​​​​​मुरैना जिले में भारी बारिश से टूटा तालाब, आस पास के गावों में जा घुसा पानी, घर भी डूबे

 ​​​​​मुरैना दो साल पहले धार जिले के कारम बांध की तरह मुरैना में भी तालाब फूटने से सैलाब आ गया। मुरैना की सबलगढ़ तहसील से तीन किमी दूर स्थित टोंगा पंचायत का पुराना तालाब मंगलवार की सुबह फूट गया। जिससे तेज गति से पानी गांवों की ओर बढ़ने लगा। हालांकि सोमवार की शाम को ही तालाब में हल्की दरार की सूचना के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया था। प्रशासन की सतर्कता से बड़ा खतरा टाला जा सका। अधिकारियों ने आधा दर्जन गांव खाली कराने के साथ ही नहर तोडवा कर पानी का बहाव आसन नदी की ओर करा दिया था। इससे गांवों को कुछ ही देर में राहत मिल गई। आज भी नही मिलेगी राहत जानकारी के मुताबिक मुरैना में भारी बारिश के कारण टोंगा तालाब की एक तरफ की पार टूट गई, जिसके कारण पानी तेज बहाव के साथ खेतों में जा घुसा। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। आज यानी मंगलवार को भी मौसम विभाग ने मुरैना सहित आठ जिलों में भारी बारिश के कारण ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यानी अभी भी मुरैना के किसानों की आफत कम नहीं हुई है। इन गावों में पानी ही पानी जानकारी के मुताबिक विशेष रूप से 4 गांव जिसमें कुतघान का पुरा, कौरी का पुरा, पंचमुखी हनुमान मंदिर का एरिया और पासौन गांव में ज्यादा तदाद में पानी भर गया। सबलगढ़ विधायक सरला रावत, एसडीएम वीरेंद्र कटारे, सबलगढ़ थाना प्रभारी सोहनपाल तोमर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच चुके हैं। खबर लिखने तक कोई जनहानि की सूचना नहीं है।  टोंगा तालाब फूटने की सूचना शाम को मिल गई थी। रात से ही यहां अधिकारी-कर्मचारी लगे हुए थे, जिससे तालाब फूटने के बावजूद कोई अप्रिय घटना या नुकसान नहीं हुआ।- अंकित अस्थाना, कलेक्टर। टोंगा पंचायत में 140 साल पुराने तालाब की क्षमता 1.93 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) है, जो 80 प्रतिशत भर गया था। इससे वहां के 20 गांवों की सिंचाई की जाती है। सोमवार की शाम को तालाब में दो फीट की दरार आ गई, जिसके बाद आस पास के आधा दर्जन गांवों को रात में खाली करा दिया गया था। मंगलवार सुबह छह बजे तालाब की दरार 15 फीट चौड़ी हो गई। जिससे तेजी से तालाब का पानी गांवों में घुसने लगा। मौके पर पहुंचे कलेक्टर अंकित अस्थाना, एसडीएम वीरेंद्र कटारे व जल संसाधन विभाग के अधिकारी डटे रहे। सोमवार शाम 4 बजे दरार दिखी, रात 8 बजे पानी गांव में घुस आया टोंगा गांव के लोगों का कहना है कि सोमवार शाम 4 बजे एक युवक बांध की ओर गया तो 15 इंच की दरार दिखी। तुरंत सिंचाई विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई। कलेक्टर अंकित अस्थाना, सिंचाई विभाग से इंजीनियर और पुलिस अधिकारियों को लेकर मौके पर पहुंचे। दरार देखी लेकिन इसे ठीक करने के प्रयास शुरू नहीं किए गए। कैचमेंट एरिया में पड़ने वाले 20 गांवों में अलर्ट जरूर कर दिया कि डैम से रिसाव हो रहा है। पानी का बहाव तेज हो सकता है। इस लापरवाही से यह हुआ कि रात 8 बजे पानी गांव में घुस आया। जब तक पूरा पानी नहीं निकलता, दरार की मरम्मत नहीं हो सकती मंगलवार को जब भास्कर की टीम पहुंची तो बांध की दरार फूटकर 20 फीट की हो चुकी थी। पानी का बहाव इतना तेज था कि हमारे सामने ही एक मोटी दीवार ढहकर बह गई। पूरे गांव में पानी भरा था और लोग घरों से बाहर डरे-सहमे बैठे थे। उनका कहना था कि जब तक पूरा पानी नहीं निकल जाता, दरार की मरम्मत नहीं हो सकती। लेकिन ऐसा होने पर गांव में पानी का संकट आ जाएगा। सबसे ज्यादा टोंगा, देवपुर गांव के हालात खराब; लोग सड़कों पर टोंगा रिजर्व डैम की दीवार में दरार और उसके फूट जाने के बाद सबलगढ़ के 20 गांवों में हालात खराब हो गए हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति टोंगा, देवपुर, कुतघान का पुरा, कोरी का पुरा, पासौन, रानी का पुरा गांव में है। यहां खेतों-घरों में पानी भर गया है। पोल टूटने से बिजली भी गुल है। रानी का पुरा की सायरा बानो उर्फ मुमताज, पति और दो बच्चों के साथ सबलगढ़ की 6 नंबर पुलिया के पास सड़क पर रह रही हैं।   recent visitors 137

