मार्गदर्शिका का क्षेत्रीय परीक्षण चयनित जिलों में, एक नवीन पहल है, जो बालकों में एक नयी सोच का संचार करेगी

भोपाल प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों में पढ़ने वाले बालकों में सकारात्मक सोच के लिये उज्ज्वल कार्यक्रम में प्रशिक्षण मार्गदर्शिका तैयार की जा रही है। इसका प्रमुख उद्देश्य बालकों को बढ़ती उम्र के साथ विभिन्न पहलुओं और बदलाव में उनकी सकारात्मक भूमिका के प्रति सजग करना है। यह एक नवीन पहल है, जो बालकों में एक नयी सोच का संचार करेगी, जिससे वे सकारात्मक सोच के साथ विभिन्न मुद्दों को समझ पायें। किशोर अवस्था में अर्जित ज्ञान और कौशल का प्रभाव आजीवन रहता है। इसलिये आवश्यक है कि "पौरूष" की अवधारणा से बालक प्रारंभ से ही परिचित हो सकें और उनके अनुकूल जीवन में व्यवहार करने की सोच उनके अंदर विकसित हो सके। स्कूल शिक्षा विभाग ने यूनाइटेड नेशन पॉपुलेशन फण्ड एक्टिविटी (यूएनएफपीए) के सहयोग से इस नवीन आवधारणा को लेकर मार्गदर्शिका उज्ज्वल का निर्माण किया है। उज्ज्वल में शामिल मुद्दे मार्गदर्शिका "उज्ज्वल" में भेदभाव, हिंसा, टकराव, सायबर अपराध, लैंगिक अपराधों और कुप्रथाओं को रोकने में बालकों की भूमिका, घरेलू कामों में बालकों व पुरूषों की बराबरी की भागीदारी जैसे विभिन्न मुद्दे शामिल किये गये हैं। मार्गदर्शिका का क्षेत्रीय परीक्षण प्रदेश के डिंडोरी, बैतूल, गुना एवं भोपाल जिलों में कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के साथ चर्चा की गई। उनसे मिली प्रतिक्रियाओं और सुझावों को मार्गदर्शिका की विषय-वस्तु में शामिल किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने मार्गदर्शिका का प्रथम प्रारूप तैयार कर इसकी समीक्षा शिक्षकों के साथ की है। विभाग संशोधित मार्गदर्शिका को अंतिम स्वरूप देने पर काम कर रहा है। किशोरियों के लिये भी मार्गदर्शिका कन्या छात्रावासों में अध्ययन करने वाली कक्षा 9वीं से 12वीं की किशोरियों के लिये भी सशक्त मार्गदर्शिका तैयार की जा रही है। मार्गदर्शिका के सहयोग से किशोरियां दक्षता अर्जित कर पाएंगी, जो उनके भावी जीवन को बेहतर बनाने में सहायक होगी। किशोरियां विभिन्न जीवन कौशल विकसित कर जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने में अधिक सक्षम हो पायेंगी। किशोरियां अपने अधिकारों, कर्त्तव्यों और सामाजिक जिम्मदारियों के प्रति जागरूक होकर हॉस्टल, घर और समुदाय में परिवर्तन लाने की दिशा में भी सहयोग कर पायेंगी।   recent visitors 73

TESLA के लिए भारतीयों को करना होगा इंतज़ार! नई EV नीति की घोषणा के बाद सरकार ने पॉलिसी नहीं बदली

