बीजेपी बुधनी सीट पर शिवराज सिंह की लोकप्रियता को भुनाने मामा के करीबी पर दांव लगा सकती है

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार शिवराज सिंह चौहान फिर से चर्चा में हैं। शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की राजनीति को छोड़कर केंद्र की राजनीति में एक्टिव हैं। मोदी कैबिनेट में वह कृषि और ग्रामीण पंचायत जैसे अहम विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हालांकि इन सबसे बीच मध्य प्रदेश में एक बार फिर से उन्हें सियासी चेहरा बनाने की तैयारी चल रही है। दरअसल, बुधनी विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है। उपचुनाव के लिए तारीखों की घोषणा हो चुकी है। बुधनी विधानसभा सीट शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। बुधनी विधानसभा सीट से शिवराज सिंह चौहान लगातार पांच बार विधायक रहे हैं। 2006 के बाद यह पहला मौका है जब बुधनी विधानसभा सीट पर विधानसभा के चुनाव हो रहे हों और शिवराज सिंह चौहान उम्मीदवार नहीं हों। ऐसे में बीजेपी इस सीट पर शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता को भुनाने के लिए किसी ऐसे उम्मीदवार पर दांव लगा सकती है जो शिवराज का करीबी माना जाता हो। बुधनी में तीसरी बार हो रहे हैं उपचुनाव बुधनी विधानसभा सीट पर तीसरी बार उपचुनाव हो रहे हैं। इससे पहले हुए दो उपचुनावों में बीजेपी की जीत हुई थी। तीनों उपचुनावों में शिवराज सिंह चौहान से कनेक्शन है। बुधनी विधानसभा सीट पर पहली बार 1992 में हुआ था। 1990 में शिवराज सिंह चौहान इस सीट से विधायक बने थे। 1992 में लोकसभा के चुनाव हुए थे। विदिशा सीट से अटल बिहारी वाजपेयी ने चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी। अटल बिहारी वाजपेयी दो सीटों से चुनाव जीते थे बाद में उन्होंने विदिशा की सीट से इस्तीफा दे दिया था। बीजेपी ने शिवराज सिंह चौहान को लोकसभा का टिकट दिया था। लोकसभा जीतने के बाद शिवराज ने बुधनी विधानसभा सीट से इस्तीफा दिया था। इस चुनाव में बीजेपी के मोहनलाल शिशिर चुनाव जीते थे। इसके बाद बुधनी विधानसभा सीट पर 2006 में उपचुनाव हुए थे। तब बीजेपी विधायक ने शिवराज सिंह चौहान के लिए यह सीट खाली की थी। बीजेपी ने उन्हें राज्य का सीएम बनाया था। सीएम बनने के बाद शिवराज इस उपचुनाव में जीते उसके बाद पांच विधानसभा चुनावों में लगातार यहां से चुनाव जीतते रहे। अब एक बार फिर इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है क्योंकि शिवराज सिंह चौहान ने विधायकी से इस्तीफा दे दिया है। क्या बेटे को मिल सकता है टिकट? 2023 के विधानसभा चुनाव में शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी विधानसभा सीट पर 1 लाख से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की है। अब बीजेपी के सामने चुनौती है कि बीजेपी इस रेकॉर्ड को बरकरार रखे। ऐसे में उनके बेटे कार्तिकेय के भी चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हैं। इस सीट पर उम्मीदवार कोई भी हो प्रतिष्ठा शिवराज सिंह चौहान की ही दांव पर लगी होगी। ऐसे में बीजेपी शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता को भुनाने के लिए एक नेता को टिकट दे सकती है जिससे जनता के बीच यह मैसेज जाए कि शिवराज सिंह चौहान की टिकट बंटवारे में उपेक्षा नहीं हुई है। शिवराज सिंह चौहान के मैदान में नहीं होने से कांग्रेस भी अपनी सियासी रणनीति को धार देने में जुटी है। बीजेपी का गढ़ है यह सीट शिवराज सिंह चौहान के कारण बुधनी विधानसभा सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है। इस सीट पर कांग्रेस को आखिरी बार 1998 में जीत मिली थी। तब कांग्रेस के देवेन्द्र पटेल में चुनाव जीता था। उसके बाद से कांग्रेस यहां से चुनाव नहीं जीत पाई है। इस बार कांग्रेस इस सीट को जीतने के लिए विशेष रणनीति बना रही है।   recent visitors 67

हरिद्वार में डीएम के आदेश पर तोड़ी गई अवैध धार्मिक संरचना, सिंचाई विभाग की जमीन पर था कब्जा

