December 2028 तक गरीबों को मुफ्त अनाज मिलेगा, मोदी सरकार का दिवाली से पहले तोफहा

 नई दिल्ली देश की गरीब जनता को अगले साल तक मुफ्त अनाज मिलता रहेगा। पीएम नरेंद्र मोदी की अगुआई में केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को मुफ्त अनाज वितरण को 4 साल तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सरकार अब 2028 तक गरीबों को मुफ्त अनाज देगी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को कैबिनेट में मंजूरी दे दी है. बैठक में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की आपूर्ति को दिसंबर 2028 तक के लिए बढ़ा दिया गया है. साथ ही कैबिनेट ने सीमावर्ती राज्यों के इलाकों में बुनियादी ढांचे के विकास पर भी जोर दिया है.   केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पीएम मोदी ने गरीब कल्याण अन्न योजना (PM-GKAY) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत मिड डे मील, मुफ्त राशन, योजना, पीएम पोषण योजना, आईसीडीएस, आकांक्षी की सभी योजनाओं के तहत फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति को जुलाई, 2024 से दिसंबर, 2028 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है. पीएम ने बैठक में सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया है. आज कैबिनेट ने सीमावर्ती राज्य पंजाब और राजस्थान के इलाकों में 4,406 करोड़ रुपये के निवेश से 2,280 किलोमीटर सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी है. केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आज मंत्रिमंडल ने गुजरात के लोथल में एक राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर विकसित किया जाएगा मंजूरी दी है. इस प्रस्ताव का मकसद समृद्ध और विविध समुद्री विरासत को प्रदर्शित करना और दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री विरासत परिसर बनाना है.   recent visitors 64

राहुल गांधी के भाषणों का असर कांग्रेस को मिली जम्मू और हरियाणा में हार!

नई दिल्ली आजकल मीडिया में इस बात के बहुत चर्चे थे कि कांग्रेस नेता राहुल का मेकओवर हो गया है. राहुल गांधी की बातें देश की जनता प्रधानमंत्री से भी अधिक सुन रही है. काग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने तो बकायदा सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी हैंडल के आंकड़ों की तुलना करते हुए इसे साबित भी किया था. इसमें कोई दो राय नहीं हो सकती कि राहुल गांधी आजकल कुछ भी बोलते हैं सभी नैशनल टीवी चैनल उनको कवर करते हैं क्योंकि जनता उन्हें सुनना चाह रही है. पर जब आप बेवजह की बातें करने लगते हैं तो जनता के लिए वे बातें ओवरडोज हो जातीं हैं. क्या ऐसा ही कुछ राहुल गांधी के साथ भी हुआ है? क्योंकि जम्मू में नेशनल कॉन्फ्रेंस जैसा एक मजबूत साथी का समर्थन होने के बावजूद कांग्रेस का वहां से सफाया हो गया है.कांग्रेस को जम्मू में केवल एक मुस्लिम प्रत्याशी वाली सीट ही मिल सकी है. जबकि नेशनल कान्फ्रेंस ने जम्मू की कई सीटें हिंदू प्रत्याशी खडे़ कर भी जीत लिए हैं. यहां तक कि जम्मू कश्मीर बीजेपी प्रेसिडेंट रविंद्र रैना को भी हराने वाला नेशनल कॉन्फेंस का एक हिंदू प्रत्याशी ही है. यहां हिंदू प्रत्याशी और मुस्लिम प्रत्याशी का नाम इसलिए लिया जा रहा है ताकि यह बताया जा सके वोटों का ध्रुवीकरण कम से कम जम्मू में हिंदू मुस्लिम के नाम पर नहीं हुआ है. इसके बावजूद जम्मू में कांग्रेस की दाल नहीं गली है. 