ्यक्रमों के संचालन की सराहना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाल ही में प्रदेश में उच्च शिक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर कुलगुरूओं और उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की है। बताया गया कि विद्यार्थियों को बहुविषयक दृष्टिकोण (मल्टी डिस्पलीनरी एप्रोच) के माध्यम से अन्य विषयों के अध्ययन के लिए प्रेरित करने के निरंतर प्रयास किए जाएं। वर्तमान में प्रदेश के लगभग एक लाख विद्यार्थी वाणिज्य के साथ कला और विज्ञान की शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। कला संकाय के 18 हजार विद्यार्थी वाणिज्य और विज्ञान की शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। मध्यप्रदेश में विज्ञान संकाय के ऐसे विद्यार्थियों की संख्या 11 हजार है, जिन्होंने कला और वाणिज्य विषय का चयन किया है। इस तरह एक लाख 29 हजार विद्यार्थियों ने बहुविषयक शिक्षा का लाभ लिया है। विद्यार्थी ले रहे खेती किसानी की शिक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनेक बिन्दुओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। उच्च शिक्षा व्यवस्था में स्नातक स्तर पर कृषि जैसे विषय के अध्ययन के प्रावधान के भी अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं। सात विश्वविद्यालयों और 18 शासकीय स्वशासी महाविद्यालयों में बी.एससी. कृषि पाठ्यक्रम का संचालन हो रहा है। इन पाठ्यक्रामों का लाभ 1189 विद्यार्थी ले रहे हैं। विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में सर्वाधिक 240 विद्यार्थी खेती किसानी की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में पायलेट ट्रेनिंग के कोर्स के संचालन और एविएशन के सर्टिफिकेट कोर्स के लिए पांच विश्वविद्यालयों ने पहल की है। निश्चित ही युवाओं को इन पाठ्यक्रमों का रोजगार की दृष्टि से पूर्ण लाभ प्राप्त होगा। इन्क्यूबेशन केन्द्रों की सक्रिय भूमिका, र्स्टाट अप्स को पूर्ण प्रोत्साहन प्रदेश में उच्च शिक्षा क्षेत्र में कौशल विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 47 इन्क्यूबेशन सेन्टर प्रारंभ किए गए हैं। इनमें शासकीय विश्वविद्यालय में 16, निजी विश्वविद्यालय में 12 एवं शासकीय स्वशासी महाविद्यालय में 19 इन्क्यूबेशन केंद्र संचालित हैं। देवी अहिल्या विश्व विद्यालय इंदौर को केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने पांच करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर इन्क्यूबेशन सेंटर को अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग ने अटल कम्युनिटी इन्नोवेशन सेंटर के लिए 2.5 करोड़ रूपए स्वीकृत किए हैं। इसी तरह जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर के लिए 13.4 लाख रूपए स्वीकृत हुए हैं। प्रदेश के 2 निजी विश्वविद्यालयों में भी अटल इन्क्यूबेशन सेंटर्स स्थापित किए गए हैं। इनमें रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल और लक्ष्मीनारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी (एलएनसीटी) भोपाल शामिल हैं। इन्क्यूबेशन केंद्रों के माध्यम से स्टार्टअप को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय स्तर पर 65 स्टार्ट अप्स तथा 2 निजी विश्वविद्यालयों में कुल 295 स्टार्ट अप्स प्रारंभ हुए हैं। स्टार्ट अप्स को विश्वविद्यालयों ने प्रोत्साहन राशि भी दी