मुंबई एलन मस्क की टेस्ला के लिए भारतीय बाजार का रास्ता एक बार फिर मुश्किल हो गया है। दरअसल, इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई नई EV पॉलिसी में टेस्ला और अन्य ग्लोबल व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों रुचि नहीं लेने के बाद भी सरकार इसमें कोई बदलाव करने का मन नहीं है। एक सरकारी अधिकारी ने साफ कहा है कि सभी कंपनियों के लिए EV नीति के मापदंड़ समान रहेंगे। विदेशी इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माता कंपनियों को भारत में लाने के लिए इस साल मार्च में नई EV नीति घोषित की गई थी। हैवी इंडस्ट्री मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने मनीकंट्रोल को बताया कि मौजूदा EV नीति का लाभ उठाने का इरादा रखने वाले कार निर्माताओं के लिए पात्रता मानदंड और अन्य शर्तें समान रहेंगी। अगर टेस्ला या किसी कार निर्माता ने इस नीति के लिए आवेदन नहीं किया है तो हमें चिंता नहीं है। हम किसी विशेष कंपनी के अनुरूप EV नीति में संशोधन नहीं करेंगे। इसे बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस बयान के बाद टेस्ला की इलेक्ट्रिक कारों को भारतीय बाजार में एक्स्ट्रा छूट या दूसरे बेनिफिट्स मिलने का रास्ता भी बंद होता दिख रहा है। अधिकारी ने ये भा बताया कि हमारा रुख साफ है। आप कम टैक्स पर कारों का आयात कर सकते हैं, बशर्ते आप भारत में EV निर्माण प्लांट लिए नया निवेश करें। मार्च में सरकार ने टेस्ला जैसी कंपनियों को आकर्षित करने के लिए नई EV नीति घोषित की थी, जिसमें 5 साल तक चुनिंदा इलेक्ट्रिक कारों पर आयात शुल्क 15 फीसदी तक कम करने की छूट दी थी। इसके लिए कंपनी को 3 साल में EV निर्माण प्लांट लगाने की शर्त रखी गई। हालांकि, टेस्ला की तरफ से भी प्लांट को लेकर अभी तक कोई डिटेल नहीं आई है। recent visitors 83

बीजेपी का मातृ संगठन आरएसएस जातिगत जनगणना बात के बाद अब टीडीपी ने भी मांग दोहरा दी

नई दिल्ली देश भर में राजनीतिक दल और कई सामाजिक संगठन जातिगत जनगणना की मांग कर रहे हैं। बिहार में तो नीतीश कुमार जब आरजेडी के साथ सरकार चला रहे थे, उसी समय उन्होंने जातिगत जनगणना करा दी थी। इसके बाद से ही वह पूरे देश में ऐसा करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा गठबंधन के एक और सहयोगी चिराग पासवान भी ऐसी मांग करते रहे हैं। यूपी से अनुप्रिया पटेल, संजय निषाद और ओपी राजभर भी यह दोहरा चुके हैं। इस बीच एनडीए सरकार के सबसे बड़े गठबंधन सहयोगी टीडीपी ने भी यह मांग दोहरा दी है। भाजपा का मातृ संगठन आरएसएस भी इसके पक्ष में बात रख चुका है। संघ का कहना था कि ऐसा किया जा सकता है, बस राजनीतिक इस्तेमाल न हो। तेलुगु देशम पार्टी के मुखिया चंद्रबाबू नायडू ने दिए इंटरव्यू में जातिगत जनगणना को जरूरी बताया है। उन्होंने कहा कि कास्ट सेंसस होनी चाहिए। यह जनता की भावना है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। नायडू ने कहा, 'आप जातिगत जनगणना कराएं। फिर आर्थिक विश्लेषण करें। स्किल सेंसस करें। इससे आपको पता चलेगा कि किसकी क्या स्थिति है और फिर उसके आधार पर आर्थिक गैर-बराबरी दूर करने में मदद मिलेगी।' नायडू ने कहा कि जनभावना है कि जातिगत जनगणना होनी चाहिए। यदि ऐसा है तो फिर उसका सम्मान जरूरी है। यह बात सही है कि देश में गरीबी सबसे बड़ा मुद्दा है। यहां तक कि आप निचली जाति से हैं और पैसे वाले हैं तो लोग आपका सम्मान करेंगे। समाज में आपकी इज्जत होगी। लेकिन आप भले ही ऊंची जाति के हैं, लेकिन गरीब हैं तो फिर कोई आपको महत्व नहीं देगा। यह सच्चाई है। इसलिए आर्थिक स्थिति ही समानता का सबसे बड़ा पैमाना है। इसलिए आपको समाज में संतुलन के लिए आर्थिक गैर-बराबरी खत्म करने के लिए ही काम करना होगा। बता दें कि आरएसएस ने अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की मीटिंग के बाद जातिगत जनगणना को लेकर सधा हुआ जवाब दिया था। संघ का कहना था कि यदि समाज को ऐसा लगता है तो कराई जा सकती है, लेकिन इसका प्रयोग राजनीतिक लाभ के लिए नहीं होना चाहिए। इससे समाज में वैमनस्यता बढ़ती है। recent visitors 81

