सीबीएसई 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं, एग्जाम रूम में CCTV कैमरों से न सिर्फ नजर रखी जाएगी, बल्कि रिकॉर्डिंग सेव भी रखी जाएंगी.

 नई दिल्ली सीबीएसई 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 2025 15 फरवरी में शुरू हो सकते हैं, जो अप्रैल तक चलेंगे. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) आगामी बोर्ड परीक्षा (CBSE Board Exam 2025) की डेटशीट दिसंबर में जारी कर सकता है. इससे पहले सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा को लेकर जरूरी निर्देश जारी किए हैं. अगले साल बोर्ड परीक्षा कड़े पहरे में होने वाली है. एग्जाम रूम में CCTV कैमरों से न सिर्फ नजर रखी जाएगी, बल्कि रिकॉर्डिंग सेव भी रखी जाएंगी. सीबीएसई ने हाल ही में एक नोटिस जारी कर इसकी सूचना दी है. सीबीएसई द्वारा जारी नोटिस में स्कूलों को हर एग्जाम रूम में सीसीटीवी कैमरे लगाने को लेकर जरूरी निर्देश दिए हैं. बोर्ड ने सभी स्कूलों से कहा है कि उनके सभी एग्जाम रूम में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगे होने चाहिए. यह निर्देश सभी सीबीएसई स्कूलों के प्रिंसिपल्स और हेडमास्टर्स को भेजा गया है. बाद में भी इस्तेमाल की जा सकती है CCTV रिकॉर्डिंग नोटिस में साफ-साफ लिखा है कि मैट्रिक (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) बोर्ड परीक्षाएं केवल उन्हीं कमरों में होगी जहां सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे. परीक्षा के दौरान रिकॉर्डिंग की जाएगी जिसे स्कूलों को कम से कम दो महीने तक संभालक रखना होगा. ताकि जरूरत पड़ने पर बोर्ड उन रिकॉर्डिंग्स की जांच कर सके. हालांकि रिकॉर्डिंग केवल अधिकृत लोग ही देख सकेंगे. बिना CCTV कैमरे के स्कूल नहीं करा सकेंगे परीक्षा सीबीएसई ने आगे कहा कि कैमरों में पैन, टिल्ट और जूम की सुविधा होनी चाहिए ताकि किसी भी क्षेत्र या छात्र पर नजर रखी जा सके. अगर किसी स्कूल में सीसीटीवी कैमरों नहीं लगे हैं, तो उस स्कूल को परीक्षा केंद्र नहीं माना जाएगा. 44 लाख छात्र देंगे बोर्ड परीक्षा सीबीएसई के मुताबिक 2024 में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में करीब 44 लाख छात्र बैठेंगे. इतनी बड़ी संख्या छात्रों की परीक्षा सुचारू और शुचिता पूर्ण ढंग से कराने के लिए सीबीएसई ने यह कदम उठाया है. हर परीक्षा केंद्र में 240 छात्रों के लिए एक व्यक्ति खासतौर पर निगरानी रखने के लिए नियुक्त किया जाएगा. इसकी जानकारी छात्रों और अभिभावकों को भी देने को कहा गया है.   recent visitors 98

पड़ोसी देश पाकिस्तान ऐसे आर्थिक संकट में घिरा की 6 मंत्रालय ही बंद और डेढ़ लाख नौकरियां खत्म

