मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीप में सवार होकर की तिरंगा यात्रा की अगवानी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि तिरंगा हमारी आन-बान-शान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर घर तिरंगा अभियान के माध्यम से पूरे देश को देशभक्ति और स्वतंत्रता की भावना में ओतप्रोत होने का अवसर प्रदान किया है। तिरंगे में विद्यमान चक्र देश की गति को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमने देश को विश्व की पांचवीं अर्थव्यवस्था में शामिल किया है। देश की शक्ति और विशेष कर युवा सामर्थ्य के माध्यम से हम जल्द ही विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था होंगे। स्वतंत्रता दिवस का महत्व हमारे सभी प्रमुख त्योहार होली, दिवाली से अधिक है, अत: हर घर में तिरंगा लहराना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत कर्म संस्था द्वारा कोलार रोड स्थित मदर टेरेसा स्कूल से निकाली जा रही तिरंगा यात्रा के शुभारंभ अवसर पर तिरंगा यात्रा के सहभागियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जन-गण-मन के राष्ट्र गान के साथ यात्रा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीप में सवार होकर तिरंगा लहराते हुए यात्रा की अगवानी की। इस अवसर पर विधायक एवं पूर्व प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। युवाओं के लिए सृजित किए जा रहे हैं रोजगार के अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी बौद्धिक क्षमता, परिश्रम और दक्षता के आधार पर विकास के पथ पर अग्रसर हैं। प्रदेश ने खेती-किसानों में लगातार प्रगति की है। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से औद्योगिक गतिविधियों और सूचना प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। कोलार क्षेत्र का संपूर्ण वातावरण देशभक्ति की भावना से हुआ ओत-प्रोत मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मोटर साइकिलों पर सवार युवा तिरंगा लहराते हुए यात्रा में आगे बढ़ रहे थे। सड़क के दोनों ओर खड़े स्कूली बच्चे तिरंगा लहराकर वंदे-मातरम तथा भारत माता की जय के नारों के साथ तिरंगा यात्रा का अभिवादन कर रहे थे। कोलार रोड पर जगह-जगह बने सामाजिक संस्थाओं, व्यापारी संगठनों, समाजसेवियों, महिला संगठनों के मंचों से तिरंगा यात्रा का आत्मीय स्वागत किया गया। यात्रा में ड्यूटी कर रहे पुलिस कांस्टेबल भी अपनी मोटरसाइकिल पर तिरंगा लहराते हुए दायित्व निर्वहन कर रहे थे। यात्रा के मार्ग पर दुकानों, मकानों के अतिरिक्त वाहनों को भी तिरंगे से सजाया गया था। परिणामस्वरूप तिरंगा यात्रा से क्षेत्र का संपूर्ण वातावरण देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत था।   recent visitors 70

बच्चे की देखभाल का जिम्मा पति और पत्नी दोनों का है, इसलिए दोनों ही चाइल्ड केयर लीव के हकदार हैं

कोलकाता कलकत्ता हाई कोर्ट ने हाल ही में निर्देश दिया है कि बाल देखभाल अवकाश यानी चाइल्ड केयर लीव का लाभ महिला और पुरुष दोनों कर्मचारियों को दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि बच्चे की देखभाल का जिम्मा सिर्फ मां पर नहीं होती है बल्कि यह जिम्मेदारी माता और पिता दोनों द्वारा साझा की जानी चाहिए, इसलिए दोनों ही चाइल्ड केयर लीव के हकदार हैं। कोर्ट ने एक ऐसे व्यक्ति की याचिका पर यह आदेश सुनाया है जिसके दो नाबालिग बच्चे हैं और कुछ महीने पहले ही उनकी पत्नी का देहांत हो चुका है। याचिकाकर्ता ने इसी आधार पर 730 दिनों के चाइल्ड केयर लीव की मांग की थी। याचिकाकर्ता अबु रेहान ने अपनी अर्जी में कहा था कि बच्चे स्कूल जाने की उम्र में हैं लेकिन उनके अलावा बच्चों की देखभाल करनेवाला कोई नहीं है। इसलिए वह अपने बच्चों की देखभाल और उनके शारीरिक, शैक्षिक और भावनात्मक विकास के लिए चाइल्ड