इजरायल ने चार दिनों में हिज्बुल्लाह के 2000 से अधिक सैन्य ठिकानों को तबाह किया, 250 हिज़्बुल्लाह लड़ाकों को खत्म

तेलअवीव इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने दावा किया है कि इजरायल पिछले चार दिनों में हिज्बुल्लाह के 2000 से अधिक सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है और लगभग 250 हिज़्बुल्लाह लड़ाकों को खत्म कर दिया है. आईडीएफ के मुताबिक, मारे गए हिज़्बुल्लाह कमांडरों में पांच बटालियन कमांडर, 10 कंपनी कमांडर और छह प्लाटून कमांडर शामिल थे. आईडीएफ ने आगे कहा कि इजरायली वायु सेना दक्षिणी लेबनान में खुफिया-आधारित अभियानों के दौरान एहतियाती हमले भी कर रही है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखे पोस्ट में आईडीएफ ने लिखा,  "पिछले 4 दिनों में, आईडीएफ ने 2,000 से अधिक सैन्य ठिकानों और 250 हिज़्बुल्लाह आतंकवादियों को खत्म कर दिया है. उनमें से 5 बटालियन कमांडर- 10 कंपनी कमांडर- 6 प्लाटून कमांडर शामिल हैं." आईडीएफ ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, 'दक्षिणी लेबनान में 24 घंटे के ऑपरेशन का विवरण: सटीक खुफिया-आधारित छापों के दौरान, IDF सैनिकों को एक आवासीय घर के अंदर रॉकेट लॉन्चर गोला-बारूद, एंटी-टैंक मिसाइल और रॉकेट मिले. इसके अलावा, इमारतों और घरों में दर्जनों हथियार मिले जिनका लक्ष्य इजरायली क्षेत्र था. हथियारों में एंटी-टैंक मिसाइल, फायरआर्म्स, विस्फोटक उपकरण शामिल हैं.' रान ने दागी थीं मिसाइलें इजरायल रक्षा बलों ने एक अपडेट साझा किया जिसमें कहा गया कि "लगभग 2 महीनों में पहली बार, दक्षिणी इजरायल में सायरन बज रहे हैं." यह घटनाक्रम ईरान द्वारा मंगलवार को इजरायल के खिलाफ युद्ध में सैकड़ों मिसाइलों को लॉन्च करने के कुछ दिनों बाद हुआ है.ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमले के जवाब में अपने विकल्पों पर विचार कर रहा है. अल जज़ीरा के अनुसार ईरान ने कहा था कि हमास, हिजबुल्लाह और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के शीर्ष नेताओं की हत्या के जवाब में इजरायल पर लगभग 180 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं. देश दो मोर्चों पर युद्ध का सामना कर रहा है  जिसमें देश के उत्तरी हिस्से से ईरान समर्थित हिजबुल्लाह और दक्षिणी सीमा पर हमास हमला कर रहा है. ऐसे हुई थी शुरूआत दशकों पुराने इजरायल-फिलिस्तीनी संघर्ष उस समय खूनी लड़ाई में तब्दील हो गया है जब 7 अक्टूबर, 2023 को  फिलिस्तीनी हमास आतंकवादियों द्वारा इजरायल में घुसकर हमला किया गया. इस हमले में 1,200 लोग मारे गए और जिसमें लगभग 250 को बंधक बना लिया गया. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में इजरायल ने गाजा पर हमला कर दिया था जिसमें 41,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए, गाजा की लगभग पूरी आबादी विस्थापित हो गई. इसके बाद भूखमरी का संकट पैदा हो गया तथा इजरायल पर नरसंहार के आरोप लगे.     recent visitors 97

सभी 90 विधानसभा सीटों पर हरियाणा विधानसभा चुनाव में सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न

