हिजबुल्लाह इजरायल के सामने गाजा की शर्त भी छोड़ने के लिए राजी है, युद्धविराम की अपील, 15 दिनों में ही घुटनों पर आया

तेल अवीव/ लेबनान गाजा में एक साल से चल रहे भीषण रक्तपात के बावजूद जहां हमास आतंकियों ने सबकुछ गंवाने के बाद भी हार नहीं मानी, इजरायल ने महज 15 दिनों में ही हिजबुल्लाह को घुटनों पर ला दिया है। हिजबुल्लाह के उपनेता नईम कासिम ने इजरायल से युद्धविराम की अपील की है। हिजबुल्लाह इजरायल के सामने गाजा की शर्त भी छोड़ने के लिए राजी है। इजरायली सेना ने कुछ ही दिनों में हिजबुल्लाह के कई टॉप लीडर्स का खात्मा कर दिया है। हसन नसरल्लाह के बाद उसके उत्तराधिकारी सफीइद्दीन को भी मार डाला है। इसके अलावा हथियारों का जखीरा, सैकड़ों कमांडरों और आतंकियों का भी खात्मा हो चुका है। इजरायल ने साउथ लेबनान में भी काफी बढ़त हासिल कर ली है। जमीनी लड़ाई के दौरान इजरायली सेना ने कई इलाकों पर अपना कब्जा भी कर लिया है। हिजबुल्लाह ने युद्धविराम की अपील की इज़रायल द्वारा लेबनान-इज़राइली सीमा पर जमीनी सेना भेजकर और बेरूत और अन्य जगहों पर हवाई हमले जारी रखने के बीच हिजबुल्लाह अब लेबनान में युद्धविराम के लिए राजी हो गया है। हिजबुल्लाह ने युद्धविराम के लिए गाजा में संघर्ष विराम की शर्त भी छोड़ दी है। हिजबुल्लाह के उप नेता नईम कासिम ने कहा, "हम युद्धविराम हासिल के लिए किए जा रहे राजनीतिक प्रयासों का समर्थन करते हैं। एक बार जब युद्धविराम मजबूती से स्थापित हो जाए तो कूटनीति के जरिए अन्य बातों पर भी सहमति पूरी कर ली जाएगी। इस वक्त हमारे लिए लेबनान वासियों की जान से ज्यादा बढ़कर कुछ नहीं है।" क़ासिम ने मंगलवार को अपने टेलीविज़न भाषण में यह बात कही। अमेरिका और अरब देशों ने शुरू की गुप्त वार्ता आज इजरायली टेलीविजन चैनल 12 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका और अरब राज्यों ने मध्य पूर्व में चल रहे तमाम युद्ध को रोकने के लिए ईरान के साथ गुप्त वार्ता शुरू कर दी है। 'एक्सियोस' ने तीन अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बुधवार सुबह इजरायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर भी बात की। बाइडेन और नेतन्याहू के बीच ईरान से चल रहे संघर्ष को लेकर भी चर्चा की गई। समाचार आउटलेट ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा कि बाइडेन और नेतन्याहू ने लेबनान और गाजा में युद्ध पर भी चर्चा की है। बता दें कि इजरायल ने गाजा में हमास से भीषण युद्ध के बीच लेबनान आतंकियों हिजबुल्लाह से सीधी लड़ाई का ऐलान किया था। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की युद्ध कैबिनेट ने उत्तरी सीमा पर लेबनान में आतंकियों की कमर तोड़ने और सीमा पर इजरायलियों को बार-बार के हमलों से बचाने की कसम खाई। इसके बाद 17 और 18 सितंबर को पेजर और वॉकी-टॉकी हमले से हिजबुल्लाह पर आक्रमण शुरू हुआ। हालांकि लेबनान में सीधी लड़ाई 23 सितंबर को शुरू की गई। इस दिन इजरायली सेना ने लेबनान में आतंकियों के खिलाफ सीधे हवाई हमले शुरू किए। नसरल्लाह के बाद उसके उत्तराधिकारी भी मारे इजरायली सेना ने लगातार और सटीक हमलों से हिजबुल्लाह को बुरी तरह चोट पहुंचानी शुरू की। 27 सितंबर को उसके चीफ हसन नसरल्लाह को एक हवाई हमले में मार डाला। फिर उसके उत्तराधिकारी सफीइद्दीन को और इसके अलावा हिजबुल्लाह के कई विंग कमांडरों को ढेर कर दिया। 23 सितंबर को शुरू की जंग में इजरायल ने हिजबुल्लाह को बुरी तरह पछाड़ दिया है। युद्ध रणनीति के तहत इजरायली सेना ने हवाई हमलों के बाद कुछ दिन पहले ही लेबनान में जमीनी हमला शुरू किया है। बुलडोजर और टैंकरों के साथ आईडीफ ने साउथ लेबनान में घुसपैठ की और हिजबुल्लाह के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए। हिजबुल्लाह के सिर्फ कमांडर और लीडर ही नहीं हथियारों के जखीरे भी अधिकांश नष्ट किए जा चुके हैं। recent visitors 73

मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस किसी भी तरीके से हिंदू समाज में आग लगाए रखना चाहती है, महाराष्ट्र चुनाव से पहले चेताया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि मुसलमानों की जाति की बात आते ही कांग्रेस के मुंह पर ताला लग जाता है लेकिन हिंदू समाज की बात आते ही वह चर्चा जाति से ही शुरू करती है क्योंकि वह जानती है कि हिंदू जितना बंटेगा, उतना ही उसका फायदा होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस किसी भी तरीके से हिंदू समाज में आग लगाए रखना चाहती है और भारत में जहां भी चुनाव होते हैं, वह इसी फार्मूले को लागू करती है। महाराष्ट्र में 7,600 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आधारशिला रखने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि ‘समाज को तोड़ने’ की इस कोशिश को राज्य की जनता नाकाम करेगी। उन्होंने इस सरकारी कार्यक्रम में महाराष्ट्र के लोगों से देश के विकास को सर्वोपरि रखते हुए और एकजुट होकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके गठबंधन ‘महायुति’ के पक्ष में मतदान करने की अपील की। हरियाणा के चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि इसने बता दिया है कि आज देश का मिजाज क्या है। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस का पूरा इकोसिस्टम, अर्बन नक्सल का पूरा गिरोह… जनता को गुमराह करने में जुटा था लेकिन उसकी सारी साजिशें ध्वस्त हो गईं। उन्होंने दलितों के बीच झूठ फैलाने की कोशिश की लेकिन दलित समाज ने उनके खतरनाक इरादों को भांप लिया। दलितों को एहसास हो गया कि कांग्रेस उनका आरक्षण छीन कर अपने वोट बैंक को बांटना चाहती है।’’ उन्होंने कहा कि हरियाणा के दलित वर्ग ने भाजपा का रिकॉर्ड समर्थन किया तो अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) ने भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि किसानों और नौजवानों को ‘भड़काने’ में भी कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन हरियाणा की जनता ने दिखा दिया कि वह अब कांग्रेस और अर्बन नक्सल के नफरत के षड्यंत्र का शिकार नहीं होने वाली है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘कांग्रेस पूरी तरह से सांप्रदायिक और जातिवाद का चुनाव लड़ती है। हिंदू समाज को तोड़कर उसे अपनी जीत का फॉर्मूला बनाना, यही कांग्रेस की राजनीति का आधार है। कांग्रेस भारत के 'सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय' की परंपरा का दमन कर रही है, सनातन परंपरा का दमन कर रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस की नीति है, हिंदुओं की एक जाति को दूसरी जाति से लड़ाओ। कांग्रेस जानती है कि जितना हिंदू बंटेगा, उतना ही उसका फायदा होगा। कांग्रेस किसी भी तरीके से हिंदू समाज में आग लगाए रखना चाहती है, ताकि वो उस पर राजनीतिक रोटियां सेंकती रहे। भारत में जहां भी चुनाव होते हैं, वहां कांग्रेस यही फॉर्मूला लागू करती है।’’ प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि ‘हमेशा बांटों और सत्ता पाओ’ के फार्मूले पर चलने वाली कांग्रेस ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि वह एक ‘गैर-जिम्मेदार’ दल बन गया है। उन्होंने कहा, ‘‘वह अभी भी देश को बांटने के लिए नए-नए विमर्श गढ़ रही है…कांग्रेस के एक भी नेता ने आज तक कभी नहीं कहा कि हमारे मुस्लिम भाई-बहनों में कितनी जातियां होती हैं। मुस्लिम जातियों की बात आते ही कांग्रेस के नेता मुंह पर ताला लगाकर बैठ जाते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जब हिंदू समाज की बात आती है तो कांग्रेस उनकी चर्चा जाति से ही शुरू करती है। कांग्रेस की नीति है हिंदुओं की एक जाति को दूसरी जाति से लड़ाओ। कांग्रेस जानती है जितना हिंदू बंटेगा, उतना ही उसका फायदा होगा। भारत में जहां भी चुनाव होते हैं, वहां कांग्रेस यही फार्मूला लागू करती है।’’ मोदी ने कहा कि कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए इतनी बेचैन है कि हर रोज नफरत की राजनीति कर रही है और कांग्रेस की पुरानी पीढ़ी के नेता भी बेबस और असहाय हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस नफरत फैलाने की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनने वाली है, यह गांधी जी(महात्मा गांधी) ने आजादी के बाद ही समझ लिया था। इसीलिए गांधी जी ने कहा था कांग्रेस को खत्म कर देना चाहिए। कांग्रेस खुद खत्म नहीं हुई लेकिन आज देश को खत्म करने पर तुली हुई है। इसलिए हमें सावधान और सतर्क रहना है।’’ मोदी ने कहा, ‘‘मेरा पक्का विश्वास है कि समाज को तोड़ने की आज जो कोशिश हो रही है, इसे महाराष्ट्र के लोग नाकाम करके रहेंगे। महाराष्ट्र के लोगों को देश के विकास को सर्वोपरि रखते हुए एकजुट होकर भाजपा और महायुति के लिए वोट करना है।’’ महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव अगले महीने संभावित हैं। recent visitors 63

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी वीरपुर को कॉलेज, सीएचसी का उन्नयन और पेंटुल पुल निर्माण कार्य सहित मिली कई सौगातें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का अभिनंदन करते हुए कहा कि वनों के विकास के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं। वनों के अंदर जो निवास करते हैं, जो प्रकृति के साथ तालमेल करते हैं, उनकी सभी जरूरतें पूरी करेंगे। वनोपज बेचने का अधिकार उन्हें दिया गया है। राज्य में पेसा एक्ट का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वनों के विकास के लिए राज्य सरकार सजग है। आज 57 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में वन क्षेत्र निवासियों का चहुँमुखी विकास किया जा रहा है। वन ग्राम में वनोपज बेचने का अधिकार वन ग्राम निवासियों को दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात श्योपुर के वीरपुर में संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के प्रशिक्षण और जागरुकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम में वनाधिकार पट्टे भी वितरित किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव निंरतर होंगी। ये कॉन्क्लेव लाभकारी सिद्ध हो रही हैं। बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलवाने का दायित्व हमारा है। हमारे युवा एग्री, आईटी आदि क्षेत्रों में प्रगति करें, इसके लिए सरकार पूरी मदद करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास के मामले में सरकार किसानों, गरीबों के साथ है। जनजातीय समाज को विशेष लाभ दिया जा रहा है। वीरपुर में कॉलेज खोला जाएगा। वीरपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन किया जाएगा। यहाँ मौजूद अस्पताल को उन्नत करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन क्षेत्र में विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। वन क्षेत्र में रहने वाले भाई-बहन प्रकृति के बीच संतुलन बनाते हुए "जियो और जीने दो" की भावना को चरितार्थ करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास के मामले में सरकार हमेशा जनता के साथ है। गरीब, किसान, महिलाओं और ग्राम के आखिरी छोर के व्यक्ति के साथ सरकार खड़ी है। स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार किया गया है। एयर एम्बुलेंस के माध्यम से गाँव के बीमार व्यक्ति को शहरों के बड़े अस्पताल पहुँचाया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर आगरा और दिल्ली तक भेजने की व्यवस्था भी की जाएगी। विमान में डॉक्टर, नर्स सहित जीवन-रक्षा के लिए आवश्यक उपकरणों और दवाई की उपलब्धता रखी जाएगी। यह गरीबों का भला करने वाली सरकार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रोजगार के सभी क्षेत्रों में प्रयास करने के साथ ग्रामीण स्तर पर दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए ग्राम निवासियों को अनुदान दिया जाएगा। गेहूँ और सोयाबीन की तरह ही दूध के उत्पादन पर भी बोनस दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर श्योपुर को जनजातीय प्रमाण-पत्र बनाने और उनके वितरण कार्य को तेजी से किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि गाँव में बसने के लिए आबादी के लिए आवश्यकता और सुविधा अनुसार नवीन आबादी का क्षेत्र निर्मित किया जाए।  