वीरांगना रानी अवंतीबाई संग्रहालय निर्माण पर कर करें कार्य-राज्य मंत्री लोधी

पर्यटन में प्रशिक्षण के साथ रोजगार पर दे विशेष ध्यान-राज्य मंत्री लोधी पर्यटन परियोजनाओं का निर्माण कार्य समय सीमा में करें -राज्य मंत्री लोधी वीरांगना रानी अवंतीबाई संग्रहालय निर्माण पर कर करें कार्य-राज्य मंत्री लोधी शारदा मंदिर मैहर में पर्यटन सुविधाओं का करें विकास मंत्रालय में पर्यटन बोर्ड के कार्यों और योजनाओं की समीक्षा भोपाल पर्यटन परियोजनाओं में प्रशिक्षण के साथ साथ युवाओं को रोजगार भी मिले। इसका विशेष ध्यान दिया जाए। रोजगार के विभिन्न विकल्पों और योजनाओं पर भी कार्य करें। यह बात पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने मंत्रालय में पर्यटन बोर्ड की समीक्षा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि जनमानस और पर्यटकों से जुड़ी परियोजनाओं को धरातल पर वास्तविक रूप से लागू करें। वह स्वयं प्रदेश में दौरा कर पर्यटन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे। राज्य मंत्री लोधी ने स्वदेश दर्शन और प्रसाद योजना में निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने उज्जैन के बाद मैहर में पर्यटकों की बड़ी हुई संख्या को देखते हुए निर्देश दिए मां शारदा मंदिर को धार्मिक स्थल के रूप में प्रचारित करने और पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने पर विशेष ध्यान दे। साथ ही वीरांगना रानी अवंतीबाई के जीवन चरित्र, योगदान और घटनाओं पर आधारित संग्रहालय निर्माण की योजना पर कार्य करें। सभी कार्यों को व्यवस्थित रूप से करें। शिकायत का मौका न दे। राज्य मंत्री लोधी ने पीएम पर्यटन वायु सेवा की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नाम पर संचालित होने वाली वायु सेवा के संचालन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उड़ाने समय पर और नियमित संचालित हो। राज्य मंत्री लोधी को प्रेजेंटेशन के माध्यम से पर्यटन बोर्ड के बजट और कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गई। राज्य मंत्री लोधी ने महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना, संकल्प सुरक्षित पर्यटन, लैंड बैंक, निजी होटलों का निर्माण एवं संचालन, मार्ग सुविधा केंद्र, फिल्म पर्यटन नीति, प्रचार-प्रसार आदि की समीक्षा की। इस अवसर पर प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक शिव शेखर शुक्ला, उप सचिव सुनील दुबे सहित पर्यटन बोर्ड के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें। recent visitors 80

भोपाल में 230 स्थानों पर 350 % तक बढ़ेंगे प्रॉपर्टी के दाम, साल में दूसरी बार तय होगी कीमत

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार ने रेवेन्यू ओरिएंटेड ड्राइव में प्रदेश की उन लोकेशंस पर जमीन और इमारतों के सरकारी दाम बढ़ाने का फैसला किया है, जहां फिलहाल ज्यादा रजिस्ट्रियां हो रही हैं। इन लोकेशंस को पहचानने का काम जिलों में कलेक्टर द्वारा करा लिया गया है।  अगर आप राजधानी के झागरिया खुर्द, नीलबड़, रापड़िया, कटारा हिल्स जैसे इलाकों में मकान, दुकान या भूखंड लेना चाहते हैं तो आपको अपने बजट की ओर फिर से देखना पड़ सकता है। सरकार इन जैसे करीब 230 स्थानों पर संपत्ति की दर बढ़ा रही है। संपत्तियों की दर में यह वृद्धि पांच प्रतिशत से लेकर 350 प्रतिशत तक होनी है। मूल्याकंन समिति की हुई बैठक सोमवार को जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में पंजीयन विभाग ने शहर और उससे लगे कुछ ग्रामीण इलाकों के 243 स्थानों पर मूल्य वृद्धि का प्रस्ताव रखा। दक्षिण पश्चिम के विधायक भगवानदास सबनानी के विरोध की वजह से 13 स्थानों पर वृद्धि का प्रस्ताव वापस ले लिया गया। वहीं प्रस्तावित वृद्धि में पांच प्रतिशत की कमी करने की बात भी मानी गई। प्रस्तावों पर चर्चा के बाद शेष स्थानों पर पांच प्रतिशत से लेकर 350 प्रतिशत तक वृद्धि को मंजूरी दे दी गई। पंजीयन विभाग बुधवार को नया प्रस्ताव तैयार कर केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजेगा। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद नई गाइडलाइन के हिसाब से ही संपत्ति का पंजीयन होगा। कहा जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर अब कोई आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, विधायक भगवानदास सबनानी शामिल हुए। भोपाल के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब पंजीयन विभाग एक साल में दूसरी बार शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की प्रॉपर्टी के दामों में बढोतरी कर रहा है। अप्रैल में बढ़े थे दाम पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रत्येक तीन महीने में प्रॉपर्टी की कलेक्टर गाइडलाइन दर नये सिरे से तय करने को कहा था। इससे पहले अप्रैल 2024 में भोपाल जिले के 3900 स्थानों में से 1443 पर दाम बढ़ाए गए थे। कुल 7.19 प्रतिशत की औसत बढ़ोतरी की गई थी। शहर के 1228 स्थानों पर औसत 8.9 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र के 215 स्थानों पर 5.48 प्रतिशत बढ़ाए जाने का प्रस्ताव फाइनल हुआ था। यह संपत्तियों की वह दर है, जिस पर पंजीयन होता है और सरकार उसका शुल्क लेती है। 100 से अधिक स्थानों पर सबसे अधिक दाम भोपाल में कुल 3883 स्थान हैं। इनमें शहर में 3091 और ग्रामीण में 792 स्थान शामिल हैं। 3641 स्थान में रेट नहीं बढ़ाए जाएंगे, जबकि अन्य स्थानों पर वृद्धि की जाएगी। इस बार नौ नए स्थानों को भी जोड़ा गया है। वहीं 100 से अधिक स्थान ऐसे हैं, जहां संपत्ति के दाम सबसे अधिक बढ़े हैं। इन वजहों से बढ़ाई जा रही दरें झागरिया खुर्द, नीलबड़ और कटारा हिल्स जैसे इलाकों में नया आधारभूत ढांचा खड़ा होने से विकास तेज हुआ है। इसकी वजह से ऐसे इलाकों में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। पिछले कुछ महीनों में इन इलाकों में संपत्तियों का पंजीयन बढ़ा है। कोलार में गोल गांव पर सिक्सलेन के कारण प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ी हैं। भानपुर कचरा खंती हटने के बाद अब अयोध्या बायपास इलाके में भी रजिस्ट्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है। सलैया क्षेत्र में तेजी से डेवलपमेंट हो रहा है। कोकता बायपास-बगरोदा व्यावसायिक, बैरागढ़ स्टेशन के पास, मिनाल, वैशाली नगर बड़वई सड़क से हटकर, बरखेड़ी कलां, चौपड़ाकलां, रातीबड़, बिशनखेड़ी, दामखेड़ा व मेंडोरी में भी रेट बढ़ाने का प्रस्ताव है। नर्मदापुरम रोड, मिसरोद, गुलमोहर, आकृति ईको सिटी, विद्यानगर, कान्हाकुंज, पुलिस हाउसिंग सोसायटी, वंदना नगर समेत कई इलाकों में भी इन्हीं वजहों से दरें बढ़ रही हैं। आय बढ़ाने की कवायद रियल एस्टेट बाजार में भोपाल के तेजी से विकसित होते ही कई इलाकों में जमीन की दर 2500 से 4000 रुपये प्रति वर्गफीट है, लेकिन इन्हीं इलाकों में कलेक्टर दर 200 रुपया प्रति वर्गफीट या उससे भी कम है। अब इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री के पंजीयन के लिए सरकार जो स्टांप ड्यूटी लेती है, उसका निर्धारण इसी 200 रुपया वर्गफीट के हिसाब से होता है। ऐसे में सरकार को घाटा होता है। हर तीन महीने में दरों को बढ़ाकर सरकार आय बढ़ाना चाहती है। recent visitors 47

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, 254 नए उर्वरक विक्रय केंद्रो की स्थापना की स्वीकृति

