राजधानी भोपाल में भीषण हादसा, दो MBBS स्टूडेंट्स की मौत

भोपाल समर्थ पाटीदार (24) और रोमिल शाक्य (24), 100 की स्पीड में थी बाइक, मोड़ पर खोया कंट्रोल डिवाइडर से टकराते ही बाइक के परखच्चे उड़े, दोनों की मौत। रफ्तार के शौक ने राजधानी भोपाल के मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे फाइनल ईयर के दो छात्रों की जान ले ली। सोमवार रात 3.30 बजे महावीर मेडिकल कॉलेज के छात्र रोमिल शाक्य (24) और समर्थ पाटीदार (24) परवलिया मुबारकपुर जोड़ स्थित ढाबे से खाना खाकर बिना हेलमेट लौट रहे थे। रोमिल स्पोर्ट्स बाइक चला रहा था। समर्थ पीछे बैठा था। 100 की रफ्तार में एयरपोर्ट रोड से एयरोसिटी वाली सड़क पर बाइक पहुंची तो मोड़ पर अनियंत्रित हो गई। बाइक डिवाइडर पर लगे करीब 6 इंच मोटे कनेर के पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि रोमिल 10 फीट दूर जाकर गिरा। कनेर का पेड़ भी टूट गया। रोहित दूसरी ओर फेंकाया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि बाइक कई टुकड़ों में बंट गई। हैंडिल तक अलग हो गया। राहगीरों ने देखा और डायल-100 को सूचना दी। जब तक पुलिस पहुंची, दोनों मेडिकल छात्रों की सांसें थम चुकी थीं। बेटे की मौत से टूटे पिता, सपने रह गए अधूरे समर्थ बड़वानी जिले का रहने वाला था। यहां महावीर मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहा था। पिता राकेश पाटीदार किसान हैं। बेटे की मौत की खबर से वे टूट गए। उनके मुंह से यही निकला कि अब बेटा डॉक्टर बनने वाला था। वह परिवार के सपने पूरे करता। अब सब अधूरे रह गए। उसका साथी रोमिल मूलत: ग्वालियर का रहने वाला है। उसके पिता बीपी शाक्य नर्मदा प्रोजेक्ट में महेश्वर में सब इंजीनियर हैं। परिवार इंदौर में रहता है। बिना हेलमेट फर्राटे, कई परिवार उजड़ गए 7 सितंबर: भोपाल में नेहरू नगर चौराहे पर तेज रफ्तार कार ने मैनिट के स्कॉलर राहुल सिंह की बाइक को टकर मारी। हेलमेट नहीं पहना था, मौत। 23 जून: भोपाल में यश श्रीवास्तव, झल्ला जाट, संदीप नागर बाइक से जा रहे थे। गति तेज थी कि बाइक कमला पार्क स्थित चमेली वाले बाबा मजार से टकराई, तीनों की मौत। 19 सितंबर: भोपाल में चूनाभट्ठी में रॉन्ग साइड से बाइक चला रहा था। हेलमेट नहीं थी, कार ने टक्कर मारी, मौत 2023 में सड़क दुर्घटना में मप्र में 13,798 मौतें 2022 में कुल दुर्घटनाएं 4.61 लाख 2023 में 4.8 लाख। 2023 में सड़क हादसों में 2.8% वृद्धि, 13798 की मौत हर साल होने वाली मौतों में 60% लोगों की उम्र 18-34 साल 2022 में 1.68 लाख मौतें 2023 में 4.63 लाख मौतें   recent visitors 66

सायबर धोखाधड़ी से लोगों को बचाने के लिए सघन जागरूकता अभियान चले: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन

 भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के दुरुपयोग से बचने के लिए पुलिस को सतर्क रहने के लिए कहा है। मंत्रालय में गृह विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस को 'फ्यूचर रेडी' यानी भविष्य के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। इसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी की अद्यतन तकनीकों का उपयोग किया जाए। प्रत्येक थाने में सायबर डेस्क, हर जिले में सायबर थाना और राज्य स्तर पर कॉल सेंटर बनाया जाए। सायबर धोखाधड़ी से लोगों को बचाने के लिए सघन जागरूकता अभियान चले। हाल ही में बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में वन्य पशुओं की गतिविधियों से जन जीवन प्रभावित होने या जन हानि की आशंका है वहां वन विभाग से समन्वय और सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हुए पुलिस सक्रिय रहे। पुलिस सोशल मीडिया पर निगरानी रखे मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सोशल मीडिया पर चलने वाली गतिविधियों और मैसेज आदि पर निगरानी रखे। भ्रामक, गलत खबर फैलाने वालों पर त्वरित कार्रवाई करें। कानून-व्यवस्था के साथ अन्य भ्रामक खबरों के बारे में संबंधित विभाग को तथ्यों की जांच करने के लिए कहें जिससे वस्तुस्थिति पता चल सके। नए क्रिमिनल कोड के संबंध में प्रशिक्षण दें। प्रत्येक प्रकरण की जांच और चालान प्रस्तुत करने के लिए आवश्यकतानुसार पेन ड्राइव, टेबलेट इत्यादि पुलिस स्टाफ को उपलब्ध कराने विभागीय स्तर पर बजट प्रविधान किया जाए। प्रत्येक संभाग में एफएसएल लैब बने। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन व अन्य अधिकारी उपस्थित थे। ये भी दिए निर्देश     एडीजी स्तर के अधिकारी नियमित रूप से संभाग स्तर पर दौरे और अपराधों की समीक्षा करें।     उज्जैन में महाकाल मंदिर क्षेत्र के प्रबंधन के लिए मंदिर क्षेत्र में थाना स्थापित करें।     महिला अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष प्रयास और महिला सशक्तीकरण पर केंद्रित गतिविधियां चलाएं।     नाबालिग बालिकाओं के साथ दुष्कर्म के आरोपितों को कठोरतम दंड दिलाना सुनिश्चित करें। गुम बालिकाओं की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चले।     संदिग्ध हुक्काबार, नाइट क्लब आदि पर भी निगरानी बढ़ाएं। नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए पड़ोसी राज्यों से समन्वय कर अंतरराज्यीय गिरोहों के विरुद्ध अभियान चलाएं। नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कड़ी निगरानी की जाए।     पुलिसकर्मी और अधिकारी को स्वयं का आवास निर्मित करने के लिए विभाग की ओर से दी जाने वाली अनुमति और ऋण व्यवस्था की प्रक्रिया सरल बनाएं। समयबद्ध पदोन्नति हो।     गौ-तस्करों पर भी कठोर कार्रवाई की जाए। मार्च 2026 तक नक्सली गतिविधियों को पूरी तरह से खत्म करें बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नक्सल विरोधी अभियान संबंधी बैठक में मार्च-2026 तक नक्सल गतिविधियों को पूर्णत: समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। इस लक्ष्य को पाने के लिए प्रदेश के संभावित नक्सल क्षेत्र में सघन आपरेशन चलाया जाए। आवश्यकतानुसार हाकफोर्स की भर्ती की जाए। जनसंख्या के अनुपात में पुलिसबल की भर्ती होगी मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस अनुपात में पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त हो रहे हैं उस अनुपात में प्रतिवर्ष भर्ती की की जाए। प्रदेश की जनसंख्या के अनुपात में यदि अधिक पुलिस बल की आवश्यकता हो तो उसके अनुसार भर्ती करें। आगामी वर्षों में पुलिसकर्मी और हर स्तर पर पर्याप्त बल उपलब्ध हो और प्रदेश में काडर मैनेजमेंट व्यवस्थित बना रहे। श्रेष्ठ कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्यस्तरीय 'रूस्तमजी' पुरस्कार पुन: प्रारंभ करें। recent visitors 62

कलेक्टर गाइडलाइन में कीमतें बढ़ाने के प्रस्ताव को समिति ने दी मंजूरी, भोपाल को रखा होल्ड पर