चंबल नदी पर बनेगा पेंटुल पुल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीरपुर के क्षेत्रीय विकास के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जायेगी। वीरपुर में नंदी गाँव से गवघाट तक चंबल नदी पर पेंटुल पुल बनाया जाएगा। इससे राजस्थान की करौली माता और सवाई-माधोपुर तक आवागमन की सुविधा मिलेगी। वन समिति सदस्यों के बच्चों को स्कूल बैग वितरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या-पूजन से कार्यक्रम की शुरुआत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए 80 लाख रूपये की लागत से वन समिति सदस्यों के 13 हज़ार 700 बच्चों को स्कूल बैग वितरित किये। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर प्रगति-पथ पर आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में श्योपुर को प्रदेश का अग्रणी जिला बनाया जाएगा। खजुराहो सांसद श्री वी.डी. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में गरीबों को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिये निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। सरकार जन-कल्याणकारी योजनाओं से आर्थिक एवं सामाजिक बदलाव लाने की दिशा में सतत कार्य कर रही है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा एवं श्योपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा कि जिले को सरकार की ओर से लगातार विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में जिला निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री रामनिवास रावत ने संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के जागरूकता सम्मेलन के आयोजन पर प्रसन्नता जताई और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास के लिये निरंतर कार्य कर रही है। भूमि-पूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधि-विधान से पूजन कर 57 करोड़ 42 लाख रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इसमें 18 करोड़ 94 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 38 करोड़ 48 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और शिलान्यास किया गया। इसमें पीएम जन-मन योजना में श्योपुर विकासखण्ड के 6 ग्रामों में मल्टीपर्पस सेंटर निर्माण लागत 3 करोड़ 60 लाख, विजयपुर एवं कराहल विकासखण्ड क्षेत्र के 18 ग्रामों में मल्टीपर्पस सेंटर का निर्माण कार्य लागत 10 करोड़ 80 लाख और तहसील विजयपुर में 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में उन्नयन निर्माण कार्य लागत 24 करोड़ 8 लाख रुपये के कार्य शामिल हैं। कार्यक्रम में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना, अध्यक्ष सहरिया विकास प्राधिकरण राज्य मंत्री दर्जा श्री तुरसनपाल बैरया, उपाध्यक्ष सहरिया विकास अभिकरण राज्य मंत्री दर्जा श्री सीताराम आदिवासी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डीबाई आदिवासी, पूर्व विधायकगण और प्रशासनिक अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। recent visitors 142

आप पार्टी ने किया बड़ा ऐलान, दिल्ली में आप पार्टी का कांग्रेस संग नहीं होगा गठबंधन, दिल्ली में अकेले लड़ेंगे चुनाव

नई दिल्ली हरियाणा में मिली करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस पर उसके सहयोगी दल तंज कस रहे हैं। इसी बीच आम आदमी पार्टी (आप) ने साफ कर दिया है कि वह आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव अकेले लड़गी। पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेगी। आप की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने बुधवार को कहा कि पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कक्कड़ ने कहा, 'हम दिल्ली विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेंगे। एक तरफ अति आत्मविश्वासी कांग्रेस है और दूसरी तरफ अहंकारी भारतीय जनता पार्टी। हम अपना सिर झुकाकर रखेंगे और पिछले 10 सालों में किए अपने काम को खुद बोलने देंगे। हम कड़ी मेहनत करेंगे।' दिल्ली में विधानसभा चुनाव 2025 की शुरूआत में होने की उम्मीद है। 