बलरामपुर में गुरुचंद के अंतिम संस्कार में हुआ बवाल, पुलिसकर्मियों पर किया पथराव

बलरामपुर बलरामपुर के कोतवाली थाना में स्वास्थ्यकर्मी गुरुचंद मंडल की मौत के मामले में फिर से बड़ा बवाल हुआ है. आज पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में मृतक के डेड बॉडी को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था, तभी ग्रामीणों ने जोरदार विरोध जताया और पत्थरबाजी कर दी. इस हिंसा में एडिशनल एसपी निमिशा पांडे को चोट लगी है. वहीं पुलिस के अधिकारी मौके पर उग्र भीड़ को समझाइश देने में जुटे हुए हैं. घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस के जवान तैनात हैं. बता दें कि गुरुवार दोपहर को बलरामपुर के कोतवाली थाना के बाथरूम में एनएचएम के कर्मचारी गुरुचंद मंडल की फांसी के फंदे पर लटकी लाश मिली, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई. सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और मृतक के परिजनों ने रात में कोतवाली पहुंचकर जमकर हंगामा किया. सैकड़ों लोगों की भीड़ ने थाने में पथराव किया, वहीं परिसर में खड़ी गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की. आक्रोश इतना बढ़ गया कि स्थिति को काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े. मृतक के पिता ने पुलिस पर मारपीट का लगाया आरोप इस मामले में मृतक गुरु चरण के पिता शांति मंडल ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है. उन्होंने बताया कि बहू के लापता होने के बाद पुलिस वालों के बुलाने पर हम लोग थाने गए थे, जहां हमारे साथ मारपीट की गई है. बेटे को भी मारे हैं और 17 साल के नाती को मारने की भी धमकी दिए है. मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने मारपीट का जख्म भी दिखाया. स्वास्थ्यकर्मी की आत्महत्या के मामले में टीआई और एक आरक्षक सस्पेंड बलरामपुर के कोतवाली थाना में एनएचएम कर्मचारी गुरुचंद मंडल की मौत के मामले में थाना प्रभारी प्रमोद रूसिया और आरक्षक अजय यादव को निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई बलरामपुर-रामानुजगंज एसपी ने की है. कांग्रेस ने बनाई 8 सदस्यीय जांच समिति बलरामपुर के कोतवाली थाना के बाथरूम में एनएचएम के कर्मचारी गुरुचंद मंडल की आत्महत्या मामले में कांग्रेस ने 8 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसमें डॉ. अजय तिर्की को संयोजक और सफी अहमद, राजेन्द्र तिवारी, के.पी. सिंह , मधु गुप्ता, लाल साय, सीमा सोनी, दिनेश यादव जांच समिति के सदस्य बनाया गया है. recent visitors 57

पति के साथ पिकनिक मनाने गई थी पत्नी, पांच लोगों ने किया दुष्कर्म, पुलिस ने 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया

रीवा कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में एक महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या का मामला सामने आया था, जिसने पूरे देश में शोक की लहर पैदा कर दी थी। अभी यह मामला पूरी तरह से शांत भी नहीं हुआ कि मध्य प्रदेश के रीवा से एक और भयावह मामला सामने आया है, जिसने समाज को फिर से शर्मसार कर दिया है। एक महिला अपने पति के साथ पिकनिक मनाने गई थी, जहां उसके साथ 5 लोगों ने दुष्कर्म किया। यह घटना इस बात की पुष्टि करती है कि महिलाएं अब भी सुरक्षित नहीं हैं, चाहे वे किसी भी स्थान पर जाएं। दरअसल, मध्यप्रदेश के रीवा जिले में एक नवविवाहिता महिला अपने पति के साथ पिकनिक मनाने गई थी जिसके साथ पांच लोगों ने दुष्कर्म किया, अब पुलिस ने इस मामले में 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि कथित सामूहिक दुष्कर्म की यह घटना सोमवार को गुढ़ तहसील के एक भ्रमण स्थल की है। रीवा मुख्यालय की पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) हिमाली पाठक ने फोन पर बताया, ‘‘महिला की हाल ही में शादी हुई है। उसकी और उसके पति की उम्र 19 से 20 वर्ष के आसपास है और दोनों अभी कॉलेज में हैं।'' पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने वाले पांच लोगों में से एक के हाथ और छाती पर टैटू बना है। डीएसपी ने बताया कि पुलिस ने अपनी जांच के तहत 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। कथित सामूहिक दुष्कर्म को एक संवेदनशील मामला बताते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए सावधानी से काम कर रही है कि पीड़िता की पहचान उजागर न हो। दंपति ने मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे गुढ़ पुलिस थाने में संपर्क किया। डीएसपी ने कहा, ‘‘फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के