उत्तर कोरिया के 10 हजार सैनिक यूक्रेन की जंग में उतारा, इंटरनेट मिलने पर ले रहे एडल्ट फिल्में के मजे

मॉस्को नॉर्थ कोरिया एक ऐसा देश है, जहां तानाशाही अपने चरम पर है और हर तरफ कड़ी पाबंदियां हैं. फ्रीडम ऑफ स्पीच, इंटरनेट का इस्तेमाल, यूट्यूब जैसे साधारण लगने वाले हक भी वहां सीमित हैं. अब जरा सोचिए, जब ऐसे माहौल में पले-बढ़े किसी शख्स को पहली बार इंटरनेट की आजादी मिले, तो वह क्या करेगा? रूस में तैनात नॉर्थ कोरिया के सैनिकों के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जहां उन्हें बिना किसी रोक-टोक इंटरनेट का इस्तेमाल करने का मौका मिला और इसका नतीजा खूब चर्चा में है. नॉर्थ कोरिया के कुछ सैनिक, जो इस समय रूस में तैनात हैं, इंटरनेट पर एडल्ट कंटेंट देखने में काफी मशगूल हैं. एक पत्रकार के दावे के मुताबिक, ये सैनिक अपनी ड्यूटी के बाद इंटरनेट पर एडल्ट वीडियो देखकर अपनी थकान मिटा रहे हैं. नॉर्थ कोरिया में इंटरनेट का इस तरह खुला इस्तेमाल मुमकिन नहीं है, रूस में यह उन्हें पहली बार मिला है और इसका खूब फायदा उठा रहे हैं. क्या है मामला? फाइनेंशियल टाइम्स के विदेशी मामलों के पत्रकार गिडियन राचमैन ने X पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा कि एक भरोसेमंद स्रोत के मुताबिक, रूस में तैनात नॉर्थ कोरियाई सैनिकों को पहली बार बिना रोक-टोक इंटरनेट का इस्तेमाल करने का मौका मिला.  वे एडल्ट कंटेंट देख रहे हैं. इस पोस्ट को 57 लाख से ज्यादा बार देखा गया है. हालांकि, राचमैन ने अपने सोर्स का खुलासा नहीं किया. इस पर अमेरिकी आर्मी के लेफ्टिनेंट कर्नल चार्ली डीट्ज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस बारे में पुष्टि नहीं कर सकते कि उत्तर कोरियाई सैनिक रूस में इंटरनेट पर क्या देख रहे हैं. 'नॉर्थ कोरियाई सैनिकों में भी होता है टेस्टोस्टेरोन' सोशल मीडिया पर इस स्थिति को लेकर लोगों ने मजाकिया कमेंट्स किए. एक यूजर ने लिखा-अभाव में रहने वाले को जब अचानक आजादी मिलती है, तो यही होता है. वहीं, किसी और ने कहा-आखिरकार, नॉर्थ कोरियाई लोगों का भी टेस्टोस्टेरोन है, भले ही वे एक तानाशाह के साए में जी रहे हों. उन्हें भी अपनी जिंदगी जीने का हक मिलना चाहिए.   recent visitors 74

मप्र और राजस्थान के बीच चीता संरक्षण परियोजना को सुचारू रूप से संचालित करने एक संयुक्त प्रबंधन समिति का गठन किया