2020 के विधानसभा चुनाव में आप ने 70 में से 62 सीटें जीती थीं और भाजपा को आठ सीट मिली थी। कक्कड़ के बयान ने उन सभी संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें माना जा रहा था कि आप और कांग्रेस मिलकर दिल्ली विधानसभा चुनाव में उतर सकते हैं। अब चुनावी समर में कांग्रेस को बीजेपी और आप से कड़ा मुकाबला करना होगा। माना जा सकता है कि यह घोषणा कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है क्योंकि 2013 से उसका कोई नेता दिल्ली विधानसभा नहीं पहुंचा है। हरियाणा चुनाव को लेकर कांग्रेस और आप के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत हुई थी जिसका कोई परिणाम नहीं निकला था। इससे पहले, आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हरियाणा चुनाव के नतीजों से मिली 'सबसे बड़ी सीख' यह है कि कभी भी अति आत्मविश्वासी नहीं होना चाहिए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अगले साल होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए कड़ी मेहनत करने का अनुरोध किया। उन्होंने मंगलवार को दिल्ली में आप पार्षदों को संबोधित करते हुए कहा, 'चुनाव नजदीक आ रहे हैं। चुनावों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। आज के चुनाव से सबसे बड़ी सीख यह मिली है कि कभी भी अति आत्मविश्वासी नहीं होना चाहिए। हर चुनाव, हर सीट मुश्किल होती है।' recent visitors 86

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के अधिकारी ने कहा- भारत ने गरीबी कम करके दिखाई है, UN अधिकारी ने जमकर की तारीफ

नई दिल्ली भारत ने गरीबी कम करने, विद्युतीकरण को विस्तार देने और स्वच्छ जल एवं स्वच्छता तक पहुंच में महत्वपूर्ण प्रगति की है। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) की कार्यकारी निदेशक नतालिया केनम ने दी। अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान, केनम ने कहा, "जब मैं पीछे मुड़कर देखती हूं, तो पाती हूं कि गरीबी में महत्वपूर्ण कमी आई है। विद्युतीकरण में हुई प्रगति और सभी के लिए स्वच्छ जल व स्वच्छता की आकांक्षाओं को देखना आश्चर्यजनक है। संयुक्त राष्ट्र के लिए यह गर्व की बात है कि हम इन उपलब्धियों में प्रमुख साझेदार रहे हैं।" केनम पिछले 30 वर्षों से भारत का दौरा कर रही हैं। उन्होंने देश में हुए सकारात्मक बदलावों का जिक्र किया। ANI को दिए इंटरव्यू में केनम ने कहा, "भारत में प्रगति की गति और तेजी उत्साहजनक है। यह देखना प्रेरणादायक है कि भारत सकारात्मक परिवर्तन का एक प्रमुख उदाहरण बन गया है। जब भारत प्रगति करता है, तो ग्रामीण इलाकों सहित पूरे समुदायों में बड़े बदलाव होते हैं।" UNFPA के भारत के साथ 50 वर्षों की साझेदारी का जश्न मनाते हुए, उन्होंने भारत सरकार, समुदायों और अन्य भागीदारों के कठिन परिश्रम की सराहना की। उन्होंने कहा, "सभी का विकास सुनिश्चित करने की भारत की महत्वाकांक्षा वास्तव में अद्भुत है। हम गर्व करते हैं कि हमने मातृ मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे भारत ने अपने सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से पहले ही बढ़त हासिल की। कोई भी महिला जीवन देते समय मरनी नहीं चाहिए, और भारत इसे एक वास्तविकता बना रहा है।" उन्होंने यह भी बताया कि भारत में बाल विवाह की घटनाओं में पिछले 50 वर्षों में आधी कमी आई है। उन्होंने कहा, "यह सांस्कृतिक बदलाव, जहां बालिकाओं को शिक्षित किया जा रहा है, एक उज्जवल भविष्य का संकेत है जिसमें महिलाएं सशक्त हो रही हैं, परिवार खुशहाल हो रहे हैं और आर्थिक समृद्धि हो रही है।" भारत के वैश्विक नेतृत्व के बारे में बात करते हुए, केनम ने कहा, "भारत विकासशील देशों के साथ साझेदारी के संदर्भ में भी कदम बढ़ा रहा है, और यह