सिविल सेवाओं में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण का अनुसमर्थन नवीन मेडिकल कॉलेज में प्राध्यापकों की भर्ती की आयु सीमा की गई 50 वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, 254 नए उर्वरक विक्रय केंद्रो की स्थापना की स्वीकृति भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (महिलाओं की नियुक्ति के लिए विशेष उपबंध) नियम, 1997 में मुख्यमंत्री के आदेश दिनांक 13.09.2023 एवं इसके परिपालन में विभाग द्वारा जारी अधिसूचना 3 अक्टूबर, 2023 का अनुसमर्थन किया गया। इस निर्णय से महिला आरक्षण 35 प्रतिशत होगा। 254 नए उर्वरक विक्रय केंद्रो की स्थापना की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष 2024-25 में (खरीफ एवं रबी सीजन में) 254 नए उर्वरक विक्रय केन्द्र स्थापित करने पर मानव संसाधन पर होने वाली संभावित व्यय की वास्तविक राशि अधिकतम 1 करोड़ 72 लाख रूपये की सीमा तक की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया। 660 मेगावॉट क्षमता की नवीन अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई की स्थापना के लिए फिजिबिलिटी स्टडी मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप वि‌द्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 (410) मेगावाट) एवं विद्युत गृह क्रमांक 3 (420 मेगावाट) में स्थापित इकाइयों को रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 में स्थित इकाई क्रमांक 6 एवं 7 (200 + 210 मेगावॉट) एवं विद्युत गृह क्रमांक 3 में स्थित इकाई क्रमांक 8 एवं 9 (2X210 मेगावॉट) द्वारा रूपांकित आयु पूर्ण कर ली गई हैं। ये इकाइयों लगभग 39 से 44 वर्षों से संचालन में हैं। इन इकाइयों की स्थिति एवं प्रदर्शन के दृष्टिगत म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा इन इकाइयों को रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने की चाही गई अनुमति मंत्रि-परिषद ने प्रदान की है। निर्णय अनुसार सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 एवं 3 में स्थित इकाई क्रमांक 6 से 9 (कुल क्षमता 830 मेगावॉट) को 30 सितम्बर, 2024 से रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने की अनुमति प्रदान की गई। रिटायर (डी-कमीशन) इकाइयों का डिस्पोजल ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जायेगा। इन इकाईयों के स्थान पर 660 मेगावॉट क्षमता की नवीन अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई (इकाई क्रमांक 13) की स्थापना के लिए म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा फिजिबिलिटी स्टडी करायी जायेगी। आयु-सीमा में वृद्धि का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा नवीन शासकीय चिकित्सा महावि‌द्यालयों में चिकित्सा शिक्षकों की कमी को दृष्टिगत रखते हुए सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष से बढ़ाकर 50 वर्ष करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। सह चिकित्सीय पाठ्क्रमों की मान्यता म.प्र. सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम, 2000 को निरस्त करने की कार्यवाही को लंबित रखते हुए शैक्षणिक सत्र 2023-24 एवं आगामी सत्रों की मान्यता प्रक्रिया, साथ ही सह-चिकित्सीय पाठ्यक्रम उत्तीर्ण कर्मियों के पंजीयन एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं का आयोजन पूर्व में प्रचलित म.