चंडीगढ़ हरियाणा विधानसभा चुनाव में शनिवार को सभी 90 विधानसभा सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। राज्य के मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पूरे राज्य में मतदान प्रतिशत उत्साहजनक रहा। चुनाव आयोग के अनुसार शाम 5 बजे तक राज्य में 61.00% मतदान दर्ज किया गया। कहा कितना मतदान हुआ -: अंबाला-: 62.26% भिवानी-: 63.06% चरखी दादरी-:58.10% फरीदाबाद-:51.28% फतेहाबाद-:67.05% गुरुग्राम-:49.97% हिसार-:64.16% झज्जर-:60.52% जींद-:66.02% कैथल-:62.53% करनाल-:60.42% कुरुक्षेत्र-:65.55% महेंद्रगढ़-:65.76% नूंह-:10.64% पलवल-:67.69% पंचकूला-:54.71% पानीपत-:60.52% रेवाड़ी-:60.91% रोहतक-:60.56% सिरसा-:65.37% सोनीपत-:56.69% यमुनानगर-:67.93% हरियाणा के मुख्यमंत्री और लाडवा विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार नायब सिंह सैनी ने कहा, "मैं प्रदेश के लोगों से कहना चाहूंगा कि 100% मतदान करें… जिस गति से प्रधानमंत्री मोदी और डबल इंजन सरकार ने पिछले 10 सालों में काम किया है, आने वाले समय में हम उससे भी तेज गति से काम करेंगे। मैं प्रदेश की जनता से कहना चाहूंगा कि प्रदेश के विकास के लिए खुलकर मतदान करें। विकास की गारंटी 'मोदी की गारंटी' है, कांग्रेस की कोई गारंटी नहीं है। कांग्रेस के दावे बेबुनियाद हैं, वे लोगों का विश्वास खो चुके हैं। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, "वे(कांग्रेस) अब तक अपने मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं कर पाए, हमने मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया.इनके(कांग्रेस) समय में भ्रष्टाचार का बोलबाला था…पिछले 10 साल में हरियाणा में औद्योगिक विकास हुआ है, सबको काम मिला है। कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा, "…हमारी पार्टी फैसला करती है, यह हमारी परंपरा है। आज हरियाणा की किस्मत बदलेगी। आज एकतरफा मुकाबला है और लोग यह दिखा भी रहे हैं…कांग्रेस पार्टी और हम नीति और नेतृत्व पर मजबूत हैं…हम राज्य की सभी 90 सीटें जीतने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। रानिया विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार रणजीत सिंह चौटाला ने वोट डाला।रणजीत सिंह चौटाला ने कहा, "यहां एक तरफ भूपेंद्र सिंह हु्ड्डा है और दूसरी तरफ नायब सिंह सैनी है जिसमें हुड्डा बड़ी पसंद निकल रहे हैं…मेरी कोई नाराजगी नहीं है, मैं PM मोदी की इज्जत करता हूं… INLD, BJP और हलोपा तीनों का गठबंधन है। तोशाम से कांग्रेस उम्मीदवार अनिरुद्ध चौधरी ने कहा, "…बहुत अच्छा माहौल है, कांग्रेस पार्टी की सरकार आ रही है। लोगों ने कांग्रेस पार्टी को जिताने का मन बना लिया है। कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने जा रही है और तोशाम से कांग्रेस जीतेगी। recent visitors 73

पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने नेतन्याहू को दी सलाह, बोले- सबसे पहले ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करे इजराइल

