मंत्री तोमर ने अस्पताल में व्याप्त गंदगी और ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों की गैर मौजूदगी पर गहरी नाराजगी की व्यक्त

करैना करैना सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती मरीज रात में अचानक अपने बीच शिवपुरी जिले के प्रभारी और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को देखकर अचंभित हो गये। उन्होंने आश्चर्यचकित भाव से प्रभारी मंत्री को अपनी बीमारी के संबंध में जानकारी दी। तोमर ने अस्पताल में व्याप्त गंदगी और ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों की गैर मौजूदगी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं में जल्द सुधार नहीं किया तो सम्बन्धित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी। प्रभारी मंत्री तोमर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने करैरा कृषि उपज मंडी पहुंचकर किसानों को खाद वितरण में आ रही समस्याओं पर तुरंत संज्ञान लिया और किसानों को सुचारू एवं बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। तोमर ने किसानों को भरोसा दिलाया कि आपकी हर समस्या का समाधान आपके सेवक की पहली प्राथमिकता है। तोमर ने करैरा शहर में मोटर साइकिल से भ्रमण कर सफ़ाई व्यवस्था का निरीक्षण किया और जन समस्याएँ सुनीं। साथ ही पीने के पानी की आपूर्ति के लिये संचालित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण कर अधिकारियों को सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए। जिला प्रशासन, पुलिस तथा स्थानीय निकाय और विद्युत वितरण कम्पनी के अधिकारी भी ऊर्जा मंत्री के निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे।   recent visitors 61

जहां अधिक फायदा मिले वहां फसल बेचे किसान, आने-जाने का खर्च देगी सरकारः शिवराज सिंह

भोपाल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। फसल को सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदकर खेती को लाभ का धंधा बनाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने ऐलान करते हुए कहा कि किसान भाइयों को जहां फसल का ज्यादा दाम मिले, वहां वे मंडी में जाकर बेच सकते हैं। उनके मंडी में आने-जाने का खर्च सरकार उठाएगी।  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को जहां फसल का ज्यादा दाम मिले, वहां वे मंडी में जाकर बेच सकते हैं। किसानों के मंडी में आने-जाने का खर्च सरकार उठाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। बता दें कि शिवराज विजयपुर उपचुनाव के लिए बीजेपी प्रत्याशी के लिए प्रचार करने आए थे। विजयपुर मंडी प्रांगण में आयोजित चुनावी सभा के दौरान उन्होंने बड़ा एलान किया है। महिला आरक्षण पर भी बोले शिवराज केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान महिला आरक्षण को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि बहनों-बेटियों को शासकीय नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण देने का हमारा जो संकल्प था, उस पर अमल किया गया है। प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद प्रदेश पर लगातार बरस रहा है। विजयपुर में भी जनता को यह विश्वास है कि विकास होगा तो भाजपा की सरकार ही करेगी। कांग्रेस पर निशाना बीजेपी नेता ने मंच से कांग्रेस पर निशाना भी साधा। शिवराज ने कहा कि कांग्रेस फुस्सी बम है, हिमाचल और कर्नाटक में उनकी गारंटियां फेल हो गई हैं।     कांग्रेस की सरकार इतने समय तक रही, लेकिन बहनों के खाते में कभी एक रुपया नहीं डाला। भाजपा सरकार द्वारा बहनों के खाते में हर महीने 1250 रुपये डाले जा रहे हैं। शिवराज ने आगे कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी वादे किए थे। विपक्षी दलों ने एक भी वादे को पूरा नहीं किया। कांग्रेस ने आप लोगों से 344 वादे किए थे, लेकिन वो एक भी वादा पूरा नहीं कर पाए। वहीं, बीजेपी अपने सभी वादों को पूरा करती है। कांग्रेस फुस्सी बम उन्होंने कहा कि कांग्रेस फुस्सी बम है, हिमाचल और कर्नाटक में उनकी गारंटियां फेल हो गईं। कांग्रेस की सरकार इतने समय तक रही, लेकिन बहनों के खाते में कभी एक रुपया नहीं डाला। भाजपा सरकार द्वारा बहनों के खाते में हर महीने 1250 रुपये डाले जा रहे हैं। जनसभा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी संबोधित किया। रेहटी में किया रोड शो केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार देर शाम बुधनी विधानसभा के रेहटी में पार्टी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव के समर्थन में रोड शो कर जनता का आशीर्वाद मांगा। इस अवसर पर पार्टी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव, विधायक घनश्याम चन्द्रवंशी, विजयपाल सिंह ठाकुर, पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह राजपूत, जिलाध्यक्ष रवि मालवीय उपस्थित रहे।   recent visitors 71