आज हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद, 2500 से अधिक श्रद्धालु रहे मौजूद

हेमकुंड श्री हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मन्दिर के कपाट गुरुवार को दोपहर एक बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अंतिम अरदास का साक्षी बनकर पवित्र सरोबर में डुबकी लगाई। कपाट बंद होने से पहले श्रद्धालुओं द्वारा निशान साहिब के वस्त्र भी बदले गए। इस वर्ष यात्रा काल के दौरान 1.84 लाख श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के दर्शन कर माथा टेका है। तीन कुंतल फूलों से सजाया हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने की प्रक्रिया सुबह से ही प्रारंभ हो गयी थी। हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मंदिर को तीन कुंतल फूलों से सजाया गया गया था। कपाट बंदी के कार्यक्रम को गौरवमयी बनाने के लिए पंजाब से सतनाम सिंह के नेतृत्व में सेवानिवृत सेना के जवानों का बैंड व गढ़वाल स्काउट के बैंड की धुन पर तड़के 2500 से अधिक श्रद्धालु हेमकुंड के बेस कैंप घाघरिया से हेमकुंड पहुंचे। कब क्‍या हुआ? प्रात: नौ बजकर 30 मिनट पर मुख्य ग्रंथी मिलाप सिंह व ग्रंथी कुलबंत सिंह के नेतृत्व में सुखमणि साहिब पाठ हुआ। 10 बजकर 50 मिनट पर पुणे से आए अमित सिंह के जत्थे ने सबद कीर्तन गायन किया। 12 बजकर 15 मिनट पर साल की अंतिम अरदास हुई। 12 बजकर 30 मिनट पर गुरु ग्रंथ साहिब का हुक्मनामा पढ़ने के बाद पंच प्यारों के नेतृत्व में गुरु ग्रंथ साहिब को सच्चखंड में विराजमान कर दोपहर एक बजे गुरुद्वारा के कपाट बंद किए गए। इसकी के साथ लोकपाल लक्ष्मण मंदिर में भी पूजा अर्चना के बाद मुख्य पुजारी ने सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में मंदिर के कपाट विधि विधान से शीतकाल के लिए बंद किए। 1886 में हुई थी खोज हेमकुंड साहिब की खोज अमृतसर पंजाब के पत्रकार पंडित तारा सिंह नरोत्तम ने 1886 में की थी। तब उन्होंने गुरूवाणी के दसम ग्रंथ में लिखित हेमकुंंड पर्वत है जहां, सप्तश्रंख शोबत है तहां, के आधार पर इस स्थान को खोज कर इसे गुरू की तपस्थली बताते हुए देश दुनिया के सामने विचार रखे थे। दशम ग्रंथ में लिखा है कि गुरू गोविंद सिंह ने अपने पूर्व जन्म में हेमकुंड साहिब में दुष्टदमन के रूप में कठोर तपस्या की थी। इसके बाद 1934 में बंगाल इंजीनियरिंग के हवलदार मोदन सिंह के साथ टिहरी राजदरबार में मुख्य ग्रंथी संत सोहन सिंह से मिलकर हेमकुंड पहुंकर यहां पर पूजा अरदास शुरू कराई। इसके बाद से ग्रीष्मकाल में हमेशा यहां की यात्रा सुचारू रही। 1992 में हेमकुंड गुरूद्वारा का भव्‍य निर्माण हुआ। recent visitors 87

जब दुनिया के कई हिस्से संघर्ष और तनाव का सामना कर रहे हैं, भारत-आसियान की दोस्ती बहुत महत्वपूर्ण है: प्रधानमंत्री

वियनतियाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को आसियान-भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए लाओस पहुंचे। पीएम मोदी ने कहा कि जब दुनिया के कई हिस्से संघर्ष और तनाव का सामना कर रहे हैं, ऐसे समय में भारत-आसियान की दोस्ती बहुत महत्वपूर्ण है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम एक शांतिप्रिय राष्ट्र हैं। हम राष्ट्रों की एकता और अखंडता को महत्व देते हैं। हम अपने युवाओं को उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आसियान देशों के साथ ऐतिहासिक संबंध 21वें भारत-आसियान शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने 10 साल पहले एक्ट ईस्ट पॉलिसी की घोषणा की थी और पिछले दशक में इसने भारत और आसियान देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को नई ऊर्जा, दिशा और गति दी है। पीएम मोदी ने कहा, 'पिछले दशक में भारत-आसियान व्यापार दोगुना हो गया है और अब यह 130 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी जिसे एशियाई सदी भी कहा जाता है, वह भारत और आसियान देशों की सदी है।' छात्रों को स्कॉलरशिप का लाभ पीएम मोदी ने कहा कि जन-केंद्रित दृष्टिकोण हमारी डेवेलपमेंट पार्टनरशिप का आधार है। 300 से अधिक ASEAN छात्रों को नालंदा यूनिवसिर्टी में स्कॉलरशिप का लाभ मिला है। नेटवर्क ऑफ यूनिवर्सिटी लॉन्च की गई है। लाओस, कंबोडिया, वियतनाम, म्यांमार, इंडोनेशिया में साझी विरासत और संरक्षण के लिए काम किया गया है। भारत और लाओस के संबंध     पीएम मोदी ने विएंतियाने पहुंचने पर भारतीय प्रवासियों से बातचीत की। उन्होंने लाओस में होटल के बाहर भारतीय समुदाय के सदस्यों का अभिवादन किया।     लाओस के गृह मंत्री, शिक्षा और खेल मंत्री, बैंक ऑफ लाओस के गवर्नर और विएंतियाने के मेयर समेत कई कई राजनेताओं ने पीएम मोदी का स्वागत किया।     भारत और लाओस के बीच ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध हैं, जो बौद्ध धर्म और रामायण की साझा विरासत में परिलक्षित होते हैं। लाओस के साथ द्विपक्षीय संबंध मैत्रीपूर्ण हैं और 1956 में स्थापित हुए थे। पीएम मोदी का भव्य स्वागत विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले विशेष स्वागत के महत्व पर प्रकाश डाला और लाओस के साथ भारत के सदियों पुराने संबंधों और सभ्यतागत जुड़ाव पर जोर दिया। पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर पीएम मोदी की लाओस यात्रा का विवरण साझा करते हुए जायसवाल ने कहा कि पीएम मोदी के आगमन पर लाओस के गृह मंत्री विलायवोंग बौडाखम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। पीएम मोदी को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। गायत्री मंत्र का पाठ जायसवाल ने बताया कि लाओस समुदाय के सदस्यों और भारतीय समुदाय के सदस्यों ने गायत्री मंत्र का पाठ किया और उनका स्वागत किया। उन्होंने पीएम के लिए बिहू नृत्य भी किया। इसके बाद पीएम ने आशीर्वाद समारोह में भाग लिया, जिसमें वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं ने भाग लिया। recent visitors 80