भोपाल मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच चीता संरक्षण परियोजना को सुचारू रूप से संचालित करने और चीता कॉरिडोर के विकास के लिए दोनों राज्यों ने एक संयुक्त प्रबंधन समिति का गठन किया है। यह समिति चीता के संरक्षण, पर्यटन संभावनाओं और क्षेत्रों के विकास के लिए विस्तृत योजना बनाएगी। साथ ही, यह हर तीन माह में अपनी रिपोर्ट दोनों राज्यों की सरकारों को सौंपेगी। इस समिति के संयुक्त अध्यक्ष मध्यप्रदेश और राजस्थान के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य-जीव अभिरक्षक होंगे। अन्य सदस्य के रूप में चीता प्रोजेक्ट के निदेशक, क्षेत्र संचालक/संचालक, वन्य-प्राणी विशेषज्ञ, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि और भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून द्वारा नामांकित प्रतिनिधि होंगे। समिति मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच चीता परियोजना कॉरिडोर के लिए एमओयू का मसौदा तैयार करेगी। यह कॉरिडोर चीतों के सुरक्षित भ्रमण और उनके संरक्षण के लिए विकसित किया जाएगा। समिति कूनो और रणथंबौर क्षेत्रों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में पर्यटन के लिए नए मार्गों का मूल्यांकन करेगी। यह पर्यटन के अवसरों को बढ़ावा देने के साथ-साथ चीतों के संरक्षण में भी सहायक होगा। समिति उन अधिकारियों और फ्रंट-लाइन कर्मचारियों के क्षमता निर्माण पर भी ध्यान देगी, जो कूनो से राजस्थान तक मौजूदा कॉरिडोर में चीतों की निगरानी और गश्त में शामिल हैं। इससे चीतों की सुरक्षा और संरक्षण में सुधार आएगा। कूनो और गांधी सागर अभ्यारण्य क्षेत्रों से चीतों के भविष्य के माइग्रेशन के लिए उपयुक्त क्षेत्रों का विकास भी समिति के कार्यक्षेत्र में शामिल रहेगा। इसके लिए प्रि-औगमेंटेशन बेस तैयार कर सुधारात्मक उपाय किए जाएंगे। recent visitors 113

छत्तीसगढ़ देश के लिए एक मिसाल, यहां विकास के नये कीर्तिमान बन रहे : उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़

  रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव के समापन तथा राज्य अलंकरण समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए सबकी भागीदारी की जरूरत है। इसमें छत्तीसगढ़ का योगदान बढ़चढ़कर होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के लिए एक मिसाल, यहां मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकास के नये कीर्तिमान बन रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने राज्य अलंकरण से सम्मानित सभी विभूतियों कोे बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के 36 सम्मान, जिन्हें देखकर मुझे ऊर्जा मिली है। उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि जब शताब्दी ने पलटी खाई तो छत्तीसगढ़ का उदय हुआ, ये यात्रा यहां तक आ गई है। इसके लिए बहुत शुभकामनाएं देता हूँ, छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया, पुरानी कहावत है आज भी कानों में गूंजती है। आप सभी इस कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं। इस समारोह में आकर मेरा मन गौरव से भर गया है। छत्तीसगढ़ की पावन धरती समृद्ध सांस्कृतिक जीवन का दस्तावेज है। राष्ट्र के प्रति समर्पण और भारतीयता हमारी पहचान है। वर्ष 2000 में इस राज्य को विशिष्ट पहचान मिली। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को इस अवसर पर याद न करें तो बड़ी चूक होगी। उनकी याद सदैव आती है। राष्ट्रहित पर वे हमेशा अटल और मानवीय भावनाएं के विषय में बहुत कोमल थे। राजनीति में उन्होंने ऐसी सर्जरी की कि किसी को पीड़ा नहीं हुई और तीन राज्य बनाए, मैं उन्हें नमन करता हूँ। आपने पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री को बुलाकर एक बड़ा मापदंड हासिल किया, इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बधाई के पात्र हैं। अटल जी ने जो कारीगरी की, उसमें कोई दर्द नहीं था। भाई चारा था। अगले साल छत्तीसगढ़ अपने स्वर्ण युग में प्रवेश करेगा इसका सुखद समन्वय भारत के अमृत काल के साथ हो रहा है। हमें अपनी गौरवमयी विरासत को नहीं भूलना चाहिए। यह मौका है हमारे महापुरुषों को याद करने का। आज जब हम अमृतकाल मना रहे हैं। मुझे और आपको गर्व है कि जिन लोगों ने अपना बलिदान किया, उन्हें दूर दूर जाकर हम उन्हें नमन कर रहे हैं। उनके समक्ष नतमस्तक हो रहे हैं। भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीरनारायण सिंह जैसे लोगों  ने विषम हालात में स्वतंत्रता की ज्योति को जलाये रखा, हम उन्हें हमेशा स्मरण करते हैं और इसके लिए जनजातीय दिवस मना रहे हैं। इन महापुरुषों ने निःस्वार्थ भाव से समाज की सेवा की। इस मौके पर आपको मैं चिंतन और मंथन के लिए भी आग्रह करूंगा। सेवा निःस्वार्थ होना चाहिए, इसमें कोई स्वार्थ नहीं होना चाहिए। निःस्वार्थ सेवा के नाम पर या आड़ पर हमारी श्रद्धा को परिवर्तन करने का प्रयास किया जा रहा है। हमारी संस्कृति हजारों साल पुरानी है उस पर प्रहार किया जा रहा है। इस पर हमें सजग होना चाहिए। यह धनबल के आधार पर हो रहा है। भोलेपन के आधार पर हो रहा है। भारत की आत्मा को जीवंत रखने के लिए ऐसी