भोपाल मध्यप्रदेश के 55 जिलों में 3500 लोकेशंस पर प्रॉपर्टी के रेट बढ़ा दिए गए हैं। कलेक्टर्स ने 1 लाख 12 हजार लोकेशंस पर प्रॉपर्टी पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज से सरकार की आमदनी बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजे थे। कलेक्टर गाइडलाइन में कीमतें बढ़ाने के प्रस्ताव को केंद्रीय मूल्यांकन समिति ने मंजूरी दे दी है। बड़े महानगरों में सबसे ज्यादा 3% की बढ़ोतरी इंदौर जिले में की गई है। भोपाल में फिलहाल कीमतें होल्ड पर हैं। डिप्टी सीएम के हस्तक्षेप से रुका भोपाल का फैसला भोपाल जिले की प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ाने के मामले में कलेक्टर भोपाल क्रेडाई (कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) की बैठक बुलाकर सुझाव देंगे, इसके बाद ही यहां कीमतें बढ़ाने का फैसला किया जाएगा। भोपाल की जमीन संबंधी कलेक्टर गाइडलाइन के मामले में यह निर्णय केंद्रीय मूल्यांकन समिति ने लिया है। दरअसल, डिप्टी सीएम और वित्त व वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा से भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक भोपाल दक्षिण पश्चिम भगवान दास सबनानी ने प्रॉपर्टी की कीमतें नहीं बढ़ाने की मांग की थी। इसके साथ ही भोपाल क्रेडाई ने भी इसका विरोध किया था और इसको लेकर सांसद, विधायक को पत्र लिखकर कहा था कि क्रेडाई का पक्ष नहीं सुना जाता है, इसलिए आईजी पंजीयन ने तय किया है कि पहले भोपाल कलेक्टर क्रेडाई का पक्ष सुनेंगे, इसके बाद जो प्रस्ताव वृद्धि के संबंध में भेजेंगे, उस पर विचार किया जाएगा। भोपाल की कुल 243 लोकेशन में प्रॉपर्टी के रेट 5 से 200% तक रेट बढ़ाने का प्रस्ताव फिलहाल होल्ड पर चला गया है। केंद्रीय मूल्यांकन कमेटी की मीटिंग से पहले बुधवार सुबह भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा से उनके आवास पर मुलाकात की। इससे बाद क्रेडाई सदस्यों भी वित्त मंत्री से मुलाकात करने पहुंचे। recent visitors 43

बैरागढ़ में 91 पिल्लरों पर खड़ा होगा एलिवेटेड डबल डेकर ब्रिज, भोपाल से इंदौर, उज्जैन की ओर सीधे गुजर सकेंगे वाहन

