हरियाणा विधानसभा के चुनाव परिणाम के मायावती बोली अब कभी किसी भी दल के साथ बसपा गठबंधन नहीं करेगी

नई दिल्ली  बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने शुक्रवार को गठबंधन को लेकर बड़ा निर्णय लिया। बसपा प्रमुख ने सोशल मीडिया पर इस बात के संकेत दिए हैं कि उनकी पार्टी अब भविष्य किसी दल के साथ गठबंधन नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा विधानसभा के चुनाव परिणाम और इससे पहले पंजाब चुनाव के कड़वे अनुभव के मद्देनजर क्षेत्रीय पार्टियों से भी अब आगे गठबंधन नहीं होगा। जबकि, एनडीए और इंडिया गठबंधन से दूरी पहले की तरह ही जारी रहेगी। मायावती ने सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। बसपा चीफ मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”यूपी सहित दूसरे राज्यों के चुनाव में भी बीएसपी का वोट गठबंधन की पार्टी को ट्रांसफर हो जाने, किंतु उनका वोट बीएसपी को ट्रांसफर कराने की क्षमता उनमें नहीं होने के कारण अपेक्षित चुनाव परिणाम नहीं मिलने से पार्टी कैडर को निराशा और उससे होने वाले मूवमेंट की हानि को बचाना जरूरी है। इसी संदर्भ में हरियाणा विधानसभा के चुनाव परिणाम और इससे पहले पंजाब चुनाव के कड़वे अनुभव के मद्देनजर आज हरियाणा और पंजाब की समीक्षा बैठक में क्षेत्रीय पार्टियों से भी अब आगे गठबंधन नहीं करने का निर्णय लिया गया है, जबकि भाजपा/एनडीए और कांग्रेस/इंडिया गठबंधन से दूरी पहले की तरह ही जारी रहेगी।” एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, ”देश की एकमात्र प्रतिष्ठित अम्बेडकरवादी पार्टी बीएसपी और उसके आत्म-सम्मान एवं स्वाभिमान मूवमेंट के कारवां को हर प्रकार से कमजोर करने की चौतरफा जातिवादी कोशिशें लगातार जारी हैं, जिस क्रम में अपना उद्धार स्वयं करने योग्य व शासक वर्ग बनने की प्रक्रिया पहले की तरह ही जारी रखनी जरूरी।” आखिर में मायावती ने लिखा, ”बीएसपी विभिन्न पार्टियों/संगठनों व उनके स्वार्थी नेताओं को जोड़ने के लिए नहीं, बल्कि ’बहुजन समाज’ के विभिन्न अंगों को आपसी भाईचारा और सहयोग के बल पर संगठित होकर राजनीतिक शक्ति बनाने और उनको शासक वर्ग बनाने का आंदोलन है, जिसे अब इधर-उधर में ध्यान भटकाना अति-हानिकारक।” बता दें कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी) के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था। जहां भाजपा 48, कांग्रेस ने 37 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं, बसपा अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी। हालांकि, इनेलो ने बसपा के साथ मिलकर दो सीटों पर जीत हासिल की। बसपा को कुल 1.82 फीसदी वोट हासिल हुए हैं।     recent visitors 108

शांति के नोबेल पुरस्कार का ऐलान, जाने क्या-क्या मिलता है, क्या काम करने पर दिया

स्टॉकहोम  साल 2024 का शांति का नोबेल जापान के संगठन निहोन हिदान्क्यो को मिला है। नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने शुक्रवार को इसका ऐलान करते हुए कहा कि इस साल का नोबेल पीस प्राइज जापानी संगठन निहोन हिदान्क्यो को देने का फैसला लिया गया है। संगठन को ये पुरस्कार परमाणु हथियारों के खिलाफ लंबी मुहिम चलाने के लिए दिया जा रहा है। संगठन ने दुनिया को परमाणु मुक्त करने के लिए वर्षों से संघर्ष किया है। जापान के इस संगठन को उन लोगों ने बनाया है, जो दूसरे विश्व युद्ध में हिरोशिमा और नागासाकी पर हुए