विशेषज्ञ और मैं मौके पर पहुंचे। पीड़िता का मेडिकल प्रशिक्षण कराया गया और उसी दिन शाम सात बजे प्राथमिकी दर्ज की गई।'' महिला के बयान का हवाला देते हुए डीएसपी ने बताया कि गुढ़ औद्योगिक क्षेत्र में एक प्रसिद्ध मंदिर से करीब दो किलोमीटर दूर एक फव्वारे के पास वह अपने पति के साथ बैठी हुई थी। इस दौरान कुछ दूरी पर पार्टी कर रहे आधा दर्जन दरिंदे नशे की हालत में वहां पहुंच गए। उन्होंने युवक को धमकाया और उसके साथ मारपीट की। अधिकारी के अनुसार, अपने बयान में महिला ने कहा कि फव्वारे के पास पांच लोगों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। उन्होंने कहा, ‘‘अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। हमने 100 से अधिक लोगों और संदिग्धों को पकड़ा है। हमारी जांच जारी है।'' उन्होंने बताया कि पांच अज्ञात लोगों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत सामूहिक दुष्कर्म और अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। recent visitors 55

प्रधानमंत्री मोदी ने हर कदम, हर मोर्चे पर भारत और जर्मनी की दोस्ती के गहरे होने पर खुशी की जाहिर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को दुनिया की स्थिरता, सातत्य, भरोसे और पारदर्शिता का मजबूत आधार बताते हुए जर्मनी के उद्योग जगत का भारतीय प्रतिभा एवं नवान्वेषण को अपनाने और विश्व के बेहतर भविष्य के लिए योगदान सुनिश्चित करने का आह्वान किया। मोदी ने यहां जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज़ और वाइस चांसलर डॉक्टर रॉबर्ट हाबेक की मौजूदगी में एशिया-पैसिफ़िक कांफ्रेंस ऑफ़ जर्मन बिज़नेस को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने हर कदम, हर मोर्चे पर भारत और जर्मनी की दोस्ती के गहरे होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, “ये साल, भारत-जर्मनी रणनीतिक साझीदारी का 25वाँ वर्ष है। अब आने वाले 25 वर्ष, इस साझीदारी को नई बुलंदी देने वाले हैं। हमने आने वाले 25 वर्षों में विकसित भारत का एक रोडमैप बनाया है। मुझे खुशी है कि ऐसे महत्वपूर्ण समय में जर्मन कैबिनेट ने फोकस ऑन इंडिया डॉक्यूमेंट रिलीज़ किया है। विश्व की दो सशक्त लोकतंत्र, विश्व की दो शीर्ष अर्थव्यवस्थाएं, साथ मिलकर कैसे विश्व कल्याण की शक्ति बन सकती हैं, फोकस ऑन इंडिया डॉक्यूमेंट में उसका ब्लू प्रिंट है। इसमें रणनीतिक साझीदारी को समग्रता से आगे बढ़ाने की कार्यशैली और प्रतिबद्धता साफ़ दिखती है। खासतौर पर भारत की कुशल श्रमशक्ति पर जर्मनी ने जो भरोसा जताया है, वो अद्भुत है।” मोदी ने कहा, “जर्मनी ने कुशल भारतीयों के लिए हर वर्ष मिलने वाले वीज़ा की संख्या, 20 हज़ार से बढ़ाकर 90 हज़ार करने का फैसला किया है। मुझे विश्वास है कि इससे जर्मनी की तरक्की को नई गति मिलेगी।” उन्होंने कहा कि हमारा आपसी व्यापार 30 अरब डॉलर से अधिक के स्तर पर पहुँच चुका है। आज एक तरफ सैकड़ों जर्मन कम्पनियां भारत में हैं, तो वहीं भारतीय कंपनियां भी तेजी से जर्मनी में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही हैं। आज भारत विविधता और जोखिम मुक्त सबसे बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। भारत वैश्विक कारोबार एवं विनिर्माण का भी हब बन रहा है। ऐसे में आपके लिए मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड का, ये सबसे उपयुक्त समय है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ और एशिया प्रशांत क्षेत्र के बीच संबंध मजबूत करने में एशिया प्रशांत सम्मेलन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। लेकिन वह इस मंच को सिर्फ कारोबार और निवेश के सीमित दायरे में ही नहीं देखते हैं। बल्कि वह इसे हिन्द प्रशांत क्षेत्र और विश्व के बेहतर भविष्य की साझीदारी के रूप में देखते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, “दुनिया को स्थिरता और सातत्य की ज़रूरत है, भरोसे और पारदर्शिता की ज़रूरत है। चाहे समाज हो या फिर आपूर्ति श्रृंखला, हर मोर्चे पर इन मूल्यों को बल देने की ज़रूरत है। इनके बिना कोई भी देश, कोई भी क्षेत्र, अपने बेहतर भविष्य की कल्पना नहीं कर सकता। हिन्द प्रशांत क्षेत्र तो दुनिया के भविष्य के लिए बहुत ज़रूरी है। वैश्विक वृद्धि हो, जनसंख्या हो या कौशल हो, इस क्षेत्र का योगदान और क्षमता, दोनों बहुत व्यापक है। इसीलिए इस सम्मेलन का महत्व और भी बढ़ जाता है।” उन्होंने कहा कि भारत की जनता, एक स्थिर राजनीतिक प्रणाली और विश्वसनीय नीतियों के इकोसिस्टम को बहुत महत्व देती है। यही वजह है कि 60 साल बाद एक सरकार को