भोपाल  संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) मेन रोड पर प्रस्तावित प्रदेश के पहले एलिवेटेड डबल डेकर ब्रिज के पिलरो पर ही मेट्रों का बेस बन सकेगा। भविष्य में बैरागढ़ को मेट्रो रूट से जोड़ने की योजना है। पिलर पहले से ही तैयार होने के कारण मेट्रो चलाना आसान होगा। ब्रिज बनने से बैरागढ़ की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। लोक निर्माण विभाग ने एलिवेटेड ब्रिज का काम तेज कर दिया है।विधायक रामेश्वर शर्मा ने एलिवेटेड निर्माणाधीन डबल डेकर ब्रिज का अवलोकन किया। लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण यंत्री जावेद शकील ने उन्हें योजना के बारे में जानकारी दी। ब्रिज की लंबाई लगभग तीन किलोमीटर है। इसकी चौड़ाई 24 से 26 मीटर तक है। ऊंचाई करीब नौ मीटर रहेगी। विधायक ने निर्माण के दौरान कट प्वाइंट कम समय के लिए बंद करने को कहा ताकि व्यापारियों को कोई परेशानी नहीं हो। फिलहाल मेन रोड पर बैरिकेड लगाकर काम किया जा रहा है। कुछ हिस्से में बेरिकेड लगने के बाद वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। विधायक ने परेशानी दूर करने के निर्देश दिए। ब्रिज बनने से भोपाल से इंदौर एवं उज्जैन महाकाल जाने वाले वाहनों को आसानी होगी। बैरागढ़ उपनगर में प्रवेश किए बिना वाहन सीधे रवाना हो सकेंगे। हर 15 दिन में निरीक्षण, चार्ट बनेगा एलिवेटेड ब्रिज के निर्माण के लिए 306 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। केबिनेट की बैठक में इसकी प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू हुआ। इसकी समय सीमा 32 माह है, लेकिन विधायक रामेश्वर शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि पहला चरण 18 माह में पूरा कर लिया जाए, ताकि मेन रोड से आवाजाही आसान हो सके। उन्होंने कहा कि हर 15 दिन में निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण चार्ट भी बनेगा। ब्रिज निर्माण होने के कारण भोपाल-इंदौर के बीच चल रही बसें एवं बड़ी ट्रकों का रूट डायवर्ट किया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। निरीक्षण के दौरान भाजपा के मंडल अध्यक्ष कमल वीधानी, चंदूभाई इसरानी, किशन अच्छानी, पीडब्ल्यूडी के ओएसडी रवि शुक्ला एवं नगर निगम अधिकारी भी उपस्थित थे। संत हिरदारामजी की कुटिया के निकट भी मिक्स लेन में काम शुरू बैरागढ़ मेन रोड पर प्रस्तावित एलिवेटेड डबल डेकर ब्रिज 91 पिल्लरों पर खड़ा होगा। लोक निर्माण विभाग की निगरानी में मिट्टी की टेस्टिंग का काम पूरा हो गया है। सीहोर नाका एवं हलालपुर छोर के बाद अब संत हिरदारामजी की कुटिया के निकट तीसरे छोर पर भी काम शुरू कर दिया गया है। इसके निर्माण पर करीब 306 करोड़ रूपये खर्च होने का अनुमान है। ब्रिज का काम सिंगल पिल्लर सिस्टम के तहत किया जाएगा। भविष्य में इसी ब्रिज के ऊपर मेट्रो लेन बिछाई जा सकेगी। हलालपुर से सीहोर नाका स्थित विसर्जन घाट तक बीआरटीएस लेन हटाने के साथ ही इसका काम प्रारंभ किया गया था। पिल्लर खड़े करने से पहले साइल एवं पाइल टेस्टिंग की गई। टेस्टिंग के बाद प्रारंभिक काम किया जा रहा है। पिल्लर ख़ड़े करने की तैयारी की जा रही है। पिल्लर खड़े करने की शुरूआत सीहोर नाका एवं संतजी की कुटिया के पास होगी। पहले इस ब्रिज को संत हिरदारामजी की कुटिया से थोड़ा आगे सीवेज पंप हाउस से शुरू किया जााना था। अब इसे हलालपुर के निकट से शुरू किया जा रहा है। तीन जगह मिक्स लेन बंद हुई बीआरटीएस मार्ग के बीच में बनी मिक्स लेन वाले हिस्से को अब बेरिकेड रखकर बंद किया गया है। मिक्स लेन कुछ समय में पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है किबाकी दोनों लेन से ट्रेफिक पहले की तरह संचालित होगा। ब्रिज बनाने का काम प्रारंभ होने से व्यापारिक संगठन संभावित तोड़फोड़ से चिंतित थे। संत हिरदाराम मार्केट का कुछ हिस्सा टूटने की आशंका बनी हुई है लेकिन अधिकारियों का कहना है कि ब्रिज के लिए जितनी जगह चाहिए उतनी उपलब्ध है इसलिए तोड़फोड़ की संभावना नहीं है। ब्रिज की चौड़ाई करीब 26 मीटर रहेगी। यह काम लोक निर्माण विभाग की सेतू शाखा के माध्यम से किया जाएगा। भविष्य में ब्रिज के नीचे ही पार्किंग विकसित की जाएगी। recent visitors 166

मध्यप्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अगला रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव 7 दिसंबर को नर्मदापुरम में आयोजित किया जाएगा