है। वर्तमान में कुल लाभान्वित विद्यार्थी संख्या 620 है। पेटेंट के अंतर्गत पेटेंट कार्यालय, भारत सरकार से विश्वविद्यालयों के इन्क्यूबेशन सेंटर्स को कुल 14 पेटेंट प्राप्त हुए हैं। इनमें देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में छह, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में चार, विक्रम विश्वविद्यालय में तीन और बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में एक पेटेंट शामिल हैं। समस्त विश्वविद्यालयों के कुल 27 पेटेंट के आवेदन स्वीकृति की प्रक्रिया में हैं।   recent visitors 97

सीएम ने मंत्री टंक राम वर्मा की मांग पर बीएड कॉलेज खोलने और ट्रांसपोर्ट नगर की व्यवस्था करने की घोषणा

रायपुर छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh)  के सीएम विष्णु देव साय ( CM Vishnu Dev Sai) ने बलौदा बाजार (Baloda Bazar)  जिले को बड़ा तोहफा (Gift) दिया. गुरुवार को सीएम बनने के बाद साय पहली बार बलौदा बाजार पहुंचे.इस दौरान सीएम ने दीपावली, राज्य स्थापना दिवस और छठ की बधाई देते हुए जिले वासियों की झोलियां भर दी. सीएम ने कई विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया.  60.20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले विभिन्न 48 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण करने के बाद उन्होंने सभा को संबोधित किया. जिले को मिली ये बड़ी सौगातें इस दौरान सीएम ने मंत्री टंक राम वर्मा की मांग पर बीएड कॉलेज (B.Ed College) खोलने और ट्रांसपोर्ट नगर की व्यवस्था करने की घोषणा की. गुरुवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य गोपाल नारायण व्यास के निधन के कारण प्रोग्राम कैंसल किया गया था. उन्होंने स्व. व्यास के निधन को छत्तीसगढ़ की बड़ी क्षति बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि 60.20 करोड़ रुपए के कामों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया. इनको सौंपी घर की चाभी सीएम ने आवास योजना में 2100 मकानों की स्वीकृति और 51 लाभान्वित हितग्राहियों को मकान की चाभी सौंपी. कलेक्टर बलौदा बाजार दीपक सोनी के नवाचार हम होंगे कामयाब से 51 बेटियां बैंगलोर में नौकरी करेंगी. उनको नियुक्ति पत्र दिया गया. उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री रहते डॉक्टर रमन सिंह ने जिला का निर्माण किया.इसे विकसित किया. 'कोई परेशानी किसानों को नहीं होगी' सीएम ने कहा- यहां बाबा गुरु घासीदास जी की तपोभूमि गिरौदपुरी में कुतुब मीनार से भी ऊंचा जैतखाम बनाया गया. यहां संत कबीर का आश्रम है, मावली माता और सिद्धेश्वर महादेव का मंदिर है. संस्कृति और उद्योग में भी यह जिला आगे है. नया उद्योग नीति से यह जिला और आगे बढ़ेगा. सिंगल विंडो सिस्टम से फायदा होगा. उन्होंने कहा कि 14 नवंबर से होने वाली धान खरीदी में इतनी व्यवस्था होगी कि कोई परेशानी किसानों को नहीं होगी. 'समितियों से सुलह कर लिया जाएगा' इस बीच सीएम ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने यहां की मांग पर कहा कि बीएड कॉलेज और ट्रांसपोर्ट नगर बनाए जाने की घोषणा करता हूं. उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ बनाना है. इसके लिए विधर्मी और असामाजिक तत्व के बातों से गुमराह नहीं होना है. वहीं, सहकारी समिति के हड़ताल से धान खरीदी प्रभावित होने के सवाल पर कहा कि 14  नवंबर से ही धान की खरीदी होगी, समितियों से सुलह कर लिया जाएगा. recent visitors 191