1- हरियाणा और जम्मू में नहीं चला राहुल गांधी की बातों का जोर राहुल गांधी ने इस बार के चुनावों में बीजेपी में चुनाव प्रचार के महारथी कहे जाने वाले प्रधानमंत्री मोदी से भी कहीं अधिक रैलियां , सभाएं और रोड शो किया. पर जाट बेल्ट तक में कांग्रेस की हालत खराब रही. कांग्रेस की लहर के बावजूद बीजेपी अगर हरियाणा में तीसरी बार पूरे बहुमत के साथ अगर सरकार बनाने जा रही है तो इसका मतलब है कि राहुल गांधी का करिष्मा काम नहीं किया है. उनके साथ उनकी बहन प्रियंका भी पूरी तरह लगी हुईं थीं. जम्मू में भी अब तक की सबसे बड़ी हार कांग्रेस को देखने को मिली है. कांग्रेस जम्मू कश्मीर में 32 सीटों पर चुनाव लड़ी, जिनमें से 10 सीटों पर मुस्लिम कैंडिडट उतारे और 22 हिंदुओं को टिकट दिया.पर जम्मू में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली. जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस को कुल 42 सीटों पर जीत मिली है जिसमें कुछ सीटें उसने जम्मू में हिंदू कैंडिडेट खडा़ कर भी जीत लिया है. पर कांग्रेस जम्मू से साफ हो गई है. कश्मीर में उसे 6 सीटें मिलीं हैं पर वो सभी मु्स्लिम कैंडिडेट वाली सीटें आईं हैं.मतलब साफ है कि कांग्रेस की स्थिति बीजेपी से तो खराब रही है नेशनल कॉन्फ्रेंस से भी खराब रहीं. इसका एक और मतलब निकलता है कि जम्मू कश्मीर में कांग्रेस को मिली सीटें भी नेशनल कॉन्फ्रेंस की बदौलत ही आईं हैं. जाहिर है कि हरियाणा और जम्मू में कांग्रेस को मिली हार से राहुल गांधी के भाषणों और मुद्दों को तो टार्गेट किया जाएगा. 2-जाति जनगणना का मुद्दा क्या उल्टा पड़ गया हरियाणा में हरियाणा में जिस तरह कांग्रेस को हार मिली है और जिस तरह बीजेपी के प्रत्य़ाशियों को जाट सीटों पर वोट मिले हैं उसका सीधा मतलब है कि जाति जनगणना का मुद्दा नहीं चला है. हरियाणा में ओबीसी वोटर्स ने बीजेपी का साथ पूरी ईमानदारी के साथ दिया है.विनेश फोगाट का मुकाबला बीजेपी के एक ओबीसी कैंडिडेट से था. बीजेपी को भी ऐसा लग रहा था कि योगेश बैरागी कहीं विनेश के सामने टिक नहीं रहे हैं. इसलिए ही शायद बीजेपी ने यहां कम ध्यान दिया. पर विनेश के मुकाबले योगेश को केवल 6 हजार वोट कम मिले हैं. ये बताता है कि विनेश को पिछड़ी जातियों के वोट नहीं मिले.मतलबा साफ है कि राहुल गांधी के सामाजिक न्याय की बातें हरियाणा की जनता को हजम नहीं हुईं. 3-जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसकी उतनी भागीदारी कभी नहीं भाएगी कांग्रेस के कोर वोटर्स को राहुल गांधी अपने गुरु ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा की इच्छानुसार कई बार देश की संपत्तियों के बंटवारे की बात करते रहे हैं. इसके साथ ही जाति जनगणना के पीछे उनका इरादा है कि देश में अमीरों की संपत्ति का बंटवारा किया जा सके. वैसे तो हरियाणा में उन्होंने इस मुद्दे पर जोर नहीं दिया नहीं तो जाटों का वोट भी कांग्रेस को नहीं मिलता . क्योंकि हरियाणा में जाटों के पास सबसे अधिक जमीन है.वह कभी नहीं चाहेंगे कि उनकी जमीन का बंदरबांट हो.दरअसल राहुल गांधी की ये विचारधारा उन्हें वामपंथ के नजदीक ले जाती है. जबकि वामपंथी विचारधार अब पूरी दुनिया से खत्म हो चुकी है. 