लगातार तीसरा कार्यकाल मिला है। भारत की जनता का ये भरोसा, बीते एक दशक में सुधार, प्रदर्शन और बदलाव लाने वाली शासन व्यवस्था के कारण मज़बूत हुआ है। जब देश का सामान्य नागरिक ये सोच रहा है, तब आप जैसे बिजनेस के लिए, आप जैसे निवेशकों के लिए भारत से बेहतर स्थान क्या हो सकता है। मोदी ने कहा कि आज भारत, लोकतंत्र, आबादी, मांग और डेटा, ये चार मज़बूत स्तंभों पर खड़ा है। प्रतिभा, तकनीकी, नवान्वेषण और बुनियादी ढांचा, भारत की प्रगति के औजार हैं। इन सभी को आगे ले जाने वाली एक और बड़ी ताकत आज भारत में है। ये ताकत है- आकांक्षी भारत की। यानि एआई आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस और एआई एस्पीरेशनल इंडिया (आकांक्षी भारत) की दोहरी ताकत भारत के पास है। और आकांक्षी भारत को हमारा युवा वर्ग आगे ले जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीती सदी में प्रगति को मुख्यत: प्राकृतिक संसाधनों ने गति दी थी। 21वीं सदी को मानव संसाधन एवं मानव नवान्वेषण, गति देने वाले हैं। इसलिए भारत अपने युवाओं के कौशल एवं प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण पर बहुत फोकस कर रहा है। भारत, भविष्य की दुनिया की ज़रूरतों के लिए आज काम कर रहा है। हमारा मिशन मिशन एआई हो, हमारा सेमीकंडक्टर मिशन हो, मिशन क्वांटम हो, मिशन ग्रीन हाइड्रोजन हो, अंतरिक्ष तकनीक से जुड़े मिशन हों, डिजिटल इंडिया का मिशन हो, इन सभी का लक्ष्य दुनिया के लिए बेहतरीन और विश्वसनीय समाधान देना है। आप सभी साथियों के लिए इन क्षेत्रों में निवेश और कारोबारी गठबंधन की अनेक संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हर इनोवेशन को, एक शानदार प्लेटफॉर्म और बेहतरीन बुनियादी ढांचा देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, नए स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री 4.0 के लिए अनंत संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। आज भारत अपने फिज़िकल इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह से ट्रांसफॉर्म करने में जुटा है। रेल, रोड, हवाई अड्डों और बंदरगाहों में रिकॉर्ड निवेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें जर्मन और हिन्द प्रशांत क्षेत्र की कंपनियों के लिए अनेक संभावनाएं हैं। यह खुशी की बात है कि नवीकरणीय ऊर्जा को लेकर भारत और जर्मनी मिलकर काम कर रहे हैं। पिछले महीने ही गुजरात में जर्मनी के साथ मिलकर, चौथा वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा निवेश सम्मेलन आयोजित किया गया है। वैश्विक स्तर पर नवीकरणीय स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश के लिए भारत-जर्मनी प्लेटफार्म भी लॉन्च किया गया है। उम्मीद है कि ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम की जो संभावनाएं भारत ने बनाई हैं, उसका फायदा भी जर्मन उद्योगपति ज़रूर उठाएंगे। मोदी ने कहा, "भारत की विकास यात्रा से जुड़ने का यही समय है, सही समय है। जब भारत का डायनमिज्म और जर्मनी का प्रिसिशन मिलता है, जब जर्मनी की इंजीनियरिंग और भारत का इनोवेशन मिलता है, जब जर्मनी की टेक्नॉलॉजी और भारत का टैलेंट मिलता है, तब हिन्द प्रशांत क्षेत्र के साथ-साथ पूरी दुनिया का बेहतर भविष्य तय होता है।" प्रधानमंत्री ने यह भी कहा, “भारत आना सिर्फ व्यापार ही नहीं होता, भारत की संस्कृति, खानपान और शॉपिंग को आपने समय नहीं दिया, तो आप बहुत कुछ गंवा देंगे।” … Read more

राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार तथा राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार किए वितरित

शिक्षक, आदर्श समाज और राष्ट्र के शिल्पकार हैं : राज्यपाल पटेल संस्कार आधारित शिक्षा पर केंद्रित है नई शिक्षा नीति – मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय संस्कृति में गुरु शिष्य परंपरा का रहा है विशेष महत्व राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार तथा राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार किए वितरित 54 लाख विद्यार्थियों को गणवेश के लिए सिंगल क्लिक से किए 324 करोड़ रुपये अंतरित इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में विद्यार्थियों और शिक्षकों किया गया सम्मानित नवाचार श्रेणी के लिए अंतर्राष्ट्रीय संस्था टी-4 एज्यूकेशन द्वारा विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त रतलाम के सीएम राइज विनोबा विद्यालय के शिक्षक हुए सम्मानित राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षक सम्मान तथा गणवेश वितरण कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि शिक्षक, आदर्श समाज और राष्ट्र के शिल्पकार हैं। उनकी महत्ता इस बात से ही समझी जा सकती है कि माता-पिता, बच्चों को जन्म और संस्कार देते हैं, जबकि शिक्षक उन्हें ज्ञान, संस्कार और जीवन मूल्यों के साथ आदर्श नागरिक बनाते हैं। शिक्षा प्रगति की पहली सीढ़ी है। यह समाज में समानता, स्वावलम्बन और स्वाभिमान के गुणों को विकसित करने का सबसे प्रभावी तरीका है। शिक्षकों की यह जिम्मेदारी है कि विद्यार्थियों में देश प्रेम के साथ गरीब, वंचित और जरूरतमंदों की मदद के गुणों को विकसित करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि शिक्षक, अपना काम यह मानकर करें कि वे न सिर्फ बच्चों को विद्यादान कर रहे हैं बल्कि विकसित और विश्वगुरू भारत के निर्माण में योगदान भी दे रहे हैं। राज्यपाल पटेल प्रशासन अकादमी में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान तथा गणवेश राशि वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समारोह की अध्यक्षता की। राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण किया। सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम आरंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर आम का पौधा रोपा। राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार-2024 के लिए चयनित 14 शिक्षकों, वर्ष-2023 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त दो शिक्षकों और राज्य स्तरीय शैक्षिक संगोष्ठी में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को शॉल-श्रीफल, प्रशस्ति-पत्र और सम्मान राशि का चेक प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर नवाचार श्रेणी के लिए अंतर्राष्ट्रीय संस्था टी-4 एजुकेशन द्वारा विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त रतलाम के सीएम राइज विनोबा विद्यालय के शिक्षकों का सम्मान भी किया गया। इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में तीन विद्यार्थियों और उनके गाइड शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 54 लाख विद्यार्थियों के खातों में गणवेश के लिए 324 करोड रुपए की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। सीएम राइज़ स्कूल राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना राज्यपाल पटेल ने कहा कि शिक्षक, बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ स्व-रोजगार और स्वावलम्बन के लिए तैयार करें। उन्हें आज के प्रतियोगी युग में जुझारू और सफल बनने का हुनर सिखाएं। शिक्षक, बच्चों में शेयर एण्ड केयर, नैतिकता, दया, सहयोग आदि नैतिक गुणों को रोपें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रदेश में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता और पहुँच को बढ़ाने का अभूतपूर्व कार्य कर रही है। इसी क्रम में सीएम राइज स्कूल, प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने की विशेष पहल है। यह परियोजना बच्चों के बौद्धिक, मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास की बेहतरी में सफल होगी। तत्कालीन शिक्षा व्यवस्था की सामर्थ्य और भारतीय संस्कृति के गर्व का आधार है श्रीमद् भगवद् गीता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से पाठ्यक्रम में संस्कार आधारित शिक्षा के समावेश और क्रियान्वयन के अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। भारतीय संस्कृति में ऐतिहासिक रूप से गुरु-शिष्य परंपरा का विशेष महत्व रहा है। इसी का परिणाम है कि भारतीय समाज ने हर काल परिस्थिति में देश के सामने आने वाली चुनौती में प्रभावी तरीके से महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। हर चुनौती पूर्ण स्थिति में देश की शैक्षणिक संस्थाएं अपने दायित्व निर्वहन में सक्रिय और सजग रही हैं। भगवान श्रीराम के काल में शिष्य के रूप में प्रशिक्षित हो रहे श्रीराम और लक्ष्मण ने भी दृढ़ता पूर्वक तत्कालीन चुनौतियों का सामना किया। भगवान श्रीकृष्ण सांदीपनि आश्रम आकर 64 कला, 14 विद्या, 18 पुराण, चारों वेद और शस्त्र और शास्त्र के बीच तालमेल में निपुण हुए। घनघोर युद्ध में उनके मुखारविंद से निकली वाणी, श्रीमद् भगवद् गीता के स्वरूप में विश्व के सामने आई है। यह तत्कालीन शिक्षा व्यवस्था की सामर्थ्य का प्रमाण और भारतीय संस्कृति के गर्व का आधार है। चंद्रगुप्त और चाणक्य के रूप में भी परंपरा की इस निरंतरता के दर्शन होते हैं। इसी क्रम में सम्राट विक्रमादित्य ने भी आक्रांताओं को परास्त कर व्यवस्था स्थापित की। लॉर्ड मैकाले ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नष्ट करने के हर संभव किए प्रयास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इतिहास की सभी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भारतीय शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ आधार की निरंतरता स्पष्टतः परिलक्षित होती है। इसी का परिणाम है कि शक्ति और सामर्थ्य का आधार हमारी शैक्षणिक और बौद्धिक संस्थाएं, शत्रु के आक्रमण का सदैव निशाना बनी और आक्रांताओं द्वारा तक्षशिला और नालंदा को ध्वस्त किया गया। इसी क्रम में लॉर्ड मैकाले ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नष्ट करने के हर संभव प्रयास किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से भारतीय शिक्षा व्यवस्था में भारत के गौरवशाली अतीत पर केंद्रित पाठ्यक्रम का समावेश किया है। भारत, संपन्न और शक्तिशाली बनने के साथ ही विश्व गुरु बनने के मार्ग पर निरंतर अग्रसर है। हम सर्वे भवन्तु सुखिन:- सर्वे सन्तु निरामय: के उद्दात भाव से संपूर्ण विश्व में मानव मूल्यों को स्थापित करने के पथ पर अग्रसर हैं। स्कूल शिक्षा विभाग, शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण और बेहतर परिणाम देने के लिए प्रतिबद्ध स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में स्कूल शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण, बेहतर परिवेश, बेहतर व्यवस्था, बेहतर संसाधन और बेहतर परिणाम के लिए विभाग निरंतर कार्यरत है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इस वर्ष 74 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों … Read more

NCP अजित गुट की दूसरी लिस्ट, नवाब मलिक की बेटी सना और बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान को टिकट

मुंबई  महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के शंखनाद के बीच मुंबई से बड़ी खबर सामने आई है। दिवंगत एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी के बेटे और मुंबई युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष जीशान सिद्दीकी एनसीपी में शामिल हो गए हैं। जीशान सिद्दीकी का अजित पवार ने पार्टी में स्वागत किया। इसके अलावा एनसीपी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए बांद्रा पूर्व सीट से जीशान सिद्दीकी को पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया। एनसीपी में शामिल होकर क्या बोले जीशान? एनसीपी में शामिल होने के बाद जीशान सिद्दीकी ने कहा कि यह मेरे और मेरे परिवार के लिए एक भावनात्मक दिन है। इस कठिन समय में मुझ पर विश्वास करने के लिए मैं अजित पवार, प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे का आभारी हूं। मुझे बांद्रा ईस्टसे टिकट मिला है। मुझे यकीन है कि सभी लोगों के प्यार और समर्थन से मैं बांद्रा ईस्ट को फिर से जरूर जीतूंगा। जीशान ने पिता की हत्या पर क्या कहा? अपने पिता की हत्या के बाद ज़ीशान ने कहा कि हत्यारों की नजर अब उन पर है, लेकिन वह डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने X पर लिखा कि उन्होंने मेरे पिता को चुप करा दिया। लेकिन वे भूल जाते हैं- वह एक शेर थे और मैं उनकी दहाड़ अपने अंदर, उनकी लड़ाई अपनी रगों में लिए हुए हूं। वह न्याय के लिए खड़े हुए, बदलाव के लिए लड़े और अडिग साहस के साथ तूफानों का सामना किया। बांद्रा पूर्व की जनता से अपील? ज़ीशान ने आगे कहा कि अब जो लोग उन्हें नीचे लाए, वे मुझ पर अपनी नजरें गड़ाए हुए हैं। यह मानते हुए कि वे जीत गए हैं, उनसे मैं कहता हूं। एक शेर का खून मेरी रगों में दौड़ता है। मैं अभी भी यहां हूं, निडर और अटूट। उन्होंने एक को ले लिया, लेकिन मैं उनकी जगह पर उठ खड़ा हुआ हूं। यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। आज मैं वहीं खड़ा हूं जहां वह खड़े थे। जीवित, अथक और तैयार। बांद्रा पूर्व के मेरे लोगों, मैं हमेशा आपके साथ हूं। कब हुई थी बाबा सिद्दीकी की हत्या दरअसल 12 अक्टूबर की रात को मुंबई के बांद्रा इलाके में ज़ीशान सिद्दीकी के दफ्तर के पास पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है और मुख्य शूटर समेत दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे के मकसद का अभी तक पता नहीं चल पाया है और विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। इसमें लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से कथित संबंध भी शामिल है। शिवसेना (यूबीटी) ने जारी की उम्मीदवारों की सूची महा विकास अघाड़ी (एमवीए) में शामिल उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) ने