हरिद्वा हरिद्वार के रानीपुर कोतवाली में टिहरी बांध परियोजना पुनर्निवास मंडल ऋषिकेश सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध रूप से मजार नुमा धार्मिक संरचना बनाया गया था. जिसे शनिवार को डीएम के आदेश पर गिरा दिया गया. जिस वक्त मजार नुमा अवैध इमारत को गिराया, उस वक्त बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात थी. साथ ही मौके पर विभाग के बड़े अधिकारी भी मौजूद थे. अवैध मजार नुमा धार्मिक संरचना को गिराए जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें देखा जा सकता है कि बुलडोजर इमारत को तोड़ रहा है. जबकि आसपास पुलिस फोर्स भी तैनात है. अवैध मजार नुमा संरचना को गिराने का आदेश डीएम हरिद्वार कर्मेन्द्र सिंह की तरफ से दिया गया है. आदेश के बाद एसडीएम अजयवीर सिंह ने नेतृत्व में अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई है. आपको बता दें कि देश में बुलडोजर एक्शन चर्चा में है. सुप्रीम कोर्ट में इस केस की चार बार सुनवाई हो चुकी है. अब फैसला आने की बारी है. इन चार सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने काफी कुछ साफ कर दिया है और बुलडोजर एक्शन को लेकर टिप्पणियों के जरिए लकीर खींच दी है. जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने कहा, फैसला आने तक किसी दोषी या आरोपी की संपत्तियां गिराने पर रोक जारी रहेगी. यह आदेश उन मामलों में लागू नहीं होगा, जहां अनधिकृत निर्माण हटाने के लिए ऐसी ध्वस्तीकरण कार्रवाई की जरूरत है. यानी सार्वजनिक संपत्तियों पर कब्जे मामलों में बुलडोजर एक्शन जारी रहेगा. इस तरह की कार्रवाई प्रभावित नहीं होगी. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि प्रभावित होने वाले व्यक्तियों की सूचना के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल होना चाहिए. साथ ही उस कार्रवाई की वीडियोग्राफी करानी चाहिए. SC ने बुलडोजर एक्शन को लेकर गाइडलाइन बनाने के भी निर्देश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट का साफ कहना था कि किसी केस में कोई आरोपी हो या दोषी… उसके घर या संपत्ति में तोड़फोड़ नहीं की जा सकती है. यानी आरोपी या दोषी होना बुलडोजर चलाने का आधार नहीं हो सकता है. इतना ही नहीं, अवैध निर्माण साबित होने पर भी वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए. यानी तुरंत बुलडोजर लेकर पहुंचना और तोड़फोड़ करना संवैधानिक नहीं है. recent visitors 87

प्रदेश की 1400 ग्राम पंचायतों में जल्द बनेंगे कार्यालय भवन, गांवों में सामुदायिक भवनों का भी निर्माण कराएगी सरकार

भोपाल  नगरीय निकायों की तर्ज पर अब ग्राम पंचायतों के सरपंचों के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव तीन चौथाई बहुमत से पास करने पर तीन साल बाद लाने का प्रविधान लाया जाएगा। रोजगार सहायक एवं सचिव की एसीआर लिखने का अधिकार सरपंच को दिए गए हैं। इसमें ग्राम रोजगार सहायक के मूल्यांकन प्रपत्र का स्वीकारकर्ता सरपंच को बनाया गया है। पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 22 के अंतर्गत सरपंचों को जनपद पंचायत में रोस्टर के हिसाब से 20% प्रतिवर्ष बुलाए जाने के प्रविधान का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये है। यह बात प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मीडिया से चर्चा में कही। 1400 ग्राम पंचायत भवन बनेंगे मंत्री पटेल ने बताया कि भवन विहीन ग्राम पंचायतों के लिए 1400 ग्राम पंचायत भवनों की स्वीकृति प्रथम चरण में जारी की जा रही है। मंत्री ने कहा कि स्थानीय ग्रामीण समुदाय के लिए सामुदायिक भवनों का निर्माण भी चरणबद्ध रूप से किया जाएगा। महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत श्रम सामग्री (60:40) का अनुपात अभी तक जिला स्तर पर संधारित किया जाता था। अब इसको जनपद स्तर पर संधारित किया जाएगा। सहायक यंत्री को तकनीकी स्वीकृति जारी करने के अधिकार की सीमा 15 लाख रुपये से बढ़कर 25 लाख की गई है। तकनीकी स्वीकृति सहायक यंत्री को अधिकृत किया जा चुका है। झूठी शिकायत करने वालों पर होगी कार्रवाई मंत्री पटेल ने यह भी कहा कि मनरेगा योजना अंतर्गत कपिलधारा की इकाई लागत राशि तथा पेयजल के लिए बनाने वाले सामुदायिक कूप की लागत राशि में अंतर है। इसको युक्तियुक्त करने का अनुरोध किया गया है, इस पर विचार किया जाएगा। पंचायत राज ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 का दुरुपयोग सरपंच के विरुद्ध ना हो इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे। सीएम हेल्पलाइन 181 पर झूठी शिकायत दर्ज कराने वाले तथा आदतन शिकायतकर्ता के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए लोक सेवा प्रबंधन विभाग से कहा गया है। श्रमोदय आदर्श आईटीआई का श्रम मंत्री पटेल ने किया अवलोकन मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शुक्रवार को भोपाल स्थित श्रमोदय आदर्श आइटीआइ का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान के विभिन्न ट्रेड्स की कक्षाओं का निरीक्षण किया और छात्रों के साथ बातचीत भी की। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाएं छात्रों को उद्योग की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं और उन्हें एक प्रतिस्पर्धी माहौल में सफल होने के लिए सशक्त बनाती हैं। मंत्री पटेल ने आइटीआइ में प्रदेश के बलाघाट, छतरपुर, छिंदवाडा, बैतूल, भिंड ग्वालियर, पन्ना व अन्य जिलों से आए अध्ययनरत छात्रों से बातचीत की, जहां उन्होंने छात्रों से उनके ट्रेड्स के अध्ययन और तकनीकी प्रशिक्षण के अनुभव के बारे में विस्तार से चर्चा की। पटेल ने छात्रों से उनके विषयों से संबंधित प्रश्न भी पूछे कि उद्योग जगत में अपनी योग्यता को लेकर छात्र कितने आश्वस्त महसूस करते हैं। recent visitors 66