ताकतों को कुचलने की आवश्यकता है। आपसे आग्रह है कि इनसे सचेत रहिये। इन प्रयत्नों में खासतौर पर हमारे आदिवासियों भाइयों को निशाना बनाया जाता है। हमारे भारत की संस्कृति सबको समेटने वाली संस्कृति है। इस विशेषता को बरकरार रखना है। इस राज्य के युवाओं के लिए एक और चिंता का कारण है जिस पर यह सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने नक्सलवाद से लड़ने का काम किया है। सरकार की सकारात्मक नीतियों की वजह से युवाओं को अनेक अवसर मिल रहे हैं। राज्य की गति और देश की प्रगति में बड़ा जुड़ाव है। राज्य की प्रगति और देश की प्रगति एक दूसरे की पूरक है। भारत की विकास यात्रा ने दुनिया को चमत्कृत कर दिया है। दुनिया हमारी तकनीकी प्रगति को देखकर दांतों तले  उंगली दबा रही है। मेरे मन में शंका नहीं है कि छत्तीसगढ़ का देश की प्रगति में बड़ा योगदान रहेगा। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा बेहद समृद्ध है। इस राज्य में अनेक संभावनाएं हैं। इस ओर ध्यान दिया जा रहा है। नतीजे भी अच्छे आ रहे हैं। यहां की खनिज संपदा जैसे बस्तर का लौह अयस्क, कोरबा का कोयला भारत के औद्योगिक विकास की प्राणवायु है। इस भूमि को धान का कटोरा कहा जाता है। यह राष्ट्र के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। एक बात मैं जरूर ध्यान दूंगा और आपसे भी आग्रह करूंगा कि राज्य का हित राष्ट्रीय दृष्टिकोण से देखना होगा, राज्य का हित राष्ट्र के हित से अलग नहीं है। प्रदेश के निरंतर विकास के लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को बधाई देना चाहता हूँ। संविधान दिवस ज्यादा समय दूर नहीं है। आज के नवयुवकों को याद दिलाना चाहूंगा। संविधान हमारी महत्वपूर्ण आधारशिला है इस पर हमारा भविष्य टिका है। संविधान दिवस हर वर्ष 26 नवंबर को मनाया जाता है। हर नागरिक को संविधान की अहमियत का एहसास होना चाहिए। इसके आदर्शों का पालन हमारी जिम्मेदारी है। संविधान से खिलवाड़ के हर प्रयास को कुंठित करना चाहिए। आपातकाल देश का काला क्षण था। 21 महीनों तक अधिकारों पर विराम लग गया। हालात इतने भयावह थे कि प्रजातांत्रिक मूल्य नजर तक नहीं आ रहे थे। लाखों लोगों को जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया था। इस भयावह कालखंड की जानकारी आज की पीढ़ी को होनी चाहिए। इस राज्य में आईआईटी है। आईआईएम है। जिस पेशे से मैं जुड़ा हूँ उससे भी जुड़ा  हुआ विश्वविद्यालय है जो बहुत प्रतिष्ठित है। राज्य का युवा, महिला एवं हर वर्ग अपना योगदान दे सके, अपना उज्ज्वल भविष्य बना सके, ऐसी नीतियां छत्तीसगढ़ में तैयार हो रही है। यहां प्रशासनिक पारदर्शिता आई है। समाज के हर वर्ग को सशक्त करने का प्रयास हुआ है। राज्य ने हाल ही में एक उद्योग नीति बनाई है इससे नवयुवकों की आशाएं फलीभूत होंगी। केंद्र और राज्य ने युवाओं के लिए इतनी योजनाएं  शुरू की हैं कि युवा अपने उद्यम से अन्य लोगों को भी लाभ दे सकते हैं। इस मौके पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि मैं असम प्रदेश से आता हूं। यह हरा-भरा प्रदेश है। छत्तीसगढ़ और असम राज्य में कई समानताएं … Read more