वाशिंगटन  हिज्बुल्ला के समर्थन में ईरान भी इजराइल के जंग में कूद गया है। ईरान अब तक इजराइल पर दो बड़े हमले कर चुका है। एक हमला 13 अप्रैल 2024 को किया था और दूसरा हमला हाल ही में 1 अक्टूबर की रात को किया। इस हमले में ईरान ने इजराइल पर 181 मिसाइलें दागीं। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने इजराइल को जवाबी कार्रवाई में संयम बरतने का सलाह दी है। दूसरी ओर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इजराइल को ईरान के परमाणु स्थलों पर हमला करने की सलाह दे रहे हैं। ईरान के इस कदम से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। डोनान्ड ट्रंप ने कहा कि इजराइल को ईरान के मिसाइल हमले के जवाब में उसके परमाणु ठिकाने पर हमला करना चाहिए। न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, ट्रम्प ने ये बात शुक्रवार को नॉर्थ कैरोलिना में एक चुनावी कैंपेन के दौरान कही। ट्रंप राष्ट्रपति बाइडेन से पूछे गए एक सवाल का जिक्र कर रहे थे, जिसमें 200 मिसाइलों के हमले के जवाब में इजरायल द्वारा ईरान की एटमी ठिकानों को निशाना बनाने की संभावना के बारे में पूछा गया था. बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी विदेश विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने बताया कि इजरायल ने बाइडेन प्रशासन को इस तरह का कोई आश्वासन नहीं दिया है कि वह ईरान की परमाणु सुविधाओं को निशाना नहीं बनाएगा. ट्रंप का बाइडेन पर हमला ट्रंप ने कहा, "उनसे पूछा गया कि आप ईरान के बारे में क्या सोचते हैं? क्या आप ईरान पर हमला करेंगे? और उन्होंने कहा, जब तक वे परमाणु हथियारों पर हमला नहीं करते.. यही वह चीज है जिस पर आप हमला करना चाहते हैं, है न? 5 नवंबर के अमेरिकी चुनावों के लिए रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ट्रंप ने कहा बाइडेन को इजरायल से ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हमला करने के लिए कहना चाहिए था और बाकी सब चीजों की चिंता बाद में करनी चाहिए. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "अगर वे ऐसा करने जा रहे हैं, तो वे ऐसा करेंगे. लेकिन हम उनकी योजनाओं का पता लगा लेंगे." बाइडेन ने दिया था ये बयान 78 वर्षीय ट्रंप की यह टिप्पणी राष्ट्रपति बाइडेन के उस बयान के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि मध्य पूर्व में "पूरी तरह से युद्ध" की संभावना नहीं है. जब उनसे पूछा गया था कि लेबनान और ईरान द्वारा इजरायल को घेरने की कोशिश के कारण मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ने के बारे में उन्हें कितना भरोसा है, तो बाइडेन ने कहा, "आपको कितना भरोसा है कि बारिश नहीं होगी? देखिए, मुझे नहीं लगता कि पूरी तरह से युद्ध होने वाला है. मुझे लगता है कि हम इसे टाल सकते हैं." जब उनसे पूछा गया कि क्या वे इजरायल की मदद के लिए अमेरिकी सेना भेजेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया: "हमने पहले ही इजरायल की मदद की है. हम इजरायल की रक्षा करने जा रहे हैं." बाइडन को ट्रंप ने बताया गलत ट्रंप ने आगे कहा कि मुझे लगता है कि बाइडेन गलत हैं। हमारे लिए सबसे बड़ा खतरा परमाणु हथियार हैं। उनके पास परमाणु हथियार जरूर होंगे जो हमारे लिए दिक्कतें पैदा करेंगी। ट्रंप ने कहा, जब उनसे ये सवाल पूछा गया तो उनका जवाब होना चाहिए था कि पहले वहां यानी ईरान के परमाणु ठिकानों पर बम गिराओ और बाकी चीजों की चिंता बाद में करो। बाइडन ने क्या कहा था ईरान ने इजराइल पर हमला इस राष्ट्रपति जो बाइडन से सवाल पूछे जाने पर बाइडन ने कहा कि वह इजराइल के साथ हैं। क्या इजराइल जवाबी कार्रवाई में ईरान के एटमी ठिकानों पर हमला करेगा। इस पर बाइडन ने कहा कि इजराइल ये कदम अस्वीकार्य होगा। साथ ही उन्होंने इजराइल को ईरान के जवाब में हमला करने पर संयम बरतने की सलाह दी थी। वहीं ट्रंप बाइडन के एकदम विपरीत इजराइल को समर्थन में सलाह दे रहे हैं।   recent visitors 57