3 आरोपी गिरफ्तार, छत्तीसगढ़-रायपुर अंतरराज्यीय बस स्टैंड में 8 करोड़ का सोना जब्त

रायपुर. पुलिस ने आकस्मिक चेंकिग के दौरान अंतरराज्यीय बस स्टैंड भाठागांव रायपुर में लगभग 12 किलो 800 ग्राम सोना मिला है। इसकी कीमत आठ करोड़ रुपये बताया जा रहा है। मामले में पुलिस ने तीनों तस्करों को गिरफ्तार किया है। पूरा मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र का है। बता दें कि पुलिस ने आकस्मिक चेंकिग के दौरान बस स्टैंड भाठागांव रायपुर में तीन तस्करों से लगभग 12 किलो 800 ग्राम सोना मिला  है। इसकी कीमत आठ करोड़ रुपये बताया जा रहा है। मामले में पुलिस ने तीनों तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस बस स्टैंड भाठागांव में आकस्मिक चेकिंग किया। चेकिंग दौरान बस स्टैंड में यात्री लिंगराज नायक, हितेश तांडी और शुभम पात्रों के बैंगो की चेकिंग की। इस दौरान पुलिस को 12 किलो 800 ग्राम का सोना मिला। इस मौके पर पुलिस ने तीनों से सोने के संबंध में पूछताछ की। इस पर तीनों ने गोल-मटोल जवाब देने लगे। पुलिस ने सोने के संबंध में वैध दस्तावेज की मांग की। इस पर किसी प्रकार का कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं दिया गया। जिसके कारण बरामद सोने की सामग्री को सीललबंद कर अग्रिम कार्यवाही के लिए आयकर विभाग को सौपी गई है। पुलिस ने 12 किलो 800 ग्राम का सोना जब्त कर लिया है। इसकी कीमती आठ करोड़ रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपी – 0- लिंगराज नायक 34 साल, निवासी थाना तेलीबांधा रायपुर 0- हितेश तांडी 27 साल, निवासी थाना तेलीबांधा रायपुर 0- शुभम पात्रों 28 साल, निवासी थाना टिकरापारा रायपुर recent visitors 83

मुरैना में पटाखा फैक्ट्री में धमाका, फैक्ट्री हुई धराशाई, मकान गिरे, 5 मकानों में आई दरार