संपदा पोर्टल 2.0 के नवाचार से होंगे किसान भाई भी लाभान्वित, मुख्यमंत्री डॉ. यादव को किसान संघ पदाधिकारियों ने दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के हित में सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीदी का उत्सव गौवर्धन पूजा के साथ पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा। साथ ही जन-प्रतिनिधियों और किसानों की उपस्थिति में कृषक कल्याण के फैसलों और किसानों के लिए लाभकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में पर भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए राज्य सरकार पूर्ण सजग है। किसान हितेषी फैसले निरंतर लिए जाएंगे, साथ ही किसानों के साथ नियमित संवाद भी होता रहेगा। बैठक में जानकारी दी गई की भारत सरकार की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के कम्प्यूट्राइजेशन के अंतर्गत प्रदेश में 4536 पैक्स में कार्यवाही की गई है। बैठक में कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव और कृषि उत्पादन आयुक्त श्री मो. सुलेमान, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक वर्णवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ल और श्री राघवेंद्र कुमार सिंह, कृषि सचिव श्री एम सेलवेन्द्रन, राजस्व सचिव श्री विवेक पोरवाल, आयुक्त एवं सचिव जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री कमल सिंह आंजना, महामंत्री श्री चंद्रकांत गौर, के अलावा श्री राघवेन्द्र जी, श्री राजेन्द्र पालीवाल, श्री प्रमोद चौधरी, श्री आर.सी. पटेल, श्री भवानी शंकर शर्मा, श्री नमो नारायण दीक्षित, श्री शिवनंदन रघुवंशी आदि उपस्थित थे। संपदा पोर्टल 2.0 किसानों को देगा ई रजिस्ट्री की सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय किसान संघ के विभिन्न सुझावों पर राज्य सरकार आवश्यक कदम उठाएगी। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर शुरू डिजिटल इंडिया मिशन के अंतर्गत ई-रजिस्ट्री की नवीन प्रणाली पर विकसित संपदा 2.0 पोर्टल और मोबाइल एप का आज ही शुभारंभ किया है। इस नवाचार का लाभ बड़ी संख्या में किसान वर्ग को प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी बताया कि उन्होंने आज हांगकांग निवासी श्री चंद्रावत और दिल्ली के एक बुजुर्ग दंपत्ति से संपदा 2.0 की विशेषताओं पर चर्चा भी की। सभी वर्गों द्वारा डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में इसे मील का पत्थर बताया जा रहा है। नवीन तकनीक पर आधारित संपदा 2.0 ऑनलाइन दस्तावेज पंजीयन एक क्रांतिकारी कदम है। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने इस व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई दी। किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पोर्टल और एप के माध्यम से नागरिकों को घर में ही यह सुविधा प्रदान किए जाने की शुरूआत और प्रदेश के सभी जिलों में जीआईएस लैब स्थापित करने का महत्वपूर्ण फैसला मध्यप्रदेश की नई पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के राजस्व से जुड़े अन्य कार्यों को भी आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि फौती नामांतरण और अन्य प्रकरणों के निराकरण से 3.96 लाख आवेदक लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं के लिए किसानों की भूमि के उपयोग पर किसान को राशि देने के स्थान पर उन्हें परियोजना में भागीदार बनाने के सुझाव पर भी विचार किया जाएगा। इसके साथ ही बन्दोबस्त कार्य से संबंधित विभिन्न शिकायतों को हल करने के लिए ड्रोन सर्वे का उपयोग भी बढ़ाया जाएगा। खेतों के पारम्परिक रास्ते बनाए रखने की पद्धति भी विकसित की जाएगी। किसान अपनाएं सोलर संयंत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में थर्मल पावर के साथ ही सोलर एनर्जी का प्रयोग निरंतर बढ़ाया जा रहा है। नवीन और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। किसानों द्वारा सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाता है तो उन्हें पूर्ण प्रोत्साहित किया जाएगा। सौर ऊर्जा संयंत्रों का उपयोग कृषि कार्य में भी हो रहा है। सौर ऊर्जा को एक महत्वपूर्ण समाधान के रूप में देखा जा रहा है। कृषि कार्य में सोलर पम्प के उपयोग और उद्योग क्षेत्र में भी औद्योगिक संस्थानों को अपनी बिजली बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार ने पीएम कृषक मित्र सूर्य योजना में बड़ी संख्या में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए सहयोग देने पर सहमति दी है। निश्चित ही यह योजना किसानों को सोलर संयंत्रों के उपयोग पर आत्मनिर्भर बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। कृषि के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के प्रयास बढ़ाएं किसान मख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि कार्य के साथ ही पशुपालन, किसानों की आय बढ़ाने का जरिया है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से भी प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए करारनामा हुआ है। किसानों और पशुपालकों को प्रोत्साहन के लिए बोनस देने का विचार है। शीघ्र ही इस संबंध में निर्णय लिया जा रहा है। देसी गाय और अच्छी नस्ल के देसी नंदी के पालन के लिए मध्यप्रदेश प्राकृतिक कृषि विकास योजना में भी प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है। किसान खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाने के लिए भी आगे आएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में उपस्थित भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों को लगभग 80 एफपीओ (फार्मर्स प्रोडयूसर ऑर्गेनाइजेशन) बनाने के लिए बधाई देते हुए कहा कि खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां लगाने के लिए भी किसान आगे आएं। कोदो-कुटकी के उत्पादन पर राज्य सरकार रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना में 3900 प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त सहायता राशि की मंजूरी दे चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाने के साथ इनसे विभिन्न उत्पाद तैयार करने के लिए इकाइयां लगाई जा सकती हैं। इससे किसानों को भी अधिक आय प्राप्त होगी। मटर एवं अन्य फसलों के उत्पादन में वृद्धि का लाभ भी तभी प्राप्त हो सकेगा, जब फूड प्रोसेसिंग प्लांट भी लगाए जाएं। किसान संघ के पदाधिकारी इस क्षेत्र में किसानों का मार्गदर्शन एवं सहयोग करें। बैठक में इन विषयों पर भी हुई चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों की चर्चा में भूमि अधिग्रहण, बंटवारा, नामांतरण, इंद्राज दुरूस्ती, क्षेत्रीय स्तर पर फसल कटाई प्रयोग, सीमांकन कार्य के लिए मशीनों की संख्या … Read more