प्र. सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम, 2000 अंतर्गत् प्रचलित नियमों के अनुसार, पूर्व में विघटित मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद को पुनर्जीवित करते हुए, पूर्ण किये जाने तथा राष्ट्रीय आयोग द्वारा अधिनियम अंतर्गत प्रावधानित विनियम (रेगुलेशन) जारी होने के उपरांत विनियम के अनुरुप मध्यप्रदेश अलाइड एण्ड हेल्थ केयर कौंसिल ‌द्वारा स्वशासी बोर्ड्स के गठन होने पर पुनर्जीवित मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद स्वतः समाप्त हो जायेगी एवं मंत्रि-परिषद् के पूर्व में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम 2000 को निरस्त करने की कार्यवाही की जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा दी गई। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार, सहकारिता मंत्रालय द्वारा लागू की गई केन्द्र प्रवर्तित परियोजना "Strengthening of Cooperatives through IT Interventions" अन्तर्गत प्रदेश के पंजीयक सहकारी संस्थाएँ कार्यालय के कम्प्यूटराईजेशन के लिए परियोजना की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गयी। इस पर 3 करोड़ 68 लाख रूपये व्यय आयेगा, जिसकी 60 प्रतिशत राशि केन्द्र एवं 40 प्रतिशत राशि राज्य शासन द्वारा वहन की जायेगी।   recent visitors 83

संरक्षण की पहल, खुरासानी इमली को सहेजने की योजना, जानिए-इस दुलर्भ पेड़ में क्या विशेष गुण हैं

इंदौर धार जिले के मांडव में खुरासानी इमली के दुर्लभ पेड़ों की तस्करी रोकने और ट्रांसलोकेट किए जाने की चुनौती के बीच अब वन विभाग ने हर पेड़-पौधे को रिकॉर्ड पर लेकर संरक्षित करने का फैसला किया है. हाल ही में मध्यप्रदेश के सभी वन मंडल के डीएफओ को निर्देश दिए गए हैं, जिन्होंने अपने जिलों में पाए जाने वाले इस पेड़ की जानकारी संकलित करके विभाग को सौंपी है. मांडव में खुरासानी इमली के पेड़ों की तस्करी के प्रयास गौरतलब है मई 2023 में धार जिले के मांडव में चोरी छुपे खुरासानी इमली के कई पेड़ों को हैदराबाद स्थित ग्रीन किंगडम प्राइवेट कंपनी अपने बोटैनिकल गार्डन में शिफ्ट करने के लिए ले जा रही थी. इस मामले को ईटीवी भारत द्वारा एक्सपोज किया गया था. इसके बाद पता चला कि धार जिले के वन विभाग के अधिकारियों ने 8 पेड़ों को काटने की अनुमति गुप्त रूप से दी थी. हालांकि ये कंपनी 14 पेड़ काटकर हैदराबाद में शिफ्ट कर चुकी थी. इस मामले के चर्चा में आने के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने के आदेश दिए. इस मामले से जुड़ा एक अन्य प्रकरण अभी कोर्ट में विचाराधीन है. पूरे प्रदेश में खुरासानी इमली के पेड़ों का रिकॉर्ड होगा मेंटेन राज्य सरकार अब खुरासानी के पौधे-पेड़ों का रिकॉर्ड संरक्षित कर जानकारी मंगा रही है. हाल ही में मध्य प्रदेश बायोडायवर्सिटी बोर्ड द्वारा प्रत्येक जिले के वन मंडलों को निर्देश दिया गया है कि पूरे प्रदेश में इस पौधे की प्रजाति कहां-कहां है और कितनी संख्या में है, इसकी जानकारी एकत्र की जाए. इंदौर डीएफओ महेंद्र सोलंकी ने बताया "वन मुख्यालय से मंगाई गई जानकारी के अनुसार इंदौर जिले में करीब 33 खुरासानी इमली के पेड़ों का रिकॉर्ड तैयार किया गया है, जिसे मुख्यालय भेजा गया है. इंदौर जिले के अलावा महू एवं कुछ अन्य स्थानों पर जितने भी पौधे हैं, सभी संरक्षित हैं जिनका चिह्नांकन किया गया है, जिससे कि इस दुर्लभ प्रजाति को सहेज कर रखा जा सके." खुरासानी इमली के पेड़ों को काटने पर प्रतिबंध बता दें कि जैव विविधता वाले इस वृक्ष को काटने के लिए राज्य सरकार ने भी प्रतिबंध लगा रखा है. राजस्व विभाग ने 14 में 2024 की अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय जैव विविधता अधिनियम 2022 के तहत अधिसूचित वृक्षों को काटे जाने गिराए जाने या अन्य क्षति पहुंच जाने के लिए कोई अनुज्ञा या अनुमति नहीं दी जाएगी. अफ्रीकन बाओबाब कहे जाने वाले ये पेड़ अफ्रीका