 इस्लामाबाद पड़ोसी देश पाकिस्तान ऐसे आर्थिक संकट में घिर गया है कि अब उसने डेढ़ लाख सरकारी नौकरियां समाप्त कर दी हैं। इसके अलावा 6 मंत्रालयों को ही भंग कर दिया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि सरकारी खर्च को रोका जा सके। यही नहीं दो मंत्रालयों का अन्य विभागों के साथ विलय कर दिया गया है। आईएमएफ से 7 अरब डॉलर की लोन डील के तहत पाकिस्तान सरकार ने ये कदम उठाए हैं। पाकिस्तान लगातार संकट के दौर से गुजर रहा है और आईएमएफ से लोन की एक किस्त मिलने के बाद भी उसका संकट समाप्त नहीं हुआ है। अब वह एक और राउंड का लोन लेने के लिए जुगत भिड़ा रहा है। आईएमएफ ने पाकिस्तान के लिए मंजूर लोन की पहली किस्त 26 सितंबर को जारी की थी। इसके तहत 1 अरब डॉलर का पैकेज घोषित किया गया है। आईएमएफ ने इसके साथ ही पाकिस्तान सरकार को आदेश दिया है कि वह अपने खर्च घटाएं, टैक्स में इजाफा करे, कृषि और रियल एस्टेट जैसे सेक्टरों में पर भी टैक्स लगाया जाए। इसके अलावा सब्सिडी खत्म की जाए और कुछ योजनाओं को भी सीमित किया जाए। अमेरिका से लौटे पाकिस्तानी वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने कहा कि आईएमएफ के साथ डील हो गई है। यह हमारी आखिरी डील होगी। हमें इसके तहत कुछ नीतियों को लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि इसी के तहत हम सरकारी खर्चों में भी कटौती कर रहे हैं। 6 मंत्रालयों को बंद किया जाएगा और दो का विलय किया जाएगा। इसके अलावा अलग-अलग मंत्रालयों के डेढ़ लाख सरकारी पदों को समाप्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम टैक्स में भी इजाफे के प्रयास करेंगे। बीते साल 3 लाख अतिरिक्त टैक्सपेयर जुड़े हैं। इस साल अब तक 7 लाख से ज्यादा नए टैक्सपेयर जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि टैक्स के नियमों को सख्त किया जाएगा। जो लोग टैक्स नहीं भरेंगे, उन्हें संपत्ति और वाहन खरीदने की परमिशन नहीं होगी। औरंगजेब ने कहा कि पाकिस्तान को यदि जी-20 का हिस्सा बनना है तो फिर अर्थव्यवस्था को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि अब तो हमारा एक्सपोर्ट भी बढ़ रहा है। recent visitors 77

