फॉर्टिफाइड चावल स्‍कीम के लिए 17,082 करोड़ रुपये खर्च करेगी मोदी सरकार

नई दिल्‍ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एनीमिया और पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए 17,082 करोड़ रुपये की लागत वाली एक स्‍कीम को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत फोर्टिफाइड चावल को बढ़ावा दिया जाएगा। योजना का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार, 2019 से 2021 के बीच एनीमिया भारत में एक बड़ी समस्या बनी हुई है। यह बच्चों, महिलाओं और पुरुषों सभी को प्रभावित करता है। आयरन की कमी के अलावा, विटामिन बी12 और फोलिक एसिड जैसी अन्य विटामिन और खनिज की कमी भी बनी रहती है। इससे लोगों के स्वास्थ्य और उत्पादकता पर असर पड़ता है। दुनिया भर में एनीमिया और कुपोषण से निपटने के लिए खाद्य पदार्थों को फोर्टिफाइड किया जाता है। भारत में 65% लोग चावल खाते हैं। ऐसे में पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए चावल एक आदर्श माध्यम है। चावल फोर्टिफिकेशन में FSSAI की ओर से निर्धारित मानकों के अनुसार सूक्ष्म पोषक तत्वों (आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन बी 12) से समृद्ध फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) को सामान्य चावल में मिलाया जाता है। इसके अलावा कैबिनेट ने दो और महत्‍वपूर्ण फैसले लिए हैं। इनमें गुजरात में नेशनल मेरिटाइम हेरिटेज कॉम्‍प्‍लेक्‍स का विकास और राजस्थान तथा पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे में सुधार शामिल हैं। नेशनल मेरिटाइम हेरिटेज कॉम्‍प्‍लेक्‍स के विकास को हरी झंडी केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुजरात के लोथल में नेशनल मेरिटाइम हेरिटेज कॉम्‍प्‍लेक्‍स (NMHC) के विकास को मंजूरी दे दी है। यह दो चरणों में पूरा होगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पहले चरण (1A) में 1,238.05 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें प्रमुख बंदरगाह, रक्षा मंत्रालय (भारतीय नौसेना) और संस्कृति मंत्रालय का योगदान होगा। मंत्रिमंडल ने चरण 1B और चरण 2 के लिए भी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इनके लिए धन स्वैच्छिक संसाधनों से जुटाया जाएगा। चरण 1B में 266.11 करोड़ रुपये की लागत से लाइट हाउस संग्रहालय का निर्माण शामिल है। इसके लिए धन लाइटहाउस और लाइटशिप महानिदेशालय की ओर से दिया जाएगा। इस परियोजना से 15,000 प्रत्यक्ष और 7,000 अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय समुदायों, पर्यटकों, शोधकर्ताओं, सरकारी निकायों, शिक्षण संस्थानों, सांस्कृतिक संगठनों, पर्यावरण समूहों और व्यवसायों को लाभ होगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में 2,280 किमी सड़क का निर्माण इसके अलावा, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राजस्थान और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में 2,280 किलोमीटर सड़कों के निर्माण को भी मंजूरी दी है। इसमें 4,406 करोड़ रुपये का निवेश होगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित करने के अनुरूप है। इसका उद्देश्य ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देना, यात्रा में सुधार करना और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ बेहतर संपर्क सुनिश्चित करना है। यह पहल इन सीमावर्ती क्षेत्रों को बेहतर सड़कों, दूरसंचार संपर्क, पानी की आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा सुविधाओं वाले जीवंत गांवों में बदलने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। recent visitors 91

PWD ने 6 फ्लैग स्टाफ रोड मुख्यमंत्री आवास को सील कर , गेट पर डबल लॉक लगाया