केयर लीव का लाभ उठाना चाहता है। याचिकाकर्ता एक सरकारी सेवक है। उसने याचिका में कहा कि सरकारी ज्ञापन संख्या 1100-एफ (पी) दिनांक 25 फरवरी 2016 के अनुसार, पश्चिम बंगाल सरकार ने पुरुष कर्मचारियों को 30 दिनों का पितृत्व-सह-बाल देखभाल अवकाश स्वीकृत किया है लेकिन यह अवधि उनके लिए पर्याप्त नहीं हैं। याचिकाकर्ता ने अपनी अर्जी में 17 जुलाई 2015 के ज्ञापन संख्या 5560-एफ(पी) का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि नियमित महिला कर्मचारियों को अधिकतम दो वर्ष यानी 730 दिनों का चाइल्ड केयर लीव का लाभ दिया जा सकता है। अबु रेहान ने कहा कि चूंकि वह सिंगल पैरेंट है, इसलिए उसे भी 730 दिनों का चाइल्ड केयर लीव का लाभ दिया जाना चाहिए। उसने यह भी कहा कि उक्त दोनों ज्ञापन भेदभावपूर्ण हैं और संविधान प्रदत समानता के अधिकारों का उल्लंघन है। लॉ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस अमृता सिन्हा की एकल पीठ ने कहा, "ऐसा लगता है कि अब समय आ गया है, जब सरकार को अपने कर्मचारियों के साथ पुरुष और महिला कर्मचारियों के बीच किसी भी तरह का भेदभाव किए बिना एक जैसा बर्ताव करना चाहिए। परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी सिर्फ महिला या पुरुष नहीं बल्कि माता और पिता दोनों को समान रूप से निभानी चाहिए। हिंदू माइनॉरिटी एंड गार्जियनशिप एक्ट 1956 के तहत लड़के या अविवाहित लड़की के मामले में हिंदू नाबालिग का प्राकृतिक अभिभावक पिता होता है और उसके बाद माता। सरकार को पुरुष कर्मचारियों को भी वैसा ही लाभ देने का निर्णय लेना चाहिए जैसा महिलाओं के मामले में किया गया है… ताकि भेदभाव को खत्म किया जा सके।" इससे पहले राज्य सरकार के वकील ने कहा कि महिला कर्मचारियों को जो लाभ दिया गया है, वह पुरुष कर्मचारियों के लिए उपलब्ध नहीं है। हालांकि, कोर्ट को यह भी बताया गया कि याचिकाकर्ता का आवेदन अभी विचाराधीन है और उस पर कानून के मुताबिक विचार किया जाएगा। इस पर जस्टिस सिन्हा ने कहा कि अदालत महिला और पुरुष में भेदभाव किए बिना चाइल्ड केयर लीव पर 90 दिनों के अंदर फैसला लेने का आदेश देती है। recent visitors 94

मध्यप्रदेश के 32 पुलिस अधिकारी – कर्मचारी को राष्ट्रपति से मिलेगा सम्मान

भोपाल  केंद्र सरकार ने स्वाधीनता दिवस की पूर्वसंध्या पर बुधवार को राष्ट्रपति पदकों की घोषणा कर दी है। मध्य प्रदेश के 32 पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों को राष्ट्रपति की ओर से दिए जाने वाले गैलेंट्री अवार्ड (वीरता पदक), विशिष्ट सेवा पदक (डिस्टिंग्विश्ड सर्विस अवार्ड) और सराहनीय सेवा पदक (मेरिटोरियस सर्विस अवार्ड) के लिए चुना गया है। इनमें वीरता पदक के लिए 12, विशिष्ट सेवा पदक के लिए 4 और सराहनीय सेवा पदक के लिए 14 अधिकारी, कर्मचारियों को चयनित किया गया है। इसके अलावा होमगार्ड कैटेगरी में भी दो सैनिकों अवार्ड के लिए चुने गए हैं। एडीजी रॉय, साईं मनोहर, चौधरी और अबसार को विशिष्ठ सेवा के लिए मिलेगा राष्ट्रपति का पुलिस पदक  अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अग्निशमन सेवा) आशुतोष रॉय, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक/ओएसडी मप्र भवन नई दिल्ली ए.साईं मनोहर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त भोपाल योगेश चौधरी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ईओडब्ल्यू भोपाल मोहम्मद शाहिद अबसार, पुलिस महानिरीक्षक कानून और व्यवस्था इंदौर (सेवानिवृत्त) मनीष कपूरिया, उप सेनानी 7वीं वाहिनी विसबल, भोपाल (सेवानिवृत्त) भारत भूषण राय, मानसेवी उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा जबलपुर शारदा प्रसाद चौधरी तथा कायज़्वाहक निरीक्षक पीटीसी इंदौर अशोक कुमार रघुवंशी को प्रदान किया गया। भोपाल, चंबल व इंटेलीजेंस आईजी को सराहनीय सेवा के लिए मिलेगा पदक पुलिस महानिरीक्षक देहात जोन भोपाल रेंज भोपाल अभय सिंह, पुलिस महानिरीक्षक चंबल जोन, मुरैना सुशांत कुमार सक्सेना, पुलिस महानिरीक्षक (गुप्तवार्ता) डॉ. आशीष, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त क्राइम/मुख्यालय इंदौर मनोज कुमार श्रीवास्तव, उप पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन) पु.