लॉकडाउन के दौरान चंद्रमा के तापमान में 8-10 केल्विन की असामान्य गिरावट देखी गई

नई दिल्ली/बेंगलुरु भारतीय शोधकर्ताओं ने पाया है कि 2020 के वैश्विक कोविड लॉकडाउन का चंद्रमा तक प्रभाव पड़ा था। पीयर-रिव्यू मंथली नोटिस ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी: लेटर्स में एक स्टडी प्रकाशित हुई थी। हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया को पता चला है कि अप्रैल-मई 2020 के सबसे सख्त लॉकडाउन के दौरान चंद्रमा की सतह के तापमान में असामान्य गिरावट देखी गई थी। फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी (पीआरएल) के के दुर्गा प्रसाद और जी अंबिली ने 2017 और 2023 के बीच चंद्रमा के निकटवर्ती भाग पर छह विभिन्न स्थानों – ओशनस प्रोसेलारम के दो स्थान, मेरे सेरेनिटैटिस, मेयर इम्ब्रियम, मेयर ट्रैंक्विलिटैटिस और मेरे क्रिसियम पर रात्रि के समय सतह के तापमान का विश्लेषण किया। पीआरएल के निदेशक अनिल भारद्वाज ने कहा कि यह हमारे समूह का एक महत्वपूर्ण कार्य है। यह काफी अद्वितीय है। कैसे की स्टडी? नासा के चंद्रयान (Lunar Reconnaissance Orbiter) के आंकड़ों का उपयोग करते हुए, शोधकर्ताओं ने पाया कि लॉकडाउन के महीनों में चंद्रमा के तापमान में अन्य वर्षों की तुलना में लगातार 8-10 डिग्री कम (8-10 केल्विन) हो गया था। प्रसाद ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि हमने वास्तव में 12 सालों का डेटा विश्लेषण किया था, लेकिन अध्ययन में समानता बनाए रखने के लिए हमने सात सालों (2017 से 2023) का डेटा इस्तेमाल किया,लॉकडाउन वाले साल 2020 से पहले के तीन साल और उसके बाद के तीन साल। शोधकर्ताओं का मानना है कि लॉकडाउन के दौरान पृथ्वी से निकलने वाले विकिरण (Radiation) में कमी के कारण चंद्रमा का तापमान कम हुआ। चूंकि मानवीय गतिविधियों में काफी कमी आई थी, ग्रीनहाउस गैसों और वायुमंडलीय कणों (Aerosols) का उत्सर्जन भी कम हो गया, जिसके कारण पृथ्वी के वायुमंडल में कम गर्मी फंसी और वापस निकली। तापमान में काफी बदलाव शोधकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों और वर्षों में तापमान में काफी बदलाव भी देखा। सबसे कम कुल तापमान 2020 में साइट-2 पर 96.2 K था, जबकि सबसे कम तापमानों में सबसे अधिक 2022 में साइट-1 पर 143.8 K था। आमतौर पर, 2020 में अधिकांश स्थानों पर सबसे ठंडा तापमान देखा गया, जबकि 2021 और 2022 में जब पृथ्वी पर मानवीय गतिविधियां फिर से शुरू हुईं, तब एक उल्लेखनीय तापमान बढ़ने का रुझान देखा गया। के दुर्गा प्रसाद ने समझाया कि चंद्रमा पृथ्वी के विकिरण के चिन्ह का एक प्रवर्धक (Amplifier) के रूप में कार्य करता है। इस अनूठी वैश्विक घटना ने हमें यह देखने का एक दुर्लभ अवसर प्रदान किया कि पृथ्वी पर मानवीय गतिविधियों में बदलाव हमारे निकटतम खगोलीय पड़ोसी को कैसे प्रभावित कर सकता है।शोध पत्र में लिखा है कि चूंकि कोविड लॉकडाउन के दौरान चंद्रमा के रात्रि के समय सतह के तापमान में असामान्य कमी देखी गई है, इसलिए अन्य संभावित कारकों जैसे सौर गतिविधि और मौसमी प्रवाह विविधता के प्रभावों की भी जांच की गई है। परिणाम दर्शाते हैं कि इन कारकों में से किसी का भी अवलोकित हस्ताक्षर(Observed Signature) पर कोई प्रभाव नहीं है, इस प्रकार यह हमारे निष्कर्षों का समर्थन है कि यह केवल कोविड लॉकडाउन के कारण है। recent visitors 81

फर्जी तरीके से मदरसे सरकारी अनुदान ले रहे हैं, सरकार जांच करें और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो- विधायक रामेश्वर शर्मा