देश में कई घुसपैठियों को कांग्रेस आज भी पाल पोस रही , कांग्रेस दमदारी से बांग्लादेश की घटनाओं के बारे में नहीं बोलती : सीएम यादव

भोपाल भोपाल में शुक्रवार को सीएम डॉ मोहन यादव ने राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम पायलट के बयान पर पलटवार किया है। झारखंड प्रचार के लिए रवाना होने से पहले सीएम ने कहा – जहां कांग्रेस के लोग रहते हैं धर्मों के आधार पर बांटते हैं। दरअसल गुरुवार को भोपाल पहुंचे कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और बीजेपी नेताओं के बयान "बंटेंगे तो कटेंगे" पर कहा था कि- बडे़ पदों पर बैठे जिम्मेदार लोगों द्वारा इस तरह की हल्की भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। हम कांग्रेस के लोग तो कहते हैं कि पढ़ेंगे तो बढ़ेंगे। देश में कई घुसपैठियों को कांग्रेस पाल-पोस रही सीएम ने कहा- भाजपा के साथ बढ़िए देश के साथ रहिए, सनातन की जड़ों के साथ जुडिए। हमारे देश में कई घुसपैठियों को कांग्रेस आज भी पाल पोस रही है। क्यों कांग्रेस दमदारी से बांग्लादेश की घटनाओं के बारे में नहीं बोलती? क्योंकि उसे वोट बैंक का खतरा लगता है। किसी भी हालत में केवल हिंदुओं को टॉर्चर करना ये कांग्रेस की नीति ही मूलत: गलत है। भाजपा के सभी धर्मों का सम्मान करते हुए सबको साथ लेकर चलने सबका साथ सबका विकास जो भावना प्रधानमंत्री जी की है उसमें सबका विकास निहित है। अगर बांग्लादेश से घुसपैठ हो रही तो जिम्मेदार केन्द्र सरकार सचिन पायलट ने झारखंड में पीएम मोदी के रोटी-बेटी और माटी के अस्मिता के सवाल पर कहा- इन्फिलिटरेशन अगर सीमा के बाहर से हो रहा है। तो उसका जिम्मेदार कौन है? भारत की सीमाओं का संरक्षण करना, हमारे बॉर्डर्स को सिक्योर करना किसकी जिम्मेदारी है? अपनी जिम्मेदारी को छोड़कर आप कांग्रेस को आरोपी बनाते हैं। यह बड़ा प्रचलन चल रहा है चुनाव से ठीक पहले, वन नेशन वन इलेक्शन, यूसीसी, गौ माता के नाम पर, भगवान राम के नाम पर, वोट लेना। अपनी परफॉर्मेंस बताएं आपने निवेश कितना करवाया? रोजगार कितने दिए? उद्योग कितने लगवाए? पानी चिकित्सा शिक्षा इसकी कोई चर्चा नहीं है विवादित बयान देकर मीडिया और जनता का ध्यान भटकाना। वोट बटोर लेना और फिर कोई काम ना करना। यह मेरे ख्याल से एक पैटर्न बन गया है। पायलट ने कहा- झारखंड के चुनाव में 1,32,000 करोड रुपए जो झारखंड के लोगों को ड्यू था वह केंद्र सरकार रोक कर बैठी है। अब केंद्र सरकार पक्षपात करें भेदभाव करे विपक्ष की सरकार कहीं पर हो तो वहां पर बजट न दे विरोधियों की आवाज दबा दे। ईडी सीबीआई का दुरुपयोग करें। झारखंड में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद वहां की सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है ।बहुत सारी स्कीम्स बनाई है जनता इसका लाभ ले रही है। और अंत में मुझे लगता है कि वहां पर पहले से ज्यादा बहुमत लेकर हम सरकार बनाएंगे।   recent visitors 81