 नई दिल्ली दिल्ली में एक बार फिर बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिल रहा है. कारण, PWD ने 6 फ्लैग स्टाफ रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास को सील कर दिया है. इसके गेट पर विभाग ने डबल लॉक लगा दिया है. अरविंद केजरीवाल द्वारा सीएम पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद इस सरकारी आवास को खाली किया गया था. वहीं आतिशी सीएम बनने के बाद इसमें शिफ्ट हुई थीं. आवास को खाली करने और हैंडओवर को लेकर ही विवाद है, जिसके बाद पीडब्लूडी ने एक्शन लिया है. इसके अलावा दिल्ली के विजिलेंस डिपार्टमेंट में पीडब्ल्यूडी के दो सेक्शन ऑफिसर और अरविंद केजरीवाल के पूर्व स्पेशल सेक्रेटरी को तरीके से हैंडओवर लेने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद से दिल्ली की सियासत गरमाई हुई है, जहां अब दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी बन तो गई हैं लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री आवास आवंटित नहीं हुआ है, जिसको लेकर आप सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि बीजेपी सीएम आवास पर कब्जा करना चाहती है. संजय सिंह ने कहा कि पिछले कई दिनों से भारतीय जनता पार्टी झूठ और भ्रम फैलाने के काम में लगी हुई है और कई हथकंडे दिल्ली में अपनाए हैं. हमारी पार्टी को तोड़ने का प्रयास किया. 27 साल से BJP दिल्ली में चुनाव हार रही है. चुनाव हारने के बाद आम आदमी पार्टी और केजरीवाल को खत्म करने का प्रयास किया. उसके बाद हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं को तोड़ने का प्रयास किया. उसमें भी फेल हो गए और किसी को तोड़ नहीं पाए तो अब मुख्यमंत्री के आवास पर कब्जा करना चाहते हैं. बीजेपी पर लगाया यह आरोप उन्होंने आगे कहा कि मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि जब अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री आवास खाली किया, तब भी इन्होंने दुष्प्रचार फैलाया. उन्होंने पेपर दिखाते हुए कहा कि यह प्रमाण पत्र है कि अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री आवास खाली कर दिया है. यह उसका प्रमाण है. उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में आतिशी को उस आवास में जाना था लेकिन मुख्यमंत्री होने के बावजूद वह आवास सीएम आतिशी को आवंटित नहीं किया जा रहा है. अब जो चुनाव नहीं जीत पाते और मुख्यमंत्री नहीं बना पाते वह मुख्यमंत्री आवास पर कब्जा करना चाहते हैं. चुनावी नतीजों पर कही यह बात इसके साथ ही संजय सिंह ने मंगलवार को आए हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के चुनाव परिणाम को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि हरियाणा चुनाव के नतीजे पर आज तक वह थर्मामीटर नहीं मिला जो यह तय करता हो कि हमने किसी पार्टी का वोट लिया हो. हम जाती धर्म की बात नहीं करते है, हम स्वास्थ्य, शिक्षा की बात करते है जो हर जाति धर्म के लोगों को मिलता है. इसलिए लोग चाहते है कि ऐसी पार्टी आए जो सबकी बात करती है.जम्मू कश्मीर में आप पार्टी एक सीट पर चुनाव जीती है, पूरे चुनाव में वहां पर केजरीवाल के मॉडल की बात की गई. देश के 5 वें राज्य में आप पार्टी की एंट्री हो चुकी है यह हमारे लिए सुखद बात है   केजरीवाल ने खाली किया विवादों से सुर्खियों में रहा आवास  दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अरविंद केजरीवाल ने आज अपना सरकारी आवास खाली कर दिया. राजनीति में आने से पहले दिल्ली से सटे गाजियाबाद में अरविंद केजरीवाल परिवार के संग रहते थे. जब वे पहली बार 2013 में दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे, तब आईटीओ के समीप तिलक लेन के सरकारी फ्लैट मैं कुछ समय तक रहे. दोबारा वर्ष 2015 में जब पूर्ण बहुमत से आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तब से लेकर अभी