भोपाल मध्य प्रदेश के मदरसों में गैर-मुस्लिम बच्चों को अनुमति के बिना धार्मिक शिक्षा दी तो मान्यता रद्द कर दी जाएगी. मदरसों में हिंदू बच्चों को पढ़ाने और फर्जी नामों से सरकारी मदद लेने के मामले में मोहन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. भोपाल की हुजूर सीट से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस फैसले का स्वागत किया है. BJP MLA रामेश्वर शर्मा ने कहा, यह मध्य प्रदेश सरकार का स्वागत योग्य कदम है. इसके लिए मैं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी को शुभकामनाएं देता हूं कि सरकार ने बहुत अच्छा निर्णय लिया है. बीजेपी विधायक आगे बोले, मदरसों में क्या हो रहा है? इस्लामिक शिक्षा तो दी जा रही है. जब वहां मुस्लिम धर्म के आधार पर शिक्षा दी जा रही है तो वहां सनातन का बच्चा क्यों जाए? जैन का बच्चा क्यों जाए? सिख का बच्चा क्यों जाए? बौद्ध का बच्चा क्यों जाए और दूसरे धर्म के बच्चे वहां पढ़ने क्यों जाएं? उन्होंने कहा कि इस फर्जी तरीके से जो मदरसे सरकारी अनुदान ले रहे हैं, सरकार इसकी जांच करें और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो. सरकारी भूमि पर यदि बिना अनुमति के कोई मदरसा बना है तो उन्हें तोड़ा जाए. रामेश्वर शर्मा ने कहा, मदरसे से यदि एपीजे अब्दुल कलाम निकलें तो हमें आपत्ति नहीं है, लेकिन यदि जाकिर नाईक निकले तो समझ लीजिए कि वहां उन्मादी शिक्षा दी जा रही है. मदरसे से यदि कोई आतंकवादी निकलता है तो उन्मादी शिक्षा दी जा रही है. मदरसे केवल और केवल इस्लामीकरण और  तालिबानियों के हथियार बन गए हैं. मदरसे शिक्षा के केंद्र बिंदु नहीं है, न तो एमपी बोर्ड वहां पर काम करता है और न सीबीएसई बोर्ड काम करता है. मदरसे में दूसरे धर्म के अबोध बच्चों को ले जाकर उन्हें इस्लामी शिक्षा देते हैं, उनका धर्मांतरण का भी भविष्य का षड्यंत्र हो सकता है, इसलिए इस षड्यंत्र से बच्चों को बचाने के लिए यह मोहन यादव की सरकार का यह बहुत महत्वपूर्ण कदम है. गैर मुस्लिमों को मदरसे में धार्मिक शिक्षा देने पर मान्यता होगी रद्द बता दें कि मध्यप्रदेश में मदरसों को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी करते हुए मदरसों में पढ़ रहे छात्रों के भौतिक सत्यापन का आदेश जारी किया है. इस दौरान यदि वहां फ़र्ज़ी तरीके से गैर-मुस्लिम या मुस्लिम बच्चों के नाम पाए जाते हैं या बच्चों को उनके अभिभावकों की अनुमति के बिना धार्मिक शिक्षा दी जा रही होगी तो ऐसे मदरसों की मान्यता रद्द कर दी जाएगी.   recent visitors 108

आदिवासी क्षेत्रों में सुविधाएं पहुंचाने की जताई कटिबद्धता, छत्तीसगढ़-बीजापुर में डिप्टी CM शर्मा ने पेड़ के नीचे बैठकर समस्याएं सुनी