मु. भोपाल सत्येन्द्र कुमार शुक्ला, उप पुलिस महानिरीक्षक नर्मदापुरम प्रशांत खरे, उप पुलिस महानिरीक्षक खरगौन रेंज अतुल सिंह, पुलिस उपायुक्त,जोन-3 इंदौर पंकज कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक पीटीएस रीवा सुरेन्द्र कुमार जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेल इंदौर मनीषा पाठक सोनी, पुलिस अधीक्षक पीटीएस तिघरा ग्वालियर सुमन गुर्जर, सहायक पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण पु.मु. भोपाल मलय जैन, पुलिस अधीक्षक पीटीएस सागर दिनेश कुमार कौशल, पुलिस अधीक्षक एटीएस मुख्यालय भोपाल प्रणय कुमार नागवंशी, पुलिस अधीक्षक लोकायुक्ल ग्वालियर रामेश्वर सिंह यादव, स्टॉफ आफीसर टू डीजीपी पुमु भोपाल संदेश कुमार जैन, सहायक सेनानी आरएपीटीसी इंदौर वेदान्त शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू उज्जैन अजय कैथवास, उप पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन सुनील कुमार तालान, कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक म.प्र. पुलिस अकादमी भौंरी भोपाल तिलकराज प्रधान, का.वा. निरीक्षक प्रेस पु.मु. भोपाल  सैयद अशफाक अली, निरीक्षक (एम) विशेष शाखा पु.मु. भोपाल सुनील कुमार राय, का.वा. सूबेदार (अ) कायाज़्लय उमनि ग्रामीण भोपाल डी.पी. सक्सेना, उप निरीक्षक (रेडियो) पी.आर.टी.एस. इंदौर भंवरलाल जायसवाल, सूबेदार (अ) 23 वीं वाहिनी विसबल भोपाल रेवाधर पंत, कायज़्वाहक सूबेदार (अ) शाजापुर विष्णु प्रसाद व्यास, सूबेदार (एम) ई.ओ.डब्ल्यू भोपाल राम कुमार मोरन्दानी, कार्यवाहक सउनि डीपीओ बालाघाट नन्दकिशोर कोसरकर,का.वा. सहायक उप निरीक्षक छिंदवाड़ा केशव राव इंगले, का.वा. सउनि (चालक) एम.टी.पुल भोपाल सी.डी.डैनियल,प्रधान आरक्षक पुलिस लाईन ग्वालियर अशोक सिंह भदौरिया, प्रधान आरक्षक 32 वीं वाहिनी विसबल उज्जैन राम रतन नन्देड़ा, प्रधान आरक्षक 293 आरएपीटीसी इंदौर अमरनाथ यादव, प्रधान आरक्षक 580 सातवीं वाहिनी विसबल भोपाल रामचंन्द्र सिंह, का.वा. प्रधान आरक्षक आरएपीटीसी इंदौर मोहनलाल सिंह तिवारी तथा का.वा. प्रधान आरक्षक 10 वीं वाहिनी विसबल सागर रमेश जोशी को प्रदान किया गया। भोपाल केंद्रीय जेल के अधीक्षक भी मिलेगा पदक जेल अधीक्षक केन्द्रीय जेल भोपाल राकेश कुमार भांगरे, सहायक जेल अधीक्षक सब जेल डबरा महेश शर्मा, सहायक जेल अधीक्षक सब जेल लवकुश नगर अनिल कुमार पाठक, शिक्षक केन्द्रीय जेल सागर गीता रायकवार, शिक्षक जिला जेल देवास शोभाल सिंह ठाकुर, प्रमुख मुख्य प्रहरी केन्द्रीय जेल भोपाल सूरज सिंह रांणा, कार्यवाहक प्रमुख मुख्य प्रहरी सब जेल रहली करुणेन्द्र सिंह परिहार, मुख्य प्रहरी सब जेल करैरा चंद्रभान सिंह नामदेव तथा प्रहरी जिला जेल खरगौन जगदीश पाटीदार को प्रदान किया गया। एमपी के पदक विजेताओं में एडीजी चंचल शेखर, आईजी अरविंद सक्सेना और राजेश हिंगणकर, डीआईजी पंकज श्रीवास्तव, राजेश सिंह, विनीत कपूर के अलावा पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी समीर सौरभ, मोती उर रहमान और इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल शामिल हैं। इन्हें मिलेगा वीरता पदक मो. अयूब खान – सब इंस्पेक्टर आशीष शर्मा – सब इंस्पेक्टर हनुमत टेकाम – हेड कांस्टेबल समीर सौरभ – आईपीएस (पुलिस अधीक्षक) मोती उर रहमान – आईपीएस (कमांडेंट) आशीष शर्मा – इंस्पेक्टर मोहनलाल मरावी – सब इंस्पेक्टर राजेश धुर्वे – असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर नामदेव शर्मा – सब इंस्पेक्टर अरुण मिश्रा – असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर अतुल कुमार शुक्ला – असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर पुनीत गहलोत – असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर विशिष्ट सेवा पदक के लिए ये हुए चयनित चंचल शेखर – एडीजी अरविंद कुमार सक्सेना – आईजी राजेश हिंगणकर – आईजी रामाधर भारद्वाज – एसपी ये हैं सराहनीय सेवा पदक विजेता संजय कुमार दुबे – डीएसपी पंकज श्रीवास्तव – डीआईजी राजेश सिंह – डीआईजी विनीत कपूर – डीआईजी अंजना तिवारी – डिप्टी कमांडेंट योगेश्वर शर्मा – एसपी महावीर सिंह मुजाल्दे – एएसपी इरमीन शाह – एएसपी सुरेश कुमार बजंघाटे – इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह कुशवाह- डीएसपी रवि कुमार द्विवेदी – डीएसपी प्रवीण नारायण बघेल – डीएसपी सुरेंद्र सिंह सिकरवार – डीएसपी शैलेंद्र सिंह राजपूत – सब इंस्पेक्टर होमगार्ड एंड सिविल डिफेंस मोहनलाल शर्मा – सैनिक (वालेंटियर) श्याम सिंह राजपूत – सैनिक (वालेंटियर) recent visitors 61

हमारा देश तकनीकी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने मण्डीदीप में भविष्य की संभावनाओं तथा निवेश के अवसर कार्यक्रम का शुभारंभ किया  हमारा देश तकनीकी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रायसेन जिले के मंडीदीप स्थित नेटलिंक परिसर में ’भविष्य की संभावनाओं तथा निवेश के अवसर’ विषय पर कार्यक्रम का शुभारंभ कर नेटलिंक के सॉफ्टवेयर लूमिनोर 2.O को लांच किया। साथ ही नेट लिंक की जर्नी पर आधारित पत्रिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश तकनीकी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में हमारे देश के युवाओं ने दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का है। राज्य सरकार सूचना प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने के लिए सदैव सहयोग करती रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लूमिनोर की टीम के लिए बनाए गए ऑफिस का भी लोकार्पण किया। आज हमारा देश पाँचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है तथा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। नेटलिंक द्वारा बनाया लूमिनोर 2.0 एआई बेस्ड एक सॉफ्टवेयर है इसकी सहायता से कोई भी एप कुछ ही मिनटों में बना सकता है। इसमें सूचना और तकनीकी का अद्भुत समन्वय है। पहले जो काम कई दिनों और घण्टों में होते थे, अब वह मिनटों में हो जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नेटलिंक ने सॉफ्टवेयर फील्ड में अपना महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। नेटलिंक ने 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार दिया है। कार्यक्रम में विधायक द्वय सुरेन्द्र पटवा, डॉ. प्रभुराम चौधरी और ऑल इंडस्ट्रीज ऑफ मण्डीदीप एसोसिएशन राजीव अग्रवाल तथा नेटलिंक कम्पनी के सीईओ अनुराग श्रीवास्तव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा नेटलिंक के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।   recent visitors 77

लाल किले पर मोदी फहरायेंगे तिरंगा, छह हजार विशेष मेहमान आमंत्रित

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार को राजधानी के ऐतिहासिक लाल किले से 78 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में देश का नेतृत्व करेंगे। वह राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और प्रतिष्ठित स्मारक की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे। इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस की विषय वस्तु ‘विकसित भारत@2047’ है। यह 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को नए सिरे से बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा। राष्ट्रीय