सायबर धोखाधड़ी से लोगों को बचाने के लिए सघन जागरूकता अभियान चले, राज्यस्तरीय कॉल सेंटर बनेगा: मुख्यमंत्री

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के दुरुपयोग से बचने के लिए पुलिस को सतर्क रहने के लिए कहा है। मंत्रालय में गृह विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस को 'फ्यूचर रेडी' यानी भविष्य के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। इसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी की अद्यतन तकनीकों का उपयोग किया जाए। प्रत्येक थाने में सायबर डेस्क, हर जिले में सायबर थाना और राज्य स्तर पर कॉल सेंटर बनाया जाए। सायबर धोखाधड़ी से लोगों को बचाने के लिए सघन जागरूकता अभियान चले। हाल ही में बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में वन्य पशुओं की गतिविधियों से जन जीवन प्रभावित होने या जन हानि की आशंका है वहां वन विभाग से समन्वय और सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हुए पुलिस सक्रिय रहे। पुलिस सोशल मीडिया पर निगरानी रखे मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सोशल मीडिया पर चलने वाली गतिविधियों और मैसेज आदि पर निगरानी रखे। भ्रामक, गलत खबर फैलाने वालों पर त्वरित कार्रवाई करें। कानून-व्यवस्था के साथ अन्य भ्रामक खबरों के बारे में संबंधित विभाग को तथ्यों की जांच करने के लिए कहें जिससे वस्तुस्थिति पता चल सके। नए क्रिमिनल कोड के संबंध में प्रशिक्षण दें। प्रत्येक प्रकरण की जांच और चालान प्रस्तुत करने के लिए आवश्यकतानुसार पेन ड्राइव, टेबलेट इत्यादि पुलिस स्टाफ को उपलब्ध कराने विभागीय स्तर पर बजट प्रविधान किया जाए। प्रत्येक संभाग में एफएसएल लैब बने। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन व अन्य अधिकारी उपस्थित थे। ये भी दिए निर्देश एडीजी स्तर के अधिकारी नियमित रूप से संभाग स्तर पर दौरे और अपराधों की समीक्षा करें। उज्जैन में महाकाल मंदिर क्षेत्र के प्रबंधन के लिए मंदिर क्षेत्र में थाना स्थापित करें। महिला अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष प्रयास और महिला सशक्तीकरण पर केंद्रित गतिविधियां चलाएं। नाबालिग बालिकाओं के साथ दुष्कर्म के आरोपितों को कठोरतम दंड दिलाना सुनिश्चित करें। गुम बालिकाओं की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चले। संदिग्ध हुक्काबार, नाइट क्लब आदि पर भी निगरानी बढ़ाएं। नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए पड़ोसी राज्यों से समन्वय कर अंतरराज्यीय गिरोहों के विरुद्ध अभियान चलाएं। नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कड़ी निगरानी की जाए। पुलिसकर्मी और अधिकारी को स्वयं का आवास निर्मित करने के लिए विभाग की ओर से दी जाने वाली अनुमति और ऋण व्यवस्था की प्रक्रिया सरल बनाएं। समयबद्ध पदोन्नति हो। गौ-तस्करों पर भी कठोर कार्रवाई की जाए। मार्च 2026 तक नक्सली गतिविधियों को पूरी तरह से खत्म करें बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नक्सल विरोधी अभियान संबंधी बैठक में मार्च-2026 तक नक्सल गतिविधियों को पूर्णत: समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। इस लक्ष्य को पाने के लिए प्रदेश के संभावित नक्सल क्षेत्र में सघन आपरेशन चलाया जाए। आवश्यकतानुसार हाकफोर्स की भर्ती की जाए। recent visitors 65