मुरैना  मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जहां एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री पूरी तरह से धराशाई हो गई। वहीं आस-पास के 4 से 5 मकानों में भी दरारें आ गई। बताया जा रहा है कि हादसे में की लोगों के दबे होने की आशंका है। धमाके के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। फिलहाल, राहत कार्य जारी है और मलबा हटाने का काम किया जा रहा है।जहां एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री पूरी तरह से धराशाई हो गई। वहीं आस-पास के 4 से 5 मकानों में भी दरारें आ गई। बताया जा रहा है कि हादसे में की लोगों के दबे होने की आशंका है। धमाके के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। फिलहाल, राहत कार्य जारी है और मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। विस्फोट में मकान के मलबे में दो लोगों के दबे होने की आशंका है। पुलिस व नगरनिगम का अमला रेस्क्यू करने में लगा हुआ है। अभी यह भी साफ नहीं हुआ है कि विस्फोट किस वजह से हुआ है। हालांकि मोहल्ले के कुछ लोगाें का कहना था सिलेण्डर में विस्फोट हुआ है। लेकिन कुछ लोगाें का कहना है कि मकान में पटाखे बनाए जाते थे और उन्हें स्टोर कर रखा हुआ था। उनमें आग लगने से विस्फोट हुआ। घटनाक्रम के मुताबिक इस्लामपुरा में रहने वाले गजराज राठौर के मकान में शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे विस्फोट हो गया। जिससे मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। गजराज के बगल के दोनो घर व पीछे बना घर भी क्षतिग्रस्त हो गया। कुछ लोगाें का कहना है कि मकान गैस सिलेण्डर में आग लगने से विस्फोट हुआ है तो लोगों का यह भी कहना था कि गजराज सिंह पटाखे बनाने व स्टोर करने का काम करता था। पटाखों में आग लगने की वजह से विस्फोट हुआ। जिससे मकान क्षतिग्रस्त हो गए। महिला व एक बच्चे सहित कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका विस्फोट के बाद मकान के मलबे में महिला व एक बच्चे सहित और भी लोगों के दबे होने की आशंका है। पुलिस व नगरनिगम के कर्मचारी मलबे को हटाकर दबे हुए लोगों को निकालने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि खबर लिखे जाने तक मलबे से किसी को भी निकाला नहीं जा सका था। प्रशासन ने एसडीआरएफ को भी बुलाया है जिससे रेस्क्यू आपरेशन में तेजी लाया जा सके। धमाका इतना तेज कि कांप गया मोहल्ला, मकानों में आई दरार इस्लामपुरा में मकान के धमाका इतना तेज था कि पूरा मोहल्ला कांप गया। लोगाें का कहना था कि धमाका इतना तेज था कि लगा जैसे भूकंप आ गया हो। कई मकानों में धमाके की वजह से दरारें भी आ गई हैं। पहले भी इस्लामपुरा में हो चुके हैं विस्फोट पहले भी इस्लामपुरा में आतिशबाजी में विस्फोट होने की कई घटनाएं हो चुकी है। जिसमें आतिशबाजी बनाने वाले लोग न केवल जल गए थे, बल्कि मकान के मलबे में भी दब गए थे। इसके बाद भी इस्लामपुरा में पटाखे बनाने का काम लगातार जारी रहा। recent visitors 92

भारतीय सड़क कांग्रेस भोपाल में सड़क और पुल निर्माण की नवीन तकनीकों पर मंथन, CM मोहन यादव और नितिन गडकरी ने किया शुभारंभ