परमाणु हमले में जिंदा बच गए थे। इनको हिबाकुशा भी बुलाया जाता है। नॉर्वे नोबेल समिति के अध्यक्ष जॉर्गन वात्ने फ्रिदनेस ने शुक्रवार को पुरस्कार की घोषणा करते हुए कहा, दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जापान के हिरोशिमा और नागासाकी के परमाणु बम से बचे लोगों के इस जमीनी स्तर के आंदोलन को परमाणु हथियारों से मुक्त दुनिया हासिल करने के प्रयासों और गवाहों के माध्यम से यह प्रदर्शित करने के लिए शांति पुरस्कार मिल रहा है कि परमाणु हथियारों का इस्तेमाल दोबारा कभी नहीं किया जाना चाहिए। समिति ने कहा- परमाणु हथियारों के खतरे को समझना होगा नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने कहा कि निहोन हिदान्क्यो को इस साल का नोबेल पीस प्राइज देने पर हम इस उत्साहजनक तथ्य को स्वीकार करते हैं कि बीते 80 वर्षों में किसी भी युद्ध में परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं किया गया है। निहोन हिदान्क्यो और हिबाकुशा के अन्य प्रतिनिधियों के असाधारण प्रयासों ने परमाणु निषेध की स्थापना में बहुत योगदान दिया है। समिति ने संगठन के प्रयासों की इसलिए भी तारीफ की है क्योंकि आज परमाणु हथियारों की होड़ बढ़ी है। परमाणु शक्तियां अपने शस्त्रागारों को अपग्रेड रही हैं। ऐसा लगता है कि नए देश परमाणु हथियार हासिल करने की तैयारी कर रहे हैं। मानव इतिहास के इस क्षण में हमें यह याद दिलाना जरूरी है कि परमाणु हथियार दुनिया में अब तक देखे गए सबसे विनाशकारी हथियार हैं। नोबेल कमेटी ने कहा कि एक दिन परमाणु हमले को झेलने वाले लोग हमारे पास नहीं रहेंगे लेकिन जापान की नई पीढ़ी उनकी याद और अनुभवों को दुनिया के साथ साझा करती रहेगी। ये लोग दुनिया को ये बताते रहेंगे कि परमाणु हथियार कितने खतरनाक हैं और क्यों इनके खत्म हो जाने में ही सबकी भलाई है। बता दें कि नॉर्वेजियन नोबेल समिति को इस साल के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए कुल 286 आवेदन मिले थे, जिसमें से 89 संगठन थे। recent visitors 126

दुर्घटना के दूसरे दिन ही मलबे के साथ मिल गए थे दो सदस्यों के पार्थिव अवशेष

नई दिल्ली अरब सागर में पिछले माह गिरकर डूबे भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) ध्रुव के लापता पायलट इन कमांड का पार्थिव शरीर पोरबंदर से लगभग 55 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में समुद्र से बरामद कर लिया गया है। दुर्घटना के दूसरे दिन ही हेलीकॉप्टर का मलबा मिलने के साथ चालक दल के दो सदस्यों के पार्थिव अवशेष समुद्र से बरामद किए गए थे। अब चालक दल के तीसरे सदस्य के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार आईसीजी की परंपराओं और सम्मान के अनुसार किया जाएगा। गुजरात में चक्रवाती मौसम के दौरान बिगड़े हालात में मोटर टैंकर हरि लीला से गंभीर रूप से घायल चालक दल के सदस्य को निकालने के लिए आईसीजी के एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) मार्क-III ध्रुव को लगाया गया था। पिछले माह 2 सितंबर की रात लगभग 11.00 बजे मेडिकल निकासी मिशन पर निकले एएलएच हेलीकॉप्टर में दो पायलट और दो गोताखोर सवार थे। जब हेलीकॉप्टर निकासी के लिए पोत के पास पहुंच रहा था, उसी समय 11.15 बजे आपातकालीन लैंडिंग के दौरान हेलीकॉप्टर चालक दल समेत समुद्र में गिरकर डूब गया। इसके बाद चलाये गए सर्च ऑपरेशन के दौरान 03 सितम्बर को हेलीकॉप्टर का मलबा मिल गया