फिर करोड़ों लाड़ली बहनों को मिलेगा तोहफा, 9 नवम्बर को सीएम यादव जारी करेंगे क़िस्त, खाते में आएंगे 1250 रुपए

इंदौर  मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों को 1250 रुपये की नवंबर माह की किस्त मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नौ नवंबर को इंदौर से डालेंगे। प्रदेश की 1.29 करोड़ लाड़ली बहनों के बैंक खातों में कुल 1574 करोड़ रुपये अंतरित किए जाएंगे। लाड़ली बहना योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को जून 2023 से अक्टूबर 2024 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 17 किश्तों का अंतरण किया गया है। इसके अलावा अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल दो बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण की गई है। अक्टूबर 2023 से 250 रुपये बढ़े थे योजना के प्रारंभ में पात्र हितग्राहियों को 1000 रुपये प्रतिमाह की राशि का भुगतान किया गया। अक्टूबर 2023 से मासिक आर्थिक सहायता की राशि में 250 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की गई और तब से अब तक 1250 रुपये की राशि दी जा रही है। सबसे बड़ी डीबीटी योजना वित्तीय वर्ष 2024-25 में योजना के तहत लगभग 18 हजार 984 करोड़ रुपये की राशि का प्रविधान किया गया है। बता दें कि लाड़ली बहना योजना प्रदेश की सबसे बड़ी डीबीटी योजना में शामिल है। योजना के वृहद स्वरूप ने प्रदेश की महिलाओं के समग्र सशक्तीकरण में महती भूमिका निभाई है। महिलाओं के सम्मान में वृद्धि हुई इस योजना से न केवल महिलाओं ने अपनी छोटी-छोटी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा किया है बल्कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए महिलाएं बैंकिंग प्रणाली से सीधे परिचित हुई हैं। इससे परिवार के निर्णयों में भी उनकी भूमिका बड़ी है और सामाजिक रूप से महिलाओं के सम्मान में वृद्धि हुई है। 2023 से संचालित है लाड़ली बहना योजना प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023 का संचालन किया जा रहा है। यह योजना प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत सुधार तथा परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका सुदृढ़ करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में योजना के तहत लगभग 18 हजार 984 करोड़ रूपये की राशि का प्रावधान किया गया है। योजना का प्रभाव लाड़ली बहना योजना प्रदेश की सबसे बड़ी डीबीटी योजना में शामिल है। योजना के वृहद स्वरूप ने प्रदेश की महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण में महती भूमिका निभाई है। इस योजना से न केवल महिलाओं ने अपनी छोटी-छोटी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा किया है बल्कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिये महिलाएं बैंकिंग प्रणाली से सीधे परिचित हुई हैं। इससे परिवार के निर्णयों में भी उनकी भूमिका बड़ी है और सामाजिक रूप से महिलाओं के सम्मान में वृद्धि हुई है। recent visitors 86

मोहन भागवत महाकौशल प्रांत के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों की लेंगे बैठक

जबलपुर संघ प्रमुख मोहन भागवत मध्य प्रदेश के जबलपुर पहुंचे हैं। वे संस्कारधानी में पांच दिन तक रहेंगे। मोहन भागवत महाकौशल प्रांत के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों की बैठक लेंगे। वहीं आरएसएस के शताब्दी वर्ष में आयोजित कार्यों की रूपरेखा बनेगी। RSS प्रमुख मोहन भागवत पांच दिवसीय जबलपुर प्रवास पर हैं। वे आरएसएस के महाकौशल प्रांत के मुख्यालय केशव कुटी में रूकेंगे। मोहन भागवत जबलपुर में महाकौशल प्रांत के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों की बैठक लेंगे। प्रवास के दौरान आरएसएस के शताब्दी वर्ष में आयोजित कार्यों की रूपरेखा बनेगी। शताब्दी वर्ष में संघ का प्रत्येक मंडल के विस्तार का मुख्य लक्ष्य रहेगा। भागवत शहर में लगने वाली RSS की चुनिंदा शाखाओं में जा सकते हैं। आरएसएस प्रमुख 10 नवंबर को प्रबुद्धजन सम्मलेन में व्याख्यान देंगे। नेताजी सुभाषचंद्र बोस कन्वेशन एवं इन्फॉर्मेशन सेंटर ओमती में प्रबुद्धजन सम्मेलन आयोजित होगा। recent visitors 111