गुरुवार को उम्मीदवारों की एक सूची जारी कर दी. उद्धव ठाकरे की पार्टी ने 65 उम्मीदवारों की अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में उद्धव की पार्टी ने ठाकरे परिवार की एक रवायत तोड़ दी है. उद्धव ठाकरे ने अपने चचेरे भाई राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे के खिलाफ भी उम्मीदवार उतार दिया है. महाराष्ट्र में 20 नवंबर को होगा चुनाव महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे. पिछले चुनाव में बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं. हालांकि, चुनाव के बाद शिवसेना एनडीए से अलग हो गई और उसने एनसीपी-कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना ली. शिवसेना के उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने. जून 2022 में शिवसेना में आंतरिक कलह हो गई. इसके बाद एकनाथ शिंदे ने पार्टी के 40 विधायकों को तोड़ दिया. एकनाथ शिंदे बीजेपी के समर्थन से मुख्यमंत्री बन गए. अब शिवसेना दो गुटों में बंट चुकी है. शरद पवार की एनसीपी भी दो गुट- शरद पवार और अजित पवार में बंट गई है. recent visitors 73

एम्स के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्राैपदी मुर्मू ने टॉपर छात्र-छात्रों को मेडल से नवाजा, दिया सफलता का मूल मंत्र

रायपुर   राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंची और सीधे रायपुर एम्स के दूसरे दीक्षांत समारोह में हुईं शामिल. इस मौके पर राज्यपाल रमेन डेका, सीएम साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी मौजूद रहे. समारोह में राष्ट्रपति मुर्मू के हाथों 10 छात्रों को गोल्ड मेडल दिया गया. इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू डिग्री प्राप्त करने वाले 514 छात्रों को बधाई देते हुए समारोह को संबोधित किया. राष्ट्रपति मुर्मू ने संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति के रूप में देश की सेवा करते हुए मुझे कई समारोह में भाग लेने का अवसर मिलता है. शिक्षा संस्थानों में जाकर मुझे अधिक प्रसन्नता होती है. मुझे संतोष का अनुभव होता है कि हमारे देश का भविष्य आप जैसे प्रतिभावान युवाओं के हाथों में सुरक्षित है. आज उपाधि एवं पदक प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को मैं बहुत-बहुत बधाई देती हूं और उनके स्वर्णिम भविष्य की कामना करती हूं. जिन अभिभावकों और शिक्षकों के समर्थन तथा सहयोग से आपने यह रास्ता तय किया है, वे भी बधाई के पात्र हैं. उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि AIIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से शिक्षा प्राप्त करना सौभाग्य की बात है. यहां से शिक्षा प्राप्त करके आपकी प्रतिभा और विकसित हुई होगी. Medical Professionals का कार्य अत्यंत जिम्मेदारी भरा है. आपके निर्णय अनेक बार जीवन रक्षा से जुड़े होते हैं. मैं समझती हूं कि आपको इस जिम्मेदारी का बोध है तथा अपने उत्तर-दायित्वों का निर्वाह आप पूरी तन्मयता एवं क्षमता से करेंगे. Medical Professionals के तौर पर आप प्रायः ऐसी परिस्थितियों से गुजरते हैं जो बहुत चुनौतीपूर्ण होती हैं. उनका सामना करने के लिए आप अपनी भावनाओं पर नियंत्रण करना सीख लेते हैं. भावुकता से मुक्त हो कर कार्य करने और संवेदनशीलता की कमी होने के बीच बहुत थोड़ा सा ही फासला होता है. मानवीय मूल्यों पर दिया जोर दुनिया के अनेक प्रतिष्ठित एवं श्रेष्ठ चिकित्सकों ने Medical Professionals को मानवीय मूल्यों के साथ काम करने की सलाह दी है. उनमें Dr. Francis Weld Peabody का नाम बहुत महत्वपूर्ण है. उनका “The Care of the Patient” नामक लेख विश्व के कई चिकित्सा संस्थानों में विद्यार्थियों को पढ़ने की सलाह दी जाती है. इस लेख में उन्होंने लिखा है and I quote “The treatment of a disease may be entirely impersonal; the care of a patient must be completely personal.” Unquote मैं समझती हूं कि जब आपने यह कार्यक्षेत्र चुना होगा, तब आपके मन में दया, करुणा और संवेदना के आदर्श रहे होंगे. आपको हमेशा याद रखना है कि ये मानवीय मूल्य हमको मजबूत बनाते हैं. इसलिए हमेशा अपने कार्यक्षेत्र में इन जीवन-मूल्यों के साथ काम करें. इससे आपको कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी, तथा आपका जीवन सार्थक होगा. स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार उन्होंने सभा में उपस्थित लोगों को संबोधितक करते हुए कहा कि देश के सभी नागरिकों तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के लिए भारत सरकार निरंतर