तक अरविंद केजरीवाल सिविल लाइंस स्थित इसी सरकारी आवास में रह रहे थे. शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा. इसी आवास के एक हिस्से में मुख्यमंत्री कार्यालय भी चल रहा था. लेकिन वर्ष 2020 में जब तीसरी बार केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बने तब इस सरकारी आवास के सौंदर्यीकरण का फैसला लिया गया. उसके बाद से यह सरकारी आवास विवादों के चलते सुर्खियों में आ गया. विपक्ष ने इसे शीशमहल का नाम दिया. इसके सौंदर्यीकरण पर करोड़ों रुपए खर्च हुए और तब से आम आदमी पार्टी में केजरीवाल के करीबी नेताओं को ही इस आवास में एंट्री थी. बाहर से आए आगंतुकों के लिए एक क्षेत्र विशेष तक ही सीमित रखा गया था. आज आखिरकार यह आवास छोड़कर अरविंद केजरीवाल आम आदमी पार्टी के सांसद अशोक मित्तल को नई दिल्ली के फिरोजशाह रोड स्थित बंगला नंबर 5 में परिवार संग शिफ्ट हो रहे हैं.   सरकारी आवास के रेनोवेशन में 45 करोड़ खर्च, हो रही है जांच सिविल लाइंस 6 फ्लैग स्टाफ रोड स्थित इस सरकारी आवास में रेनोवेशन के नाम पर करीब 45 करोड़ खर्च हुए हैं. कांग्रेस नेता अजय माकन और बीजेपी नेता मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी ने इसकी शिकायत की तब उपराज्यपाल ने इस मामले की अनियमितता की जांच दी. सरकारी आवास में हुए रेनोवेशन के संबंध में एलजी ने तत्कालीन मुख्य सचिव से विस्तृत जानकारी मांगी थी और इससे संबंधित सभी दस्तावेज सुरक्षित रखने को कहा था. सुनीता केजरीवाल ने सौंपी घर की चाबियां दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यह सौंदर्यीकरण नहीं था पुराने ढांचे के स्थान पर एक नया घर बनाया गया और वहां उनका कैंप ऑफिस भी है. खर्च लगभग 45 करोड़ रुपये हुए हैं. लोक निर्माण विभाग ने ऑडिट के बाद इसके जीर्णोद्धार की रिपोर्ट दी थी. पुराने ढांचे के स्थान पर एक नया ढांचा बनाया गया है. दस्तावेज के अनुसार निर्माण पर 43.70 करोड़ की स्वीकृति राशि के मुकाबले कुल 44.78 करोड़ रुपये सिविल लाइंस में के 6 फ्लैग स्टाफ रोड पर केजरीवाल के सरकारी आवास पर खर्च हुए हैं. लोक निर्माण विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार 1970 के आसपास इस घर का निर्माण हुआ था और यह घर दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी को रहने के लिए बनाया गया था. अरविंद केजरीवाल ने छोड़ा मुख्यमंत्री आवास सरकारी आवास के आंतरिक साज-सज्जा पर करोड़ों खर्चउपराज्यपाल को सरकारी आवास के सौंदर्यीकरण पर पानी की तरह करोड़ों खर्च करने की … Read more

आरबीआई ने वित्त वर्ष की तीसरी और चौथी तिमाही के अपने वृद्धि दर के अनुमान को 7.3 और 7.2 से बढ़ाकर 7.4 प्रतिशत किया

मुंबई  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने उपभोक्ता मांग तथा निवेश बेहतर रहने की संभावना के बीच चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि के अनुमान को 7.2 प्रतिशत पर कायम रखा है। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने दूसरी तिमाही के अपने वृद्धि दर के अनुमान को 7.2 प्रतिशत से घटाकर सात प्रतिशत कर दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष की चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रही। पहले इसके 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। इसके अलावा आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी और चौथी तिमाही के अपने वृद्धि दर के अनुमान को क्रमश: 7.3 और 7.