और अरब मूल के हैं, जिनका पृथ्वी पर करीब 2000 पुराना इतिहास है. देश में यही इकलौता पेड़ है, जिसमें रेडियो कार्बन डेटिंग के गुण हैं. री-डिहाइड्रेशन इस दुर्लभ पेड़ की बड़ी विशेषता इसके अलावा इस दुलर्भ पेड़ में री-डिहाइड्रेशन अचूक गुण है. बताया जाता है कि 14वीं शताब्दी में महमूद खिलजी के शासनकाल के दौरान अफ्रीका से ईरान होते हुए जो अरब से मजदूर यहां आए थे. वह इस फल को प्यास से बचने के लिए अपने साथ रखते थे. उस वक्त धार जिले का मांडव भी मुगलकालीन गतिविधियों का केंद्र रहा, जहां इस फल के बीज गिरने से ये पौधे विकसित हुए, जो आज भी मांडव में मौजूद हैं. माना जाता है कि इस एक पेड़ की उम्र 5000 वर्ष से भी अधिक हो सकती है, जो अपने जीवन काल में 120000 लीटर तक पानी का संग्रह कर सकता है.  recent visitors 103

मंत्री विजयवर्गीय ने उपद्रवियों को चेतावनी देते हुए कहा,

इंदौर  दीपावली पर पटाखे फोड़ने को लेकर हुए विवाद पर मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नाराजगी जताई. तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा कि शांति भंग करने वाले तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा. BJP के वरिष्ठ नेता विजयवर्गीय ने उपद्रवियों को चेतावनी देते हुए कहा, "अगर वे मेरे हाथ लग गए तो मैं उन्हें उल्टा लटका दूंगा और पूरे शहर में घुमाऊंगा. इस शहर में कोई अशांति नहीं फैला सकता." इंदौर-1 से विधायक ने दावा किया, "इस मामले में प्रशासन बहुत सक्रियता से काम कर रहा है, लेकिन अगर ऐसा लगता है कि हमें भी इसमें शामिल होने की जरूरत है, तो हम पीछे नहीं हटेंगे. हम इस शहर के लिए कुछ भी कर सकते हैं." विजयवर्गीय पीड़ित परिवार से भी मिले. उनसे क्षेत्र की एक महिला ने कहा कि हमें डराया जाता है. इस पर मंत्री ने कहा कि अब किसी की हिम्मत नहीं होगी. पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए हिंदू संगठनों के लोग भी पहुंचे थे. इलाके में अप्रिय स्थिति निर्मित न हो, इसके लिए एहतियात के लिए फोर्स भी तैनात किया गया है. बता दें कि शहर के छत्रीपुरा थाना इलाके में 1 नवंबर को पटाखे फोड़ने को लेकर दो समूहों के बीच हुई झड़प में 6 लोग मामूली रूप से घायल हो गए थे. पुलिस के अनुसार, इस घटना के सिलसिले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. recent visitors 67

बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट के विंध्य की प्रतिभाओं के सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री शुक्ल हुए शामिल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भोपाल में बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट द्वारा भोपाल में आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने बघेली भाषा में कहा कि “लोगन का सम्मानित करब विंध्य कै गौरवशाली परम्परा आय। सम्मान समाज मा या संदेश देत है कि समाज कै नज़र पारखी है। औरन का प्रेरित करत है मेहनत करै का, संघर्ष करिके सफल होंय का। सफलता का कौनों शॉर्टकट नहीं होय। दूरदृष्टि और पक्का इरादा से कौनों लक्ष्य प्राप्त कीन जा सकत है।” उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कार्यक्रम में संघ लोक सेवा आयोग और राज्य सेवा आयोग की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले विंध्य क्षेत्र की प्रतिभाओं को सम्मानित किया। अपने क्षेत्र का अपने समाज का विकास करने में भी अग्रणी रहें उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी सम्मानित अधिकारियों को प्रेरित किया कि अपने कार्यक्षेत्र में पूरे मनोयोग से कार्य कर विंध्य क्षेत्र का प्रदेश का और राष्ट्र का नाम रोशन करें। उन्होंने आह्वान किया कि स्वयं के विकास के साथ अपने क्षेत्र का अपने समाज का विकास करने में भी अग्रणी रहें। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विंध्य क्षेत्र के प्रतिभाशाली व्यक्ति प्रदेश में देश और समूची दुनिया कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, यह क्षेत्र के लिये गौरव का विषय है। देश के सीओएएस जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी दोनों रीवा की पावन धरा के है। कई विभूतियों ने विंध्य का नाम रोशन किया है। क्षेत्र के विकास कार्यों में विंध्य के नागरिकों ने सदैव प्रदान किया है सहयोग उप मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों में विंध्य के नागरिकों ने चाहे वह कहीं भी रहे हों सदैव सहयोग प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि जहाँ चाह होती है वहाँ राह बन ही जाती है। असफलता का कारण समझकर सही दिशा में प्रयास करें तो निःसंदेह सफलता कदम चूमेगी। विंध्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है, रफ्तार बनी रहे इसके लिए एकजुट होकर करें प्रयास उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आज देश में अनुकूल परिस्थितियाँ हैं, बजट की कोई कमी नहीं है। आज भारत विश्व की 5 वीं अर्थव्यवस्था है। शीघ्र ही भारत विश्वगुरु बनेगा। यह तभी संभव है जब सभी आगे बढ़ें। इसके लिये सभी को स्वयं के साथ-साथ समाज और क्षेत्र के लिये कार्य करना होगा। उन्होंने कहा संस्कार विहीन शिक्षा बिना सुगन्ध के पुष्प के समान है। सभी को सुगंधित पुष्प बनना है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विंध्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है, यह रफ्तार बनी रहे, इसमें और तेजी आये इसके लिये सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी चयनित अधिकारियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामना दी। ट्रस्ट की गतिविधियाँ क्षेत्र के विकास में सहयोगी हों यही प्रयास है: पूर्व नेता प्रतिपक्ष सिंह पूर्व नेता प्रतिपक्ष, विधायक एवं बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र के नागरिकों को एकजुट करने का, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे विंध्यवासियों को सम्मानित कर अन्य नागरिकों को प्रेरित करने के लिये यह आयोजन किया गया है। ट्रस्ट की गतिविधियाँ क्षेत्र के विकास में सहयोगी हों यही प्रयास है। विन्ध्य की प्रतिभाओं ने साझा किये सफलता के मंत्र कार्यक्रम में विंध्य क्षेत्र के सम्मानित अधिकारियों ने अपनी सफलता की कहानी और सफलता के मंत्र साझा किये। आईपीएस सुकाजल सिंह ने कहा कि सपनों को पूरा करने की चाहत मेहनत को अपना बना ही लेती है। सफलता के लिये इंटर्नल मोटिवेशन अहम है। उन्होंने कहा कि हम सबका यह प्रयास होना चाहिये कि हम टैलेंट को पहचाने और उन्हें अवसर प्रदान करने में सहयोग करें। डिप्टी कमांडेट होमगार्ड के पद पर चयनित आशीष कुशवाहा ने अपने संघर्ष की कहानी साझा की और कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित अंबिकेश प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार पद पर चयनित सुआंचल अग्रवाल, वेटनरी डॉक्टर पद पर चयनित डॉ रागिनी मिश्रा ने अपने विचार साझा किये। कार्यक्रम में आईपीएस सुकाजल सिंह, आईएफएस अक्षत पाण्डेय, वीरेन्द्र कुमार पटेल, सुऋषिका सिंह, आईआरटीएस रोहित सिंह, डिप्टी कलेक्टर अंबिकेश प्रताप सिंह, सुअर्चना मिश्रा, नंदन तिवारी, देवेंद्र द्विवेदी, सुप्रिया पाठक, सौरभ मिश्रा, अमित सोनी, उमेश द्विवेदी, डीएसपी हेमंत पांडे, डिप्टी कमांडेंट होमगार्ड आशीष कुशवाहा, वेटनरी डॉक्टर डॉ रागिनी मिश्रा, एटीओ प्रकाश द्विवेदी, एडी