और एक गोताखोर को जिंदा बरामद कर लिया गया। इसके बाद आईसीजी ने हेलीकॉप्टर के दोनों लापता पायलटों और एक गोताखोर की तलाश में 04 जहाजों और दो विमानों को लगाया। सर्च ऑपरेशन के दौरान दूसरे दिन ही हेलीकॉप्टर (फ्रेम संख्या सीजी 863) का मलबा बरामद होने के बाद चालक दल के दो सदस्यों कमांडेंट (जेजी) विपिन बाबू और प्रधान नाविक करण सिंह के शव मिल गए। इसके बाद आईसीजी ने अपने एएलएच ध्रुव बेड़े की सुरक्षा जांच के आदेश दिए और घटना की गहन जांच होने तक मल्टी मिशन हेलीकॉप्टरों की उड़ानों पर रोक लगा दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी से पता चला है कि तटरक्षक बल के पोरबंदर स्थित 835 स्क्वाड्रन का हेलीकॉप्टर समुद्र में नाक के बल (नोज ड्राइव) गिरा था। आईसीजी ने चालक दल के लापता तीसरे सदस्य की तलाश में व्यापक खोज और बचाव अभियान जारी रखा। आईसीजी के कमांडर अमित उनियाल ने बताया कि भारतीय नौसेना और अन्य हितधारकों के साथ लगातार सर्च ऑपरेशन का नतीजा रहा कि मिशन के पायलट इन कमांड कमांडेंट राकेश कुमार राणा का शव 10 अक्टूबर को पोरबंदर से लगभग 55 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में समुद्र से बरामद किया गया है। उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार आईसीजी की परंपराओं और सम्मान के अनुसार किया जाएगा। गुजरात में पोरबंदर के पास अरब सागर में दो सितंबर को ‘एएलएच एमके-III’ हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के बाद से चालक दल के तीन सदस्य लापता हो गए थे। हालांकि बाद में चालक दल के दो सदस्यों के शव तो मिल गए थे, लेकिन इस मिशन के पायलट राकेश कुमार राणा की तलाश जारी थी। तटरक्षक बल की ओर से जारी की गई एक विज्ञप्ति में बताया कि राणा का शव 10 अक्टूबर को पोरबंदर से लगभग 55 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में समुद्र में पाया गया। इसमें बताया गया, ‘‘तटरक्षक बल ने भारतीय नौसेना और अन्य हितधारकों के साथ मिशन के पायलट-इन-कमांड राकेश कुमार राणा का पता लगाने के लिए अथक प्रयास जारी रखे।’’ विज्ञप्ति में बताया गया है, ‘‘सेवा परम्पराओं और सम्मान के अनुसार ही उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा। भारतीय तटरक्षक बल के तीन बहादुर जवानों को सलाम, जिन्होंने अपना कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी।’’ इसमें बताया गया है कि भारतीय तटरक्षक का एक उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर दो सितंबर की रात को मोटर टैंकर ‘हरि लीला’ पर सवार चालक दल के एक घायल सदस्य को निकालने के प्रयास में अरब सागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें चालक दल के चार सदस्य सवार थे। विज्ञप्ति में बताया गया कि हेलीकॉप्टर पर सवार चालक दल चार सदस्यों में से एक गोताखोर गौतम कुमार को तुरंत बचा लिया गया था, जबकि तीन लापता हो गए थे। एक दिन बाद पायलट विपिन बाबू और गोताखोर करण सिंह का शव खोज लिया गया, लेकिन राणा को नहीं ढूंढा जा सका था। इसके बाद बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया।       recent visitors 71

अगर कोई गलत धारणा है, तो उसे बदलना होगा, अगर कोई भ्रम या बेकार का अहंकार है तो उसे खत्म करना होगा- सुरेश भैयाजी

जयपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के द्वारा विजयादशमी के मौके पर पथ संचालन का कार्यक्रम किया जाता है। इसकी तैयारी अंतिम चरण में है। जयपुर में भी इसको लेकर तैयारी हो रही है। त्रिवेणी नगर स्थित सामुदायिक केंद्र में स्वयंसेवक इकट्ठा हुए और इसका अभ्यास किया। इस दौरान आरएसएस नेता सुरेश भैयाजी जोशी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जाति व्यवस्था को लेकर बड़ी बात कही है। सुरेश भैयाजी ने कहा, "जाति का निर्धारण जन्म के आधार पर होता है। क्या कोई बता सकता है कि हरिद्वार किस जाति का है? क्या 12 ज्योतिर्लिंग किसी जाति के हैं? क्या देश के अलग-अलग हिस्सों में 51 शक्तिपीठ किसी जाति के हैं? जो लोग खुद को हिंदू मानते हैं और देश के सभी हिस्सों में रहते हैं । वे इन सभी को अपना मानते हैं। फिर विभाजन कहां है?'' उन्होंने आगे कहा, ''जिस तरह से राज्यों की सीमाएं हमारे बीच कोई विभाजन पैदा नहीं कर सकती हैं, उसी तरह जन्म के आधार पर मिलने वाली चीजें हमें विभाजित नहीं कर सकती हैं। अगर कोई गलत धारणा है, तो उसे बदलना होगा। अगर कोई भ्रम या बेकार का अहंकार है तो उसे खत्म करना होगा।" recent visitors 69

कप्तान रोहित शर्मा दूसरी बार बनने वाले हैं पिता? ऑस्ट्रेलिया में नहीं खेलेंगे टेस्ट मैच!

मुंबई भारत को इसी साल नवंबर से ऑस्ट्रेल‍िया के ख‍िलाफ 5 मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेलनी है, लेकिन इससे पहले भारतीय टीम को झटका लगा है. दरअसल, रोहित शर्मा इस सीरीज के शुरुआती दो मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए नहीं दिखेंगे. 2 टेस्ट मैच ना खेलने की वजह रोहित ने 'व्यक्त‍िगत कारण' बताई है, इस बारे में  BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर को 'हिटमैन' ने जानकारी दे दी है. खबरों के मुताब‍िक, रोहित बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 के शुरुआती दो मैचों से चूक सकते हैं. उन्होंने BCCI और चीफ सेलेक्टर को बताया कि वह कुछ व्यक्तिगत मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं और अगर यह हल नहीं हुआ तो वह पहले गेम से बाहर हो सकते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि अभी तक यह बोर्ड को सिर्फ सूचना है, उन्होंने यह नहीं कहा है कि वह उपलब्ध नहीं हैं. ऐसे में सेलेक्शन कमेटी और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड टीम की घोषणा करने से पहले रोहित की अंत‍िम पुष्ट‍ि का इंतजार करेंगे. भारतीय क्रिकेट टीम 22 नवंबर से ऑस्ट्रेलिया में पर्थ में शुरू होने वाली पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में हिस्सा लेगी और ऐसी संभावना है कि रोहित एडिलेड (6-10 दिसंबर) में होने वाले पहले या दूसरे मैच को छोड़ सकते हैं. बीसीसीआई के एक सूत्र ने नाम ना बताने की शर्त पर समाचार एजेंसी से कहा- इस स‍िचुएशन के बारे में अभी पूरी तरह से क्ल‍ियरटी नहीं है. ऐसा माना जा रहा है कि रोहित ने बीसीसीआई को सूचित किया है कि एक जरूरी निजी मामले के कारण उन्हें सीरीज की शुरुआत में होने वाले दो टेस्ट मैचों में से एक को छोड़ना पड़ सकता है. रोहित ने बीसीसीआई को बताया है कि अगर सीरीज की शुरुआत से पहले निजी मामला सुलझ जाता है, तो वह सभी पांच टेस्ट मैच खेल सकते हैं. हमें आने वाले दिनों में इस बारे में और जानकारी मिलेगी. 37 वर्षीय रोहित ने बांग्लादेश के खिलाफ दोनों घरेलू टेस्ट मैच खेले. वहीं अब वो 16 अक्टूबर से शुरू होने वाली तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए न्यूजीलैंड के ख‍िलाफ खेलते हुए दिखेंगे. रोहित नहीं खेले तो कौन बनेगा ओपनर, कौन कप्तान?   