बीजापुर. छत्तीसगढ़ सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा शुक्रवार को बीजापुर जिले के गंगालूर क्षेत्र के सुदूर एवं दूरस्थ गांव पालनार पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने आम के पेड़ के नीचे बैठकर ग्रामीणों से रूबरू हुए और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा छत्तीसगढ़ शासन के पहले मंत्री हैं, जो इस सुदूर गांव में पहुंचे। इस दौरान पालनार में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया, जिसमें राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, वन अधिकार पत्र सहित शासन के सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, किसान क्रेडिट कार्ड सहित सभी योजनाओं से लाभान्वित करने विभागीय अधिकारियों द्वारा स्टॉल लगाया गया था। उपमुख्यमंत्री, गृहमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री छत्तीसगढ़ शासन विजय शर्मा ने सभी स्टॉलों का गहनतापूर्वक निरीक्षण कर विभागीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी ली। मौके पर उपस्थित हितग्राहियों से आवश्यक चर्चा कर उनकी समस्याओं से अवगत हुए एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रकरणों के निराकरण के लिए दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान एक ग्रामीण द्वारा जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने की जानकारी मिलने पर एसडीएम बीजापुर को निर्देशित करते हुए जाति प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश दिए। वहीं, पोस्ट आफिस द्वारा बचत खाता खोले जाने की प्रक्रिया का अवलोकन करते हुए पालनार में बैंक सखी अथवा अन्य माध्यम से ग्रामीणों को राशि सुलभ कराने हेतु निर्देश दिए एवं बैंक सखी नियुक्त करने को कहा। प्राथमिक शाला पालनार में स्कूली बच्चों को अ, आ, इ, ई पढ़ाया। अपने माता-पिता के नाम लिखने को कहा और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके बाद पालनार, तोड़का, सावनार, पदेड़ा एवं गंगालूर के ग्रामीणों की समस्याएं सुनने आम के पेड़ के नीचे जमीन में बैठकर बच्चों को गोद में लेकर ग्रामीणों की समस्या से रूबरू हुए। वहां मौजूद ग्रामीणों ने बिजली, पानी, राशन दुकान, सड़क जैसे बुनियादि सुविधाओं की मांग की जिस पर मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बुनियादि सुविधाएं आपका अधिकार है। अच्छी शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सहित सभी प्रकार की सुविधाएं देने हमारी सरकार कटिबद्ध है, इसलिए शासन के सभी योजनाओं का भरपूर लाभ हो अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा बेहतर जीवन स्तर प्रदान करें, ताकि देश, समाज और परिवार के लिए समर्पित होकर अपना सर्वांगीण विकास कर सकें। उन्होंने कहा कि बरसों से माओवाद का दंश झेलकर आदिवासी समाज शोषित हुआ है। अब जागरूकता आ रही है। हमारी सरकार की मंशा है कि सामान्य क्षेत्र की भांति इन दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चे भी पढ़ लिखकर अपना बेहतर भविष्य बनाएं। वहीं पालनार के सभी मोहल्लों मे टीव्ही देने की घोषणा करते हुए कहा कि सोलर सिस्टम एवं टीव्ही सेट प्रदाय करने के निर्देश दिए। पालनार में नियद नेल्लानार योजना के तहत सड़क एवं बिजली, का कार्य प्रगति पर है। वहीं, स्कूल आंगनबाड़ी संचालित हो रही है। नियद नेल्लानार योजना के तहत हैण्डपंप में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल प्राप्त हो रहा है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सुरक्षा कैम्प स्थापित होने से बुनियादि सुविधाएं बढ़ रही जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर साफ तौर पर देखा जा रहा है। आदिवासी बाहुल्य बीजापुर के अंदरूनी क्षेत्रों में बुनियादि सुविधाएं पहुंचने से ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ता नजर आ रहा है। अपनी समस्याओं को अब प्रमुखता से बताने लगे है। निश्चित ही अब सुशासन का सूर्योदय सुदूर अंचलों में हो रहा है। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने ग्रामीणों को सिलगेर के बच्चों का विडियो भी दिखाया और बताया कि हमारे बीजापुर के बच्चे रायपुर आकर मुख्यमंत्री से मिले नया रायपुर, शापिंग मॉल भी घूमे नये परीवेश में और छत्तीसगढ़ की राजधानी में धूमकर उनका उत्साह देखने को मिला। इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों को भी रायपुर आने का न्यौता दिया। इस दौरान कलेक्टर अनुराग पांडेय ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना नियद नेल्लानार के तहत सुरक्षा कैम्पों के समीप के 33 गांवों में बुनियादि सुविधाएं उपलब्ध कराने जिला प्रशासन के विभागीय अमला सक्रियता पूर्वक अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। सिविक एक्शन कार्यक्रम सिविक एक्शन कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीणों को जीवनोपयोगी सामग्रियां जैसे खाद्यान्न, वस्त्र और खेल सामग्री वितरित की गई। इस कदम ने न केवल ग्रामीणों की दैनिक जरूरतों को पूरा किया बल्कि उनके बच्चों के लिए खेलकूद की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके। मेडिकल कैम्प का आयोजन केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (केरिपु बल) की 222वीं बटालियन ने एक मेडिकल कैम्प आयोजित किया, जिसमें सैकड़ों ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इस कैम्प में स्वास्थ्य जांच, मुफ्त दवाइयों का वितरण और जागरूकता कार्यक्रम भी शामिल थे, जिससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर मदद मिली। इस दौरान बस्तर संभागायुक्त डोमन सिंह, आईजी पी सुंदरराज, एसपी डॉ. जितेन्द्र यादव, सीईओ जिला पंचायत हेमंत रमेश नंदनवार, आईपीएस वैभव बैंकर सहित जिला एवं पुलिस प्रशासन तथा सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 115

केन्द्रीय सामाजिक न्याय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र और मुख्यमंत्री साय शामिल, छत्तीसगढ़-रायपुर में 17वां ’दिव्य कला मेला’ शुरू