शिक्षा सुकविता त्रिपाठी, सीईओ जनपद सुज्योति पटेल, नायब तहसीलदार कमलेश मिश्रा, आशीष मिश्रा, प्रकाश उपाध्याय, सुबिंदु तिवारी, सुरूपा पाठक, सुआंचल अग्रवाल, सुप्रज्ञा दुबे, सुप्रतीक्षा सिंह, सुअंकिता पांडे, सुएकता शुक्ला, शिव कुमार गौतम, सुमित तिवारी और सौम्य कुमार द्विवेदी को सम्मानित किया गया। बघेली व्यजनों से परिपूर्ण जेउनार का लिया आनंद विंध्य क्षेत्र के प्रतिभाशाली भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी ईश्वर पाण्डेय को उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में डीजी आरसीवीपी नारोन्हा प्रशासनिक अकादमी जे. एन. कंसोटिया, पूर्व डीजीपी स्वराज पुरी, मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट के महासचिव कमलाकर सिंह सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम उपरांत सभी उपस्थितों ने पारंपरिक बघेली व्यजनों से परिपूर्ण जेउनार का आनंद लिया।   recent visitors 79

अजय सिंह के बाद लक्ष्मण सिंह ने उठाए सवाल, ‘यह प्राइवेट कंपनी नहीं है, MD जो चाहेंगे वो होगा’

भोपाल  मध्यप्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी पर बवाल जारी है। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के भाई व पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि पहले सब की राय लेकर कार्यकारिणी घोषित होती थी। यह कोई प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नहीं है कि एमडी जो चाहेगा वह होगा। पार्टी सबकी है, किसी परिवार की नहीं है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लक्ष्मण सिंह ने कहा कि पहले सब की राय लेकर कार्यकारिणी घोषित होती थी। कार्यकर्ताओं से पूछकर कार्यकारिणी बनती थी, जो मेहनत करने वाले कार्यकर्ता थे, उनको हम पद देते थे, एडजस्ट करते थे। यह परंपरा पिछले 25-30 वर्षों से नगण्य हो चुकी है। यह कार्यकारिणी पीसीसी बंद कमरे में बैठकर बनी है। किसी ने इनको लिस्ट पकड़ा दी और इन्होंने जारी कर दी। पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह ने आगे कहा कि यह कोई प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नहीं है कि एमडी जो चाहेगा वह होगा। अजय सिंह ने सही बात कही है। अब कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी भी खुद कह रहे है कि वह वादा करो, जो निभा सकते हो। पार्टी सबकी है, किसी के परिवार की नहीं है। PCC चीफ ने कही थी ये बात वहीं लक्ष्मण सिंह की नाराजगी और उनके ट्वीट पर जीतू पटवारी का बयान सामने आया था। उन्होंने कहा था कि हमारा परिवार बड़ा है। बड़े परिवार में छोटा-मोटा मुद्दा होता रहता है। सबको मानने और सबके भावनाओं का सम्मान करना मेरा काम है। मैं प्रदेश अध्यक्ष हूं कुछ आपत्ति आई हैं, जिसे मैंने गंभीरता से लिया है सभी से मेरी बात हो गई है। लक्ष्मण सिंह को पूरी जानकारी नहीं है, इसलिए उन्होंने ऐसा बोल दिया। मैं उनकी बातों का सम्मान करता हूं, वह एक सीनियर लीडर है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश कांग्रेस में कार्यकारिणी को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार 26 अक्टूर को खत्म हुआ। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी की नई टीम का ऐलान हुआ। जिसमें 177 नेताओं को जिम्मेदारी दी गई। इसमें 17 उपाध्यक्ष बनाए गए है, 71 जनरल सेक्रेटरी बनाए गए है। 40 विशेष आमंत्रित सदस्य बनाये गए, वहीं 33 स्थाई आमंत्रित सदस्य बनाए गए है। एग्जीक्यूटिव कमेटी के 16 सदस्य बनाए गए है। लेकिन सूची आने के बाद से अब तक पूर्व विधायक कल्पना वर्मा समेत छह लोगों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। recent visitors 67