AMUका अल्पसंख्यक दर्जा रहेगा बरकरार, नए सिरे से निर्धारण के लिए बनाई 3 जजों की बेंच

अलीगढ़ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसख्यंक दर्जे पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने कहा है कि यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जे को नए सिरे से तय करने के लिए तीन जजों की एक समिति गठित की गई है. कोर्ट ने 4-3 के बहुमत से यह फैसला सुनाया है. कोर्ट का कहना है कि अब नई बेंच एएमयू को अल्पसंख्यक दर्जा देने के मानदंड तय करेगी. इस मामले पर सीजेआई समेत चार जजों ने एकमत से फैसला दिया है जबकि तीन जजों ने डिसेंट नोट दिया है. मामले पर सीजेआई चंद्रचूड़, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा एकमत हैं. वहीं, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा का फैसला अलग है. कोर्ट ने 4-3 के बहुमत से अपने फैसले में 1967 के उस फैसले को खारिज कर दिया है, जो एएमयू को अल्पसंख्यक दर्जा देने से इनकार करने का आधार बना था. कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा? सुप्रीम कोर्ट ने AMU को अल्पसंख्यक दर्जे की हकदार माना है. कोर्ट ने इस मामले में अपना ही 1967 का फैसला बदल दिया है जिसमें कहा गया था कि AMU अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान का दर्जे का दावा नहीं कर सकती है. अन्य समुदायों को भी इस संस्थान में बराबरी का अधिकार है. यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने दिया है. इस बेंच में 7 जज शामिल थे जिसमें से 4 ने पक्ष में और 3 ने विपक्ष में फैसला सुनाया. इस फैसले को देते हुए मामले को 3 जजों की रेगुलर बेंच को भेज दिया गया है. इस बेंच को यह जांच करनी है कि एएमयू की स्थापना अल्पसंख्यकों ने की थी क्या? सीजेआई ने क्या कहा? सीजेआई ने कहा कि अनुच्छेद 30ए के तहत किसी संस्था को अल्पसंख्यक माने जाने के मानदंड क्या हैं? किसी भी नागरिक द्वारा स्थापित शैक्षणिक संस्थान को अनुच्छेद 19(6) के तहत विनियमित किया जा सकता है. अनुच्छेद 30 के तहत अधिकार निरपेक्ष नहीं है. अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान के विनियमन की अनुमति अनुच्छेद 19(6) के तहत दी गई है, बशर्ते कि यह संस्थान के अल्पसंख्यक चरित्र का उल्लंघन न करे. सीजेआई ने कहा कि धार्मिक समुदाय कोई संस्था स्थापित कर सकता है, लेकिन उसका एडमिनिस्ट्रेशन नहीं कर सकता. एक तर्क ये भी है कि विशेष कानून के तहत जिन संस्थानों की स्थापना हो उनको अनुच्छेद 31 के तहत कंवर्ट नहीं किया जा सकता. क्या है इतिहास और क्या है विवाद? अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्थापना 1875 में सर सैयद अहमद खान द्वारा 'अलीगढ़ मुस्लिम कॉलेज' के रूप में की गई थी, जिसका उद्देश्य मुसलमानों के शैक्षिक उत्थान के लिए एक केंद्र स्थापित करना था. बाद में, 1920 में इसे विश्वविद्यालय का दर्जा मिला और इसका नाम 'अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय' रखा गया. एएमयू अधिनियम 1920 में साल 1951 और 1965 में हुए संशोधनों को मिलीं कानूनी चुनौतियों ने इस विवाद को जन्म दिया. सुप्रीम कोर्ट ने 1967 में कहा कि एएमयू एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है. लिहाजा इसे अल्पसंख्यक संस्थान नहीं माना जा सकता. कोर्ट के फैसले का अहम बिंदू यह था कि इसकी स्थापना एक केंद्रीय अधिनियम के तहत हुई है ताकि इसकी डिग्री की सरकारी मान्यता सुनिश्चित की जा सके. अदालत ने कहा कि अधिनियम मुस्लिम अल्पसंख्यकों के प्रयासों का परिणाम तो हो सकता है लेकिन इसका यह मतलब कतई नहीं है कि विश्वविद्यालय की स्थापना मुस्लिम अल्पसंख्यकों ने की थी. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2005 में संशोधन को किया खारिज सर्वोच्च अदालत के इस फैसले ने एएमयू की अल्पसंख्यक चरित्र की धारणा पर सवाल उठाया. इसके बाद देशभर में मुस्लिम समुदाय ने विरोध प्रदर्शन किए जिसके चलते साल 1981 में एएमयू को अल्पसंख्यक का दर्जा देने वाला संशोधन हुआ. साल 2005 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 1981 के एएमयू संशोधन अधिनियम को असंवैधानिक करार देते हुए इसे रद्द कर दिया. 2006 में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी. फिर 2016 में केंद्र ने अपनी अपील में कहा कि अल्पसंख्यक संस्थान की स्थापना एक धर्मनिरपेक्ष राज्य के सिद्धांतों के विपरीत है. साल 2019 में तत्कालीन CJI रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने मामले को सात जजों की बेंच के पास भेजा था, जिस पर आज फैसला आया है.   recent visitors 66