क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सतत विकास के लिए मदद कर रहा है। भारत न केवल एक आर्थिक महाशक्ति है, बल्कि यह सतत विकास लक्ष्यों पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है, खासकर उन क्षेत्रों में जो महिलाओं और बालिकाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो UNFPA के मुख्य उद्देश्यों में शामिल हैं।" उन्होंने डिजिटल क्रांति को भी भारत की बड़ी उपलब्धि बताया, जो जमीनी स्तर पर लोगों के जीवन को बदल रही है। उन्होंने कहा, "भारत की डिजिटल सेवाओं में इनोवेशन ने दूरदराज के इलाकों में महिलाओं के लिए जीवन को आसान बना दिया है। मोबाइल फोन की पहुंच के साथ, कई महिलाएं अब सरकारी सेवाओं और UNFPA की जानकारी तक सीधे पहुंच पा रही हैं।" अपनी यात्रा के उद्देश्य पर बात करते हुए केनम ने बताया, "मैं यहां हमारी समर्पित टीम के साथ यह जश्न मनाने आई हूं कि हम कैसे भारत को 'कोई पीछे न छूटे' के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद कर रहे हैं। राजस्थान, ओडिशा, मध्य प्रदेश और अन्य जगहों पर हमारी कोशिशें सकारात्मक पुरुषत्व, डेटा-आधारित विकास और युवाओं को सशक्त करने पर केंद्रित हैं, ताकि वे समाज में सक्रिय रूप से योगदान दे सकें।" उन्होंने भारत की महिलाओं द्वारा नेतृत्व किए जा रहे विकास पर भी खुशी जताई और कहा, "यह देखना प्रेरणादायक है कि भारत सरकार पूरे क्षेत्रों में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की बात कर रही है। UNFPA और संयुक्त राष्ट्र यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि महिलाएं और बालिकाएं विकास के केंद्र में रहें और जो लोग पीछे छूट गए हैं, उन्हें उनका मानव गरिमा का अधिकार मिले।" अंत में, केनम ने भारत में अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा, "एक चिकित्सक के रूप में, मुझे कोयंबटूर, तमिलनाडु में आयुर्वेद का अनुभव करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मैंने भारत की जीवंत संस्कृति का भी आनंद लिया, चाहे वह फैशन हो या भोजन, और इसे महिलाओं और बालिकाओं की दृष्टि से देखा। यहां आकर और भारत की प्रगति के समर्थन में फिर से प्रतिबद्धता जताकर बहुत खुशी हो रही है।" recent visitors 64

अब चुनाव आयोग ने खड़गे को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई, जाने क्या है मामला

नई दिल्ली हरियाणा में 48 सीटें जीतकर बीजेपी ने हैट्रिक मारी है. वहीं जीत की आस लगाए बैठी कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा. पार्टी के खाते में सिर्फ 37 सीटें ही आईं. नतीजे आने के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश और पवन खेड़ा ने नतीजों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए इसे तंत्र की जीत और लोकतंत्र की हार बता दिया था. इसको लेकर चुनाव आयोग ने आपत्ति दर्ज कराई है और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखा है और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय दिया है. चुनाव आयोग ने खड़गे से कहा कि वह अप्रत्याशित परिणामों पर पार्टी अध्यक्ष के रुख को मानता है, न कि पार्टी के कुछ नेताओं के इस रुख को कि परिणाम स्वीकार्य नहीं हैं. कांग्रेस नेताओं को बयान पर आयोग ने कहा कि देश की समृद्ध लोकतांत्रिक विरासत में सामान्य अर्थों में उपर्युक्त जैसा अभूतपूर्व बयान अनसुना है, यह मुक्त भाषण और अभिव्यक्ति के वैध हिस्से से बहुत दूर है और यह वैधानिक और नियामक चुनावी ढांचे के अनुसार व्यक्त लोगों की इच्छा को अलोकतांत्रिक रूप से अस्वीकार करने की ओर बढ़ता है, जो जम्मू-कश्मीर और हरियाणा सहित देश के सभी चुनावों में समान रूप से लागू होता है. EC ने आगे कहा, "इस बीच आयोग ने आपके और विपक्ष के नेता के उन बयानों को नोट किया है, जिनमें हरियाणा के नतीजों को "अप्रत्याशित" बताया गया है और कांग्रेस इसका विश्लेषण करने और अपनी शिकायतों के साथ चुनाव आयोग से संपर्क करने का प्रस्ताव रखती है. चुनाव आयोग को अब एक अनुरोध प्राप्त हुआ है, जिसमें