अगर रोहित ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट मैच नहीं खेल पाते हैं तो फॉर्म में चल रहे अभिमन्यु ईश्वरन उनके कवर के तौर पर खेल सकते हैं, हालांकि शुभमन गिल और केएल राहुल भी ओपनिंग स्लॉट में काफी अनुभवी खिलाड़ी हैं.  ईश्वरन भारत ए टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया में भी होंगे, जिसकी कमान उन्हें संभालनी है. वहीं ऑस्ट्रेल‍ियाई दौरे पर टेस्ट टीम का उप-कप्तान कौन होगा, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, क्योंकि बांग्लादेश के खिलाफ हाल ही में घरेलू सीरीज के दौरान रोहित के लिए कोई आधिकारिक उपकप्तान नहीं था. लेकिन देखा जाए तो भारतीय टीम में कई आईपीएल कप्तान हैं. ऐसे में शुभमन गिल, ऋषभ पंत यह कर सकते हैं. वहीं यशस्वी जायसवाल भी कैप्टंसी मैटेर‍ियल हैं. पहले भी छोड़ा था रोहित ने ऑस्ट्रेल‍िया दौरा बात 2019 की है, तब भारत की वनडे और टी20 टीम के उप-कप्तान रहे रोहित शर्मा पहली बार बेटी समायरा के प‍िता बने थे. रीतिका सजदेह ने 30 दिसंबर को बेटी को जन्म दिया था. तब रोहित ऑस्ट्रेल‍िया के दौरे पर थे, लेकिन वह अपनी पत्नी और बेटी से मिलने के लिए बीच दौरे में भारत आए थे.   ऑस्ट्रेलिया-भारत का टेस्ट शेड्यूल पहला टेस्ट: 22-26 नवंबर, पर्थ दूसरा टेस्ट: 6-10 दिसंबर, एडिलेड (डे-नाइट) तीसरा टेस्ट: 14-18 दिसंबर, ब्रिस्बेन चौथा टेस्ट: 26-30 दिसंबर, मेलबर्न पांचवां टेस्ट: 3-7 जनवरी, सिडनी recent visitors 86

केन्द्र सरकार ने जनजातीय समुदायों के समग्र विकास और उनके जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जनजातीय समुदायों के समग्र विकास के लिये तेज़ी से बढ़ते कदम केन्द्र सरकार ने जनजातीय समुदायों के समग्र विकास और उनके जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया भोपाल केन्द्र सरकार ने जनजातीय समुदायों के समग्र विकास और उनके जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसी क्रम में 2 अक्टूबर 2024 से 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' की शुरुआत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में जनजातीय आबादी के लिए समान अवसरों का सृजन, सामाजिक-आर्थिक स्तर का विकास, बुनियादी ढांचे के सुधार और स्वास्थ्य, शिक्षा व आजीविका के क्षेत्र में ठोस प्रगति करना है। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि प्रदेश के 51 जिलों के 267 विकासखंडों में स्थित 11 हजार 377 जनजातीय गांवों को इस अभियान का लाभ मिलेगा। यहां 43 जनजातीय समुदायों के 18 लाख 58 हजार परिवार निवास करते हैं, जिनकी कुल 93 लाख 23 हजार आबादी इस अभियान से लाभान्वित होगी। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इन जनजातीय गांवों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए समन्वित प्रयास कर रही हैं। अभियान के प्रमुख लक्ष्य अभियान में सभी जनजातीय परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए कौशल विकास, उद्यमिता संवर्धन और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी पात्र जनजातीय परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना और उनके गांवों में सड़क, पानी, बिजली जैसी बुनियादी सेवाओं का विस्तार किया जायेगा। अधिक से अधिक मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (एमएमयू) की