खारुन नदी तट पर छठी मैया की मंगल आरती में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज शाम यहां राजधानी रायपुर के महादेव घाट पर आयोजित छठ महापर्व कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी को छठ पर्व की शुभकामनाएं दी और कहा कि सूर्य आराधना छठ पूजन मानव को प्रकृति से जोड़ने का पर्व है। मुख्यमंत्री साय खारुन नदी तट पर छठी मैया की मंगल आरती में भी शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन छठ पर्व आयोजन समिति महादेव घाट द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छठ महापर्व के इस कार्यक्रम में आकर मैं स्वयं को बहुत सौभाग्यशाली अनुभव कर रहा हूँ। इस भव्य आयोजन के लिए मैं आयोजन समिति को बहुत बहुत बधाई देता हूँ। छठ महापर्व की प्रतीक्षा उपासक वर्ष भर करते हैं। इस महापर्व पर दूर-दूर से लोग चाहे कहीं भी रह कर काम कर रहे हों, वे छठ पूजा में शामिल होने पहुंचते हैं। सरकार के द्वारा भी छठ पर विशेष रेल आदि परिवहन की व्यवस्था की जाती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सूर्य भगवान की उपासना के इस पर्व में कठिन व्रत रखा जाता है। हमारी माताएं-बहनें निर्जला उपवास रखती हैं। छठ महापर्व हमें प्रकृति से भी जोड़ता है। नदी, तालाब आदि जल-स्त्रोत के करीब घाटों पर छठ की पूजा होती है, इस तरह इस पर्व में हम प्रकृति के समीप पहुंचते हैं। छठ पर्व पर हमें नदी और तालाब जैसे हमारे जल-स्त्रोतों के भी संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लेना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आज दिवंगत गायिका श्रीमती शारदा सिन्हा को भी श्रद्धांजलि देना चाहूंगा। उनके छठ गीतों को हमारी पूरी पीढ़ी ने सुना है। मैं छठी मैया और सूर्य भगवान से सभी छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करता हूँ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि  जिन पंचमहाभूतों से हमारे शरीर का निर्माण हुआ है उनकी पूजा इस पर्व में होती है। छठ महापर्व ऐसा पर्व है जिसमें उगते सूर्य के साथ अस्त होते सूर्य को भी अर्घ्य दिया जाता है। सभी के ऊपर छठी माई की कृपा बनी रहे। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पिछले 10-15 सालों से महादेव घाट समिति द्वारा लगातार छठ पूजा का आयोजन किया जा रहा है। छठ में अस्त होते सूर्य की आराधना हमें जीवन जीने का तरीका सिखाती है। इस पर्व का संदेश है कि जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव से हमें कभी परेशान नहीं होना चाहिए। मैं सभी को छठ की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।   इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरन्दर मिश्रा, संपत अग्रवाल, अनुज शर्मा, पूर्व सांसद सुनील सोनी, स्वामी राजीवलोचन जी महाराज, रामप्रताप सिंह, संजय श्रीवास्तव, पंकज शर्मा, छठ समिति महादेव घाट के सदस्यगण व बड़ी संख्या में उपासक उपस्थित रहे। recent visitors 46