भोपाल  मध्यप्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अगला रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव 7 दिसंबर को नर्मदापुरम में आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दी। यह छठा सम्मेलन होगा, जिसमें देश भर के प्रमुख उद्योगपति और निवेशक मुख्यमंत्री से आमने-सामने मिलेंगे और मध्यप्रदेश के किसी विशेष क्षेत्र के लिए निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए जाएंगे। जबलपुर में हुआ था पहला सम्मेलन पहला सम्मेलन जबलपुर में हुआ था, जो मध्यप्रदेश के महाकौशल क्षेत्र का केंद्र है। इसके बाद इंदौर और उज्जैन (मालवा-निमाड़ क्षेत्र), फिर सागर (बुंदेलखंड क्षेत्र) और आखिरी सम्मेलन रीवा में हुआ। मुख्यमंत्री ने उद्योग स्थापित करने के उद्देश्य से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सम्मेलनों का कॉन्सेप्ट शुरू किया है। संभावना है कि इससे राज्य की आर्थिक वृद्धि और रोजगार में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। क्या होता है सम्मेलन में इन सम्मेलनों के दौरान, राज्य सरकार ने व्यवसाय के लिए अपनी नीतियों पर प्रकाश डाला। इसमें मध्य प्रदेश में उद्योगपतियों को अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए आकर्षित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराना शामिल है। रीवा में मिले था 31 हजार करोड़ के निवेश के प्रपोजल मुख्यमंत्री ने पहले कहा कि फेस टू फेस बैठकों से उद्योगों को आवश्यक सुविधाएं देने में आने वाली कठिनाई या किसी भी परेशानी का तुरंत समाधान करने में मदद मिलती है। 23 अक्टूबर को रीवा में आयोजित पिछले सम्मेलन में, राज्य सरकार को 31,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इन निवेशों से पूरे राज्य में 28,000 से अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। ये रहे थे प्रमुख निवेश प्रमुख निवेश प्रस्ताव श्री सिद्धार्थ इंफ्राटेक (ग्रीनको) द्वारा अक्षय ऊर्जा के लिए 12,800 करोड़ रुपये, ऋत्विक प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पन्ना में अक्षय ऊर्जा के लिए 4,000 करोड़ रुपये और पतंजलि आयुर्वेद द्वारा वेलनेस और खाद्य प्रसंस्करण में 1,000 करोड़ रुपये के थे। इसके अतिरिक्त, अल्ट्राटेक सीमेंट ने 1000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा। मैहर में 3,000 करोड़ रुपये की सीमेंट इकाई और अडानी समूह की महान एनर्जीन लिमिटेड ने सिंगरौली जिले में कोयला ब्लॉक के लिए 2,528 करोड़ रुपये देने की प्रतिबद्धता जताई है। recent visitors 72

सभी जनजातीय विकासखंडों में ई-लाइब्रेरी प्रारंभ की तैयारी, डिजीटल बोर्ड लगाने के लिये विभाग द्वारा ठोस कार्यवाही शुरू

भोपाल जनजातीय कार्य विभाग के अधीन विशिष्ट श्रेणी की शिक्षण संस्थाओं की कक्षाओं में डिजीटल बोर्ड लगाये जायेंगे। इसके लिये विभाग द्वारा तेजी से कार्यवाही की जा रही है। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि डिजीटल बोर्ड लगाने के लिये विभाग द्वारा ठोस कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने बताया कि विभाग के अधीन संचालित सभी एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) में डिजीटल बोर्ड लगाने के लिये 'केपिटल मद' से बोर्ड क्रय एवं स्थापन की कार्यवाही की जा रही है। इसी प्रकार सभी विभागीय कन्या शिक्षा परिसरों एवं आदर्श आवासीय विद्यालयों में भी डिजीटल बोर्ड लगाये जायेंगे। इसके लिये 'आकस्मिक मद' से धनराशि का प्रावधान बढ़ाने का प्रस्ताव राज्य शासन को प्रेषित किया गया है। सभी जनजातीय विकासखंडों में ई-लाइब्रेरी प्रारंभ की भी तैयारी जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि प्रदेश के सभी 89 जनजातीय विकासखंड़ मुख्यालयों में ई-लाइब्रेरी भी प्रारंभ की जायेंगी। इसके लिये ई-लाइब्रेरी की क्रियान्वयन रूपरेखा एवं उपकरण स्थापना के लिये आवश्यकतानुसार धनराशि का मांग प्रस्ताव भी तैयार कर लिया गया है। राज्य शासन से प्रस्ताव अनुमति एवं बजट आवंटन प्राप्त करने की कार्यवाही की जा रही है। पीवीटीजी छात्रावास भवन भी बनाये जायेंगे जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि प्रदेश में बैगा, भारिया, सहरिया तीन विशेष रूप से कमजोर एवं पिछड़ी जनजातियां (पीवीटीजी) निवास करती हैं। इन जनजातियों के विद्यार्थियों को संभागीय मुख्यालय में रहकर पढ़ने की सुविधा प्रदान करने के लिये विभाग द्वारा पीवीटीजी छात्रावास भवन बनाने की कार्यवाही भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रथमत: जबलपुर एवं ग्वालियर में यह पीवीटीजी छात्रावास भवन बनाये जायेंगे। इसके बाद ऐसा ही एक पीवीटीजी छात्रावास भवन शहडोल संभागीय मुख्यालय में भी बनाने पर विचार किया जा रहा है।   recent visitors 56