कांग्रेस के 12 सदस्यीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल से मिलने का समय मांगा गया है, जिसमें वे सदस्य भी शामिल हैं, जिन्होंने पैरा 1 और 2 में उल्लिखित प्रकृति में बयान दिया है." चुनाव आयोग ने कहा कि इस उचित धारणा पर आगे बढ़ते हुए कि पार्टी अध्यक्ष का बयान चुनावी नतीजों पर पार्टी की औपचारिक स्थिति है, चुनाव आयोग ने आज शाम 6 बजे (बुधवार) सुकुमार सेन हॉल (सातवीं मंजिल), निर्वाचन सदन में प्रतिनिधिमंडल से मिलने पर सहमति व्यक्त की है. कांग्रेस नेताओं ने लगाए थे ये आऱोप मंगलवार को नतीजे आने के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए आरोप लगाया था कि हरियाणा के नतीजे बहुत अप्रत्याशित हैं, इसको हम स्वीकार नहीं कर सकते. कई जिलों से गंभीर शिकायत आई है. पवन खेड़ा ने कहा था कि नतीजे चौंकाने वाले हैं और जमीनी स्तर पर हमने जो देखा, उसके बिल्कुल विपरीत हैं. हमें अपने कार्यकर्ताओं से मतगणना से संबंधित शिकायतें मिल रही हैं. जल्द ही हम औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे. यह तंत्र की जीत है, लोकतंत्र की नहीं. हम यह स्वीकार नहीं कर सकते. वहीं जयराम रमेश ने कहा था कि हम एक या दो दिन में हम चुनाव आयोग के पास जाएंगे और औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे. स्थानीय अधिकारियों पर दबाव था. कई सीटें ऐसी हैं जहां हम हार ही नहीं सकते, लेकिन वहां हम हारे हैं. नतीजे भावनाओं के खिलाफ हैं. तीन जिलों में मतगणना को लेकर हमारे पास गंभीर शिकायतें हैं. यह जानकारी एकत्रित की जाएगी. हरियाणा में नतीजे पूरी तरह अप्रत्याशित, आश्चर्यजनक और विरोधाभासी हैं. यह जमीनी हकीकत के विपरीत हैं. यह हरियाणा के लोगों की इच्छा के विपरीत हैं, इन परिस्थितियों में इन नतीजों को स्वीकार करना संभव नहीं है.   recent visitors 80

नियमित योग और प्राणायाम तनाव को कम करने, मानसिक शांति बनाए रखने और जीवन में सकारात्मकता लाने का प्रभावी साधन है- उप मुख्यमंत्री शुक्ल

मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग, प्राणायाम और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना अत्यंत आवश्यक: उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा मानसिक स्वास्थ्य का सीधा संबंध हमारे दैनिक जीवन, विचारधारा और दिनचर्या से होता है नियमित योग और प्राणायाम तनाव को कम करने, मानसिक शांति बनाए रखने और जीवन में सकारात्मकता लाने का प्रभावी साधन है- उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (10 अक्टूबर) के अवसर पर प्रदेशवासियों को स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का सीधा संबंध हमारे दैनिक जीवन, विचारधारा और दिनचर्या से होता है। स्वस्थ मानसिक स्थिति के लिए योग, प्राणायाम, और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। नियमित योग और प्राणायाम तनाव को कम करने, मानसिक शांति बनाए रखने और जीवन में सकारात्मकता लाने का प्रभावी साधन है। शुद्ध और पौष्टिक आहार रखता है मन को शांत और स्थिर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने वैदिक जीवनशैली और आहार संबंधी आदतों पर जोर देते हुए कहा कि संतुलित आहार और सात्विक जीवन-शैली हमारे शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है, साथ ही मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। शुद्ध और पौष्टिक आहार का सेवन हमारे मन को शांत और स्थिर रखता है। ताजा भोजन और नियमित दिनचर्या का पालन कर हम मानसिक तनाव और अवसाद से बच सकते हैं। मानसिक स्वास्थ्य को समझें, सहायता लेने में न हिचकिचाएं उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन अक्सर इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है। मानसिक तनाव, चिंता, अवसाद और अन्य भावनात्मक समस्याएं किसी भी व्यक्ति के जीवन को प्रभावित कर सकती हैं। इन लक्षणों को पहचानना और सही समय पर डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सहायता लेना बेहद जरूरी है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर इलाज कराने में संकोच न करें। सही मार्गदर्शन और उपचार से आप स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकते हैं। 