भोपाल केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी और सीएम मोहन यादव ने शनिवार, 19 अक्टूबर को भोपाल के विकास का विजन साझा किया। इस दौरान उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी और सुंदरलाल पटवा से जुड़ा रोचक किस्सा सुनाते हुए कहा कैसे उनके एक निर्णय से देश 6 लाख गांवों में क्रांतिकारी बदलाव आया है। भोपाल के रवींद्र भवन में सड़क और पुल निर्माण की नवीन तकनीकों पर आधारित दो दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया है। इसके शुभारंभ समारोह में केंद्रीय मंत्री गड़करी ने कहा, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क वाला देश है। यहां 16 लाख किलोमीटर सड़कों बड़ा नेटवर्क है। सेमिनार में सड़क और पुल निर्माण की नई तकनीक, सामग्री और एग्रीमेंट प्रोसेस से जुड़े पहलुओं पर एक्सपर्ट्स अपने अनुभव और सुझाव साझा कर रहे हैं। यहां एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसमें सड़क और पुल निर्माण में लगने वाली नई मशीनरी समेत अन्य सामग्री का प्रदर्शित की गई हैं। सेमिनार में विभिन्न तकनीकी-सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें देशभर से आए हुए विशेषज्ञ नई तकनीकों, निर्माण सामग्रियों और ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) एग्रीमेंट प्रक्रिया की चुनौतियों पर अपने विचार रखेंगे। लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने कहा- लोक निर्माण से लोक कल्याण हमारी टैगलाइन है, जिसका उद्देश्य केवल संरचनाओं का निर्माण करना भर नहीं है बल्कि ऐसी परियोजनाओं का विकास करना है जो समाज के सतत विकास में अपना योगदान दें। इसलिए हमारा लक्ष्य है कि भविष्य की सभी परियोजनाएं, इफेक्टिव मैनेजमेंट, कम लागत और समयबद्ध कार्य की दृष्टि से आदर्श बने। मुख्यमंत्री यादव ने कहा है कि इस दो दिवसीय सेमिनार से मध्य प्रदेश के अवसंरचना विकास को नई ऊर्जा मिलेगी और यह आयोजन राज्य की निर्माण परियोजनाओं में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। सेमिनार में विभिन्न तकनीकी-सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें देशभर से आए हुए विशेषज्ञ नई तकनीकों, निर्माण सामग्रियों और ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) अनुबंध निष्पादन की चुनौतियों पर अपने विचार रखेंगे। सेमिनार में लोक निर्माणमंत्री राकेश सिंह सहित अन्य विशिष्टजन उपस्थित रहेंगे। पहले दिन प्रमुख चर्चा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नई तकनीकों का कार्यान्वयन, पुल निर्माण में नई मशीनरी का उपयोग और सड़क निर्माण में उपयोग होने वाली नई सामग्रियों पर फोकस रहेगा। सड़क सुरक्षा, परियोजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए आईटी तकनीकों का उपयोग और सीमांत सामग्रियों के उपयोग पर भी गहन मंथन किया जाएगा। आखिरी दिन रविवार को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) अनुबंधों की संरचना शेड्यूलिंग, अनुबंध निष्पादन में ठेकेदारों की भूमिका और सहायक अभियंताओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा होगी। इसमें अनुबंधों से जुड़े विवादों और चुनौतियों के समाधान पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। समापन सत्र में विभिन्न विशेषज्ञ और प्रतिनिधि पैनल चर्चा के माध्यम से सड़क और पुल निर्माण में नई तकनीकों के उपयोग पर अपने विचार रखेंगे। सेमिनार का उद्देश्य प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण की गुणवत्ता को बढ़ाने और नवीनतम तकनीकों से समयबद्ध और टिकाऊ अवसंरचना का विकास सुनिश्चित करना है। recent visitors 81

दीपावली से पहले अक्टूबर महीने की सैलरी दिए जाने की कर्मचारियों की मांग हुई मंजूर…

इंदौर मध्यप्रदेश में विभिन्न कर्मचारी संगठन दीपावली से पहले अक्टूबर महीने की सैलरी देने की मांग कर रहे हैं और इसी बीच इंदौर में बिजली कंपनी ने कर्मचारियों की इस मांग को मानते हुए दिवाली से पहले कर्मचारी-अधिकारियों को सैलरी देने का फैसला लिया है। बिजली कंपनी के इस फैसले से बिजली कंपनी के कर्मचारियों और अधिकारियों में खुशी की लहर है और अब वे अपनी दिवाली खुलकर मना पाएंगे। मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी कर्मचारियों, अधिकारियों को दीपावली के त्योहार से पूर्व माह अक्टूबर का वेतन भुगतान करेगी। कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक प्रकाश सिंह चौहान ने बताया कि प्रबंध निदेशक रजनी सिंह के निर्देशानुसार केंद्रीय कार्मिक दावा प्रकोष्ठ, मुख्य अभियंता इंदौर क्षेत्र, मुख्य अभियंता उज्जैन क्षेत्र द्वारा अक्टूबर के वेतन दीपावली त्योहार के मद्देजर जारी माह के दौरान ही देने का निर्देश दिया गया है। बिजली कंपनी के इस फैसले से कंपनी के करीब 7 हजार नियमित कर्मचारी व 17 हजार से ज्यादा आउटसोर्स कर्मचारियों में खुशी की लहर है। दीपावली से पहले मिलने वाली अक्टूबर महीने की सैलरी से अब वो दीपावली का त्यौहार खुशी-खुशी मना पाएंगे और इस फैसले के लिए कर्मचारियों ने कंपनी का धन्यवाद भी दिया है। दीपावली से पहले करें कर्मचारियों का वेतन भुगतान नवदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। नगर निगम भोपाल सेवा निवृत्त अधिकारी, कर्मचारी कल्याण समिति ने नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायन से दीपावली से पहले वेतन और पेंशन भुगतान करने की मांग की है। समिति के सचिव राम सिंह राठौर ने बताया कि दीपावली का त्योहार सभी धर्म के लोग हर्षाेल्लास के साथ मनाते हैं। इसमें खर्च भी अधिक होता है। ऐसे में सभी पेंशनरों, कर्मचारियों को उनकी देय आगामी पेंशन, वेतन का भुगतान 28 अक्टूबर तक कर दी जाए। recent visitors 71