महत्व के इस उत्सव में जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से इस वर्ष लाल किले पर समारोह देखने के लिए लगभग 6,000 विशेष मेहमानों को आमंत्रित किया गया है। युवाओं, आदिवासी समुदाय, किसानों, महिलाओं और अन्य विशिष्ट अतिथियों के रूप में वगीर्कृत जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के इन लोगों ने सरकारी योजनाओं की मदद से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने लाल किले पर पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगे। रक्षा सचिव दिल्ली क्षेत्र के जनरल आॅफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार का परिचय प्रधानमंत्री से कराएंगे। इसके बाद जीओसी, दिल्ली क्षेत्र मोदी को सलामी मंच तक ले जाएंगे जहां एक संयुक्त इंटर-सर्विसेज और दिल्ली पुलिस गार्ड प्रधानमंत्री को सामान्य सलामी देंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री गार्ड आॅफ आॅनर का निरीक्षण करेंगे। प्रधानमंत्री के गार्ड आॅफ आॅनर दल में सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस से एक-एक अधिकारी और 24 कर्मी शामिल होंगे। नौसेना इस वर्ष के समारोह में समन्वय की जिम्मेदारी संभाल रही है। गार्ड आॅफ आॅनर की कमान कमांडर अरुण कुमार मेहता संभालेंगे। प्रधानमंत्री के गार्ड में सेना की टुकड़ी की कमान मेजर अर्जुन सिंह, नौसेना की टुकड़ी की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर गुलिया भावेश एनके और वायु सेना की टुकड़ी की कमान स्क्वाड्रन लीडर अक्षरा उनियाल के हाथों में होगी। दिल्ली पुलिस की टुकड़ी की कमान एडिशनल डीसीपी अनुराग द्विवेदी संभालेंगे. गार्ड आॅफ आॅनर का निरीक्षण करने के बाद प्रधान मंत्री लाल किले की प्राचीर की ओर बढ़ेंगे जहां रक्षा मंत्री, रक्षा राज्य मंत्री और रक्षा सचिव, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी उनका स्वागत करेंगे। दिल्ली क्षेत्र के जीओसी प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्राचीर पर बने मंच तक ले जाएंगे। लेफ्टिनेंट संजीत सैनी राष्ट्रीय ध्वज फहराने में प्रधानमंत्री की सहायता करेंगे। इसे 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) के बहादुर बंदूकधारियों द्वारा 21 तोपों की सलामी के साथ समन्वित किया जाएगा। स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन का उपयोग करने वाली औपचारिक बैटरी की कमान मेजर सबनीस कौशिक के हाथ में होगी और गन पोजिशन आॅफिसर नायब सूबेदार (एआईजी) अनुतोष सरकार होंगे। राष्ट्रीय ध्वज गार्ड में सेना, नौसेना और वायु सेना के एक-एक अधिकारी, 32 अन्य रैंक के अधिकारी और दिल्ली पुलिस के 128 कर्मी शामिल हैं। यह गार्ड प्रधान मंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के समय राष्ट्रीय सलामी पेश करेंगे। इस इंटर-सर्विसेज गार्ड और पुलिस गार्ड की कमान कमांडर विनय दुबे संभालेंगे। राष्ट्रीय ध्वज गार्ड में सेना की टुकड़ी की कमान मेजर दिनेश नगांगोम, नौसेना की टुकड़ी की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर सचिन धनखड़ और वायु सेना की टुकड़ी की कमान स्क्वाड्रन लीडर सीएस श्रवण देवैया के हाथों में होगी। दिल्ली पुलिस की टुकड़ी की कमान एडिशनल डीसीपी अचिन गर्ग संभालेंगे। तिरंगे को फहराए जाने के बाद ह्यराष्ट्रीय सलामीह्ण दी जाएगी। पंजाब रेजिमेंट मिलिट्री बैंड, जिसमें एक जेसीओ और 25 अन्य रैंक शामिल होंगे, राष्ट्रीय ध्वज फहराने और ‘राष्ट्रीय सलामी’ के दौरान राष्ट्रगान बजाएंगे। बैंड का संचालन सूबेदार मेजर राजिंदर सिंह करेंगे। जैसे ही प्रधान मंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा, लाइन एस्टर्न फॉर्मेशन में भारतीय वायु सेना के दो उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर ध्रुव द्वारा कार्यक्रम स्थल पर