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.4 प्रतिशत कर दिया है। आरबीआई ने अगस्त में अपनी पिछली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर के 7.2 प्रतिशत पर रहने का ही अनुमान लगाया था। गवर्नर दास ने चालू वित्त वर्ष की चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि भारत की वृद्धि गाथा कायम है क्योंकि वृद्धि को रफ्तार देने वाले कारक उपभोग तथा निवेश मांग में मजबूती है। उन्होंने कहा, ‘‘कुल मांग में महत्वपूर्ण हिस्सा रखने वाले निजी उपभोग की संभावनाएं बेहतर हैं क्योंकि कृषि परिदृश्य और ग्रामीण मांग की स्थिति बेहतर हुई है। सेवाओं में तेजी से शहरी मांग को भी समर्थन मिलेगा। केंद्र और राज्यों के सरकारी खर्च के बजट अनुमान के अनुरूप तेजी पकड़ने की उम्मीद है।’’ गवर्नर ने कहा कि उपभोक्ता और कारोबारी भरोसे से निवेश गतिविधियों को लाभ होगा। इसके अलावा सरकार निवेश पर जोर दे रही है और बैंकों तथा कॉरपोरेट जगत का बही-खाता भी मजबूत है। उन्होंने कहा, ‘‘ इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए हमारा अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहेगी। दूसरी तिमाही में इसके सात प्रतिशत, तीसरी में 7.4 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। अगले वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था के 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है।’’   मुद्रास्फीति पर सख्ती से लगाम लगानी होगी, अन्यथा यह फिर बढ़ सकती है: आरबीआई गवर्नर  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए खुदरा मुद्रास्फीति के अपने अनुमान को बुधवार को 4.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने चालू वित्त वर्ष की चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद बुधवार को इस बात पर जोर दिया कि केंद्रीय बैंक को कीमतों की स्थिति पर कड़ी नजर रखनी होगी और ‘‘मुद्रास्फीति’’ पर सख्ती से लगाम लगानी होगी, नहीं तो इसमें फिर से तेजी आ सकती है। गवर्नर ने यह भी कहा कि लचीले मुद्रास्फीति लक्ष्य (एफआईटी) ढांचे को 2016 में लागू किए जाने के बाद से आठ वर्ष पूरे हो गए हैं और यह भारत में 21वीं सदी का एक प्रमुख संरचनात्मक सुधार है। केंद्रीय बैंक ने एफआईटी के तहत यह सुनिश्चित किया है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत पर बनी रहे। आरबीआई ने 2024-25 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के अपने अनुमान को 4.5 प्रतिशत पर कायम रखा है। महंगाई दर के दूसरी तिमाही में 4.1 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 4.8 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 4.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए मुद्रास्फीति के 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। जोखिम समान रूप से संतुलित हैं। दास ने कहा, ‘‘ प्रतिकूल आधार प्रभाव तथा खाद्य पदार्थों कीमतों में तेजी से सितंबर में महंगाई दर में तेजी देखने को मिल सकती है। अन्य कारकों के अलावा 2023-24 में प्याज, आलू और चना दाल के उत्पादन में कमी इसकी प्रमुख वजह होगी।’’ उन्होंने कहा कि हालांकि अच्छी खरीफ फसल, अनाज के पर्याप्त भंडार और आगामी रबी मौसम में अच्छी फसल की संभावना से इस वर्ष की चौथी तिमाही में कुल मुद्रास्फीति की दर में क्रमिक रूप से नरमी आने का अनुमान है। दास ने कहा कि प्रतिकूल मौसम और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की स्थिति में मुद्रास्फीति के ऊपर जाने का जोखिम है। अक्टूबर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम में काफी उतार-चढ़ाव रहा है। जुलाई और अगस्त में खुदरा मुद्रास्फीति में उल्लेखनीय गिरावट आई है। इसकी मुख्य वजह आधार प्रभाव है। दास ने कहा कि खाद्य कीमतों में निकट अवधि में तेजी की आशंका के बावजूद घरेलू स्तर पर कीमत को लेकर जो स्थितियां बन रही हैं उससे आगे कुल मुद्रास्फीति में कमी आने का संकेत मिलता है।     