स्थापना की जाएगी, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित की जा सके। इसी प्रकार जनजातीय क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा जनजातीय बहुउद्देशीय विपणन केंद्र (टीएमएमसी) शुरू करने के प्रयास किये जायेंगे, जिससे जनजातीय परिवारों को उनकी अपनी कला, संस्कृति, चित्रकारी, वनोपज संग्रहण, शहद, कोदो-कुटकी, ज्वार-बाजरा, महुआ से तैयार उत्पादों, जड़ी-बूटी से प्राकृतिक उपचार ज्ञान कौशल की बेहतर मार्केटिंग हो सकें और जनजातियों की उन्हीं के गांव में ही आमदनी बढ़ाई जा सके। इससे जनजातियां पलायन भी नहीं करेंगी। अभियान में 25 प्रकार की नागरिक सेवाएं/सुविधाएं जनजातीय समुदायों को प्रदान की जाएंगी, जो 18 लाइन मंत्रालयों/विभागों के द्वारा संचालित की जाएंगी। ये मंत्रालय अनुसूचित जनजातियों के लिए विभागीय विकास कार्ययोजना (DAPST) के तहत अपनी बजट राशि से पांच वित्त वर्षों (2024-25 से 2028-29) तक जनजातीय क्षेत्रों में विकासमूलक काम करेंगे। केन्द्र सरकार के ग्रामीण विकास, जल शक्ति, विद्युत, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, कौशल विकास, कृषि, दूरसंचार और जनजातीय कार्य मंत्रालय/विभाग इस अभियान में प्रमुख रूप से शामिल होंगे। अभियान के लिय मध्यप्रदेश ने की है बड़ी तैयारी मध्यप्रदेश ने इस अभियान का अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए तेजी से तैयारी की है। सितंबर माह में अभियान की रूपरेखा तैयार होते ही राज्य सरकार ने 1226 करोड़ रुपये लागत के कार्य प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिये हैं। इस राशि से जनजातीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास, स्वास्थ्य सुविधाएं, गांव-गांव तक पहुंच रोड और कौशल विकास प्रशिक्षण के जरिये रोजगार के अवसरों का विस्तार किया जाएगा। प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य विभाग डॉ. ई. रमेश कुमार ने बताया कि राज्य सरकार इस अभियान के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों में अधिकाधिक मात्रा में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और जनजातीय बहुउद्देशीय विपणन केंद्रों की स्थापना के लिए विशेष प्रयास कर रही है। केंद्र सरकार के 18 मंत्रालय और विभागों द्वारा जनजातीय समुदायों के लिए विशेष सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पक्का घर और पीएम ग्रामीण सड़क योजना के तहत गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ा जाएगा। जल शक्ति मंत्रालय जल जीवन मिशन के माध्यम से पात्र गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करेगा, जबकि ऊर्जा मंत्रालय अविद्युतीकृत गांवों और बसाहटों में बिजली पहुंचाने का कार्य करेगा। यह अभियान केंद्र सरकार के समग्र विकास के प्रयासों का हिस्सा है, जिसमें प्राथमिकता के आधार पर जनजातीय समुदायों को सामाजिक और आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इसके माध्यम से अगले पांच वर्षों में जनजातीय आबादी के समग्र विकास के लिए ठोस कार्य किए जाएंगे। अभियान के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश की जनजातीय आबादी को बुनियादी सेवाओं का सीधा लाभ मिलेगा। इससे इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, और बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, जो समग्र राष्ट्रीय विकास में अहम योगदान देगा।   recent visitors 118