छत्तीसगढ़ के 36 अलंकरण से विभूतियों एवं संस्थाओं को उप राष्ट्रपति धनखड़ ने किया सम्मानित

रायपुर उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड ने आज छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के राज्य अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ के 36 अलंकरण से विभिन्न क्षेत्रों से उत्कृष्ट योगदान देने वाले 37 विभूतियों एवं 4 संस्थाओं को सम्मानित किया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने समारोह की अध्यक्षता की। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह उपस्थित रहे।    राजधानी नवा रायपुर में राज्योत्सव के तीसरे दिन राज्य की महान विभूतियों के नाम से अलंकरण प्रदान करने समारोह का आयोजन किया गया। राज्य अलंकरण समारोह में उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा आदिवासी पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए शहीद वीरनारायण सिंह पुरस्कार श्री बुटलू राम माथरा को प्रदान किया। इसी प्रकार सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिया जाने वाला अहिंसा एवं गौ-रक्षा के क्षेत्र में यति यतनलाल सम्मान मनोहर गौशाला खैरागढ़, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गुण्डाधूर सम्मान सुश्री छोटी मेहरा, खेल (तीरंदाजी) के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान श्री विकास कुमार को प्रदान किया गया। इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिला उत्थान के क्षेत्र में मिनीमाता सम्मान के लिए सतनामी महिला समिति कोहका जिला दुर्ग को, महिलाओं में वीरता, शौर्य, साहस तथा आत्मबल को सशक्त बनाने के लिए वीरांगना रानी अवंतिबाई लोधी स्मृति पुरस्कार श्रीमती अदिती कश्यप और महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष, नारी उत्थान के लिए माता बहादुर कलारिन सम्मान कुमारी चित्ररेखा सिन्हा, आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा सामाजिक चेतना और दलित उत्थान के क्षेत्र में गुरू घासीदास सम्मान श्री राजेन्द्र रंगीला (गिलहरे), सहकारिता विभाग द्वारा सहकारिता के क्षेत्र में ठाकुर प्यारेलाल सम्मान श्री शशिकांत द्विवेदी को प्रदान किया गया। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम जशपुरनगर, जिला जशपुर, संस्कृति विभाग द्वारा हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए पंडित सुन्दरलाल शर्मा सम्मान डॉ. सत्यभामा आडिल, संस्कृति विभाग द्वारा संगीत एवं कला के क्षेत्र में चक्रधर सम्मान पं. श्री सुधाकर रामभाऊ शेवलीकर को प्रदान उप राष्ट्रपति श्री धनखड़ ने प्रदान किया। संस्कृति विभाग द्वारा लोककला एवं शिल्प के क्षेत्र में दिया जाने वाला दाऊ मंदराजी सम्मान श्री पंडीराम मंडावी को प्रदान किया गया। संस्कृति विभाग द्वारा ही छत्तीसगढ़ी लोकगीत के लिए लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान श्रीमती निर्मला ठाकुर (बेलचंदन) और छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के लिए खुमान साव सम्मान श्री दुष्यंत कुमार हरमुख, कृषि विभाग द्वारा कृषि के क्षेत्र में डॉ. खूबचंद बघेल सम्मान संयुक्त रूप से श्री शिवकुमार चंद्रवंशी और श्री खेमराज पटेल को प्रदान किया गया। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए महाराजा अग्रसेन सम्मान श्री सियाराम अग्रवाल, समाज कल्याण विभाग द्वारा दानशीलता, सौहार्द्र एवं अनुकरणीय सहायता के क्षेत्र में दानवीर भामाशाह सम्मान श्री सुभाष चंद अग्रवाल, मत्स्य विभाग द्वारा मछली पालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए श्रीमती बिलासाबाई केंवटीन मत्स्य विकास पुरस्कार श्री विनोद दास को उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने प्रदान किया।   आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा आदिवासियों की सेवा और उत्थान के क्षेत्र में दिया जाने वाला भंवर सिंह पोर्ते सम्मान छत्तीसगढ़ आदिवासी कल्याण संस्थान अनुपम नगर रायपुर को प्रदान किया गया। श्रम विभाग द्वारा श्रम के क्षेत्र में महाराजा रामानुज प्रताप सिंहदेव पुरस्कार संयुक्त रूप से सुरेन्द्र कुमार राठौर, श्री शोभा सिंह एवं श्री ललित कुमार नायक को प्रदान किया गया। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा अपराध अनुसंधान क्षेत्र में पंडित लखन लाल मिश्र सम्मान श्री रामनरेयश यादव, ग्रामोद्योग विभाग द्वारा बुनकर क्षेत्र में बिसाहूदास महंत पुरस्कार संयुक्त रूप से श्री पन्नालाल देवांगन और श्री बहोरी लाल देवांगन को उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने प्रदाय किया। ग्रामोद्योग विभाग द्वारा बुनकर के क्षेत्र में राजराजेश्वरी करूणामाता हाथकरघा प्रोत्साहन पुरस्कार संयुक्त रूप से श्री सत्यनारायण देवांगन एवं श्री अरूण मेहर को प्रदान किया गया। संस्कृति विभाग द्वारा प्रदर्शनकारी लोककला क्षेत्र में देवदास बंजारे स्मृति पुरस्कार श्री भगत गुलेरी, संस्कृति विभाग द्वारा लोक शैली पंथी नृत्य प्रदर्शनकारी कला क्षेत्र में देवदास स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार श्री साधे लाल रात्रे, संस्कृति विभाग द्वारा हिन्दी-छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय, पटकथा, निर्माण के क्षेत्र में किशोर साहू सम्मान श्री प्रकाश अवस्थी, संस्कृति विभाग द्वारा ही हिन्दी-छत्तीसगढ़ी सिनेमा में निर्देशन के लिए दिया जाने वाला किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण श्री सतीश जैन को प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा तथा शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए धनवन्तरि सम्मान डॉ. मनोहर लाल लहेजा को प्रदान किया गया। विधि एवं विधायी विभाग द्वारा विधि के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान संयुक्त रूप से श्री सुरेन्द्र तिवारी और श्री प्रकाश चंद्र पंत को, संस्कृति विभाग द्वारा देश के बाहर सामाजिक कल्याण, मानव संसाधन विकास, कला, साहित्य अथवा आर्थिक योगदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान श्री आनंद कुमार पांडे, संस्कृति विभाग द्वारा साहित्य, आंचलिक साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार डॉ. पीसी लाल यादव को उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने प्रदान किया। जनसंपर्क विभाग द्वारा पत्रकरिता प्रिंट मीडिया हिन्दी के क्षेत्र में चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार श्री भोलाराम सिन्हा, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (हिन्दी) के क्षेत्र में श्री मोहन तिवारी, प्रिंट मीडिया (अंग्रेजी) के क्षेत्र में मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार श्री मुकेश एस. सिंह, रचनात्मक लेखन और हिन्दी भाषा क्षेत्र में प्रदाय किए जाने वाले पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान श्री अतुल जैन को प्रदान किया गया। recent visitors 87