4-संविधान बचाओ- आरक्षण बचाओ नारे की हवा निकली हरियाणा में जिस तरह दलितों ने बीजेपी या अन्य को वोट दिया है उससे नहीं लगता है कि अब संविधान बचाओ-आरक्षण बचाओ का मुद्दा रह गया है. हो सकता है कि दलितों का वोट बीजेपी को नहीं मिला हो. पर यह भी तय है कि कम से कम कांग्रेस को नहीं मिला है. लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में दलित वोटों जरूर विपक्ष को गए थे. हरियाणा के विश्वेषण से ऐसा लगता है कि दलित वोटों पर प्रभाव इस नारे का नहीं था. इसके लिए यूपी चुनावों की फिर से विश्लेषण करना होगा. 5-अडानी और अंबानी के खिलाफ एजेंडा राहुल गांधी के भाषणों में अब भी अडानी और अंबानी छाए रहते हैं. बार-बार वो याद दिलाते हैं कि राम मंदिर के उद्घाटन के समय अडानी-अंबानी और अमिताभ बच्चन दिखे. गरीब , दलित और पिछड़े नहीं दिखे. वो अपने भाषणों में साबित करते हैं कि पीएम मोदी जो भी करते हैं वो अपने दोस्तों अडानी और अंबानी के लिए करते हैं. दूसरी तरफ कांग्रेस सरकारें अडानी- अंबानी के साथ मधुर रिश्ते रखती हैं इसका जवाब वो नहीं देते. हरियाणा में चुनाव के दौरान उन्होंने एक दिन कहा कि अंबानी के घर शादी में कौन गया था. आपने देखा वहां मोदी गए थे पर मैं नहीं गया था.जाहिर है कि अडानी-अंबानी की बातें लोगों को अब ओवरडोज हो रही हैं.     recent visitors 71

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- हरियाणा में मिले इस जनादेश की गूंज दूर दूर तक जाएगी

नई दिल्ली हरियाणा में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर ऐतिहासिक जीत हासिल की है। इस हैट्रिक पर भाजपा मुख्यालय में विजय उत्सव मनाया गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल हुए। उन्होंने इस मौके पर कार्यकर्ताओं को संबोधित भी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हरियाणा ने एक बार फिर कमाल कर दिया। आज नवरात्रि का छठा दिन मां कात्यायिनी का दिन है, जो शेर पर सवार होकर हाथ में कमल लिए हुए हैं। ऐसे में हरियाणा में कमल-कमल हो गया। उनका भी आशीर्वाद हमें मिला। गीता की धऱती पर हमें हर जाति और वर्ग के लोगों ने वोट दिया है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में भी दशकों के बाद शांतिपूर्ण मतदान हुए। यह भारत के लोकतंत्र की जीत है। नेशनल कांफ्रेस को ज्यादा सीट दी, उन्हें भी शुभकामना। जम्मू कश्मीर वोट शेयर के हिसाब से भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। मैं हरियाणा और जम्मू कश्मीर में जीत हासिल करने वाले सभी उम्मीदवारों और वहां की जनता को बहुत बहुत बधाई देता हूं।साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं के तप के लिए नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के जीत कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम और टीम वर्क का परिणाम है, मुख्यमंत्री की विनम्रता की जीत है। आज हरियाणा में झूठ पर काम की गारंटी जीत है। एक इतिहास रच दिया आज इतिहा। 1966 में गठन के बाद से आज तक बहुत से नेताओं ने नेतृत्व किया, दिग्गज नेता हुए वहां जिन्हें देश भर में पहचान मिली। अब तक 13 चुनावों में से पिछले 10 में हर बार सरकार बदली। पर जो पहले कभी नहीं हुआ, वो इस बार हुआ। इस बार पिछले दो कार्यकाल पूरी करने वाली सरकार को तीसरी बार मौका मिला है, यह भाजपा के लिए गर्व का विषय है। तीसरी बार सरकार बनी ही नहीं है बल्कि सीटें भी ज्यादा और वोट प्रतिशत भी ज्यादा इस जनादेश की गूंज दूर दूर तक जाएगी। छप्पर फाड़ जीत है ये। भाजपा दुनिया बड़ा दल ही नहीं है, सबसे ज्यादा दिलों में भी बसी है। यह विकास के मुद्दे पर हैट्रिक है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश और गुजरात के लोगों ने कांग्रेस के कुशासन से दो दशक