छत्तीसगढ़ में सदस्यता अभियान में 36 लाख का आंकड़ा पार, रखा 50 लाख पार करने का लक्ष्य

रायपुर छत्तीसगढ़ में भाजपा अपने सदस्य बनाने के काम में जोर-शोर से जुटी हुई है. नतीजतन प्रदेश में अब तक 36 लाख लोगों को भाजपा का सदस्य बनाया जा चुका है. ये दावा प्रदेश संयोजक व प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव ने किया है. इनका कहना है कि जल्द ही 50 लाख के आंकड़े को भी पार कर लिया जायेगा. इसके लिए योजना बनाकर जमीनी स्तर पर काम भी शुरू कर दिया गया है. ऑफलाइन सदस्य बनाने का अभियान भी भारतीय जनता पार्टी के संगठन महापर्व-सदस्यता अभियान के प्रदेश संयोजक व प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव ने कहा कि  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के नेतृत्व में चल रहे सदस्यता अभियान में 36 दिनों में छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के 36 लाख सदस्य बनाए जा चुके हैं. भाजपा के सदस्यता अभियान को प्रदेशभर में जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है और जो लोग ऑनलाइन सदस्य नहीं बन पा रहे हैं, उनकी मांग को देखते हुए प्रदेश में अब फार्म भरकर ऑफलाइन सदस्य बनाने का अभियान भी युद्धस्तर पर चल रहा है. लक्ष्य को पार करने में लगातार जुटे हैं प्रदेश संयोजक सिंहदेव ने ये भी कहा कि छत्तीसगढ़ में सदस्यता अभियान को लेकर भाजपा ने विशेष अभियान भी चलाकर सदस्यता के लक्ष्य की प्राप्ति में बड़ी छलांग लगाई है.  जिनमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, उप मुख्यमंत्रीअरुण साव व विजय शर्मा समेत प्रदेश सरकार के सभी मंत्री, सांसद-विधायक, पदाधिकारी व कार्यकर्ता बूथ स्तर तक पहुंचकर सदस्यता के लक्ष्य को पार करने में लगातार जुटे हुए हैं. ये तैयारियां भी इधर सदस्यता को गति प्रदान करने प्रदेश के सभी पाँच संभागों से भारतीय जनता युवा मोर्चा की 20 रथयात्राएं शुरु हो चुकी हैं. पार्टी के सभी मोर्चा-प्रकोष्ठों को भी अभियान की सफलता के लिए लक्ष्य सौंपकर जिम्मेदारी दी गई है. सिंहदेव ने कहा कि नमो ऐप, वेब साइट की लिंक, रेफरल लिंक और मिस्ड कॉल के जरिए सदस्यता अभियान को गति देने के बाद पार्टी कार्यकर्ता पूरे समर्पण के साथ जिन क्षेत्रों में नेटवर्क नहीं है या जिन लोगों को ऑनलाइन सदस्य नहीं बनाया जा सक रहा हो, वहां घर-घर सम्पर्क करके फॉर्म भरकर ऑफलाइन सदस्यता अभियान में जुट गए हैं. ये अभियान भी होगा शुरू भाजपा सदस्यता अभियान के प्रदेश संयोजक सिंहदेव ने कहा कि इसी के साथ पार्टी के सक्रिय सदस्य बनाने का अभियान भी शुरू होने जा रहा है. प्रत्येक मंडल में 200 सक्रिय सदस्य बनाने का लक्ष्य दिया गया है. प्रदेशभर में चलने वाले सक्रिय सदस्यता अभियान के लिए भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव को सक्रिय सदस्यता अभियान का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है. पार्टी के सदस्यता अभियान को लेकर सतत समीक्षा का क्रम भी प्रदेश व केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में चल रहा है. अभी हाल ही में भाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल व प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की मौजूदगी में हुई बैठक में जिला अध्यक्ष एवं जिला सदस्यता प्रभारी और महामंत्रियों से जिलेवार चर्चा करके सदस्यता के लिए लक्ष्य तय किया गया. recent visitors 80