टेक्निकल विंग के लिये 177 पद मंजूर, ट्राईबल टेक्निकल विंग सेट-अप को मंजूरी

अब ट्राइबल का खुद का टेक्निकल विंग बनायेगा जनजातीय विकास की अधोसंरचनाएँ प्रदेश में जनजातियों के विकास से जुड़ी सभी प्रकार की अधोसंरचनाएँ अब जनजातीय कार्य विभाग का खुद का टेक्निकल विंग बनायेगा टेक्निकल विंग के लिये 177 पद मंजूर, ट्राईबल टेक्निकल विंग सेट-अप को मंजूरी भोपाल प्रदेश में जनजातियों के विकास से जुड़ी सभी प्रकार की अधोसंरचनाएँ अब जनजातीय कार्य विभाग का खुद का टेक्निकल विंग बनायेगा। विभाग में नये टेक्निकल विंग की स्थापना की गई है। राज्य शासन द्वारा ट्राईबल टेक्निकल विंग सेट-अप को मंजूरी दे दी गई है। इसके लिये 177 नये पद भी शासन ने स्वीकृत किये हैं। इसमें अधीक्षण यंत्री (एस.ई) का एक पद, कार्यपालन यंत्री (ई.ई) के 6, सहायक यंत्री (सिविल) के 25, सहायक यंत्री (विद्युत) के 3, उपयंत्री (सिविल) के 123, उपयंत्री (विद्युत) के 9, प्रगति सहायक के 7 तथा निर्माण सहायक, सहायक मानचित्रकार एवं अनुरेखक के एक-एक पद को मंजूरी दी गई है। पदों की मंजूरी मिलने के बाद अब जनजातीय कार्य विभाग द्वारा विभागीय स्तर या अन्य शासकीय भर्ती एजेन्सीज के माध्यम से टेक्निकल विंग स्टॉफ की भी जल्द से जल्द भर्ती की जायेगी। ट्राईबल टेक्निकल विंग के हेड अधीक्षण यंत्री (एसई) होंगे, जो जनजातीय कार्य मुख्यालय से विभागीय निर्माण कार्यों का सुपर विजन करेंगे। इनके अधीन 6 ईई होंगे। एक ईई मुख्यालय के कार्यों के अलावा भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग के सभी जिलों का काम देखेंगे। एक ईई इंदौर मुख्यालय से इंदौर एवं उज्जैन संभाग के सभी जिलों का काम संभालेंगे। सागर और जबलपुर संभाग के जिलों के कार्यों के लिये भी एक-एक ईई को दायित्व सौंपा गया है। ग्वालियर के ईई ग्वालियर के साथ-साथ चंबल संभाग तथा शहडोल में पदस्थ ईई शहडोल सहित रीवा संभाग के सभी जिलो में विभागीय निर्माण कार्यों को समय पर पूरा कराने तथा मॉनीटरिंग के लिये उत्तरदायी होंगे। उल्लेखनीय है कि अब तक जनजातीय कार्य विभाग के अधीन स्कूल, छात्रावास, आश्रम शालाएँ, क्रीड़ा परिसर, कन्या शिक्षा परिसर, प्रशासनिक भवन आदि विभागीय संरचनाएँ पीडब्ल्यूडी, पीआईयू, भवन निर्माण इकाई, एम.पी. हाऊसिंग बोर्ड जैसी निर्माण एजेंसियों से कराये जाते थे। इसमें बहुत समय ज्यादा लग जाता था और निर्माण कार्य की लागत भी बढ़ जाती थी। अब जनजातीय कार्य विभाग अपने खुद के टेक्निकल विंग के जरिये निर्धारित लागत तक के विकास एवं उन्नयन कार्य ओपन टेण्डर के जरिये अपने नियम-शर्तों एवं तय समय-सीमा में ही करा सकेगा। इस टेक्निकल विंग कितनी लागत के निर्माण कार्य कराये जाने हैं, यह जनजातीय कार्य विभाग तय करेगा।   recent visitors 56

कांग्रेस घाटी में युवाओं के हाथ में फिर से पत्थर देना चाहती है उसे फिर से दहशतगर्दी चाहिए :वीडी शर्मा