मध्य प्रदेश सीएम हेल्पलाइन में फर्जी शिकायतें करने वालों की अब खैर नहीं

भोपाल मध्य प्रदेश सीएम हेल्पलाइन में फर्जी शिकायतें करने वालों की अब खैर नहीं। फर्जी या मामूली बातों पर शिकायत करने वाले सावधान हो जाएं। फर्जी शिकायतों से बचने के लिए सीएम हेल्पलाइन के नियमों में बदलाव किया गया है। नए नियम के मुताबिक, सीएम हेल्‍पलाइन में एक ही दिन में 10 से ज्यादा शिकायत करने वाले को ब्‍लॉक कर दिया जाएगा।  आपको बता दें कि सीएम हेल्पलाइन में रोजाना सैकड़ों की संख्या में फर्जी शिकायतें मिलने लगी हैं। ऐसी शिकायतों का निराकरण के लिए समय और श्रम भी व्यर्थ चला जाता है। बाद में पता चलता है कि शिकायत झूठी और बनावटी थी। वहीं, कुछ लोगों की छोटी छोटी बातों को लेकर शिकायत की आदत भी बन गई थी। इस सब से बचने के लिए नियमों में बदलाव किया गया है। सीएम मोहन के सख्त निर्देश ऐसे में सीएम हेल्पलाइन सुविधा का दुरुपयोग करने वालों की अब खैर नहीं है। झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ अब कार्रवाई की जाएगी। मुख्‍यमंत्री मोहन यादव ने सीएम हेल्पलाइन व्यवस्था में अधिकारियों को सख्‍त नियम बनाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रमुख सचिव राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव संजय कुमार शुक्ला और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन निश्चित ही यह एक उपयोगी मंच है। कार्य अच्छा हो रहा है लेकिन इसका दुरुपयोग न हो यह भी ध्यान रखा जाए। बताया गया कि सीएम हेल्पलाइन के एकीकृत नंबर 181 पर प्रतिदिन लगभग 60 हजार काल आते हैं। सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों में से 97.3 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण हो चुका है। इसी तरह 72 प्रतिशत शिकायतें संतुष्टि से बंद की जा चुकी हैं। लंबित शिकायतों का प्रतिशत मात्र 2.7 है। जन समस्या समाधान के लिए मप्र के दल ने गुजरात का भी किया भ्रमण प्रेजेंटेशन में बताया गया कि सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से 40 विभाग के 185 विभिन्न डैशबोर्ड कार्य कर रहे हैं। बताया गया कि गुजरात राज्य में आम जन की समस्याओं के समाधान के लिए मध्य प्रदेश के दल ने गुजरात भ्रमण किया है। अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज को प्रदेश में अपनाया जाएगा। महिला हेल्पलाइन और दिव्यांग हेल्पलाइन के संचालन के साथ ही शिकायत की स्थिति पता करने व्हाट्सएप चैट बोर्ड सुविधा भी प्रारंभ की गई। recent visitors 133

आज महाराष्ट्र के वाशिम में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने दिया किसानों को नवरात्रि का तोहफा, 18वीं किस्त हुई जारी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज महाराष्ट्र के वाशिम में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 18वीं किस्त जारी कर दी है. योजना के तहत देश के किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए हर साल 6000 रुपये की राशि दी जाती है. यह राशि किसानों के खाते में तीन किस्तों में ट्रांसफर की जाती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज महाराष्ट्र के वाशिम में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 18वीं किस्त जारी कर दी है. आपको बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की योजना है, जिसे 1 फरवरी 2019 को पीयूष गोयल द्वारा शुरू किया गया था. इस योजना के तहत देश के किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए हर साल 6000 रुपये की राशि दी जाती है. यह राशि किसानों के खाते में तीन किस्तों में ट्रांसफर की जाती है. एक किस्त में किसान को 2000 रुपये दिए जाते हैं. पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 18वीं किस्त पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत सरकार ने देशभर के 9.4 करोड़ से अधिक किसानों को 0,000 करोड़ से ज्यादा की धनराशि ट्रांसफर की है. महाराष्ट्र के वाशिम में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने 18वीं किस्त जारी करते हुए कहा कि "नवरात्रि के इस पावन अवसर पर मुझे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 18वीं किस्त जारी करने का अवसर मिला. महाराष्ट्र की डबल इंजन सरकार यहां के किसानों को दोहरा लाभ दे रही है. पोहरादेवी के आशीर्वाद से मुझे अभी लाड़की बहन योजना की लाभार्थियों की मदद करने का अवसर मिला है, यह योजना नारी शक्ति का सम्मान बढ़ा रही है." खाते में 18वीं किस्त आई या नहीं ऐसे करें चेक आपके खाते में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 18वीं किस्त के 2000 रुपये आए हैं या नहीं. इसे चेक करने के लिए आपको पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर जाना होगा. FARMERS CORNER पर जाकर आपको नो योर स्टेटस पर क्लिक करना होगा. दूसरा पेज खुलते ही Know Your Registration Number पर क्लिक करें और अपना आधार नंबर दर्ज करें. ओटीपी मिलने पर ओटीपी दर्ज करें. इसके बाद आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर मिल जाएगा. रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड फिल करें और Get Data पर क्लिक करें. आपको अब पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ी सारी जानकारी मिल जाएगी. अगर आपके खाते में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के पैसे नहीं आए हैं, तो आप टोल फ्री नंबर 155261, 1800115526 या 011-23381092 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कर सकते हैं.   recent visitors 118