प्रदेश के 6 बड़े CA फर्म पर ED की Raid, मचा हड़कंप, भोपाल में आधा दर्जन ठिकानों पर कार्रवाई जारी

 भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए प्रमुख चार्टर्ड अकाउंटेंट बीसी जैन के ठिकानों पर छापा मारा है। ईडी की टीम बुधवार सुबह 6 बजे उनके अरेरा कॉलोनी स्थित निवास पर पहुंची और छानबीन शुरू की। बीसी जैन का नाम प्रदेश के बड़े उद्योगपतियों और व्यवसायियों से जुड़ा हुआ है। ईडी की टीम ने सुबह-सुबह अरेरा कॉलोनी में स्थित बीसी जैन की चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म BCP जैन एंड CO. के कार्यालय और निवास पर छापा मारा। यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं को लेकर मिली शिकायतों के आधार पर की गई है। सुबह 6 बजे ईडी के अधिकारियों की टीम उनके घर और अन्य ठिकानों पर पहुंची और दस्तावेजों की जांच-पड़ताल शुरू की। सुबह 6 बजे से कार्रवाई जारी ED के अधिकारी आज सुबह लगभग 6 बजे बीसी जैन के घर पहुंचे और कार्रवाई शुरू की। इसके अलावा राज्य के बड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) फर्म्स के कुल 6 स्थानों पर भी कार्रवाई जारी है। यह छापेमारी वित्तीय अनियमितताओं और अन्य संभावित अपराधों की जांच के हिस्से के रूप में की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, ईडी ने बीसी जैन के अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की है। हालांकि, फिलहाल ईडी की ओर से इस छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बीसी जैन की फर्म कई प्रमुख उद्योगपतियों और व्यवसायियों के वित्तीय मामलों का प्रबंधन करती है, जिसके चलते यह छापेमारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बीसी जैन मध्य प्रदेश के प्रमुख चार्टर्ड अकाउंटेंट में से एक हैं और उनकी फर्म BCP जैन एंड CO. बड़े कारोबारियों और उद्योगपतियों के लिए वित्तीय सेवाएँ प्रदान करती है। जैन की फर्म द्वारा प्रबंधित किए जाने वाले मामलों में बड़े वित्तीय लेनदेन और उद्योगों से जुड़ी फाइलें शामिल हैं, जो इस कार्रवाई को गंभीर बनाती हैं। बीसी जैन चार्टर्ड अकाउंट फर्म चलाते हैं। उनके खिलाफ लगातार वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें मिली थी। जिसके बाद टीम ने छापेमारी की है। ED के अधिकारी बुधवार सुबह करीब 6 बजे बीसी जैन के घर पहुंचे। इसके अलावा प्रदेश के बड़े CA फर्म के कुल 6 ठिकानों पर भी ईडी की कार्रवाई जारी है।   recent visitors 43