भोपाल मध्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कांग्रेस पर बड़ा हमला किया है उन्होंने कहा कांग्रेस के समर्थन से बनी जम्मू कश्मीर की नेशनल कांफ्रेंस ने धारा 370 और 35 A की वापसी का प्रस्ताव लाकर ये साबित कर दिया है कि कश्मीर घाटी में शांति अमन चैन नहीं चाहिए, ये लोग तो युवाओं के हाथों में फिर से पत्थर देना चाहते हैं , ये दोनों पार्टिया देश विरोधी कुचक्र रच रही हैं और पाकिस्तान को ताकत देने की साजिश कर रही हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि अटल जी ने कहा था कि यदि मेरी सरकार पूर्ण बहुमत की सरकार होती तो मैं सबसे पहले धारा 370 हटाता और ये काम  भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने, पीएम नरेंद्र मोदी ने किया, प्रधानमंत्री मोदी ने धारा 370 और 35 A को जम्मू कश्मीर से हटाकर पूरे देश को एक सूत्र में बंधने का काम किया लेकिन दुर्भाग्य है कि जम्मू कश्मीर में कांग्रेस के सहयोग से चल रही नेशनल कांफ्रेंस सरकार ने विधानसभा में असंवैधानिक तरीके से धारा 370 खत्म करने का प्रस्ताव लाया। फिर साबित हो गया कांग्रेस आरक्षण, संविधान और दलित विरोधी है वीडी शर्मा ने कहा कि इस प्रस्ताव का लाना ये साबित करता है कि बार बार संविधान बात करने वाली दलितों की आरक्षण की बात करने वाली कांग्रेस, दलित विरोधी है, आरक्षण विरोधी है और संविधान विरोधी है, क्यों किजो प्रस्ताव है उसमें इसी तरह की बाते हैं, उन्होंने कहा किआज जम्मू के लाल चौक में तिरंगा फहराता है तो तो भाजपा के कारण से संभव हो पाया। नेशनल कांफ्रेंस से साथ मिलकर कांग्रेस देश विरोधी कुचक्र रच रही वीडी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती जम्मू कश्मीर के युवा को नौकरी मिले, रोजगार मिले, वो नहीं चाहती कि कश्मीर घाटी में अमन चैन रहे, आतंकवाद, अलगाववाद कम हो वो तो युवाओं के हाथ में फिर से पत्थर देना चाहती है उसे फिर से दहशतगर्दी चाहिए , कांग्रेस द्वारा नेशनल कांफ्रेंस के साथ मिलकर देश को तोड़ने का कुचक्र धारा 370 वापस लागू करने के माध्यम से किया जा रहा है, कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस का ये राष्ट्र विद्रोही एजेंडा है। क्या ये पार्टियाँ आतंकवाद और अलगाववाद का काला दौर फिर से लाना चाहती हैं वीडी शर्मा ने कहा कि आज जब कभी जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान प्रेरित आतंकवादी घटनाएँ होती है तो उमर अब्दुल्ला एक शब्द नहीं बोलते, आज पाकिस्तान की देश विरोधी ताकतों को पाकिस्तान को ताकत देने की कोशिश हो रही है क्या कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस आतंकवाद और अलगाववाद का काला दौर फिर से लाना चाहते हैं। अमेरिका में ट्रंप जीतते हैं नारे मोदी मोदी के लगते हैं, ये है भारत का सम्मान   हिमाचल में समोसे मामले की CID से जाँच के सवाल पर वीडी शर्मा ने तंज कसा कि हम यहाँ धारा 370 जैसे गंभीर विषय को लेकर चिंतित हैं और वहां कांग्रेस समोसे कचौड़ी में लगी हुई है, कमलनाथ के आतंकवाद से जुड़े ट्वीट पर कहा कि कमलनाथ थक गए हैं मोदी सरकार में आतंकवाद,अलगाववाद ख़त्म हो गया और नक्सलवाद तो नेस्तनाबूत हो गया है , भारत का मान सम्मान दुनिया में इतना बढ़ा है कि अमेरिका में जब ट्रंप जीतते तो वहां मोदी मोदी  के नारे लगते हैं। दिग्विजय सिंह पर तो जनता ने ही प्रतिबंध लगा दिया है दिग्विजय सिंह पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर कहा कि दिग्विजय सिंह पर प्रतिबंध तो जनता ने ही लगा दिया और जनता जिसे नकार चुकी है तो वे घूमते रहें, लोकतंत्र में जनता के प्रतिबंध से बड़ा कुछ नहीं है और वे तो खुद ही कहते थे मैं जाता हु तो जनता वोट नहीं देती काट देती है वे तो हमेशा से संस्कृति पर सनातन पर, देश पर आक्रमण करते हैं तो जनता उन्हें नकारेगी है। recent visitors 83