बस मार्शलों की नियुक्ति को लेकर सीएम ने कैबिनेट पास किया, आतिशी राजभवन से निकलीं और सभी नेता बाहर धरने पर बैठ गए

 नई दिल्ली  दिल्ली सरकार ने बस मार्शल्स की नियुक्ति को लेकर कैबिनेट नोट पास कराया है। इस नोट में मार्शल को तुरंत बहाल करने की मांग की गई है। इस नोट को लेकर सीएम आतिशी अपनी कैबिनेट मंत्रियों के साथ एलजी आवास की तरफ निकलीं। इससे पहले एलजी के पास जाने के मुद्दे पर जमकर राजनीति हुई। वहीं राजभवन जाने के मुद्दे पर बीजेपी विधायकों के भागने का आरोप लगा। दिलीप पांडेय ने कहा कि बस मार्शलों के लिए दिल्ली सरकार द्वारा कैबिनेट नोट पास होने के बाद भाजपा वाले फिर भागने के फिराक में थे, जिन्हें रोकने के लिए हमें जमीन पर लोटना पड़ा। गेट पर घेर कर फिर रोक पाएं उन्हें हम। अब एलजी हाउस की तरफ रवाना हैं हम लोग! आज हम लोग बस मार्शल्स के लिए न्यायोचित रोजगार लेकर ही दम लेंगे। इंकलाब ज़िंदाबाद।' आम आदमी पार्टी का कहना है कि कैबिनेट नोट पास होने के बाद बीजेपी विधायक सचिवालय से भागने लगे. लेकिन मंत्री सौरभ भारद्वाज ने उनके पैर पकड़कर रोका. सार्वजनिक परिवहन बसों में मार्शल के रूप में तैनात 10 हजार से अधिक नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को पिछले साल हटा दिया गया था, क्योंकि नागरिक सुरक्षा निदेशालय ने आपत्ति जताई थी कि वे आपदा प्रबंधन कर्तव्यों के लिए नियुक्त हैं. दिल्ली की सीएम आतिशी ने कहा कि बीजेपी विधायकों ने कल मुझसे मिलने का समय मांगा था, हमने उनसे मुलाकात की और उन्हें इस मुद्दे (बस मार्शलों) के बारे में समझाया कि यह एलजी के अधीन आने वाले सेवा मामलों के अंतर्गत आता है. लेकिन आज बीजेपी की पोल खुल गई, क्योंकि हमारी पूरी कैबिनेट वहां थी. बीजेपी को एलजी से उन मामलों पर निर्णय लेने के लिए कहना चाहिए जो उनके अधीन आते हैं. लेकिन बीजेपी इसके लिए तैयार नहीं है, वे इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं. हमने एक आपातकालीन कैबिनेट बैठक बुलाई और बस मार्शल को नियमित करने के लिए दिल्ली विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए गए. यहां (एलजी हाउस) आने के बाद भी बीजेपी विधायक एलजी से उस कैबिनेट नोट को पारित करने के लिए कहने के लिए तैयार नहीं थे, यह बस मार्शल के साथ विश्वासघात है. कैबिनेट द्वारा जो काम किए जाने थे – बस मार्शल और नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को नियमित करना, वे किए जा चुके हैं. अब बीजेपी को उन्हें नियमित करना है, और उन्हें ज्वाइनिंग लेटर आवंटित करना है. recent visitors 99