पहले मुक्ति मिली है। गोवा, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, समेत अनेक राज्यों में भाजपा लगातार दूसरी बार सत्ता में आई है। कांग्रेस को पता ही नहीं है कि वे जहां सत्ता में थे वे वहां दूसरी बार कब लौटे, 13 साल पहले असम में, कहीं भी सैकेंड टर्म नहीं मिला अब तक। कांग्रेस कुछ राज्यों में 50 या 60 साल पहले सत्ता में थी, तब से आई नहीं। एक बार निकाल दिया तो दोबारा घुसने नहीं दिया। कई राज्यों में नो इंट्री का बोर्ड लगा रखा है। कांग्रेस सोचती थी कि बिना काम किए भी सत्ता पर उसका जन्मसिद्ध अधिकार है। पर अब लोग काम को चुनते हैं। अब कांग्रेस समाज में जाति का जहर फैलाने पर उतर आई है। जो मुंह में सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए वे गरीब को जाति के नाम पर लड़वाना चाहती है। हमें भूलना नहीं है कि द ये लोग कभी किसी दलित आदिवासी को प्रधानमंत्री बनने नहीं देंगे। पीएम मोदी ने कहा कि हरियाणा में भी इन्होंने दलितों और पिछड़ों को अपमानित किया। कांग्रेस के शाही परिवार ने तो घोषित किया था कि वह दलितों का आरक्षण छीन कर अपनो वोट बैंक में बांटना चाहती थी। समाज को कमजोर कर अराजकता फैला कर देश को कमजोर करना चाहती है। वे लगातार देश में आग लगाने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों को भड़काने का प्रयास किया लेकिन हरियाणा के किसानों ने , उन्हें जवाब दिया और षड़्यंत्र को पहचाना। उनका जवाब है कि देश के साथ हैं भाजपा के साथ हैं। सेना के नाम पर भी युवाओं को भड़काने का काम किया पर नाकाम रहे। हरियाणा की हर विरादरी और हर परिवार ने देश हित में वोट किया। देशभक्तों को बांटने की साजिश को फेल कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को कमजोर करने की साजिशें रची जा रही हैं। मैं जिम्मेदारी से कह रहा हूं कि कांग्रेस और उसके कुछ संगी साथी इस साजिश में शामिल हैं। हमें संकल्प लेना होगा कि हम इनकी साजिश का शिकार नहीं बनेंगे और देश को विकास के रास्ते से नहीं उतरने देंगे। कांग्रेस अब परजीवी पार्टी हो गई है। हरियाणा में यही दिखा और जम्मू कश्मीर में भी। लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस जितनी भी सीटें जीती वहां आधी से अधिक वह अपने सहयोगियों के बल ही जीती है। कांग्रेस ऐसी परजीवी पार्टी है जो अपने सहयोगियों को निगल जाती है। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ऐसा देश बनाना चाहती हैं जो अपनी विरासत पर गर्व का विरोध करती है। कांग्रेस देश की हर संस्था पर दाग लगाना चाहती है। कांग्रेस और उनके अर्बन नक्सल साथी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर बट्टा लगाने का काम किया है। लोक सभा चुनाव से लेकर अब हरियाणा चुनाव ने कांग्रेस ने यही किया है। कांग्रेस बड़ी बेशर्मी से ऐसी करतूतें करती आ रही है। जम्मू कश्मीर का यह चुनाव कई मामलों में ऐतिहासिक रहा। आजादी के सात दशक बाद संविधान पूरी तरह लागू होने के बाद यह पहला चुनाव। कई लोगों ने पहली बार वोट डाला। कश्मीर जला नहीं, खिला है खिलखिलाया है। जिस तरह से लोगों मतदान किया वह बहुत सकारातम्क है। कर्फ्यू और बंद से उबर आया है कश्मीर. बीडीसी के चुनाव, डीडीसी से लेकर अब विधानसभा तक जनता के द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि काम करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार हरियाणा की उपज को दुनिया के हर कोने में पहुंचाना चाहती है। हरियाणा खाने के तेल में आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में सहयोग कर रहा है। हरियाणा के युवाओं में ने हर क्षेत्र में धूम मचाई है। हम युवाओं के लिए निवेश को बढ़ावा देंगे। खेलों की महाशक्ति बनेगा भारत और उसमें हरियाणा के युवाओं की बड़ी भूमिका। हरियाणा के छोरा-छोरी कमाल करेंगे और यहीं से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की शुरूआत हुई थी। महिलाओं के लिए अनेक योजनाएं राज्य में लागू की जाएंगी। प्रधानमंत्री ने इस बात पर गर्व किया कि हमारी केन्द्र सरकार से लेकर राज्यों की सरकार … Read more

दुबई से 11 करोड़ का हवाला के जरिए लेनदेन, राजस्थान-बीकानेर में ड्रोन से पाकिस्तान से पहुंचाई हेरोइन

बीकानेर. जिले से लगती पाक सीमा की नीलकंठ पोस्ट के पास बीती 2 अक्टूबर को ड्रोन के जरिये गिराई गई हेरोइन के मामले में तस्करों से की जा रही पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। संयुक्त जांच एजेंसियों की तस्करों से पूछताछ में सामने आया है कि पाक में बैठे तस्कर ने ही हेरोइन को गिराने की लोकेशन तय की थी और इसके पैसों का लेनदेन हवाला के जरिए दुबई से किया गया था। गौरतलब है कि खाजूवाला बॉर्डर एरिया में बीएसएफ को नीलकंठ पोस्ट के पास एक ड्रोन और करीब 11 करोड़ रुपये की 2 किलो हीरोइन बरामद हुई थी। इस मामले को लेकर पुलिस और बीएसएफ ने 6 तस्करों को गिरफ्तार किया था। पुलिस, सीआईडी आईबी, बीएसएफ द्वारा तस्करों से 2 दिन की पूछताछ के बाद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। हेरोइन तस्करी की डील पंजाब में बैठे मुख्य तस्कर ने पाकिस्तानी तस्कर से की थी। इस काम के लिए उन्होंने हाल ही में रोहतक जेल से छूट बलदेव सिंह को केरियर बनाया था। सौदा डेढ़ लाख रुपये में तय हुआ था और एक लाख रुपए अहमद ने दुबई से हवाला के जरिए बलदेव के बताए गए बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए थे लेकिन बीएसएफ पुलिस की चौकसी के चलते तस्कर अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए। बताया जा रहा है कि बलदेव सिंह पिछले एक साल से पाकिस्तानी तस्कर अहमद के संपर्क में था। पुलिस ने इस मामले में पंजाब के फाजिल्का के बलजीत सिंह, हरभजन सिंह, अमरीक सिंह, मस्तान सिंह और हनुमानगढ़ निवासी महेंद्र सिंह और परगट सिंह को गिरफ्तार किया है। वहीं एक अन्य आरोपी तारा सिंह अभी फरार चल रहा है। मामले की जांच छतरगढ़ थाना प्रभारी संदीप कुमार कर रहे हैं। BSF अधिकारियों के अनुसार ड्रोन का इस्तेमाल तस्करों द्वारा तेजी से किया जा रहा है, क्योंकि यह सीमा पर लगे कड़े सुरक्षा इंतजामों को चकमा देने का एक नया तरीका है। सुरक्षा एजेंसियों ने हाल के महीनों में ऐसे कई ड्रोन पकड़े हैं, जिनके जरिए नशीले पदार्थ और हथियार भारतीय क्षेत्र में भेजे जा रहे हैं। इस घटना के बाद सुरक्षा बलों ने सीमा पर निगरानी और सख्त कर दी है। ड्रोन के खिलाफ लड़ाई को और कारगर बनाने के लिए उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि तस्करों के इन प्रयासों को विफल करने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह से सतर्क हैं और इस तरह की घटनाओं पर कड़ी नजर रखी जा रही है। recent visitors 71

मध्य प्रदेश में रजिस्ट्री की प्रक्रिया हुई डिजिटल, रजिस्ट्री ऑफिस के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत, जानें संपदा 2.0 के फायदे