आरबीआई की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की मुख्य बातें  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की चालू वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की मुख्य बातें इस प्रकार हैं- * मुख्य नीतिगत दर रेपो लगातार दसवीं बार 6.5 प्रतिशत पर यथावत। * फरवरी 2023 से रेपो दर में बदलाव नहीं। * मौद्रिक नीति रुख को बदलकर ‘तटस्थ’ किया गया। * यह पुनर्गठित मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की पहली बैठक थी। * चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि का अनुमान 7.2 प्रतिशत पर बरकरार। * दूसरी तिमाही के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान सात प्रतिशत, तीसरी तिमाही के लिए 7.4 प्रतिशत और चौथी तिमाही के लिए 7.4 प्रतिशत। * चालू वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान 4.5 प्रतिशत पर कायम। * यूपीआई123पे (फीचर फोन के लिए) प्रति लेनदेन सीमा दोगुनी कर 10,000 रुपये करने का प्रस्ताव। * यूपीआई लाइट वॉलेट की सीमा बढ़ाकर 5,000 रुपये और प्रति लेनदेन सीमा बढ़ाकर 1,000 रुपये करने का प्रस्ताव। * एमपीसी की अगली बैठक चार से छह दिसंबर को होगी।       recent visitors 72

जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष शिविर होंगे आयोजित

आंखों की सुरक्षा के लिये स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना है ज़रूरी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल 10 अक्टूबर को "चिल्ड्रन लव योर आईज" थीम पर मनाया जाएगा विश्व दृष्टि दिवस जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष शिविर होंगे आयोजित भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने विश्व दृष्टि दिवस पर कहा है कि आंखों की सुरक्षा केवल बाहरी कारकों से नहीं बल्कि स्वस्थ जीवनशैली से भी जुड़ी होती है। उन्होंने कहा कि हम सभी नेत्र स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और अपने बच्चों को सही दिशा में मार्गदर्शन दें। भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, खट्टे फल और विटामिन ए, सी, और ई से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल होने चाहिए, जो नेत्र स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसके अतिरिक्त, नियमित रूप से आंखों का व्यायाम, पर्याप्त नींद और आंखों को आराम देना भी जरूरी है। स्क्रीन टाइम करें कम, बच्चों को बाहर खेलने के लिये करें प्रेरित उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि कई अनुसंधानों से यह तथ्य सामने आए हैं कि आज के समय में स्क्रीन टाइम के अत्यधिक उपयोग के कारण बच्चों में मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। बच्चों को दिन में कुछ समय बाहर खेलने के लिए प्रेरित करें, क्योंकि प्राकृतिक रोशनी का आंखों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। डिजिटल उपकरणों का उपयोग सीमित करें और हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए आंखों को आराम देने की आदत डालें। सही समय पर बच्चों की आंखों की जांच कराई जाए ताकि गंभीर नेत्र रोगों से बचाव किया जा सके। नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। नेत्रदान को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि नेत्रदान महादान है। नेत्रदान से किसी व्यक्ति के जीवन का प्रकाशमय किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी नागरिक नेत्रदान के प्रति जागरूक हों और इसे एक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं। उल्लेखनीय है कि विश्व दृष्टि दिवस प्रतिवर्ष अक्टूबर माह के दूसरे गुरुवार को मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिवस " चिल्ड्रन, लव योर आईज" की थीम पर मनाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नेत्रदान के लिए भी लोगों को जागरूक एवं प्रोत्साहित कर पंजीयन करवाया जा रहा है। नेत्रदान के इच्छुक लोग राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1800114770 से विस्तृत जानकारी लेकर स्वैच्छिक पंजीयन करवा सकते हैं। विश्व दृष्टि दिवस (10 अक्टूबर) में आंखों की देखभाल के प्रति जागरूकता, आंखों की सुरक्षा और दृष्टि संरक्षण के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां एवं कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष शिविर आयोजित होंगे, जिसमें नेत्र रोग विशेषज्ञों और नेत्र सहायकों द्वारा आंखों की जांच एवं नेत्र देखभाल की सलाह दी जाएगी। सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आंखों की देखभाल के लिए परामर्श कार्यक्रमों एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा । अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत 7 लाख से अधिक नागरिक हो चुके हैं मोतियाबिंद मुक्त नेत्र रोगों के उपचार एवं देखभाल के लिए राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। अंधत्व निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत विगत वर्षों में प्रदेश में मोतियाबिंद के कुल 7,70,866 ऑपरेशन कर नागरिकों को रोग मुक्त बनाया गया। 4 हजार अंधत्व से ग्रसित नागरिकों को कॉर्निया प्रत्यारोपण कर उन्हें रोशनी प्रदान की गई है। वर्ष 2023-24 में 10 जिलो में अत्याधुनिक फेको इमुल्सिफिकेशन मशीने प्रदाय की गयी, जिससे उच्च तकनीकी से मोतियाबिंद ऑपरेशन किये जायेंगे। वर्ष 2023-24 में कुल 15,98,081 विद्यार्थियों का नेत्र परीक्षण किया गया। 65,937 विद्यार्थियों एवं 1,23,013 वृद्धजनों को निःशुल्क चश्में वितरित किए गये। वर्तमान वित्त वर्ष में अब तक मोतियाबिंद के 1,63,600 ऑपरेशन, 2 हज़ार 232 नेत्र परीक्षण शिविर, 32,627 वृद्धजन एवं 5,313 विद्यार्थियों को निःशुल्क चश्मे का वितरण और 625 केराटोप्लास्टी की गयी हैं। वर्तमान वर्ष में 840 व्यक्तियों ने नेत्रदान किया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में चिकित्सकीय दल द्वारा आंखों की जांच की जाती है। कार्यक्रम के तहत जन्मजात दृष्टिदोष जैसे मोतियाबिंद , भेंगापन का उपचार निशुल्क किया जाता है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत विगत वित्तीय वर्ष में 173 आनुवांशिक मोतियाबिंद, 24 रेटिनोपैथी और विज़न इम्पेयरमेंट के 7457 बालकों को लाभान्वित किया गया है।   recent visitors 82

राउत बोले लाडली बहनों के खाते में नहीं आ रहे रुपए, सीएम मोहन यादव का पलटवार, कहा कि हार के डर से वह बोल रहे हैं झूठ

भोपाल  मध्य प्रदेश में लाडली बहनों के खाते में हर महीने राशि आती है। इस महीने भी सरकार ने पांच अक्टूबर को राशि उनके खाते में डाल दिए हैं। वहीं, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि लाडली बहना योजना बंद हो जाएगी। वहां बहनों के खाते में रुपए नहीं आ रहे हैं। राउत के आरोपों पर सीएम मोहन यादव ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। साथ ही कहा है कि हर महीने लाडली बहनों के खाते में रुपए आ रहे हैं। सबसे पहले जानिए संजय राउत ने क्या कहा- संजय राउत ने मीडिया से चर्चा में कहा- ये योजना पूरे देश में कहीं भी सफल नहीं हैं। ये पूरा राजनैतिक खेल है। आप मप्र जाकर देखिए योजना शुरू है या नहीं। वहां के वित्त सचिव का आदेश क्या है। ये बहुत ही इनवैलिड योजना है, जो फलदायी नहीं होगी। पूरी अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी। हर महीने आ रही है राशि लाडली बहना योजना बंद होने को लेकर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत के बयान पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जब से हमने लाडली बहना योजना शुरू की है लगातार हर महीने, निश्चित समय पर बहनों को पैसे देने का काम किया है। वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती के अवसर पर एक साथ पूरे प्रदेश की बहनों के खातों