ईरानी राजदूत ने कहा कि उनके देश और इजराइल के बीच तनाव को सिर्फ भारत ही कम करवा सकता है

 नई दिल्ली ईरान द्वारा इजरायल पर 200 मिसाइलों से हमला करने के बाद पश्चिम एशिया में ना सिर्फ भारी तनाव पसरा हुआ है बल्कि बड़े पैमाने पर भयानक युद्ध की आशंका भी घर कर रही है। इस बीच, भारत में ईरान के राजदूत इराज इलाही ने क्षेत्र में स्थिरता और शांति की बहाली कराने में भारत से हस्तक्षेप करने की मांग की है। ईरानी राजदूत ने कहा, "भारत को इस अवसर का लाभ उठाकर इजरायल को क्षेत्र में अपनी आक्रामकता रोकने और शांति और स्थिरता कायम करने के लिए राजी करना चाहिए।" ईरानी राजदूत ने कहा कि उनके देश और इजराइल के बीच तनाव को सिर्फ भारत ही कम करवा सकता है। बता दें कि भारत के दोनों देशों से मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। यही वजह है कि ईरानी राजनयिक भारत सरकार से पश्चिम एशिया संकट में शामिल सभी पक्षों से तनाव कम करने और कूटनीति और बातचीत के माध्यम से मुद्दों को हल करने का आग्रह कर रहे हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की थी, जब इजरायली सेना ने हिज्बुल्लाह आतंकियों के खिलाफ अपने उत्तरी पड़ोसी लेबनान में संघर्ष के लिए एक नया मोर्चा खोला था। प्रधानमंत्री मोदी ने तब दो टूक शब्दों में कहा था कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। NDTV को दिए एक इंटरव्यू में ईरानी राजदूत ने यह भी कहा कि अगर इजरायल रुकता है, तभी हम भी रुकेंगे। उन्होंने आगे कहा, “ईरान युद्ध नहीं चाहता है। हम क्षेत्र में शांति चाहते हैं, लेकिन यदि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई आंच आती है, तो हमारे पास जवाबी कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है, और हमने ठीक यही किया भी है।” ईरानी राजदूत ने कहा कि मंगलवार (01 अक्तूबर) को इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल से किए गए हमले बदले की कार्रवाई का रणनीतिक हिस्सा था। उन्होंने कहा, "यह ईरान की धरती पर हमास प्रमुख इस्माइल हनीयेह की हत्या के जवाब में किया गया पलटवार था। वह हमारे राजकीय अतिथि थे और हमारे देश में इजरायल द्वारा उनकी हत्या कर दी गईी। यह एक राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है और हमारे संविधान के अनुसार, हमें इस तरह के मुद्दे से जवाबी प्रतिक्रिया के साथ निपटना होगा।" ईरानी राजदूत ने यह स्पष्ट किया कि मिसाइल हमला हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह की हत्या के लिए नहीं किया गया था। उन्होंने कहा, "यहां मुद्दा उलझाया जा रहा है। इजरायल के प्रति हमारी जवाबी कार्रवाई केवल इस्माइल हनीयेह की हत्या के लिए थी, हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह के लिए नहीं। हिजबुल्लाह खुद का ख्याल रख सकता है।" बता दें कि रूस-यूक्रेन जंग में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी पीएम मोदी से रूस को मनाने और युद्धविराम कराने की गुजारिश की थी। इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल कीव की यात्रा पर गए थे। recent visitors 76