छत्तीसगढ़ का राज्योत्सव : एक्स पर देशभर में दूसरे नंबर पर कर रहा ट्रेंड

    एक्स पर छाया रहा छत्तीसगढ़ राज्योत्सव- 2024 रायपुर,  सोशल मीडिया एप एक्स पर आज छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2024 देशभर में दूसरे नंबर पर ट्रेंड करता रहा है। तीन दिवसीय इस राज्योत्सव का भव्य आयोजन 4 नवम्बर से 6 नवम्बर तक राज्योत्सव स्थल, नया रायपुर अटल नगर में किया गया, जहां देश के सुप्रसिद्ध कलाकारों ने छत्तीसगढ़ आकर अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं। भारत के उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनकड़, राज्यपाल श्री रमेन डेका,मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह की मौजूदगी में समापन अवसर पर राज्य अलंकरण पुरस्कार भी दिए गए । राज्योत्सव में हुई सभी प्रस्तुतियों की लाइव स्ट्रीमिंग देश-विदेश के लोगों ने देखा और बढ़-चढ़कर राज्योसव के सभी कार्यक्रमों का हिस्सा भी बने। आज देशभर में दिन भर सोशल मीडिया एप एक्स पर छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2024 ट्रेंड करता रहा। गौरतलब है कि आज राज्य अलंकरण समारोह एवं राज्योत्सव के समापन अवसर पर उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ बतौर मुख्य आतिथ्य शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल श्री रमेन डेका ने की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं राज्य स्थापना दिवस का उद्घाटन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया था। recent visitors 75

CM डॉ मोहन की अध्यक्षता में वनाधिकार व पेसा कानून के लिए 13 सदस्यों की बनी समिति

भोपाल मध्यप्रदेश में वन अधिकार अधिनियम (FRA) और पेसा कानून (PESA) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गठित टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में टास्क फोर्स बनाया गया है। पंचायत एंव ग्रामीण विकास विभाग मंत्री प्रहलाद पटेल, जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री विजय शाह, वन मंत्री रामनिवास रावत उपाध्यक्ष बनाए गए है। एमपी के मुख्य सचिव अनुराग जैन पदेन सदस्य सचिव होंगे। कुल 13 सदस्यों की टास्क फोर्स का गठन किया है। इस समिति का कार्यकाल दो साल के लिए होगा। आइए जानते है इस टास्क फोर्स समिति का काम क्या होगा…     मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार साल में दो बार शीर्ष समिति की बैठक करना।     मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार कार्यकारी समिति की बैठक बुलाई जा सकेगी।     राज्य में वर्तमान में चिन्हान्कित वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) में सीएफआरआर प्रावधानों की संभावित क्षेत्रों (potential area) के मैपिंग की जिलेवार सूची तैयार करना।     अन्य संभावित क्षेत्रों के चिन्हांकन के लिए संस्तुति प्रदान करना।     राज्य में वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) में सीएफआरआर प्रावधानों के संभावित क्षेत्रों के लंबित प्रकरणों का जिलेवार आकलन करना।     राज्य में पेसा और वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) में सीएफआरआर प्रावधानों के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन के संबद्धित विभाग/विभागों एवं एफआरए संबंधित विषयों के लिए डीएलसी (DLC) और पेसा संबंधित विषयों के लिए जिला पंचायतों को संभावित रणनीतियों और कार्य योजना के लिए अनुशंसाएं प्रदान करना।     प्रस्तावित अनुशंसाओं के प्रशासकीय अनुमोदन के बाद, कार्य योजना एवं समय सीमा के अनुसार बिंदुवार क्रियान्वयनित कार्यों का मूल्यांकन और पर्यवेक्षण करना।     राज्य में वन अधिकार अधिनियम (FRA) और पेसा (PESA) कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए अन्य उपाय या अनुशंसाएं, जैसा टास्कफोर्स उचित समझें।   recent visitors 62