पंचतत्व में विलीन हुए अनमोल रतन, पूरे राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

नई दिल्ली उद्योगपति रतन टाटा का मुंबई में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। वर्ली स्थित श्मशान घाट में उन्हें पंचतत्व में विलीन किया गया। कोलाबा स्थित टाटा के आवास से लेकर NCPA (राष्ट्रीय प्रदर्शन कला संस्थान) और फिर श्मशान घाट तक लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। उनके अंतिम दर्शन के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से लेकर राजनीतिक, कारोबारी, खेल, मनोरंजन जगत के कई बड़े नाम पहुंचे। बुधवार को 86 वर्ष की उम्र में उन्होंने मुंबई के अस्पताल में अंतिम सांस ली। महाराष्ट्र और झारखंड व गुजरात सरकार ने टाटा के निधन पर एक दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है। इससे पहले रतन टाटा के पार्थिव शरीर को दक्षिण मुंबई स्थित राष्ट्रीय कला प्रदर्शन केंद्र (एनसीपीए) में जनता के अंतिम दर्शन के लिए सुबह 10.30 बजे से अपराह्न 3.55 बजे तक रखा गया था जहां विभिन्न वर्गों के हजारों लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। टाटा समूह को विश्व स्तर पर प्रसिद्धि दिलाने का श्रेय रतन टाटा को दिया जाता है। उनका बुधवार रात शहर के ब्रीच कैंडी अस्पताल में 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। पल-पल के अपडेट्स के लिए बने रहिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ शवदाह गृह में मौजूद एक धर्म गुरु ने बताया कि अंतिम संस्कार पारसी परंपरा के अनुसार किया गया। उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार के बाद दिवंगत उद्योगपति के दक्षिण मुंबई के कोलाबा स्थित बंगले में तीन दिन तक अनुष्ठान किए जाएंगे। पंचतत्व में विलीन हुए अनमोल रतन, पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार। मुंबई पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल इस दौरान मध्य मुंबई स्थित शवदाह गृह में उपस्थित थे।    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य नेता मुंबई में दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा के अंतिम संस्कार में मौजूद हैं। दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा का अंतिम संस्कार मुंबई के वर्ली श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ किया जा रहा है। recent visitors 166