में राशि डाली है। कोई ऐसा महीना नहीं जा रहा है जिसमें यह राशि नहीं डाली गई है। हार के डर से फैला रही है भ्रम सीएम मोहन यादव ने कहा कि लेकिन हार के डर से शिवसेना (UBT) के लोग महाराष्ट्र के चुनाव में मतदाताओं को बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। मैं एक बार फिर अपने सारे मतदाताओं से कहना चाहूंगा कि ऐसे झूठे षड्यंत्रों पर विश्वास न करें। यह नारी सशक्तिकरण की राशि है जिसे हम बंद करने हु हुई के बारे में सोच भी नहीं सकते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि हमारी योजना के तहत बहनों के जीवन में बेहतरी हो। लाडली बहना के कारण कर्मचारियों को दीवाली पर वेतन नहीं मिलेगा राउत ने महाराष्ट्र सरकार को घेरते हुए कहा- आज ठेकेदारों का आंदोलन चल रहा है। काम करवा लिया कमीशन 40%, 20% लिया। उनका भुगतान नहीं हो रहा है। वो सभी ठेकेदार मंत्रालय में आंदोलन करने वाले हैं। ये लाड़ली बहन योजना और एक महीना चलाएंगे, बाद में बंद कर देंगे। दीवाली के समय हमारे सरकारी कर्मचारी, पुलिस, टीचर्स का वेतन नहीं होगा। ये सब लाड़ली बहन योजना के चक्कर में हो रहा है। CM बोले- हर महीने तय समय पर पैसे दे रही सरकार सीएम डॉ मोहन यादव ने लाडली बहना योजना बंद होने को लेकर राउत के बयान पर कहा, " जब से हमने लाडली बहना योजना शुरू की है लगातार हर महीने, निश्चित समय पर प्रदेश की 1 करोड़ 29 लाख बहनों को पैसे देने का काम किया है। हमने हमारी 500 साल पूर्व की सम्राज्ञी वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती के अवसर पर एक साथ पूरे प्रदेश की बहनों के खातों में 5-5 हजार की राशि डाली है। कोई ऐसा महीना नहीं जा रहा है, जिसमें यह राशि नहीं डाली गई है। लेकिन, हार के डर से शिवसेना (UBT) के लोग महाराष्ट्र के चुनाव में मतदाताओं को बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। मैं एक बार फिर अपने सारे मतदाताओं से कहना चाहूंगा कि ऐसे झूठे षड्यंत्र पर विश्वास न करें। लाडली बहनें करेंगी शिकायत मोहन यादव ने कहा कि इन आरोपों के बाद लाडली बहनें खुद हमारे पास आई हैं। उनलोगों ने कहा है कि मुझे अपमानित किया गया है। लाडली बहनें खुद ही थाने में शिकायत करने जाएंगी। मैंने कहा कि आपको राशि मिल रही है तो शिकायत करने के लिए स्वतंत्र हैं। जून 2023 से लगातार मिल रही है राशि गौरतलब है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 5 मार्च 2023 को यह योजना शुरू की थी। जून 2023 से लाडली बहनों के खाते में प्रतिमाह 1000/- रुपए की राशि आने लगी थी। 2023 में रक्षाबंधन के मौके पर ही यह राशि 1250 रुपए कर दी गई। इसके बाद से लगातार बहनों के खाते में 1250 रुपए आ रहे हैं। recent visitors 71

पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों पर मेहरबान मोहन यादव सरकार, नए साल से मिलेगा बड़ा लाभ..

भोपाल  मध्य प्रदेश पुलिस के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दरअसल, अफसर और कर्मचारियों को वेतन के साथ अब तक का सबसे बड़ा लाभ मिलने जा रहा है। इसमें मृत्यु होने पर 10 लख रुपए और दुर्घटना में मौत होने पर नॉमिनी को एक करोड रुपए तक का बीमा मिलेगा। इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई, कन्या विवाह पर भी पुलिस अफसर हो और जवानों को बीमा का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी कई सालों से सरकार से मांग भी कर रहे थे। पिछले दिनों पुलिस मुख्यालय ने पुलिस अफसर और कर्मचारियों ग्रुप टर्म इंश्योरेंस का एमओयू साइन किया है। इस एमओयू के बाद सैलरी अकाउंट के जरिए अब तक का सबसे बड़ा बीमा का लाभ पुलिस में रहते हुए इन्हें मिल सकेगा। यह एमओयू 3 साल के लिए साइन किया गया है।