फूलों की पंखुड़ियों की वर्षा की जाएगी। हेलीकॉप्टरों के कप्तान विंग कमांडर अंबर अग्रवाल और विंग कमांडर राहुल नैनवाल होंगे। पुष्पवर्षा के बाद प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करेंगे। उनके भाषण के समापन पर राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट राष्ट्रगान गाएंगे। देश भर के विभिन्न स्कूलों से कुल 2,000 लड़के और लड़की कैडेट (सेना, नौसेना और वायु सेना) समारोह में भाग लेंगे। इन कैडेटों को प्राचीर के सामने ज्ञानपथ पर बैठाया जाएगा। वे अनुकूलित तिरंगे किटों के साथ ह्यमेरा भारतह्ण लोगो बनाएंगे। कुल 500 राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) स्वयंसेवक भी भाग लेंगे। समारोह में विशेष रूप से आमंत्रित लोगों में अटल नवाचार मिशन और राइजिंग इंडिया के लिए प्रधान मंत्री स्कूल (पीएम एसएचआरआई) योजना से लाभान्वित छात्र, ह्यमेरी माटी मेरा देशह्ण के तहत मेरा युवा भारत (एमवाई भारत) और राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। अतिथियों में जनजातीय कारीगर, वन धन विकास सदस्य और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा वित्त पोषित जनजातीय उद्यमी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लाभार्थी और किसान उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा), सहायक नर्स मिडवाइफ (एएनएम), आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, निर्वाचित महिला प्रतिनिधि, संकल्प के लाभार्थी, महिला सशक्तिकरण केंद्र, लखपति दीदी, ड्रोन दीदी पहल, सखी केंद्र योजना, बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण इकाइयों के कार्यकर्ता भी समारोह के गवाह बनेंगे। हाल ही में संपन्न पेरिस ओलंपिक में भाग लेने वाले भारतीय दल को भी समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के प्रत्येक ब्लॉक से एक अतिथि, सीमा सड़क संगठन के कार्यकर्ता, प्रेरणा स्कूल कार्यक्रम के छात्र, और ग्राम पंचायतों के सरपंच भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके अलावा पारंपरिक पोशाक पहने विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 2,000 लोगों को भी इस भव्य समारोह को देखने के लिए आमंत्रित किया गया है। माई गोव और आकाशवाणी के सहयोग से रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित विभिन्न आॅनलाइन प्रतियोगिताओं के तीन हजार विजेता भी समारोह का हिस्सा होंगे।     recent visitors 112

दो लाख का इनामी भी शामिल, छत्तीसगढ़-सुकमा में छह नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

सुकमा. स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले सुकमा जिले में सक्रिय कुल छह नक्सलियों के द्वारा आत्मसमर्पण किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन की 'छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’ एवं ‘नियद नेल्ला नार’ योजना से प्रभावित होकर तथा अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार नवीन सुरक्षा कैंप स्थापित कर पुलिस के बढ़ते प्रभाव से आत्मसमर्पण किया गया। आत्मसमर्पण करने वाले एक नक्सली पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दो लाख रुपये का इनाम घोषित है। नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रोत्साहित कराने में नक्सल सेल आसूचना शाखा एवं 74 वाहिनी सीआरपीएफ के आसूचना शाखा का विशेष प्रयास रहा है। मामले की पुष्टि करते हुए सुकमा एसपी किरण चौहान ने बताया कि नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाली हिंसा से तंग आकर नक्सली संगठन में सक्रिय कुल छह नक्सलियों ने सरेंडर किया है। जिसमें पहले नक्सली की पहचान दो लाख के इनामी राकेश उर्फ पदाम भीमा पिता स्व. हड़मा निवासी चिमलीपेंटा भण्डारपारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा के रूप में हुई है। इसके अलावा गांधी देवा उर्फ माड़वी देवा पिता गंगा (तुमालपाड आरपीसी मिलिशिया सदस्य) निवासी तुमालपाड सरपंचपारा थाना चिंतागुफा जिला सुकमा, वेट्टी जोगा पिता स्व. मुत्ता (सुरपनगुडा आरपीसी चिमलीपेंटा डीएकेएमएस सदस्य) निवासी चिंमलीपेंटा पटेलपारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा, सोड़ी देवा पिता स्व. भीमा (सुरपनगुडा आरपीसी ग्राम चिमलीपेंटा डीएकेएमएस उपाध्यक्ष) निवासी चिंमलीपेंटा भण्डारपारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा और बारसे रमेश पिता बारसे आदि (सुरपनगुडा आरपीसी ग्राम चिमलीपेंटा सीएएनएम सदस्य) निवासी चिंमलीपेंटा पटेलपारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा एवं इरफा गनपत पिता स्व. लक्ष्मैया (सुरपनगुडा आरपीसी अन्तर्गत ग्राम चिमलीपेंटा अध्यक्ष) निवासी चिंमलीपेंटा पटेलपारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा के रूप में पहचान हुई है। नक्सलियों ने बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया है। कई घटनाओं में रह चुके शामिल उपरोक्त सभी सदस्य प्रतिबंधित नक्सली संगठनों में जुड़कर विभिन्न नक्सली गतिविधियों जैसे पुलिस गश्त पार्टी की रेकी कर हमला करना, पुलिस पार्टी के आने-जाने वाले मार्गों पर स्पाइक/बम लगाना, मुख्य मार्गों को खोदकर मार्ग अवरूद्ध करना, शासन-प्रशासन के खिलाफ बैनर प्रसारित करना, नक्सली पर्चा-पम्पलेट लगाने समेत आदि घटनाओं में शामिल रहे है। आत्मसमर्पण करने वाले उक्त सभी नक्सलियों को ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’ के तहत सहायता राशि व अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। recent visitors 91

नई व्यवस्था :अब से हर महीने की 1 से 30 तारीख तक ही मिलेगा राशन

भोपाल  मध्य प्रदेश सहित देशभर में राज्य एवं केंद्र सरकारें अलग-अलग योजनाओं के चलते, गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सरकारी राशन दुकानों से मात्र 1 रुपये किलो में अनाज मुहैया कराती हैं। वहीं इसको लेकर भारत सरकार ने एनएफएसए 2013 अंतर्गत, सरकारी राशन मिलने की इस पात्रता सूची में पात्र पाए गए परिवारों को, हर माह बांटे गए राशन के आंकड़ों के मिलान के लिए मैपर्स रिपोर्ट की एक नई रूपरेखा बनाई है। जिसके अनुसार अब से हर माह की 01 तारीख से लेकर उस माह की 30 तारीख तक ही सरकारी राशन दुकानों से राशन दिया जाएगा, जिसके बाद आने वाले माह में पिछले माह का राशन लेने जाने वालों को पिछला राशन नही मिल पायेगा। बता दें कि, सरकार द्वारा निर्धारित मैपर्स रिपोर्ट की नई रूपरेखा के अनुसार ही राशन उचित मूल्य दुकानों तक भेजा एवं वहां से पात्र परिवारों को बांटा जाता है। इसको लेकर जुलाई 2024 माह का राशन न ले पाने वाले परिवारों को, अब केवल 15 अगस्त 2024 तक ही उनके पिछले माह का राशन दिया जाएगा। वहीं इसके बाद अगस्त 2024 माह का राशन भी 16 अगस्त 2024 तक दुकानों पर भेज दिया जाएगा, जहां से 31 अगस्त 2024 तक उसे पात्र परिवारों को दिया जा सकेगा। यही नहीं, इसके बाद अगले माह सितंबर सहित आने वाले सभी महीनों में राशन दुकानों पर अनाज हर माह की 01 तारीख तक भिजवा दिया जाएगा। जिसके बाद उन सभी राशन दुकानों से उस अनाज का वितरण हर माह की 01 तारीख से शुरू होकर, उसी माह की 30 तारीख तक ही किया जाएगा। वहीं इसको लेकर खंडवा के जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी तिवारी ने बताया कि जिले के एनएफएसए, 2013 अंतर्गत सम्मिलित सभी पात्र परिवारों को सूचित किया गया है कि माह अगस्त 2024 की राशन सामग्री 31 तारीख तक ही उन्हें मिल सकेगी। जिसके बाद आगामी माह में अगस्त माह का खाद्यान्न का वितरण नहीं हो सकेगा, तथा अब से हर माह जिस माह की राशन सामग्री है, उसी माह उसे प्राप्त करना सुनिश्चित करें। recent visitors 70