छत्तीसगढ़-गौरेला पेण्ड्रा मरवाही में 386वें जयंती समारोह में शामिल हुए CM साय और केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौड़ को नमन

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही. गौरेला पेण्ड्रा मरवाही में राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौड़ की 386वीं जयंती समारोह में आज प्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री के साथ जिले के प्रभारी मंत्री ने शिरकत किया। गौरेला के गुरुकुल मैदान में विशाल आमसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी को दुर्गादास राठौर की जयंती की बधाई दी। प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर जी की 386वीं जयंती समारोह का आयोजन राठौर समाज के लोगो के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय,बिलासपुर सांसद व केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के साथ जिले के प्रभारी मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल शामिल हुए। गुरुकुल खेल परिसर के मैदान में कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें बड़े ही धूमधाम से कार्यक्रम किया गया मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवा ध्वजारोहण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम में श्याम बिहारी ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई दी और साथ मे एक पेड़ मां के नाम लगाने की भी अपील की वही विष्णुदेव साय ने मंच से ही प्रधानमंत्री के आह्वान पर घर घर तिरंगा अभियान में हर घर मे तिरंगा फैराया जाए। माता के नाम से कम से कम एक पेड़ लगाने की अपील की। वहीं मंच से सीएम ने  पेंड्रा गौरेला नगर पालिका की घोषणा की साथ ही कहा कि क्षत्रिय समाज का बहुत समृद्धशाली इतिहास रहा है हमारे क्षत्रिय कभी दुश्मन के सामने नहीं झुके। सीएम ने आगे कहा कि महाराणा प्रताप ने घास की रोटी खाई पर कभी झुके नहीं। केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू ने देश की एकता और अखंडता के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। देश और समाज को आगे बढ़ाने में राठौर समाज द्वारा संगठित होकर कार्य करने की सराहना की। जिले के प्रभारी मंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर जी की वीरता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह आयोजन राठौर समाज का ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण समाज का आयोजन है। विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची, राठौर समाज के जिला अध्यक्ष कैलाश राठौर और समारोह के आयोजक बृजलाल सिंह राठौर ने भी राष्ट्रवीर दुर्गादास जी की जीवनी और उनकी वीरता पर प्रकाश डाला। राठौर समाज द्वारा मुख्यमंत्री सहित सभी अतिथियों को प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया। समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष बिलासपुर अरुण सिंह चौहान, कन्हैया सिंह राठौर, किसान मोर्चा के अध्यक्ष राकेश तिवारी, संत परमानंद गिरी, उपेंद्र बहादुर सिंह, सुनीता राठौर, सविता राठौर, नीरज जैन, राठौर समाज के पदाधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 88

कोलार में 30Km लंबी तिरंगा यात्रा शुरू,CM डॉ. मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी, बैरागढ़ तक जाएगी यात्रा