प्रयास कर रही है. पिछले एक दशक में, देशवासियों को Universal Health Coverage प्रदान करने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं. ‘आयुष्मान भारत योजना’ के अंतर्गत अब सत्तर वर्ष से अधिक उम्र के नागरिक भी लाभान्वित हो रहे हैं. ‘प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना’ से लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध हो रही हैं. पिछले दस वर्षों में Medical colleges और MBBS तथा PG की सीटों में भी बढ़ोतरी हुई है. नए AIIMS भी स्थापित किए गए हैं. AIIMS संस्थान, कम खर्च में अच्छी health care services एवं medical education देने के लिए जाने जाते हैं. AIIMS संस्थानों के साथ देशवासियों का विश्वास जुड़ा हुआ है. इसीलिए बहुत बड़ी संख्या में लोग दूर- दूर से AIIMS में इलाज कराने आते हैं. जिस डॉक्टर के साथ AIIMS का नाम जुड़ा होता है, उसके प्रति मरीजों में सम्मान की भावना बढ़ जाती है. AIIMS रायपुर की उपलब्धियां मुझे यह जानकर हर्ष होता है कि AIIMS रायपुर भी इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है. वर्ष 2012 में स्थापित इस संस्थान ने अपनी कुछ वर्षों की यात्रा में ही बहुत प्रतिष्ठा अर्जित की है. इसके लिए इस संस्थान से जुड़े सभी लोगों की मैं सराहना करती हूं. मुझे बताया गया है कि चिकित्सा एवं लोक कल्याण के लिए AIIMS रायपुर द्वारा कई कार्य किए जा रहे हैं. यह संस्थान, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के साथ कुपोषण का उन्मूलन करने के लिए कार्य कर रहा है. यहां के Sickle Cell Clinic में मरीजों को इलाज प्रदान किया जाता है. Sickle Cell मरीजों की पहचान के लिए जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जाते हैं. आधुनिक तकनीकों का उपयोग हम एक ऐसे दौर से गुजर रहे हैं जिसमें आधुनिकतम Technologies हमारे जीवन को बहुत तेज गति से प्रभावित कर रही हैं. सुदूर क्षेत्रों के लोगों के कल्याण के लिए इन आधुनिकतम Technologies का उपयोग किया जा सकता है. यह हर्ष की बात है कि AIIMS रायपुर इस दिशा में प्रयासरत है. मुझे बताया गया है कि AIIMS Raipur, Artificial Intelligence संचालित Clinical Decision Support System पर काम कर रहा है. इसके माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों के डॉक्टरों को आपातकालीन स्थितियों में real time मदद प्रदान की जाएगी. AIIMS रायपुर द्वारा किए जा रहे इन कार्यों से सामुदायिक स्वास्थ्य में सुधार होगा तथा नागरिकों का जीवन बेहतर होगा. मुझे आशा है कि आने वाले समय में यह संस्थान जनहित के कार्यों में और विस्तार करेगा. वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि हमने वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य रखा है. आपकी पीढ़ी के द्वारा किए गए कार्य इस राष्ट्रीय संकल्प को सिद्ध करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे. आपको वंचित वर्गों की सेवा के कार्य को प्राथमिकता देनी है. जो लोग साधन सम्पन्न होते हैं उनके पास अनेक विकल्प हो सकते हैं. लेकिन वंचित वर्ग के लोगों की आशाएं आप पर ही टिकी होती हैं. इसलिए मेरी आपको सलाह है कि सभी लोगों की, विशेषकर असहाय लोगों की, सेवा में आप हमेशा तत्पर रहें. कुछ नया सीखने की भावना विद्यार्थी जीवन से पेशेवर जीवन में कदम रखना एक महत्वपूर्ण बदलाव है. लेकिन आप अपने ज्ञान को बढ़ाते रहने का उत्साह हमेशा बनाए रखें. हमेशा कुछ नया सीखने की भावना आपके लिए लाभदायक होगी. अपने कौशल … Read more

LAC पर सामान्य होने लगे हालात, सेनाओं का डिसइंगेजमेंट शुरू, 4-5 दिनों में पेट्रोलिंग शुरू होने की उम्मीद

नई दिल्ली भारत और चीन के बीच हुए समझौते के बाद पूर्वी लद्दाख में हालात बेहतर हुए हैं। दोनों देशों की सेनाएं पीछे हटने लगी हैं। देपसांग और डेमचॉक में स्थानीय कमांडर स्तर की मीटिंग 22 अक्टूबर यानी मंगलवार से शुरू हुई थी। इस मीटिंग में दोनों देशों के बीच सहमति बनी और अब सेनाएं पीछे हटने लगी हैं। बुधवार को डेमचॉक में दोनों तरफ से एक-एक टेंट हटाया गया। गुरुवार को भी कुछ टेंपरेरी स्ट्रक्चर भी तोड़े गए हैं। आज सुबह तक लगभग 40 प्रतिशत डिसइंगेजमेंट हो चुका है, चीनी सेना और भारतीय सेना की ओर से अस्थायी संरचना और बेस हटा दिए गए हैं। आज दोनों पक्ष डेमचोक और देपसांग में फिजिकल वेरिफिकेशन और हवाई रिकॉर्डिंग कर सकते हैं। यही वह जगह है, जहां टकराव हुआ था। चीनी और भारतीय सेना के दो कमांडरों के बीच हॉटलाइन वार्ता हुई, जिसमें पीछे हटने की प्रक्रिया के बारे में चर्चा हुई। इसके बाद स्थान की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई और डेमचोक और देसांग में शांति और सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया गया।