रायपुर. रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई मैदान में 17वें ’दिव्य कला मेला’ का शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने रायपुर में जमीन मिलने पर दिव्यांगजन पार्क निर्माण कराने की घोषणा की, जिस पर मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर में इस पार्क के निर्माण के लिए 5 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की घोषणा की। रायपुर में ‘‘दिव्य कला मेला‘‘ 16 अगस्त 2024 से 23 अगस्त 2024 तक आयोजित किया जाएगा। सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। केन्द्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्य कला मेला, दिव्यांग भाई-बहनों के अद्वितीय कौशल और उद्यमशीलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन है। दिव्यांगजनों में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें प्रोत्साहित करने और आगे बढ़ाने की है। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि देश के सर्वांगीण विकास में दिव्यांगजनों की भी महत्वपूर्ण भूमिका हो सके। प्रधानमंत्री मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत का सपना तब ही पूर्ण हो पाएगा, जब हमारे दिव्यांग भाई-बहन आत्मनिर्भर और सशक्त बनेंगे। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव में संचालित राज्य संसाधन केंद्र (सीआरसी) के नए भवन बनने के बाद वहां दिव्यांगजनों के लिए डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों में भी ’दिव्य कला मेला’ का आयोजन किया जाएगा। इनके स्थान का निर्धारण मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मेले में लगभग 60 स्टॉल लगाए गए हैं। यहां आने वाले अन्य राज्यों के व्यंजनों का रसास्वादन कर सकेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों को पहले अनेक नामों से संबोधित किया जाता था, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें दिव्यांगजन का नाम दिया। उन्होंने बताया कि दिव्यांगों की 7 श्रेणियों को बढ़ाकर 21 श्रेणियां की गई है। शासकीय नौकरी में आरक्षण को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत किया गया है। शासकीय विद्यालयों और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में प्रवेश के लिए आरक्षण को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत किया गया है। दिव्यांगजनों के लिए सुगम भारत अभियान के तहत शासकीय भवनों, रेल्वे स्टेशनों, एयरपोर्ट में रैम्प तथा अलग शौचालय बनाए गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने 16 से 22 अगस्त तक रायपुर में आयोजित दिव्य कला मेला को 23 अगस्त तक आयोजित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस मेले में दिव्यांगजन उद्यमियों और कलाकारों आने-जाने, ठहरने और स्टॉल उपलब्ध कराने की निःशुल्क व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम द्वारा दिव्यांगजनों को व्यवसाय हेतु रियायती दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग भी प्रदान किए जाते हैं। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा 75 दिव्यांग विद्यार्थियों को नेशनल ओव्हरसीज स्कॉलरशिप प्रदान की जाती है। इस वर्ष इसके लिए अब तक 25 आवेदन प्राप्त हुए है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि दिव्य कला मेला ने दिव्यांगजन की रचनात्मकता, कौशल, और सृजनशीलता को एक मंच प्रदान किया गया है, जिससे वे अपने उत्पादों को देश-विदेश में प्रदर्शित कर सकें। उन्होंने कहा कि दिव्य कला मेला के पिछले सफल आयोजनों ने न सिर्फ दिव्यांगजन की भागीदारी को बढ़ावा दिया है, बल्कि उनके आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को भी सुनिश्चित किया है। मुख्यमंत्री ने लोगों से दिव्य कला मेले में अधिक से अधिक संख्या में आने और दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित उत्पादों को देखने, परखने और खरीदने का आग्रह किया, ताकि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण में सहायता मिले। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह मेला दिव्यांगजन के लिए न सिर्फ आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम है, बल्कि सामाजिक समरसता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ भी है। उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों में दिव्यांगजन को रियायती ऋण की स्वीकृति में हुई बाधाओं को दूर करते हुए, आज 25 लोगों को ऋण स्वीकृति पत्र जारी करना एक नई शुरुआत का प्रतीक है। एनडीएफडीसी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने दिव्यांगजन के आर्थिक विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए इस मेले का आयोजन एक ऐतिहासिक अवसर है। जिसमें 16 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के दिव्यांग उद्यमी और कलाकार अपने उत्पाद लेकर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दिव्यांगजनों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रहे हैं। समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में पहली बार दिव्य कला मेला का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के दिव्यांगजन यदि कुछ नया सोचते है तो राज्य सरकार उन्हें अपने सपने को साकार करने के लिए प्रोत्साहन देगी। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने के लिए 12 योजनाएं संचालित की जा रही हैं। रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री श्री वीरेन्द्र कुमार से छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजन पार्क का निर्माण कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को सहानुभूति की नहीं प्रोत्साहन की जरूरत है। उनकी प्रतिभा को सामने लाने और आगे बढ़ाने की जरूरत है। कार्यक्रम में आकांक्षा इंस्टिट्यूट के दिव्यांग विद्यार्थियों ने मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने इन विद्यार्थियों को पुरूस्कार स्वरूप 51 हजार रूपए की राशि का चेक प्रदान किया। केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने 4 दिव्यांगजनों को मोटराईज्ड ट्रायसाइकिल तथा एक दिव्यांग को ट्रायसाइकिल तथा 11 दिव्यांग हितग्राहियों को ट्रेक्टर, ई-रिक्शा क्रय, ट्रेक्टर ट्रॉली, मेडिकल स्टोर, रेडीमेट गारमेंट, किराया दुकान, सेंट्रींग प्लेट, टेंट हाउस व्यवसाय के लिए ऋण राशि के चेक वितरित किए। केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार और मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण किया। मेले में देश भर के दिव्यांग उद्यमियों कारीगरों के जम्मू और कश्मीर, पूर्वाेत्तर राज्यों सहित अनेक राज्यों के उत्पादों हस्तशिल्प, हथकरघा, कढ़ाई का काम, राखियां, पैकेज्ड फूड, गृह सज्जा और जीवन शैली से संबंधित वस्तुएं, कपड़े, स्टेशनरी और पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद, ऑर्गेनिक उत्पाद, खिलौने, पेंटिंग और उपहार, व्यक्तिगत सहायक उपकरण, आभूषण, क्लच वेग आदि उत्पाद प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उपलब्ध हैं। भारत … Read more