भोपल सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज भोपाल के कोलार रोड से बैरागढ़ तक तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाई। इसी क साथ वे इस यात्रा में शामिल भी हुए। राजधानी में लगभग 30 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा के कारण शहर की यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। सीएम ने की अपील इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा हम सबकी शान, मान और अभिमान है। उन्होंने इस मौक़े पर अपील की कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर सभी प्रदेशवासी 9 से 15 अगस्त तक अपने घर की छत पर तिरंगा फहराकर हर घर तिरंगा अभियान का हिस्सा बनें। यह अभियान उन असंख्य अमर शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है, जिन्होंने मां भारती के सम्मान व स्वाभिमान के लिए सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।’ इसी के साथ उन्होंने कहा कि तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी http://harghartiranga.com  पर जरूर अपलोड करें। हर घर तिरंगा अभियान सीएम मोहन यादव मे कहा कि हम संकल्प लें और इसे साकार भी करें कि मध्यप्रदेश के हर घर पर ​तिरंगा लहराएगा और उन विभूतियों को श्रद्धापूर्वक नमन करेंगे, जिन्होंने हमारे प्रदेश को अपने तप और त्याग से समृद्ध बनाया। बता दें कि भारत की स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर, भारत सरकार ने एक विशेष अभियान की शुरुआत की थी, जिसका नाम “हर घर तिरंगा” है। इसके तहत प्रत्येक नागरिक से अपने घर पर तिरंगा फहराने की अपील की गई। अभियान का उद्देश्य देश के हर नागरिक को राष्ट्रीय ध्वज के प्रति गर्व और सम्मान की भावना से जोड़ना है और अब ये अभियान हर साल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मनाया जाता है। ट्रैफिक रूट डायवर्ट किया तिरंगा यात्रा के चलते ट्रैफिक रूट डायवर्ट किया गया है। यह यात्रा मदर टेरेसा स्कूल से शुरू होकर सेमरी जोड़, गेहूंखेड़ा, बीमाकुंज, मंदाकिनी चौराहा, सर्व-धर्म ब्रिज, चूना भट्‌टी चौराहा, कोलार रेस्ट हाउस, मैनिट चौराहा, माता मंदिर, अटल पथ, रोशनपुरा चौराहा, पॉलीटेक्निक चौराहा, कमला पार्क, वीआईपी रोड, खानूगांव चौराहा, लालघाटी चौराहा, हलालपुर बस स्टैंड, चंचल चौराहा, कालिका चौराहा होते हुए बैरागढ़ से आगे भैंसाखेड़ी कृषि उपज मंडी पहुंचेंगी। पूरे मार्ग को तिरंगे, पोस्टर-बैनरों से सजाया कोलार से संत नगर तक लगभग 30 किलोमीटर मार्ग पर 500 से अधिक स्वागत मंचों के माध्यम से नागरिक तिरंगा यात्रा का स्वागत करेंगे। कोलार से संत नगर तक होर्डिंग बैनर पोस्टरों, तिरंगों से पूरा तिरंगा यात्रा मार्ग को सजाया गया है। बैरागढ़ में वीआईपी मार्ग बनाया है भोपाल के बैरागढ़ में वीआईपी मार्ग बनाया है, क्योंकि यही से तिरंगा यात्रा निकालने वाली है. ऐसे में सीहोर की तरफ से लालघाटी, बैरागढ़ की तरफ जाने वाला रास्ता बंद रहेगा. इसके लिए खुजरी बायपास और मुबारकपुर से होते हुए आप लालघाटी की तरफ जा सकते हैं. क्योंकि तिरंगा यात्रा की वजह से 15 अगस्त के दिन यह मार्ग परिवर्तित किया गया है. हालांकि शाम तक ट्रैफिक व्यवस्था में फिर बदलाव हो सकता है. बता दें कि भोपाल में 15 अगस्त के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी चाक चौबंद कर दी गई है. शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है, शहर के सभी मुख्य स्थानों पर तिरंगा यात्रा भी निकाली जानी है, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था अगले दो दिन शहर में कड़ी रहेगी.  recent visitors 95

Gaza पर IDF का सबसे बड़ा हमला, 100 लड़ाके हुए मौत का शिकार