30 अक्टूबर तक मनाया जाएगा मानसिक स्वास्थ्य माह शिविरों में की जाएगी स्क्रीनिंग , उपचार एवं परामर्श सेवाएं विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस हर साल 10 अक्टूबर को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मानसिक विकारों से ग्रस्त लोगों को सहायता प्रदान करना है। इस वर्ष की थीम 'मानसिक स्वास्थ्य को कार्यस्थल पर बढ़ावा देने' से संबंधित है, जो कि कार्यस्थल में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर केंद्रित है। प्रदेश में 10 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक मानसिक स्वास्थ्य माह का आयोजन किया जाएगा। जिसमें मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित होंगे। शिविरों में स्क्रीनिंग, उपचार एवं परामर्श सेवाएं दी जाएगी। मानसिक समस्या से ग्रस्त व्यक्तियों के देखभालकर्ताओं हेतु जागरूकता सेमिनार आयोजित उपलब्ध रहेंगी। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए विशेष मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग शिविर आयोजित होंगे। कार्य स्थल पर मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के विषय पर उन्मुखीकरण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 1 लाख 20 हज़ार से अधिक का उपचार विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, विश्व की लगभग 10% जनसंख्या मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मध्यप्रदेश में विभिन्न स्तरों पर अंतःक्षेप किये जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 3,27,790 लोगों की स्क्रीनिंग और 2,17,559 मरीजों को निःशुल्क उपचार प्रदान किया गया। अप्रैल 2024 से सितंबर 2024 तक 1,82,898 लोगों की स्क्रीनिग एवं 1,23,226 मरीजों को निःशुल्क उपचार प्रदान किया गया। मानसिक समस्या ग्रस्त व्यक्तियों के लिये प्रत्येक जिला अस्पताल में "मनकक्ष" प्रत्येक जिला अस्पताल के "मनकक्ष" में मानसिक समस्या ग्रस्त व्यक्तियों की स्क्रीनिंग, उपचार और काउंसिलिंग की जाती है। गंभीर मानसिक रोगियों को इंदौर, ग्वालियर या मेडिकल कॉलेजों के मानसिक रोग विभाग में रेफर किया जाता है। टेली-मानस हेल्पलाइन (14416 अथवा 1800- 891-4416) पर 24X7 निःशुल्क परामर्श उपलब्ध मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए स्कूल, कॉलेज, ओल्ड एज होम, जैसे विभिन्न संस्थानों में सेमिनार आयोजित किए गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष शिविरों में मानसिक रोगियों की स्क्रीनिंग और काउंसलिंग की जाती है। इंदौर और ग्वालियर में टेलीमानस केंद्र स्थापित किए गए हैं। टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर (14416 अथवा 1800- 891-4416) पर 24X7 कॉल कर निःशुल्क परामर्श प्राप्त कर सकते है। प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2023-24 में 42,012 कॉल के माध्यम से परामर्श सेवायें प्रदान की गई। अप्रैल 2024 से सितंबर 2024 तक 27,951 कॉल के माध्यम से परामर्श सेवायें प्रदान की गई। "मनहित" ऐप से मिल रही है मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी मानसिक स्वास्थ्य साक्षरता बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर जागरूकता लाने के लिए "मनहित" ऐप लांच किया गया है। "मनहित" ऐप के तीन खंड़ मानसिक स्वास्थ्य स्व-मूल्यांकन, जागरूकता सामग्री, और संपर्क सुविधा है। 18 वर्ष से कम और अधिक आयु के व्यक्ति या उनके अभिभावक व्यवहार संबंधी समस्याओं की जांच कर सकते हैं। स्व-मूल्यांकन के आधार पर ऐप, तनाव, चिंता, अवसाद, मादक द्रव्यों के सेवन आदि के लिए मार्गदर्शन और जागरूकता सामग्री प्रदान करता है। यह उपयोगकर्ताओं को टेली-मानस, मनकक्ष, और अन्य मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ता है। recent visitors 112