इसमें पुलिस वेतन पैकेज में इन सभी का बीमा कवर होगा। इस एमओयू की जानकारी पुलिस मुख्यालय ने पुलिस की सभी इकाइयों को हाल ही में भेजी है। इसमें बताया गया है कि पुलिस सैलरी पैकेज में अब सामान की मृत्यु होने पर 10 लाख रुपए, व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु होने पर एक करोड रुपए, इसके साथ व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु पर, कन्या विवाह पर, एक कन्या के लिए 5 लाख रुपए दिए जाएंगे। वहीं इस मद में बाल शिक्षा का लाभ भी दिया जाएगा। जिसमें बेटे के लिए 8 लाख और बेटी के लिए 10 लाख रुपए का बीमा कवर होगा। वहीं दुर्घटना में स्थाई पूर्ण दिव्यांगता हुई तो 1 करोड़ रुपए और आशिक दिव्यंका के लिए 80 लख रुपए तक मिल सकेंगे। अभी साढ़े सात लाख का मिलता है बीमा अभी पुलिस अफसर रोड कर्मचारियों को सामान्य मृत्यु पर साढ़े सात लाख रुपए का बीमा मिलता है। वही व्यक्ति का दुर्घटना में 75 लाख रुपए का बीमा है। इसके साथ ही दुर्घटना मृत्यु बीमा पर अन्य सुविधाओं में कन्या विवाह के लिए 6 लाख और शिक्षा सहायता के लिए ₹6 लाख ही मिलते हैं। हवाई दुर्घटना पर एक करोड रुपए अभी मिलते हैं जबकि नए एमओयू के बाद अब हवाई दुर्घटना में मृत्यु होने पर नॉमिनी को एक करोड़ 60 लाख रुपए भी का बीमा मिलेगा। बताया गया है कि अब सामान्य मृत्यु होने पर 10 लाख रुपए, दुर्घटना मृत्यु होने पर 1 करोड़ रुपए दए जाएंगे। इसी तरह दुर्घटना में स्थाई पूर्ण दिव्यांगता होने पर एक करोड़ रुपए और आंशिक दिव्यांगता होने पर 80 लाख तक का बीमा कवर का लाभ दिया जाएगा। इतना ही नहीं दुर्घटना मृत्यु पर कन्या विवाह पर एक कन्या के लिए 5 लाख रुपए की सहायता मिलेगी। बाल शिक्षा का भी लाभ दिया जाएगा, बेटे के लिए 8 लाख रुपए की मदद मिलेगी और बेटी की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपए की मदद दी जाएगी, यह बीमा कवर के अंतर्गत होगा।   recent visitors 64

पांच लोगों पर FIR दर्ज करके छापामारी कर रही पुलिस, बिहार-दरभंगा में बाजार गई नाबालिग का अपहरण

दरभंगा. दरभंगा के कमतौल थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची के अपहरण का मामला सामने आया है, जिसमें पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। बच्ची की मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, 26 सितंबर को उनकी बेटी बाजार के लिए घर से निकली थी और तब से वापस नहीं लौटी। इसके बाद खोजबीन करने पर पता चला कि गांव के सूरज यादव, शिवलाल यादव सहित अन्य लोग उसकी बेटी को जबरन एक चार पहिया वाहन में बैठाकर ले गए हैं। बच्ची की मां ने कमतौल थाना में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया कि जब वह सूरज यादव के घर अपनी बेटी के बारे में पूछने गई, तो सूरज के परिवार ने न केवल उन्हें जवाब देने से इनकार किया, बल्कि उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई, जिसमें दो-तीन दिन में बच्ची के वापस आने का आश्वासन दिया गया। लेकिन जब बच्ची नहीं लौटी और फिर से शिकायत करने पर मां के साथ दोबारा मारपीट की गई। आरोपी पहले से शादीशुदा बच्ची की मां ने बताया कि आरोपी सूरज यादव पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। घटना वाली रात उनकी बेटी किसी काम से घर से बाहर निकली थी, लेकिन फिर लौटकर नहीं आई। आरोपियों ने चार पहिया गाड़ी का इस्तेमाल कर जबरन उसका अपहरण किया। जब अपहृत बच्ची की मां ने समाज के लोगों से मदद मांगी, तब भी उन्हें कोई ठोस सहायता नहीं मिली। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर रही पुलिस कमतौल थानाध्यक्ष ने बताया कि पीड़िता की दिव्यांग मां के आवेदन के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। बच्ची की तलाश में लगातार छापामारी की जा रही है और जल्द से जल्द बच्ची को बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि बच्ची के मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 70