 गाजा मिडिल-ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं. ईरान और इजरायल के बीच कभी भी जंग हो सकती है. इसके बावजूद इजरायल गाजा में लगातार हमले कर रहा है. ताजा घटनाक्रम में इजरायल डिफेंस फोर्सेस ने गाजा के रफाह में हमास के 100 से अधिक लड़ाकों को मार गिराने का दावा किया है. आईडीएफ ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें दो हथियारबंद आतंकी पर हवाई हमला करते हुए देखा जा सकता है. आईडीएफ के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि गिवती ब्रिगेड के सैनिकों ने 162वें डिवीजन की कमान के तहत रफाह के शबूरा क्षेत्र में खोजी अभियान चलाया. इस दौरान एक सशस्त्र आतंकवादी सेल का पता चला. इस पर हमला करके इजरायली सेना ने कई आतंकियों को मार गिराया. कई हथियार और आतंकी बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया गया. सैनिकों ने छिपने के ठिकानों का भी पता लगाया और नष्ट कर दिया. इजरायली हमलों को देखते हुए गाजा से फिर से लोगो का पलायन जारी है. संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में दक्षिण पश्चिम गाजा में 75 हजार से ज़्यादा लोग विस्थापित हुए हैं. पिछले हफ्ते ही इजरायली सेना ने इन इलाकों को खाली करने का आदेश दिया था. पिछले साल 7 अक्टूबर के बाद से गाजा में इजरायली हमले लगातार जारी हैं. यहां अब तक करीब 40 हज़ार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. इस बीच अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान या उसके प्रतिनिधि इस हफ्ते इजरायल पर सीधा हमला बोल सकते हैं. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि ईरानी हमले को रोकने के लिए अमेरिका तैयारी कर रहा है. इसके लिए मिडिल-ईस्ट में एक गाइडेड मिसाइल पनडुब्बी भेजी गई है. अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन को भी भेज रहा हैं. यूएसएस अब्राहम लिंकन लड़ाकू विमान एफ-35 से लैस है. दरअसल हमास और हिजबुल्लाह के कुछ बड़े नेताओं के मारे जाने के बाद इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है. ईरान ने अपने यहां मारे गए हमास नेता इस्माइल हनिया का बदला लेने का एलान किया है. कहा जा रहा है कि ईरान और लेबनान के हिज़बुल्लाह इजरायल के सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकते हैं. ऐसे इजरायल का जवाबी कार्रवाई तय है. ऐस में इस जंग की चपेट में पूरा मिडिल ईस्ट आ जाएगा.     recent visitors 67

CM यादव ने कहा कि 21वीं सदी बौद्धिक युग की अग्रणी सदी है, आईटी सेक्टर में प्रदेश को मिली बड़ी उपलब्धि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 21वीं सदी बौद्धिक युग की अग्रणी सदी है। कॉग्निजेंट कंपनी के आगमन से मध्यप्रदेश के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा 18 एवं 19 वीं सदी खाद्य और कपास से आर्थिक विकास से जुडी थी। 20 वीं सदी पेट्रोकेमिकल से आर्थिक विकास का युग रहा। आज चहुँओर बौद्धिकता का बोलबाला है। दुनिया, भारत के ज्ञान का लोहा मानती है। उन्होंने कहा कि आईटी कम्पनियों को बेहतर वातावरण और सुविधाएं प्रदान करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार सदैव तत्पर है। ये हमारे लिए बेहद खुशी की बात है कि कॉग्निजेंट ने अपने नए केंद्र के शुभारंभ के लिए इंदौर को चुना है। यह एक बड़ी उपलब्धि है, जिससे जाहिर होता है कि इंदौर अपने बढ़ते इन्फ्रास्ट्रक्चर और कुशल एवं प्रतिभाशाली लोगों की मौजूदगी की वजह से दुनिया भर की टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए बड़ी तेजी से पसंदीदा स्थान के रूप में उभर रहा है। आईटी सेक्टर में आज इंदौर के साथ ही प्रदेश को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली। लगभग 500 की संख्या में आईटी प्रोफेशनल्स को यहां रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आईटी कम्पनी कॉग्निजेंट के