भोपाल मध्यप्रदेश में अब जमीन या मकान-दुकान की रजिस्ट्री कराना बहुत आसान हो गया है। 10 अक्टूबर से नए नियम लागू हो रहे हैं, जिसमें अब आपको गवाह लाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी और न ही बार-बार रजिस्ट्री ऑफिस के चक्कर लगाने पड़ेंगे। इसे लेकर एमपी के फाइनेंस मिनिस्टर जगदीश देवड़ा ने बताया कि रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया जा रहा है। इसके लिए संपदा 2.0 नाम का एक नया सॉफ्टवेयर लॉन्च किया जा रहा है। सीएम डॉक्टर मोहन यादव 10 अक्टूबर को इसका शुभारंभ करेंगे। सॉफ्टवेयर का यहां हुआ पायलट प्रोजेक्ट इससे पहले संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर को गुना, हरदा, डिंडौरी और रतलाम जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाया गया था। जहां इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिली। अब इसे पूरे प्रदेश के 55 जिलों में लागू किया जा रहा है। इन सुविधाओं का मिलेगा फायदा नए नियमों के तहत, खरीदार और विक्रेता की पहचान आधार और पैन कार्ड से होगी। संपदा 2.0 में ई-केवाईसी से पहचान की जाएगी। वीडियो केवाईसी की सुविधा भी होगी। इसके अलावा संपत्ति की जीआईएस मैपिंग, बायोमेट्रिक पहचान और दस्तावेजों का अपने आप फॉर्मेट होना जैसी कई नई सुविधाएं भी शामिल हैं। डिजिटल सिग्नेचर से तैयार किए जा सकेंगे डॉक्यूमेंट सबसे बड़ी बात यह है कि संपदा 2.0" के जरिए डिजिटल सिग्नेचर से डॉक्यूमेंट तैयार किए जा सकेंगे। इसका मतलब है कि अब रजिस्ट्री कराने के लिए रजिस्ट्री ऑफिस जाने की भी ज़रूरत नहीं पड़ेगी। पंजीयन अधिकारी से वीडियो कॉल के जरिए भी बात की जा सकेगी। दस्तावेजों की ई-कॉपी डिजी लॉकर, व्हाट्सएप और ई-मेल पर भी होगी। इसकी मदद से रजिस्ट्री प्रक्रिया में आसानी और पारदर्शिता भी आएगी। recent visitors 129

सीएम यादव ने कश्मीर में सांबा सीट पर प्रचार किया था, जिस पर बीजेपी उम्मीदवार सुरजीत सिंह सलाथिया ने की जीत दर्ज

भोपाल हरियाणा (Haryana Vidhan Sabha Chunav Result 2024) और जम्मू कश्मीर के चुनाव परिणाम साफ तौर पर सामने आ चुके हैं. एक ओर जहां जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir Election Results 2024) में नेशनल कांफ्रेंस (NC) और कांग्रेस गठबंधन की सरकार बन रही है. वहीं हरियाणा में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी अपनी सरकार पूर्ण बहुमत से बनाएगी. इन सबके बीच आइए जानते हैं कि मध्य प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने हरियाणा व जम्मू और कश्मीर में जहां-जहां प्रचार और सभाएं की थीं वहां का हाल क्या रहा. हरियाणा और जम्मू कश्मीर में 6 सीटों पर डॉ. मोहन यादव प्रचार करने गए थे। इनमें से 5 सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। यानी सीएम मोहन के कैम्पेन का सक्सेस रेट 83 फीसदी रहा है। जम्मू में एक सीट पर गए, वो बीजेपी ने जीती सीएम डॉ. मोहन यादव जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव प्रचार में सिर्फ सांबा विधानसभा सीट पर प्रचार के लिए पहुंचे थे। सांबा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार सुरजीत सिंह सलाथिया ने 30309 वोटों से जीत दर्ज की है। निर्दलीय उम्मीदवार रविन्द्र सिंह निकटतम प्रतिद्वंदी रहे। कांग्रेस उम्मीदवार कृष्ण देव सिंह चौथे नंबर पर रहे। हरियाणा में एक सीट हारे, 4 जीते सीएम मोहन यादव ने हरियाणा की 5 विधानसभा सीटों पर प्रचार किया। सीएम दादरी, भिवानी, भवानी खेरा, झज्जर और तोषम विधानसभा सीटों पर प्रचार करने गए थे। झज्जर सीट छोड़ बीजेपी के बाकी 4 सीटों पर उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। बीजेपी ने एमपी के नेताओं को प्रचार में नहीं भेजा बीजेपी के एक सीनियर पदाधिकारी ने बताया कि पार्टी में इस बार के चुनाव में यह तय हुआ है कि जिस राज्य में चुनाव है। उसके पड़ोसी राज्यों के ही कार्यकर्ताओं, नेताओं को चुनाव प्रचार में भेजा जाए। दूर के राज्यों में प्रचार के लिए मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम को स्थानीय प्रत्याशियों और चुनावी राज्य की डिमांड के आधार पर सभाओं के लिए भेजा जाए। इस वजह से इस बार के चुनाव में मध्यप्रदेश से हरियाणा और जम्मू कश्मीर के प्रचार में कार्यकर्ताओं को नहीं भेजा गया। हरियाणा की सीटों कितने कारगर रहे CM मोहन सीएम मोहन यादव ने हरियाणा चुनाव के दौरान दादरी में सुनील सतपाल सांगवान, भिवानी में घनश्याम सर्राफ, बवानी खेड़ा में कपूर सिंह, झज्जर में कप्तान बिरधाना और तोशाम में बीजेपी उम्मीदवार श्रुति चौधरी के पक्ष में प्रचार किया था. दादरी विधानसभा सीट : इस सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार को 65 हजार 568 वोट मिले. जबकि कांग्रेस प्रत्याशी मनीषा सांगवान को 63 हजार 611 मत मिले. इस तरह ये सीट बीजेपी ने 1957 वोटों से अपने नाम कर ली है.   बवानी खेड़ा विधानसभा सीट : इस सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार कपूर सिंह को 80 हजार 77 वोट मिले. जबकि कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप नरवाल को 58 हजार 298 मत मिले. इस तरह ये सीट बीजेपी ने 21779 वोटों के अंतर से अपने नाम कर ली है.   झज्जर विधानसभा सीट : इस सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार को 52 हजार 790 वोट मिले. जबकि कांग्रेस प्रत्याशी गीता भुक्कल को 66 हजार 345 मत मिले. इस तरह ये सीट कांग्रेस ने 13 हजार 555 वोटों से अपने नाम कर ली है.   तोशाम विधानसभा सीट : इस सीट पर बीजेपी उम्मीदवार श्रुति चौधरी को 76 हजार 414 वोट मिले. जबकि कांग्रेस प्रत्याशी अनिरुद्ध चौधरी को 62 हजार 157 मत मिले. इस तरह ये सीट बीजेपी ने 14257 वोटों के अंतर से अपने नाम कर ली है.   जम्मू कश्मीर में यहां की थी सभा सीएम डॉ मोहन यादव ने जम्मू कश्मीर चुनाव के दौरान सांबा विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी उम्मीदवार सुरजीत सिंह सलािथया के पक्ष में चुनाव प्रचार किया था. यहां बीजेपी को 43 हजार 182 मत मिले हैं जबकि कांग्रेस के रविंदर सिंह को 12 हजार 873 वोट मिले इस तरह BJP ने 30 हजार 309 वोटों से बाजी मार ली है. recent visitors 122

खुशखबरी – नहीं बढ़ेगी होम लोन की EM , लगातार 10वीं बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, 6.5% पर कायम

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक की 51वीं एमपीसी बैठक के नतीजे (RBI MPC Meeting Results) आ गए हैं. केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) दो दिवसीय मौद्रिक नीति समिति की बैठक के नतीजों का ऐलान करते हुए कहा कि इस बार भी नीतिगत दरों (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी आपके लोन की ईएमआई न बढ़ेगी और न ही घटने वाली है. ये लगातार 10वीं बार है जबकि रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. इसके बाद रेपो रेट 6.50% पर बरकरार है. जबकि रिवर्स रेपो रेट 3.35% पर और बैंक रेट 6.75% पर स्थिर रखा गया है. 