एसडीआरएफ ने सुरक्षित निकाला, राजस्थान-बूंदी के बिलकेश्वर महादेव मंदिर में गए 11 पर्यटक बाढ़ मे फंसे

बूंदी. जिले के बिलकेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन करने के लिए गए पर्यटक पानी भरने के कारण वहां फंस गए। बताया जा रहा है के जब वे महादेव दर्शन के लिए गए थे तब सीढ़ियों पर पानी नहीं था लेकिन वापस लौटते समय लगातार हुई तेज बारिश के कारण मेज नदी ऊफान पर आ गई और मंदिर की सीढ़ियां पानी में डूब गईं। समय रहते लोगों ने गेंडोली थाना पुलिस को सूचना दी। पानी का सैलाब बढ़ता देख पूरा मामला एसडीआरएफ के हवाले किया गया। जिस पर एक दर्जन से अधिक एसडीआरएफ के जवानों ने पांच घंटे की मशक्कत के बाद सभी को पानी से सुरक्षित निकाल लिया। एसडीआरएफ से मिली जानकारी के अनुसार जिले के रिहाणा, ख्यावदा, गोलपुरा गांव के युवक नैनवा रोड पर त्रिवेणी संगम पर बिल्केश्वर महादेव के दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन करने के बाद वापस घर लौटने लगे तो मेज नदी में ऊफान आ गया। नदी में लगातार पानी बढ़ने से 11 बच्चे ओर दो युवक मंदिर मे ही डटे रहे लेकिन पानी कम नहीं होने पर लोगों ने प्रशासन को इसकी सूचना दी, जिस पर गेंडोली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया। हिंडोली क्षेत्र में पिछले 24 घंटे में 8 इंच बारिश हुई, जिसके चलते जिले की कई नदियां ऊफान पर हैं। यहां से निकलने वाली मेज नदी में जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिसके चलते खटकड़ पुलिया पर 1 से 2 फीट पानी आ जाने के चलते मार्ग पूरा बाधित हो गया।  recent visitors 126