इन्दौर सेन्टर के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम लगातार नई तकनीकी कंपनियों एवं उद्योगों को स्थापित करने में अपना सहयोग देने, व्यवसायों के लिए नए-नए अवसर पैदा करने के इरादे पर अटल हैं। हम एक ऐसा माहौल बनाना चाहते है जिससे इनोवेशन एवं टेक्नोलॉजी का लगातार विकास हो, जो हमारे राज्य को देश के अगले डिजिटल केंद्र के रूप में आगे बढ़ाते हुए हमारे युवाओं के लिए अवसर पैदा करें। कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, गौरव रणदीवे, चिंटू वर्मा, प्रमुख सचिव संजय दुबे, संभागायुक्त दीपक सिंह, पुलिस कमिश्नर राकेश गुप्ता, कलेक्टर आशीष सिंह सहित गणमान्यजन, कॉग्निजेंट के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे। कॉग्निजेंट अमेरिका के ईवीपी एवं अध्यक्ष सूर्या गुम्मादी ने कंपनी के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इंदौर शहर के मध्य में ब्रिलियंट टाइटेनियम में स्थित कंपनी का यह नया सेंटर 46 हजार वर्ग-फीट में फैला हुआ है। सेक्टर में 500 लोगों की बैठने की क्षमता है, यहॉ कामकाज के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाया गया है। इसी वजह से यहाँ 1250 एसोसिएट्स काम कर सकते हैं। इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किए गए इस केंद्र में परस्पर सहयोग के लिए नेक्स्ट-जेनरेशन वर्क स्पेस मौजूद है, साथ ही यहाँ 110 सीटों वाला कैफ़ेटेरिया, वेलनेस के लिए विशेष स्थान तथा गर्भवती महिलाओं के लिए खास सुविधाओं वाली जगह भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा इन्दौर बेहद प्रतिभाशाली लोगों और उत्कृष्टता मिसाल कायम करने वाले शैक्षणिक संस्थानों की मौजूदगी के साथ बड़ी तेजी से टेक्नोलॉजी के केंद्र के तौर पर उभर रहा है। लोगों को सबसे ज्यादा अहमियत देने की कॉग्निजेंट सेंटर की अपनी संस्कृति को इस शहर में लाकर हमें बेहद खुशी हो रही है। इंदौर पूरे भारत में मौजूद हमारे मौजूदा डिलीवरी नेटवर्क से बड़े ही सहज तरीके से जुड़ जाएगा। उन्होंने बताया कि कंपनी दुनिया भर में मौजूद अपने ग्राहकों के लिए इनोवेटिव सॉल्यूशंस पर विशेष ध्यान देगा। स्थानीय प्रतिभाओं के लिए नए-नए अवसर पैदा करेगा। साथ ही हमारे कार्यालयों को हमारे एसोसिएट्स के निवास स्थान के करीब लाएगा। कॉग्निजेंट कंपनी अलग-अलग उद्योगों के 30 स्टेकहोल्डर्स को अपनी सेवाएँ प्रदान कर रही कॉग्निजेंट आधुनिक व्यवसायों के इंजीनियर हैं। अपने ग्राहकों को तेजी से बदलती दुनिया में आगे रहने के लिए टेक्नोलॉजी को आधुनिक बनाने, प्रक्रियाओं को नए सिरे से तैयार करने तथा अनुभवों को और अधिक बेहतर करने में मदद करती हैं। कंपनी दुनिया भर में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएँ एवं बीमा, संचार मीडिया, लाइफ साइंसेज, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, एनर्जी एवं यूटिलिटी, खुदरा एवं उपभोक्ता वस्तुएँ, तथा ट्रैवल एवं हॉस्पिटैलिटी जैसे अलग-अलग उद्योगों के 30 स्टेकहोल्डर्स को अपनी सेवाएँ प्रदान कर रही है। इस केंद्र में काम करने वाले एसोसिएट्स कई अलग-अलग तरह की एडवांस्ड टेक्नोलॉजी पर काम करने में सक्षम हैं, जिनमें एआई, एमएल, आईओटी, और डिजिटल इंजीनियरिंग शामिल हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में इनोवेशन को बढ़ावा देते हैं। कॉग्निजेंट में 3 लाख 36 हजार 300 कर्मचारी कार्यरत इसमें 70 प्रतिशत से ज़्यादा एसोसिएट्स भारत में दुनिया भर में कॉग्निजेंट के कर्मचारियों की संख्या 3 लाख 36 हजार 300 है, जिनमें से 70 प्रतिशत से ज़्यादा एसोसिएट्स भारत में हैं। कंपनी इंदौर के अलावा बेंगलुरु, भुवनेश्वर, चेन्नई, कोयंबटूर, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, कोच्चि, कोलकाता, मंगलुरु, मुंबई और पुणे में भी मौजूद