6 में से 5 सदस्य बदलाव के पक्ष में नहीं RBI गवर्नर ने 7 अक्टूबर को शुरू हुई MPC Meet में लिए गए फैसलों के बारे में बताते हुए कहा कि इस बार एमपीसी में 3 नए सदस्य जुड़े हैं और ग्लोबल हालातों समेत अन्य पहलुओं पर विचार करने के बाद बैठक के दौरान 6 में से 5 सदस्यों ने ब्याज दरों को यथावत रखने पर अपना वोट दिया. इसके साथ ही आरबीआई गवर्नर ने कहा कि पॉलिसी का रुख विद्ड्रॉल ऑफ अकमॉन्डेशन से चेंज करते हुए अब Neutral कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर बने उतार-चढ़ाव भरे हालातों के बावजूद देश में महंगाई (Inflation) को काबू में रखने में हम कामयाब रहे हैं और इसके साथ ही Economic Growth को भी गति मिली है. Repo Rate का EMI पर असर RBI की MPC की बैठक हर दो महीने में होती है और इसमें शामिल रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास समेत छह सदस्य महंगाई समेत अन्य मुद्दों और बदलावों (Rule Changes) पर चर्चा करते हैं. यहां बता दें कि रेपो रेट का सीधा कनेक्शन बैंक लोन लेने वाले ग्राहकों से होता है. इसके कम होने से लोन की ईएमआई घट जाती है और इसमें इजाफा होने से ये बढ़ जाती है. दरअसल, रेपो रेट (Repo Rate) वह दर है जिस पर किसी देश का केंद्रीय बैंक धन की किसी भी कमी की स्थिति में वाणिज्यिक बैंकों को पैसा उधार देता है. रेपो रेट का उपयोग मौद्रिक अधिकारियों द्वारा इंफ्लेशन को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है. जब लगातार बढ़ाया गया था रेपो रेट Repo Rate फिलहाल 6.5 फीसदी पर बना हुआ है. इससे पहले जब देश में महंगाई बेकाबू हो गई थी और 7 फीसदी के पार पहुंच गई थी. तब इसे काबू में लाने के लिए RBI ने लगातार रेपो रेट बढ़ाया था. इसमें मई 2022 से फरवरी 2023 तक कई बार बढ़ोतरी की गई थी और ये 2.5 फीसदी बढ़ा था. हालांकि, इसके बाद से ही केंद्रीय बैंक की ओर से किसी भी तरह का कोई बदलाव रेपो रेट में नहीं किया गया था. GDP को लेकर आरबीआई का अनुमान एमपीसी बैठक के नतीजों के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने FY2025 की दूसरी तिमाही के लिए GDP अनुमान 7.2 फीसदी से घटाकर 7 फीसदी करने का ऐलान किया, तो वहीं तीसरी तिमाही के लिए ये 7.3 फीसदी से बढ़ाकर 7.4 फीसदी करने की जानकारी दी है. चौथी तिमाही के लिए भी जीडीपी ग्रोथ रेट को पहले के 7.2 फीसदी से बढ़ाकर 7.4 फीसदी किया गया है. इसके अलावा RBI ने अगले साल 2026 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी 7.3 फीसदी की दर से बढ़ने की उम्मीद जाहिर की है. महंगाई को लेकर गवर्नर ने क्या कहा? रेपो रेट को लगातार 10वीं बार स्थिर रखने के ऐलान के साथ ही रिजर्व बैंक के गवर्नर ने FY25 के लिए रिटेल महंगाई के अनुमान के बारे में भी बताया और कहा कि ये 4.5 फीसदी पर बरकरार रखा गया है. Q2 के लिए अनुमान 4.1 फीसदी, Q3 के लिए 4.8 फीसदी और Q4 के लिए 4.2 फीसदी रखा गया है. वहीं अगले साल की पहली तिमाही में ये 4.3 फीसदी रहने का अनुमान है. इधर नतीजों का ऐलान उधर बाजार ने लगाई दौड़ आरबीआई ने लगातार 10वीं बार रेपो रेट को स्थिर रखने का ऐलान किया, तो इस खबर का असर सीधे शेयर बाजार पर दिखाई दिया. मिडिल ईस्ट में तनाव के माहौल के बीच Repo Rate स्थिर रखने का फैसला बाजार को पसंद आया और करीब 150 अंक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा BSE Sensex अचानक दौड़ लगाते हुए 411 अंक चढ़कर 82,046.48 के लेवल पर पहुंच गया. BSE Nifty की बात करें, तो 25,190 के पार निकल गया.   recent visitors 84