डेमचॉक में भारतीय सैनिक चार्डिंग नाले के पश्चिम की तरफ पीछे की ओर जा रहे हैं और चीनी सैनिक नाले के दूसरी तरफ यानी पूरब की तरफ वापस जा रहे हैं। दोनों तरफ से करीब 10-12 टेंपरेरी स्ट्रक्चर बने हैं और दोनों तरफ से करीब 12- 12 टेंट लगे हैं, जो हटने हैं। 4-5 दिनों में पेट्रोलिंग शुरू होने की उम्मीद देपसांग में चीनी सेना के टेंट नहीं हैं, लेकिन उन्होंने गाड़ियों के बीच में तिरपाल लगाकर टेंपरेरी शेल्टर बनाए हैं। गुरुवार को यहां से भी चीनी सैनिकों ने अपनी कुछ गाड़ियां कम की हैं। भारतीय सेना ने भी कुछ सैनिकों की संख्या गुरुवार को यहां से कम की। ये प्रक्रिया पूरी होने के बाद देपसांग और डेमचॉक में अगले 4-5 दिनों में पेट्रोलिंग शुरू होने की उम्मीद है। बैठक में तय किया गया है कि दोनों पक्षों के स्थानीय कमांडर आगे के घटनाक्रम और एलएसी पर शांति बनाए रखने के लिए दिन में दो बार बातचीत करेंगे। गलवान और अन्य 3 बफर जोन या ऐसे क्षेत्र पर कोई और अपडेट नहीं है, जहां अभी तक पेट्रोलिंग नहीं हुई है। कोर कमांडर स्तर की वार्ता जल्द ही होगी, लेकिन समय तय नहीं हुआ है। रक्षामंत्री बोले- देर-सवेर समाधान निकलेगा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चाणक्य डिफेंस डायलॉग के मंच पर चीन के साथ LAC पर बने तनाव पर कहा कि भारत और चीन बॉर्डर एरिया LAC के कुछ क्षेत्रों में अपने मतभेदों को सुलझाने के लिए कूटनीतिक और सैन्य स्तरों पर बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत से समान और पारस्परिक सुरक्षा के सिद्धांतों के आधार पर जमीनी स्थिति को बहाल करने के लिए सहमति बन गई है। राजनाथ ने कहा कि भारत और चीन के बीच अपने मतभेदों को सुलझाने के लिए बातचीत चल रही है। बातचीत के बाद, समान और पारस्परिक सुरक्षा के सिद्धांतों के आधार पर जमीनी स्थिति को बहाल करने के लिए सहमति बनी है। पारंपरिक क्षेत्रों में गश्त और आसपास के पशुपालकों के पशुओं की चराई भी सहमति के बिंदुओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि बातचीत जारी रहने से देर-सवेर इस मुद्दे पर समाधान जरूर निकलेगा। पीछे हट रहे हैं दोनों देशों के सैनिक डेमचौक में, भारतीय सैनिक चार्डिंग नाला के पश्चिमी हिस्से की ओर पीछे हट रहे हैं तो चीनी सैनिक नाला के पूर्वी हिस्से की ओर पीछे हट रहे हैं.  दोनों तरफ करीब 10 से 12 अस्थायी ढांचे और करीब 12 तंबू बने हुए हैं जिन्हें हटाने की तैयारी है. उधर देपसांग में चीनी सेना के पास टेंट नहीं हैं, लेकिन उन्होंने गाड़ियों के बीच तिरपाल का इस्तेमाल कर अस्थायी आश्रय स्थल बनाए हैं. देपसांग में अब तक आधे ढांचे हटाए जा चुके है. चीनी सेना ने इलाके में अपने वाहनों की संख्या कम कर दी और भारतीय सेना ने भी वहां से कुछ सैनिक कम कर दिए. ढांचे हटने के बाद शुरू होगी 22वें राउंड की वार्ता आपको बता दें कि प्रत्येक सुबह, दोनों देशों के स्थानीय सैन्य कमांडर दिन के लिए नियोजित कार्यों पर चर्चा करने के लिए हॉटलाइन कॉल करते हैं. वे प्रतिदिन एक या दो बार तयशुदा प्वॉईंट पर मिलते हैं. गलवान सहित चार बफर जोन पर चर्चा अभी तक नहीं हुई है. एक बार जब डेमचोक और देपसांग में गश्त फिर से शुरू हो जाती है और विश्वास स्थापित हो जाता है, तो कोर कमांडर-स्तरीय वार्ता बफर जोन में गश्त फिर से शुरू करने पर केंद्रित होगी. डेमचोक और देपसांग मैदानों से अस्थायी ढांचों को पूरी तरह से हटाने और गश्त फिर से शुरू होने के बाद कोर कमांडर स्तर की 22वें दौर की वार्ता की उम्मीद है. इन उच्च-स्तरीय चर्चाओं के लिए अभी तक कोई तारीख तय नहीं की गई है. राजनयिक सफलता विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि भारत और चीन ने टकराव वाली जगहों पर गश्त फिर से शुरू करने के एक सफल समझौते पर पहुंच गए हैं. यह समझौता गहन कूटनीतिक प्रयासों और सैन्य कमांडरों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद हुआ था.  ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक से इस सफलता को और बल मिला. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान, दोनों नेताओं ने सीमा पर शांति के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की, और आगे की वृद्धि को रोकने के लिए मौजूदा तंत्रों के माध्यम से संचार बनाए रखने की आवश्यकता को रेखांकित किया. मोदी और शी के बीच बैठक को टकरान कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा गया. recent visitors 79