है। कॉग्निजेंट दुनिया की सबसे बड़ी व्यवसायिक सेवा कंपनी में से एक है, जो अपनी सेवाओं के ज़रिये 20 अलग-अलग तरह के उद्योगों से जुड़े संगठनों को तेजी से बदलती दुनिया में आगे रहने के लिए टेक्नोलॉजी को आधुनिक बनाने, प्रक्रियाओं को नए सिरे से तैयार करने तथा अनुभवों में बदलाव लाने में मदद करती है। कंपनी का मुख्यालय अमेरिका में स्थित है, जो भारत से लेकर यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और मध्य-पूर्व तक बड़ी तेजी से अपने दायरे का विस्तार कर रही है। कॉग्निजेंट अपने लोगों को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रशिक्षण देने में निवेश करने के संकल्प पर कायम है, जो वर्तमान के साथ भविष्य की नौकरियों के लिए आवश्यक है।   recent visitors 102

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शोध, अनुसंधान और नवाचार को मिल रहा है प्रोत्साहन

ज्ञान ही 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था का है आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शोध, अनुसंधान और नवाचार को मिल रहा है प्रोत्साहन राज्य सरकार उच्च शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में निजी भागीदारी को भी कर रही है प्रोत्साहित वर्ष 2047 तक ऊर्जा क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाना हमारा उद्देश्य: केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान भोपाल का 11 वाँ दीक्षांत समारोह भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि संपूर्ण विश्व तेजी से ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में परिवर्तित हो रहा है। पेट्रोल, औद्योगिक क्रांति की धुरी रहा है, परंतु नॉलेज अर्थात ज्ञान ही 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था का आधार है। ऐतिहासिक रूप से भारतीय ज्ञान परंपरा बहुत समृद्ध रही है। इसी का परिणाम रहा कि आक्रांताओं ने हमेशा हमारे ज्ञान के केन्द्रों को निशाना बनाया और उन्हें नष्ट करने की कोशिश की। भारत अपनी ज्ञान परंपरा का अनुसरण करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व गुरु बनने के मार्ग पर अग्रसर है। विज्ञान शिक्षा के प्रसार के साथ-साथ शोध, अनुसंधान और नवाचार को भी देश में बहुत महत्व दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अकादमिक क्षेत्र में मध्य प्रदेश में आईआईटी, आईआईएम, आईसर, ट्रिपल आईटी, एनआईटी और आईआईएफएम जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान विद्यमान है। भोपाल में स्थापित हो रहा राष्ट्रीय फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी का परिसर राष्ट्रीय महत्व का है। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की भोपाल में उपस्थिति प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। राज्य सरकार उच्च शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में अपने स्तर पर प्रयास करने के साथ-साथ निजी भागीदारी को भी प्रोत्साहित कर रही है। प्रदेश में आरंभ हुए पीएम कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस निश्चित ही उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइसर) भोपाल के 11वें दीक्षांत समारोह के शुभारंभ अवसर पर यह विचार व्यक्त किए। युवा शिक्षा और प्रशिक्षण का अधिक से अधिक उपयोग देश और समाज हित में करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के पास टेलेंट, टेक्नालॉजी, प्रबंधन और नेतृत्व का अनूठा संगम है। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान जैसे केंद्रों के माध्यम से देश युवा शक्ति को श्रेष्ठतम शिक्षा उपलब्ध करा रहा है। इन संस्थानों से मिलने वाली डिग्री युवाओं की प्रतिभाओं का बड़ा सम्मान है। इससे समाज में उनकी विशेष पहचान स्थापित होती है। युवाओं का यह कर्तव्य है कि प्राप्त शिक्षा और प्रशिक्षण का अधिक से अधिक उपयोग देश और समाज के हित में हो। मध्यप्रदेश ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में देश के लक्ष्य के अनुरूप कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के युवाओं को इंडस्ट्री रेडी बनाने के लिए 6 ग्लोबल स्किल पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। आईआईटी गांधी नगर के साथ मिलकर विज्ञान के लोकव्यापीकरण के लिए नवीन कार्यक्रम आरंभ किया गया है। आईआईटी इंदौर के माध्यम से उज्जैन में भी सेटेलाइट टाऊन की स्थापना की गई है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है और यह विश्वास है कि हम विश्व के विकसित देश के रूप में अपना स्थान स्थापित करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की पहचान : केंद्रीय मंत्री केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह में पदक और उपाधियां प्राप्त करने के लिए बधाई और शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि भारत में जिज्ञासा, शोध और सीखने की संस्कृति और प्रवृति के परिणाम स्वरूप ही देश के विभिन्न राज्यों के विद्यार्थी इस प्रतिष्ठित संस्थान में अध्ययनरत हैं। संस्थान ने विज्ञान शिक्षा में देश ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित की है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि विद्यार्थियों के अध्ययन, शोध और अनुसंधान का अधिकतम लाभ देश के लोगों के कल्याण में हो। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमी-कंडक्टर और स्पेस सेक्टर को दिया जा रहा है प्रोत्साहन केंद्रीय मंत्री श्रीमती सीतारमण ने फॉसिल फ्यूल के उपयोग को घटाकर नवकरणीय ऊर्जा के उत्पादन और उसके भांडाण के लिए शोध को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि भारत सरकार इस दिशा में विशेष प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि विज्ञान को विभिन्न भागों में बांट कर देखने की बजाए समग्र मानव कल्याण की दृष्टि से देखना आवश्यक है। भारत को-2047 तक विकसित भारत के रूप में स्थापित करने के लिए नवाचार करने होंगे। हमारी सरकार शोध और अनुसंधान के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत सरकार ने इंडिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन को अनुमोदन प्रदान किया है और इसके लिए 10 हजार 300 करोड़ रुपए बजट का प्रावधान भी किया गया है। भारत को ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के हब के रूप में भी विकसित किए जाने की योजना है। देश को वर्ष 2047 तक ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना हमारा उद्देश्य है। भारत का सेमी-कंडक्टर मिशन-2021 में आरंभ किया गया था। भारत में इस क्षेत्र में तीन इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं। स्पेस सेक्टर को निजी क्षेत्र के लिए खोलना बड़ी पहल है। उन्होंने कहा कि नवाचार,शोध और विकास को प्रोत्साहित करने केन्द्र सरकार अपना दायित्व मानती है। छात्रों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान परिसर में शैक्षणिक भवन और व्याख्यान कक्ष का शिलान्यास किया तथा संस्थान की शैक्षणिक शोभा यात्रा में शामिल हुए। संस्थान का 11वां दीक्षांत समारोह सरस्वती वंदना के साथ आरंभ हुआ। संस्थान के निदेशक प्रो. गोवर्धन दास ने अतिथियों का स्वागत एवं अभिवादन अंग वस्त्रम और स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। संस्थान के निदेशक डॉ. गोवर्धन दास ने संस्थान की रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री श्रीमती सीतारमण ने राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, निदेशक स्वर्ण पदक, प्रवीणता पदक और सर्वश्रेष्ठ थीसिस के लिए छात्रों को सम्मानित किया। भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए विद्यार्थी अपनी उपाधियों का उपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश विज्ञान, शिक्षा सहित विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में तेजी से अग्रसर है।   recent visitors 55

पर्यावरण मंत्री रावत ने की राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण की चौथी बैठक की अध्यक्षता

भोपाल देश में भोपाल एवं इंदौर पहले दो शहर है जिन्होंने वेटलैण्ड सिटी के रूप में अधिमान्यता के लिए प्रस्ताव दिया है। यह जानकारी आज यहां राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण की चौथी बैठक में दी गई। पर्यावरण एवं वन मंत्री रामनिवास रावत ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए नदी, तालाबों के किनारों पर पौधे लगाने और नदी-तालाब को शहर के सीवेज से प्रदूषित होने से रोकने के निर्देश दिए। रावत ने कहा कि मध्यप्रदेश नदी तालाबों से एक संपन्न राज्य है । सरकार और समाज को मिलकर तालाबों का संरक्षण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य शासन तालाबों के समुचित संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। जल स्रोतों का बचाना राज्य शासन की उच्च प्राथमिकता है। बैठक में पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा ने प्राधिकरण के कार्यों एवं कार्ययोजना के महत्वपूर्ण बिन्दुओं की जानकारी दी। सदस्य सचिव, संजीव सिंह ने एजेण्डा के बिन्दुओं पर चर्चा की। मंत्री रावत ने कहा कि प्रदेश के तालाबों के किनारों पर "एक पेड मां के नाम" अभियान में वन एवं पर्यावरण विभाग मिलकर पौधारोपण करें। मंत्री रावत ने राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण के प्रतीक चिन्ह का लोकार्पण किया । शफा एस. मावल द्वारा डिजाइन किए गए प्रतीक चिन्ह को प्रथम पुरुस्कार रू. 50000/- की राशि एवं अबीनो साइमन को द्वितीय पुरुस्कार 25000/- की राशि के लिए अनुशंसित किया गया। मंत्री रावत ने राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण के कार्यों एवं गतिविधियों की सराहना की। राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण के सदस्य सचिव एवं एप्को के कार्यपालन संचालक संजीव सिंह नगर तथा ग्राम निवेश संचालनालय के आयुक्त श्रीकांत भनोट, मध्यप्रदेश जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव, सुदीप सिंह, वन विभाग के सचिव, अतुल मिश्रा, भोपाल नगर निगम के आयुक्त हरेन्द्र नारायण, राजस्व विभाग के अपर सचिव, संजय कुमार, मत्स्य विभाग के संचालक सहित सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सिरपुर वेटलैंड इंदौर स्थित सिरपुर वेटलैंड एक मानव निर्मित वेटलैंड है, जिसे पिछली दो शताब्दियों में प्राकृतिक विशेषताओं के साथ विकसित किया गया है। आमतौर पर पक्षी विहार (पक्षी अभ्यारण्य) नाम से प्रसिद्ध यह स्थल एक उथली, क्षारीय, पोषक तत्वों से भरपूर झील है। यह लुप्तप्राय प्रजातियों सहित पौधों और जानवरों को संरक्षण देती है। यह लगभग 175 स्थलीय पौधों की प्रजातियों, छह मैक्रोफाइट्स, 30 प्राकृतिक और मछली प्रजातियों, आठ सरीसृपों और उभयचरों के जीवन के लिए जरुरी व अनुकूलनीय पर्यावरण उपलब्ध कराती है। सर्दियों के मौसम में जलीयपक्षी यहाँ आते हैं। करीब 130 पक्षी प्रजातियों को यहाँ देखा गया है। इनमें कॉमन पोचार्ड (अयथ्या फेरिना), मिस्र का गिद्ध (नियोफ्रॉन पर्कनोप्टेरस) और इंडियन रिवर टर्न (स्टर्ना ऑरेंटिया) शामिल हैं। सिरपुर वेटलैंड आसपास रहने वाले समुदायों को मत्स्य पालन और औषधीय पौधों की गतिविधियों से जोड़ता है। बाढ़ को रोकता है। स्थानीय लोग शांति, मनोरंजन और पर्यावरण संरक्षण की शिक्षा के लिए यहाँ आते हैँ।   recent visitors 60